छत्तीसगढ़
’लोन वर्राटू’ (घर वापसी ) के तहत कारली में हुआ : विशेष सुविधा शिविर का आयोजन
आत्म समर्पित एवं नक्सल हिंसा पीड़ित परिवारों को केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का मिला लाभ
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया शिविर का निरीक्षण
रायपुर | जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के द्वारा दंतेवाड़ा जिले के कारली में स्थित सामुदायिक भवन (पुराना हैनेक्स प्रिंटिंग यूनिट) में आज ’’लोन वर्राटू’’ (घर वापसी ) अर्थात आत्म समर्पित एवं नक्सल हिंसा पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के तहत विशेष सुविधा शिविर का आयोजन किया गया। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ शासन मुख्य सचिव के निर्देशानुसार कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं पुलिस अधीक्षक गौरव राय के मार्गदर्शन पर जिले में निवासरत आत्म समर्पित परिवार एवं नक्सल हिंसा पीड़ित परिवारों को केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित किया जाना है। इस कड़ी में उक्त सुविधा शिविर के अन्तर्गत समस्त विभाग जिसमें राजस्व, स्वास्थ्य,शिक्षा, आदिवासी विकास, विद्युत, महिला बाल विकास, क्रेडा, उद्योग, श्रम, कृषि, परिवहन, समाज कल्याण,कौशल विकास विभागों द्वारा इन परिवारों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से जैसे अन्य महत्वपूर्ण विभागों के द्वारा योजनाओं के संबंध में शिविर लगाया गया। शिविर में इन विभागों द्वारा अपने विभागीय योजनाओं को लेकर स्टॉल लगाए गये। जिसमें आत्म समर्पित एवं नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए अपना आधार कार्ड, बैंक से संबंधित खाते भी खुलवाए जा रहे हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के द्वारा परिवारजनों का स्वास्थ्य जांच भी किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने मलेरिया डेंगू, सिकल सेल, एनीमिया जांच, एचआईवी, सुगर, टाइफाइड एवं अन्य जांच के साथ-साथ खान, पान, रहन-सहन एवं होने वाले बीमारियों का बचाव के संबंध में बारीकी से बताया गया।
इस दौरान शिविर में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने विभाग प्रमुखों से शिविर में आए आत्म समर्पित परिवार एवं नक्सल हिंसा पीड़ित परिवारों के लगभग 157 परिवारों को केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के साथ-साथ योजनाओं के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने कहा कि शिविर में आए परिवारजनों को अगर कोई शंकाएं हो तो संबंधित विभाग से अवश्य जानकारी लेवें। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्व रंजन, एसडीएम जयंत नाहटा पुलिस विभाग के अधिकारी सहित जिला स्तरीय विभागीय प्रमुख मौजूद थे।
जल-जगार महोत्सव: गंगरेल में 5-6 अक्टूबर को आयोजन... जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरुकता कार्यक्रम
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से प्रदेश में गर्मियों में अप्रत्याशित भू जल स्तर में हो रहे गिरावट से लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां की जा रही हैं। धमतरी जिले के गंगरेल में 5-6 अक्टूबर को जीवनदायनी महानदी के तट पर जल-जगार महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में जिले के 108 अमृत सरोवर और परकोलेशन टैंक के पानी से अभिषेक किया जायेगा। इसके साथ ही लोगों को जल संरक्षण में अपना पूरा पूरा योगदान देने प्रोत्साहित किया जाएगा।
धमतरी जिला में भू-जल स्तर बढा़ने, जल एवं पर्यावरण संरक्षण करने की दिशा में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें जिले के परसतराई, नवागांव, थुहा सहित कई गांव के लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए आगे आ रहे हैं। जल संरक्षण के लिए यहां नल और जलाशयों के आसपास जल संरक्षण सबंधी स्ट्रक्चर बनाए गए हैं साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं। गांव की महिलाओं भी जल संरक्षण के लिए आगे आ रही हैं। बिहान की महिलाएं नारी शक्ति से जल शक्ति, ग्रीन आर्मी और ग्रामीण महिलाओं ने रैली, दीवार लेखन, प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को जागरुक किया। इन सभी कार्यक्रमों में अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा सामाजिक, स्वैच्छिक संगठन भी अपना योगदान दे रहे हैं।
