छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सुरक्षा के लिए खुलेंगे महिला पिंक थाने: डिप्टी सीएम शर्मा
मिशन मोड में कार्य कर छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाना है : महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
अधिकारियों को आंगनबाड़ी की सतत निरीक्षण करने के दिए निर्देश
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ली समीक्षा बैठक
रायपुर | महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज मंत्रालय महानदी भवन में महिला बाल विकास विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। राजवाड़े ने अधिकारियों को प्रत्येक आंगनबाड़ी की सतत औचक निरीक्षण करने के निर्देशित की। उन्होंने हितग्राहियों को दिए जा रहे पोषण-आहार एवं अन्य सुविधाओं की नियमित जांच कर उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों ने पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए विभागीय कार्यक्रमों और योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक तूलिका प्रजापति सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने एकीकृत बाल विकास सेवाओं को धरातल में कारगर ढ़ंग से सुलभ कराने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से भी क्षेत्र की महिलाओं को योजनाबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाया जाना सुनिश्चित करें। इस दिशा में सेवाओं को परिणामदायी बनाने हेतु जनजागरूकता लाने सहित सेवाओं की गुणवत्ता एवं सेवाओं के विस्तार के लिए प्रभावी पहल किया जाए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना, रेडी-टू-ईट, नोनी सुरक्षा योजना, शुचिता योजना, बाल सन्दर्भ योजना का लाभ सभी हितग्राहियों को मिले। उन्होंने महतारी वंदन योजना की सभी पात्र हितग्राहियों के बैंक खाते को आधार कार्ड के लिंक्ड कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती, शिशुवती माताओं, बच्चों और किशोरी बालिकाओं का नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और वजन लेने कहा। वहीं स्कूल पूर्व प्रारंभिक शिक्षा, पूरक पोषण आहार तथा पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा को परिणाममूलक बनाने के लिए संवेदनशीलता के साथ दायित्व निर्वहन किये जाने के निर्देश दिए। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में सही लाभार्थी को लाभ मिले इस बात की पारदर्शिता रखें। आवेदन प्राप्त कर अधिकारी उसका सत्यापन करें ताकि वास्तविक व्यक्ति को लाभ मिले।
पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कुपोषित बच्चों को भर्ती करने रोस्टर तैयार करने के निर्देश
मंत्री महिला एवं बाल विकास ने पोषण पुनर्वास केन्द्रों पर कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए नियमित रूप से शत-प्रतिशत बिस्तरों के अनुरूप भर्ती करने कहा। इस हेतु प्रत्येक 15 दिवस में भर्ती करने के लिए कुपोषित बच्चों का रोस्टर तैयार कर लाभान्वित किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजनांतर्गत निर्धन जरूरतमन्द महिलाओं को लाभान्वित कर योजना के उद्देश्य की सार्थकता साबित करने कहा। वहीं मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत बच्चों को नियमित स्कूल या ओपन स्कूल के माध्यम से शिक्षा प्रदान करने एवं उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण देने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिए। बैठक में बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती, आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण की स्वीकृति, संचालित एवं प्रगतिरत भवनों की समीक्षा भी की।
छत्तीसगढ़ के इस स्कूल में पहुंचा मगरमच्छ का बच्चा, छात्रों में मची हड़कंप
