छत्तीसगढ़
बस्तर जिले के 5 विकासखण्डों में हुआ : ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन
बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मिला समुचित मंच
प्रतिभागियों ने बस्तर पंडुम में लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा
22 एवं 23 मार्च को होगा दो दिवसीय जिला स्तरीय बस्तर पंडुम
रायपुर | बस्तर जिले के जगदलपुर, बस्तर, तोकापाल, बास्तानार एवं दरभा विकासखण्ड में गुरुवार को ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों ने कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मंच प्रदान किया जा रहा है, जिससे स्थानीय संस्कृति को नई पहचान मिल रही है। इस उत्सव में विभिन्न जनजातीय समूह अपनी कला और परंपराओं का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे न केवल सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जिले के इन सभी ब्लॉक में आयोजित उक्त कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों, जनजातीय समुदायों और संस्कृति प्रेमियों का उत्साह देखते ही बना।

बस्तर पंडुम न केवल संस्कृति को सहेजने का प्रयास है बल्कि सामाजिक एकता और पारंपरिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। जिले के इन सभी विकासखंड में बस्तर पंडुम के तहत हजारों प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिले में बस्तर पंडुम का जिला स्तरीय कार्यक्रम 22 एवं 23 मार्च को इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम जगदलपुर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें ब्लॉक स्तर से चयनित प्रतिभागी शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2025 के अन्तर्गत अनेक विधाएं शामिल की गई जिसमें जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी, हुलकीपाटा, परब सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत- चैतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल, हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि) जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य जिन्हें लय एवं ताल, संगीत कला, वाद्य यंत्र, वेषभूषा, मौलिकता, लोकधुन, वाद्ययंत्र, पारंपरिकता, अभिनय, विषय-वस्तु, पटकथा, संवाद, कथानक के मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुंडाबाजा, चिकारा शामिल रहे। जिन्हें संयोजन, पारंगता, प्रकार, प्राचीनता के आधार पर अंक दिए गए।
जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया. ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, नकबेसर जैसे आभूषण में एकरूपता, श्रृंगार, पौराणिकता को महत्व दिया गया। जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला का प्रदर्शन विधा के अंतर्गत घड़वा, माटी कला, काष्ठ, ढोकरा, लौह प्रस्तर, गोदना, भित्तीचित्र, शीशल, कौड़ी शिल्प, बांस की कंघी, गीकी (चटाई), घास के दानों की माला प्रदर्शन प्रस्तुतियां हुई। साथ ही जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन- सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, लांदा, पेज, कोसरा एवं मड़िया पेज, चापड़ा चटनी, सुक्सी पुड़गा,मछरी पुड़गा,मछरी झोर, आमट साग, तिखुर इत्यादि के बनाने की विधि, स्थानीय मसाले, स्वाद, प्रकार का प्रस्तुतिकरण बस्तर पंडुम 2025 के मुख्य आकर्षण रहे। इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
बस्तर जिले में विकासखण्ड स्तर पर आयोजित बस्तर पंडुम में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले समाज प्रमुखों में बस्तर पंडुम के प्रति खासा उत्साह एवं अलग ही लगाव देखने को मिला। इस दौरान इन समाज प्रमुखों ने बस्तर पंडुम आयोजन को सराहनीय पहल निरूपित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट किया।
इस मौके पर पूर्व विधायक एवं सर्व आदिवासी समाज के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजाराम तोड़ेम ने बस्तर पंडुम को राज्य सरकार की जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक विविधता को देश-दुनिया में पहुंचाने की अनुपम प्रयास रेखांकित किया। वहीं सर्व आदिवासी समाज के बस्तर जिला अध्यक्ष दशरथ कश्यप ने बस्तर पंडुम को जनजातीय संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने की दिशा में उल्लेखनीय पहल निरूपित करते हुए इसे हर साल आयोजित करने का सुझाव दिया।
