गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार, UP–उत्तराखंड के बीच MoU की तैयारी तेज
2026-06-04 04:31 PM
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उत्तराखंड : देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार को लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) जल्द होने की संभावना है। इससे पहले दोनों राज्य इस बात पर सहमति बनाने में जुटे हैं कि उत्तराखंड क्षेत्र में बनने वाले हिस्से का निर्माण कार्य कौन करेगा और टोल वसूली का अधिकार किसके पास रहेगा। सूत्रों के अनुसार, दोनों राज्यों के बीच इस विषय पर चर्चा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और फिलहाल किसी तरह का गतिरोध नहीं है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सहमति पर काम जारी है और जल्द ही औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल महीने में गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार की घोषणा की थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) और उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग ने परियोजना की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। दोनों एजेंसियां मिलकर विस्तारित मार्ग के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर काम कर रही हैं। गंगा एक्सप्रेसवे पहले से ही मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर लंबा है, जो 12 जिलों को जोड़ता है। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच तेज और सुगम सड़क संपर्क उपलब्ध कराता है। अब इसके विस्तार से हरिद्वार को भी सीधे जोड़ने की योजना है, जिससे धार्मिक, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित विस्तार के तहत अमरोहा से एक नया कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो बिजनौर होते हुए हरिद्वार तक पहुंचेगा। इस पूरे विस्तार की लंबाई लगभग 146 किलोमीटर बताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक शहर तक पहुंच और आसान हो जाएगी। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे। दोनों राज्यों के बीच चल रही बातचीत में निर्माण एजेंसी और टोल व्यवस्था को लेकर अंतिम निर्णय होना बाकी है। हालांकि, अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि सभी मुद्दों पर सहमति बनने के बाद जल्द ही एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे और परियोजना को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।