छत्तीसगढ़
प्रदेश में 14 से 15 नवंबर के बीच बारिश संभावित... तापमान में गिरावट से बढ़ेगी ठंड
रायपुर। राजधानी रायपुर में फिलहाल मौसम शुष्क बना हैं। जिससे प्रदेश का पारा सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। बता दें 14 नवंबर से 15 नवंबर के बीच कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी रायपुर (Raipur) में मंगलवार को आकाश साफ रहने की संभावना है। वहीं दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रह सकता है। जिससे लोगों को ठंड का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि, 17 नवंबर से उत्तरी हवाएं चलने से तापमान में लगभग 2 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड बढ़ सकती है। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के कारण जल्द ही तापमान में गिरावट की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में स्थित चक्रवात और उससे जुड़े निम्न दबाव क्षेत्र के कारण प्रदेश के दक्षिणी जिलों में बारिश हो सकती है। द्रोणिका पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) तक फैली है, जो 1.5 किमी की ऊंचाई पर स्थित है। इसका असर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है।
सावधान... कहीं आप भी न हो जाए शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी के शिकार. रहे अलर्ट
रायपुर। भिलाई के खुर्सीपार में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। केएलसी क्वार्टर में रहने वाले एक शख्स को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर राजनांदगांव निवासी शातिर ठग ने 9 लाख रुपये का ले लिए। इसके बाद न तो लाभ मिला और न मूलधन। पैसे गंवाने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गए। रुपये मांगने पर ठग व उसकी पत्नी द्वारा पीड़ित की पत्नी को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है। थक हार कर पीडित की पत्नी ने खुर्सीपार थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
खुर्सीपार पुलिस के अनुसार क्वार्टर नंबर 66/एफ केएलसी जोन-2 सेक्टर. 11 वार्ड नंबर 49 निवासी रिंकी राठौर ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि मकान नंबर 4 वार्ड नं.45, गोकुल धाम सोसायटी जिला राजनांदगांव निवासी धनी राम सिन्हा ने शेयर मार्केट में मुनाफा दिलाने के नाम पर उनके पति मंगल सिंह राठौर से 9 लाख रुपए ठगी की।
प्रार्थिया ने बताया कि उनके पति मंगल सिंह राठौर की पुरानी जान पहचान मनोज साहू से थी। मनोज साहू की पहचान धनीराम सिन्हा है जो कि शेयर मार्केटिंग में पैसा लगवाने का काम करता था। धनीराम ने पीड़िता और उसके पति को कुछ दस्तावेज दिखाकर शेयर मार्केट में ग्रोथ बढ़ने व भारी इन्वेस्टमेंट की बात कही। उसके झांसे में आकर 24 नवंबर 2023 को आईडीएफसी बैंक से 9 लाख रुपए लोन लेकर धनीराम को दिया। धनीराम ने गारंटी दिया कि 9 लाख रुपए शेयर मार्केटिंग इन्वेस्ट करने से प्रतिमाह पांच प्रतिशत ब्याज अर्थात् 45 हजार रुपए मिलेगा। यही नहीं धनीराम ने यह भी कहा कि जब भी हमें रुपए की जरुरत होगी तो वह राशि वापस मिल जाएगी।
इसके बाद धनीराम सिन्हा द्वारा पीडितों को विश्वास में लेने के लि 9 लाख रुपए का एक चेक एक्सिस बैंक शाखा डोंगरगढ़ दे दिया। उसने कहा था कि पांच प्रतिशत ब्याज नहीं देने व रुपए वापस नहीं करने पर उक्त चेक को अपने खाते वाले बैंक में लगा लेना। इसके बाद दोनों पति पत्नी धनीराम के झांसे में आ गए। इसके बाद दो माह ब्याज देने के बाद धनीराम गायब हो गया। इसके बाद जब भी मंगल सिंह राठौर या उसकी पत्नी से उससे संपर्क करने का प्रयास करते वह न तो घर पर मिलता और न फोन रिसीव करता। पीड़िता ने बताया कि धनीराम की दो पत्नियां हैं और जब भी घर जाते तो झूठे केस में फंसाने की धमकी देते।
छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला आज साहसिक पर्यटन के लिए बन चुका है : एक नई पहचान
जशपुर बना एडवेंचर पर्यटन का मुख्य आकर्षण
रायपुर | जशप्योर और पहाड़ी बकरा एडवेंचर द्वारा हाल ही में आयोजित एक बाइक ट्रिप ने पूरे देश भर के राइडर्स को आकर्षित किया। देशभर से आए इन साहसी बाइकर्स ने जशपुर की घुमावदार सड़कों, कठिन ट्रेल्स, और हरे-भरे जंगलों का रोमांचक अनुभव लिया। इन राइडर्स को हिमालय राज्य जैसे लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कठिन रास्तो पर बाइकिंग अनुभव प्राप्त है और उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य की अनछुई प्राकृतिक सुंदरता को एक नए नजरिये से देखा। जशपुर का अनोखा प्राकृतिक आकर्षण जैसे रानी दह जलप्रपात, सारुडीह चाय बागान, किनकेल पाठ, चुरी और मक्करभज्जा जलप्रपात एवं यहाँ के जनजातीय संस्कृति एवं खाद्य उत्पाद उनके लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने। इसके अलावा, देशदेखा क्लाइंबिंग सेक्टर में रॉक क्लाइम्बिंग एवं कैंपिंग तथा पंड्रापाठ में स्टार गेजिंग का रोमांचक अनुभव भी उनके लिए खास था।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने पर्यटन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए पिछले वर्ष से व्यापक प्रयास शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर की प्राकृतिक संपदा और रोमांचक गतिविधियों की संभावनाओं को देखते हुए इसे साहसिक खेलों के एक नए केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। उनके कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों के कारण, यह क्षेत्र अब न केवल राज्य में बल्कि पूरे देश में एक प्रमुख साहसिक पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध हो रहा है।
साहसिक खेल और पर्यटन केवल मनोरंजन के साधन नहीं हैं, बल्कि ये स्थानीय युवाओं के रोजगार का एक प्रमुख स्रोत भी बन सकते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में स्थानीय युवाओं एवं जनजातीय लोगो को एडवेंचर खेलों की बारीकियों में अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित किया जा चूका है। जशपुर के “देशदेखा क्लाइंबिंग सेक्टर” में स्थानीय गाइडों की मदद से रॉक क्लाइम्बिंग का आयोजन हुआ, जो अब देशभर में एडवेंचर खेलों के शौकीनों के बीच चर्चा में है।
इस यात्रा के दौरान एक विशेष स्टार गेजिंग सत्र का भी आयोजन किया गया था, जिसमें प्रतिभागियों ने खुली रात के आकाश में खगोलीय पिंडों को देखा और एस्ट्रोलॉजी के बारे में जाना। जशपुर का यह हिस्सा अब राष्ट्रीय स्तर पर स्टार गेजिंग के लिए उपयुक्त स्थान के रूप में देखा जा रहा है, जो पर्यटकों को एक विशेष और अनोखा अनुभव देने की क्षमता रखता है।
बाइकर्स ने यहां के स्थानीय आदिवासी खान-पान और संस्कृति का भी आनंद लिया। जशप्योर द्वारा बनाये गए महुआ और मिलेट के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद, और आदिवासी घरों का दौरा कर उनके रहन-सहन और सांस्कृतिक धरोहर के बारे में जानना, उनके लिए यादगार अनुभव रहा। अंतराष्ट्रीय पर्वतारोहण गाइड, एक्सट्रीम एडवेंचर स्पोर्ट ट्रेनर एवं जिला एडवेंचर टूरिज्म के सलाहकार के स्वप्निल राचेलवार ने कहा की यह क्षेत्र विविध सम्भावनावो से परिपूर्ण है। यहाँ के स्थानीय एवं जनजातीय लोग ऐसे खेलो में प्राकृतिक एवं मानसिक रूप से सशक्त होते हैं, और उचित मार्गदर्शन पाकर यहाँ से कई अन्तराष्ट्रीय स्तर के खिलाडी एवं पेशेवर गाइड उभर कर बहार आ सकते हैं। जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार की इसी क्रमबद्ध पहल ने यह भी सुनिश्चित किया कि इस क्षेत्र का विकास पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी संस्कृति के सम्मान के साथ हो। उनका सपना है कि जशपुर साहसिक खेलों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरे और इसके माध्यम से स्थानीय समुदाय को सशक्त बनाया जाए। जशपुर अब एडवेंचर खेलों का छत्तीसगढ़ में एक नया केंद्र बनकर उभर चूका है। यह न केवल केंद्रीय भारत बल्कि सपूर्ण राष्ट्र में एडवेंचर खेलों का हॉटस्पॉट बनने की ओर अग्रसर है, जहाँ पर्यटक एक अलग और अनोखा अनुभव पा सकते हैं।