रायपुर। न्यायधानी बिलासपुर जिले के रतनपुर के कर्रा में सोमवार की सुबह मगरमच्छ का बच्चा अचानक स्कूल परिसर में पहुंच गया। जिसे देखकर ग्रामीण दहशत में आ गए। आनन -फानन में 112 नंबर पर काल कर सूचना दी गई। पुलिस से वन विभाग को जानकारी गई। इसके बाद वन अमला मौके पर पहुंचा और मगरमच्छ को रेस्क्यू कर वापस खूंटाघाट जलाशय में छोड़ा गया।
15 दिनों में मगरमच्छ गांव में आने की यह दूसरी घटना है। यही कारण है कि ग्रामीण दहशत में हैं। खासकर अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। कर्रा रतनपुर खूंटाघाट के नजदीक है। पिछले साल में ऐसा हो चुका है। विडंबना की बात है कि लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।
इसके बाद भी वन विभाग के पास कोई ठोस प्लान नहीं है। हर बार सूचना मिलने के बाद मगरमच्छ को पकड़कर डेम में छोड़ दिया जाता है। सोमवार को भी यही हुआ। वन विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ के बच्चे को पकड़कर खूंटाघाट डेम में छोड़ दिया और चले गए। अब ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि वन विभाग इसे लेकर ठोस उपाय करें। अभी तो केवल गांव में नजर आ रहे हैं।
यदि मगरमच्छ घर में घुसते हैं तो उस स्थिति में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जितना खतरा ग्रामीणों को हैं, उतना ही मगरमच्छ को भी है। बचाव के लिए कभी भी ग्रामीणों की भीड़ मगरमच्छ को नुकसान पहुंचा सकती है। कम से कम सुरक्षा के लिहाज से उपाय किया जाए। मगरमच्छ को रेस्क्यू करने वाली टीम में वन विभाग के माल्स जोशी, उदय श्रीवास्तव , मानस दुबे लखेराम धुर्वे एवं धीरज दुबे शामिल रहे।
बीएसपी प्लांट में बड़ा हादसा, इलेक्ट्रिक केबल के जाल के बीच युवक की मिली लाश
रायपुर। दुर्ग जिले के भिलाई शहर से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां भिलाई स्टील प्लांट में करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है। शव को अपने कब्जे में ले लिया है।
बता दें कि ब्लास्ट फर्नेस 7 के सब स्टेशन 15 एफ के पैनल में यह हादसा हुआ है। पैनल के अंदर केबल के बीच में व्यक्ति मृत पाया गया है, उसकी दीवार टूटी पाई गई है। आशंका जताई जा रही है कि पैनल की दीवार को तोड़कर ही व्यक्ति अंदर घुसा है। यह कहां का रहने वाला है? क्या नाम है? इस बारे में विभागीय कार्मिक को कुछ भी पता नहीं है। वहीं ट्रेड यूनियन नेताओं ने आशंका जताई है कि यह चोर हो सकता है। केबल काटने के लिए अंदर घुसा होगा, जहां करंट से मौत हो गई है। व्यक्ति के शरीर के ऊपरी हिस्से पर कोई कपड़ा नहीं है।
विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि बीएसपी के शॉप को बिजली सप्लाई करने वाली लाइन को ही नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। तार कटे हुए दिख रहे हैं। चालू लाइन के बीच कॉपर का वायर को काटने की कोशिश की गई है। वहीं भट्ठी थाना के टीआई प्रशांत मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। स्थिति देखकर यही लगता है कि चोरी के मकसद से ही व्यक्ति अंदर घुसा होगा। फिलहाल, प्लांट की लाइन को बंद किया जा रहा है, ताकि शव को बाहर निकाला जा सके।
मौसमी फल जामुन के व्यवसाय से महिलाओं को मिल रहा है आर्थिक स्वावलंबन
स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार से संस्थागत प्रसव को मिल रहा है बढ़ावा
सड़क पर खुले में घूम रहे मवेशी.... पशु मालिकों पर हाई कोर्ट सख्त... होगी कानूनी कार्रवाई
रायपुर। सड़कों पर खुले में घूम रहे मवेशियों और उससे हो रहे सड़क हादसे को लेकर हाईकोर्ट सख्त नजर आया। कोर्ट ने निर्देश जारी किया कि पशु मालिक द्वारा अपने जानवरो को खुलें में छोड़ा तो अब कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान हाई कोर्ट के कड़े निर्देश के बाद बिलासपुर नगर निगम ने सड़क पर घूमने वाले मवेशी पकड़ने का अभियान छेड़ दिया है।
