रायपुर

राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए नराकास की पहली बैठक संपन्न

रायपुर। केंद्र सरकार के रायपुर स्थित कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन को नई दिशा देने के लिए प्रधान महालेखाकार, छत्तीसगढ़ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई । "नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), रायपुर (कार्यालय-02)" की यह प्रथम अर्धवार्षिक बैठक महालेखाकार आवासीय परिसर स्थित सामुदायिक भवन में गरिमामय वातावरण में आयोजित की गई। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

उल्लेखनीय है कि रायपुर स्थित केंद्र सरकार के कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पूर्व में गठित नराकास (कार्यालय-01) का पुनर्गठन किया गया है । इस नई व्यवस्था के तहत अब कार्यालय प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) को नराकास, रायपुर (कार्यालय-02) के अध्यक्ष कार्यालय के रूप में नवगठित किया गया है । वर्तमान में इस नवगठित समिति के अंतर्गत कुल 44 सदस्य कार्यालय सम्मिलित हैं, जिनमें से 38 कार्यालयों के प्रमुखों एवं उनके सहयोगी अधिकारियों ने इस बैठक में सक्रिय भागीदारी निभाई ।

बैठक के दौरान सदस्य कार्यालयों द्वारा पिछली छमाही के दौरान हिंदी में किए गए कार्यों के वृत्त और प्रगति प्रतिवेदनों की विस्तार से समीक्षा की गई । इस अवसर पर राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त करने के लिए भावी रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ । मंच पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों, जिनमें नरेन्द्र सिंह मेहरा, सुनील कुमार सिंह, दयानंद और राकेश भूतड़ा शामिल थे, ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कई व्यावहारिक सुझाव साझा किए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए यशवंत कुमार (प्रधान महालेखाकार एवं अध्यक्ष, नराकास-02) ने अपने संबोधन में समिति के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि नराकास का उद्देश्य देशभर के कार्यालयों, बैंकों और उपक्रमों में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करना तथा इसके मार्ग में आने वाली कठिनाइयों के समाधान के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराना है । उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस मंच के माध्यम से विभिन्न विभाग अपनी उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान कर कार्य निष्पादन में गुणात्मक सुधार ला सकते हैं ।

अध्यक्ष महोदय ने उन कार्यालयों को विशेष निर्देश दिए जिनके आंकड़े निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप नहीं पाए गए। उन्होंने ऐसे कार्यालयों से आगामी छमाही में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करने का आग्रह किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित किया । कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ उपमहालेखाकार एमएस डहरिया ने क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (भोपाल) के उप निदेशक और सभी प्रतिभागी अधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया । इस गरिमामयी बैठक में प्रियाति कौड़ो वरिष्ठ उपमहालेखाकार सहित कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।