एकादशी व्रत में वर्जित हैं ये चीजें.... भूलकर भी किया सेवन तो खंडित हो जाएगा व्रत
डेस्क। हिंदू धर्म में प्रभावशाली माने जाने वाले एकादशी व्रत को लेकर श्रद्धालुओं के बीच अक्सर संशय की स्थिति रहती है। श्री हरि को समर्पित यह व्रत मोक्ष प्रदायक माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिन खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सात्विकता भंग न हो।
एकादशी के दिन सबसे प्रमुख नियम चावल (Rice) के त्याग का है। इसके अलावा, व्रत रखने वाले साधकों को मसूर की दाल, मूली, बैंगन और प्याज-लहसुन जैसे तामसिक भोजन से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए। यदि आप निर्जला या फलाहारी व्रत रख रहे हैं, तो भी घर में इन चीजों का प्रयोग वर्जित माना जाता है।
ज्योतिषाचार्यों और कर्मकांड विशेषज्ञों के अनुसार, एकादशी व्रत में सामान्य नमक (समुद्री नमक) के स्थान पर सेंधा नमक का ही प्रयोग करना चाहिए। हालांकि, पूर्ण फल प्राप्ति के लिए नमक का त्याग सर्वश्रेष्ठ है। गेहूं, जौ और अन्य अनाजों का सेवन करने से व्रत खंडित हो जाता है। व्रत के दौरान शहद का सेवन भी वर्जित माना गया है। एकादशी से एक दिन पहले (दशमी) से ही तामसिक पदार्थों का त्याग अनिवार्य है।
यदि अनजाने में किसी वर्जित वस्तु का सेवन हो जाए, तो साधक को तुरंत भगवान विष्णु से क्षमा याचना करनी चाहिए। इसके निवारण हेतु ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का यथाशक्ति जप करें और अगले दिन द्वादशी को दान-पुण्य के बाद ही पारण करें। स्थानीय मंदिरों में पुजारी सलाह देते हैं कि व्रत के दौरान तुलसी के पत्ते तोड़ना भी वर्जित है, इसलिए पूजा के लिए पत्ते एक दिन पहले ही तोड़कर रख लेने चाहिए।