छत्तीसगढ़
बस्तर के पत्रकारों का पुणे-मुंबई राष्ट्रीय अध्ययन दौरा शुरू
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित जिलों से आए 12 पत्रकारों का मीडिया प्रतिनिधिमंडल आज पुणे और मुंबई के सात दिवसीय राष्ट्रीय अध्ययन दौरे पर रवाना हुआ। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), रायपुर द्वारा आयोजित इस अध्ययन दौरे का उद्देश्य क्षेत्रीय पत्रकारों को देश के प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, सामरिक अनुसंधान संस्थानों, नागरिक प्रशासन, स्वास्थ्य सेवाओं, रक्षा तैयारियों तथा औद्योगिक और समुद्री बुनियादी ढांचे से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।
प्रतिनिधिमंडल में पत्रिका के आकाश मिश्रा, हरिभूमि के राजेश दास, भास्कर डिजिटल के सतीश चांडक, खबर बस्तर के मोहम्मद इरशाद खान, एशियन न्यूज के जितेंद्र चौधरी, ईटीवी भारत के सुनील कश्यप, न्यूज 18 के पी. रंजन दास, लोक किरण/गंगा प्रकाश के राजमन कश्यप, प्रखर समाचार की पुष्पा रोकड़े, BastarUpdate.Com के शैलेंद्र ठाकुर, एनडीटीवी के शेख सलीम, और बस्तर के अंचल की प्रियंका जायसवाल शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल आज पुणे पहुंचा, जहां से अध्ययन दौरे के पहले चरण की शुरुआत हुई। 21 सितंबर को पत्रकार खड़कवासला स्थित केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान स्टेशन (Central Water and Power Research Station - CWPRS) का दौरा करेंगे। यहां वे बाढ़ प्रबंधन, बांध सुरक्षा आकलन और बड़े पैमाने पर जल संसाधन नियोजन में भौतिक एवं गणितीय मॉडलिंग के उपयोग की जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान भारत (Film and Television Institute of India - FTII), पुणे का दौरा करेगा, जहां आधुनिक मीडिया प्रौद्योगिकी, फिल्म एवं टेलीविजन निर्माण, प्रसारण व्यवस्था तथा डिजिटल मीडिया प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी दी जाएगी।
22 सितंबर को प्रतिनिधिमंडल पुणे के प्रमुख सार्वजनिक उत्सव गणेशोत्सव के दौरान नागरिक प्रशासन, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन करेगा। इसके बाद पत्रकार अकुरडी स्थित भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (Zoological Survey of India - ZSI) के पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र का दौरा करेंगे, जहां जैव विविधता के दस्तावेजीकरण, प्राणी अध्ययन और पारिस्थितिकी संरक्षण से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त करेंगे।
दौरे के दूसरे चरण में 23 से 26 सितंबर तक मुंबई और नवी मुंबई में स्वास्थ्य, रक्षा, शहरी प्रशासन और समुद्री बुनियादी ढांचे से जुड़े राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों का भ्रमण किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल नवी मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल सेंटर के उन्नत कैंसर उपचार, अनुसंधान एवं शिक्षा केंद्र (Advanced Centre for Treatment, Research and Education in Cancer - ACTREC) का दौरा करेगा और कैंसर उपचार, चिकित्सा अनुसंधान तथा विशेषीकृत स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को समझेगा।
प्रतिनिधिमंडल भारतीय नौसेना की पश्चिमी नौसेना कमान का भी दौरा करेगा, जहां समुद्री सुरक्षा, तटीय रक्षा और परिचालन तैयारियों से संबंधित जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation - BMC) में शहरी प्रशासन और नागरिक सेवाओं की कार्यप्रणाली पर संवाद एवं अध्ययन किया जाएगा।
मुंबई दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल नवी मुंबई स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (Jawaharlal Nehru Port Authority - JNPA) का भी दौरा करेगा। यहां पत्रकार आधुनिक बंदरगाह संचालन, स्वचालित कंटेनर हैंडलिंग, लॉजिस्टिक्स, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाने में समुद्री बुनियादी ढांचे की भूमिका का प्रत्यक्ष अध्ययन करेंगे।
अध्ययन दौरा 26 सितंबर को मुंबई में संपन्न होगा, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ लौटेगा। यह पहल दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों से सीधे परिचित कराने तथा देश की बुनियादी ढांचा क्षमता, तकनीकी प्रगति, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और विकासात्मक पहलों की जमीनी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
‘विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को सरकार है संकल्पित’
