छत्तीसगढ़
26 करोड़ की टैक्स चोरी के मामले में जीएसटी की टीम ने रायपुर के एक कारोबारी को किया गिरफ्तार
Raipur News: राज्य जीएसटी विभाग की टीम ने टैक्स चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए अहम कार्रवाई की है। जीएसटी टीम ने लोहे के व्यापारी अमन अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। अमन अग्रवाल पर फर्जी फर्मों के माध्यम से करीब 26 करोड़ रुपये की कर चोरी करने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी ने 2023 से 2025 के बीच विभिन्न नामों से फर्जी फर्म बनाकर लगभग 144 करोड़ रुपये की खरीद दर्ज की थी। इस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाकर अन्य व्यापारियों को पास ऑन कर दिया गया, जिससे शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
जिन फर्मों के नाम पर यह फर्जीवाड़ा किया गया, उनमें हुसैनी इंटरप्राइजेस, धन लक्ष्मी इंटरप्राइजेस, महावीर इंटरप्राइजेस, यूनिक इंटरप्राइजेस, अंसारी ट्रेडर्स, विनायक वेंचर्स, ललित ट्रेडलिंक और अगस्त्या इंटरप्राइजेस शामिल हैं। इन सभी फर्मों से की गई खरीदारी दस्तावेजों में दर्ज है, लेकिन जांच में इनकी असलियत उजागर हो गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी ने कुछ ऐसे व्यक्तियों के नाम पर फर्में बनाई थीं जिनकी मृत्यु 2010 में हो चुकी थी, लेकिन उनके नाम से 2013 और 2015 में कारोबार दिखाया गया। राज्य जीएसटी विभाग की यह पहली गिरफ्तारी है। अमन अग्रवाल को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत कल अदालत में पेश किया जाएगा। विभाग की ओर से आगे की जांच जारी है, और इस मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भी तलाश की जा रही है।
नक्सल अभियान का जिम्मा इन आठ आईपीएस अफसरों के जिम्मे... शासन के भेजा बस्तर
Raipur News: छत्तीसगढ़ शासन ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के आठ अधिकारियों का ट्रांसफर कर उन्हें नक्सल विरोधी मोर्चे पर तैनात किया है। जिन अफसरों का ट्रांसफर किया गया है वे साल 2021 बैच के अफसर हैं। अभी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सीएसपी के पद पर तैनात हैं। अब वे बस्तर के अलग-अलग जिलों में नक्सल विरोधी अभियान का मोर्चा संभालेंगे। इन अफसरों की ट्रांसफर लिस्ट भी जारी कर दी गई है।
सुकमा जिले में कोंटा के आकाश राव गिरेपुंजे की सोमवार को नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी में विस्फोट होने से शहादत हो गई थी। नक्सलियों से इसका बदला लेने के लिए सरकार बड़ी योजना बना रही है। 8 आईपीएस अफसरों का ट्रांसफर कर उन्हें नक्सल मोर्चे पर तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी आठ अधिकारी 2021 बैच के आईपीएस अफसर हैं और विभिन्न जिलों में नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) के पद पर तैनात थे। राज्य के गृह विभाग ने तबादले का आदेश जारी किया।
सरगुजा के सीएसपी रोहित कुमार शाह को सुकमा जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) नक्सल विरोधी अभियान और जगदलपुर बस्तर जिला के सीएसपी उदित पुष्कर को दंतेवाड़ा जिले में एएसपी नक्सल विरोधी अभियान पदस्थ किया गया है। वहीं कोरबा के सीएसपी रवींद्र कुमार मीना और रायपुर के सीएसपी अमन कुमार रमन कुमार झा को बीजापुर जिले में एएसपी (नक्सल विरोधी अभियान) पदस्थ किया गया है।
आदेश के अनुसार जगदलपुर के सीएसपी आकाश श्रीमल को कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में एएसपी (नक्सल विरोधी अभियान) पदस्थ किया गया है और रायपुर के सिविल लाइंस के सीएसपी अजय कुमार और बिलासपुर के सीएसपी अक्षय प्रमोद सबदरा को नारायणपुर जिले में एएसपी (नक्सल विरोधी अभियान) पदस्थ किया गया है। रायगढ़ जिले में सीएसपी आकाश कुमार शुक्ला को दुर्ग जिले के बघेरा में एएसपी नक्सल विरोधी अभियान विशेष कार्य बल (एसटीएफ) पदस्थ किया गया है।
शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप... मनेन्द्रगढ़ बीईओ जायसवाल निलंबित
नक्सली हमले में शहीद हुए एएसपी आकाश राव गिरपुंजे... महाराष्ट्र मंडल ने जताया गहरा शोक
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला सुकमा के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए कायरतापूर्ण आईईडी विस्फोट में एएसपी आकाश राव गिरपुंजे जी के शहीद होने पर महाराष्ट्र मंडल रायपुर के अध्यक्ष अजय मधुकर काले और कार्यकारिणी ने गहरा शोक व्यक्त किया।
