नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 9 जून को 71 सांसदों ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के दूसरे दिन केरल से बीजेपी की टिकट पर पहली बार जीतकर संसद पहुंचे सुरेश गोपी ने मंत्री पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की है। सुरेश गोपी ने कहा कि मैंने अभी कई फिल्में साइन की है। ऐसे में इस जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ नहीं कर पाउंगा। हालांकि पूरी निष्ठा के साथ त्रिशूर के सांसद के तौर पर काम करता रहूंगा।
सुरेश गोपी ने कहा, ‘मेरा मकसद सांसद के रूप में काम करना है। मैंने कुछ नहीं मांगा, मैंने कहा था कि मुझे इस पद की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि मैं जल्द ही पद से मुक्त हो जाऊंगा। त्रिशूर के मतदाताओं से कोई दिक्कत नहीं है। वे यह जानते हैं और एक सांसद के रूप में मैं उनके लिए वास्तव में अच्छा कार्य करूंगा. मुझे किसी भी कीमत पर अपनी फिल्में करनी हैं।
सुरेश गोपी मूल रूप से केरल के अलप्पुझा के रहने वाले हैं। उनका जन्म 1958 में हुआ है। उन्होंने एक बाल कलाकार के रूप में फिल्मों में काम करना शुरू किया था। सुरेश ने कई फिल्मों में मुख्य भूमिका भी निभाई है। 1998 में आई फिल्म कलियाट्टम के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है।