छत्तीसगढ़
सोशल मीडिया पर जिला एवं पुलिस प्रशासन की पैनी नजर
रिपोर्ट के आधार पर 19 इंस्टाग्राम पेज को किया गया बंद, 3 वीडियो को किया गया डिलीट
कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सोशल मीडिया निगरानी समिति की बैठक हुई संपन्न
रायपुर | शांति व्यवस्था बनाएं रखने के लिए बलौदाबाजार जिले में सोशल मीडिया पर जिला एवं पुलिस प्रशासन पैनी नजर रखे हुए है। जिला स्तरीय सोशल मीडिया निगरानी समिति के रिपोर्ट के आधार पर लगातार संदिग्ध आईडी की पहचान हेतु गूगल, इंस्टाग्राम,फेसबुक, व्हाट्सप कंपनियों से सायबर सेल द्वारा संपर्क किया जा रहा है। जिसके तहत 88 यूआरएल मेटा को भेजा गया था। जिसमें से 19 इंस्ट्राग्राम को पेज को बंद करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही 3 इंस्टाग्राम पेज से वीडियो को डिलीट किया गया है। इसके साथ ही अनुविभाग गिरौद द्वारा 5 अपराधियों की पहचान कर एक के खिलाफ धारा 107,116 (3) के तहत कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही चार ने माफीनामा कबूल करते हुए उनके परिजनों को उक्त प्रकरणों में भी समझाईश दी गई है। इसके अतिरिक्त सायबर पुलिस एवं थाना प्रभारियों की मदद से सोशल मीडिया में असंवैधानिक एवं गैर कानूनी कार्य करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर दीपक सोनी ने जिले वासियों से अपील करते हुए किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया में भड़काऊ कंटेन्ट पोस्ट करने बचने कहा है। यदि किसी भी व्यक्ति का पोस्ट भड़काऊ या सामजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला होगा तो निश्चित ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है की कानून एवं व्यवस्था के संदर्भ में सोशल मीडिया के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया में जिले के सम्बन्ध में चल रहे गतिविधियों पर निगरानी रखने एवं नकारात्मक गतिविधियों सम्बन्धी लेखों पर त्वरित कार्यवाही करने हेतु जिला स्तरीय सोशल मीडिया निगरानी समिति का गठन किया गया है। जिसके माध्यम से सोशल मीडिया में नकारात्मक लेखों,तथ्यों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।अवैधानिक, असंवैधानिक, गैर कानूनी एवं आपत्तिजनक पोस्ट, कमेंट्स आदि पाये जाने पर समिति प्रतिदिन जानकारी संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं संबंधित अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को त्वरित कार्रवाई हेतु प्रेषित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से भटगांव जल प्रदाय योजना का किया शिलान्यास
उप मुख्यमंत्री अरुण साव बिलासपुर से नई दिल्ली और भटगांव में आयोजित कार्यक्रमों में वर्चुअली जुड़े
भटगांव नगर पंचायत में 56.78 करोड़ लागत की जल प्रदाय योजना का काम जल्द होगा शुरू, कार्यादेश जारी, दो साल में पूर्ण करने का लक्ष्य
रायपुर | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गांधी जयंती पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सूरजपुर जिले के भटगांव नगर पंचायत के लिए 56 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत की जल प्रदाय योजना का शिलान्यास किया। अमृत मिशन 2.0 के तहत स्वीकृत इस जल प्रदाय योजना का काम अगले दो वर्षों में पूर्ण होगा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव बिलासपुर से नई दिल्ली और भटगांव में आयोजित कार्यक्रमों में वर्चुअली शामिल हुए। उनके साथ बिलासपुर से विधायक धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला और जिला पंचायत के अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान भी दोनों जगहों में आयोजित कार्यक्रमों से ऑनलाइन जुड़े।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्चुअल उद्बोधन के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी भटगांव में मौजूद लोगों को वर्चुअली सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि इस नई जल प्रदाय योजना के प्रारंभ होने के बाद भटगांववासियों की पेयजल की समस्या दूर होगी। महान नदी के पानी को साफ कर घरों तक पहुंचाया जाएगा। योजना के पूर्ण होने के बाद भटगांव के लोगों को राष्ट्रीय मानक के अनुरूप 135 लीटर जल प्रति व्यक्ति प्रतिदिन उपलब्ध हो सकेगा। श्री साव ने कहा कि हमने ही छत्तीसगढ़ राज्य को बनाया है और इसके विकास की जिम्मेदारी भी हमारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में योजना से जुड़े सभी निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मिशन अमृत 2.0 के तहत स्वीकृत 56 करोड़ 78 लाख रुपए लागत की इस जल प्रदाय योजना में महान नदी के गोंडा एनीकट में इंटेकवेल का निर्माण कर पेयजल भटगांव पहुंचाया जाएगा। एनीकट से रॉ-वॉटर पाइपलाइन के माध्यम से सतही जल को योजना के अंतर्गत प्रस्तावित जल शोधन संयंत्र में शुद्ध कर स्वच्छ पेयजल भटगांव शहर को उपलब्ध कराया जाएगा। वर्तमान में भटगांव शहर में प्रति व्यक्ति 49 लीटर जल प्रतिदिन उपलब्ध हो रहा है। भटगांव की इस नई जल प्रदाय योजना के शुरू होने के बाद वहां प्रति व्यक्ति 135 लीटर प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
भटगांव जल प्रदाय योजना के अंतर्गत दो एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र, कुल 750 किलो लीटर क्षमता के तीन उच्च स्तरीय जलागार, 64 किलोमीटर की वितरण पाइपलाइन तथा कुल 3586 निजी नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। विगत अगस्त माह में इसके लिए कार्यादेश जारी किया जा चुका है। योजना का काम आगामी 24 महीनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को सौंपी प्रधानमंत्री आवास की चाबी
हितग्राहियों को सौंपी प्रधानमंत्री आवास की चाबी
अपने पक्के मकान की चाबी पाकर खिले चेहरे
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सूरजपुर में आयोजित सियान सम्मान समारोह में जिले के अंतर्गत आने वाले सभी जनपदों से एक-एक हितग्राहियों को आवास की चाभी सौंपकर शुभकामनाएं दी| इस अवसर पर मुख्यमंत्री के हाथों अपने पक्के आवास की चाबी पाकर हितग्राहियों के चेहरे चमक गए|