काले ने कहा कि कुछ लोग वर्दी को जीते हैं, उन्हीं में एक आकाश राव भी थे। कर्तव्य पथ पर चलकर आतंक और अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले एक वीर सपूत को हमने खो दिया। यह अत्यंत ही दुखद है। मैं उनकी शहादत को नमन करता हूँ। इस कायराना हमले में कुछ अन्य अधिकारी एवं जवानों के भी घायल होने की सूचना मिली है। मैं ईश्वर से उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।
काले ने शहीद एएसपी आकाश राव गिरपुंजे जी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा मराठी समाज और महाराष्ठ्र मंडल रायपुर इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ा है। कल सुबह 9 बजे माना पुलिस कैंप में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा फिर वहीं से महादेवघाट ले जाया जाएगा।
Local Train Accident : भीड़ में दरवाजे के पास खड़े यात्री, चलती ट्रेन से गिरे 5 की मौत
मुम्बई: सोमवार सुबह मुम्बई की लोकल ट्रेन में भीड़ के कारण बड़ा हादसा हुआ। मुम्बई के मुम्ब्रा स्टेशन के पास छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल की तरफ जा रही लोकल ट्रेन में सवार यात्रियों की संख्या डिब्बे की क्षमता से कहीं अधिक थी।
भीड़ अधिक होने के कारण कई यात्री दरवाजे के पास लटके हुए थे। इसी दौरान ट्रेन में अचानक धक्कामुक्की मच गई, जिससे करीब 12 यात्री पटरी पर गिर गए। हादसे में 5 यात्रियों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस भी हादसे की गहनता से जांच कर रही है। हादसे का मुख्य कारण लटक कर यात्रा करना बताया जा रहा है। ट्रेन इतनी भरी थी कि लोग लटककर यात्रा कर रहे थे और इसी दौरान हादसा हुआ। पीड़ितों की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है। घायलों को कलवा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बिलासपुर जिले के ग्राम जाली में भालू की दस्तक... ग्रामीणों में मचा हड़कंप
Raipur News: बिलासपुर जिले के जाली गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गांव के पास एक भालू के दिखने की खबर फैली। ग्रामीणों में दहशत फैल गई, वहीं वन विभाग की टीम तुरंत अलर्ट हो गई। रतनपुर और बिलासपुर वन परिक्षेत्र की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला।
रविवार सुबह बिलासपुर और रतनपुर वन परिक्षेत्र की सीमा पर बसे जाली गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक भालू गांव के करीब एक डोंगरी पर आकर बैठ गया। भालू को सबसे पहले एक ग्रामीण ने देखा, जिसके बाद गांव में खबर आग की तरह फैल गई और लोग इकट्ठा हो गए।
भालू जंगल से भटककर गांव के करीब स्थित तालाब तक प्यास बुझाने आया था। बताया जा रहा है कि जंगल में जलस्रोत और आहार की कमी के कारण वन्य प्राणी अब इंसानी बस्तियों की ओर रुख करने लगे हैं।
भालू की सूचना मिलते ही रतनपुर और बिलासपुर वन परिक्षेत्र का अमला मौके पर पहुंचा और सबसे पहले ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। वनकर्मियों ने भालू की प्रत्यक्ष निगरानी की और बताया कि वह खुद ही जंगल लौट जाएगा, बशर्ते कोई उसे उकसाए नहीं।
भालू की लोकेशन ट्रैक करने के लिए वन विभाग ने ड्रोन का भी सहारा लिया, लेकिन घने जंगल की वजह से कैमरे में भालू नजर नहीं आया। हालांकि वनकर्मियों को निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए।
दिनभर डोंगरी में बैठे रहने के बाद आखिरकार रात में भालू जंगल की ओर लौट गया। इस बात की पुष्टि निगरानी टीम ने की। इसके बाद वन अधिकारियों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बावजूद इसके, गांव के आसपास वन विभाग की गश्त और सतर्कता जारी रहेगी।
गनीमत रही कि भालू ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। लेकिन यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि जंगलों में जल और आहार की व्यवस्था सुधारना कितना जरूरी हो गया है। ऐसे हालात में मानव और वन्यजीव टकराव की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
यात्रा से पूर्व ट्रेनों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए 'एनटीईएस' (NTES) का करें उपयोग
