रायपुर

राज्यपाल रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने की दी सीख

 रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों से कहा कि अपनी समृद्ध, पारंपरिक संस्कृति को सहेजने के लिए स्थानीय भाषाओं, लोकगीतों, कलाओं और रीति-रिवाजों को संरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने समृद्ध संस्कृति ओर परंपरा को सहेजकर रखने का आग्रह करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ते हुए भी अपनी परंपराओं को विलुप्त न होने दें।  राज्यपाल रमेन डेका आज अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान कोटा विकासखंड के शिवतराई पहुंचकर बैगा और बिरहोर आदिवासियों से शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि बैगा और बिरहोर समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराएं उनकी पहचान हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने आर्चरी के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रत्येक खिलाड़ी को 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने खिलाड़ियों को लोकभवन रायपुर आने का निमंत्रण दिया तथा कलेक्टर को उनके आवागमन सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

 राज्यपाल डेका ने लखपति दीदी प्रमिला बैगा से चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे गोंदा स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह की रश्मि मरावी ने बताया कि उनके समूह द्वारा सिलाई-मशीन का काम, अचार-पापड़ निर्माण सहित अन्य आजीविका गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बैगा महिलाओं द्वारा बांस से विभिन्न उपयोगी उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। राज्यपाल ने आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास

योजना(ग्रामीण), राशन की उपलब्धता, पीएम जनमन योजना सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। औरापानी की मंगली ने बताया कि उन्हें आवास योजना का लाभ मिला है। शिवतराई की ममता खुसरो ने बताया कि उन्हें आयुष्मान कार्ड के साथ महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने आयुष्मान कार्ड से अपना अल्सर का ऑपरेशन भी कराया है।