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य के क्षेत्र में वरदान साबित हो रहे हैं आयुष्मान आरोग्य मंदिर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार बेहद संवेदनशील है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य बजट को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य सेवाओं को सजग रूप से आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। राज्य स्तर पर डीकेएस और मेकाहारा जैसे अस्पताल अत्याधुनिक तकनीकों से लैस हो रहे हैं तो वहीं संभाग स्तर पर सुपर स्पेशिलिटी अस्पतालों का कार्य निरंतर जारी है। इसी तरह से जिले और ब्लाक स्तर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर राज्य के लोगों की सेहत का विशेष ध्यान रख रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कुल 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। ये आयुष्मान आरोग्य मंदिर आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धांतों की सामान्य जानकारी एवं रोगों के घरेलू उपचार तथा औषधियों की जानकारी प्रदान करने में बेहद मददगार साबित हो रहे हैं । इसके अंतर्गत संपूर्ण 12 सेवाओं का आयुष पद्धति के माध्यम से क्रियान्वयन किया जा रहा है जिससे मरीजो को लगातार लाभ मिल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में योग प्रशिक्षकों के माध्यम से जनसामान्य को दैनिक योगाभ्यास हेतु प्रेरणा एवं प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है ताकि मरीज शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से स्वस्थ रहें।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) द्वारा निरंतर मरीजों का इलाज किया जा रहा है एवं उनकी देखभाल की जा रही है। राज्य सरकार की इस पहल से लोगों को लगातार लाभ भी मिल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सालाना 1 करोड़ 38 लाख ओपीडी और मासिक 3 लाख एनसीडी मरीजों का इलाज हो रहा है जो अपनी सफलता की कहानी स्वयं बयां करता है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में प्रदान की जाने वाली मुख्य 12 स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, परिवार नियोजन गर्भनिरोधक सेवाएं और अन्य प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम सहित संचारी रोगों का प्रबंधन, सामान्य संचारी रोगों का प्रबंधन तथा तीव्र साधारण बीमारियों और छोटी बीमारियों के लिए बाह्य रोगी देखभाल शामिल हैं। इसी तरह से गैर संचारी रोगों की जांच, रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन, सामान्य नेत्र और ईएनटी समस्याओं की देखभाल, बुनियादी मौखिक स्वास्थ्य देखभाल, वृद्धजन एवं उपशामक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं तथा मानसिक स्वास्थ्य बीमारियों की जांच और बुनियादी प्रबंधन जैसी सेवाएं भी शामिल हैं।
कोरबा के कबाड़ व्यवसायी के ठिकानों पर GST का छापा... दस्तावेजों की जांच के लिए पहुंची टीम
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर के राताखार क्षेत्र में कबाड़ का व्यवसाय करने वाले मुकेश साहू उर्फ बरबट्टी के गोदाम और घर पर जीएसटी की टीम ने छापामार कार्रवाई की है। रायपुर से आई टीम ने घर और गोदाम दोनों जगह जांच कर रही। विभाग की यह कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय ढंग से हो रही है, इस कारण छापेमारी की वजह सामने नहीं आ सकी है।