रायपुर। नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) भारतीय रेलवे द्वारा शुरू की गई एक ऑनलाइन सेवा है, जिसके माध्यम से यात्री देशभर में चल रही ट्रेनों की वास्तविक स्थिति – जैसे आगमन, प्रस्थान, देरी, रद्दीकरण, मार्ग परिवर्तन आदि की जानकारी रियल टाइम में प्राप्त कर सकते हैं। यह सेवा वेबसाइट के साथ-साथ मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध है। एनटीईएस ऐप गूगल प्ले स्टोर पर निःशुल्क डाउनलोड के लिए उपलब्ध है और यह यात्रियों के लिए एक भरोसेमंद सहायक बन गया है।
वर्तमान में दक्षिण पूर्व रेलवे सहित देश के कई रेलवे ज़ोन में आवश्यक रखरखाव एवं अधोसंरचना विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिसके कारण कुछ ट्रेनें अपने प्रारंभिक स्टेशनों से ही विलंब से चल रही हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा अपने नेटवर्क में ट्रेनों के संचालन को यथासंभव समयबद्ध बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जैसे ही ट्रेनें कटनी, नागपुर, झारसुगुड़ा, लखोली जैसे प्रमुख रिसीविंग स्टेशनों पर इंटर होती हैं, उनका परिचालन बेहतर तरीके से संचालित करने का प्रयास किया जाता है।
यात्रीगण अपनी यात्रा के लिए स्टेशन आने से पहले एनटीईएस ऐप या वेबसाइट के माध्यम से अपनी ट्रेन की वास्तविक स्थिति अवश्य जांच लें, इससे असुविधा एवं अनावश्यक रूप से प्लेटफॉर्म पर देर तक प्रतीक्षा करने से बचा जा सकेगा। हालांकि रेलवे द्वारा यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति की सूचना उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाती है, साथ ही स्टेशनों पर पैसेंजर एनाउंस सिस्टम के माध्यम से भी नियमित उद्घोषणा भी की जाती है। एनटीईएस का उपयोग यात्रियों की यात्रा को और अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध और सटीक बनाता है।
सुकमा में हुए IED बलास्ट में कोंटा के ASP आकाश राव गिरपुंजे शहीद... थाना प्रभारी और SDOP घायल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में रविवार को कोंटा थाना क्षेत्र के फंडीगुड़ा के पास नक्सलियों ने IED ब्लास्ट कर पुलिस अफसरों के काफिले को निशाना बनाया। इस हमले में कोंटा के सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) आकाश राव गिरपुंजे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह ब्लास्ट बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया था। नक्सलियों ने पहले से ही रास्ते में IED बम प्लांट कर रखा था और जैसे ही अफसरों की गाड़ी उस इलाके में पहुंची, ब्लास्ट कर दिया गया। ब्लास्ट की चपेट में आकर ASP की गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
कोंटा क्षेत्र के फंडीगुड़ा के पास हुए IED ब्लास्ट में कोंटा के एएसपी आकाश राव गिरपुंजे शहीद हो गए हैं, जबकि थाना प्रभारी सोनल गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हमला उस समय हुआ जब पुलिस का काफिला गश्त पर था।
SDOP सोनल: गंभीर रूप से घायल, रायपुर रेफर किए गए।
TI (थाना प्रभारी) सहित दो अन्य जवान भी घायल हुए हैं।
घायलों को एयरलिफ्ट कर रायपुर लाने की व्यवस्था की जा रही है।
थाने में हुई गोलीबारी, पुलिसकर्मियों में मचा हड़कंप, कांग्रेस नेता गिरफ्तार
Raipur News: प्रदेश के महासमुंद थाने में गोली चलने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता को गिरफ्तार किया है। बता दें कि कांग्रेस नेता के 32 बोर पिस्टल से थाने में गोली चल गई थी। जिस पर एसपी आशुतोष सिंह के निर्देश पर कांग्रेस नेता के ऊपर आर्म्स एक्ट और बीएनएस की धारा 125 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मामला बागबाहरा थाना क्षेत्र का है।
कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा को 32 बोर पिस्टल का शस्त्र लाइसेंस मिला था। निजी पिस्तौल का लाइसेंस रिन्यूअल नहीं हो पाने के चलते पुलिस ने उन्हें नोटिस भेज कर थाने में हथियार जमा करने के लिए कहा था। पुलिस के नोटिस पर कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा थाने में अपनी पिस्तौल जमा करने पहुंचे थे, इस दौरान भूलवश गलती से गोली चल गई। हालांकि गोली चलने से कोई हताहत नहीं हुआ।
