छत्तीसगढ़
गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित प्रसव के लिए बेहतर सुविधा : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल
बलौदाबाजार के जिला अस्पताल में 9 महीने में हुए 462 सिजेरियन सहित 1 हजार 800 से अधिक प्रसव
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सुविधाओं एवं संसाधनों में लगातार इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास सतत रूप से जारी है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार में कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जिला अस्पताल बलौदाबाजार में इस वर्ष जनवरी 2024 से माह सितंबर तक 9 माह में कुल 1816 सफल प्रसव कराए गए हैं। उक्त प्रसव में से 1354 सामान्य प्रसव तथा 462 सिजेरियन शामिल है। सिजेरियन में आकस्मिक और पूर्व नियोजित दोनों ही सम्मिलित हैं।
जिला अस्पताल बलौदाबाजार के सिविल सर्जन डॉक्टर के. के. टेम्भूरने ने बताया कि अस्पताल में तीन स्त्री रोग विशेषज्ञों के साथ कुशल प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ अपनी सेवाएं देते हैं। यहाँ आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रसव कक्ष स्थापित है। प्रसव के बाद नवजात शिशु के देखभाल हेतु विशेष एस.एन.सी.यू. भी स्थापित है। उक्त कुल प्रसव में 161 बच्चों को उक्त एस.एन.सी.यू. में भर्ती कर उनकी विशेष देखभाल भी की गई।
ग्राम खैरा से माह सितंबर में अपनी 23 वर्षीय पत्नी को प्रसव पीड़ा पर जिला अस्पताल लेकर आएं नोहर पटेल ने बताया कि अस्पताल में आने पर उन्हे बताया गया कि फीटल डिस्ट्रेस की स्थिति है जिसमें भ्रुण तक ऑक्सीजन पहुँचने में दिक्कत होती है और बच्चे की धड़कन बढ़ती है। ऐसे में ऑपेरशन के माध्यम से प्रसव हुआ जिसमें मां और बच्चे दोनों ही स्वस्थ हैं। इसी प्रकार प्रोलांग लेबर (देर तक प्रसव पीड़ा) की स्थिति में आये हुए गिरौदपुरी के पास स्थित ग्राम खोसड़ा के रहने वाले महेंद्र पैकरा ने बताया कि 28 वर्षीय उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा काफी देर से हो रही थी जिस कारण जिला अस्पताल लेकर आया तथा यहाँ ऑपेरशन के माध्यम से प्रसव हुआ। अस्पताल में दवाई और अन्य सुविधाएं निःशुल्क प्राप्त हुई। इस प्रकार के ऑपेरशन का निजी अस्पताल में काफी पैसा खर्च होता, जो बच गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बलौदाबाजार डॉ. राजेश कुमार अवस्थी के अनुसार जिला अस्पताल एन.क्यू.ए.एस. प्रमाण पत्र धारी संस्था है। यह प्रमाण पत्र उच्च गुणवत्त्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान करने के कारण राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन के बाद प्राप्त हुआ है। अस्पताल में प्रसव की इस सुविधा को लगातार बेहतर से और बेहतर करने का प्रयास जारी है, जिससे आम जनता को इसका लाभ प्राप्त हो सके।
अपनी क्षमताओं को पहचानने और जीवन में नई उचाईयों को छूने मिलेगी प्रेरणा
हरिलीला ट्रस्ट के मोटिवेशनल आयोजन में 16 को अवध ओझा और ओ.पी. चौधरी करेंगे शिरकत : सपनों को साकार करने का मिलेगा मंत्र
रायपुर | क्षेत्र की अग्रणी समाज सेवी संस्था हरिलीला ट्रस्ट का नि:शुल्क मोटिवेशनल आयोजन 16 अक्टूबर को अपरान्ह 4 बजे स्टेशन रोड जांजगीर-नैला में आयोजित होने जा रहा हैं। इस संबंध में ट्रस्ट के सचिव अमर सुल्तानिया ने जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा हैं। विश्वविख्यात मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा सर और पूर्व आई.ए.एस. तथा छ.ग. शासन के ऊर्जावान मंत्री ओ.पी. चौधरी सर सेशन के दौरान मौजूद विद्यार्थियों और जनसमूह को संबोधित करेंगे जिसमें उनके द्वारा सफलता के नई ऊचाईयों को छूने की कला तथा सपनों को साकार करने के मंत्र दिये जायेंगे। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद कमलेश जांगड़े, जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, अकलतरा विधायक राघवेन्द्र सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व विधायक सौरभ सिंह, जांजगीर-नैला नगर पालिका अध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