सूत्रों के अनुसार सर्विस टैक्स में चोरी करने को लेकर जीएसटी ने यह छापा मारा है। विभाग की कार्रवाई अब भी जारी है। इस कार्रवाई से पूरे प्रदेश में कबाड़ के व्यवसाय में लिप्त लोगों में हडकंप मच गया है। बताया जा रहा है कि रायपुर से टीम चारपहिया वाहन में सवार होकर दोपहर लगभग 1 बजे कोरबा पहुंची और कबाड़ व्यवसायी मुकेश के घर पर दबिश दी, जहां तमाम दस्तावेज की जांच की जा रही है. इस टीम में चार लोग शामिल हैं, जो अलग-अलग पूछताछ कर रही है।
सूत्रों की माने तो इससे पहले भी मुकेश साहू के ठिकाने पर जीएसटी की टीम छापा मार चुकी है. इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य जो कबाड़ व्यवसाय से जुड़े लोग हैं उनमें हड़कंप मचा हुआ है। कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने कहा, जिले में कबाड़ व्यवसाय को लेकर सख्त हैं. सूत्र बताते हैं कि कबाड़ व्यवसाय शहर में पूरी तरह से बंद है। जिले के थाना चौकी प्रभारी को भी विशेष निर्देश दिया गया है कि उनके क्षेत्र में अगर कबाड़ से जुड़े कोई व्यापार चल रहा है तो उन पर कड़ी कार्यवाही की जाए।
रायगढ़ में लाखों के सरिया की हेराफेरी, ट्रक चालक ने पार किया 35 टन सरिया, शहडोल में बेचा, दो गिरफ्तार
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 35 टन सरिया की हेराफेरी का मामला सामने आया है। रायगढ़ के व्यापारी ने हरियाणा के लिए 35 टन सरिया लोड़ कर भेजा लेकिन वह तय समय पर वहां नहीं पहुंचा। इसके बाद व्यापारी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ट्रक चालक ने हेराफेरी की है। इसके बाद ट्रक चालक व शहडोल मध्यप्रदेश के एक व्यापारी को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से चोरी का 35.1 टन सरिया जब्त किया गया है। मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के अनुसार 7 नवंबर को रायगढ़ निवासी दीपक बंसल उम्र 27 वर्ष ने पूंजीपथरा थाना में आवेदन देकर बताया था कि 16 अक्टूबर को रायगढ़ इस्पात एवं पावर प्रालि देलारी से हरियाणा के हिसार स्थित शुभम एसोसिएट के लिए 35.1 टन सरिया, जिसकी कीमत लगभग 18.96 लाख रुपये है, को ट्रांसपोर्टर एमपी छत्तीसगढ़ ट्रांसपोर्ट के जरिए भेजा गया था।
सरिया लोड कर ट्रक क्रमांक सीजी 04 पीपी -5256 में ट्रक चालक विकास सिंह को हरियाणा के लिए रवाना किया गया, परन्तु 6 नवंबर तक गंतव्य स्थान पर सामान नहीं पहुंचने पर शिकायतकर्ता ने ट्रक चालक और ट्रांसपोर्टर से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जिसके बाद उसने थाना पूंजीपथरा में 35.1 टन सरिया की चोरी की रिपोर्ट लिखाई थी जिस पर पुलिस ने धारा 316(3) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर मामले को जांच में लिया था।
जांच के दौरान पता चला कि ट्रक चालक विकास सिंह ने सरिया की हेराफेरी की है। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान बताया कि उसने शहडोल जिले के ब्यौहारी में व्यापारी दिनदयाल गुप्ता उर्फ बटू के गोदाम में 15 टन सरिया अनलोड कर दिया था। इसके बाद एएसआई जयराम सिदार के नेतृत्व में पुलिस टीम को शहडोल भेजा गया। पुलिस ने विकास सिंह और व्यापारी दिनदयाल गुप्ता के मेमोरेंडम पर कुल 35.1 टन सरिया जब्त कर लिया, जिसकी कीमत लगभग 18.96 लाख रुपए है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
बलरामपुर में बाघ की दस्तक... मवेशियों को जंगल में नहीं छोड़ रहे ग्रामीण
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में इन दिनों बाघ की धमक ने ग्रामीणों में भय का माहौल पैदा कर दिया है. हाल ही में एक बाघ ने गांव के पास किसान के एक बैल को मार दिया, जबकि एक अन्य बैल को गंभीर रूप से घायल कर दिया. इसके अलावा, बाघ ने एक ग्रामीण पर भी हमला करने का प्रयास किया, जिससे अब लोग जंगल में जाने से कतराने लगे हैं। मवेशियों को भी सुरक्षा के कारण जंगल में नहीं छोड़ा जा रहा है।
