छत्तीसगढ़
जूनियर को बीईओ बनाने के मामले में हाई कोर्ट ने जारी किया अवमानना नोटिस
रायपुर। प्रदेश का शिक्षा विभाग कुछ सालों से प्रभारी डीईओ और प्रभारी बीईओ के भरोसे चल रहा है। अधिकांश जिलों में मनमाने तरीके से जूनियर व्याख्याताओं को बीईओ बना दिया गया है, वहीं मुख्यालय से अनेक कनिष्ठों को प्रभारी डीईओ बनाकर बिठा दिया गया है। ऐसे ही एक मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसमे कोर्ट का निर्देश नहीं मानने पर अवमानना याचिका लगाई गई है।
दरअसल कबीरधाम निवासी दयाल सिंह ने 2022 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने अपने जूनियर, संजय कुमार जायसवाल को विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) नियुक्त किए जाने पर सवाल उठाया था। दयाल सिंह, जो खुद एक व्याख्याता हैं, ने शिक्षा विभाग में इस नियुक्ति के खिलाफ आवेदन दिया था, लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई विचार नहीं किया।
दिसंबर 2022 में हाई कोर्ट ने इस मामले में शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को नोटिस जारी कर याचिकाकर्ता के आवेदन पर चार सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद, दयाल सिंह ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर की है।
'सतही और भूजल प्रबंधन- एशिया और अफ्रीका का सर्वोत्तम उपयोग पर अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम
रायपुर। राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान (RGNGWT&RI) और अफ्रीकी-एशियाई ग्रामीण विकास संगठन (AARDO) द्वारा विभिन्न AARDO देशों के प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित 'सतही और भूजल प्रबंधन – एशिया और अफ्रीका का सर्वोत्तम उपयोग ' पर दो सप्ताह के अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का उद्घाटन दिनांक 23 सितंबर 2024 को संस्थान के सभागार में किया गया।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि अफ्रीकी-एशियाई ग्रामीण विकास संगठन के महासचिव महामहिम डॉ. मनोज नरदेव सिंह एवं विशिष्ठ अतिथि केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के सदस्य (मुख्यालय) डॉ. ए. अशोकन थे। इस कार्यक्रम में एनडब्ल्यूए पुणे के मुख्य अभियंता और प्रमुख श्री डी. एस. चास्कर, राजीव गांधी राष्ट्रीय भूजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक निधीष वर्मा, उत्तर मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र, रायपुर, केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पी. के. नाइक, आईईसी के प्रमुख , डॉ संजीव कुमार बेहरा और संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारिओ की गरिमामयी उपस्थिती थी।
अपने उद्घाटन भाषण में, क्षेत्रीय निदेशक निधीष वर्मा ने एएआरडीओ देशों के गणमान्य व्यक्तियों और प्रशिक्षुओं का स्वागत किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को सूचित किया कि स्थायी प्रबंधन वर्तमान में सामान्य रूप से जल संसाधन क्षेत्र और विशेष रूप से भूजल क्षेत्र के लिए चर्चा का विषय है और विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन घटना के साथ है ।
डॉ संजीव कुमार बेहरा, प्रमुख (आईईसी) ने सदन को एएआरडीओ और इसके इतिहास के बारे में जानकारी दी। डॉ. प्रबीर कुमार नाइक, क्षेत्रीय निदेशक, केंद्रीय भूमि जल बोर्ड, उत्तर मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र, रायपुर ने अपने भाषण में सभा को बताया कि जल सुरक्षा और स्थिरता उन प्रमुख मुद्दों में से एक है, जिनके लिए व्यवहार परिवर्तन और मांग पक्ष के हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है, विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में जिसमें फसल विविधीकरण विकल्पों का पता लगाने की आवश्यकता है। डीएस. चास्कर, मुख्य अभियंता और राष्ट्रीय जल अकादमी, सीडब्ल्यूसी, पुणे के प्रमुख ने कृषि आधारित विकासशील अर्थव्यवस्थाओं और ग्रामीण बस्तियों में जल संसाधन प्रबंधन की भूमिका और महत्व पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा की।
डॉ. ए. अशोकन, सदस्य (मुख्यालय), केंद्रीय भूमि जल बोर्ड ने भारत के भूजल परिदृश्य और स्थायी भूजल प्रबंधन के क्षेत्र में केंद्रीय भूमि जल बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने राष्ट्रीय जलभृत मानचित्रण और प्रबंधन (एनएक्यूआईएम) कार्यक्रम और विभिन्न क्षेत्र विशिष्ट भूजल मुद्दों को मिलाने और दस्तावेज बनाने और उचित शमन उपायों की सिफारिश करने में इसकी भूमिका के बारे में भी जानकारी साझा की।
महामहिम डॉ. मनोज नरदेव सिंह, महासचिव, एएआरडीओ और इस अवसर के मुख्य अतिथि ने उद्घाटन समारोह में उपस्थित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने श्रोताओं से एसडीजी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए सक्रिय उपाय शुरू करने का आग्रह किया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं विधायक भावना बोहरा के साथ पहुँचे लोहारीडीह