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियों को पुरस्कृत करना परिवार, समाज और सरकार का दायित्व है। विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। आर्थिक कठिनाइयों अथवा संसाधनों की कमी के कारण किसी भी प्रतिभावान विद्यार्थी की प्रगति नहीं रुकनी चाहिए। मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही स्कूटी केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और परिश्रम के पुरस्कार के साथ आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के सुभाष स्कूल में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा-12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना अंतर्गत स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12 वीं में प्रथम प्रयास में ही 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान पर आना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शनिवार को समारोहपूर्वक प्रदेश के 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों को शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलने से केवल उनका जीवन नहीं बदलता, बल्कि पूरे परिवार और समाज का वातावरण सकारात्मक बनता है। मेधावी बेटियों को स्कूटी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने की राह अधिक सुगम होगी। राज्य सरकार विद्यार्थियों को न्यूनतम आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर और समर्थ बनाना चाहती है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए बजट में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। आजादी के बाद 1956 में मध्यप्रदेश की स्थापना हुई। राज्य का कुल बजट 55 साल में केवल 22 हजार करोड़ रुपए था और वर्ष 2002-03 तक स्कूल शिक्षा विभाग का बजट मात्र 2600 करोड़ रुपए था। हमारी सरकार ने वर्ष 2025-26 में कुल 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया , इसमें स्कूल शिक्षा के लिए 38 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है। यह वृद्धि बताती है कि राज्य सरकार शिक्षा, विद्यार्थियों और प्रदेश के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 2002-03 तक प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉप आउट दर 16 प्रतिशत थी, जो वर्तमान में शून्य हो चुकी है। प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं, जो सुविधाओं और पढ़ाई के मामले में निजी स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। इन विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। अब बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में 50 प्रतिशत विद्यार्थी सांदीपनि और शासकीय स्कूलों से आ रहे हैं। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना और उन्हें उनकी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर देना है।
‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत नारायणपुर के बालक हायर सेकेंडरी विद्यालय में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया और भाषण प्रतियोगिता में शामिल बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
वन मंत्री कश्यप ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के विकास की मजबूत नींव बच्चों और युवाओं से तैयार होती है। युवा पीढ़ी पर शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के माध्यम से स्वयं को बेहतर बनाने के साथ परिवार, समाज और देश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में प्रतिभा और ऊर्जा की कमी नहीं है। उन्हें सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और प्रतिभा प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। ऐसे आयोजन बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों के प्रति उनकी जागरूकता बढ़ाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने, स्वच्छता अपनाने, नशे से दूर रहने और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।
विद्यालय परिसर में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विकसित भारत, स्वच्छ भारत, नशामुक्त समाज, देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। श्री कश्यप ने विद्यार्थियों से उनके चित्रों के विषय और उनके पीछे की कल्पना के बारे में चर्चा की तथा उनकी रचनात्मकता की सराहना की।
भाषण प्रतियोगिता में छात्र डेविड नेताम ने ‘विकसित भारत’, विद्या सोनवानी ने ‘नशा मुक्ति’ और सूरज पोटाई ने ‘स्वच्छ भारत-सुंदर भारत’ विषय पर अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने नशे के दुष्प्रभाव, स्वच्छता की आवश्यकता और देश के विकास में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
वन मंत्री कश्यप ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवा पीढ़ी को अभी से जागरूक और जिम्मेदार बनना होगा। शिक्षा, अनुशासन, मेहनत, स्वच्छता, नशामुक्ति और आपसी एकता जैसे मूल्यों को अपनाकर युवा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मनोज जैन, कलेक्टर नम्रता जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चित्रकांत चार्ली ठाकुर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित थे।
