कृषि उपज मंडियों की व्यवस्था के प्रति किसानों का विश्वास बरकरार रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में तुअर के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाए। कोदो-कुटकी के रकबे को बढ़ाने से पानी-बिजली का उपयोग संतुलित होगा तथा फसल चक्र में भी सुधार होगा। अतः किसानों को कोदो-कुटकी की फसल लेने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। फसल चक्र पर ग्रीष्मकालीन फसल लेने के नकारात्मक प्रभाव से भी कृषकों को अवगत कराना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषक हितग्राही मूलक योजनाओं सहित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा कृषि विविधीकरण के लिए किया जा रहे प्रयासों पर मंत्रालय में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि उपज मंडियों की व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी मंडियों के तौल-काँटे, वित्तीय लेन-देन तथा अन्य व्यवस्था का आकस्मिक निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों के हितों से कहीं भी खिलवाड़ ना हो और मंडी व्यवस्था के प्रति किसानों का विश्वास बरकरार रहे। कलेक्टर कृषि उपज मंडी के संचालन पर भी निगरानी रखें। कहीं पर भी कृषि उपज मंडी में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित सचिव जिम्मेदार होंगे, उनके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वेयरहाउस निर्माण व उपयोग के प्रावधानों में किसानों के हितों को सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश, जलवायु परिस्थितियों, मिट्टी और फसलों के विविध पैटर्न के साथ संपन्न है। हमारे किसान भाईयों की अथक मेहनत से प्रदेश कृषि विकास में सर्वोपरि है। हमारा प्रदेश दलहन व तिलहन के क्षेत्र तथा उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। किसानों की आय में वृद्धि करने तथा कृषि को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में हम निरंतर प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से अधिक से अधिक सीमांत, लघु कृषकों को लाभ मिले यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय किए जाएं। रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पौष्टिक श्रीअन्न का उत्पादन बढ़ाने और इसकी पैदावार करने वाले कृषकों को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।