धमतरी जिले के ग्राम परसतराई के ग्रामीणों ने जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए एकमत होकर दलहन, तिलहन, साग सब्जी की खेती करने आगे आए। वहीं गांवों की बेटियों के नाम से वृक्षों का नाम रखा, उन पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। पूरे जिले में जल संरक्षण की दिशा में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
छत्तीसगढ़ का धुधमारस, साहसिक पर्यटन के लिए और चित्रकोट, समुदाय आधारित पर्यटन के लिए सर्वश्रेष्ठ गांव में शामिल
रायपुर। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम प्रतियोगिता 2024 के विजेताओं की घोषणा की गई । इसमें साहसिक पर्यटन के लिए छत्तीसगढ़ के धुधमारस को और समुदाय आधारित पर्यटन के लिए चित्रकोट को सर्वश्रेष्ठ गांव के रूम में शामिल किया गया है ।
भारत की आत्मा (भारत के गांवों) में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023 में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की प्रतियोगिता की शुरूआत की गई थी । इस पहल का मकसद उन गांवों की पहचान करना और उन्हें चिन्हित करना था, जो समुदाय-आधारित मूल्यों और सभी पहलुओं में स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता के ज़रिए सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपत्ति को संरक्षित करते हैं और बढ़ावा देते हैं । वर्ष 2023 में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की प्रतियोगिता के पहले संस्करण में 795 गांवों से आवेदन प्राप्त हुए। सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम प्रतियोगिता के दूसरे संस्करण में, 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कुल 991 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 36 गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम प्रतियोगिता 2024 की 8 श्रेणियों में विजेताओं के रूप घोषित किया गया ।
इसी के साथ ही आज, पर्यटन मंत्रालय द्वारा विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रायपुर सहित देश के 50 स्थलों पर 'पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी' नाम से एक राष्ट्रीय उत्तरदायी पर्यटन पहल की शुरुआत की गयी । इस पहल के माध्यम से, पर्यटन मंत्रालय का उद्देश्य, गंतव्यों में पर्यटकों के लिए समग्र अनुभव को बेहतर बनाना है, उन्हें 'पर्यटक-अनुकूल' लोगों से मिलवाकर जो उनके गंतव्य के लिए गौरवान्वित एंबेसडर और कहानीकार हैं । उन सभी व्यक्तियों को पर्यटन से संबंधित प्रशिक्षण और जागरूकता प्रदान करके गंतव्य पर पर्यटकों के साथ बातचीत करना और उन्हें जोड़ना है ।
छत्तीसगढ़ के इस जिले में कई पदों पर होगी भर्ती, कलेक्टर ने दी स्वीकृति.. जानिए भर्ती डिटेल
रायपुर। अगर आप भी नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए बड़े काम की है। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दंतेवाड़ा द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत विभिन्न संस्थाओं में रिक्त पदों पर पूर्ति हेतु स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगी। जिसके लिए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी द्वारा स्वीकृति दी जा चुकी है। इस स्वीकृति के पश्चात् जिला चिकित्सालय एवं अन्य संस्थाओं में मानव संसाधन की कमी नहीं रहेगी। इन विभिन्न पदों पर व्यापक तौर से जिला खनिज न्यास निधि मद (डीएमएफ) के माध्यम से भर्तियां होंगी।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि ये नियुक्तियां शीघ्र करने हेतु तिथि अनुसार साक्षात्कार लिये जायेंगे। इस क्रम में लैब टेक्नीशियन के (9 पद), ईसीजी टेक्निशियन के (1 पद), सीटी स्कैन टेक्नीशियन के (3 पद), ओटी टेक्नीशियन के (3 पद), डायलिसिस टेक्निशियन के (2 पद) के लिए वॉक-इन-इंटरव्यू 3 अक्टूबर को लिये जायेंगे। इसके साथ ही एक्स-रे टेक्नीशियन, पीएसए टेक्नीशियन, ओटी टेण्डर के 3 पद, सीएसआर टेक्नीशियन के 2 पदों हेतु 4 अक्टूबर एवं इलेक्ट्रीशियन आईटीटी एवं ड्रेसर के 2-2 पदों के लिये 11 अक्टूबर को वॉक-इन-इंटरव्यू कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी में लिया जायेगा।