बनोरा अघोर गुरु पीठ पहुंचे आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों की मजबूत नींव रखेगा नया विद्या मंदिर : मुख्यमंत्री साय…
मुख्यमंत्री साय ने शिक्षकवृंद की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाते नहीं हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य को गढ़ते हैं। शिक्षक राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव तैयार करते हैं। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों से बच्चों में ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदना और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
सेवा संकल्प अभियान: नागरिक सुविधा का मॉडल बना रायगढ़ का पंजीयन कार्यालय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल से रायगढ़ के पंजीयन कार्यालय को आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल पंजीयन कार्यालय के रूप में विकसित किया गया है। सेवा संकल्प अभियान के तहत विकसित इस कार्यालय में पंजीयन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया गया है। अब व्यवस्था का केंद्र कार्यालय की प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिक की सुविधा और आवश्यकता को बनाया गया है।
संपत्ति की रजिस्ट्री किसी भी व्यक्ति और परिवार के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसे ध्यान में रखते हुए पंजीयन कार्यालय में नागरिकों को अनावश्यक परेशानी और बार-बार कार्यालय आने की स्थिति से बचाने के लिए प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित किया गया है।
कार्यालय में प्रवेश करते ही नागरिकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हेल्प डेस्क एवं रिसेप्शन की व्यवस्था की गई है। दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की सुविधा होने से कमियों की जानकारी प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही मिल जाती है। इससे अंतिम चरण में होने वाली परेशानी और अनावश्यक समय की बचत होती है। भीड़ और कतार की व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए टोकन आधारित कतार प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है।
मुद्रांक शुल्क, पंजीयन शुल्क और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी बोर्ड एवं डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से प्रदर्शित की जा रही है। डिजिटल एवं कैशलेस भुगतान की सुविधा से लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ी है। मॉडल पंजीयन कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 64 नागरिक सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं, जबकि प्रतिदिन औसतन 16 दस्तावेजों का पंजीयन हो रहा है। नागरिकों का औसत प्रतीक्षा समय 15.33 मिनट दर्ज किया गया है। अब तक प्राप्त फीडबैक में 105 सकारात्मक नागरिक प्रतिक्रियाएं भी दर्ज की गई हैं।
मॉडल पंजीयन कार्यालय में नागरिकों की पूरी प्रक्रिया को 9 चरणों में व्यवस्थित किया गया है। इसमें कार्यालय में प्रवेश, हेल्प डेस्क से मार्गदर्शन, दस्तावेजों का प्री-चेक, टोकन प्राप्त करना, व्यवस्थित प्रतीक्षा, निर्धारित पंजीयन प्रक्रिया, डिजिटल अथवा कैशलेस भुगतान, दस्तावेज एवं स्टेटस की जानकारी और कार्य पूर्ण होने के बाद सम्मानजनक निकास शामिल है।
नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, आरामदायक लाउंज, चार्जिंग स्टेशन, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता की व्यवस्था भी की गई है। नागरिक अपने अनुभव और सुझाव क्यूआर कोड के माध्यम से सीधे साझा कर सकते हैं।
सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए कार्यालय में समर्पित सर्वर रूम और मजबूत आईटी अधोसंरचना विकसित की गई है। मॉडल पंजीयन कार्यालय की व्यवस्था केवल आधुनिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सरल प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्था, पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को भी इसका हिस्सा बनाया गया है।
बिलासपुर में बांग्लादेशी होने के संदेह में पकड़े 23 लोगों में 18 भारतीय निकले, 5 की जांच जारी
बिलासपुर प्रवास के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने श्रीमद्भागवत कथा का किया श्रवण
20वें रोजगार मेले में युवाओं से 19 सितंबर को रूबरू होंगे पीएम मोदी... रायपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू करेंगे नियुक्ति पत्र वितरण
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले से जुड़ेंगे। इस अवसर पर वे देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों एवं संगठनों में नव नियुक्त 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे तथा चयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करेंगे। रायपुर में 20वें रोजगार मेले का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार, साइंस कॉलेज परिसर, जी.ई. रोड में किया जाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, श्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे।
रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से 125 अभ्यर्थी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहेंगे। इनमें आयकर विभाग, डाक विभाग, रेलवे, सर्वे ऑफ इंडिया, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, गृह मंत्रालय, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र तथा एम्स रायपुर से संबंधित नव नियुक्त अभ्यर्थी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त इन्हीं विभागों से करीब 90 अन्य अभ्यर्थी भी कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि तोखन साहू द्वारा मंच से लगभग 25 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके बाद अन्य अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। मुख्य आयकर आयुक्त, रायपुर संजीव, आईआरएस द्वारा तोखन साहू को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् के गायन से होगी। इसके पश्चात स्वागत संबोधन और मुख्य अतिथि का संबोधन होगा।
दोपहर 12:30 बजे प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे। रोजगार मेले पर लघु फिल्म के प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री रिमोट बटन के माध्यम से रोजगार मेले का शुभारंभ करेंगे और नव नियुक्त युवाओं को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के ऑनलाइन कार्यक्रम के पश्चात श्री तोखन साहू द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।
20वें रोजगार मेले का आयोजन देशभर में 45 स्थानों पर किया जा रहा है। इसके माध्यम से राजस्व विभाग, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, रक्षा मंत्रालय सहित भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
20वें रोजगार मेले के साथ विभिन्न सरकारी विभागों एवं संगठनों में लगभग 12.75 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके होंगे। रोजगार मेला युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने तथा उन्हें सरकारी सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का अवसर प्रदान करता है। यह पहल युवाओं की सरकारी सेवाओं में भागीदारी बढ़ाने और उन्हें देश की विकास यात्रा से जोड़ने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
सेवा संकल्प अभियान: जहां पहले कीचड़ में थम जाते थे कदम, अब पक्की सड़क पर दौड़ती है जिंदगी
चक्रधर समारोह में शामिल हुए वित्त मंत्री, दर्शक दीर्घा में बैठकर कलाकारों की प्रस्तुतियों का लिया आनंद
रायपुर। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह के चौथे दिन प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी समारोह में शामिल हुए। उन्होंने दर्शक दीर्घा में बैठकर विभिन्न कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और कलाकारों का सम्मान किया। समारोह में जाह्नवी बेहरा की ओडिसी प्रस्तुति, बेंगलुरु की शिवरंजनी हरीश तथा बस्तर एकेडमी ऑफ डांस, आर्ट्स एंड लिटरेचर के ‘बादल’ दल सहित अनेक कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि चक्रधर समारोह ने रायगढ़ की सीमाओं से आगे बढ़कर देश-प्रदेश और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। यह केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय कला, परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन कला साधकों को मंच देने के साथ-साथ समाज में सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करते हैं। ओपी चौधरी ने रायगढ़ में कला के प्रति लोगों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि शहर के विभिन्न मोहल्लों में छोटे-छोटे स्थानों पर बड़ी संख्या में बच्चे कथक सहित अन्य शास्त्रीय कलाओं का प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने कला साधकों और गुरुओं के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनकी साधना से रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान निरंतर मजबूत हो रही है।
वित्त मंत्री चौधरी ने बस्तर से आए कलाकारों का विशेष रूप से अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर की समृद्ध कला और संस्कृति को रायगढ़ के प्रतिष्ठित मंच पर प्रस्तुत किया जाना दोनों क्षेत्रों के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बस्तर से अपने पुराने जुड़ाव को भी साझा किया। इस अवसर पर श्री चौधरी ने बस्तर के कलाकारों के लिए अपनी ओर से 51 हजार रुपये की अतिरिक्त सम्मान राशि देने की घोषणा की।