बता दें कि इस अभियान के तहत अब तक 300 से ज्यादा मवेशी पकड़े जा चुके हैं और ये सिलसिला लगातार जारी रहेगा। वहीं बिलासुपर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिया हैं। इस दौरान अभियान के तहत अब ऐसे पशु मालिक जो अपने पशुधन को खुले में छोड़ देते हैं उनके खिलाफ नगरीय निकाय अधिनियम 358 के अनुच्छेद 2 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही 500 रुपये जुर्माना भी लिया जाएगा।
बताया जा रहा कि, निगम कमिश्नर अमित कुमार के कड़े निर्देश के बाद मवेशी पकड़ने वाली टीम सुबह व रात में विशेष अभियान चलाकर मवेशी पकड़ रही है। साथ ही पशुपालकों को समझाया जा रहा है कि वे अपने पशु को न छोड़ें और पालन-पोषण करें। वहीं अपने पशुओं को सड़क पर छोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा कि, पशु को सड़क पर नहीं छोड़ने से सड़क यातायात प्रभावित नहीं होगा। साथ ही मवेशियों की सड़क दुर्घटना में मौत भी नही होगी। वहीं निगम कमिश्नर ने पशुपालकों से अपील भी की है कि, अपने पशुधन को अपने गोठानों में रखकर चारा-पानी की व्यवस्था करें।
नक्सलियों ने ग्रामीण की हत्या कर लाश सड़क पर फेंका… लाश के पास पुलिस को मिले पर्चे
राय़पुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिला में माओवादियों ने एक बार फिर एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने ग्रामीण को अगवा कर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। गांव में दहशत फैलाने के लिए ग्रामीण की लाश को गांव के पास ही सड़क पर फेंक दिया गया। घटना की जानकारी के बाद गाव में दहशत व्याप्त है। हत्या की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लाश के पास से पर्चा बरामद किया है। जिसमें नक्सलियों ने पुलिस मुखबिर होने की सजा देने की बात लिखी है।
जानकारी के मुताबिक नारायणपुर स्थित बांस शिल्प कॉलोनी में सन्नू उसेंडी निवास करता है। बताया जा रहा है कि रविवार की रात सन्नू उसेंडी की लहुलूहान लाश बटुमपारा चौक ओरछा में पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर लाश के पास से पुलिस ने माओवादियों द्वारा फेंके गये पर्चा मिला है। जिसमें ग्रामीण को बस्तर फाइटर का जवान बताने के साथ उसे पुलिस का मुखबिर होने के कारण मौत की सजा सुनाने की बात कही गई है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने के बाद इस घटना की जांच शुरू कर दी है। एसपी प्रभात कुमार ने इस हत्याकांड की पुष्टि की है। पुलिस ने ग्रामीण की हत्या के इस मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आपको बता दे कि इसके पहले भी नक्सली कई ग्रामीणों को पुलिस का मुखबिर बताकर हत्या कर चुके है। सुरक्षाबल के जवान लगातार जंगल में नक्सलियों का खात्मा कर रहे है। ऐसे में नक्सली काफी घबराये हुए है और अपनी दहशत कायम रखने के लिए निर्दोष ग्रामीणों की हत्या की वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
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यात्रियों से भरी बस पलटी….. हादसे में एक मासूम की मौत, कई घायल
रायपुर। न्यायधानी बिलासपुर से जांजगीर जाने निकली बस तोरवा लाल खदान ब्रिज के पहले अनियंत्रित होकर पलट गई। इससे एक ओर जहां 8 दिन के बच्चे की मौत हो गई। जबकि 13 यात्री घायल हो गए। इसमें 8 सिम्स तो 5 एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसमें एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। तोरवा पुलिस ने बस ड्राइवर को गिरफ्तार कर घटना की जांच कर रही है।
