आगरा एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाज़ा की गुंडागर्दी
2026-04-07 08:29 AM
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आगरा| यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बनाए गए टोल प्लाज़ा पर जब ठेकेदार कर्मी ही बदसलूकी, अवैध वसूली और धमकियों का सहारा लेने लगें, तो यह व्यवस्था पर गहरा सवाल खड़ा करता है। आगरा एक्सप्रेसवे के आगरा टोल प्लाज़ा पर 05 अप्रैल 2026 को घटी घटना ने न केवल यात्रियों को झकझोर दिया, बल्कि प्रशासन की छवि पर भी गंभीर धब्बा लगा दिया।
बदसलूकी और अवैध वसूली का आरोप
UPIDA के अंतर्गत संचालित इस टोल प्लाज़ा पर ड्यूटी पर तैनात सुपरवाइजर ने नियमों के विरुद्ध वसूली की। इसी दौरान कार में सवार महिला यात्री के साथ बातचीत के समय अभद्र व्यवहार और बदसलूकी की गई। यह घटना यात्रियों के सम्मान और अधिकारों पर सीधा प्रहार थी।
इंचार्ज की अनुपस्थिति और सचिन गोस्वामी का बयान
सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि घटना के समय टोल प्लाज़ा इंचार्ज मौके पर मौजूद नहीं थे। पूछताछ के बाद सचिन गोस्वामी नामक व्यक्ति सामने आए और उन्होंने खुद को यहाँ का देखरेखकर्ता बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह की समस्याएँ दिन में कई बार होती हैं और कर्मचारियों का आचरण ठीक नहीं है। यह स्वीकारोक्ति प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है।
धमकियों और डराने-धमकाने का सिलसिला
यात्रियों को लगभग आधे घंटे तक टोल प्लाज़ा पर रोके रखा गया। इस दौरान सुपरवाइजर ने लगातार धमकी दी—
“UPIDA में जाकर शिकायत कर दीजिए, कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वो अपना हिस्सा ले लेते हैं। अब सब हमारे हाथ में है, जो हम करेंगे वही होगा।”
इसके अलावा यात्रियों की फोटो खींची गई और यह कहकर डराया गया कि गाड़ी का पूरा पैसा काट लिया जाएगा, टोल से अधिक वसूली होगी और यात्री कुछ नहीं कर पाएंगे।
अधिकारों का उल्लंघन और प्रशासन की छवि पर धब्बा
यह घटना अमानवीय व्यवहार, पद के दुरुपयोग और गुंडागर्दी का स्पष्ट उदाहरण है। यात्रियों के अधिकारों का उल्लंघन करते हुए उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। ऐसी घटनाएँ न केवल आम जनता को परेशान करती हैं, बल्कि सरकार और प्रशासन की छवि को भी गंभीर रूप से धूमिल करती हैं।