सर्व आदिवासी समाज के महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष चमेली जिराम ने बस्तर पंडुम को जनजातीय समुदाय के भावी पीढ़ी के लिए समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सीखने-समझने का बेहतर मंच बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में भावी पीढ़ी अपनी संस्कृति,परम्परा, रीति-रिवाजों से दूर हो रही है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजन में सक्रिय सहभागी बनकर भावी पीढ़ी अपना जुड़ाव महसूस करेगी। इस बस्तर पंडुम में जनजातीय पेय पदार्थों के विधा में अपना प्रदर्शन करने पहुंचे नगरनार की अन्नपूर्णा नाग एवं भेजापदर की बुधरी बघेल ने कहा बस्तर पंडुम में जनजातीय संस्कृति की अलग छटा दिख रही है। जिसमें परम्परा, रीति-रिवाज, खान-पान सभी शामिल है। यह हमारी पहचान है और इसे संरक्षित करने के लिए सरकार का प्रयास प्रशंसनीय है।
अबूझमाड़ के विकास को गति देना हमारी प्राथमिकता-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र अबूझमाड़ के 120 बच्चों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा वनमंत्री केदार कश्यप से मुलाकात की। ये बच्चे ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत राजधानी रायपुर के शैक्षणिक भ्रमण पर आए थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से संवाद किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार अबूझमाड़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अबूझमाड़ वर्षों तक विकास की धारा से वंचित रहा, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि यहां के हर गांव तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचे। उन्होंने भ्रमण पर आए बच्चों से कहा कि आपका उज्ज्वल भविष्य ही हमारी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अबूझमाड़ के गांवों में सड़क निर्माण, मोबाइल टावर लगाने, स्कूलों के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के तहत वहां तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर व्यापक चर्चा हुई। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजनाओं पर काम कर रही हैं।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि अबूझमाड़ के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, ताकि वे अपने क्षेत्र और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आश्वस्त किया कि अबूझमाड़ में बेहतर स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
छत्तीसगढ़ में दो मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए, बीजापुर में 18, कांकेर में 4 का एनकाउंटर, शव-हथियार बरामद, फायरिंग जारी
रायपुर। प्रदेश के नक्सल प्रभावित बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले के सरहदी इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ जारी है. इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 18 नक्सलियों को मार गिराया है, जिनके शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया गया। मुठभेड़ में बीजापुर DRG का एक जवान शहीद हो गया है। वहीं कांकेर जिले में भी मुठभेड़ हुई है, जिसमें 4 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है।
जानकारी के मुताबिक, बीजापुर और दंतेवाड़ा के सरहदी इलाके में माओवादी विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम निकली थी। इस दौरान गंगालूर थाना क्षेत्र में आज सुबह करीब 7 बजे नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जो अब तक जारी है। दोनों ओर से हुई भीषण फायरिंग हुई। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से अब तक 18 नक्सलियों के शव बरामद किया है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में राइफल, विस्फोटक सामग्री और अन्य हथियार जब्त भी किए गए हैं। फिलहाल, सुरक्षा बल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। मुठभेड़ स्थल से AK, SLR, इंसास, 303,315 बोर, 12 बोर, भरमार आदि हथियार भी बरामद कर लिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि जंगल में और भी नक्सली छिपे हो सकते हैं।
इधर नारायणपुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर स्थित थुलथुली इलाके में एक जवान IED ब्लास्ट की चपेट में आ गया। घायल जवान को मौके पर से बाहर निकाला जा रहा है। वहीं सर्च ऑपरेशन जारी है। दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि गंगालूर इलाके में बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसी के आधार पर इस इलाके में ज्वाइंट ऑपरेशन लॉन्च किया गया। एक दिन पहले ही जवानों ने अंड्री इलाके को घेर लिया था। वहीं गुरूवार सुबह से ही मुठभेड़ जारी है।