अपने आवास की चाबी पाकर प्रतापपुर, प्रेमनगर एवं ओडगी के हितग्राही क्रमशः देवशरण, वीरसाय एवं बृजलाल ने ख़ुशी जताते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास हमारे लिए बहुत सार्थक सिद्ध हो रहा है, अब हमारे पास अपना पक्का मकान है| हमारा निवास क्षेत्र हाथियों के विचरण से प्रभावित होने के कारण मन के एक कोने में हमेशा चिंता बनी ही रहती थी, जो अब पूरी तरह ख़त्म हो गई है|

भैयाथान, रामानुजनगर एवं सुरजपुर के हितग्राही संतोष कुमार, सुखमनिया एवं बरातू ने बताया कि हर वर्ष दीवार में सीलन, छानी ठीक करने, घर में पानी टपकने जैसी समस्याओं से दो चार होना पड़ता था जो अब दूर हो गई है| घर में होने वाली परेशानियां दूर होने से आर्थिक बचत हो रही है, जिसका उपयोग बच्चो की पढ़ाई-लिखाई, घर का राशन व अन्य कार्यों में कर पा रहे हैं|
हितग्राहियों ने बताया कि यह योजना बहुत अच्छी है कि इसका पैसा सीधे हमारे खाते में आता है, किसी बिचौलिए या राशि नहीं मिलने जैसी समस्याएं नहीं होती हैं। राशि पाकर केवल हमें निश्चित स्तर तक का काम कराना होता है। हम माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जी का बड़े सम्मानपूर्वक पीएम आवास योजना जैसी सुंदर योजना लागू करने के लिए आभार व्यक्त करते है।
जिले में अब तक 35254 हितग्राहियों के ऐसे सपने पूरे हो चुके हैं| जो इन आवासों को पूर्ण कराकर इसमें रह रहें हैं। इनके खातों में 505 करोड़ रुपय भेजी का चुकी है। साथ ही विगत 10 दिन पहले 20000 से अधिक के आवास के हितग्राहियों को अपने आवास की निर्माण शुरू करने के लिए लगभग 80 करोड़ से अधिक की राशि हितग्राहियों के खातों में हस्तांतरित कर आवास निर्माण शुरू किया जा रहा है| शेष 7000 हितग्राहियों के भी स्वीकृति करने का कार्य जोरों से जारी है। आवास प्राप्त होने का आधार एसईसीसी 2011 एवम् आवास प्लस 2018 की सूची है, इन दोनों सूचियों में यदि जिन पात्र हितग्राहियों के नाम छूट गए हैं उन्हें जल्द ही आवास प्लस 2024 के माध्यम से आवास के लिए जोड़े जाएंगे।
सियानजनों की सेवा से मिलता है पुण्य और आशीर्वाद : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
बुजुर्गों के दुख-दर्द को समझें और उन्हें उनकी सेवा का भरोसा दिलाए: मुख्यमंत्री
वृद्धजनों की भावनाओं को समझते हुए उनकी सेवा में तत्पर है छत्तीसगढ़ सरकार
मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले में 187 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सियानों का सम्मान
रायपुर | अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर सूरजपुर जिला मुख्यालय में सियान सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले के वृद्धजनों का शॉल, श्रीफ़ल से अभिनंदन कर शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज वृद्धजनों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि मैं सभी वृद्धजनों को प्रणाम करता हूँ और आप सभी से आग्रह करता हूँ कि आप वृद्धजनों की सेवा और सम्मान करें,उनके दुःख दर्द को समझे और उन्हें अपने सेवाभाव से भरोसा दिलाए कि आप उनके साथ हैं। माता-पिता और वृद्धजनों की सेवा से आपको पुण्य और आशीर्वाद मिलेगा, खुशी मिलेगी और उनके आशीर्वाद से आप अपने मुकाम तक पहुँच पाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार सभी वर्ग के लिए योजनाएं संचालित कर रही है और योजनाओं का लाभ गरीब, मजदूरों, किसानों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 14 लाख से अधिक सियानो को छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके खाते में पेंशन की राशि दी जा रही है। वृद्धजनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ ही उनके उपचार के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट में 70 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजनों के लिए आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की है। इसी कड़ी में हमने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि सभी वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हर बुजुर्गों की इच्छा होती है कि वह अपने जीवनकाल में एक बार तीर्थ यात्रा जाएं, उनकी भावनाओं और आस्था को ध्यान रखकर हमारी सरकार ने अयोध्या में रामलला के दर्शन की व्यवस्था की है। रेल, बस के माध्यम से अयोध्या जाने और आने के अलावा भोजन, ठहरने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना से माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लोग अपने भाँचा राम का दर्शन करने जा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किसानों का भरपूर ख्याल रखा है। उनसे 3100 रुपए में 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी और दो साल का बकाया बोनस की राशि भी प्रदान की है। हमारी सरकार द्वारा सरगुजा से लेकर बस्तर तक के तेंदूपत्ता श्रमिकों को लाभान्वित करने के लिए तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा दर में वृद्धि कर 4000 से 5500 रुपए किया गया और 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने महतारी वंदन योजना लागू कर महीने में एक हजार की राशि महिलाओं के खाते भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा अभी हमारी सरकार को महज नौ माह ही हुए हैं और प्रदेश के सभी वर्ग के लिए योजना बनाकर राज्य के विकास की दिशा में कार्य करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में यहां विकास की गति और बढ़ेगी।
समारोह को सम्बोधित करते हुए जिले के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि हमारे घर में माता-पिता और वृद्धजनों का सदैव सम्मान करना चाहिए। उनके सम्मान और आशीर्वाद से ही हम विकास की राह में आगे बढ़ रहे हैं। छतीसगढ़ सरकार वृद्धजनों के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित कर रही है। उनके लिए पेंशन, आश्रम, उपचार, पीएम आवास, निशुल्क अनाज, तीर्थ यात्रा की व्यवस्था की गई है।
आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छतीसगढ़ में गरीब, मजदूर, किसानों सहित अन्य सभी के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। राज्य के किसानों को धान का सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक मद्द दी जा रही है।
समारोह में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि वृद्धजन घर परिवार में बरगद की सुकूनदायक छांव की तरह होते हैं, जो दुख-दर्द में हमारी कठिनाईयों को दूर करते हैं। हमें वृद्धजनों की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने जिले में इस तरह के भव्य आयोजन के लिए जिला प्रशासन की प्रशंसा की। कार्यक्रम को विधायक भुलन सिंह मरावी ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर रोहित व्यास ने स्वागत भाषण दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह में ग्राम बिहारपुर में सहकारी बैंक खोलने, पिलखा पहाड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, गोपालपुर में नवीन प्राथमिक शाला भवन का निर्माण कराये जाने के साथ ही भटगांव विधानसभा क्षेत्र के 103 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सूरजपुर के जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा, सूरजपुर महाविद्यालय के स्टेडियम ग्राउंड में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण, भैयाथान-सूरजपुर मार्ग में ऊंचडीह, नेवरा राष्ट्रीय राजमार्ग तक 09 किलोमीटर तक सड़क मरम्मत की घोषणा के साथ ही ग्राम पंचायत शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की स्वीकृति दी। उन्होंने सूरजपुर ऑडिटोरियम का नाम डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को विकास कार्यों की सौगात के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के दौरे के दौरान जिले में करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री साय द्वारा लोक निर्माण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, हाउसिंग बोर्ड, आदिम जाति कल्याण, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं नगरपालिका सूरजपुर के अंतर्गत 187 करोड़ 51 लाख की लागत वाले 159 कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया।
सूरजपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले के सभी जनपदों केे एक-एक हितग्राही को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् आवास पूर्ण होने पर आवास की चाबी सौपी। जिले के भैयाथान, ओडगी, प्रतापपुर, प्रेमनगर, रामानुजनगर और सूरजपुर जनपद के पात्र हिताग्राहियो संतोष कुमार पिता रामाशंकर, बृजलाल पिता बुधराम, देवशरण पिता हीरा साय, बीरसाय पिता बैजनाथ, सुखमनिया पति/पिता लक्ष्मण, बरातु पिता रंगु को आवास की चाबी सौंपी गई।
मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर अग्रसेन स्टेडियम में अयोजित कार्यक्रम में सक्षम सूरजपुर अतंर्गत डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत् संचालित डिजिटल बस का अवलोकन किया। सक्षम सूरजपुर अंतर्गत जिले में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वेन (डिजिटल बस) संचालन किया जा रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क डिजिटल शिक्षा देने और बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके द्वारा जिले के बड़ी ग्रामीण जनसंख्या को डिजिटल तकनीकों के संबंध में जागरूक करने के साथ डिजिटल उपकरणों के संबंध में जानकारी प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वेन छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत जिला सूरजपुर प्रथम जिला है, जहां डिजिटल बस ने जिले के 06 विकासखण्डों में भ्रमण कर डिजिटल साक्षरता से लोगों को अवगत कराया और जागरूक किया जा रहा है। इस बस के द्वारा डिजिटल बैंकिंग से लेकर साईबर सिक्योरिटी पर शिक्षा दी जा रही है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बेसिक आईटी शिक्षा और साइबर सिक्योरिटी में सर्टिफिकेट कोर्स कराकर प्रमाण पत्र भी दिया जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वृद्धजन एवं दिव्यांगजनों को स्वास्थ्य लाभ पहुचाने विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मरीजों का खून, बीपी, शुगर, गठिया, हृदय, श्वास संबंधी, दंत एवं नेत्र, नाक, कान, गला सहित अनेक बीमारियों का जांच कर उन्हें स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया गया। साथ ही उन्हें आवश्यक परामर्श एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी, प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते, बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, पूर्व गृहमंत्री राम सेवक पैकरा, भीम सिंह अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, राजेश महलवाला एवं बड़ी जनसंख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं आमजन उपस्थित थे।
भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल में बुजुर्गों के लिए हेल्प डेस्क सेवा का शुभारंभ
रायपुर। तेजी से हो रहे शहरीकरण, बदलते पारिवारिक ढांचे और एकल परिवारों के बढ़ने के कारण बुजुर्गों के सामने आने वाली बढ़ती चुनौतियों के जवाब में, भिलाई इस्पात संयंत्र ने सुलभ इंटरनेशनल स्कूल ऑफ एक्शन सोशियोलॉजी और सोशियोलॉजी ऑफ सेनिटेशन, नईदिल्ली की मदद से बीएसपी के सेक्टर-9 अस्पताल में बुजुर्गों के लिए एक विशेष हेल्प डेस्क (पोर्टर सेवा) शुरू की है। भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा अपने सीएसआर प्रयासों के तहत समर्थित इस पहल का उद्घाटन विश्व वृद्धजन दिवस के अवसर पर किया गया।
