छत्तीसगढ़
बगिया में अन्वेषण कार्यक्रम का किया अवलोकन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर प्रदेश के युवा विघार्थियों को शिक्षक एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए सशक्त बनाने का संदेश दिया। उन्होंने अन्वेषण कार्यक्रम का अवलोकन किया।

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित अन्वेषण कार्यक्रम के तहत अमेच्योर राकेटरी वर्कशॉप, स्टारगेजिंग , अंतरिक्ष ज्ञान अभियान, विघार्थियों के लिए एआई क्लब और प्रशिक्षण, स्पेश आन व्हील्स, कम्प्यूटर शिक्षकों हेतु एआई वर्कशॉप, 3 डी प्लानेटोरियम शो आदि कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर नव निर्वाचित जनप्रनिधिगण, जनसंपर्क आयुक्त डॉ. रवि मित्तल कलेक्टर रोहित व्यास, एस एस पी शशि मोहन सिंह और आम नागरिक उपस्थित थे।
मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया निरस्त, हाईकोर्ट ने नए सिरे से काउंसलिंग के दिए निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया को निरस्त करते हुए हाईकोर्ट ने नए सिरे से काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए हैं। सेवारत श्रेणी में अपात्र उम्मीदवारों को शामिल करने पर डॉ. यशवंत राव और डॉ. पी. राजशेखर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ताओं ने बताया कि नियमों के अनुसार, सेवारत श्रेणी के तहत पात्रता के लिए उम्मीदवार को कम से कम तीन वर्षों की सेवा पूरी करनी अनिवार्य है। लेकिन, काउंसलिंग के दौरान पता चला कि कई अपात्र उम्मीदवारों को सेवारत श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। इस संबंध में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर याचिका दायर की है।
सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष स्वीकार किया था कि शिकायत प्रथम दृष्टया सही प्रतीत हो रही है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि तत्काल पूरे मामले में शपथपत्र प्रस्तुत करें और याचिकाकर्ताओं को उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे उचित प्रत्युत्तर दाखिल कर सकें।
याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने पाया कि निजी उम्मीदवार को कट ऑफ तारीख के बाद सीट आवंटित की गई, जो नियमों का उल्लंघन है।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने स्ट्रे राउंड काउंसलिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी, इसके साथ स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि समान स्थिति वाले सभी उम्मीदवारों पर लागू होगा। कोर्ट के आदेश के बाद अब मेडिकल पीजी प्रवेश के लिए दोबारा काउंसलिंग होगी।
कांग्रेस प्रदेश महामंत्री से एक घंटे से ज्यादा वक्त से पूछताछ जारी.... उधर, कांग्रेस नेताओं ED दफ्तर के बाहर जुटना शुरू
रायपुर। ED कार्यालय में कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री मलकीत सिंह गैदू से पूछताछ चल रही है। इधर ईडी दफ्तर के बाहर कांग्रेसियों के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया है। आपको बता दें कि सुकमा और कोंटा में बने कांग्रेस भवन सहित चार बिंदुओं पर जानकारी के लिए ईडी ने समन प्रदेश महामंत्री को भेजा था।
उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था। प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदु से पिछले 1 घंटे से पूछताछ चल रही है। इससे पहले चार बिंदुओं पर 30 पन्नो का जवाब ले कर गैदु ईडी ऑफिस पहुंचे है। ED को जानकारी मिली है कि शराब घोटाले के पैसे से कांग्रेस भवन बनाया गया है।
इन 4 बिंदुओं में जानकारी मांगी गई है
• कोंटा और सुकमा कांग्रेस भवन का काम कब शुरू हुआ और कब खत्म
• कांग्रेस भवन निर्माण किस ठेकेदार ने किया, उसका नाम और डिटेल
• भवन निर्माण के लिए और जमीन खरीदने के लिए कितनी राशि खर्च की गई
• भवन निर्माण के लिए फंड का सोर्स क्या था
आपको बता दें कि मंगलवार को चार सदस्यीय ED टीम सुरक्षा बलों के साथ रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंची थी और वहां मलकीत सिंह गैदू को समन सौंपा गया था। जांच एजेंसी ने कांग्रेस से यह स्पष्ट करने को कहा है कि सुकमा और कोंटा में बने राजीव भवन का निर्माण किस स्रोत से हुआ, इसमें किसने पैसा दिया और निर्माण कार्य की पूरी प्रक्रिया क्या रही।
प्रदेश सरकार जेल सुधार के साथ-साथ कैदियों के आध्यात्मिक एवं नैतिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
प्रदेश की 5 सेंट्रल जेल, 20 जिला जेल और 8 सब-जेल में विशेष आयोजन:आध्यात्मिक और मानसिक शुद्धि के लिए कैदियों को मिला गंगा जल स्नान का अवसर |
छत्तीसगढ़ सरकार की एक अनूठी पहल के तहत प्रदेश के विभिन्न जेलों में बंद कैदियों को गंगा जल स्नान का अवसर प्रदान किया गया।
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पुनीत कार्य पर कहा कि मां गंगा की कृपा सभी पर बनी रहे, यही हमारी कामना है। यह पहल कैदियों को मानसिक शांति और आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करेगी, जिससे वे सकारात्मक बदलाव की ओर अग्रसर हो सकें। प्रदेश सरकार जेल सुधार के साथ-साथ कैदियों के आध्यात्मिक एवं नैतिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा होते हैं, और जेलों में बंद कैदी भी इससे अछूते नहीं हैं। 144 वर्षों बाद आयोजित हो रहे महाकुंभ के पुण्य लाभ से समाज का हर वर्ग वंचित न रहे, इसलिए राज्य सरकार ने यह विशेष आयोजन किया। इससे कैदियों में आत्मशुद्धि, सकारात्मक सोच और नैतिक जागरूकता का संचार होगा। उन्होंने कहा कि 5 सेंट्रल जेल, 20 जिला जेल और 8 उपजेल में गंगा जल स्नान और सामूहिक प्रार्थना का विशेष आयोजन किया गया, जिससे कैदियों को आध्यात्मिक और मानसिक शुद्धि का अनुभव मिला।
इस विशेष आयोजन के दौरान प्रदेशभर की जेलों में कैदियों के लिए गंगा जल की आपूर्ति और स्नान की उपयुक्त व्यवस्था एवं सामूहिक प्रार्थना की व्यवस्था की गई है। जेल अधीक्षकों ने बताया कि कैदियों ने इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे एक सकारात्मक अनुभव बताया। कई कैदियों ने कहा कि इस आयोजन से उन्हें आत्मशुद्धि और मानसिक शांति का अनुभव हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार कैदियों के सुधार और सामाजिक पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी होना चाहिए। कैदियों को नैतिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शन देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
राज्य सरकार द्वारा जेलों में आयोजित यह गंगा जल स्नान और आध्यात्मिक कार्यक्रम कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल है। यह पहल न केवल कैदियों को आत्मशुद्धि और मानसिक शांति प्रदान करेगी, बल्कि उनके पुनर्वास की दिशा में भी एक प्रभावी कदम साबित होगी।
छत्तीसगढ़ के 25.95 लाख किसानों को मिली पीएम किसान सम्मान निधि की राशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को मोदी जी ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की गारंटी दी थी। हमारी सरकार ने यह वायदा निभाया है। साथ ही किसानों को दो साल का बकाया बोनस देने की गारंटी भी दी गई थी। शपथ ग्रहण के एक पखवाड़े के भीतर ही हमने 13 लाख किसानों के खाते में बोनस की 3716 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी थी। पिछली बार हमने 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की। किसानों को दिये गये धान के मूल्य के साथ बोनस राशि शामिल कर लें तो पिछले खरीफ सीजन में किसान भाइयों के खाते में 49 हजार करोड़ रुपए भेजे गए। इस खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की रिकार्ड खरीदी हमने की। इस सीजन में विभिन्न योजनाओं से मिलने वाली राशि मिला लें तो लगभग 52 हजार करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में हमने भेजी है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक शुरू
छत्तीसगढ़ में विज्ञान और नवाचार की नई क्रांति… प्रदेश में बनेगी साइंस सिटी
रायपुर। छत्तीसगढ़ अब शिक्षा, विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। प्रदेश में साइंस सिटी की स्थापना की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाए जा रहे हैं। नवा रायपुर के सेक्टर-13 में 30 एकड़ भूमि पर बनने वाली इस साइंस सिटी को आधुनिकतम तकनीकों से युक्त किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ को विज्ञान और तकनीक का नया केंद्र बनाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ को केवल प्राकृतिक संसाधनों का राज्य नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचारों के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाना है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बैठक में निर्देशित किया कि साइंस सिटी को "एडुटेनमेंट" (शिक्षा + मनोरंजन) की अवधारणा पर विकसित किया जाए, जिससे छात्रों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि विकसित करने का अवसर मिले।
