नवरात्रिः तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की करें पूजा... घर में आएगी सुख, समृद्धि और खुशहाली
डेस्क। नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत उपवास रखा जाता है। सनातन शास्त्रों में निहित है कि मां ममता की सागर हैं। उनकी महिमा निराली है। अपने भक्तों का उद्धार करती हैं और दुष्टों का संहार करती हैं। धार्मिक मत है कि शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन श्रद्धा भाव से मां चंद्रघंटा की उपासना करने से साधक की सभी मनोकामनाएं यथाशीघ्र पूर्ण होती हैं। साथ ही घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। अगर आप भी मां चंद्रघंटा की कृपा के भागी बनना चाहते हैं, तो विधि पूर्वक मां की पूजा-उपासना करें। साथ ही पूजा के समय व्रत कथा का पाठ अवश्य करें।
न्याय और अनुशासन का प्रतीक –मां चंद्रघंटा की उपासना तीसरे दिन की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां इस संसार में न्याय और अनुशासन स्थापित करती हैं। मां चंद्रघंटा देवी पार्वती का विवाहित रूप हैं। भगवान शिव से विवाह करने के बाद, देवी ने अपने माथे को अर्धचंद्र से सजाना शुरू कर दिया। इसीलिए देवी पार्वती को मां चंद्रघंटा के नाम से जाना जाता है। मां शेर पर सवार हैं, जो धर्म का प्रतीक है और उनके शरीर का रंग चमकीला सुनहरा है। मां अपने भक्तों की सभी इच्छाओं को पूर्ण करती हैं। (साभार- दैनिक जागरण)