मृतक प्रशांत साहू के परिजनों को सौंपा दस लाख का चेक, ग्रामीणों से चर्चा कर घटना की जानकारी ली
पीड़ितों और बेगुनाहों को मिलेगा न्याय, दोषियों पर की जाएगी सख्त कार्रवाई : उप मुख्यमंत्री साव
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लोहारीडीह की घटना पर भ्रम न फैलाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा शनिवार को कबीरधाम जिले के लोहारीडीह पहुंचे। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक भावना बोहरा और साहू समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी भी इस दौरान उनके साथ थे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोहारीडीह में मृतक प्रशांत साहू के घर पहुँचकर उनकी मां से मुलाकात की और घटना पर राज्य सरकार की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने स्वर्गीय प्रशांत साहू की मां को दस लाख रुपए का चेक सौंपा।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ग्रामीणों से घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए कहा कि आज हम सब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लोहारीडीह आए हैं। हमने गांववालों, समाज के वरिष्ठजनों और जनप्रतिनिधियों के साथ मृतकों शिव प्रसाद साहू, रघुनाथ साहू और प्रशांत साहू के घर पहुँचकर उनके परिजनों तथा पड़ोसियों से भेंटकर अपनी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी लोहारीडीह में दुखद घटना पर अपनी गहरी संवेदना और दुःख प्रकट किया है। उन्होंने घटना की हर पहलुओं की बारीकी तथा पूरी संवेदनशीलता के साथ जांच के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि आज हमने मृतक रघुनाथ साहू के घर पहुंचकर आगजनी में जले उसके घर का मुआयना किया है। मृतक शिव प्रसाद के बच्चों और परिजनों से मिलकर सांत्वना दी है। लोहारीडीह की घटना की हर पहलू की जांच की जाएगी। पीड़ितों और बेगुनाहों को न्याय मिलेगा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर इस पर तत्परता से कार्यवाही की जा रही है। हम लोग लौटकर सभी संबंधितों से हुई चर्चा से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे।
उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री विजय शर्मा ने लोहारीडीह में ग्रामीणों से कहा कि उन्होंने गांव आने से पहले दुर्ग जिला जेल में रखे गए गांव की माताओं-बहनों से मुलाकात की है। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए निर्देशित किया है। संदेह के आधार पर जेल में रखे गए सभी ग्रामीणों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए प्रशासन को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि लोहारीडीह की घटना अत्यंत दुःखद है। पीड़ित परिवारों के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। मैं भी इस क्षेत्र के विधायक के रूप में पीड़ित परिवारों के साथ एक अभिभावक के रूप में सदैव रहूंगा।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोहारीडीह घटनाक्रम की पूरी निष्पक्षता से जांच के निर्देश दिए हैं। पीड़ितों तथा निर्दोषों के साथ न्याय होगा। जांच के बाद दोषियों पर कानून तथा विधि अनुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने प्रदेशवासियों और कबीरधाम जिले के लोगों से लोहारीडीह की घटना के संबंध में किसी भी प्रकार का भ्रम और अफवाह नहीं फैलाने की अपील की है। उप मुख्यमंत्री शर्मा के निर्देश पर प्रशासन द्वारा लोहारीडीह में ग्रामीणों के घरों में सूखा राशन, दाल, तेल, आलू, सोयाबीन बड़ी सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्रियों के पैकेट का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में स्थिति सामान्य होते तक विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
जैविक खेती से करें मिट्टी का श्रृंगार : फसल चक्रण से उत्पादन होगा भरमार
आवारा गौवंश का सहारा बनें किसान रमनलाल साहू
रायपुर | जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले धमतरी जिले के ग्राम गाड़ाडीह के किसान रमन लाल साहू का सम्मान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विगत दिनों किया था। साहू जैविक खेती कर मिट्टी की उर्वरकता बढ़ाने में महती भूमिका निभा रहे है,वही फसल चक्रण करके जल संरक्षण का काम भी कर रहे है।
आज के आधुनिक दौर में खेती किसानी के काम को उतना महत्व नहीं दिया जाता है, जितना की सरकारी या किसी अन्य नौकरी को दिया जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने लोगों को खेती किसानी की ओर मुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया है। प्रगतिशील किसान रमनलाल साहू ने परम्परागत खेती को पीछे छोड़ आधुनिक खेती को अपनाया है। जैविक खेती को बढ़ावा देते हुए मृदा, जल एवं पर्यवरण संरक्षण की दिशा में भी सराहनीय काम किया है। साहू बताते हैं कि विगत 8 सालों से वह 3 एकड़ से अधिक जमीन पर धान की जैविक खेती कर रहे हैं। जल संरक्षण की दिशा में रबी फसल में दलहन-तिलहन की खेती कर रहे हैं। इससे जमीन की उर्वरकता बढ़ने के साथ ही फसल का उत्पादन भी बढ़ा है।
