खान मंत्रालय ने महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की नीलामी का चौथा दौर शुरू किया
2024-06-25 11:03 AM
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नीलामी के पहले दौर के लिए पसंदीदा बोलीदाताओं की घोषणा की
“अपतटीय खनिज ब्लॉकों की नीलामी का पहला दौर 100 दिनों के भीतर शुरू किया जाएगा”: जी किशन रेड्डी
नई दिल्ली | केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी तथा कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने आज स्कोप कन्वेंशन सेंटर, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की नीलामी के चौथे दौर की शुरुआत की।
इस अवसर पर कई अन्य कार्यक्रम भी हुए, जैसे पहले दौर की नीलामी के 6 ब्लॉकों के लिए पसंदीदा बोलीदाताओं की घोषणा; 02 नई अधिसूचित निजी अन्वेषण एजेंसियों (एनपीईए) को प्रमाण-पत्र सौंपना; अनुसंधान एवं विकास संस्थानों को स्वीकृति पत्र सौंपना और अन्वेषण लाइसेंस धारकों द्वारा किये गए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति के लिए योजना की घोषणा।
नीलामी के चौथे दौर में महत्वपूर्ण खनिजों के 21 ब्लॉक शामिल थे। इन 21 ब्लॉकों में से 11 नए ब्लॉक हैं, जो छह राज्यों, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। इन ब्लॉकों में ग्रेफाइट, ग्लौकोनाइट, फॉस्फोराइट, पोटाश, निकल, पीजीई, फॉस्फेट और दुर्लभ पृथ्वी तत्व (आरईई) सहित विभिन्न प्रकार के खनिज हैं। इसके अलावा, इस दौर के हिस्से के रूप में, नीलामी की पिछले दौर के "दूसरे प्रयास वाले" ब्लॉकों के रूप में 10 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक पेश किए जा रहे हैं। ये 10 ब्लॉक आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में स्थित हैं और इनमें टंगस्टन, वैनेडियम, ग्रेफाइट, ग्लौकोनाइट, कोबाल्ट और निकल जैसे महत्वपूर्ण खनिज हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री ने 02 नई अधिसूचित निजी अन्वेषण एजेंसियों (एनपीईए) को प्रमाण पत्र भी सौंपे। यह देश में अन्वेषण की गति बढ़ाने और खनिजों के अन्वेषण में उन्नत तकनीक लाने के उद्देश्य के अनुरूप है, जिसके लिए एमएमडीआर अधिनियम, 1957 को 2021 में संशोधित किया गया था, ताकि निजी अन्वेषण एजेंसियों (पीईए) को अधिसूचित किया जा सके, जो बिना पूर्वेक्षण लाइसेंस के अन्वेषण कार्य कर सकती हैं। इन दो निजी एजेंसियों की अधिसूचना के साथ, एनपीईए की कुल संख्या बढ़कर 22 हो गई है। अब तक, एनपीईए द्वारा एनएमईटी फंड से विभिन्न वस्तुओं के लिए लगभग ₹35.23 करोड़ की 31 परियोजनाएं ली गई हैं।
इसके अलावा, केंद्रीय खान मंत्री ने अन्वेषण लाइसेंस धारकों के अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति के लिए एक योजना की भी घोषणा की। इस योजना के तहत, 20 करोड़ रुपये की ऊपरी सीमा के अधीन लागत के 50% तक के अन्वेषण व्यय की प्रतिपूर्ति की जाएगी। अन्वेषण लाइसेंस का प्रावधान 2023 में एमएमडीआर अधिनियम में संशोधन के माध्यम से पेश किया गया था। अन्वेषण लाइसेंस के लिए कुल 20 ब्लॉक विभिन्न राज्यों आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर और लद्दाख को सौंपे गए। कर्नाटक और राजस्थान राज्य सरकार अन्वेषण लाइसेंस की नीलामी को अधिसूचित करने वाले पहले राज्य हैं। वर्तमान में, विभिन्न राज्यों द्वारा 9 अन्वेषण लाइसेंसों की नीलामी अधिसूचित की गई है। अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति की योजना छोटी खनन कंपनियों को अन्वेषण लाइसेंस के लिए नीलामी में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी और देश में एक मजबूत अन्वेषण इकोसिस्टम बनाने में मदद करेगी।