परियोजना का आधिकारिक शुभारंभ भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रभारी निदेशक माननीय अनिरबन दासगुप्ता ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया। जिसमें सीएमओ प्रभारी डॉ. रवींद्रनाथ भी शामिल थे। हेल्प डेस्क का उद्देश्य बुजुर्ग मरीजों और आगंतुकों को आवश्यक सहायता प्रदान करना है, जिसमें अस्पताल परिसर में आने-जाने के लिए कुली सेवाएं और उनके दौरे के दौरान व्यक्तिगत सहायता प्राप्त करना शामिल है।
सुलभ इंटरनेशनल की उपाध्यक्ष सोनम मिश्रा ने अनिरबन दासगुप्ता और विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया और उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। अपने भाषण में, उन्होंने जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में समर्पण के साथ काम करने के लिए सुलभ इंटरनेशनल की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, यह सुनिश्चित करते हुए कि बुजुर्गों के साथ देखभाल, सम्मान और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाए।
यह पहल आज की एकल परिवार प्रणाली में उनकी कथित उपेक्षा के कारण वृद्धों द्वारा सामना की जाने वाली असुरक्षा को संबोधित करती है। जैसे-जैसे संयुक्त परिवार अधिक अलग-थलग रहने के पैटर्न को जन्म देते हैं, बुजुर्ग अक्सर खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। हेल्प डेस्क सेवा को बहुत जरूरी सहायता प्रदान करके और सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देकर इन चिंताओं को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
यह परियोजना सार्थक सीएसआर पहलों के माध्यम से सामुदायिक कल्याण में सुधार करने के भिलाई स्टील प्लांट के प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम का समापन सभी हितधारकों द्वारा बुजुर्गों की जरूरतों को प्राथमिकता देने और अस्पताल में सभी बातचीत में उनके आराम और कल्याण को सुनिश्चित करने की आशा के साथ हुआ।
शराब घोटाला: निलंबित अफसर अरुणपति त्रिपाठी और त्रिलोक ढिल्लन की जमानत याचिका खारिज
रायपुर। प्रदेश में हुए 22 सौ करोड़ रुपये के शराब घोटाले के मामले में गिरफ्तार आरोपित आबकारी विभाग के निलंबित अधिकारियों अरुणपति त्रिपाठी और त्रिलोक ढिल्लन की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने एक बार फिर से खारिज कर दिया है।
जस्टिस अरविन्द कुमार वर्मा की अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह मानव अधिकारों का भी उल्लंघन करता है। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि भ्रष्ट लोकसेवकों का पता लगाना और उन्हें दंडित करना भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुख्य उद्देश्य है।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने हाईकोर्ट ने इस जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद से दोनों आरोपियों ने अपनी जमानत अर्जी में विभिन्न तर्क दिए थे, लेकिन कोर्ट ने उनके दावों को स्वीकार नहीं किया।
प्रवर्तन निदेशालय (EOW) ने इस शराब घोटाले के साथ-साथ नकली होलोग्राम मामले में भी एफआईआर दर्ज किया है। बता दें कि EOW की जांच के बाद, अधिकारियों ने त्रिपाठी और ढिल्लन को गिरफ्तार किया था। अरुणपति त्रिपाठी पहले आबकारी विभाग में महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत थे, जबकि त्रिलोक ढिल्लन एक कारोबारी हैं। दोनों ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं।
विधानसभा उपचुनावः चुनाव की सभी प्रक्रियाएं निष्पक्षता से संपन्न कराएः रीना बाबा साहेब कंगाले
रायपुर। विधानसभा उप चुनाव के दौरान चुनाव की सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न करना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का गंभीरता से पालन करना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ में विधानसभा की एक रिक्त सीट के लिए उपचुनाव होगा। इसके लिए प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। पूर्व में हुए विधानसभा और लोकसभा चुनाव की भांति इस उपचुनाव में भी निष्पक्षता जरूरी है। उक्ताशय के विचार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने सोमवार को विधानसभा उप निर्वाचन के लिए रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, नोडल अधिकारियों और तकनीकी अधिकारियों के प्रशिक्षण के दौरान व्यक्त किए। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पी.एस. ध्रुव भी उपस्थित थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कंगाले ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उप चुनाव की तिथि की घोषणा के साथ ही इसके लिए आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। उन्होंने निर्बाध और सुचारू निर्वाचन के लिए संबंधित अधिकारियों को विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाओं का जायजा लेने को कहा। उन्होंने सभी मतदान केंद्रों में छाया, पेयजल, शौचालय, रैंप इत्यादि व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाधारहित उप चुनाव के लिए आपसी समन्वय से सक्रियता से काम करने को कहा। उन्होंने आज के प्रशिक्षण में ट्रेनर्स से चर्चा कर अपनी-अपनी शाखाओं से संबंधित शंकाओं का समाधान करने को कहा। रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह और नगर निगम के आयुक्त अबिनाश मिश्रा भी इस दौरान मौजूद थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान नौ सत्रों में अधिकारियों को आदर्श आचरण संहिता, नामांकन प्रक्रिया, मीडिया प्रमाणन एवं अनुश्रवण समिति (एमसीएमसी), निर्वाचक नामावली, पोस्टल बैलेट, ईटीपीबीएस, निर्वाचन व्यय मॉनिटरिंग, जिला निर्वाचन प्रबंधन योजना (DEMP)), मतदान दलों एवं मतदान के दिन की व्यवस्थाओं, ईवीएम, मतगणना तथा निर्वाचन के दौरान प्रयुक्त आईटी एप्लीकेशन्स की बारीकियों की जानकारी दी गई। नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर पुलक भट्टाचार्य ने अधिकारियों को आदर्श आचरण संहिता के विभिन्न प्रावधानों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद जो व्यक्ति उस क्षेत्र के निवासी नहीं है, उसे क्षेत्र से बाहर जाना होगा। आदर्श आचार संहिता के प्रभावी रहने के दौरान जिले में किसी भी तरह के आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर यू.