वन विभाग को क्षेत्र में बाघ के पैरों के निशान मिलने के बाद पहले संदेह था, लेकिन अब अधिकारियों ने बाघ की मौजूदगी की पुष्टि कर दी है। फुट प्रिंट्स की जांच से यह तय हो गया है कि बाघ जंगल में ही मौजूद है और अलग-अलग स्थानों पर विचरण कर रहा है। ग्रामीणों के लिए यह चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि बाघ द्वारा पशुओं पर हमला करने की घटनाओं ने लोगों को डरा दिया है।
बाघ ने अब तक एक किसान के बैल को अपना शिकार बना लिया, जबकि एक और बैल पर हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया. इसके बाद से लोग अपने पशुओं को जंगल की ओर भेजने से डरने लगे हैं. कई ग्रामीणों का कहना है कि बाघ की धमक से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है, क्योंकि जंगल में मवेशियों को छोड़ने से भी वे बच रहे हैं।
बाघ के हमले की बढ़ती घटनाओं के बीच एक ग्रामीण पर भी बाघ ने हमला करने का प्रयास किया. हालांकि, ग्रामीण किसी तरह से खुद को बचाने में सफल रहा. इस घटना के बाद से वन विभाग ने क्षेत्र में मुनादी कराते हुए लोगों को जंगल में न जाने की चेतावनी दी है। वन अधिकारियों का कहना है कि सावधानी बरतते हुए लोग जंगल से दूर रहें और अपने मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर रखें।
सिटी बसों व इंटर सिटी बसों के खस्ताहाल पर हाईकोर्ट सख्त, पूछा, इतनी देरी क्यों
रायपुर। इंटर सिटी और सिटी बसों के खस्ताहाल पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। अदालत ने शासन को अल्टीमेटम दिया है कि इसे 15 दिनों में निर्धारित करें, ताकि प्रदेश भर के यात्रियों को सुविधा मिल सके। आपको बता दें कि हाईकोर्ट ने प्रदेश में सिटी बसों की दयनीय हालत और अंतर नगरीय बस सेवा को लेकर जनहित याचिका पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की थी। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने राज्य शासन से पूछा कि जनहित के मुद्दों पर इतनी देरी क्यों हो रही है।
कोर्ट ने पूछा कि प्रकरण को पहले विधि विभाग भेजने की बात कही थी, लेकिन अब कैबिनेट बैठक की योजना बताई जा रही है। कोर्ट ने माना की देरी उचित नहीं है। जिस पर अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत सिंह ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है और जल्द ही कैबिनेट की बैठक में इंटर सिटी और सिटी बसों के संचालन पर निर्णय लिया जाएगा। इसके जवाब में कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि शासन द्वारा समय पर निर्णय न लेना जनहित के प्रति लापरवाही दर्शाता है।
दरअसल कोर्ट ने पूछा था कि खटारा बसों के सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इस पर शासन ने बताया कि केंद्र से स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत पीएमई बसें जल्द ही आ रही हैं और दिसंबर माह से इनका संचालन बिलासपुर में भी होगा, जिससे खस्ताहाल बसों की समस्या समाप्त हो जाएगी।
कोर्ट में ये भी बताया गया कि सरकार ने इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना का जिक्र किया, जिसे इसी वर्ष के अंत तक लागू किया जाएगा। अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश में कुल 4,604 बसों को स्थायी परमिट जारी किया गया है। कोर्ट ने पूछा कि क्या ये बसें वास्तव में चल रही हैं या केवल कागजों पर ही मौजूद हैं। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने सभी रूट्स पर किराया डिस्प्ले करने का निर्देश भी दिया ताकि यात्रियों को जानकारी मिल सके कि बसें किस रूट पर चल रही हैं और किराया कितना है।
भिलाई पुलिस का हिस्ट्रीशीटर से मुठभेड़... पुलिस ने किया ढेर... चार माह से तलाश रही थी पुलिस