साहू बताते है कि किसान होने के साथ-साथ वह पशु मित्र भी है, उन्होंने गली-मोहल्लों में आवारा घूमने वाले गौवंश के लिए अपने खेत के समीप लगभग 25 डिस्मिल क्षेत्र में गौठान तैयार कर उनका संरक्षण कर रहे है। इन गौवंशो से प्राप्त होने वाले गोबर का उपयोग जैविक खेती करने में कर रहे हैं। वहीं दूध बेचकर हर माह 9 हजार रूपये की शुद्ध आमदनी भी प्राप्त कर रहे हैं। साहू ने यह भी बताया कि उन्होंने खेत में छोटा सा तालाब बनाया है, जिससे गौवंश के लिए पानी की व्यवस्था की है, वहीं क्रेडा की ओर से सोलर पैनल भी लगवाया है। इसके साथ ही गोबर गैस संयंत्र लगाकर गौवंश के लिए चारा की व्यवस्था करते हैं।
रमनलाल साहू रासायनिक खेती के दुष्परिणामों के बारे में अन्य किसानों को अवगत कराते हुए जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। साथ ही अपने गौशाला से उत्पादित गोबर, गौ मूत्र को अपने खेतों में उपयोग करते हुए जहरमुक्त अन्न की पैदावार कर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे हैं।
राज्य का 10वां पासपोर्ट कार्यालय जगदलपुर में खुला : पासपोर्ट बनवाने के लिए रायपुर तक की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी
रायपुर | जगदलपुर में शनिवार को देश का 442वां पासपोर्ट कार्यालय शुरू हो गया | रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, राजनांदगांव और कांकेर के बाद जगदलपुर में खुला यह राज्य का 10वां पासपोर्ट कार्यालय है | अब बस्तर के लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए रायपुर तक की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
बस्तर सांसद महेश कश्यप और विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव व मुख्य पासपोर्ट अधिकारी डॉ. केजे श्रीनिवासन की मौजूदगी में सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया | इस दौरान जगदलपुर निवासी प्रीतम कुमार को नया पासपोर्ट प्रदान किया गया | हालांकि, सेवा केंद्र में नए पासपोर्ट के लिए आवेदन की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी।
बताया गया कि यहां शुरुआत में प्रतिदिन 45 लोगों से पासपोर्ट के लिए आवेदन लिए जाएंगे | डाक विभाग के कर्मचारियों को इस काम के लिए नियुक्त किया गया है | कार्यक्रम के दौरान बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि पासपोर्ट कार्यालय खुलने से बस्तर के लिए दुनिया का द्वार खुल गया है और अब बस्तर के व्यवसायी, मजदूर, विद्यार्थी सब अपने काम के लिए विदेश जा सकेंगे।
पोषण माह में बच्चों के पोषण एवं जनजागरूकता के लिए चलाया जा रहा महाअभियान
सौम्या चौरसिया के मां की संपत्ति को आयकर विभाग ने किया अटैच... जमानट याचिका पर सुनवाई 23 सितंबर को
रायपुर। कोयला लेव्ही स्कैम में आरोपी सौम्या चौरसिया की ज़मानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार 23 सितंबर को सुनवाई करेगा। 20 सितंबर को ही इसकी सुनवाई होनी थी लेकिन ईडी ने जवाब के लिए समय ले लिया। इधर आयकर विभाग ने सौम्या चौरसिया की मां शांति चौरसिया से जुड़ी संपत्तियों को अटैच कर दिया है।
आयकर विभाग ने जिन संपत्तियों पर अटैचमेंट का बोर्ड लगाया है, उनमें जोरा ( रायपुर) में 26 हजार स्क्वायर फ़ीट ज़मीन,रायपुर के आरंग तहसील के रसनी गांव में साढ़े छ एकड़ ज़मीन,आरंग में 3.8 एकड़ ज़मीन और मंदिर हसौद में क़रीब साढ़े तीन एकड़ ज़मीन शामिल है।इन संपत्तियों का लाभार्थी सौम्या चौरसिया को बताया गया है। इनमें तीन संपत्तियाँ सौम्या चौरसिया की माँ शांति चौरसिया के नाम पर जबकि एक संपत्ति भीखम चंद्र चांडक के नाम पर बताई गई है।
सुप्रीम कोर्ट में सौम्या की याचिका पर सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस भुइयाँ की बेंच करेगी। सौम्या चौरसिया की याचिका में ज़मानत के लिए आप पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया के मामले में दिए गए ज़मानत आदेश को आधार बनाया गया है। सौम्या चौरसिया की ओर से दायर याचिका में याचना की गई है कि,वह एक साल आठ महीने से जेल में है,प्रकरण का ट्रायल जल्द होने की संभावना नहीं है। जेल में रहते हुए ईडी ने बीते एक साल में कभी इस प्रकरण में पूछताछ भी नहीं की जिसका अर्थ है कि, ईडी को अब सौम्या से इस प्रकरण में पूछताछ की जरुरत भी नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को ज़मानत देते हुए यह कहा था कि, ट्रायल में विलंब संविधान की धारा 21 की अवहेलना है। संविधान की धारा 21 ईडी की धारा 45 से उपर महत्व रखते हुए विचारणीय होगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस आधार पर मनीष सिसोदिया को ज़मानत दे दी थी। सौम्या चौरसिया की ज़मानत याचिका में मनीष सिसोदिया की ज़मानत याचिका में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गए इस न्याय दृष्टांत का ज़िक्र है।
