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ED का अफसरों को निर्देश, मनी लॉन्ड्रिंग केस में आपराधिक साजिश के साथ PMLA की धाराएं भी जोड़ें

डेस्क। कई केस में सुप्रीम कोर्ट में लगे झटके के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय ने अपने अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है। ईडी ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू करते समय सिर्फ आपराधिक साजिश के आधार पर भरोसा न करें। बल्कि पीएमएलए की धारा 66(2) जैसी और धाराएं भी जोड़ें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे अदालती जांच में टिक सकें।

ईडी के खिलाफ कई केस सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, जहां से आरोपियों को जमानत मिल गयी थी। वहीं, कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट से ईडी को कड़ी फटकार भी मिली थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट समेत कई अदालती फैसलों के बाद ईडी ने यह निर्देश जारी किया है। ईडी ने अपने जांचकर्ताओं से पीएमएलए की धारा 66(2) के प्रावधानों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने को कहा है। ये प्रावधान ईडी को किसी अपराध के बारे में जानकारी पुलिस विभाग या सीमा शुल्क जैसी एजेंसी के साथ साझा करने की अनुमति देता है।

इसके बाद एक नई एफआईआर या शिकायत दर्ज की जा सकती है, जिसके आधार पर एजेंसी अपना मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर सके। अदालतों ने अपने फैसले में कहा है कि आईपीसी की धारा 120-बी अकेले मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करने और जांच शुरू करने के लिए पर्याप्त नहीं है। सूत्रों ने बताया कि कुछ मामलों में ईडी की कुछ एफआईआर या मामले रद्द कर दिए गए हैं।

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