गौरतलब है कि हरिलीला ट्रस्ट बनारी समाज सेवा के लिए जांजगीर-चांपा जिले मे ही नही बल्कि पूरे अंचल में सुप्रसिद्ध है हर साल ट्रस्ट के अध्यक्ष लीलाधर सुल्तानिया जी के जन्मदिवस 16 अक्टूबर के अवसर पर जरूरतमंदो के विशेष सहयोग के लिए आयोजन कराये जाते है, गतवर्षो में भी छात्र छात्राओं और आमजन के लिए प्रेरणादायी आयोजन कराये जाते रहे हैं। जिसमें विश्वविख्यात मोटिवेटर और स्पीकर सोनू शर्मा, पूर्व आई.ए.एस. ओ.पी. चौधरी, शंकर गोयनका दिल्ली, डॉ. संतोष राय भिलाई शिरकत कर चुकें हैं। इन आयोजनों को आमजनता ने भरपूर स्नेह दिया था जिसकी वजह से यह आयोजन जिले के इतिहास में मील का पत्थर बन चुके हेैं।
बता दे कि जांजगीर नैला शहर में हरिलीला ट्रस्ट के आयोजन में इस बार विश्वविख्यात मोटिवेटर अवध ओझा सर और पूर्व आई.ए.एस. और छ.ग. शासन के मंत्री ओ.पी. चौधरी सर शिरकत कर रहें हैं। 16 अक्टूबर को आयोजित होने जा रहा यह कार्यक्रम छात्रों के साथ ही आम जनता के लिए महत्वपूर्ण और बहुउपयोगी रहेगा क्योकि इस दौरान दोनो मोटिवेटर, स्पीकर और एजुकेटर शिक्षा और समय का सही प्रबंधन, बदलते परिवेश में सफलता पाने, चुनौतियों से सामना करने का तरीका, प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी के गुण सिखाएंगे साथ ही कल के इस विशेष आयोजन में छात्रों को जीवन बदलने का मौका मिलेगा। वे सफलता की सीढ़ी चढऩे का मंत्र सिखेंगे और इस सेशन के बाद नई ऊर्जा लेकर लौटेंगे जिससे वे अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होंगे।
आयोजक हरिलीला ट्रस्ट की ओर से सचिव अमर सुल्तानिया ने विद्यार्थियों और आमजनता से अनुरोध किया है कि आयोजन स्थल पर तय समय पर कार्यक्रम प्रारंभ हो जायेगा इसलिए असुविधा, अव्यवस्था से बचने और महत्वपूर्ण कार्यक्रम का लाभ उठाने समय से पहले पहुंचकर अपना स्थान सुरक्षित करने की अपील उन्होने की हैं। अमर सुल्तानिया ने बताया कि आयोजन को लेकर अंचल में भारी उत्साह है लगातार ट्रस्ट द्वारा दिये गए लिंक से पंजीयन करने की प्रक्रिया जारी हैं। अमर सुल्तानिया ने यह भी बताया कि 10वीं, 12वीं के प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले छात्र-छात्राओं का 21000 रू. नगद और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया जायेगा।
समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का की खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन 31 अक्टूबर तक
त्योहारी सीजन में यात्रियों को मिली बड़ी राहत... हर ट्रेन में लगेंगे चार जनरल कोच
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर समेत जोन के किसी भी रेलवे स्टेशन की बात कर लीजिए, वहां से सबसे ज्यादा जनरल टिकट लेकर यात्री सफर करते हैं। लेकिन, कोच की कमी के कारण उन्हें या तो यात्रा रद करनी पड़ती है या फिर अतिरिक्त किराया देकर स्लीपर कोच से मंजिल तक पहुंचना पड़ता है।
इसकी वजह से यात्रियों को परेशानी होती थी। खासकर ऐसे यात्री, जो परिवार के साथ चलते हैं, उन्हें बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यात्रियों की इसी समस्या को अब रेल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और इसे दूर करने का प्रयास कर रही है। जब इस समस्या को दूर करने के विषय पर मंथन हुआ तो यह बात सामने आई कि जनरल कोच की संख्या बढ़ाने से न केवल सामान्य बल्कि स्लीपर के यात्रियों को राहत मिलेगी। दरअसल जनरल कोच में जगह नहीं मिलने पर यात्री स्लीपर कोच में जबरिया चढ़ते हैं।
