देश-विदेश

लाखों श्रद्धालु फंसे : प्रयागराज बॉर्डर पर

गंगा स्नान की जिद पर अड़े, प्रशासन वापस भेज रहा

नई दिल्ली | प्रयागराज में मौनी अमावस्या स्रान के दौरान महाकुंभ में भगदड़ होने से कई लोगों की मौत हुई हैं और कई लोग घायल हुए है। वैसे प्रयागराज में स्थिति सामान्य हो चुकी है। लेकिन महाकुंभ में भारी भीड़ होने के चलते प्रयागराज बॉर्डर को सील कर दिया गया। सभी 8 एंट्री प्वाइंट को बंद किया गया है और अभी तक नहीं खोला गया है। बॉर्डर सील होने से करीब ढाई लाख वाहन जहां-तहां फंस गए हैं लाखों लोग वाहन के साथ प्रयागराज सीमा से बाहर अटके हैं। वहीं प्रशासन लोगों से वापस लौटने की कह रहा है।

मीडिया रिपोटर्स की माने तो प्रयागराज आने वाले सभी वाहनों की नो एंट्री कर दी गई है | प्रयागराज से सटे रायबरेली, फतेहपुर, मिर्जापुर और जौनपुर बार्डर को सील कर दिया गया है। यात्रियों को रोक कर उनके भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है। प्रयागराज जाने वाली सड़कों पर सिर्फ वाहनों की कतार दिख रही है। अब रास्ते में फंसे इन लोगों के लिए आस पास के गांव वाले सहारा बन रहे है। मौनी अमावस्या स्नान पर्व के दौरान रायबरेली में वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया। वहीं प्रयागराज महाकुंभ जा रहे वाहनों को चित्रकूट में रोक दिया गया है। प्रयागराज चित्रकूट मार्ग पर पुलिसकर्मियों ने यात्रियों को रोक दिया है। इसके साथ ही महाकुंभ की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर जौनपुर पुलिस तैनात है, सभी यात्रियों से अपील की है कि 24 घंटे के लिए महाकुंभ मेले में लोग न जाएं। बॉम्बे से आया हूं। ट्रेनें देरी से चल रही हैं। 4 दिन गाड़ी में बैठकर आया हूं। प्रशासन कह रहा है कि वापस चले जाओ। कैसे चले जाएं ? चित्रकूट तक भी जाने नहीं दे रहे हैं। ताकि मैं वहां रुक कर एक-दो दिन बाद स्रान के लिए चला जाऊं। मेरे साथ महिला और बच्चे भी हैं। ये दर्द है महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु आत्माराम पाटिल का। आत्माराम बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर चित्रकूट में फंसे हैं। आत्माराम की तरह चित्रकूट के 25 किमी लंबे जाम में करीब 2 लाख श्रद्धालु मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज जाने के लिए जाम खुलने का इंतजार करते रहे। यह हाल प्रयागराज से सटे 8 जिलों से आने वाले रास्तों का है। कई श्रद्धालु भूखे-प्यासे परिवार के साथ रास्ते में भटक गए, तो कई होटल लेकर रुकने को विवश हुए। इन्हें जहां रोका गया, वहां पर पानी, शौचालय तक की व्यवस्था नहीं रही। ठंड में लोग खुले में रात गुजारने को मजबूर हुए। प्रशासन उन्हें वापस लौटने के लिए कह रहा है, लेकिन उनका कहना है कि जब घर से निकले हैं तो गंगा स्नान करके ही जाएंगे। 

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