एस. अग्रवाल ने प्रशिक्षण के दौरान नामांकन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उम्मीदवारों की पात्रता, नामांकन के समय संलग्न किए जाने वाले दस्तावेजों, नामांकन शुल्क, नामांकन पत्रों की संवीक्षा, चुनाव चिन्ह आबंटन, उम्मीदवारों द्वारा दिए जाने वाले शपथ पत्रों तथा रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में नामांकन के लिए जरूरी व्यवस्थाओं के बारे में बताया। सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी शारदा अग्रवाल ने एमसीएमसी के कार्यों और कार्यप्रणाली के बारे में बताया कि आदर्श आचरण संहिता और निर्वाचन व्यय पर निगरानी के लिए प्रिंट मीडिया सेल, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सेल और सोशल मीडिया सेल का गठन करना है। उन्होंने इसके माध्यम से पेड न्यूज पर भी नजर रखने को कहा। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित तिथियों के बीच जनमत सर्वेक्षण और एक्जिट पोल प्रतिबंधित रहेगा।
हाईकोर्ट ने रायपुर और बिलासपुर की स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्था के लिए शासन से मांगा जवाब
रायपुर। हाईकोर्ट ने बिलासपुर के जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के नहीं शुरू होने व रविवार को रायपुर के भीमराव अंबेडकर अस्पताल में ओपीडी चालू नहीं रहने पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्था और अनियमितता के लिए राज्य शासन से जवाब मांगा है। वहीं शासन ने कोर्ट से जवाब देने के लिए समय मांगा है।
बता दें, जिला अस्पताल बिलासपुर में स्थापित आक्सीजन प्लांट शुरू नहीं किया जा रहा है। इससे मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा तरह-तरह के बहाने बनाए जा रहे हैं, लेकिन भारी भरकम खर्च करके के लगाए गए आक्सीजन प्लांट को चालू करने का प्रयास नहीं किया गया है। वहीं रायपुर के डॉ.भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल से जुड़ी अव्यवस्था को लेकर मीडिया में खबर आयी थी। रविवार को ओपीड़ी बंद रहने और आपातकालीन स्थिति में डॉक्टर सिर्फ कॉल पर ही ड्यूटी करने की जानकारी दी गई थी। अस्पताल को सिर्फ मेडिकल स्टाफ के सहारे छोड़ दिया गया है।
जब भी छुट्टी होती है तो स्वास्थ्य केन्द्र को इमरजेंसी मोड पर छोड़ दिया जाता है, मरीजों को छोटी-मोटी बीमारियों के लिए भी दवा नहीं मिलती। अस्पताल के ओपीडी कक्षों में ताले लगे रहते हैं। इस तरह की व्यवस्था के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा था। इस दौरान शासन को ओर से विस्तृत जवाब पेश करने समय देने का अनुरोध किया गया। इसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। अब अगली सुनवाई तीन सप्ताह के बाद होगी।
'दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’ से बदली अन्नू की तकदीरv
रायपुर | अन्नू साहू के पति बीमार थे और काम नहीं कर पा रहे थे, वहीं अन्नू की घरेलू कामगार के रूप में होने वाली आय उनके परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। जब उनके घर में निराशा का माहौल छाया हुआ था, तब अन्नू ने यह तय किया कि उन्हें किसी अन्य पेशे की ओर रुख करना होगा। अन्नू छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की गलियों में अपनी ई-रिक्शा चलाती हैं, लोग उन्हें ध्यान से देखते हैं। हल्की ठंडी हवा और सड़कों के शोर के बीच अन्नू आत्मविश्वास से आगे बढ़ती हैं और पीछे मुड़कर नहीं देखतीं।
अन्नू ने बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद घरेलू कामगार के रूप में काम करना शुरू कर दिया था। लेकिन इस काम में पर्याप्त आय नहीं मिल पा रही थी। राजनांदगांव की बस्तियों में, जहां अन्नू रहती थीं, साथी मजदूर अक्सर अपने अनुभव साझा करते थे। अन्नू ध्यान से सुनतीं, अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार के तरीके जानने के लिए हमेशा तत्पर रहती थीं।
अन्नू के जीवन में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने श्रम विभाग की दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के बारे में सुना। यह योजना महिलाओं को ई-रिक्शा खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके उन्हें आर्थिक स्वावलंबन का अवसर देती है। अन्नू ने इस अवसर को दोनों हाथों से थाम लिया। ज़िला श्रम अधिकारी की मदद से अन्नू ने जल्दी से आवेदन प्रक्रिया पूरी की, आवश्यक दस्तावेज़ जमा किए और अपना आवेदन प्रस्तुत किया। जब उनका आवेदन स्वीकृत हुआ, तो अन्नू ने पहली बार सफलता और आर्थिक स्वतंत्रता का स्वाद चखा।
ई-रिक्शा ड्राइवर के रूप में काम करके अन्नू ने अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक साहसिक कदम उठाया। जल्द ही उनकी आय नियमित हो गई, और अब वह हर महीने 20 से 25 हजार रुपये कमा रही है। जो उनकी पिछली आय से लगभग चार गुना थी। उन्होंने अपने बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर एक मिसाल कायम की। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार हुआ और औसत पारिवारिक आय 40 से 45 हजार रुपये प्रति माह तक पहुंच गई।
अन्नू की यात्रा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के महत्व को उजागर करती है। जब इन्हें लचीले और उत्तरदायी तरीके से डिज़ाइन किया जाता है, तो ये योजनाएँ हाशिए पर रहने वाले समुदायों के सामने आने वाले विविध जोखिमों का समाधान कर सकती हैं, स्थायी आजीविका में मदद कर सकती हैं। अन्नू की कहानी इस बात की गवाही है कि लक्षित हस्तक्षेप कैसे व्यक्तियों को उनके जीवन को बदलने और उनके परिवारों के लिए एक उज्जवल भविष्य सुरक्षित करने में सक्षम बना सकते हैं।
रेलवे ने दी बड़ी खुशखबरी : त्योहारों को विशेष बनाने 30 नवंबर तक चलेंगी 519 स्पेशल ट्रेनें