ओपी चौधरी ने चक्रधर समारोह को सफल बनाने में योगदान देने वाले कलाकारों, गुरुओं, आयोजकों, प्रशासनिक अधिकारियों, सहयोगियों और कलाप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक ऊंचाई प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने रायगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सकारात्मक सोच और सामूहिक सहभागिता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, गुरुपाल भल्ला सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में कलाप्रेमी उपस्थित रहे।
सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत जिला अस्पताल में रक्तदान शिविर आयोजित
रक्तदान जैसे मानवीय कार्यों के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना भी जनसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, अधिकारी-कर्मचारी, रक्तदाता एवं नागरिकगण मौजूद रहे।
श्रमवीरों के परिश्रम और पसीने से हो रहा समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण : मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर अपने परिश्रम, पुरुषार्थ और पसीने से समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की नई इबारत लिख रहे हैं। गांवों के खेत-खलिहानों से लेकर शहरों की ऊंची इमारतों तक, सड़कों और पुलों से लेकर सिंचाई परियोजनाओं, उद्योगों और अधोसंरचना के निर्माण तक प्रदेश की प्रगति की हर तस्वीर में हमारे श्रमिक भाई-बहनों की मेहनत समाहित है। छत्तीसगढ़ ने अपने गठन के 25 वर्षों में विकास के जो नए प्रतिमान स्थापित किए हैं, उनके पीछे हमारे मेहनतकश हाथों का बड़ा योगदान है। यही हाथ आने वाले वर्षों में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को भी साकार करेंगे।
मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशभर से आए हजारों श्रमिक भाई-बहनों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और भगवान विश्वकर्मा से छत्तीसगढ़ की सुख, शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।
मुख्यमंत्री ने पंजीकृत श्रमिकों के आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से ई-बाइक सहायता योजना प्रारंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि काम के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के लिए आवागमन की सुविधा सीधे तौर पर उनकी आजीविका और जीवन की सहजता से जुड़ी है।
श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचा रही है। डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में पहुंचने से व्यवस्था अधिक पारदर्शी हुई है।
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में श्रमिकों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र श्रमिक को विभागीय योजनाओं की जानकारी मिले और उनका लाभ बिना किसी कठिनाई के प्राप्त हो।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भगवान विश्वकर्मा की जयंती और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए लोगों से अपने घर, आंगन और मोहल्लों में ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित करने का आग्रह किया।
आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन विषय पर एक-दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आज गुरुवार को ‘आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन’ विषय पर एक-दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य शासन के अधिकारियों- कर्मचारियों को आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन की तकनीकी प्रक्रियाओं, ऑफलाइन सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन तथा आधार सेवाओं के सुरक्षित उपयोग से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।
कार्यशाला की मुख्य अतिथि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले रहीं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सही हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए आधार प्रमाणीकरण एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन में कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने आती हैं। ऐसे में आधार की ऑफलाइन सत्यापन व्यवस्था की जानकारी अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण और उपयोगी है।
कंगाले ने हितग्राही सत्यापन से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि फिंगरप्रिंट आधारित आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित करने से छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला से अधिकारियों एवं विभागीय प्रतिनिधियों को आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन की प्रक्रियाओं की बेहतर समझ मिलेगी तथा वे निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप इसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित कर सकेंगे।
