ISRO ने लॉंच किया सूर्य मिशन यानी Aditya-L1... दुनियाभर की टिकी निगाह... लॉंचिंग पर लगे भारत माता की जयघोष के नारे
2023-09-02 12:52 PM
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चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान 3 की ऐतिहासिक लैंडिंग के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर है। अब देश के साथ-साथ विश्व देश की निगाहें ISRO के सूर्य मिशन यानी Aditya-L1 पर टिकी हैं। श्रीहरिकोटा के लॉन्चिंग सेंटर से ISRO के सूर्य मिशन आदित्य-L1 मिशन को आज 11.50 बजे लॉन्च कर दिया गया। आदित्य एल-1 अंतरिक्ष यान को पृथ्वी और सूर्य के बीच की एक फीसदी दूरी तय करके L-1 पॉइंट पर पहुंचा देगा। लॉन्चिंग के ठीक 127 दिन बाद यह अपने पॉइंट L1 तक पहुंचेगा। इस पॉइंट पर पहुंचने के बाद Aditya-L1 बेहद अहम डेटा भेजना शुरू कर देगा।
श्रीहरिकोटा से आदित्य एल-1 को लेकर इसरो के पीएसएलवी रॉकेट ने सफलतापूर्वकल उड़ान भर ली है। आज सुबह 11:50 बजे इसे लॉन्च किया गया। जब मिशन को लॉन्च किया गया तो उस दौरान श्रीहरिकोटा के व्यूवर्स गैलरी में मौजूद भीड़ ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। थोड़ी ही देर में आदित्य-L1 अपनी तय कक्षा में पहुंचेगा।
आदित्य-L1 के साथ सूरज की स्टडी करने के लिए सात पेलोड्स भी शामिल हैं। इसमें PAPA पैलोड की काफी चर्चा है। ये अपने खास नामकरण की वजह से भी लोगों की उत्सुकता का केंद्र है। PAPA यानी प्लाज्मा एनालाइजर पैकेज फॉर आदित्य। यह सूरज की गर्म हवाओं में मौजूद इलेक्ट्रॉन्स और भारी आयन की दिशाओं की स्टडी करेगा। कितनी गर्मी है इन हवाओं में इसका पता करेगा। इसके साथ ही चार्ज्ड कणों यानी आयंस के वजन का भी पता करेगा।
आदित्य-L1 अपनी यात्रा की शुरुआत लोअर अर्थ ऑर्बिट (LEO) से कर चुका है। PSLV-XL रॉकेट कुछ देर में आदित्य- L1 को उसके लिए तय किए गए LEO में छोड़ देगा। यहां से यह धरती के चारों तरफ 16 दिनों तक पांच ऑर्बिट मैन्यूवर करके सीधे धरती की गुरुत्वाकर्षण वाले क्षेत्र यानी स्फेयर ऑफ इंफ्लूएंस (SOI) से बाहर जाएगा। यहां से आदित्य-L1 को हैलो ऑर्बिट (Halo Orbit) में डाला जाएगाख, जहां पर L1 प्वाइंट होता है। इस यात्रा में इसे 109 दिन लगेंगे। आदित्य-L1 को दो बड़े ऑर्बिट में जाना है, लिहाजा यह यात्रा बेहद कठिन है।