मिली जानकारी के अनुसार, गोली गलती से चली और फर्श पर लगी। जिसके चलते कोई नुकसान या जनहानी नहीं हुई। पर एसपी आशुतोष सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। प्रधान आरक्षक की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 125 और आर्म्स एक्ट 25,27 के तहत एफ आईआर दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही हैं। पुलिस के लिए अभी जांच का विषय है कि गोली चली है अथवा चलाई गई है। मामले में पुलिस की विवेचना जारी है।
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध सागौन की 16 बल्लियां जब्त, आरोपी पर केस दर्ज
Raipur News: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में वन विभाग ने अवैध सागौन तस्करी के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। गौरेला रेंज के ग्राम बालधर में मुखबिर की सूचना पर छापेमारी कर वन विभाग ने 16 बड़ी सागौन की बल्लियां जब्त की हैं। यह कार्रवाई वन मंडलाधिकारी ग्रीष्मी चांद के नेतृत्व में की गई, जिसमें मिथलेश सूर्यवंशी के घर और बाड़ी से भारी मात्रा में अवैध सागौन लकड़ी बरामद हुई।
बता दें कि वन विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बालधर गांव में अवैध रूप से सागौन की लकड़ी का भंडारण और तस्करी हो रही है। रविवार को मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापा मारा। तलाशी में 21 से 30 फीट लंबी सागौन की 16 बल्लियां बरामद की गईं, जिन्हें राष्ट्रीयकृत वनोपज के तहत जब्त कर लिया गया।
जब्त सागौन को मड़ना डिपो के काष्ठागार में सुरक्षित रखवाया गया है, और इसकी कीमत का आकलन किया जा रहा है। वन विभाग ने आरोपी मिथलेश सूर्यवंशी के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है, और आगे की जांच जारी है। वन मंडलाधिकारी ग्रीष्मी चांद ने कहा, हम अवैध कटाई और वनोपज तस्करी पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। ऐसी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौ ग्राम जन जागरण यात्रा के समापन समारोह में शामिल हुए सीएम साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अभनपुर विकासखंड के सोनपैरी गांव में आयोजित कबीर जयंती महोत्सव एवं गौ ग्राम जन जागरण यात्रा के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को कबीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने गुरुकुल भवन के लिए 20 लाख रुपये, प्रदेश में गौशाला का नाम ‘गौधाम’ करने तथा सोनपैरी स्कूल में बाउंड्री वाल निर्माण की घोषणाएं की। साथ ही सामुदायिक भवन निर्माण, भुताही पारा से आश्रम तक नाली निर्माण एवं सोनपैरी से खिलोरा मुख्य मार्ग से आश्रम तक सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी छत्तीसगढ़ की भूमि धन्य है, जहाँ कबीर साहेब जी की वाणी का गहरा प्रभाव रहा है। संत कबीर हमेशा जीव दया का उपदेश देते थे। प्रदेश के संस्कारों के निर्माण में न केवल कबीरपंथ के अनुयायियों का योगदान है, बल्कि उन लोगों का भी, जिनके जीवन में कबीर साहेब जी की निर्मल वाणी ने गहरा असर डाला है। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब ने अपना पूरा जीवन जनजागरण को समर्पित किया। उन्होंने अपने उपदेशों से समाज को लगातार सही राह दिखाई। कबीर जी अपने दोहों में जनजागरण की बात करते थे और यह मानते थे कि जीवन अत्यंत अमूल्य है तथा इसका सार्थक उपयोग किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में संत कबीर के मानवतावादी विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया और गौसेवा व सामाजिक एकता पर बल दिया। उन्होंने गौ ग्राम जनजागरण रैली में शामिल गौशालाओं के प्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह एक अत्यंत सार्थक प्रयास है। श्री साय ने कहा कि गौ-अभयारण्य की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित की जा रही है।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में चावल उत्पादन, स्टील, सीमेंट, एल्युमिनियम और बिजली तथा कोयला आपूर्ति के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जाता है। डॉ. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि कबीर, तुलसीदास जैसे संतों ने समाज को नई दिशा दिखाई। हम आर्थिक रूप से चाहे जितनी भी प्रगति कर लें, लेकिन समाज को दिशा और मूल्य संत परंपरा ही दे सकती है। चौधरी ने कहा कि कबीर के विचारों ने समाज को नई दिशा दी और आज के भौतिकवादी युग में भी उनके विचार उतने ही प्रासंगिक हैं।