इसके अलावा ग्राम पंचायतों के स्तर पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के 49 पद तथा पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता के 5 पदों के लिये 3,4,7,8,10 अक्टूबर, डाटा एण्ट्री ऑपरेटर के लिए 2 पदों के लिये 8 अक्टूबर को फार्मासिस्ट के 7 पदों के लिये 9,10,11 अक्टूबर, स्टॉफ नर्स के 22 पदों के लिये 11 अक्टूबर तथा प्रसाधन स्वच्छक सह वार्ड बाय के 20 पदों के लिये वॉक-इन-इंटरव्यू के लिये तिथि निर्धारण किया गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिये कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
अनोखा मामला: सक्ती जिले के छपोरा में खुला फर्जी स्टेट बैंक... पहुंची पुलिस तो मैनेजर फरार
रायपुर। आनलाइन ठगी के कई मामले आमतौर पर सुनने के मिलते है, लेकिन इस बार ठगी का ऐसा मामला सामने आया कि लोग भौचक्के रह गए। दरअसल छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के छपोरा में स्टेट बैंक की फर्जी शाखा खोल दी गई। जिसकी जानकारी स्टेट बैंक अधिकारियों को लगी तो उन्होंने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी।
स्टेट बैंक के अधिकारियों को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी सूचना उन्होंने मालखरौदा पुलिस को दी। मौके पर पुलिस एवं प्रशासन की टीम पहुंची एवं जांच की है। एसबीआई के अधिकारियों की शिकायत थी की इनके द्वारा स्टेट बैंक का बड़ा बैनर लगाकर बैंक का सेट अप लगाया गया था। जब जांच टीम मौके पर पहुंची तो कथित बैंक मैनेजर फरार था। शाखा में छः कर्मचारी उपस्थित थे जिन्होंने बताया कि पत्र एवं इंटरव्यू के माध्यम से उनको एप्वॉइंट किया गया था। उन्होंने बताया की उक्त शाखा में एम्पलाई को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था। उनको बाद में अन्य स्थान में पोस्टिंग किया जाता। मामले में पुलिस की टीम स्टेट बैंक के शिकायत के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग के चंडी मंदिर में पूजा-अर्चना कर : 23 करोड़ रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दुर्ग नगर के वार्ड नंबर 03 में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में 22 करोड़ 97 लाख रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, सांसद विजय बघेल, विधायक गजेंद्र यादव और रिकेश सेन, दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिन कार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 1 करोड़ 98 लाख 39 हजार रूपए की लागत सेे उरला में खेल मैदान का विकास कार्य, 88 लाख 47 हजार रूपए लागत सेे सड़क सुरक्षा हेतु राजेन्द्र पार्क चौक में विकास कार्य, 1 करोड़ 66 लाख 02 हजार रूपए लागत से विभिन्न स्थानों में वृक्षारोपण कार्य, 1 करोड़ 35 लाख 41 हजार रूपए लागत से विभिन्न वार्डों में 8 स्थानों पर डामरीकरण व 1 स्थान पर पेवर ब्लॉक, 1 करोड़ 99 लाख 43 हजार रूपए लागत से गया नगर 33 के.वी. पावर स्टेशन के पास डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सर्वसमाज मांगलिक भवन निर्माण कार्य, 49 लाख 98 हजार रूपए लागत से वार्ड क्रमांक 15 सतनाम भवन आयुर्वेदिक अस्पताल के पीछे सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य, 8 करोड़ 33 लाख रूपए लागत से शहर के विभिन्न वार्डों में कुल 59 कार्य (सड़क, नाली पुलिया निर्माण), 2 करोड़ 72 लाख 37 हजार रूपए लागत से वार्ड क्रमांक 32 शिक्षक नगर में वाटर सप्लाई पार्ट ए एवं बी, 25 लाख रूपए की लागत से राजेन्द्र पार्क चौक पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना, 50 लाख रूपए की लागत से गोंडवाना भवन के प्रथम तल में अतिरिक्त हॉल निर्माण कार्य, 2 करोड़ 14 लाख रूपए लागत से विधायक निधि अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य तथा 65 लाख रूपए लागत से प्रभारी मंत्री निधि अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य का भूमिपूजन शामिल है।
मुख्यमंत्री ने दुर्ग के चंडी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि की कामना की |
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दुर्ग स्थित चंड़ी मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, विधायक गजेंद्र यादव, आयुक्त सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी, एसपी जीतेन्द्र शुक्ला भी मौजूद थे।