इसके कारण आए दिन विवाद भी होता है। जिसे ध्यान में रखते हुए एक- एक कोच बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इन ट्रेनों में पहले से एक- एक जनरल कोच है, जो ट्रेन के आगे व पीछे जुड़ते हैं। दो अतिरिक्त कोच में ट्रेन की इसे हिस्से में जोड़े जाएंगे। इससे यात्रियों को ट्रेन की आगे की तरह और पीछे के हिस्से में दो- दो जनरल कोच की सुविधा मिलेगी। बिलासपुर रेल मंडल में अभी छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, एर्नाकुलम एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस, चेन्नई एक्सप्रेस समेत आठ ट्रेनें एलएचबी कोच के साथ चलती है।
अतिरिक्त कोच इन्हीं में जोड़ने की तैयारी है। इस माह के अंत तक कुछ ट्रेनों में कोच जुड़ जाएंगे और बाकी ट्रेनों में नवंबर तक कोच जोड़ने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। बिलासपुर रेल मंडल से वैसे तो लगभग 17 ट्रेनें छूटती है। पर अभी कुछ ट्रेन पुराने नीले रंग के कोच से चलती है। इनमें अभी चार जनरल कोच की सुविधा लागू नहीं होगी। हालांकि आगामी दिनों में यह भी एलएचबी कोच के साथ चलेंगी।
मुख्यमंत्री साय 14 अक्टूबर को एक दिवसीय सूरजपुर और रायगढ़ प्रवास पर
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 अक्टूबर को एक दिवसीय रायगढ़ जिले के लैलूंगा प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार मुख्यमंत्री साय 14 अक्टूबर को दोपहर 2.15 बजे ग्राम-सिलौटा, जिला-सूरजपुर से हेलीकाप्टर द्वारा प्रस्थान कर अपरान्ह 3 बजे लैलूंगा पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय अपरान्ह 3.05 बजे वृहत सम्मेलन एवं उरांव समाज के करमा महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय शाम 4.10 बजे लैलूंगा से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
बतादें कि मुख्यमंत्री 11.35 को रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड से सूरजपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। वे 12.35 को सूरजपुर पहुंचेगे। वहां वे जिला स्तरीय सर्व आदिवासी समाज के कर्मा महोत्सव में शामिल होंगे। दोपहर 2.15 बजे वहां से रवाना होकर वे रायगढ़ पहुंचेगे। जहां वे करमा महोत्सव में शामिल होंगे। वहीं शाम 5 बजे तक रायपुर लौट आएंगे।
Mahadev Satta App के साझेदारों का खुलासा… सौरभ की सिर्फ 50 फीसद की हिस्सेदारी
रायपुर। महादेव बुक सट्टा ऐप के मुख्य संचालक सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद इस गिरोह में शामिल लोगों की हिस्सेदारियों का खुलासा हुआ। सौरभ के पास 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि उनके सहयोगी रवि उप्पल की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं शुभम सोनी के पास 10 प्रतिशत और रायगढ़ के व्यवसायी अनिल अग्रवाल की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत है। इस मामले में अब तक 300 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं।
पैसे के हवाले और पैनल बांटने वालों की गिरफ्तारी के साथ, कई प्रमुख नामों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें अनिल दम्मानी, सुनील दम्मानी, चंद्रभूषण वर्मा, असीम दास, नितीश दीवान, भीम सिंह, और अर्जुन यादव शामिल हैं। पुलिस के बाद, मामले की जांच ईडी ने शुरू की। हाल ही में ईओडब्ल्यू ने महादेव सट्टा ऐप में 19 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भी नाम शामिल है। इस मामले की जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है।
पुलिस के बाद, मामले की जांच ईडी ने शुरू की। हाल ही में ईओडब्ल्यू ने महादेव सट्टा ऐप में 19 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भी नाम शामिल है। इस मामले की जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है।
सड़क हादसे में सीआरपीएफ जवान की मौत.... आज शाम धमतरी पहुंच सकता है शव
रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम जंवरगांव निवासी सीआरपीएफ बालाघाट में पदस्थ जवान की रविवार सुबह ड्यूटी जाते समय सड़क हादसे में मौत हो गई। शाम तक शव गांव पहुंचने की उम्मीद है।