कार्यशाला में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में इन-हाउस मॉडल के तहत 1,100 से अधिक आधार सेवा केंद्र शासकीय परिसरों में संचालित किए जा रहे हैं । इन केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को आधार नामांकन एवं अद्यतन की सुरक्षित, सुगम और विश्वसनीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है । उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 3 करोड़ 17 लाख 33 हजार से अधिक आधार पंजीकरण किए जा चुके हैं।
अग्रवाल ने बताया कि नागरिकों तक आधार सेवाओं की सहज पहुँच सुनिश्चित करने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में विशेष आधार शिविरों का आयोजन किया गया है। विशेष रूप से 5-15 वर्ष तथा 15-17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन पर विशेष ध्यान देते हुए, इन शिविरों के माध्यम से अब तक 7 लाख से अधिक बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़़ राज्य के नागरिकों की सुविधा के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने राज्य में 14 नये आधार सेवा केंद्र खोलने की अनुमति प्रदान की है, जिसमें से 5 जिलों दुर्ग, महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में आधार सेवा केंद्र का संचालन भी प्रारम्भ कर दिया गया है शेष स्थानों पर कार्य प्रगतिरत है । चिप्स द्वारा इन 14 स्थानों के अतिरिक्त 7 अन्य जिलों में आधार सेवा केंद्र खोलने का प्रस्ताव भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण को प्रेषित किया है।
कार्यशाला में वक्ता के रूप में नई दिल्ली से आये भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के आधार उपयोग प्रभाग एवं मीडिया के निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल प्रवीण चौधरी ने कहा कि आधार अधिनियम के प्रावधानों के तहत आधार से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए स्पष्ट नियम एवं निर्धारित व्यवस्थाएं लागू हैं। उन्होंने कहा कि आधार का उपयोग नागरिकों की पहचान के सत्यापन को सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। लेफ्टिनेंट कर्नल प्रवीण चौधरी ने बताया कि नागरिक स्वयं भी अपने आधार का सत्यापन कर सकते हैं, जिसके लिए ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन माध्यम की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने आधार के सुरक्षित उपयोग, सत्यापन की निर्धारित प्रक्रियाओं, नागरिक सुविधा तथा डेटा सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि आधार सेवाओं का उपयोग निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप किया जाना आवश्यक है। लेफ्टिनेंट कर्नल प्रवीण चौधरी ने बताया कि ऑफलाइन आधार सत्यापन का उपयोग व्यवसायिक संस्थाएं, बैंक आदि निजी संस्थाओं द्वारा आधार के मोबाइल एप के माध्यम से भी किया जा सकेगा।
कार्यशाला में वक्ता के रूप में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, हैदराबाद के निदेशक श्री टी. रामकृष्ण उपस्थित रहे। उन्होंने देश में आधार व्यवस्था के क्रमिक विस्तार तथा इसके लिए विकसित की गई तकनीकी एवं संस्थागत अधोसंरचना की विस्तृत जानकारी दी । उन्होंने बताया कि आधार सेवा केंद्रों के निरंतर विस्तार के साथ नागरिकों के लिए नामांकन, अद्यतन एवं प्रमाणीकरण जैसी सेवाओं की पहुंच भी लगातार बढ़ी है। उन्होंने आधार की तकनीकी संरचना, सेवा वितरण तंत्र तथा इसके सुचारू संचालन के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्यरत व्यवस्थाओं और प्रक्रियाओं पर भी जानकारी दी।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को ऑफलाइन आधार सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन तथा आधार सेवाओं के सुरक्षित उपयोग से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने सीमित नेटवर्क वाले क्षेत्रों में ऑफलाइन सत्यापन की उपयोगिता तथा फिंगरप्रिंट अथवा आइरिस प्रमाणीकरण में कठिनाई होने की स्थिति में फेस ऑथेंटिकेशन के उपयोग और लाभों के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक श्री भास्कर विलास संदीपन, कोष एवं लेखा संचालनालय के संचालक श्री एस. जयवर्धन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय की संचालक डॉ. फरिहा आलम, चिप्स के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पांडे, संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपम आशीष टोप्पो एवं आशीष जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के 150 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।
अगले वर्ष दुनिया की सबसे बड़ी खुली कोयला खदान कंपनी बनने की दिशा में एसईसीएल : धीरज चौधरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंतरराज्यीय मीडिया एक्सपोजर टूर के तीसरे दिन ओडिशा से आए पत्रकारों के दल ने मंगलवार को कोरबा जिले में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की गेवरा खदान का दौरा किया। इस दौरान पत्रकारों ने बड़े पैमाने पर कोयला उत्पादन, आधुनिक खनन तकनीक, सुरक्षा प्रोटोकॉल और कोयला परिवहन की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