बैठक में बताया गया कि साइंस सिटी में कई अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, जो इसे देश के अग्रणी विज्ञान केंद्रों में शामिल करेंगी। इसमें अंतरिक्ष एवं खगोल विज्ञान केंद्र, स्मार्ट सिटी एवं ग्रीन टेक्नोलॉजी सेक्शन, जलवायु परिवर्तन केंद्र, रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब, एयरोस्पेस रिसर्च सेक्शन, वर्चुअल एक्सपेरिमेंट लैब, थ्रीडी थिएटर और इमर्सिव डिस्प्ले जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। इन नवाचारों के माध्यम से छात्रों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि विकसित करने का अवसर मिलेगा।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि साइंस सिटी सिर्फ एक शैक्षिक संस्थान नहीं, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक केंद्र बनेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि इसमें छात्रों के लिए एक्सपेरिमेंटल लर्निंग ज़ोन बनाए जाएं, जहां वे वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझ सकें। बैठक में चर्चा हुई कि साइंस सिटी छत्तीसगढ़ के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह न केवल छत्तीसगढ़ में विज्ञान पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि यहां के युवाओं और वैज्ञानिकों को वैश्विक स्तर के अनुसंधान और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराएगी।
कुंभ से लौट रहे भिलाई के परिवार की कार खाई में गिरी, भिलाई की एक महिला की मौत
रायपुर। भिलाई का एक परिवार मध्यप्रदेश में भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया। महाकुंभ स्नान के बाद प्रयागराज से लौटते वक्त उनकी कार शहडोल-पंडरिया मार्ग पर अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला राखी सिकदार की मौत हो गई, जबकि परिवार के 6 अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार, भिलाई के रिसाली निवासी सिकदार परिवार 19 फरवरी को अपनी अर्टिगा कार (CG 07 BS 3173) से महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज रवाना हुआ था। कुंभ स्नान के बाद वे भिलाई लौट रहे थे। रास्ते में तरच गांव के पास कार बेकाबू होकर पहले पेड़ से टकराई और फिर खाई में गिर गई। कार में ड्राइवर सहित 7 लोग सवार थे।
हादसे की सूचना मिलते ही मध्यप्रदेश की बजाग पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस 108 व डायल 100 की मदद से घायलों को बजाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल में जांच के बाद राखी सिकदार को मृत घोषित कर दिया गया। बाकी घायलों में तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बनी हुई है। राखी सिकदार भिलाई स्टील प्लांट के सेक्टर-9 हॉस्पिटल में नर्स थीं और रिटायर हो चुकी थीं। उनके शव को भिलाई के सेक्टर-9 हॉस्पिटल की मॉर्चुरी में रखा गया है।
छत्तीसगढ़ में आज होगी बारिश, इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कल से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बादलों की लुका छुपी और सर्द हवाओं के बीच कई जगह पर आज बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक इसी तरह मौसम के होने का अनुमान जताया है। साथ ही कुछ जगहों पर ओले के साथ बारिश होगी।
मौसम विभाग ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में दिन का तापमान औसत 35 डिग्री तक बना रहेगा, वहीं कुछ हिस्सों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश होगी। बस्तर संभाग के कुछ स्थानों पर बारिश होने की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है। इसके अलावा प्रदेश के आउटर इलाकों में रात के तापमान में भी कमी महसूस होगी। जिसकी वजह से लोगों को ठंड महसूस होगी।
प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम (IMD alert) की तब्दीली से गर्मी से हल्की राहत मिलेगी। आपको बता दें कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम में इस तरह का बदलाव महसूस किया जा रहा है।आगामी दो दिनों में तापमान लगभग 2 डिग्री तक कम हो सकता है। वहीं, अधिकतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अधिकतर जगह मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन बस्तर संभाग के दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
डाक टिकट प्रदर्शनी में मंडल के आजीवन सभासद विजय लाड सम्मानित