जंवरगांव निवासी लकेश नेताम ने बताया कि टकेश्वर निषाद 27 वर्ष पिता पुनीत निषाद 2020 में सीआरपीएफ में पदस्थ हुआ था। वर्तमान में वह मध्य प्रदेश के बालाघाट में पदस्थ था। सुबह-सुबह ड्यूटी जाने के लिए निकला था तभी सड़क हादसे का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई। उसकी 6 माह की बच्ची है। पिता एवं एक अन्य भाई खेती किसानी का काम करते हैं।
आज शाम तक शव गांव पहुंचने की उम्मीद है। निधन की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। पत्नी एवं परिवार जनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। बताया गया कि वह शुरू सही मेधावी था और उसकी इच्छा थी कि वह देश सेवा के लिए जाय या अन्य मोर्चे में पहुंचे।
सरपंच की गुमशुदगी का छपवाया पोस्टर... फिर मंदिर पहुंच भगवान से लगाई खोजने की फरियाद
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र के आदर्श ग्राम कापसी के ग्रामीणों ने गंदगी से परेशान है। वहीं सरपंच भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। सरपंच सहित उच्च स्तरीय प्रशासन की ध्यान अपनी समस्या की ओर आकर्षित करने के लिए ग्रमीणों ने सरपंच की गुमशुदगी के पोस्टर छपवाकर मंदिर जाकर भगवान से सरपंच को ढूंढ़ने की गुहार लगाई।
गांव के संजय पोदार ने बताया कि पिछले चार महीनों से गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं। उन्होंने बताया कि गांव में स्वच्छता को लेकर सरपंच सुखदेव पटेल से कई बार आवेदन देकर सफाई करवाने की मांग की गई थी, लेकिन सरपंच ने कोई कार्रवाई नहीं की।
संजय पोदार ने बताया, “सरपंच न तो पंचायत भवन में मिलते हैं और न ही गांव की समस्याओं पर ध्यान देते हैं। अब भगवान से प्रार्थना है कि वह सरपंच को सद्बुद्धि दें और उन्हें खोजने में हमारी मदद करें।” ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 30 लोगों के हस्ताक्षर वाला आवेदन सरपंच को पहले ही दिया जा चुका है, लेकिन चार महीने बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ है।
गांव में लगातार बढ़ती गंदगी के कारण दुर्गंध और बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों की इस अनोखी पहल ने प्रशासन का ध्यान भी इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया है। अब देखना होगा कि सरपंच कब सामने आते हैं और कब गांव की स्वच्छता की स्थिति में सुधार होता है।
कच्चे मकानों की रह जाएंगी बस यादें : गरीबों के घरों की मजबूत होने लगी हैं बुनियादें
खाते में किश्त आने से मजबूत नींव के साथ बनने लगा है सपनो का आशियाना
जिले के अंतिम छोर के गांवों में भी नजर आएगा पक्का पीएम आवास
रायपुर | अंतिम छोर के गाँव की अपनी पहचान होती है। शहर से दूर होने के साथ यहाँ की अपनी जीवनशैली होती है। दूर-दूर घर होते हैं। घर पर गाय बकरियां होती है। हरे-भरे पेड़ पौधे होते हैं। छोटी-छोटी बाड़ियाँ होती है, जहाँ पसंद की साग सब्जियां उगाई गई और आसपास मुर्गे-मुर्गियां छोटे चूजे घूमते-फिरते होते हैं। सुबह से शाम तक चहल-पहल होती है। अपनी परम्पराएं, अपनी संस्कृति और मजबूत रिश्ते मगर कच्चे घर होते हैं...इन्हीं पहचान के बीच किसी के टूटे हुए तो किसी के जैसे-तैसे बने मिट्टी और खपरैल वाले घर भी होते हैं। गाँव में किसी के पक्के मकान का होना उनके रसूखदार होने की पहचान हुआ करती थी...क्योंकि गरीबी की वजह से पक्के मकान का सपना अनगिनत ग्रामीणों के लिए महज सपना ही था, खेती-किसानी या फिर पीढ़ी दर पीढ़ी कच्चे मकानों में ही जिंदगी गुजार देने वाले ग्रामीणों ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन उनका भी पक्का मकान बनेगा और अपने जीते-जी वे किसी रसूखदारों के बीच पक्के मकान में रह पाएंगे। कुछ ऐसा ही सपना कोरबा जिले के अन्तिम छोर के गाँव पतुरियाडाँड़ में रहने वाले गरीब परिवारों को खुशी और गर्व है कि किसी मजबूत रिश्तों की तरह उनके घरों की बुनियादें भी मजबूत हो रही है और कई मुश्किलों से गुजरी कच्चे मकानों में बस यादें ही रह जाएंगी।
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा के अंतिम छोर के गाँव पतुरियाडाँड़ में रहने वाले गुलाब सिंह अपने तीन बेटों के साथ घर पर रहते हैं। लगभग 60 बसंत देख चुके गुलाब सिंह बताते हैं कि किसी तरह गाँव में खेती किसानी और मजदूरी से घर का खर्च चल जाता था। अब बेटे भी यहीं करते हैं। उनकी कई पीढ़ी गुजर गई पर पक्का मकान बन पाएगा, ऐसा कभी सोचा भी नहीं था। उन्होंने बताया कि उनके कच्चे मकान में जिंदगी कट गई। कच्चे मकान में बारिश के समय बहुत ही ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ा। कभी खपरैल के बीच से टपकते बारिश के पानी में रातों की नींदे खराब हुई तो कई बार नीचे फर्श कीचड़मय हुआ। गुलाब सिंह से बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम आने के बाद उन्हें इस बात की चिंता थी कि वास्तव में पक्का मकान बनाने के लिए पैसे मिलेंगे या नहीं। कई बार तो लगता था कि खाते में पैसा नहीं आएगा और पक्के मकान का सपना कभी पूरा नहीं हो पायेगा। गुलाब सिंह ने बताया कि जब खाते में राशि आई तो मकान का सपना हकीकत में बदल गया है। खाते से राशि निकालकर अपनी मकान को मूर्त रूप दे रहा है। गुलाब सिंह ने बताया कि उन्हें खुशी है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के खाते में पैसा डाला है और यह राशि उनके जैसे गरीब परिवारों के सपनों को सच कर रहा है। इसी गाँव की निवासी पिंकी पैकरा को भी अपने पक्के मकान का पूरा होने का इंतजार है। वह कहती है कि कच्चे मकान में रहने से बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। पक्का मकान बारिश के दिनों में उन्हें किसी परेशानी में नहीं डालेगा और वह सुकून से रह पाएगी। ग्रामीण पंचराम और उनकी पत्नी रूपकुंवर के खाते खाते में भी आवास बनाने के लिए राशि आयी तो इन्होंने मकान पूरा करा लिया है। पंचराम ने बताया कि उनके घर का प्लास्टर का काम ही शेष है, जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा और वे पक्के मकान में रहने लगेंगे। गांव के लबदराम भी पीएम आवास के हितग्राही है। इन्होंने खाते में राशि आते ही काम शुरू कर दिया है। अभी तक 65 हजार प्राप्त कर चुके लबदराम ने बताया कि जल्दी ही उनका घर पूरा हो जाएगा और वे अपने परिवार के साथ कच्चे मकान को अलविदा कह देंगे। इन सभी हितग्राहियों ने पीएम आवास के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और अपने सपने के आशियाने को लेकर गौरवान्वित महसूस करते हुए खुशी व्यक्त की।
आत्मानंद स्कूल निर्माण में देरी... कलेक्टर ने ठेकेदार पर लगाया जुर्माना
रायपुर। प्रदेश के कई जिलों में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के निर्माण कार्य में देरी करने पर ठेकेदारों पर 45 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि समय-सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया गया, तो और भी पेनल्टी लगाई जाएगी।
मुंगेली के कलेक्टर राहुल देव ने लालपुर थाना, सरगांव, मोतिमपुर, पथरिया और लोरमी में स्वामी आत्मानंद स्कूलों के धीमी गति से हो रहे निर्माण कार्य पर नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि ठेकेदारों की लापरवाही की जांच कर, आवश्यक कार्रवाई की जाए।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के प्रभारी कार्यपालन अभियंता पी. एल. पडवार ने बताया कि लालपुर थाना में स्कूल के निर्माण के लिए 11 फरवरी 2023 को कार्यादेश जारी किया गया था, जिसे 11 महीनों में पूरा करना था। लेकिन अब तक ठेकेदार ने काम पूरा नहीं किया, जिसके चलते उस पर 10 लाख 23 हजार 661 रुपये का विलंब शुल्क लगाया गया और 31 जनवरी 2025 तक कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
फर्जी ड्रग इंस्पेक्टर बनकर दवा दुकानदारों से उगाही करने वाले पांच गिरफ्तार
रायपुर। नकली ड्रग इंस्पेक्टर बनकर दवा दुकानों में छापेमारी और उगाही करने वाले पांच आरोपियों को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी दवा की सैंपलिंग के बहाने दुकानदारों को धमकाते और उनसे पैसे वसूलते थे। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
