रायपुर। कांग्रेस का 85 वां राष्ट्रीय अधिवेशन 26 फरवरी को समाप्त हो जाएगा। इससे पहले कांग्रेस ने एक राजनीतिक संकल्प लिया है, जिसमें कई बातों को शामिल किया गया है। यूं कहा कि जाए कि बीते 8 सालों में कांग्रेस ने जो राजनीतिक अनुभव हासिल किया है, यदि उनकी सरकार आती है, तो भविष्य में उसकी पुनरावृत्ति ना हो, उसे रोकने के लिए संशोधन लाने का संकल्प लिया है।
कांग्रेस ने अपने राजनीतिक संकल्प के ड्राफ्ट में जिन बातों को शामिल किया है उनमें प्रमुख बातें दल-बदल से जुड़ी हुई है। कांग्रेस के संकल्प में इस बात का जिक्र है कि साल 2014 के बाद से भाजपा ने बड़े पैमाने पर दलबदल करवाए, विधायकों को खरीदा और लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया। कांग्रेस ऐसी प्रथाओं को खत्म करने के लिए संविधान में संशोधन करेगी।
वहीं डाटा सिक्योरिटी भी कांग्रेस के अधिवेशन में चर्चा का विषय रहा। कांग्रेस का मानना है कि लोगों की सरकारी निगरानी समाप्त होनी चाहिए और डाटा सिक्योरिटी को लेकर कानून बनाए जाने की जरूरत है।
हेट स्पीच या विवादित पोस्ट साझा करने के मामले को लेकर भी कांग्रेस अलग से कानून बनाएगी ताकि नफरत फैलाने की साजिशों पर काबू पाया जा सके।
कांग्रेस स्वास्थ्य सेवा के अधिकार अधिनियम के तहत हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकार की गारंटी देगी। इसमें मुफ्त इलाज ओपीडी दवा और अस्पताल में एडमिट होने जैसी परिस्थितियां भी शामिल होंगी। राजस्थान की 10 लाख तक मुफ्त इलाज वाली चिरंजीवी योजना को देश में लागू करने का काम होगा।