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने कुख्यात बदमाश अमित जोश को मुठभेड़ में मार गिराया है। पुलिस कंट्रोल रूम से कुछ दूरी पर ग्लोब के पास तीन लोगों को गोली मारकर अमित पिछले चार माह से ज्यादा समय से फरारी काट रहा था। इस घटना के बाद पुलिस ने अमित के करीबियों पर कार्रवाई की थी। निगरानी बदमाश की मां, बहन व जीजा को भी गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में अमित का जीजी जेल से छूटा था जिससे मिलने वह भिलाई पहुंचा और शुक्रवार शाम को पुलिस के घेरे में आ गया। इसके बाद उसने पुलिस से बचने के लिए फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में अमित जोश ढेर हो गया है। अमित जोश को मिलाकर दुर्ग पुलिस ने अब तक चार बार एनकाउंटर किया है।
अब आपको बताते हैं कि चार माह पहले क्या हुआ था। दरअसल विश्रामपुर निवासी रमनदीप सिंह अपने दोस्त सुनील यादव और आदित्य सिंह से मिलने भिलाई आया था। सुनील यादव टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी है। आदित्य सिंह उड़ान अकादमी में पीएससी की तैयारी कर रहा है। रमनदीप के आने की खुशी में तीनों ने पार्टी की। 25 व 26 जून की दरमियानी रात सभी बाइक से घूमने निकले थे। इसी दिन हिस्ट्रीशीटर अमित जोश का एनवर्सरी थी। देर रात 1-2 बजे के बीच पार्टी करने के बाद जोश और उसका एक साथी बाइक से घूमने निकले थे, जैसे ही ग्लोब चौक के आगे पहुंचे उन्हें रमनदीप सिंह, सुनील यादव और आदित्य सिंह दिखे। सभी नशे में थे और गाली-गलौज करने को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि, अमित जोश ने तीनों लड़कों पर तीन राउंड फायरिंग कर दी। इस हमले में सुनील यादव और आदित्य सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद से पुलिस विभाग को काफी फजीहत झेलनी पड़ी थी। इसके बाद ताबड़तोड़ कारवाई कर अमित जोश के करीबियों के साथ उसकी मां, जीजा लक्की जॉर्ज व बहन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यही नहीं अमित जोश के कब्जे वाले बीएसपी आवासों को खाली कराया गया। इसके बाद अमित जोश पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
बासागुड़ा के जंगलों में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़... तीन नक्सली हुए ढेर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के बासागुड़ा, उसूर और पामेड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 3 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। वहीं तीन वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद किया गया हैं। वहीं, मौके से एक एसएलआर रायफल, अन्य हथियार व आर्म्स एम्युनेशन बरामद किया गया है।
जानकारी के अनुसार, बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के बासागुड़ा, उसूर, पामेड़ व तर्रेम क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर एसटीएफ, डीआरजी, कोबरा व सीआरपीएफ की संयुक्त पार्टी अभियान पर निकली थी। सर्चिंग के दौरान शुक्रवार की सुबह 11 बजे से बासागुड़ा उसूर ब्लॉक के रेखापल्ली व कोमठपल्ली के जंगलों में सुरक्षाबलो की संयुक्त पार्टी व नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई।
इस मुठभेड़ में जवानों ने 3 नक्सलियों को मार गिराया है। बता दें 3 वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। वहीं, मौके से एक एसएलआर रायफल, अन्य हथियार व आर्म्स एम्युनेशन बरामद किया गया है। मुठभेड़ में मारे गये नक्सलियों की पहचान की कार्यवाही की जा रही है। सर्च अभियान जारी है।
मुठभेड़ में जवानों से लूटे गए 11 हथियारों की पहचान, मदनवाड़ा में एसपी हुए बलिदान, वहां से लूटी इंसास बरामद
रायपुर। अबूझमाड़ (नारायणपुर) के थुलथुली में महीने भर पहले हुई अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़ में मिले अत्याधुनिक हथियारों में से 11 हथियारों की पहचान हो गई है, जो नक्सलियों ने दो दशक में विभिन्न अलग-अलग मुठभेड़ों में फोर्स से लूटा था। इस मुठभेड़ में डीकेएसजेडसी मेंबर स्तर की नक्सली नीति उर्फ उर्मिला समेत 38 नक्सली मारे गए थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बरामद हथियारों में से एक इंसास नक्सलियों ने 2009 में राजनांदगांव के मदनवाड़ा मुठ मुठभेड़ में लूटा था, जिसमें एसपी विनोद चौबे समेत 29 जवान बलिदान हुए थे।