3 से 12 अक्टूबर तक चिरमिरी से चलने वाली 06618 चिरमिरी-कटनी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी।
CGPSC 2023: मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी, 703 अभ्यर्थी हुए चयनित
प्रारंभिक परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा के लिए 3597 उम्मीदवारों का चयन हुआ, जो 24 जून से 27 जून तक आयोजित की गई थी। अब मुख्य परीक्षा में सफल 703 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए चुना गया है। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://psc.cg.gov.in/ पर जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री की सार्थक पहल से छात्राओं की आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सार्थक पहल से जशपुर जिला प्रशासन के तहत नव गुरुकुल शिक्षण संस्थान में आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य न केवल शिक्षा का स्तर बढ़ाना है, बल्कि छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें व्यावसायिक कौशल से जोड़ना है, ताकि वे अपना उज्ज्वल भविष्य बना सकें।
यह कार्यक्रम प्रदेश में जशपुर के साथ-साथ रायपुर और दंतेवाड़ा जिला में भी संचालित हैं। जिला प्रशासन द्वारा छात्रों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। यहां छात्राओं को कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, फायनेंस, बिजनेस, शिक्षा, और ग्राफिक्स डिज़ाइनिंग जैसे विविध क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा, भाषा ज्ञान और व्यक्तित्व विकास पर अतिरिक्त कक्षाएँ भी आयोजित की जाती हैं, जिससे छात्राओं का समग्र विकास हो सके। छात्राओं को निःशुल्क आवास, प्रशिक्षण, और भोजन की सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। प्रशिक्षण के दौरान लैपटॉप/कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उन्हें अध्ययन और प्रोजेक्ट्स पर काम करने में मदद मिलती है।
वर्तमान में, इस कार्यक्रम के तहत जिले की 16 प्रतिभाशाली छात्राएँ विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर अन्य राज्यों की प्रमुख कंपनियों में सफलतापूर्वक प्लेसमेंट के लिए चयनित हुई हैं। ये छात्राएँ अब अच्छी आय अर्जित कर रही हैं, जो उनके प्रयासों का जीवंत प्रमाण है। यहाँ पर 150 छात्राओं के लिए प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है, जिसमें वर्तमान में 60 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह दृष्टिकोण केवल छात्राओं के जीवन में बदलाव लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में भी एक सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रेरणा देता है। उनकी सोच ने ना केवल छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर भी प्रदान किया है।
जशपुर नगर की निवासी कुमारी प्रतिभा थापा बताती हैं कि ‘मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिससे मुझे पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। जब मैंने नव गुरुकुल के बारे में सुना, तो मैंने यहाँ फॉर्म भरा और प्रशिक्षण लेने आई। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इतने महंगे कोर्स की पढ़ाई मुझे निःशुल्क मिलेगी। मैंने बिजनेस कोर्स में 16 महीने का प्रशिक्षण लिया और आज एक निजी कंपनी में क्लाउड सपोर्ट इंजीनियर के पद पर कार्यरत हूँ।’
जशपुर नगर की ही कुमारी नेहा चौहान ने बताया कि मेरे पिता एक छोटे किसान हैं। हमारी आमदनी उतनी अच्छी नहीं है कि मैं बाहर जाकर पढ़ाई कर सकूं। लेकिन इस संस्थान से मुझे बहुत लाभ हुआ है। यहाँ मुझे बिजनेस कोर्स में 13 महीने प्रशिक्षण के साथ-साथ भाषा ज्ञान भी मिला, जो मेरे लिए बहुत उपयोगी है।
डुगडुगीया (कुनकुरी) निवासी कुमारी साक्षी सिंह बताती हैं कि जब मुझे यहाँ के बारे में पता चला तो फॉर्म भरकर प्रशिक्षण ली। मैंने यहाँ 15 महीने का प्रशिक्षण लिया। आज मुझे बारु साहेब यूनिवर्सिटी, हिमाचल प्रदेश में डेटा एनालिटिक्स एसोसिएट का जॉब मिला है। यह मेरे लिए एक बड़ा अवसर है। मैं पहली बार अपने घर से बाहर निकली हूँ। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।
कोसी और गंडक नदी हुई आक्रामक.....बाढ़ से हाहाकार... बिहार पर अगले 48 घंटे भारी
डेस्क। नेपाल में लगातार भारी बारिश के कारण कोसी और गंडक समेत प्रदेश की कई नदियां बेहद आक्रामक हो गई और इससे तटबंधों पर खतरा बढ़ गया है। रिकॉर्ड जलस्राव की वजह से रविवार को बगहा में गंडक और सीतामढ़ी के बेलसंड और रून्नीसैदपुर में बागमती तथा शिवहर के छपरा में बागमती का तटबंध टूट गया। इससे तीनों जिलों के बड़े इलाके में बाढ़ का पानी फैल गया है और दर्जनों गांवों की हजारों की आबादी प्रभावित हुई है।
नेपाल से लगातार पानी आने से सूबे की नदियों में फिर उफान आ गया है। 13 नदियों का जलस्तर रविवार को लाल निशान को पार कर गया। शांत हो रही गंगा भी फिर से बढ़ने लगी है। कई स्थानों पर इसका जलस्तर खतरे के निशान से पार पहुंचा है। अगले 24 से 48 घंटे में तेज बढ़ोतरी की आशंका है। जल संसाधन विभाग के अनुसार रविवार को कोसी और गंडक के अलावा गंगा, बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, ललबकिया, अधवारा, महानंदा, घाघरा, लखनदेई, परमान और पश्चिम कनकई नदियों का जलस्तर लाल निशान के ऊपर पहुंच गया है।
जलस्तर में अब भी बढ़ोतरी हो रही है। कोसी सुपौल से खगड़िया तक, गंडक पश्चिम चंपारण से वैशाली तक जबकि महानंदा किशनगंज से कटिहार तक तेजी से ऊपर जा रही है। अगले 24 घंटे में इन सभी स्थानों पर तीनों नदियों के जलस्तर के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने की संभावना है। अत्यधिक जलस्राव के बाद कोसी के वीरपुर बराज पर भारी दबाव उत्पन्न हो गया है। इसे सुरक्षित रखने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास चल रहा है। दरअसल, बराज पर पानी के ओवर टॉप करने के बाद सड़क व इसके गेटों में भारी मात्रा में मलबा फंस गया।