घायलों में जागेश्वर यादव (55) निवासी सीपत, गज्जू प्रसाद साहू (33), फागूराम यादव (34) निवासी देवरीखुर्द, मुन्नी बाई कश्यप (50), बृहस्पती कश्यप (25), गुड्डी कश्यप (50) सभी निवासी मुलमुला, चंदा निषाद (23) निवासी पामगढ़ को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, नवीन अनंत (24) निवासी रींवापार सारंगढ़, प्रमिला केंवट (36) निवासी राहौद, देवकुमार साहू (14), ममता साहू (34), राहुल साहू (08) सभी निवासी देवरीडीह, द्वारिका विश्वकर्मा (35) और यदुवीर सिंह (28) निवासी मैनपुरी यूपी का उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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छत्तीसगढ़ी में शिक्षा के लिए दायर याचिका में शासन ने दिया जवाब : हाईकोर्ट ने याचिका निराकृत कर दी
बिलासपुर | छत्तीसगढ़ी भाषा में पहली से आठवीं तक पढ़ाई को लेकर प्रस्तुत जनहित याचिका हाईकोर्ट ने शासन के जवाब के बाद निराकृत कर दी। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने कहा कि राज्य शासन ने स्थानीय भाषाओं में स्कूली पढ़ाई कराने का इंतजाम कर दिया है। छत्तीसगढ़ी बोली है या भाषा इस पर भी अभी निश्चयपूर्वक नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने पूर्व में शब्दावली को लेकर भी सवाल उठाए थे। शासन द्वारा चार स्थानीय बोलियां में पढ़ाई के लिए समिति बनाने की जानकारी देने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका निराकृत कर दी।
छत्तीसगढिय़ा महिला क्रांति सेना की प्रदेश अध्यक्ष लता राठौर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका प्रस्तुत की थी। इसमें उनके अधिवक्ता ने कहा था कि एनसीईआरटी के नेशनल कैरिकुलम फ्रेम वर्क में कहा गया है कि मातृ भाषा से यदि पढ़ाया जाता है तो बच्चो को पढ़ाई करने और समझने में आसानी होती है। इस याचिका में प्रदेश के स्कूल में पहली से 8 वीं तक के पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा को भी माध्यम बनाये जाने मांग की गई। याचिका में कहा गया कि जिस तरह अन्य राज्यों में वहां की मातृभाषा में पढ़ाया जाता है वैसे छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ी भाषा में भी पढ़ाया जाना चाहिए। एनसीईआरटी ने भी तीन भाषा हिंदी , इंग्लिश और मातृभाषा में पढ़ाई को मंजूरी दी है।
सुनवाई के दौरान शासन की ओर से महाधिवक्ता ने बेंच को जानकारी दी थी कि इसके लिए प्रदेश की चार बोलियों में पढ़ाई के लिए समिति बनाई गई है। इसमें सरगुजिहा ,छतीसगढ़ी ,सादरी ,गोंडी हल्बी भाषा शामिल है। शुक्रवार को डबल बेंच में हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस को शासन की ओर से बताया गया कि शासन ने स्थानीय भाषाओं में अध्ययन का इंतजाम किया है। इसके बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि, देश में अलग अलग इलाकों में कई प्रकार की बोलियाँ हैं, इन सबमें पढ़ाई की मांग उठी तो इससे तो बहुत परेशानी खड़ी होगी। अब शासन ने पहल कर दी है तो यह याचिका निराकृत की जाती है।
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गलत पते के कारण वापस लौटने वाले ड्राइविंग लाइसेंस परिवहन कार्यालयों के माध्यम से मिलेंगे
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर आम नागरिकों को एक और नई सुविधा परिवहन विभाग के माध्यम से मिलने जा रही है। ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र आवेदक द्वारा दिए गए पते पर नहीं पहुंचने पर आवेदकों को उनके जिले के क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन कार्यालयों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे। परिवहन विभाग द्वारा यह सुविधा एक जुलाई से लागू की जा रही है।
