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हज यात्रा के दौरान क्यों गई 1000 से ज्यादा लोगों की जान ? : भीषण गर्मी या कुछ और

सऊदी अरब में हज के मौसम के दौरान 1,301 जायरीन अपनी जान गंवा चुके हैं , जिनमें से 83 प्रतिशत अपंजीकृत थे।

डेस्क | सऊदी प्रेस एजेंसी ने देश के स्वास्थ्य मंत्री फहद अल-जलाजेल के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र ने भीषण गर्मी से होने वाले तनाव के मामलों की देखभाल की है, जिनमें से कुछ लोग अभी भी चिकित्सा देखभाल में हैं। मृतकों में कई बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि शुरूआत में व्यक्तिगत जानकारी या पहचान संबंधी दस्तावेजों की कमी थी, लेकिन अब सभी पीड़ितों की पहचान कर ली गई है और उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है। पहचान, दफ़न और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए उचित प्रक्रियाओं का पालन किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य प्रणाली ने आपातकालीन देखभाल एवं सर्जरी से लेकर डायलिसिस तक 4,65,000 से अधिक विशेष उपचार सेवाएँ प्रदान कीं, जिनमें 1,41,000 सेवाएँ उन लोगों के लिए भी शामिल हैं, जिन्होंने हज करने के लिए आधिकारिक प्राधिकरण प्राप्त नहीं किया था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले साल हज की पूरी अवधि में भारत के कुल 187 लोगों की मौत हुई थी | उन्होंने कहा, ''इस साल 1,75,000 भारतीय तीर्थयात्री हज के लिए मक्का गए हैं | हज की अवधि 9 मई से 22 जुलाई तक है. | इस साल अब तक 98 लोगों की मौत हो जाने की सूचना है | इनमें मौतें प्राकृतिक कारणों, पुरानी बीमारियों और बुढ़ापे के कारण हुई हैं | अराफात के दिन छह लोगों की मौत हुई और चार लोगों की मौत दुर्घटना के कारण हुई |'' 

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