दिसम्बर में रायगढ़ में होगी सेना भर्ती रैली... छत्तीसगढ़ के 8,556 उम्मीदवार होंगे शामिल
रायपुर। भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए रायगढ़ के बोईरदार स्टेडियम में 04 से 12 दिसम्बर, 2024 तक सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा। इस भर्ती रैली में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों के ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) में सफल 8556 उम्मीदवार शामिल होंगे । गौरतलब है कि अप्रैल, 2024 में अखिल भारतीय स्तर पर ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) का आयोजन किया गया था।
दिसम्बर माह में होने वाली सेना भर्ती रैली की तैयारियों के संबंध में 26 सितम्बर, 2024 को रायगढ़ में सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर और जिला प्रशासन, रायगढ़ के मध्य बैठक आयोजन किया गया। इस बैठक में सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर के निदेशक, रायगढ़ कलेक्टर श्री कार्तिकेय गोयल और जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में भर्ती रैली के लिए आपसी समन्वय के साथ मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने पर चर्चा हुई।
साय सरकार में ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करना सर्वोच्च प्राथमिकता : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने गांव के विकास के लिए लगाई सौगातों की झड़ी कबीरधाम जिले में विभिन्न निर्माण कार्यो, क्षेत्र विकास के लिए 1 करोड़ 91 लाख 50 हजार रुपये की घोषणा
महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में महतारी सदन की होगी स्थापना
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने ग्रामवासियों की मांग, समस्या और शिकायतों को सुनकर तत्काल अनेक मांगों को किया पूरा
रायपुर | उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के कवर्धा विकासखंड के ग्राम गंगापुर, नवघटा, मोहगांव खैरझिटी कला, बानो, कोको, छाटा और ग्राम दलपुरवा मे ग्रामीणवासियों से जनसंपर्क कर सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांग, समस्या और शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और उनके अनेक मांगों को तत्काल पूरा करते हुए 01 करोड 91 लाख 50 हजार रूपए के विकास कार्यों की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्रामवासियों की मांग पर विभिन्न विकास कार्यो की सौगात दी। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बिजली और राजस्व के प्रकरणों के तत्काल निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि साय सरकार में ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जनसंपर्क के दौरान ग्रामवासियों की मांग को पूरा करते हुए ग्राम गंगापुर में महतारी सदन के लिए 30 लाख, सीसी रोड के लिए 10 लाख, मंच निर्माण के लिए 03 लाख, ठाकुर देव चौक मंच के पास क्रांकिटकरण के लिए 01 लाख रुपए, ग्राम नवघटा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख, सामुदायिक शौचालय के लिए 3.50 लाख रुपए, ग्राम मोहगांव में महतारी सदन के लिए 30 लाख रूपये, बंजारी मां डामरीकरण के लिए 43 लाख रूपए, सामुदायिक भवन पुराना पंचायत के पास 5 लाख रूपए, शौचालय के लिए 3 लाख रुपए, ग्राम खैरझीटी में सीसी रोड मुक्तिधाम रोड़ 3 लाख रुपए, गोठान के पास 2 लाख रूपये, महतारी सदन के लिए 30 लाख रूपये, सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, सामुदायिक शौचालय के लिए 3.50 लाख रुपए, ग्राम बानो में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, सामुदायिक शौचलय के लिए 3.50 लाख रुपए, सीसी रोड़ के लिए 5 लाख की घोषणा की।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के विकासखंड कवर्धा के ग्राम गंगापुर, नवघटा, मोहगांव खैरझिटी कला, बानो, कोको, छाटा और ग्राम दलपुरवा में जनसंपर्क करते हुए ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को सुना और उन्हें सरकार की योजनाओं और विकासात्मक पहलुओं के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाना है ताकि हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विभिन्न ग्रामों में आयोजित जनसंपर्क के दौरान कहा कि महतारी सदन केंद्र महिलाओं के सशक्तीकरण का एक महत्वपूर्ण कदम है। उपमुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि महतारी सदन से गांवों में विकास की नई लहर आएगी और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि महतारी सदन से महिलाएं अपने अधिकारों और समस्याओं के बारे में जागरूक होंगी और अपने सामूहिक मुद्दों पर चर्चा कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि महतारी सदन में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे महिलाएं नई तकनीकों और कौशलों में प्रशिक्षित हो सकेंगी।
छत्तीसगढ़ में मानसून का हो सकता है आज आखिरी दिन : अगले 3 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी
रायपुर | छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन का आज आखिरी दिन है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, अगले 2 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। रविवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री के पार दर्ज किया गया।
2 दिनों से रायपुर समेत कई जिलों में मानसून पर ब्रेक लगने के चलते उमस बढ़ गई है। गर्मी के चलते लोग परेशान हैं। सबसे ज्यादा तापमान 34.9 डिग्री महासमुंद में दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में पारा 21.6 और सरगुजा जिले में डिग्री रहा।
हालांकि आज बस्तर संभाग के कुछ जिलों में बारिश की संभावना है। वहीं मानसून खत्म होने तक सरगुजा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जशपुर, दुर्ग और बेमेतरा में औसत से भी कम बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में सूखे जैसे हालात हैं।