राजधानी रायपुर से जबलपुर मदन महल के बीच दौड़ेगी इंटरसिटी एक्सप्रेस, 7 घंटों में पूरा होगा सफर
रायपुर। राजधानी रायपुर से गोंदिया व बालाघाट होते हुए जबलपुर तक नई इंटरसिटी ट्रेन चलेगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के लोगों रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव के रास्ते सीधे बालाघाट व जबलपुर जाने के लिए सीधी ट्रेन की सुविधा मिलने जा रही है। रेलवे ने रायपुर से मदन महल (जबलपुर) के बीच एक नई ट्रेन सेवा शुरू करने का फैसला किया है। यात्रियों की सुविधा और लंबे समय से उठाई जा रही मांगों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। यह ट्रेन कुल छह स्टेशनों पर रुकेगी और करीब 6 घंटे 40 मिनट में अपना सफर पूरा करेगी।
रायपुर से जबलपुर के बीच अब यात्रियों को सीधी ट्रेन की सुविधा मिलेगी, जिससे व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इस नई ट्रैन सेवा से छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए जबलपुर पहुंचना आसान होगा और क्षेत्रीय उत्पादों का परिवहन भी बेहतर तरीके से संभव हो सकेगा। चुंकि इस रूट पर बालाघाट व नैनपुर जैसे स्टेशन है जिसके कारण बालाघाट, शिवनी, नैनपुर के लिए भी सीधी रेल सेवा मिलेगी। इन स्टेशनों के लिए रायपुर से चलने वाली यह सीधी ट्रेन होगी। इस ट्रेन के शुरू होने से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव व डोंगरगढ़ के यात्रियों को लाभ मिलेगा।
पहले इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाए जाने का प्लान बना था। वंदे भारत चलाने के संबंध में दिशा निर्देश भी जारी हुए और शेड्यूल भी तैयार हो रहा था। इसके बाद यह ठंडे बस्ते में चला गया। माना जा रहा है कि इस रूट पर वंदेभारत एक्सप्रेस को उम्मीद के अनुसार यात्री मिल सकते थे इस वजह से रेलवे को आर्थिक क्षति संभव थी। इसे देखते हुए संभवत: वंदेभारत का प्लान कैंसिल किया गया। अब इस रूट पर इंटरसिटी चलेगी जिसका किराया भी कम होगा जिससे यात्रियों का उत्साह बढ़ेगा।
गाड़ी क्रमांक 11701/11702 मदन महल – रायपुर – मदन महल के बीच चलने वाली यह नियमित ट्रैन मदन महल से सुबह 6:10 बजे रवाना होकर कुछपुरा (6:25 बजे) होते हुए दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रैन रायपुर से दोपहर 2:45 बजे चलकर कुछपुरा (10:10 बजे) होते हुए रात 10:30 बजे मदन महल पहुंचेगी। इसका ठहराव नैनपुर, बालाघाट, गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव और दुर्ग स्टेशनों पर होगा। ट्रैन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें 1 एसएलआरडी, 1 एसएलआरआरएम, 8 स्लीपर, 3 एसी-3 और 1 एसी-1 शामिल हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं मंत्रिमंडल का चिंतन शिविर 2.0 शुरू
आम की खेेती किसानों की आय बढ़ाने में मददगार: मुख्यमंत्री साय
मोदी सरकार नक्सलवाद के दंश से भारत को मुक्त करने के लिए संकल्पित
बोधघाट बांध और इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना के संबंध में पीएम से चर्चा
Raipur News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना के राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्माण के संबंध में विस्तार से चर्चा की है । उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहा है, इसी वजह से संभाग सिंचाई साधनों के विकास में पिछड़ गया है, संभाग में सिंचाई साधनों की समस्या को दूर करने और चहुमुखी विकास को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना और इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि बस्तर क्षेत्र के चहुमुखी विकास के लिए बोधघाट बहुउद्देशीय बांध परियोजना निर्णायक परियोजना साबित होगी। यह परियोजना, लंबे समय से इन्द्रावती नदी पर प्रस्तावित है। इंद्रावती, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक नदी है। गोदावरी जल विवाद अभिकरण के वर्ष 1980 के अवॉर्ड में भी अन्य योजनाओं के साथ इस परियोजना का उल्लेख है। इस अवॉर्ड में उल्लेखित अन्य परियोजनाओं का क्रियान्वयन दूसरे राज्यों द्वारा किया जा चुका है परंतु दूरस्थ अंचल में होने एवं नक्सल समस्या के कारण इस परियोजना को प्रारंभ नहीं किया जा सका।
