रायपुर

मोहिनी एकादशी पर महाराष्ट्र मंडल ने किया विष्णु सहस्त्र नाम पाठ

 प्रत्‍येक एकादशी को होने वाला ऑनलाइन पाठ आध्‍यात्मिक समिति की ओर से लगातार 16वीं एकादशी पर जारी रहा

रायपुर। वैशाख शुक्‍ल पक्ष की मोहिनी एकादशी अर्थात गुरुवार को महाराष्‍ट्र मंडल की आध्‍यात्मिक समिति की ओर से सुबह ऑनलाइन विष्‍णु सहस्‍त्र नाम पाठ किया गया। इसमें बड़ी संख्‍या में समिति की सदस्‍यों के अलावा कई श्रद्धालुओं ने भी अपनी सहभागिता निभाई।

आध्‍यात्मिक समिति की समन्‍वयक आस्‍था काले ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की इंदिरा एकादशी यानी गत वर्ष 28 सितंबर से ऑनलाइन शुरू किया गया विष्णु सहस्त्र नाम पाठ का यह क्रम प्रत्‍येक माह एकादशी पर इसी तरह जारी रहता है। लगातार 16वीं एकादशी पर नौ मई को यह पाठ आध्‍यात्मिक समिति की मंजूषा मरकले ने करवाया। विष्णु सहस्त्र नाम पाठ करने वालों में संध्‍या खंगन, अलकनंदा नारद, हेमा पराडकर, अंजलि नलगुंडवार, अनुपमा नलगुंडवार, अंजलि खेर, श्‍यामल जोशी, दीपांजलि भालेराव, अनघा ढेकने, रोहिणी नेने, हेमंत मार्डीकर, शताब्‍दी पांडे, अंजलि खेर, मंजिरी अलोणी के अलावा कई और भक्‍ततगण शामिल रहे।

नष्‍ट होती है घर की नकारात्‍मक ऊर्जा

आस्‍था काले के अनुसार विष्णु सहस्त्र नाम का वर्णन महाभारत के अनुशासन पर्व में मिलता है। इसे भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को सुनाया था। शास्‍त्रों में उल्‍लेखित है कि इसका नियमित पाठ करने से सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है। भौतिक सुख- सुविधाओं का लाभ मिलता है। पापों का नाश होता है। इसके पाठ से रोग, शोक, भय, चिंता, दरिद्रता, ग्रह दोषों की समाप्ति होती है। आस्‍था ने जोर देकर कहा कि सबसे महत्‍वपूर्ण, विष्‍णु सहस्‍त्र नाम का पाठ करने से चित्त की शुद्धि होती है। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है। विष्‍णु सहस्‍त्र नाम पाठ भक्त को भगवान के समीप लाता है। एकादशी के दिन पाठ करने से विष्णु भगवान की कृपा प्राप्त होती है।