गेवरा खदान पहुंचने पर पत्रकारों के दल का स्वागत एसईसीएल के महाप्रबंधक संजय मिश्रा और महाप्रबंधक (संचालन) धीरज चौधरी ने किया। संजय मिश्रा ने देश के विकास में कोयले की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी देश के ऊर्जा क्षेत्र की कल्पना कोयले के बिना नहीं की जा सकती। खाना पकाने के ईंधन से लेकर इंजन और औद्योगिक इकाइयों को ऊर्जा उपलब्ध कराने तक कोयला आज भी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
महाप्रबंधक (संचालन) धीरज चौधरी ने पत्रकारों को गेवरा खदान के संचालन, कोयला उत्पादन, सुरक्षा उपायों और सुरक्षित एवं प्रभावी खनन के लिए अपनाई जा रही कार्यप्रणालियों की जानकारी दी। उन्होंने उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए किए जा रहे तकनीकी हस्तक्षेपों और प्रबंधन संबंधी उपायों से भी अवगत कराया।
दौरे के दौरान पत्रकारों ने खनन क्षेत्र में प्रवेश कर खदान की गतिविधियों को प्रत्यक्ष देखा। उन्होंने उच्च क्षमता वाली खनन मशीनरी, कोयला उत्खनन, ऊपरी मिट्टी एवं चट्टानी परतों को हटाने, कोयला प्रबंधन तथा परिवहन की विभिन्न प्रक्रियाओं को समझा। पत्रकारों को बताया गया कि गेवरा खदान वर्ष 2023-24 में 5.91 करोड़ टन कोयला उत्पादन के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी खुली कोयला खदान रही है। यह खदान सात राज्यों को कोयले की आपूर्ति करती है और भारत के कुल कोयला उत्पादन में लगभग छह प्रतिशत का योगदान देती है।
पत्रकारों को सरफेस माइनर्स, रिपर तकनीक और शोवेल-डंपर संयोजन के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके अलावा, उत्पादन की निगरानी और परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट डिजीकोल के तहत किए जा रहे डिजिटल हस्तक्षेपों से अवगत कराया गया।
एसईसीएल की भविष्य की उत्पादन योजनाओं की जानकारी देते हुए धीरज चौधरी ने कहा कि कंपनी अगले वर्ष दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कोयला निकासी को अधिक प्रभावी बनाने के लिए फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी के अंतर्गत कन्वेयर प्रणाली और रैपिड लोडिंग साइलो की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
दौरे के दौरान एसईसीएल की पर्यावरण संरक्षण संबंधी पहलों की जानकारी भी दी गई। इनमें वनीकरण, मियावाकी पद्धति से पौधरोपण, धूल नियंत्रण, खदान के पानी का प्रबंधन और भूमि पुनर्वास जैसे उपाय शामिल हैं। इन पहलों के माध्यम से खनन गतिविधियों के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के प्रयासों को रेखांकित किया गया।
मीडिया दल के इस दौरे को केंद्रीय संचार ब्यूरो, संबलपुर के सहायक निदेशक मनमोहन पाढ़ी और प्रेस सूचना ब्यूरो, भुवनेश्वर के सूचना सहायक विकास रंजन दलाई ने सुगम बनाया। दोनों अधिकारियों ने पूरे दौरे के दौरान पत्रकारों के दल के साथ रहकर आवश्यक समन्वय किया।
रायपुर में आध्यात्म और संयम की गूंज.... 16 से 25 सितंबर तक आयोजित होगा 'श्रावक संस्कार शिविर 2026'
रायपुर। राजधानी रायपुर में अध्यात्म और संयम की अविरल धारा बहने जा रही है। परम पूज्य मुनि 108 श्री आगम सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में आयोजित 'समयोपदेश वर्षायोग 2026' के अंतर्गत पर्वाधिराज दशलक्षण महापर्व के शुभ अवसर पर भव्य 'श्रावक संस्कार शिविर 2026' का आयोजन किया जा रहा है।
यह 10 दिवसीय आवासीय एवं अध्यात्मिक शिविर दिनांक 16 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर, मालवीय रोड, रायपुर में आयोजित होगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य श्रावकों के जीवन में जैन जीवन शैली, संयम, स्वाध्याय और धार्मिक संस्कारों का बीजारोपण करना है। शिविरार्थियों की दैनिक दिनचर्या एवं शिविर के दौरान प्रतिदिन भोर से लेकर रात्रि तक आध्यात्मिक साधना एवं अनुशासनबद्ध दिनचर्या का पालन किया जाएगा।
पंजीयन हेतु पात्रता
इस संस्कार शिविर में भाग लेने के लिए 15 वर्ष से अधिक आयु के सभी पुरुष एवं युवक पात्र हैं। आयोजकों ने सकल दिगंबर जैन समाज के युवाओं और पुरुषों से अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन कराकर इस पावन पर्व में आत्म-कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने की अपील की है।
जिसकी समय-सारणी निम्न प्रकार है:
* प्रातः 05:30 से 06:00 बजे: प्रार्थना
* प्रातः 06:00 से 06:30 बजे: योग एवं आत्म-ध्यान
* प्रातः 06:30 से 08:15 बजे: संगीतमय नित्य नियम पूजन, मूलनायक भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा
* प्रातः 08:15 से 09:00 बजे: 'तत्त्वार्थ सूत्र' ग्रंथ की विशेष स्वाध्याय कक्षा
* प्रातः 09:00 से 09:30 बजे: पूज्य मुनि श्री आगम सागर जी महाराज की पीयूषमयी मंगल देशना (प्रवचन)
* प्रातः 09:30 से 11:00 बजे: मुनि ससंघ की नवधा भक्तिपूर्वक आहारचर्या एवं शिविरार्थियों की आहारचर्या
