रायपुर

राधाबाई कालेज में हुई ‘ब्राइडल मेहंदी’ एवं ‘आसन बनाओ’ प्रतियोगिता

रायपुर। डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय रायपुर की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक समिति के तत्वावधान में छात्राओं की सृजनात्मक प्रतिभा, कलात्मक अभिरुचि एवं भारतीय संस्कृति से जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘ब्राइडल मेहंदी’ एवं ‘आसन बनाओ’ प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह एवं उमंग के साथ किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार जोशी द्वारा छात्राओं को आशीर्वचन प्रदान कर किया गया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में प्राचार्य महोदय ने कहा कि महाविद्यालयीन शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की रचनात्मकता, प्रतिभा और सांस्कृतिक चेतना को विकसित करना भी है। उन्होंने छात्राओं को ऐसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया।

ब्राइडल मेहंदी प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का मनमोहक प्रदर्शन करते हुए आकर्षक एवं पारंपरिक मेहंदी डिजाइनों को साकार किया। वहीं 'आसन बनाओ’ प्रतियोगिता में छात्राओं ने भारतीय संस्कृति, आस्था एवं सौंदर्यबोध का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत करते हुए विभिन्न प्रकार के कलात्मक आसनों का निर्माण किया। आसन/बैकड्राप बनाओ प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ.रूपा सल्होत्रा विभागाध्यक्ष गणित ,डॉ.ज्योति मिश्रा विभागाध्यक्ष अंग्रेजी रहे। छात्राओं द्वारा विभिन्न प्रकार जैसे ऊन,मोती,लटकन,घंटी,गिफ्ट पेपर  आदि  से आसन बनाए गए । आसन/ बैकड्राप बनाओ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर पद्मा देवांगन बीकॉम तृतीय  सेम , द्वितीय स्थान पर तृषा श्रीवास बी कॉम प्रथम सेम रहे। ब्राइडल मेहंदी प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. दीप्ति झा विभागाध्यक्ष भौतिकी, डॉ.चंचल चतुर्वेदी सहायक प्राध्यापक, डॉ.दीपा गोस्वामी अतिथि सहायक प्राध्यापक रहे l  ब्राइडल मेहंदी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर अनिशा चौधरी एम एस सी तृतीय सेम जूलॉजी,गौरी धीवर एम एस सी तृतीय सेमे बॉटनी द्वितीय स्थान पर ,प्रतिभा रेगे बी एस सी तृतीय सेम तृतीय स्थान पर रहे। सांत्वना पुरस्कार हर्षिता फुटान बी ए पंचम सेमेस्टर को प्राप्त हुआ।

प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता, सौंदर्यबोध, हस्तकौशल एवं सृजनात्मक क्षमता का परिचय दिया। कार्यक्रम ने न केवल छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया, बल्कि उन्हें भारतीय कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बना। समिति के सदस्य डॉ सीमारानी प्रधान, डॉ श्वेता अग्निवंशी,  डॉ श्रद्धा मिश्रा एवं प्रो नयनी टांडी का कार्यक्रम के  सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान रहा । रीतेश लहरे एवं नरेंद्र का तकनीकी सहयोग रहा।कार्यक्रम के अंत में समिति की संयोजक डॉ निधि गुप्ता द्वारा प्राचार्य महोदय, निर्णायकगण, समस्त सहयोगी प्राध्यापकों एवं प्रतिभागी छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करना समिति का प्रमुख उद्देश्य है और भविष्य में भी इस प्रकार की साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा।