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पहली बारिश में धंसा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, NHAI का बड़ा एक्शन; अफसरों को नोटिस, दो अधिकारी सस्पेंड

नई दिल्ली| देश के सबसे महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में शामिल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। शामली के पास सड़क का एक हिस्सा धंसने और गड्ढा बनने की घटना ने निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।

पहली बारिश में खुली निर्माण की परीक्षा
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर पहली ही बारिश के दौरान शामली के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया। घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। यह वही एक्सप्रेसवे है जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को किया था। ऐसे में शुरुआती बारिश में ही सड़क पर गड्ढा बनने की घटना ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी।

NHAI ने माना हादसा, तुरंत शुरू हुई मरम्मत
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने घटना पर खेद व्यक्त करते हुए बताया कि प्रभावित हिस्से की मरम्मत पूरी कर ली गई है। एजेंसी के अनुसार अब इस मार्ग पर सामान्य यातायात बहाल कर दिया गया है और वाहन पहले की तरह गुजर रहे हैं। साथ ही प्रभावित स्थान की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।

भारी बारिश और जलभराव को बताया वजह
NHAI के मुताबिक, लगातार भारी बारिश के दौरान एक स्थान पर पानी जमा हो गया था, जिसके कारण सड़क का हिस्सा धंस गया। एजेंसी का कहना है कि स्थायी ड्रेनेज सिस्टम अभी तक पूरी तरह चालू नहीं हो सका क्योंकि स्थानीय लोगों के विरोध के चलते पानी निकासी की व्यवस्था प्रभावित हुई। आरोप है कि जिस पुलिया से बारिश का पानी निकलना था, उसका इस्तेमाल वाहन निकालने के रास्ते के रूप में किया जा रहा था, जिससे जल निकासी बाधित हुई।

फिलहाल अस्थायी नाले से निकाला जा रहा पानी
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फिलहाल बारिश के पानी की निकासी हेतु एक अस्थायी समानांतर नाला बनाया जा रहा है। NHAI का कहना है कि इस व्यवस्था के जरिए जलभराव को रोका जाएगा और सड़क को सुरक्षित बनाए रखा जाएगा। एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

घटना पर सख्त कार्रवाई, अधिकारियों पर गिरी गाज
घटना को गंभीर मानते हुए केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और EPC ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही अथॉरिटी इंजीनियर के टीम लीडर और ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मंत्रालय का संदेश साफ है कि निर्माण कार्य में लापरवाही या जवाबदेही की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जवाबदेही से आगे गुणवत्ता की असली चुनौती
तेज कार्रवाई से यह जरूर संकेत गया है कि सरकार और NHAI मामले को हल्के में नहीं लेना चाहते, लेकिन सवाल केवल नोटिस और निलंबन का नहीं है। करोड़ों रुपये की लागत से बने आधुनिक एक्सप्रेसवे अगर पहली ही बारिश में परीक्षा में कमजोर पड़ने लगें, तो यह केवल एक तकनीकी खामी नहीं बल्कि पूरी निर्माण और निगरानी व्यवस्था की कसौटी बन जाता है। आखिरकार देश को सिर्फ तेज रफ्तार सड़कें नहीं, बल्कि हर मौसम की चुनौती झेलने वाला मजबूत बुनियादी ढांचा चाहिए। 
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