बीजापुर में नक्सली मुठभेड़, माओवादियों के बड़े कैडर्स को जवानों ने घेरा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में गुरुवार को नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच एंड्री के जंगलों में मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। यह घटना गंगालूर इलाके में हुई है।
जानकारी के अनुसार बीजापुर जिले के गंगालूर इलाके में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया था, जिसके दौरान यह मुठभेड़ हुई। जानकारी मिल रही है कि माओवादियों को पुलिस फोर्स ने चारों ओर से घेर लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष से हताहतों की संख्या या अन्य विवरण सामने नहीं आए हैं। सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन जारी है और इलाके की सर्चिंग बढ़ा दी गई है।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज को मिली 472.58 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति.... स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार
छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल बीजापुर जिले के युवाओं ने आज लोकतंत्र के मंदिर : विधानसभा परिसर में इतिहास रच दिया
छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में गूंज उठी बीजापुर के युवाओं की बुलंद आवाज – ‘नक्सलवाद से मुक्ति और विकास की राह पर आगे बढ़ने का है इरादा’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा – ‘आपका संकल्प हमारा संकल्प, हम मिलकर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाएंगे’
रायपुर | छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल बीजापुर जिले के युवाओं ने आज लोकतंत्र के मंदिर—विधानसभा परिसर में इतिहास रच दिया।
राज्य की ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचे बीजापुर के इन युवा प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने एकजुट होकर अपनी मंशा व्यक्त की – “हम अपने गांव, जिले और प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त देखना चाहते हैं और विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर अपने भविष्य को उज्जवल बनाना चाहते हैं।”

इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं की इस मजबूत इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा, “आपका संकल्प ही हमारा संकल्प है। यदि क्षेत्र के युवा ठान लें, तो हम सभी के सहयोग से जल्द ही नक्सलवाद के अंधकार को समाप्त कर छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।”
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से उनके गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि निरंतर खुल रहे सुरक्षा कैंपों और सुदूर अंचलों में प्रशासन की बढ़ती पहुंच से नक्सली दायरा सिमटता जा रहा है, जिससे अब विकास को नई गति मिल रही है।
मुख्यमंत्री साय ने हाल ही में अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई महत्वपूर्ण चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार भी बीजापुर और बस्तर संभाग के अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य के दूरस्थ इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और वहां हो रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को आश्वस्त किया कि उनके गांवों में मोबाइल टावर लगाने, पक्की सड़कें बनाने, हर घर तक बिजली पहुंचाने और परिवहन सुविधाओं का विस्तार करने की योजनाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है ताकि सुदूर अंचल के ग्रामीणों को भी शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बीजापुर जिले के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों युवाओं के लिए यह दिन एक ऐतिहासिक अनुभव से कम नहीं था। राजधानी रायपुर में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशन, छत्तीसगढ़ विधानसभा और वनवासी कल्याण आश्रम का दौरा किया।
राजधानी में आगमन के दौरान युवाओं ने विधानसभा परिसर का दौरा किया और दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी। वे पहली बार लोकतंत्र के इस मंच से जनप्रतिनिधियों की बहस और नीतिगत चर्चाओं को देखकर रोमांचित हो उठे।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक धर्म कौशिक, अनुज शर्मा और लता उसेंडी ने भी युवाओं से भेंट कर चर्चा की।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं से उनके गांव की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आपके गांवों में पक्की सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल, राशन, चिकित्सा और आवास जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर युवाओं को यह संदेश दिया कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। जब युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो कोई भी ताकत क्षेत्र के विकास को बाधित नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी अब बदलाव के लिए तैयार है। बीजापुर के युवाओं की यह मजबूत आवाज पूरे प्रदेश के लिए एक नई रोशनी लेकर आई है।
नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ – विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता के साथ मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर के युवाओं से कहा कि हम आपके साथ हैं, आपके गांव के विकास और आप सभी के स्वर्णिम भविष्य को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने युवाशक्ति से आह्वान किया कि इस परिवर्तन का हिस्सा बनें, अपने सपनों को साकार करें, और छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की और कहा कि हम सभी मिलकर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त, विकसित और समृद्ध राज्य बनाएंगे।
अजय चंद्राकर ने : सदन में उठाया उद्यानिकी और वानिकी कॉलेजों का मुद्दा
रायपुर | छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने उद्यानिकी और वानिकी कॉलेजों का मुद्दा उठाया | उन्होंने कहा कि प्रदेश के 15 महाविद्यालय के नाम में अनुसंधान केंद्र का नाम जुड़ा है, लेकिन एक भी महाविद्यालय में नहीं होता अनुसंधान कार्य है।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इसके साथ उद्यानिकी और वानिकी कॉलेजों में स्वीकृत और रिक्त पदों का मुद्दा उठाया।

मंत्री केदार कश्यप ने सदन को बताया कि 692 रिक्त पदों में से केवल 69 पद ही भरे गए हैं | मौजूदा समय में उद्यानिकी और वानिकी महाविद्यालयों में 623 पद रिक्त हैं। अजय चंद्राकर ने प्रधानवधि के बाद 140 पदों पर भर्ती के आंकड़ों पर आपत्ति जताई | इस पर मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि पिछली सरकार ने सिर्फ कॉलेज खोले थे, लेकिन भर्ती नहीं की थी | मौजूदा सरकार में 181 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया है. विश्वविद्यालयों में भर्ती के मामले में राज्यपाल से शिकायत हुई है।
अजय चन्द्राकार ने विभाग द्वारा गलत जानकारी देने का आरोप लगाया | वहीं भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने दूसरे सत्र में भी शिक्षक नहीं होने पर आपत्ति जताते हुए रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया और पूर्ण होने की जानकारी मांगी।
रायपुर रेल मंडल के बैकुंठ-सिलियारी सेक्शन में पावर ब्लाक...रद्द रहेगी यह गाड़ियां
रायपुर। रेलवे प्रशासन द्वारा अधोसंरचना विकास के कार्यों को शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है | इसी संदर्भ में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत बैकुंठ-सिलियारी सेक्शन में रिलीविंग गर्डर की डी लांचिंग के लिए ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक लिया जाएगा । इस कार्य के लिए दिनांक 19 मार्च, 2025 को डाउन लाइन में 03 घंटे 30 मिनट का ब्लॉक लिया जाने की घोषणा की गयी थी ।
सुकमा के ग्रामीणों ने पहली बार राजधानी का किया भ्रमण, विधानसभा कार्यवाही देखकर हुए उत्साहित
छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 36 ट्रेनें रद्द, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
रायपुर। एक बार फिर रेल यात्रियों को बड़ा झटका लगा है, रेलवे ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 36 ट्रेनों को रद्द कर दिया है. वहीं कुछ ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया है. कुल 43 ट्रेनें प्रभावित होगी. ये ट्रेनें 11 अप्रैल से 23 अप्रैल के बीच प्रभावित रहेगी. बता दें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के अंतर्गत रायगढ़-झारसुगुड़ा सेक्शन में कोतरलिया रेलवे स्टेशन को चौथी लाइन को कनेक्टिविटी का कार्य एवं इस सेक्शन में चौथी लाइन में विद्युतीकृत का कार्य किया जायेगा. जो 11 से 23 अप्रैल, 2025 तक तक किया जायेगा. जिसके फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा.
ये ट्रेनें रहेगी प्रभावित –
1. दिनांक 11 से 24 अप्रैल, 2025 तक रायगढ़ से चलने वाली 68737 रायगढ़-बिलासपुर मेमू रद्द रहेगी.
2. दिनांक 11 से 24 अप्रैल, 2025 तक बिलासपुर से चलने वाली 68738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रद्द रहेगी.
3. दिनांक 10 से 23 अप्रैल, 2025 तक बिलासपुर से चलने वाली 68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रद्द रहेगी.
4. दिनांक 10 से 23 अप्रैल, 2025 तक रायगढ़ से चलने वाली 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू रद्द रहेगी.
