केदारनाथ यात्रा की रफ्तार पर मौसम का असर
2026-07-14 07:29 AM
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रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा में इस वर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार देखने को मिल रहा है। बाबा केदार के दर्शन करने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या 14 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। हालांकि, जून महीने के अंतिम सप्ताह से उत्तराखंड में मानसून सक्रिय होने के बाद यात्रा की गति पहले की तुलना में धीमी हो गई है।
यात्रा के शुरुआती दिनों में केदारनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक थी। प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। लेकिन अब बारिश और मौसम की चुनौती के चलते यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 1300 से 1500 श्रद्धालु ही धाम पहुंच रहे हैं।
मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है। भारी बारिश, भूस्खलन और रास्तों पर फिसलन जैसी परिस्थितियों को देखते हुए यात्री भी अपनी यात्रा को लेकर सावधानी बरत रहे हैं। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति और यात्रा मार्गों की निगरानी कर रहा है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यात्रियों की संख्या कम होने का असर स्थानीय व्यापार पर भी दिखाई दे रहा है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्थित होटल, ढाबे, दुकानदार और अन्य व्यवसायियों को यात्रियों की संख्या घटने से आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। यात्रा से जुड़े लोगों का कहना है कि शुरुआती सीजन में अच्छी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से कारोबार बेहतर रहा था, लेकिन मानसून के बाद गतिविधियां धीमी हो गई हैं।
स्थानीय व्यापारियों को अब कांवड़ यात्रा से उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि आने वाले दिनों में जब कांवड़ यात्रा शुरू होगी तो बड़ी संख्या में शिवभक्त उत्तराखंड पहुंच सकते हैं। इससे केदारनाथ यात्रा में भी एक बार फिर तेजी आने की संभावना है और स्थानीय कारोबार को राहत मिल सकती है।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। यात्रा मार्ग की स्थिति, मौसम विभाग के अलर्ट और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
केदारनाथ धाम की यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग लगातार सक्रिय हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और यात्रा मार्गों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।कानून प्रवर्तन इस वर्ष चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा गया है। केदारनाथ धाम में 14 लाख से अधिक भक्तों का पहुंचना इसी आस्था का प्रमाण है। हालांकि, मानसून के कारण फिलहाल यात्रा की गति धीमी हुई है, लेकिन मौसम में सुधार के साथ यात्रियों की संख्या फिर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दें और किसी भी परेशानी की स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।