जिले में वजन त्यौहार से 34000 हजार से अधिक बच्चे हुये लाभान्वित
रायपुर | संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में मनेन्द्रगढ़ व कोरिया जिले के कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के मार्गदर्शन तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी शुभम बंसल के निर्देशन में 12 सितम्बर 2024 से वजन त्यौहार 2024 के प्रथम चरण में जिले के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में वजन त्यौहार का आयोजन कराया जा रहा है। इस दौरान कुल 34000 हजार से अधिक बच्चों के पोषण स्तर के मापन हेतु बच्चों का वजन, ऊंचाई, लंबाई का मापन किया जा चुका है। इसके द्वितीय चरण में जिले के सभी नर्सरी, किंडर स्कूलों तथा प्री-प्राइमरी स्कूलों में भी महिला एवं बाल विकास की टीम जाकर बच्चों के पोषण स्तर का मापन कर रही है। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी बंसल ने बताया कि वजन त्यौहार 2024 के माध्यम से बच्चों का उम्र के अनुसार वजन, उम्र के अनुसार ऊंचाई तथा ऊंचाई के अनुसार वजन का मापन किया जा रहा है। सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि नजदीकी आंगनवाड़ी केन्द्रों में जाकर अपने बच्चों के पोषण स्तर का मापन अवश्य कराएं।
गिरौदपुरी से शुरू हुई कांग्रेस की न्याय-यात्रा... 2 अक्टूबर को गांधी मैदान में होगी समापन
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने गिरौदपुरी धाम से न्याय यात्रा का शुभारंभ कर दिया। जिसका समापन 2 अक्टूबर को राजधानी के गांधी मैदान में विशाल सभा के साथ होगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भगवान श्रीराम और मां शबरी की पूजा-अर्चना कर यात्रा का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने विद्रोह, स्वाभिमान और बलिदान की भूमि सोनाखान के शहीद वीर नारायण सिंह को स्मरण कर न्याय की लड़ाई के लिए आशीर्वाद मांगा। न्याय-यात्रा के दौरान कांग्रेस प्रमुख मुद्दों को जनता तक पहुंचाने की कोशिश करेगी। बलौदाबाजार आगजनी, अमर गुफा जैतखाम विवाद, विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी और कवर्धा कांड जैसे संवेदनशील मुद्दों को जनता के बीच उठाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस यात्रा को एकता और भाईचारे का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से वे छह दिनों तक जनता के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और राज्य सरकार की नीतियों पर चर्चा करेंगे। यात्रा में कांग्रेस के नेता हर दिन 20-30 किलोमीटर का सफर तय करेंगे, जो 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर रायपुर के गांधी मैदान में समाप्त होगी। कांग्रेस इस यात्रा के जरिए राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत करने की योजना बना रही है।
पहला दिन (27 सितंबर) यात्रा की शुरुआत प्रगतिशील सतनामी समाज धर्मशाला से होगी। 20 किमी का सफर तय कर यात्रा पहले दिन अमोदी, छाछी, और कसडोल पहुंचेगी यहां रात्रि विश्राम करेगी।
दूसरा दिन (28 सितंबर) कसडोल से यात्रा आगे बढ़ेगी और 27.4 किमी की दूरी तय करते हुए लवन, कुम्हारी, सलोनी और रोहांसी पहुंचेगी।
तीसरा दिन (29 सितंबर) इस दिन यात्रा 29.9 किमी की दूरी तय करेगी, जिसमें ओडान, लटेरा, खरतोरा और भैसा शामिल है।
चौथा दिन (30 सितंबर) भैसा से यात्रा शुरू होकर 23.5 किमी की दूरी तय करेगी, जहां राइस मिल, माठ, और सारागांव के गांवों को कवर किया जाएगा।
पांचवां दिन (1 अक्टूबर) यात्रा इस दिन सारागांव, तर्रा मोड़, सेमरिया और सड्डू तक पहुंचेगी, जिसमें कुल 16 किमी की दूरी तय होगी।
छठवां दिन (2 अक्टूबर) समापन दिवस पर यात्रा सड्डू से मोवा थाना, पंडरी, शास्त्री चौक और मोती बाग होते हुए गांधी मैदान में समाप्त होगी। दीपक बैज और अन्य कांग्रेसी नेता जनसभा को संबोधित करेंगे।
1600 फीट ऊंचे पहाड़ पर स्थित है मां बम्लेश्वरी मंदिर : दर्शन के लिए उमड़ती है भीड़