धमधा थाना प्रभारी ने बताया कि ग्राम धुमा धमधा निवासी 68 वर्षीय रघुनंदन प्रसाद वर्मा ने इसकी शिकायत दर्ज करवाई थी। उनके बेटे दिलेंद्र वर्मा ने तीन साल पहले लाइसेंस लेकर घर में एक मेडिकल खोला। गुरुवार दोपहर जब दिलेंद्र सिलपट्टी में एक कार्यक्रम में गया था, तभी दुकान में मौजूद एक लड़के को एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ड्रग इंस्पेक्टर बताया और बिना लाइसेंस के दुकान चलाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की धमकी दी। साथ ही उसने दिलेंद्र को खैरागढ़ कलेक्टोरेट में मिलने के लिए कहा।
बेटे से बात खत्म होने के बाद रघुनंदन प्रसाद ने अपनी बहू को फोन किया, जिन्होंने बताया कि एक स्कॉर्पियो में सवार पांच लोग आए थे। वे खुद को ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए दुकान में घुसे और बिना लाइसेंस दुकान चलाने पर जेल भेजने की धमकी देने लगे। जाते समय वे कुछ दवाओं को सैंपल के लिए साथ ले गए।
इसके बाद जब शाम को घर पहुंचा तो ग्राम खैरझिटी निवासी वैद्यराज जोहन लाल वर्मा से मुलाकात हुई। जब उन्हें घटनाक्रम बताया तो उन्होंने ने भी स्कार्पियों में सवार होकर 5 लोग आए, खुद को ड्रग इंस्पेक्टर बताए और आयुर्वेदिक दवाओं के दो डिब्बे अपने साथ ले गए। बुजुर्ग की शिकायत के बाद पुलिस ने 5 आरोपियों की पहचान पंडरिया कवर्धा निवासी मनीष जंघेल, भूषण वर्मा, तारन वर्मा, टाकेश्वर जंघेल, अतेनमणी अंचित के रूप में हुई।
वित्त मंत्री चौधरी ने रायगढ़ में 12.90 करोड़ के निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन
रायगढ़ जिले में हो रहे हैं अनवरत विकास कार्य
9.37 करोड़ की लागत से होगा 3 सड़कों का निर्माण
लोईंग में 3.44 करोड़ रूपए से आईटीआई भवन बनेगा
कोयलंगा नाला पर 2.89 करोड़ की लागत बन रहा पुल
ओडिशा आवागमन की दूरी होगी कम
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी के प्रयास से रायगढ़ जिले में निर्माण एवं विकास कार्य अनवरत रूप से स्वीकृत एवं संचालित हो रहे हैं। वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने लोईंग महापल्ली क्षेत्र में 12 करोड़ 90 लाख की लागत के निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारा सिर्फ एक ही ध्येय है कि जनता की सुविधा के लिए अधिक से अधिक विकास के कार्य हो। इसको ध्यान में रखकर विकास और जन सुविधा से जुड़े निर्माण कार्यों को लगातार स्वीकृति दी जा रही है। आज सड़क निर्माण कार्यों के साथ लोईंग में बनने वाले आईटीआई भवन तथा बटमूल आश्रम महाविद्यालय में अतिरिक्त निर्माण कक्ष का भी भूमिपूजन किया गया है।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि हम लगातार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। निर्माण कार्यों को मंजूरी देने के बाद अब बारिश खत्म होते ही सभी कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करवाया जा रहा है, जिससे इसका लाभ लोगों को मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महापल्ली में 29 लाख की लागत से महतारी सदन का निर्माण होगा। जिसका संचालन महिलाओं द्वारा किया जायेगा।
वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि लेईंग में आईटीआई भवन निर्माण से यहां पढ़ने वाले छात्रों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ मिलेगा। यहां नए ट्रेड भी शुरू किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि आईटीआई से छात्र स्किल सीखते हैं, जो उन्हें उद्योगों में रोजगार पाने और स्वयं का व्यवसाय शुरू करने योग्य बनाएगा। इस मौके पर उन्होंने मौजूद छात्रों को मन लगाकर पढ़ने और हुनरमंद बनकर अपने जीवन को सही दिशा में आगे बढ़ाने की बात कही।
वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने आज 12 करोड़ 90 लाख रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया, जिसमें 5 करोड़ 46 लाख से रायगढ़-लोईंग महापल्ली जामगांव मार्ग का निर्माण कार्य लम्बाई-8.60 कि.मी, 2 करोड़ 8 लाख की लागत से कोतरलिया बस्ती पहुंचमार्ग का निर्माण लंबाई 1.55 कि.मी. एक करोड़ 83 लाख की लागत से बस्ती जामगांव-छुहीपाली-जूनाडीह मार्ग का निर्माण कार्य, लंबाई 2.40 कि.मी., 3 करोड़ 44 लाख की लागत से लोईंग महापल्ली में नवीन आई.टी.आई. भवन का निर्माण कार्य तथा बटमूल आश्रम कॉलेज में विधायक मद अंतर्गत स्वीकृत 7 लाख 67 हजार की लागत से अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य शामिल हैं।
अंचल के लोगों के आवागमन की सुविधा को देखते हुए वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने 2 करोड़ 89 लाख की लागत से बनने वाले कोयलंगा पुल के निर्माण कार्य का प्रारंभ हो गया है। मंत्री चौधरी ने अधिकारियों को इस काम को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे इस क्षेत्र के लोगों की ओडिशा से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और उन्हें कम दूरी तय करनी पड़ेगी। पुल निर्माण कार्य प्रारंभ होने पर स्थानीय निवासियों ने हर्ष जताते हुए वर्षों से लंबित मांग को पूरा करने पर वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी को धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव, विजय अग्रवाल, सुकलाल चौहान, सूरत पटेल, अनंत राम चौहान, एन.आर.प्रधान, ईई पीडब्ल्यूडी अमित कश्यप, एसडीओ एम.एस.नायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण रखकर भावी पीढ़ी को सौपना है : मंत्री केदार कश्यप
बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेले का शुभारंभ
रायपुर | वन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर मड़ई का उद्देश्य यहां की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण रखकर भावी पीढ़ी को सौपना है। इसी प्रकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगाए गए सरस मेला स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने का माध्यम है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा बस्तर मड़ई और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा क्षेत्रीय सरस मेले का आयोजन जगदलपुर के लालबाग मैदान में 12 से 19 अक्टूबर तक आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में शासकीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी और स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की प्रदर्शनी और बिक्री होगी। मेले में कई जिलों के स्व सहायता समूहों ने हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, जैविक खाद्य पदार्थ, कपड़े, और अन्य स्थानीय वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। शुभारंभ अवसर पर नागलसर के स्कूली बच्चों ने धुरवा मड़ई का आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया।
शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर मड़ई में लगाई गई प्रदर्शनी के माध्यम से दी जा रही है। योजनाओं की जानकारी का लाभ उठाएं और सरस मेला में विभिन्न जिलों से पहुँचे स्व-सहायता की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद की खरीदी कर उन्हें प्रोत्साहित करें। विधायक किरणदेव ने कहा कि बस्तर का परंपरा दशहरा के अवसर पर शासन की जन कल्याण योजनाओं का विभागों द्वारा लगाया गया है इसका लाभ सभी नागरिक लें। साथ कार्यक्रम में खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है इसका आनंद भी लें।
वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक देव, विधायक चित्रकूट विनायक गोयल, महापौर सफीरा साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि ने मेले में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टालों और स्व-सहायता समूहों के स्टालों का निरीक्षण किया और विभागीय स्टालों में योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया। उन्होंने स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की और उनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ल को दिया गया तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति का चार्ज
