पीक ट्रेकिंग रूट का होगा विकास, पर्यटकों के लिए शौचालय और कैंटीन सुविधा की तैयारी
2026-06-19 12:05 PM
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उत्तराखंड : साहसिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध शहर की सबसे ऊंची चोटी नयना पीक तक जाने वाले तीन किलोमीटर लंबे ट्रेकिंग मार्ग का अब व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। प्रशासन और वन विभाग ने पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित करने के लिए यह योजना तैयार की है।इस प्रस्तावित योजना के तहत नयना पीक ट्रेकिंग मार्ग को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जाएगा। इसमें विशेष रूप से शौचालय निर्माण, विश्राम स्थलों का विकास और अन्य बुनियादी सुविधाओं को शामिल किया गया है। इसके साथ ही पर्यटकों की जरूरतों को देखते हुए कैंटीन संचालन के लिए भी उपयुक्त स्थान की तलाश की जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान लोगों को आवश्यक खाद्य और पेय सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सके।
वन विभाग का कहना है कि इस पूरे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, विकास कार्यों को इस तरह से आगे बढ़ाया जाएगा कि वन क्षेत्र को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे और प्राकृतिक संतुलन बना रहे। यह कदम उस घटना के बाद और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है, जिसमें नयना पीक चोटी के पास स्थित कुमाऊं के रिपीटर सेंटर में पर्यटकों को खाद्य सामग्री की बिक्री का मामला सामने आया था। इस मामले के उजागर होने के बाद वन क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों और नियमों के पालन को लेकर सवाल उठे थे।
इस स्थिति के बाद वन विभाग अब एक संतुलित समाधान निकालने की दिशा में काम कर रहा है। विभाग का प्रयास है कि पर्यटकों की सुविधाएं भी सुनिश्चित हों और वन कानूनों का पालन भी सख्ती से किया जाए। इसके लिए एक ऐसा मॉडल तैयार किया जा रहा है जिसमें सीमित और नियंत्रित स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। नयना पीक क्षेत्र साहसिक पर्यटन के लिए काफी लोकप्रिय माना जाता है और हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां ट्रेकिंग के लिए पहुंचते हैं। हालांकि सुविधाओं की कमी के कारण कई बार पर्यटकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए यह विकास योजना तैयार की गई है।
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरणीय संतुलन बना रहे और जंगलों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। निर्माण कार्यों को सीमित दायरे में और पर्यावरण अनुकूल तरीके से करने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो नयना पीक क्षेत्र में पर्यटन को नई मजबूती मिलेगी। इससे न केवल पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसर भी बढ़ेंगे।
फिलहाल वन विभाग इस योजना की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर रहा है और जल्द ही इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की संभावना है।