5. दिनांक 10 से 23 अप्रैल, 2025 तक टाटानगर से चलने वाली 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
6. दिनांक 11 से 24 अप्रैल, 2025 तक बिलासपुर से चलने वाली 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
7. दिनांक 11 से 24 अप्रैल, 2025 तक टाटानगर से चलने वाली 18109 टाटानगर-नेता सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
8. दिनांक 11 से 24 अप्रैल, 2025 तक नेता सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से चलने वाली 18110 सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) -टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
9. दिनांक 16 एवं 23 अप्रैल, 2025 को संतरागाछी से चलने वाली 20828 संतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
10. दिनांक 17 एवं 24 अप्रैल, 2025 को जबलपुर से चलने वाली 20827 जबलपुर-संतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
11. दिनांक 11, 15, 18, 22 एवं 25 अप्रैल, 2025 को दरभंगा से चलने वाली 17008 दरभंगा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
12. दिनांक 08, 12, 15, 19 एवं 22 अप्रैल, 2025 को सिकंदराबाद से चलने वाली 17007 सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
13. दिनांक 12 एवं 19 अप्रैल, 2025 को संतरागाछी से चलने वाली 20822 संतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
14. दिनांक 14 एवं 21 अप्रैल, 2025 को पुणे से चलने वाली 20821 पुणे-संतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
15. दिनांक 10, 14, 17 एवं 21 अप्रैल, 2025 को भुवनेश्वर से चलने वाली 12880 भुवनेश्वर-कुर्ला एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
16. दिनांक 12, 16, 19 एवं 23 अप्रैल, 2025 को कुर्ला से चलने वाली 12879 कुर्ला-भुवनेश्वर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
17. दिनांक 11 एवं 18 अप्रैल, 2025 को बिलासपुर से चलने वाली 22843 बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
18. दिनांक 13 एवं 20 अप्रैल, 2025 को पटना से चलने वाली 22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
19. दिनांक 11 एवं 18 अप्रैल, 2025 को हावड़ा से चलने वाली 12870 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
20. दिनांक 13 एवं 20 अप्रैल, 2025 को मुंबई से चलने वाली 12869 मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
21. दिनांक 09, 10, 16 एवं 17 अप्रैल, 2025 को एलटीटी से चलने वाली 12151 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
22. दिनांक 11, 12, 18 एवं 19 अप्रैल, 2025 को शालीमार से चलने वाली 12152 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
23. दिनांक 10 एवं 17 अप्रैल, 2025 को हावड़ा से चलने वाली 22894 हावड़ा-साईंनगर शिरडी एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
24. दिनांक 12 एवं 19 अप्रैल, 2025 को साईंनगर शिरडी से चलने वाली 22893 साईंनगर शिरडी-हावड़ा एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
25. दिनांक 11, 12, 18 एवं 19 अप्रैल, 2025 को हटिया से चलने वाली 12812 हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
26. दिनांक 13, 14, 20 एवं 21 अप्रैल, 2025 को एलटीटी से चलने वाली 12811 एलटीटी-हटिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
27. दिनांक 11 एवं 24 अप्रैल, 2025 को पुणे से चलने वाली 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिन्द एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
28. दिनांक 11 एवं 24 अप्रैल, 2025 को हावड़ा से चलने वाली 12130 हावड़ा-पुणे आजाद हिन्द एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
29. दिनांक 11 एवं 24 अप्रैल, 2025 को मुंबई से चलने वाली 12859 मुंबई-हावड़ा गीतांजली एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
30. दिनांक 11 एवं 24 अप्रैल, 2025 को हावड़ा से चलने वाली 12860 हावड़ा-मुंबई गीतांजली एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
31. दिनांक 10, 12, 17 एवं 19 अप्रैल, 2025 को हावड़ा से चलने वाली 12222 हावड़ा-पुणे दुरन्तों एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
32. दिनांक 12, 14, 19 एवं 21 अप्रैल, 2025 को पुणे से चलने वाली 12221 पुणे-हावड़ा दुरन्तों एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
33. दिनांक 09, 10, 16 एवं 17 अप्रैल, 2025 को पोरबंदर से चलने वाली 12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
34. दिनांक 11, 12, 18 एवं 19 अप्रैल, 2025 को शालीमार से चलने वाली 12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
35. दिनांक 11, 12, 14, 15, 18, 19, 21 एवं 22 अप्रैल, 2025 को एलटीटी से चलने वाली 12101 एलटीटी-शालीमार ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
36. दिनांक 13, 14, 16, 17, 20, 21, 23 एवं 24 अप्रैल, 2025 को शालीमार से चलने वाली 12102 शालीमार- एलटीटी ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
परिवर्तित मार्ग से चलाने वाली ट्रेनें :-
37. दिनांक 11 से 24 अप्रैल, 2025 तक हावड़ा से चलने वाली 12810 हावड़ा-मुंबई मेल एक्सप्रेस परिवर्तित झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी.
