छत्तीसगढ़ के शिक्षक डॉ. बृजेश पाण्डेय सहित देश के 75 शिक्षक होंगे सम्मानित... शिक्षक दिवस के दिन राष्ट्रपति के हाथों मिलेगा सम्मान
नईदिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 5 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में छत्तीसगढ़ के शिक्षक डॉ. बृजेश पाण्डेय सहित 75 चयनित शिक्षकों को वर्ष 2023 के राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करेंगी। शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करने का उद्देश्य देश के शिक्षकों के अद्वितीय योगदान को रेखांकित करना और ऐसे शिक्षकों का सम्मान करना है जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता व परिश्रम से न सिर्फ स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है बल्कि अपने छात्रों के जीवन को भी समृद्ध किया है। पुरस्कार के रूप में प्रमाणपत्र, 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और एक रजत पदक प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार विजेताओं को माननीय प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करने का भी अवसर मिलेगा।
शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा मंत्रालय का स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग प्रति वर्ष 5 सिंतबर को एक राष्ट्रीय समारोह का आयोजन करता है जिसमें एक कठोर और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से चुने गए देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। इस वर्ष से, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का दायरा बढ़ाकर उच्च शिक्षा विभाग और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के शिक्षकों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। इस वर्ष 50 स्कूल शिक्षकों, उच्च शिक्षा से 13 शिक्षकों और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय से 12 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
अभिनव शिक्षण, अनुसंधान, सामुदायिक आउटरीच और नवीन कार्यों को पहचानने की दृष्टि से और भागीदारी (जन भागीदारी) को अधिकतम करने के लिए ऑनलाइन मोड में नामांकन मांगे गए थे। माननीय शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों के चयन के लिए प्रतिष्ठित व्यक्तियों को शामिल करते हुए तीन अलग-अलग स्वतंत्र राष्ट्रीय जूरी का गठन किया था।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे ने डॉ. पाण्डेय को बधाई देते हुए कहा है कि प्रदेश में बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की स्थापना की गई है। स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य डॉ. पाण्डेय का चयन राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए होने से अन्य स्कूलों के शिक्षकों एवं प्राचार्यों को प्रेरणा मिलेगी। स्कूल शिक्षा के लिए इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से सरगुजा जिले सहित प्रदेश के शिक्षा जगत में उत्साह का माहौल है।