रायपुर। छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल अंतर्गत दुर्ग संभाग द्वारा कला मंदिर सिविक सेंटर भिलाई में दो दिवसीय जिला स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम में रायपुर के वरिष्ठ डाक टिकट संग्रह कर्ता और महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सदस्य विजय कुमार लाड को सम्मानित किया गया। वहीं दीनदयाल स्पर्श योजना में चयनित विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रुप में सत्यनारायण राठौर आयुक्त दुर्ग संभाग, दिनेश कुमार मिस्त्री निदेशक डाक सेवाएं, बीएल जांगड़े प्रवर अधीक्षक डाकघर दुर्ग एवं सुरेश राव सीनियर फिलाटेलिस्ट एवं अन्य वरिष्ठ डाक टिकट संग्रहक, अधिकारी, कर्मचारी एवं स्कूली बच्चे उपस्थित रहे। दीनदयाल स्पर्श योजना के चयनित विद्यार्थियों को सुश्री कुमुद लाड,आजीवन सदस्य ,महाराष्ट्र मंडल ने संबोधित किया।
स्वच्छता दीदियों की होगी 8 घंटे की ड्यूटी, महीने में एक दिन मिलेगा सवैतनिक आकस्मिक अवकाश
रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत नगरीय निकायों में कार्यरत स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के लिए राहत का पिटारा खोला है। राज्य शासन द्वारा उनके लिए आठ घंटे की कार्यावधि निर्धारित करने के साथ ही साप्ताहिक अवकाश और महीने में एक दिन का सवैतनिक आकस्मिक अवकाश प्रदान करने के संबंध में नए दिशा-निर्देश सभी नगरीय निकायों को जारी किए हैं। साथ ही सभी स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का श्रम विभाग में पंजीयन कराकर विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करने के भी निर्देश दिए हैं।
नगरीय प्रशासन विभाग ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नगरीय निकायों में लागू “मिशन क्लीन सिटी” के तहत निर्मित अधोसंरचना तथा स्वसहायता समूहों के संचालन एवं संधारण के लिए वर्ष 2016 में जारी निर्देशों को संशोधित कर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये नए दिशा-निर्देश रायपुर, भिलाई और रिसाली को छोड़कर शेष सभी नगर निगमों तथा सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में लागू होंगे। निकायों में कार्यरत् विभिन्न स्वसहायता समूहों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगर निगम आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इस संबंध में परिपत्र जारी कर नए निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है। सभी क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को समय-समय पर निकायों का भ्रमण कर इन निर्देशों का पालन किया जाना प्रतिवेदित करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार स्वच्छता दीदियों/सफाई मित्रों की कार्यावधि आठ घण्टे निर्धारित की गई है। निकाय सुविधानुसार प्रातः छह बजे से दोपहर तीन बजे (एक घण्टे का भोजन अवकाश मिलाकर) या प्रातः सात बजे से शाम चार बजे तक कार्यावधि निर्धारित कर सकते हैं। विशेष अवसरों के अतिरिक्त निर्धारित कार्यावधि से अधिक कार्य कराया जाना प्रतिबंधित होगा। निकायों में प्रत्येक स्वच्छता दीदी/सफाई मित्र का कार्य रोस्टर स्वसहायता समूह द्वारा इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि प्रत्येक सदस्य को रोटेशन आधार पर एक साप्ताहिक अवकाश अनिवार्यतः प्राप्त हो सके। नगरीय निकायों को इस बात का ध्यान रखने कहा गया है कि सभी सदस्यों का साप्ताहिक अवकाश एक ही दिन न पड़े, जिससे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं निपटान का कार्य प्रभावित न हो, तथा मणिकंचन केन्द्र में कचरे का जमाव न होने लगे।
बलौदाबाजार हिंसा: सतनामी समाज के 112 लोगों को हाईकोर्ट से मिली जमानत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार हिंसा मामले में हाईकोर्ट ने सतनामी समाज के 112 लोगों को जमानत दे दी है। ये सभी हिंसा और आगजनी के आरोप में जेल में बंद थे। वहीं, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव को भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है, और वे आज शाम तक रिहा हो सकते हैं। बता दें कि इससे पहले इस मामले में 60 से अधिक आरोपी जमानत पर रिहा हो चुके हैं। 25 हजार के बॉन्ड पर आरोपियों को जमानत मिली है।
बता दें कि कोर्ट ने हर सुनवाई में ट्रायल कोर्ट में उपस्थित होने निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई जस्टिस एन के व्यास की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। 10 जून 2024 को बलौदाबाजार कलेक्ट्रेट परिसर में हिंसा और आगजनी की बड़ी घटना हुई थी, जिसमें उपद्रवियों ने कलेक्टर और एसपी कार्यालय में तोड़फोड़ कर आग लगा दी थी। बता दें कि इस मामले में अब कुल 187 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