शराब घोटालाः EOW ने झारखंड के आईएएस विनय कुमार पर दर्ज किया एफआईआर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में हुए शराब घोटाले के तार झारखंड से जुड़े है। मामले की जांच कर रही EOW ने झारखंड के मुख्यमंत्री के पूर्व सचिव रहे आईएएस विनय कुमार चौबे और आबकारी के संयुक्त आयुक्त के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। छत्तीसगढ़ EOW में हुए एफआईआर के बाद झारखंड की राजनीति गरमा गयी है। बीजेपी ने इस एफआईआर के बाद सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे घेरने में जुट गई है।
छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाला मामले की जांच कर रही ACB और EOW की माने तो झारखंड के इन दोनों अफसरों पर भ्रष्टाचार और सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस मामले में आने वाले दिनों में कई गिरफ्तारियां होने की भी संभावना है। छत्तीसगढ़EOW में अपराध दर्ज होने के बाद झारखंड में सियासी हड़कंप मचा हुआ है। झारखंड के पूर्व सीएम और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आपको बता दे कि जिन अधिकारियों पर अपराध दर्ज की गई है, इनसे ED ने भी छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूछताछ की थी।
छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाला मामले में दर्ज हुए एफआईआर में EOW ने झारखंड सरकार में आईएएस विनय कुमार चौबे, उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह, छत्तीसगढ़ के रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा के अलावा झारखंड में शराब आपूर्ति, मैनपावर और होलोग्राम बनाने वाली कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया है। यह एफआईआर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 420, 120 बी के तहत दर्ज की गई है। एफआईआर में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में शराब कारोबार के जरिए अवैध कमाई करने वाले सिंडिकेट से कथित तौर पर जुड़े रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढबेर समेत अन्य ने झारखंड में भी कारोबार के लिए जनवरी 2022 में विनय कुमार चौबे समेत झारखंड के आबकारी अफसरों के साथ मिलकर शराब बिक्री का नियम बनवाया।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बलौदाबाजार जिले में 28 हजार से अधिक मकान हुए स्वीकृत
कलेक्टर ने की प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा
15 हजार 436 हितग्राहियों को प्रथम किश्त जारी
रायपुर | बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 28 हजार 754 मकान हुए स्वीकृत किए गए है जिसमें से 15 हजार 436 हितग्राहियों को प्रथम किश्त जारी कर दिया गया है। जिससे वर्षाे से पक्के घर की आस में रहने वाले हितग्राहियों के चेहरे खिल उठे है। इस खुशी को उत्सव को बदलने के लिए कलेक्टर दीपक सोनी ने गांव गांव में आवास उत्सव आयोजन कराने के निर्देश संबधित अधिकारियों दिए है। जिसके तहत हितग्राहियों को योजना के संबध में विस्तृत जानकारी,सूची का वाचन,घर की डिजाइन,किश्तों का विवरण सहित सक्षम हितग्राही अतिरिक्त पैसा मिलाकर और बड़े घर बनाने हेतु प्रेरित किए जाएंगे।
उक्त सभी बाते कलेक्टर दीपक सोनी ने जिला पंचायत सभागार में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना के समीक्षा बैठक में कही है। उन्होंने संबधित अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों को दो टूक कहा की निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार की समझौता नहीं होनी चाहिए। सभी मकान निर्धारित 90 दिवस की समय सीमा में ही पूर्ण कराएं। पहले साल भर में लगभग 7 हजार मकान बनाने होते थे जिसको हम बड़ी मुश्किल से पूर्ण कर पाते है। पर अब लक्ष्य से 4 गुणा अधिक 28 हजार हो गया है मतलब हम लोगो को अब 4 गुणा अधिक मेहनत की जरूरत है। तब जाकर आवास का लाभ हितग्राहियों को मिल पाएगा। इस दौरान सोनी ने अच्छे कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रतिमाह पुरुस्कृत करने की बात कही है।
गौरतलब है की जिले में जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 28 हजार 754 मकान हुए स्वीकृत किए गए है। जिसमे जनपद पंचायत बलौदाबाजार 6731, भाटापारा 3756, कसडोल 7658, पलारी 6497 एवं सिमगा 4112 शामिल है। इसी तरह से इसमें से दिनांक तक 15 हजार 436 हितग्राहियों को प्रथम किश्त जारी कर दिए गए है। जिसमे से जनपद पंचायत बलौदाबाजार 3534, भाटापारा 2568, कसडोल 3734, पलारी 2979 एवं सिमगा 2621 शामिल है।
छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में 3500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू
छत्तीसगढ़ में खुले शासकीय नौकरियों के द्वार
साय सरकार में मिल रहा युवाओं को भविष्य संवारने का सुनहरा अवसर
रायपुर | छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में युवाओं की भर्ती का सिलसिला वृहद पैमाने पर शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर अब तक लगभग 8 विभागों में 3,474 पदों की भर्ती के लिए वित्त विभाग ने अपनी मंजूरी दे दी है। खाली पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को लेकर कमोबेश सभी विभाग प्रस्ताव बनाने से लेकर शासन से स्वीकृति की तैयारी में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री साय की मंशानुरूप विभागों में भर्ती की प्रक्रिया अनवरत रूप से जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, गृह विभाग, विधि विभाग, आदिम जाति कल्याण व वन एवं पर्यावरण विभाग अपने-अपने विभागों में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने में लगे हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार छत्तीसगढ़ में युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार में नए अवसर प्रदान करने के लिए कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय की पहल पर ही कैबिनेट ने पुलिस विभाग सहित अन्य शासकीय भर्तियों में युवाओं के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट का लाभ भी युवाओं को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री साय की पहल पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप अभियंता (सिविल) के 118, उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) के 10 पदों सहित 181 पदों पर भर्ती की मंजूरी वित्त विभाग ने दी है। इसी तरह गृह विभाग में सूबेदार, उप पुलिस निरीक्षक, प्लाटून कमांडर, नगर सैनिक सहित कुल 806 पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग से स्वीकृति मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चिकित्सा अधिकारी, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, स्टॉफ नर्स सहित अन्य संवर्ग के 1201 पदों पर स्वीकृति के साथ ही छत्तीसगढ़ विधानसभा में सहायक मार्शल के पदों तथा आदिम जाति कल्याण विभाग में छात्रावास अधीक्षक के 300 पदों भर्ती की प्रक्रिया जारी है। वन विभाग में वन रक्षक सहित अन्य संवर्ग के कुल 66 पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग आजीविका मिशन के अंतर्गत विभिन्न संवर्ग के 237, विधि विभाग के अंतर्गत न्यायालयों में व्यवहार न्यायाधीश सहित अन्य संवर्ग के कुल 362 पदों पर तथा कृषि विभाग के अंतर्गत 321 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की भर्ती का रास्ता खुल गया है।
तीन दिवसीय भोरमदेव तितली सम्मेलन का आगाज, शुभारंभ कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री शर्मा होंगे शामिल
रायपुर। कबीरधाम जिले में पहली बार भोरमदेव तितली सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। भोरमदेव तितली सम्मेलन का शुभारंभ 27 सितंबर को पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम से होगा। इस दौरान वन विभाग द्वारा विभिन्न प्रजातियों की तितली की फोटो प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
भोरमदेव तितली सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास, सहकारिता विभाग एवं संसदीय कार्य विभाग मंत्री केदार कश्यप, विशेष अतिथि सांसद संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक भावना बोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुशीला रामकुमार भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष मनहरण कौशिक, कवर्धा जनपद अध्यक्ष इंद्राणी दिनेश चंद्रवंशी शामिल होंगे।