रायपुर 12 अक्टूबर 2024। प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल को छत्तीसगढ़ तकनीकी विश्वविद्यालय का कुलपति का चार्ज दिया गया है। इस संबंध में राजभवन ने अधिसूचना जारी कर दी है। प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ल अभी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं। अधिसूचना के मुताबिक प्रोफेसर शुक्ल आगामी आदेश या अधिकतम छह महीने तक के लिए तकनीकी यूनिवर्सिटी के कुलपति का चार्ज देखेंगे।
तकनीकी यूनिवर्सिटी के कुलपति मुकेश कुमार वर्मा का कार्यकाल खत्म होने के बाद कुलपति का पद रिक्त था, अब राजभवन ने प्रो शुक्ला को जिम्मेदारी दी है। इस दौरान नये कुलपति की तलाश कर ली जायेगी।
प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल अयोध्या की राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में फिजिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के एचओडी रह चुके हैं। जिसके बाद उन्हें रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी का कुलपति बनाया गया था। अब उन्हें अधिकतम छह महीने के लिए तकनीकी यूनिवर्सिटी दुर्ग के कुलपति का चार्ज दिया गया है।
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों को हथियार सप्लाई करने वाले दो आरोपी यूपी से अरेस्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों को हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई करने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एक बड़ी सफलता मिली है। एनआईए ने शुक्रवार को इस साजिश से जुड़े दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के रहने वाले हैं, जिनमें सुधीर त्रिपाठी और सूरज निषाद का नाम शामिल है। इनकी गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इससे पहले, एनआईए ने जनवरी 2023 में चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था. उस समय स्थानीय पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किए थे. गिरफ्तारियों के बाद, एनआईए ने मामले में शस्त्र अधिनियम, यूए (पी) ए और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. जांच के दौरान यह पाया गया कि सुधीर और सूरज नक्सलियों के साथ गहरे संपर्क में थे और उन्हें हथियारों की सप्लाई में मदद कर रहे थे.
एनआईए की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सुधीर और सूरज उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों को हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति करने के लिए नियमित रूप से सक्रिय थे. दोनों आरोपी एक-दूसरे के लगातार संपर्क में रहते थे और एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से नक्सलियों को आवश्यक संसाधन प्रदान करते थे. इस संगठित आपूर्ति से नक्सलियों की गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा था.
जांच एजेंसी ने पहले गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क का पता लगाया था. गिरफ्तारियों के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर एनआईए ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी और मामले में गहराई से जांच की. दोनों नए आरोपियों की गिरफ्तारी से नक्सलियों को हथियार सप्लाई करने वाले पूरे गिरोह का भंडाफोड़ होने की उम्मीद है.
स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों ने भी इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने एनआईए को आरोपियों के ठिकानों की जानकारी दी और गिरफ्तारी के दौरान सहयोग किया. सुरक्षा बलों ने उन स्थानों पर छापेमारी की, जहां से हथियारों की सप्लाई की जा रही थी.