दो अलग-अलग बोर्ड परीक्षाएं आयोजित किए जाने से विद्यार्थियों को स्कोर सुधारने का मिलेगा मौका
रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुसार सत्र 2024 से CBSE बोर्ड परीक्षा, कक्षा दसवीं तथा बारहवीं के लिए वर्ष में दो बार आयोजित की जाएगी। दो अलग-अलग बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाने से विद्यार्थियों को अपने स्कोर में सुधार करने का एक्स्ट्रा अवसर प्राप्त होगा। बच्चों को दोनों बोर्ड परीक्षा के नतीजों में से उच्चतम अंक वाले परिणाम को चुनने एवं भविष्य के लिए बनाए रखने की अनुमति होगी।
कैरियर काउन्सलर एवं साइकोलॉजिस्ट डॉ वर्षा वरवंडकर कहती है कि अक्सर दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं का बोझ बच्चों के लिए कठिन साबित होता है। कई बार कुछ बच्चे इन परीक्षाओं से घबराकर अवांछित कदम भी उठा लेते हैं। यह भी सच है कि किसी भी विद्यार्थी की काबिलियत का आंकलन सिर्फ एक परीक्षा पर निर्भर नहीं होना चाहिए। अतः विद्यार्थियों पर इस अनावश्यक मानसिक दबाव को कम करने और उन्हें अपने स्कोर में सुधार करने के अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से सीबीएसई द्वारा दो बार बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था पर विचार किया गया।दो बार परीक्षा का अवसर मिलने से विद्यार्थियों को पूरे साल अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने में सुविधा होगी।
केंद्र सरकार का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप है, जिसका प्रमुख उद्देश्य छात्रों के समग्र विकास में मदद करना है साथ ही यह मूल्यांकन प्रक्रिया को भी सुलझाना है। साथ ही बच्चों में आलोचनात्मक और रचनात्मक सोच क्षमताओं को विकसित करने के लिए परीक्षाओं को आसान और अधिक एप्लिकेशन-आधारित बनाया जाना भी इस परिवर्तन का लक्ष्य है।
इस व्यवस्था के साथ साथ कुछ और नए निर्णय लिए गए हैं:
१) छात्रों को 11वीं और 12वीं कक्षा में स्ट्रीम चुनने की सुविधा प्रदान करना।
२) कक्षा 11 और 12 में दो भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य किया गया है, जिसमें कम से कम एक भाषा भारतीय भाषा हो।