वन मंडलाधिकारी, कबीरधाम शशि कुमार ने बताया कि जून 2024 में भोरमदेव अभ्यारण्य अंतर्गत पहली बार बर्ड सर्वे का आयोजन किया गया था। जिसमें पूरे देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिभागी उपस्थित हुए थे, उन सभी के द्वारा आयोजित बर्ड सर्वे की सराहना की गई। जिससे उत्साहित होकर भोरमदेव अभ्यारण्य की टीम द्वारा सितंबर माह में 28 से 29 सितंबर तक तितली सर्वे का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्षा ऋतु के प्रारंभ होने के उपरांत भोरमदेव अभ्यारण्य तितलियों के संसार के रूप में वर्णित हो जाता है और यहां भरपूर मात्रा में तितलियां के लिए आवश्यक नेक्टर एवं होस्ट पौधे उपलब्ध हैं जो उनके जीवन चक्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि अभयारण्य अंतर्गत 120 से अधिक प्रजाति की तितलियां पाई जाती हैं। भोरमदेव अभ्यारण के अंतर्गत दुर्लभ ऑरेंज ऑक्लिप्स पाई जाती है। जिससे आकर्षित होकर कई तितली प्रेमी भोरमदेव अभ्यारण्य इस तितली की फोटोग्राफी के लिए आते रहते हैं।
ईएसआईसी अस्पतालों में सुविधा बढ़ाने, चार स्थानों में नए औषधालय प्रारंभ करने पर जोर
भिलाई विधायक देवेन्द्र के भाई ने सरकारी जमीन पर किया कब्जा... हाई कोर्ट ने याचिका किया निराकृत
रायपुर। भिलाई विधायक देवेंद्र यादव के भाई धर्मेंद्र यादव द्वारा कालीबाड़ी हाउसिंग बोर्ड भिलाई की जमीन कम दामों पर खरीदने के मामले में पेश जनहित याचिका और दो अन्य याचिकाओं को हाई कोर्ट ने निराकृत कर दिया है। डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता और हस्तक्षेपकर्ता को अभ्यावेदन अधिकृत प्राधिकारी के समक्ष दो सप्ताह में देने का निर्देश देते हुए इसका छह सप्ताह में निराकरण करने का निर्देश दिए हैं। आठ सप्ताह तक यथास्थिति बरकरार रहेगी।
कालीबाड़ी हाउसिंग बोर्ड भिलाई में धर्मेंद्र यादव द्वारा हाउसिंग बोर्ड से 15,000 स्क्वायर फीट जमीन दो करोड़ 52 लाख में खरीदी थी। इस संबंध में आम आदमी पार्टी के नेता मेहरबान सिंह ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। इसके साथ ही हाउसिंग बोर्ड निवासी उदय सिंह तथा पीयूष मिश्रा द्वारा हाई कोर्ट में अलग–अलग याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में धर्मेंद्र यादव द्वारा जरूरत से ज्यादा हिस्से में कब्जा करने की शिकायत की थी। सभी याचिकाओं पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में एक साथ सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि, यह स्पष्ट किया जाता है कि याचिकाकर्ताओं के साथ-साथ जनहित याचिका में हस्तक्षेपकर्ता आज से दो सप्ताह की अवधि के भीतर संबंधित प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करेंगे। उसके बाद छह सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाएगा। इस बीच आठ सप्ताह की अवधि के लिए दोनों याचिकाओं पर यथास्थिति बनी रहेगी।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा बने सर्वेयर : मोबाईल में जियो-रिफ्रेसिंग के जरिए एंट्री कर खसरा का किए सत्यापन
पगडंडियों से चलकर बीच खेत में पहुंचे मंत्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे का किया अवलोकन
रायपुर | राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा आज बलौदाबाजार भाटापारा जिले के ग्राम सकरी में डिजिटल क्रॉप सर्वे का अवलोकन किया। उन्होंने पगडंडियों से चलकर बीच खेत में पहुंचकर मोबाईल के माध्यम से जियो-रिफ्रेंसिंग के जरिए एंट्री कर खसरा का सत्यापन किए। इसके लिए मंत्री वर्मा स्वयं सर्वेयर बने। उन्होंने ग्राम सकरी के किसान नेतराम साहू के खेत खसरा नंबर 1150,1151 एवं 1152 का सत्यापन कार्य पूर्ण किए | वर्मा ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित भारत के रूप में विकसित करने का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा है जिसके तहत सभी सरकारी कामकाजों में डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग सरकार कर रही है डिजिटल क्रॉप सर्वे भी उसका एक उदाहरण है। इससे फसल की सटीक जानकारी मुहैया होती है।
गौरतलब है की डिजिटल क्रॉप सर्वे में निजी सर्वेयर की भूमिका जियो-रिफ्रेंस के रूप में होती,जो डिजिटल रूप से फसल का सर्वे सभी खेतों में जाकर करेंगे। निजी सर्वेयर को प्रतिदिन 30 से 50 खसरों का टास्क दिए गए है। जिसे सर्वेयर खेत में जाकर लॉगिन करेंगे। उनसे तहसीलदार पूछेंगे क्या आप उपलब्ध हैं और हां में जवाब आएगा। वैसे ही एप में प्लॉट की स्थितिए खसरा नंबर ए एरिया ऑनर का नाम अपने आप फीड हो जायेगा। जो क्रॉप लगी है उसका तीन फोटो लॉन्गिट्यूट लैटिट्यूट के साथ तीन फोटो अपलोड करना है। इस प्रकार एक नंबर का कार्य पूर्ण होगा। जिसमें पटवारी की भूमिका पर्यवेक्षक और राजस्व निरीक्षक की भूमिका सत्यापनकर्ता तथा तहसीलदार व नायब तहसीलदार की भूमिका जांचकर्ता अधिकारी के रूप में की गई है। सर्वेक्षकों द्वारा संपादित सभी खसरे आरआई के पास नहीं आयेगा। सर्वेक्षकों द्वारा सर्वे किये गए खसरे पटवारी के पास आएंगे। पटवारी इसे अनुमोदन करेगा या रिसेंड करेगा। पटवारी द्वारा दो बार रिजेक्ट होने की स्थिति में आरआई के आईडी में आयेगा। ऐसे खसरों की संख्या बहुत कम होगी, जहां मौके में जाकर आवश्यकतानुसार सत्यापन किया जाएगा।
