हाउसिंग बोर्ड की करोड़ों की जमीन पर निजी बिल्डर का कब्जा, चला बुलडोजर!
रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने रायपुर के सेजबहार फेस-1 कॉलोनी में बड़ी कार्रवाई करते हुए हाउसिंग बोर्ड की भूमि को अतिक्रमणमुक्त करा लिया है। यहां एक निजी बिल्डर द्वारा बिना अनुमति के अवैध रूप से सड़क का निर्माण कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे मंडल की टीम ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वाले रसूखदार बिल्डरों को बख्शा नहीं जाएगा। मंडल द्वारा मुक्त कराई गई इस भूमि पर भविष्य में नई आवासीय परियोजना विकसित की जाएगी, जिससे स्थानीय नागरिकों और मध्यम वर्ग के परिवारों को किफायती दरों पर आवास मिलने का रास्ता साफ होगा।
यह मामला वर्ष 2006 से जुड़ा है, जब दीनदयाल आवास योजना के तहत कलेक्टर रायपुर के आदेश पर ग्राम सेजबहार और ग्राम दतरेंगा की कुल 21.538 हेक्टेयर (लगभग 53.19 एकड़) भूमि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की गई थी। इस जमीन पर कुल 1435 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) आवास बनाए जाने थे, जिनमें से 1366 आवासों का निर्माण तो हो गया, लेकिन भूमि विवाद के कारण 79 आवासों का निर्माण रुक गया था।
हाल ही में जब राजस्व अभिलेखों के आधार पर मंडल ने अपनी करीब 18 हेक्टेयर भूमि का सीमांकन कराया, तो पता चला कि एक निजी बिल्डर इस विवादित हिस्से पर अवैध कब्जा कर सड़क बना रहा है। इसके बाद कार्यपालन अभियंता श्री नितेश कश्यप और संपदा अधिकारी श्री अमृत लाल बरमन के नेतृत्व में पहुंची अधिकारियों की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को हटा दिया।
कुल आवंटित भूमि: ग्राम सेजबहार और दतरेंगा की 21.538 हेक्टेयर (लगभग 53.19 एकड़) जमीन।
प्रस्तावित आवास: योजना के तहत कुल 1435 एलआईजी मकानों का निर्माण होना था।
निर्मित आवास: स्वीकृत ले-आउट के तहत कुल 1366 आवासों का निर्माण पूरा किया गया।
लंबित आवास: भूमि विवाद के चलते 79 आवासों का निर्माण नहीं हो सका था, जिस पर बिल्डर की नजर थी।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अधिकारियों के मुताबिक, मुक्त कराई गई यह भूमि मंडल की अत्यंत महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के साथ ही विभाग अब इस पूरी पॉकेट पर एक नई आवासीय परियोजना की रूपरेखा तैयार कर रहा है, ताकि क्षेत्र का व्यवस्थित विकास हो सके।