आयकर विभाग ने सौम्या चौरसिया की माँ शांति चौरसिया से जुड़ी बताई जा रही संपत्तियों को अटैच कर दिया है। आयकर विभाग ने अटैच संपत्तियों पर अटैचमेंट का बोर्ड लगा दिया है। इसके पहले आयकर विभाग ने सौम्या चौरसिया से जुड़ी संपत्तियों को भी अटैच किया है। आयकर विभाग के अटैचमेंट का अर्थ है कि, अटैच संपत्तियां ना बेची जा सकती हैं ना ख़रीदी जा सकती हैं ना ही किसी को किराए पर दी जा सकती हैं।
स्कूलों में शिक्षकों व छात्रों के लिए सख्त पाबंदी: प्रार्थना में शिक्षकों व कर्मचारियों की उपस्थिति जरूरी
रायपुर। स्कूलों को लेकर आए दिन कुछ ना शिकायतें पहुंच रही है। कहीं शिक्षकों की कार्यशैली से नाराजगी है, तो कहीं बच्चों की भी अपनी शिकायत है। लिहाजा अब बिलासपुर कलेक्टर ने सभी हाईस्कूल, हायर सेकेंडर स्कूलों के प्राचार्य व बीईओ को कड़ा निर्देश जारी किया है। कलेक्टर ने अपने पत्र में कहा है कि स्कूलों में इन दिनों अनियमित उपस्थिति और छात्रों में अनुशासनहीनता देखी जा रही है। लिहाजा निर्देशों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है।
स्कूलों में प्रार्थना में सभी शिक्षक और कर्मचारियों की उपस्थिति अब जरूरी होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा कलेक्टर कांफ्रेंस में दिए गए निर्देशों के अनुरूप शैक्षणिक गुणवत्ता व स्कूल प्रशासन में कसावट लाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा गंभीरता से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। कलेक्टर अवनीश शरण ने इस संबंध में स्कूलों के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी प्राचार्यों, प्रधानपाठकों और बीईओ से जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन कर वांछित परिणाम हासिल करने को कहा है। कलेक्टर ने कहा कि विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान अक्सर यह पाया गया है कि विद्यालयों में शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति के कारण विद्यालयों का संचालन प्रभावित हो रहा है। साथ ही विद्यार्थियों में अनुशासनहीनता की प्रवृत्ति भी देखी जा रही है। यह स्थिति विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए कतई उचित नहीं है।
कलेक्टर द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार विद्यालयों में प्रार्थना निर्धारित समय पर हों तथा प्रार्थना में सभी शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल रहें। प्रार्थना उपरांत समय-समय पर विद्यार्थियों के बस्ते चेक किये जाएं ताकि विद्यार्थी विद्यालय में अवांछित वस्तुएं लेकर ना आ सकें। उनकी प्रवृत्ति सकारात्मक एवं संस्कार युक्त हो सके। प्रत्येक कालखंड में शिक्षकों की उपस्थिति समय पर सुनिश्चित की जाए। यदि विषय शिक्षक अनुपस्थित हैं तो अध्यापन व्यवस्था के तहत शिक्षकों को नियुक्त किया जाए, ध्यान रखें किसी भी कालखंड में कोई कक्ष खाली ना रहे।
भोजन अवकाश में बच्चों को विद्यालय परिसर से बाहर न जाने दिया जावे। भोजन अवकाश के समय प्रतिदिन दो शिक्षक-शिक्षकाओं की ड्यूटी लगाई जावे, जो विद्यालय की कक्षाओं एवं परिसर में घूम कर बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें।भोजन अवकाश में बाहरी वेंडर अथवा ठेले वालों को सामग्री बेचने हेतु प्रवेश न दिया जाए। विद्यालयों में विद्यालय निधि अथवा शाला प्रबंधन समिति अथवा पंचायत के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था सुनिश्चित की जावे।तंबाकू मुक्त शैक्षिक संस्थान कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय परिसर के 100 मीटर के दायरे में नशा सामग्री,पान-गुटका इत्यादि की बिक्री एवं सेवन प्रतिबंधित है।
छत्तीसगढ़ में एटीएस चीफ से ठगी : ट्यूटर कंपनी ने ट्यूशन पढ़ाने ली एक मुश्त राशि, एक माह बाद हुआ फरार
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस की शाखा एटीएस की चीफ से ठगी का मामला सामने आया है। एटीएस चीफ राजश्री मिश्रा के साथ भिलाई की एक ट्यूटर कंपनी ने ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। बेटी को ट्यूशन पढ़ाने के लिए एटीएस चीफ ने ट्यूटर कंपनी को एक मुश्त राशि दी। एक माह ट्यूशन पढ़ाने के बाद कोचिंग सेंटर बंद कर संचालक फरार हो गया। इस मामले में शिकायत पर तेलीबांधा पुलिस ने धारा 318(4)- बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है।