अबुझमाड़ के थुलथुली नेंदुर में बरामद दो दर्जन से अधिक हथियारों की पहचान की कोशिश में पुलिस जुटी हुई थी। ज्यादातर एके-47, इंसास, एसएलआर, इंसास एलएमजी, यूबीजीएल, 2 इंची मोर्टार जैसे हथियार पुलिस व अर्धसैनिक बलों से लूटे हुए हैं, लिहाजा इसमें दर्ज सीरियल नंबर और आबंटित कोड से हथियारों की पहचान की जाती है। अन्य हथियार नक्सलियों के कारखाने द्वारा निर्मित स्वदेशी बंदूकें और जुगाड़ वाली होते हैं।
थुलथुली मुठभेड़ में बरामद हथियार सात मुठभेड़ों से लूटे गए हैं, उन मुठभेड़ों में फोर्स के कुल 126 जवान बलिदान हुए थे। इन मुठभेड़ों में 24 अप्रैल 2017 को सुकमा के बुरकापाल में हुई मुठभेड़ में 25 जवानों को बलिदान कर लूटी गई एलएमजी, नारायणपुर के झारा कैंप से निकले जवानों पर 9 जून 2011 को हमला कर लूटी गई एक एके 47, 24 जनवरी 2018 को नारायणपुर इरपानार में चार जवानों को बलिदान कर लूटी गई एके 47 मिली है।
नारायणपुर के नटुमपारा में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में तीन जवान को शहीद कर लूटी गई एक इंसास राइफल, तीन अप्रैल 2021 को बीजापुर के टेकुलगुड़ेम में 23 जवानों को बलिदान कर लूटे गए हथियारों में से 1 एके-47, 11 मार्च 2014 को सुकमा के टहाकवाड़ा में 11 सीआरपीएफ और जिला बल के चार जवानों के बलिदान के बाद लूटे गए हथियारों में से एक इंसास मिली है।
इसी तरह 18 मई 2016 को बीजापुर के बासागुड़ा थाने में पकड़कर रखा गया नक्सली वहां से यूबीजीएल छीनकर ले गया था। वह भी बरामद हुई है। 13 मई 2003 को दंतेवाड़ा के गीदम थाना को लूटकर ले जाए गए हथियारों में से एक एसएलआर, 10 मई 2003 को धमतरी के मांदागिरी में 11 जवानों की हत्या कर लूटे गए हथियारों में से एक एसएलआर मिली, एनएमडीसी माइनिंग पर 9 फरवरी 2006 को आठ सीआइएसएफ जवान की हत्या कर लूटे गए हथियारों में से एक एसएलआर और सुकमा-बीजापुर के टेकलगुड़ेम मुठभेड़ में 23 जवानों को शहीद कर लूटे गए हथियारों में से एक एके 47 मिली है।
राज्योत्सव 2024: श्रम विभाग का स्टॉल बना श्रमिकों एवं आम नागरिकों के आकर्षण का केंद्र
बस्तर संभाग के सभी विकासखण्ड एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन हेतु तिथि जारी
फिर चली गोली, SBI ग्राहक सेवा केंद्र में लूट करने आये आरोपियों ने बुजुर्ग महिला को मारी गोली
रायपुर। राजधानी रायपुर में गोलीकांड के बाद जशपुर से भी गोलीबारी की एक और घटना सामने आई है। जशपुर के कांसाबेल थाना क्षेत्र में दो बदमाशों ने लूट की नीयत से बुजुर्ग महिला की गोली मारकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं बुजुर्ग के नाती को भी बेदम पीटा है। आरोपियों ने घटना को दिनदहाड़े अंजाम दिया है।
जानकारी के मुताबिक, घटना कांसाबेल थाना के ग्राम पंचायत बटाईकेला गांव की घटना है। अब से कुछ देर पहले दो बदमाश लूट की नियत से ग्राहक सेवा केंद्र एसबीआई बैंक संचालक की दुकान में पहुंचे। इस दौरान दोनों आरोपी दुकान संचालक संजू से लूट करने लगे।
लूट का विरोध करने पर दोनों बदमाशों ने दुकानदार युवक को बेदम पीटा। नाती को मार खाता देख बुजुर्ग दादी बीच-बचाव के लिए पहुंची तो बदमाशों ने उस पर दनादन गोली चला दी। इस घटना में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार है। घायल युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुख्यमंत्री का राज्य प्रशासनिक सेवा के पदोन्नत अधिकारियों ने जताया आभार
छत्तीसगढ़ में हाथियों की मौत पर स्वतः संज्ञान, ऊर्जा विभाग के सचिव शपथ पत्र के साथ तलब