रविवार को प्रदेश में मानसून की सक्रियता सामान्य से कम रही। प्रदेश में एक-दो जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गयी। रविवार की सुबह 8 बजे तक रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा बारिश कोंडागांव जिले के माकड़ी 60 मिलीमीटर बारिश हुई।
आज और आने वाले एक-दो दिनों में भी बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का ही अनुमान है। मौसम विज्ञानियों ने मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा फिरोजपुर, सिरसा, चूरू, अजमेर, माउंट आबू, डीसा, सुरेन्द्र नगर, जूनागढ़ से होकर गुजर रही है।
उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में सुबह का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक स्थित है। यह दबाव दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है जिसके कारण बस्तर संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं।
29 सितंबर को ज्यादातर जिलों में दिन का तापमान औसत से अधिक रहा। रायपुर में दिन का पारा 34.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक था। बिलासपुर में दिन का तापमान 33.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक था।
अंबिकापुर में 31. 9 डिग्री टेंपरेचर रहा जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक था। जगदलपुर में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री रहा जो औसत से 2.3 डिग्री ज्यादा था। वहीं राजनांदगांव में 32.5 डिग्री टेम्परेचर रिकॉर्ड किया गया।
जल जीवन मिशन जिले के बैगा आदिवासियों के लिए साबित हो रहा वरदान
सुदूर वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम भंवरटोक में बैगा आदिवासियों को मिल रहा घर में स्वच्छ पेयजल
रायपुर | भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया जल जीवन मिशन कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले बैगा आदिवासियों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम भंवरटोक में बैगा आदिवासीयों को स्वच्छ पेयजल मिलने लगा है। ग्राम भंवरटोक पहले पानी की कमी और अस्वच्छ जल की समस्या से जूझ रहा था, अब जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल जल की सुविधा मिल रही है। इससे न केवल ग्रामीणों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, बल्कि महिलाओं और बच्चों को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करने से भी मुक्ति मिली है। अब स्वच्छ पेयजल हर घर की दहलीज पर उपलब्ध है, जो जलजनित बीमारियों की रोकथाम में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।
ग्राम भंवरटोक में नल कनेक्शन के माध्यम से घर घर पेयजल पहुंचाया जा रहा है, जिससे बैगा जनजाति के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा हो रहा है। यह पहल न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि उनके दैनिक जीवन को भी आसान बना रही है। वनांचल क्षेत्र होने के कारण, पहले ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए नदी एवं झिरिया पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के मौसम में नदी और झिरिया सूख जाने से पानी की विकट समस्या थी। अब जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल लग जाने से पानी की समस्या समाप्त हो गई है। केंद्र सरकार की यह पहल इस बात का स्पष्ट संकेत है कि योजनाएं अब जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं, जिससे सबसे गरीब और सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी समृद्ध और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। ग्राम भंवरटोक के ग्रामीणों ने अपने घरों में पेयजल की सुविधा पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के तहत नल जल कनेक्शन मिलने से उनकी जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आया है।
ग्राम की निवासी रामफूल बैगा ने अपनी अनुभव साझा करते हुए कहा, पहले हमें पानी के लिए कुएँ, नदी और झिरिया पर निर्भर रहना पड़ता था। पानी लाने में पूरे दिन का बहुत बड़ा हिस्सा चला जाता था, जिससे खेत जाने और अन्य काम करने में काफी परेशानी होती थी। हमारे लिए यह एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन अब नल जल कनेक्शन मिलने के बाद, हमारे घर में पानी की सुविधा उपलब्ध है। हमें दूसरों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। अब हम अपने दैनिक कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, और हमारे जीवन में एक सकारात्मक बदलाव आया है। यह न केवल हमारे समय की बचत कर रहा है, बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित हो रहा है।
तीजन बैगा ने बताया कि अब हम नल का उपयोग पीने, नहाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू उपयोग के लिए करना शुरू कर दिया है। पहले हमें पानी के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती थी, लेकिन अब जल जीवन मिशन के तहत नल जल की सुविधा मिलने से हमारा जीवन काफी सरल और सुखमय हो गया है। नल के माध्यम से हमें हमेशा स्वच्छ और सुरक्षित पानी मिल रहा है, जिससे न केवल हमारी दिनचर्या में आसानी हुई है, बल्कि हमारे स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है। यह हमारे लिए एक नया युग है, और हम इस सुविधा के लिए आभारी हैं।
लाल सिंग ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हमें हमेशा स्वच्छ पानी उपलब्ध हो रहा है, जिससे हम अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। हमारे जीवन में यह एक बड़ा बदलाव है। अब हम समय की बर्बादी के बिना अपनी खेती और अन्य काम कर पा रहे हैं, और इससे हमारी जीवनशैली में काफी सुधार आया है। जल जीवन मिशन ने ग्राम भंवरटोक के हर घर में नल से जल पहुँचाकर जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया है। यह पहल न केवल स्वच्छ पानी की सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन को भी बेहतर बना रही है।