इस संबंध में सी-04 ग्रीन लैंण्ड विशाल नगर तेलीबांधा निवासी राजश्री मिश्रा ने लिखित शिकायत पेश की है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि ऑनलाईन विज्ञापन के माध्यम से बच्चो को टयूशन के लिए आनलाइन विज्ञापन देखकर ट्यूटर कंपनी को फोन किया। ट्यूटर फैक्ट्री 3rd फ्लोर सूर्या मॉल जुनवानी भिलाई के संचालक सुयश शर्मा से संपर्क किया गया। इसके बाद राजश्री मिश्रा के पति अविनाश मिश्रा फोन पर बात कर बताया कि उनकी बेटी कक्षा 11वीं की छात्रा है। उसके लिए मेरे निवास C-4 ग्रीन लैंड विशाल नगर तेलीबांधा रायपुर में बायोलजी केमिस्ट्री एवं फिजिक्स विषय के लिए महिला ट्यूटर की आवश्यकता बताई। ट्यूटर फैक्ट्री द्वारा उल्लेखित विषयों की डेमो क्लास के लिए बबिता आनंद (बायो एवं केमिस्ट्री) एवं सुश्री तनु सिंग (फिजिक्स) को भेजा गया। दोनों ही अध्यापिकाओं का प्रदर्शन संतोषजनक होने से मेरे द्वारा उन्हें सम्बंधित विषयों के लिए ट्यूटर नियुक्त किये जाने की ट्यूटर फैक्ट्री को सहमति दी गई।
इसके बाद ट्यूटर फैक्ट्री ने 12 माह का पैकेज के लिए 6,9600 रुपए की डिमांड की गई। डिस्काउंट के बाद कुल 6,00,00 रुपए तय हुआ। 60 हजार रुपए ट्यूटर फैक्ट्री को अविनाश मिश्रा ने जीपे एकाउंट के माध्यम से 16 मई 2024 को 2 हजार रुपये और 19 मई 28 हजार रुपये भुगतान किया गया। इसके बाद तनु सिंह ने 20 जून को ट्यूटर फैक्ट्री द्वारा समय पर उन्हें भुगतान नहीं किये जाने की शिकायत करते हुए आना बंद कर दिया। ट्यूटर फैक्ट्री को सूचित करने पर उनके द्वारा फिजिक्स विषय के लिए लोकेश यादव को डेमो क्लास के लिए भेजा।
लोकेश यादव ट्यूशन पढ़ाने लगे दोनों ट्यूटर का प्रदर्शन संतोषप्रद रहने एवं ट्यूटर फैक्ट्री के संचालक सुयश शर्मा को 30000 रुपए ट्रान्सफर किये गए। इसके बाद 10 अगस्त तक सभी शिक्षक भुगतान नहीं होने की बात कहकर आना बंद कर दिया। इसकी जानकारी सुयश शर्मा को देने पर उसने खुद को पुणे में होना बताया और वापस लौट कर समस्या का समाधान करने की बात कही। इसके बाद उनके द्वारा मोबाइल फ़ोन पर कल रिसीव करना एवं मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया गया। जब भिलाई पहुंचकर पता किया गया तो उनका ऑफिस ही बंद था। इस तरह ट्यूशन पढ़ाने के नाम पर 60000 रुपए की ठगी की गई। बताया जा रहा है कि सुयश शर्मा ने इस प्रकार कई लोगों से ठगी है। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज जांच शुरू कर दी है।
बस्तर-सरगुजा सहित विभिन्न विकास प्राधिकरणों में उपाध्यक्षों की नियुक्ति
रायपुर। छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं का इंतजार रंग लाया है। बस्तर विकास प्राधिकरण, सरगुजा विकास प्राधिकरण, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, और पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण में उपाध्यक्षों की नियुक्तियां कर दी गई हैं।
जारी आदेशों के अनुसार, विधायक गोमती साय को सरगुजा विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष पद विधायक लता उसेंडी को सौंपा गया है। इसके साथ ही, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष के रूप में मरवाही के विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची की नियुक्ति हुई है।
अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष विधायक गुरु खुशवंत साहेब को बनाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दुर्ग ग्रामीण के विधायक ललित चंद्राकर को सौंपी गई है।
अमेरिका यात्रा से लौटे उप मुख्यमंत्री साव… कहा काफी लाभदायक रहा प्रवास
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव अमेरिका के अध्ययन प्रवास के बाद आज सुबह रायपुर पहुंचे। राजधानी वापसी पर स्वामी विवेकानंद विमानतल पर उनका भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया। उप मुख्यमंत्री साव ने बताया की अमेरिका के अपनी अध्ययन यात्रा के दौरान उन्होंने पांच प्रमुख शहरों का भ्रमण कर सड़क निर्माण और सड़कों के रखरखाव की तकनीक, इनमें एआई (Artificial Intelligence) के उपयोग और पुल-पुलियों के निर्माण को लेकर तकनीकी विशेषज्ञों से चर्चा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह के साथ अमेरिका के बड़े-बड़े शहरों में निर्माण कार्यों में प्रयुक्त होने वाली तकनीकों का अध्ययन किया। साव ने अमेरिका में निर्माण स्थलों और ग्रीन-फील्ड रोड का भी अवलोकन किया। उन्होंने अपनी यात्रा को काफी लाभदायक बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की परिस्थितियों में जिन तकनीकों का इस्तेमाल हो सकता है, उन्हें यहां जरूर लागू करेंगे।
साव अपने अध्ययन प्रवास के दौरान शिकागो में आयोजित भारतीय स्वदेशी मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अमेरिका यात्रा के दौरान सभी शहरों में भारतीयों और खासकर छत्तीसगढ़ के लोगों से बड़ी संख्या में मुलाकात और बात हुई। छत्तीसगढ़ के बहुत से लोग वहां रह रहे हैं और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। साव ने बताया कि उन्होंने अमेरिका में रह रहे छत्तीसगढ़ के लोगों, भारत के अन्य प्रांतों के लोगों और अमेरिकी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक-पौराणिक महत्व के स्थलों को देखने तथा यहां की संस्कृति और सभ्यता को समझने के लिए आमंत्रित किया हूं।
छत्तीसगढ़ के नक्सल पीड़ित परिवारों से केंद्रीय गृहमंत्री ने किया संवाद