38. दिनांक 11 से 24 अप्रैल, 2025 तक मुंबई से चलने वाली 12809 मुंबई-हावड़ा मेल एक्सप्रेस परिवर्तित रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी.
39. दिनांक 11, 14, 15, 16, 18, 21, 22 एवं 23 अप्रैल, 2025 को हावड़ा से चलने वाली 12262 हावड़ा-मुंबई दुरन्तों एक्सप्रेस परिवर्तित झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी.
40. दिनांक 13, 15, 16, 17, 20, 22, 23 एवं 24 अप्रैल, 2025 को मुंबई से चलने वाली 12261मुंबई-हावड़ा दुरन्तों एक्सप्रेस परिवर्तित रायपुर- टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी.
बीच समाप्त होने वाली गाड़ी :-
41. दिनांक 11 अप्रैल से 05 मई, 2025 तक गोंदिया एवं झारसुगुड़ा से चलने वाली 68861/ 68862 गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल बिलासपुर एवं झारसुगुड़ा के बीच रद्द रहेगी.
42. दिनांक 09, 10, 12, 14, 15, 16, 17, 19, 21 एवं 22 अप्रैल, 2025 को निज़ामुद्दीन से चलने वाली 12410 निज़ामुद्दीन–रायगढ़ गोडवाना एक्सप्रेस बिलासपुर एवं रायगढ़ के बीच रद्द रहेगी.
43. दिनांक 11, 12, 14, 16, 17, 18, 19, 21, 23 एवं 24 अप्रैल, 2025 को रायगढ़ से चलने वाली 12409 रायगढ़-निज़ामुद्दीन गोडवाना एक्सप्रेस रायगढ़ एवं बिलासपुर के बीच रद्द रहेगी
कई इलाकों में लू का असर : छत्तीसगढ़ में बढने लगी गर्मी
रायपुर | प्रदेश में गर्मी ने अभी से अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं | रविवार को कई इलाकों में लू का असर देखने को मिला | राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया | रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर अभी से ग्रीष्म लहर चली | अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा, लेकिन अगले 2 दिनों में 2-3 डिग्री की गिरावट की संभावना है | वहीं मध्य और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिनों तक तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, इसके बाद 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आज भी प्रदेश में अधिकतम तापमान 38-39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है | हालांकि, कल से तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है। राजधानी रायपुर में 17 मार्च को आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
शिवरीनारायण के पास यात्रियों से भरी बस अनियंत्रित होकर पलट... दर्जनभर लोग घायल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के लोहरसी में एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें 30 से 35 लोग घायल हो गए हैं।
मंगलवार को यह हादसा उस वक्त हुआ जब बस शिवरीनारायण से बिलासपुर की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस की गति अधिक थी, जिससे ड्राइवर का नियंत्रण खो गया और बस सड़क किनारे पलट गई।
स्थानीय लोगों ने त्वरित मदद करते हुए घायलों को बस से बाहर निकाला। हादसे के बाद सभी घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जबकि 6 से 7 लोगों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात.... सौंपा बस्तर के विकास का रोडमैप
रेत का अवैध खनन, माफियाओं पर पुलिस प्रशासन का शिकंजा, 20 ट्रैक्टर और 2 हाईवा जब्त
रायपुर। बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 ट्रैक्टर और 2 हाईवा जब्त किए हैं। इस कार्रवाई से अवैध रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशानुसार चेतना अभियान के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अर्चना झा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (कोटा) नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में कोटा पुलिस ने लगातार निगरानी रखी और आखिरकार अवैध रेत परिवहन में लिप्त इन वाहनों को पकड़ लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से रेत माफियाओं में दहशत का माहौल है। कोटा पुलिस ने साफ कर दिया है कि अवैध रेत उत्खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोटा, आईपीएस सुमित कुमार धोतरे के साथ उप निरीक्षक राज सिंह, प्रधान आरक्षक सनत पटेल, हेमंत पाटले, भोप साहू, प्रियांश तिग्गा सहित कोटा थाना पुलिस की पूरी टीम ने अहम भूमिका निभाई। कोटा पुलिस आम जनता से अपील करती है कि अगर कहीं भी अवैध रेत उत्खनन या परिवहन होता दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आपकी सूचना अपराध पर लगाम लगाने में मदद कर सकती है।
बस्तर में नक्सलवाद अंतिम चरण में, विकास और पर्यटन पर साय ने की शाह से चर्चा
विधानसभा में गरमाया धर्मांतरण का मुद्दा,डिप्टी सीएम बोले- जल्द बनेगा कानून
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में धर्मांतरण का मुद्दा गरमाया। विधायक अजय चंद्राकर ने विदेशी फंडिंग से धर्मांतरण का सदन में मुद्दा उठाते हुए अपने ही सरकार से सवाल किया। जिस पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जवाब देते हुए बताया कि, छत्तीसगढ़ में 153 संस्थाओं को विदेशी फंड मिलता है। फंड की निगरानी का काम केंद्र सरकार को होता है।
डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा- किसी तरह की शिकायत पर राज्य सरकार जांच करती है। राज्य में पूर्व में 364 संस्थानों को विदेशी फंड मिलता था। जिसमें से 364 में से 84 के फंडिंग पर रोक लगाया गया है। वहीं 127 की वैधता समाप्त हो गई है, 153 को फंड मिल रहा है। शिक्षण संस्थाओं को अलग- अलग विभाग से 200-300 करोड़ अनुदान दिया जाता है।
धर्मांतरण पर वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा- शहरी क्षेत्र में डेमोग्राफी बदल रही यह चिंता का विषय है। धर्मांतरण के खिलाफ वर्तमान कानून में बदलाव की जरूरत है। प्रदेश में धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून आना चाहिए। विदेशी फंडिंग रोकने की ठोस व्यवस्था होनी चाहिए। गृह मंत्री ने सदन में भरोसा दिलाया जल्द कानून आएगा।
राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार के प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल सीएम साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर विकासखंड के श्याम पैलेस में आयोजित राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार जशपुर मंडल के प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने समाज को सामाजिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले, आईआईटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता पाने वाले होनहार छात्रों को प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सोनार समाज सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर, निर्धन बेटियों के विवाह, रक्तदान शिविर और वृक्षारोपण जैसे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के ये प्रयास दूसरों के लिए भी प्रेरणादायक हैं और इससे पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देती है और उसके रहन-सहन को संवारती है। उन्होंने सोनार समाज से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाएं और कमजोर परिवारों के बच्चों को भी पढ़ाई में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है, जिससे न केवल व्यक्ति का भविष्य उज्ज्वल होता है, बल्कि पूरे समाज की प्रगति सुनिश्चित होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को बने 15 महीने हो चुके हैं, और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी को पूरा करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, डॉ. राम प्रताप सिंह, विजय आदित्य सिंह जूदेव, सोनार समाज के जिला अध्यक्ष विकास सोनी सहित बड़ी संख्या में सोनार समाज के लोग उपस्थित थे।