रक्षाबंधन पर 700 साल बाद... बन रहा पंचयोग... पर राखी बांधने के समय को लेकर है असमंजस... जानिए शुभ मुहूर्त
2023-08-29 10:22 AM
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इस साल रक्षाबंधन पर्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ना तो 30 अगस्त को पूरी तरह से रक्षाबंधन मनाया जा सकता है और ना ही 31 अगस्त को पूरा समय है। ऐसे में भाई और बहनों के लिए विकट समस्या खड़ी हो गई है। ज्योतिष मतों के मुताबिक एक तरफ जहां असमंजस की स्थिति बनी हुई है, तो इस विकट काल में 700 सालों के बाद पंचग्रह योग का निर्माण हो रहा है, जो अपने आप में विशिष्ट है।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक सूर्य, बुध, गुरु, शुक्र और शनि की युति से पंचग्रह महायोग का निर्माण 30 अगस्त को हो रहा है। इनकी युति की वजह से बुधादित्य, वासरपति, गजकेसरी और शश योग बन रहा है। ऐसे में किसी भी तरह की खरीदी को श्रेष्ठ और परम लाभकारी बताया गया है।
दूसरी तरफ रक्षाबंधन पर्व को लेकर जो समस्या आ रही है, वह यह कि 30 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा प्रारंभ होने के साथ ही भद्रा का साया पड़ रहा है। हिन्दू पंचाग और ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक भद्राकाल में रक्षाबंधन पर्व मनाया जाना निषेध है। दूसरे शब्दों में इसे अशुभ माना गया है। वहीं भद्राकाल का समापन 30 अगस्त की रात 9.01 बजे होगा और 31 अगस्त सुबह 7.31 मिनट तक ही श्रावण पूर्णिमा रहेगा, इसके बाद दूसरी तिथि लग जाएगी, यानी रक्षाबंधन पर्व का मुहूर्त समाप्त हो जाएगा।