रायपुर/नईदिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर छत्तीसगढ़ के नक्सली हिंसा पीड़ितों से मुलाकात की। इनमें बस्तर शांति समिति के तत्वाधान में छत्तीसगढ़ के वामपंथी उग्रवाद-प्रभावित इलाकों के नक्सली हिंसा प्रभावित 55 लोग शामिल थे। बस्तर शांति समिति ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से पीड़ित लोगों की व्यथा को दर्शाने वाली एक डॉक्यूमेन्टरी भी दिखाई। नक्सली हिंसा से पीड़ित कुछ लोगों ने गृह मंत्री को अपनी व्यथा बताई।
नक्सली हिंसा से पीड़ित लोगों से संवाद के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार, मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के प्रति कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण, वामपंथी उग्रवाद अब छत्तीसगढ़ में बस्तर के कुछ ज़िलों तक सीमित होकर रह गया है। शाह ने कहा कि नक्सलवाद, मानवता और देश की आंतरिक सुरक्षा, दोनों के लिए ख़तरा है।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार वामपंथी उग्रवाद से पीड़ित लोगों के समग्र विकास के लिए अगले 3 महीनों में योजना लाएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को चिकित्सा, रोज़गार और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लाभ मिल सकेंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास योजनाओं के माध्यम से मोदी सरकार ने नक्सलियों को संदेश दिया है कि मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है। गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलियों के मानवाधिकार का पक्ष लेने वालों को इससे पीड़ित होने वालों का मानवाधिकार देखना चाहिए। गृह मंत्री ने वामपंथी उग्रवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मार्च, 2026 तक वामपंथी उग्रवाद के समूल खात्मे के बाद बस्तर एक बार फिर सुंदर, शांतिपूर्ण और विकसित होगा।
कोरबा में विमान लैंडिग के दौरान टला बड़ा हादसा, चार्टर प्लेन में सवार थे मंत्री
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक बड़ा विमान हादसा होते-होते रह गया। लेकिन पायलट ने सूझ-बूझ दिखाते हुए विमान को सुरक्षित लैंड करा दिया। यह घटना बाल्को हवाई पट्टी पर हुई, इस विमान में प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह मौजूद थे।
गुरुवार को दोपहर करीब 2:30 बजे, ये सभी नेता दिवंगत पूर्व सांसद बंशीलाल महतो की पत्नी के दसवीं के कार्यक्रम में कोरबा गए थे। जब विमान 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लैंडिंग करने की कोशिश कर रहा था, तो अचानक रनवे की ऊबड़-खाबड़ स्थिति के कारण प्लेन एक बार नहीं, बल्कि दो बार उछल गया। पायलट ने सूझ-बूझ दिखाते हुए फिर से उड़ान भरी और कुछ देर बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई, लेकिन दूसरे लैंडिंग के दौरान भी कई झटके लगे।
मंत्री ओपी चौधरी ने हवाई पट्टी का निरीक्षण किया और उसकी खराब स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कलेक्टर और एसपी से बाल्को प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है। कलेक्टर अजीत वसंत ने बाल्को और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में जवाब मांगा है।
बता दें, यह पहली बार नहीं है जब बाल्को की हवाई पट्टी पर ऐसी घटना हुई है। 2022 में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के साथ भी ऐसी ही परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस बार के वाकये ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रनवे की स्थिति में सुधार की आवश्यकता है, अन्यथा भविष्य में किसी बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अब इस आईपीएस ने दिया इस्तीफा... तबादले के बाद सामने आ रही थी नाराजगी खबरें
डेस्क। बिहार में पदस्थ आईपीएस शिवदीप वामनराव लांडे ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे की जानकारी खुद ही सोशल मीडिया के जरिये साझा किया है। 2006 बैच के तेज तर्रार आईपीएस शिवदीप लांडे का हाल ही में तबादला हुआ था। उन्होंने सोशल मीडिया में अपने इस्तीफे के बारे में लिखा है कि वो बिहार में सेवा करते रहेंगे। उन्होंने अपने इस्तीफे के बारे में अपने ऑफिशियल फेजबुक पेज पर बताया। शिवदीप लांडे बिहार के उन अफसरों में गिने जाते हैं जो लॉ एंड ऑर्डर के आगे न किसी की पैरवी सुनते हैं और न किसी को पहचानते हैं।
उनकी छवि एक ईमानदार और कड़क पुलिसवाले की है। IPS शिवदीप लांडे फिलहाल पूर्णिया रेंज के आईजी के पद पर तैनात थे। शिवदीप लांडे वैसे तो बिहार कैडर के आईपीएस अफसर हैं, लेकिन वह महाराष्ट्र में भी तैनात रहे हैं. शिवदीप लांडे जब बिहार में एसटीएफ के एसपी के पद पर तैनात थे, तब उनका तबादला महाराष्ट्र कैडर के लिए हो गया था. बिहार वापसी तक वह महाराष्ट्र एटीएस में डीआईजी के पद पर पहुंच चुके थे।