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में बिजली के करंट से तीन हाथियों की मौत के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई की. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बीडी गुरु की खंडपीठ ने ऊर्जा विभाग के सचिव और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर को शपथ पत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया। अदालत ने यह कदम वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जाहिर करते हुए उठाया है और इस मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।
रायपुर के वन्य जीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने भी इस जनहित याचिका में हस्तक्षेप याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने बताया कि बिलासपुर वन मंडल में एक अक्टूबर को करंट लगने से एक हाथी शावक की मौत हुई थी. सिंघवी ने अपनी याचिका में यह भी उल्लेख किया कि बिजली के तार टूटने से नौ अक्टूबर को कांकेर जिले में तीन भालुओं की मौत हो गई थी।
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में बताया कि शिकार के उद्देश्य से बिछाए गए बिजली के तारों से इंसानों और वन्य जीवों की जानें भी जा रही हैं. कोरबा में 15 अक्टूबर को ऐसे तारों से दो लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 21 अक्टूबर को अंबिकापुर के जंगलों में एक व्यक्ति की इसी प्रकार के करंट से मौत हो गई थी. ये घटनाएं राज्य में बिजली के तारों के चलते वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती हैं।
उच्च न्यायालय ने नितिन सिंघवी द्वारा दायर हस्तक्षेप याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें भी शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने वन्य जीवों की बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है. इस प्रकार की घटनाओं से न केवल वन्य जीवों का जीवन खतरे में पड़ रहा है,। बल्कि शिकारियों द्वारा बिछाए गए तारों से इंसानी जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
छत्तीसगढ़ में सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, दूरस्थ इलाकों के लोगों को मिलेगा लाभ
रायपुर। पिछले कुछ महीनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। वैश्विक बाजारों में तेल की मांग और आपूर्ति में होने वाले बदलाव का असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ता है। हालांकि, बीते एक हफ्ते में कच्चे तेल की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं, और फिलहाल इसका भाव करीब 69 डॉलर प्रति बैरल पर टिका हुआ है।
तेल कंपनियों ने दूरदराज के स्थानों के उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए अंतर-राज्य माल ढुलाई को युक्तिसंगत बनाने का भी बड़ा फैसला लिया है। दूर-दराज के ये वो स्थान हैं जो तेल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) के पेट्रोल और डीजल डिपो से दूर हैं। इससे बहुत जगहों के उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल होगा और सस्ता। छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर इसका असर होगा। बस्तर के कुछ इलाकों में इससे पेट्रोल और डीजल सस्ता होगा।
बीजापुर – पेट्रोल- 2.70 डीजल- 2.60
बौलाडीला – पेट्रोल-2.50 डीजल- 2.41
कटेकल्याण – पेट्रोल 2.46 डीजल – 2.36
बचेली – पेट्रोल- 2.35 डीजल – 2.26
दंतेवाड़ा – पेट्रोल – 2.23 डीजल – 2.15
सुकमा – पेट्रोल – 2.09 डीजल – 2. 02
------------------
महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम (रुपये प्रति लीटर)
शहर पेट्रोल (₹) डीजल (₹)
· दिल्ली 94.72 87.62
· मुंबई 104.21 92.15
· कोलकाता 103.94 90.76
· चेन्नई 100.75 92.32
· बेंगलुरु 99.84 85.93
· लखनऊ 94.65 87.76
· नोएडा 94.83 87.96
· गुरुग्राम 95.19 88.05
· चंडीगढ़ 94.24 82.40
· पटना 105.18 92.04