इसके साथ ही फिल्ड में क्या बोया गया है फसल की जिंस का नाम, मिश्रित फसल की स्थिति में सभी फसलों का अनुमानित रकबा, सिंचित-असिंचित फसल, एकवर्षीय या बहुवर्षीय, सीजनल फसल की जानकारी आदि भरी जायेगी। सर्वेयर द्वारा साफ्टवेयर में बोये गये जिंस व एकल व मिश्रित फसल की स्थिति में बोये गये फसल या पड़त रकबा की अनुमानित प्रविष्टि करेगा। यदि साफ्टवेयर में जियो-रिफ्रेंस्ड रकबा के अनुसार सर्वे किए गए रकबा का योग एक समान नहीं आयेगा। तब तक डेटा सेव नहीं होगा। सर्वेयर किसी भी खसरा नंबर की भूमि के मेड़ में खड़े होकर फोटो कैप्चर नहीं करेगा। यदि ऐसा वे करते हैं तो आसपास के खसरा नंबर के लॉन्गिट्यूट लैटिट्यूट मिस्डमैच होगा। इसलिए सर्वेयर प्रत्येक खसरा नंबर की भूमि के अंदर कम से कम मेड़ से 10 मीटर की दूरी पर जाकर प्रयोग संपादित करेगा। यदि पिक्चर में गेहूं फसल दिख रहा पर सर्वेक्षक ने धान प्रविष्ट किया हो अथवा प्लाट खाली है और फोटो गन्ना का अपलोड किया है, तो वही डेटा को पटवारी रिसेंड करेगा। सर्वेक्षक सुधार कर फिर से पटवारी को भेजेगा। यदि पटवारी पुनः रिजेक्ट करता है तब आरआई के आईडी में आयेगा। पटवारी द्वारा परंपरागत ढंग से की जाने वाली गिरदावरी से यह फिलहाल अलग है। धान खरीदी पटवारी द्वारा की गई गिरदावरी के आधार पर की जाएगी। डिजिटल क्राप सर्वे उन्हीं ग्रामों में की जायेगी, जहां जियोरिफ्रेंसिंग का सेकेंड लेवल कार्य का संपादन हो गया है। सभी ग्रामों के खसरा नंबरों में नहीं की जाएगी। यह शासन की बहुआयामी योजना है। सकारात्मक ढंग से इस कार्य का संपादन करना है। साफ्टवेयर बहुत ही आसान बनाया गया है। किसी भी वर्जन के एंड्रॉयड मोबाईल में प्रयोग किया जा सकता है, जिसमें ये सपोर्ट करें। इस अवसर पर उपाध्यक्ष राज्य स्काउट एवं गाइड विजय केसरवानी,एसडीएम, बलौदाबाजार अमित गुप्ता व तहसीलदार राजू पटेल उपस्थित रहे।
जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शुरू होगा प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान
आधोसंरचना विकास के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य पर होगा जोर
अतिरिक्त सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए जरुरी दिशा -निर्देश
रायपुर | देशभर में शीघ्र ही प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान शुरू होगा। अभियान के तहत जनजातीय बाहुल्य ग्रामो में आधोसंरचना विकास, आर्थिक सशक्तिकरण, स्वस्थ जीवन एवं गुणवात्तपूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव आर.जया ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जरुरी दिशा -निर्देश दिए। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में देशभर के जिलों से कलेक्टर जुड़े थे।
बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान ( पीएम जुगा ) अंतर्गत जिले के जनजातीय बाहुल्य 46 गांव का चयन किया गया है। इसमें सर्वाधिक विकासखंड कसडोल के 21 गांव शामिल है। इसके साथ ही विकासखंड बलौदाबाजार के 10, विकासखंड भाटापारा के 13 तथा सिमगा के 2 गांव शामिल है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत चयनित ग्रामो में विभागीय योजनाओं का शतप्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित कर उन्नत श्रेणी में लाना है। क्रियान्वयन हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जल संसाधन विभाग, सीएस पीडीसीएल, क्रेड़ा, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, आयुष विभाग, दूरसंचार विभाग, कौशल विकास, सूचना प्रोद्योगिकी, क़ृषि, पशुपालन,मत्स्यिकी, पर्यटन एवं आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग शामिल हैं। अभियान के तहत चयनित ग्रामों में आधोसंरचना विकास सहित बेहतर स्वास्थ्य एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच पर जोर दिया जाएगा।