शिवदीप लांडे ने कहा, ‘मेरे प्रिय बिहार, पिछले 18 वर्षो से सरकारी पद पर अपनी सेवा प्रदान करने के बाद आज मैंने इस पद से इस्तीफा दे दिया है। इन सभी वर्षो में मैंने बिहार को ख़ुद से और अपने परिवार से भी ऊपर माना है। अगर मेरे बतौर सरकारी सेवक के कार्यकाल में कोई त्रुटि हुई हो तो मैं उसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं. मैंने आज भारतीय पुलिस सर्विस (IPS) से त्यागपत्र दिया है परन्तु मैं बिहार में ही रहूँगा और आगे भी बिहार मेरी कर्मभूमि रहेगी।
आईपीएस शिवदीप लांडे मूल रूप से महाराष्ट्र के अकोला के रहने वाले शिवदीप वामनराव लांडे का बचपन दुश्वारियों में गुजरा है। उनके पिता एक गरीब किसान थे। शिवदीप लांडे दो भाइयों में बड़े हैं. उनकी परवरिश बेहद मुश्किल हालातों में हुई थी। स्कॉलरशिप की मदद से शिवदीप लांडे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में यूपीएससी टॉप किया।
बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, 7 घरों में गिरा High Tension तार, 38 लोग घायल
डेस्क। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के गुरसहायगंज कस्बे में शाम को बिजली विभाग की लापरवाही से बड़ा हादसा हो गया। हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर 7 घरों पर गिर गया। हादसे में करीब 38 लोग घायल हो गए। इनमें 7 लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक गुरसहायगंज के मोहल्ला सीमांत नगर में बुधवार शाम को करीब सात बजे बारिश के दौरान लोग अपनों के घरों के अंदर थे। इसी दौरान घरों के ऊपर से गुजरी एचटी बिजली लाइन का तार अचानक टूट कर गिर गई। जिससे घरों में हाई वोल्टेज करंट दौड़ने लगा। करंट की चपेट में आने से लोग बेहोश होकर गिरने लगे। लगातार करंट प्रवाहित होने से आसपास के लोग मदद भी नहीं कर पाए। इस घटना के होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग को सूचना दी तब जाकर बिजली सप्लाई को बंद किया गया।
इस घटना में फ्रिज कूलर इन्वेंटर आदि उपकरण जल गए। घटना के बाद लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। वहीं सभी घायलों का इलाज जारी है, डॉक्टरों ने बताया कि सभी घायलों की हालत स्थिर है।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में एडमिशन प्रक्रिया 2024: जानें कैसे लें प्रवेश!
रायपुर। अगर आप दुर्ग जिला स्थित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। विश्वविद्यालय ने 2024 के शैक्षणिक सत्र के लिए एडमिशन प्रक्रिया की घोषणा कर दी है, जो छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है। चाहे आप स्नातक या स्नातकोत्तर कोर्स के लिए आवेदन कर रहे हों, इस प्रक्रिया में शामिल कुछ महत्वपूर्ण बातें आपको जाननी चाहिए।
विवि में एडमिशन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होती है। छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। सबसे पहले, आपको वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाना होगा। इसके बाद, व्यक्तिगत जानकारी और शैक्षणिक योग्यता के विवरण सही ढंग से भरने होंगे।
एडमिशन के लिए आवेदन करते समय, आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत होगी:
· 10वीं और 12वीं की अंकसूची
· स्नातक कोर्स के लिए आवश्यक योग्यता प्रमाणपत्र
· पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि)
· पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर
विभिन्न कोर्सों के लिए योग्यता मापदंड अलग-अलग होते हैं। स्नातक कोर्स के लिए उम्मीदवार का 12वीं कक्षा में न्यूनतम 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। स्नातकोत्तर कोर्स के लिए उम्मीदवार का स्नातक डिग्री होना आवश्यक है, जिसमें न्यूनतम 55% अंक होने चाहिए।
इसके अलावा, कुछ विशेष कोर्सों के लिए प्रवेश परीक्षा भी आयोजित की जाती है। ऐसे कोर्सों के लिए, आपको पहले विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित प्रवेश परीक्षा में शामिल होना होगा और अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण होना होगा। इस बात का ध्यान रखें कि अंतिम तिथि के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए, सभी उम्मीदवारों को समय पर आवेदन प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में कोर्स की फीस उचित और सुलभ होती है। विभिन्न कोर्सों की फीस संरचना आप विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर देख सकते हैं। इसके अलावा, विश्वविद्यालय विशेष रूप से मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं भी प्रदान करता है।
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को समय पर दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे और विश्वविद्यालय की तरफ से तय किए गए मानदंडों को पूरा करना होगा। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय एक प्रतिष्ठित संस्थान है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के लिए जाना जाता है। यहां का शिक्षण स्टाफ अनुभवी है और यहां छात्रों को विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का भी अवसर मिलता है।