* प्रातः 11:00 से दोपहर 01:00 बजे: विश्राम एवं व्यक्तिगत अवकाश
* दोपहर 01:00 से 01:30 बजे: सामायिक एवं आत्म-चिंतन
* दोपहर 01:30 से 04:30 बजे: धर्म सिद्धांत कक्षा एवं सैद्धांतिक शिक्षण
* सायं 04:30 से 05:30 बजे: सामूहिक निर्दोष अल्पाहार (दूध, जल एवं फलाहार)
* सायं 05:30 से 06:00 बजे: दशलक्षण प्रतिक्रमण
* सायं 06:00 से 06:15 बजे: ओंकार मंत्र जप एवं धर्म ध्यान
* सायं 06:15 से 06:30 बजे: श्री आचार्य भक्ति
* सायं 06:30 से 07:30 बजे: 108 दीपों से प्रभु की महाआरती एवं संगीतमय भक्ति भजन
* सायं 07:30 से 08:30 बजे: स्वाध्याय एवं रात्रि धर्म कक्षा
* रात्रि 08:30 से 09:00 बजे: मुनि ससंघ की वैयावृत्ति (सेवा-भक्ति)
* रात्रि 09:00 बजे: गृह प्रस्थान एवं रात्रिकालीन विश्राम
बदली किसानों की किस्मत प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से
महाराजा चक्रधर सिंह की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहा चक्रधर समारोह: राज्यपाल श्री रमेन डेका
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने संगीत, नृत्य और कला की समृद्ध परंपरा से जुड़ी रायगढ़ की धरती पर 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह का सोमवार को महाराजा चक्रधर की तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत भव्य शुभारंभ किया। राज्यपाल ने समारोह का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल कला प्रस्तुतियों का मंच नहीं, बल्कि महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। 14 से 23 सितम्बर तक रामलीला मैदान में आयोजित समारोह में देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाएं भी गायन, वादन, नृत्य और लोककला की प्रस्तुतियां देंगी।
शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल ने समारोह में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का सम्मान किया। पद्मश्री डॉ. उषा बारले, पद्मश्री श्री अनुज शर्मा सहित अन्य कलाकारों और कला गुरु स्वर्गीय वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों ने प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने समारोह की सांस्कृतिक गरिमा को और ऊंचाई प्रदान की।
राज्यपाल ने कहा कि चक्रधर समारोह महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और उनकी दूरदृष्टि को स्मरण करने का अवसर है। रायगढ़ भारतीय शास्त्रीय कलाओं की महत्वपूर्ण धरोहर भूमि है और रायगढ़ घराने के कथक ने देश ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। महाराजा चक्रधर सिंह ने राजसिंहासन से अधिक महत्व कला को दिया। उन्होंने कलाकारों को संरक्षण दिया और संगीत, नृत्य एवं साहित्य को आमजन के जीवन से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह की कृतियां ‘नर्तन सर्वस्व’, ‘तालतोय निधि’ और ‘राग रत्न मंजूषा’ आज भी कला और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उन्होंने अपनी साधना से यह सिद्ध किया कि कला किसी एक स्थान या केंद्र की मोहताज नहीं होती। जहां निरंतर साधना होती है, वही स्थान कला का तीर्थ बन जाता है। रायगढ़ की पहचान आज संगीत, घुंघरुओं की झंकार, तबले की थाप और नृत्य की भाव-भंगिमाओं से जुड़ी है।
राज्यपाल ने कहा कि चक्रधर समारोह अब केवल एक शासकीय या संस्थागत आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह रायगढ़ की सांस्कृतिक धड़कन बन चुका है। देश के प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलना इस समारोह की विशेषता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में अपनी जड़ों के प्रति जुड़ाव पैदा करते हैं। युवाओं को परंपरा के साथ नवाचार को जोड़ते हुए कला को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पंथी, राउत नाचा, भरथरी, सुआ, करमा सहित आदिवासी नृत्य और लोकगीत हमारी सांस्कृतिक विविधता की पहचान हैं। भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में एकता है और चक्रधर समारोह इसी सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।
राज्यपाल ने कहा कि विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना भी जरूरी है। रायगढ़ औद्योगिक विकास के साथ-साथ अपनी कला और संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। पिछले वर्ष समारोह ने अपने 40 वर्ष पूरे किए और अब 41वां समारोह नई ऊर्जा और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक पुनर्जागरण का माध्यम बनते हैं और कला को समाज से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देने का माध्यम हैं। आज के डिजिटल युग में भी नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। अपनी जड़ों से जुड़ाव पिछड़ापन नहीं, बल्कि हमारी पहचान और ताकत है। चक्रधर समारोह अतीत को याद करने के साथ-साथ उस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।