देश-विदेश

शिप्रा नदी का पानी होने लगा दूषित... पानी में मर रही मछलिया... लोग हैरान

भोपाल। महाकाल की नगरी उज्जैन में बीते कुछ वर्षों में पेड़ों की कटाई तक क्रांकीट के जंगल बसाए गए। वहीं श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए कई तरह के निर्माण कराए गए। इनसे वाकई उज्जैन में टूरिस्ट्स की भीड़ बढ़ी है। लेकिन दूसरी ओर शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। लोग उज्जैन आने के बाद इधर-उधर ही गंदगी फैला कर चले जाते हैं। पॉल्यूशन का आलम ये है कि यहां बहने वाली शिप्रा नदी जो कभी बेहद साफ़ हुआ करती थी, आज कचरे से भरी पड़ी है। लोग इसमें फूल माला के साथ प्लास्टिक की बोतलें, डिस्पोजल प्लेट्स आदि भी फेंक देते हैं। नदी के किनारे जमा गंदगी की वजह से पानी का फ्लो रुक गया है और इसका पानी अब सड़ने लगा है.मरी दिखी मछलियां दिखाई देने लगी है।

सोशल मीडिया पर उज्जैन की शिप्रा का जो वीडियो शेयर किया गया, उसे देख लोग चिंतित हो उठे हैं. नदी के किनारे कई मछलियां मरी हुई नजर आई. फूल-माला के कचरे के बीच मछलियों की लाशें बदबू मार रही है. किनारे पर एक-दो नहिब, कई मछलियां मरी हुई दिखाई दी. बताया जा रहा है कि प्रदूषण की वजह से नदी में मछलियों का रहना मुश्किल हो गया है. इस वजह से उनकी मौत हो जा रही है।

शिप्रा नदी के किनारे मछलियों के लाश के ढेर का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया. इसे देखकर लोगों ने चिंता जाहिर की। एक यूजर ने लिखा कि पहले महाकाल के गर्भगृह में आग और अब ये. कहीं ये प्रलय का संकेत तो नहीं? वहीं कई ने इसे डेवलपमेंट के नाम पर प्रकृति के साथ किये खिलवाड़ का नतीजा बताया। लोगों से रिक्वेस्ट की गई कि वो नदी में प्लास्टिक ना फेंकें. पिछले साल भी नदी के किनारे मछलियां मरी हुई मिली थी।  उस समय भी इसे लेकर काफी हंगामा हुआ था।

----------