इस विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद, छात्रों को न सिर्फ अच्छी नौकरियों के अवसर मिलते हैं बल्कि वे अपने करियर में नई ऊंचाइयां भी हासिल कर सकते हैं। अगर आप उच्च शिक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाना चाहते हैं, तो हेमचंद यादव विश्वविद्यालय आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। यहां एडमिशन लेकर आप अपने भविष्य को एक बेहतर दिशा दे सकते हैं। जल्द ही आवेदन करें और सुनिश्चित करें कि आप सभी महत्वपूर्ण तिथियों और दस्तावेज़ों की जानकारी के साथ तैयार हैं।
पिछले सप्ताह में, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने एक नया प्रोग्राम लॉन्च किया है – बच्चों के लिए विशेष पाठ्यक्रम। यह पाठ्यक्रम विशेष रूप से उन छात्रों के लिए है जो कोरोना महामारी के कारण अध्ययन छोड़ने के बाद वापस एडमिशन लेने की कोशिश कर रहे हैं।
इस नए पाठ्यक्रम में, उन्हें महत्वपूर्ण ज्ञान और कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा जो उन्हें उनकी शिक्षा को पुनः आरंभ करने में मदद करेगा। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने इस पाठ्यक्रम को निशुल्क में प्रदान करने का भी फैसला किया है। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से, एक्सपर्ट शिक्षकों द्वारा उन्हें न्यूनतम समय में इन अवसरों के लिए तैयार किया जाएगा जिनमें वे परीक्षा, टेक्निकल इंटरव्यू, और भविष्य के लक्ष्य के लिए तैयार हो सकते हैं।
इस पाठ्यक्रम में सीमित सीटें हैं, इसलिए इच्छुक छात्रों को जल्दी ही आवेदन करना चाहिए। आवेदन करने के लिए, वे हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं और आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस नए पाठ्यक्रम के माध्यम से, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय छात्रों को एक नया और अद्वितीय अवसर प्रदान कर रहा है जिसमें वे अपने शैक्षिक सफर की एक नई शुरुआत कर सकते हैं।
कचरा प्रबंधन कर गांव को स्वच्छ बना रही स्वसहायता समूह की महिलाएं
बिल्हा विकासखंड के ग्राम डोड़की में स्वसहायता समूह
ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के साथ जैविक खाद भी बना रहा समूह
कचरा प्रबंधन कर गांव को स्वच्छ बना रही स्वसहायता समूह की महिलाएं
रायपुर | बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के ग्राम डोड़की में स्वसहायता समूह की महिलाएं कचरा प्रबंधन कर अपने आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का कार्य कर रही हैं। कचरा प्रबंधन से जैविक खाद बनाने में समूह की दीदियां अहम भूमिका निभा रही हैं। शासन द्वारा दिए जा रहे सहयोग से समूह की महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुधार आया है और वे अपने परिवार की जिम्मेदारियों में बखूबी अपना योगदान दे रही हैं।
ग्राम पंचायत केवांछी के आश्रित ग्राम डोड़की के जय मां अम्बे समूह की महिलाओं ने बताया कि गांव में मनरेगा के तहत एसएलडब्लयूएम शेड, नाफेड एवं वर्मी टैंक का निर्माण किया गया है। इन कार्यों के लिए मनरेगा से दस लाख 29 हजार रुपए स्वीकृत हुए थे। शेड के माध्यम से ठोस एवं तरल अपशिष्ट के रूप में निकलने वाले कचरे का प्रबंधन किया जा रहा है। समूह की महिलाएं अपने तिपहिया वाहन में घर-घर घूमकर कचरा एकत्र कर शेड में लाकर इन कचरों से खाद बना रही हैं।
डोड़की के रहवासियों ने बताया कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन शेड के निर्माण से गांव में अस्वच्छता संबंधी समस्याओं का निदान हुआ है। गांव में अब स्वच्छता का माहौल बना रहता है। महिलाओं द्वारा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य रोज किया जा रहा है। गांव में हर परिवार को नीले एवं हरे रंग का डस्ट-बिन दिया गया है। कचरा संग्रहण के लिए तिपहिया वाहन खरीदे गए हैं। जय मां अम्बे समूह ने गांव को रोगमुक्त रखने का भी बीड़ा उठाया है। समूह की महिलाएं जन-चौपाल लगाकर गांववालों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक जानकारियां भी दे रही हैं। कचरा प्रबंधन, अपशिष्ट से तैयार जैविक खाद और ठोस कचरे के रूप में प्राप्त प्लास्टिक की बिक्री से समूह को सालाना 30 हजार से 40 हजार रुपए तक की आमदनी अनुमानित है।
समूह की महिलाओं ने बताया कि वे इस कार्य से बहुत खुश हैं। इससे हो रही आय से उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है। गांव में पहले इधर-उधर कचरा फैले होने से गंदगी का वातावरण रहता था और बीमारियों का खतरा बना रहता था। ठोस एवं तरल कचरा खुले में जगह-जगह पड़ा रहता था। लेकिन अब समूह द्वारा कचरे का सही प्रबंधन किया जा रहा है। गांव में पेयजल की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। सरकार की मदद से स्वसहायता समूहों को रोजगार एवं आजीविका का जरिया मिला है। इससे उनकी माली हालत में सुधार आ रहा है।