बस्तर के विकास की रफ्तार होगी डबल: बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना से संभाग में सिंचाई साधनों का दायरा बढ़ने के साथ ही बस्तर के विकास को डबल रफ्तार मिलेगी। इस परियोजना से 125 मेगावाट का विद्युत् उत्पादन, 4824 टन वार्षिक मत्स्य उत्पादन जैसे अतिरिक्त रोजगार, खरीफ एवं रबी मिलाकर 3,78,475 हेक्टेयर में सिंचाई विस्तार एवं 49 मि.घ.मी पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगा। वही इंद्रावती- महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले की भी 50,000 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सहित कुल 3,00,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। बस्तर को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दोनों परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
क्या है बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना?: बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना, गोदावरी नदी की बड़ी सहायक इन्द्रावती नदी पर प्रस्तावित है। राज्य में इन्द्रावती नदी कुल 264 कि. मी. में प्रवाहित होती है। यह परियोजना दंतेवाड़ा जिले के विकासखंड एवं तहसील गीदम के ग्राम बारसूर से लगभग 8 कि.मी. एवं जगदलपुर शहर से लगभग 100 कि. मी. दूरी पर प्रस्तावित है।
परियोजना की विशेषताएं: दोनों परियोजनाओं की अनुमानित लागत 49000 करोड़ रूपए है। जिसमें इंद्रावती-महानदी लिंक परियोजना की लागत लगभग 20 हजार करोड़ रूपए एवं बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना में लगभग 29 हजार करोड़ रुपए की लागत संभावित है। जिसमें हाइड्रोपावर इलेक्ट्रोमैकेनिकल कार्य, सिविल कार्य (सिंचाई) भी शामिल हैं। इस परियोजना में उपयोगी जल भराव क्षमता 2009 मि.घ.मी, कुल जल भराव क्षमता 2727 मि.घ.मी, पूर्ण जल भराव स्तर पर सतह का क्षेत्रफल 10440 हेक्टेयर सम्भावित है।
इन जिलों का होगा लाभः बहुउद्देशीय बोधघाट बांध परियोजना से दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा जिले के 269 गांवों को बड़ा लाभ होगा। जबकि इंद्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना से कांकेर जिले के अनेकों गांवों में सिंचाई सुविधा का विस्तार हो सकेगा। बस्तर संभाग को विकसित, आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में दोनों परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल सीएम साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के नव नियुक्त अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने मद्दी को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मद्दी सामाजिक रूप से लंबे समय से सक्रिय हैं और उनके पास विभिन्न पदों पर कार्य करने का गहरा अनुभव है। मुझे विश्वास है कि उनका यह अनुभव स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के कार्यों को सुदृढ़ करने में उपयोगी सिद्ध होगा। साय ने कहा कि हमारी सरकार अनेक नवाचारों के माध्यम से शासकीय कार्यों में पारदर्शिता ला रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना और विकास के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नक्सल उन्मूलन के साथ-साथ हम बस्तर में अधोसंरचना और पर्यटन विकास के कार्यों को गति दे रहे हैं, ताकि स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकें। हमने हाल ही में दुधारू पशु योजना के माध्यम से आदिवासी परिवार को दो अच्छी नस्ल की गाय प्रदान करने की शुरुआत की है, जिससे प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री साय ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात में प्रदेश के विकास को लेकर हुई महत्वपूर्ण चर्चाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री से बस्तर में सिंचाई परियोजनाओं और इंद्रावती एवं महानदी को जोड़ने की महत्वाकांक्षी पहल के बारे में सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास के साथ-साथ यह विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि श्रीनिवास के सामाजिक जीवन के लंबे अनुभव का लाभ निश्चित ही बेवरेजेस कॉर्पोरेशन को मिलेगा। उन्हें पहले भी वन विकास निगम के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने का मौका मिला था और उन्होंने बेहतर ढंग से दायित्व का निर्वहन किया। इस अवसर पर नई जिम्मेदारियों के लिए उन्होंने मद्दी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक किरण देव ने भी संबोधित किया एवं शुभकामनाएं दीं।