मुख्यमंत्री साय के समक्ष यह बात सामने आई कि परिवहन विभाग द्वारा डाक के माध्यम से भेजे गए कई ड्राइविंग लाइसेंस एवं पंजीयन प्रमाण पत्र पता सही नहीं होने के कारण नया रायपुर स्थित परिवहन विभाग के मुख्यालय इन्द्रावती भवन में वापस लौट आते थे। ऐसे आवेदकों को अपने ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए नवा रायपुर आना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने आवेदकों की दिक्कतों को महसूस करते हुए परिवहन विभाग के अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए कि किसी वजह से अप्राप्त रहे ड्राइविंग लाईसेंस तथा पंजीयन प्रमाण पत्र संबंधित जिले के क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय, जिला परिवहन कार्यालय के माध्यम से वितरित किए जाए।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अस्पष्ट अथवा अपूर्ण पते के कारण नवा रायपुर स्थित परिवहन मुख्यालय लौटने वाले ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र लेने के लिए नवा रायपुर आने की जरूरत नहीं होगी। आवेदक संबंधित कार्यालय से वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने चालक लाईसेंस अथवा पंजीयन प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगें। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा सभी अधीनस्थ कार्यालयों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
केन्द्रीय परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाने भू-अर्जन, मुआवजा, नामांतरण, बटांकन और वन भूमि के संबंध में त्वरित कार्यवाही के निर्देश
रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ में संचालित केन्द्रीय परियोजनाओं में सड़क, ऊर्जा, मोबाइल टॉवर, रेल्वे और खनिज से संबंधित परियोजनाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का कार्य तेजी से पूर्ण करने के मद्देनजर परियोजनाओं से संबंधित भू-अर्जन, मुआवजा सहित अन्य राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग प्राधिकरण और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अंतर्गत विभिन्न सड़क परियोजनाओं के कार्यों के संबंध में जिलों के कलेक्टरों से जानकारी ली एवं परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन, मुआवजा, नामांतरण, बटांकन और आवार्ड प्रकरणों सहित वन भूमि के प्रकरणों पर शीघ्रता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसी तरह से कांकेर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले में जहां मोबाइल टॉवर लगाना आवश्यक है वहां सभी आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने कहा।
बैठक में बिलासपुर-उरगा, बिलासपुर से पथरापाली, सिमगा से सारागांव बिलासपुर, 6 लेन रायपुर से विशाखापटनम्, धमतरी-कांकेर-बेडमा-दाहिकोंगा, सड़क परियोजनाओं सहित अन्य सड़क परियोजनाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इसी तरह से एनटीपीसी, रेलवे परियोजनाओं के अंतर्गत ईस्ट-वेस्ट रेलवे, साउथ ईस्ट कोल फिल्डस् लिमिटेड के अधिकारियों से परियेाजनाओं के कार्यों का विस्तार से जानकारी ली और इस संबंध में आ रही विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए कोरबा और रायगढ़ जिले के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए। इसी तरह से खनन परियोजनाओं के लिए सड़क, भूमि इत्यादि के लिए अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
संयोगः जन्मदिन एक ही दिन... एक साथ एक ही स्थान से शुरू की नौकरी... साथ ही रिटायर.. विदाई भी एक साथ
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड राजनांदगांव से अनुभाग अधिकारी कल्पना श्रीवास्तव एवं अधिक्षण यंत्री सतीश शर्मा को सेवानिवृत होने पर विभाग द्वारा विदाई दी गई एवं उनके किए गए कार्यों की सराहना की गई। इस अवसर पर दोनों अधिकारी को पुष्पगुच्छ,शाल श्रीफल , प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित करने के साथ उपहार भी दिया गया।
विदाई समारोह में दोनों में एक खास बात की समानता की विशेष चर्चा रही कि दोनों अधिकारी का जन्मदिन 13 जून 1962 है और दोनों ने अपनी सर्विस महासमुंद के एक ही ऑफिस से प्रारंभ किए और सेवानिवृत भी राजनांदगांव के एक ही सर्किल से हुए। ऐसा अद्भुत संयोग शायद ही कही पर मिले। कल्पना श्रीवास्तव ने अपने 40 वर्ष के कार्यकाल में सर्वाधिक समय लगभग 38 वर्ष राजनांदगांव में अपनी सेवा प्रदान की।
विदाई समारोह अत्यंत भावुक पल रहा कुछ लोगों की आंखें भी नम थी। समारोह के पश्चात सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने सेवानिवृत अधिकारी को घर तक पहुंचाने आए। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मुख्य अभियन्ता टीके मेश्राम, गोस्वामी, खोटे, गीता ठाकुर, उषा साहू, सरस्वती अय्यर, भावेश वाल्दे, ज्योति ध्रुव, पीसी साहू, नूरेंद साहू, उईके, अमर लाल चौहान, राजेन्द्र झरिया, गणेश गणपाईले, सुनील वर्मा, मोरेश्वर साहू, जेपी साहू, विनीता खंडेलवाल, भारती यादव, मंडावी के साथ अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
बलौदाबाजार आगजनी कांडः मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक पहुंचे कलेक्टोरेट, कलेक्ट्रेट बिल्डिंग का लिया जायजा
रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन एवं पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने जिला मुख्यालय बलौदाबाजार पहुंच आगजनी की घटना क़े बाद कलेक्ट्रेट बिल्डिंग के पूर्ण हो चुके रिस्टोरेशन कार्य का जायजा लिया तथा अधिकारियों की बैठक लेकर बेहतर दायित्व निर्वहन क़े लिए उनका मनोबल बढाया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित गुप्ता, रायपुर रेंज क़े पुलिस महानिरीक्षक अमरेश कुमार मिश्रा भी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव जैन ने कहा कि घटना बहुत ही दुर्भाग्यजनक है। इससे आम जनता को तथा कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों को भौतिक नुकसान भी पहुंचा है और इस अप्रिय घटना के चलते सभी को भावनात्मक दुःख भी पहुंचा है। जो आर्थिक नुकसान हुआ है वो जल्द ठीक हो जाता है। भावनात्मक मनोदशा को ठीक करने में समय लगता है। जिला प्रशासन ने भवन का रिस्टोरेशन बहुत कम समय में पूर्ण कर लिया है और सभी अधिकारी कर्मचारी सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। घटना के बाद वे पुनः इससे उबरकर उत्साह से काम में जुटे हैं यह प्रशसनीय बात है। उन्होंने कहा कि जो भी क्षति हुई है उसकी पूर्ति के लिए शासन पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि आम जनता से सीधा संवाद करने तथा उनकी समस्या का तत्काल निराकरण करने क़े लिए जनसमस्या निवारण शिविर शुरू किया जाएगा। सभी अधिकारी-कर्मचारी घटना से उबर कर खुश व प्रसन्न रहें तथा इस जिले को जन हितैषी जिला बनाने का संकल्प लें।
पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने कहा कि इस घटना की पुनरावृति न हो। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा जो भी निर्देश दिए जा रहे हैं उसका पालन सुनिश्चित करें। इस घटना से अधिकारी कर्मचारी के मनोबल पर निश्चित ही असर हुआ है लेकिन आप सभी संकल्पित हैं और जल्द इससे उबर जाएंगे। उन्होने कहा कि लोक सेवक का कर्तव्य है कि उसका लोगों क़े साथ सम्पर्क व संवाद होता रहे। संवादहीनता बिलकुल न आने दें। अधिकारी अपने कक्ष में कम से कम 2-से 3 घंटे लोगों से मिलें। उन्होंने कहा कि घटना में जिनके विरुद्ध साक्ष्य मिल रहे हैं उन पर ही कानूनी कार्रवाई हो।
कलेक्टर दीपक सोनी ने पावर पॉइंट प्रेजेटेशन क़े माध्यम से अब किये गए कार्यवाहियों की सिलसिलेवार जानकारी दी। उन्होने बताया कि क्षति का आकलन कर लिया गया है जिसमें करीब 12 करोड़ रूपये का नुकसान हुआ है। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त वहानो क़े बीमा दावा राशि का भुगतान शुरू हो गया है। 24 घण्टे सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की जा रही है।