बलौदाबाजार की इस घटना ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया था। उपद्रव में 12.5 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ था। हिंसा के दौरान 200 से अधिक वाहन जला दिए गए थे, जिनमें दो दमकल गाड़ियां भी शामिल थीं। साथ ही, 25 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। अदालत के इस फैसले के बाद अब अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई की संभावना है।
अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में डिजिटल भू-प्रबंधन की नई शुरुआत
केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह ने किया नक्शा परियोजना का वर्चुअल शुभारंभ
ड्रोन सर्वे से भूमि विवादों का समाधान, सम्पत्ति रिकॉर्ड में पारदर्शिता
रायपुर | छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में डिजिटल भू-प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए नक्शा परियोजना की शुरुआत की गई। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह ने मध्यप्रदेश के रायसेन से इस परियोजना का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस पहल के तहत ड्रोन सर्वे के माध्यम से शहरी भू-सम्पत्तियों का सटीक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे संपत्ति विवादों का त्वरित समाधान होगा और भूमि स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी बनेंगे।

अंबिकापुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, कलेक्टर विलास भोसकर, अपर कलेक्टर सुनील नायक एवं नगर निगम कमिश्नर डी. एन. कश्यप समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह परियोजना शहरी भूमि प्रबंधन को आधुनिक बनाएगी और सम्पत्तियों के स्वामित्व से जुड़ी समस्याओं को जल्द सुलझाने में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि ड्रोन तकनीक से सम्पत्तियों का हवाई सर्वे कर फोटो और वीडियो डेटा एकत्र किया जाएगा, जिसे भविष्य में सरकारी दस्तावेजों और भूमि रिकॉर्ड में सटीकता लाने के लिए उपयोग किया जाएगा।
यह परियोजना देश के 26 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के 141 जिलों में लागू की जा रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, जगदलपुर और धमतरी को इस योजना में शामिल किया गया है। अंबिकापुर नगर निगम को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना जाना शहरवासियों के लिए गर्व की बात है।
सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नक्शा परियोजना से भूमि के हर इंच का सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, जिससे भू-राजस्व संबंधी समस्याएं खत्म होंगी और डिजिटल रिकॉर्ड के चलते पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे शहरवासियों को अनावश्यक कानूनी उलझनों से बचाव मिलेगा और शहरी विकास की योजनाओं का सुचारू क्रियान्वयन संभव होगा।
कलेक्टर विलास भोसकर ने इस अवसर पर कहा कि डिजिटलीकरण के माध्यम से भूमि प्रबंधन को आसान और प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, यह परियोजना बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय है। ऑनलाइन रिकॉर्ड होने से भू-राजस्व की सुरक्षा और योजनाओं की सफलता सुनिश्चित होगी। इस परियोजना के तहत अंबिकापुर नगर निगम में ड्रोन सर्वे से भू-सम्पत्तियों का रिकॉर्ड तैयार कर उसे ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे भविष्य में भूमि संबंधित विवादों का समाधान आसान होगा और शहरी विकास योजनाओं को नई गति मिलेगी।
नक्शा परियोजना के शुभारंभ से अंबिकापुर ने डिजिटल क्रांति की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है। इससे न केवल भू-संपत्तियों का प्रबंधन आसान होगा, बल्कि शहरी विकास को भी नया आयाम मिलेगा। ड्रोन तकनीक से होने वाला यह सर्वे भविष्य में शहरों के सुव्यवस्थित विकास की नींव रखेगा।
छत्तीसगढ़ में अब 24 घंटे खुली रहेंगी दुकानें, सप्ताह में एक दिन बंद रखने की बाध्यता भी होगी खत्म
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब बाजारों में 24 घंटे दुकानें खुली रख सकेंगे। यही नहीं सप्ताह में एक दिन दुकान बंद रखने की बाध्यता भी खत्म हो जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश देना होगा। साय सरकार की पहल पर दुकान एवं स्थापना अधिनियम लागू हो गया है। जिसके तहत मॉल और दुकान अब 24 घंटे तक खुले रख सकेंगे। सरकार बदलाव करते हुए पुराना अधिनियम 1958 और नियम 1959 को निरस्त कर दिया गया है।
श्रम विभाग के अनुसार, नया अधिनियम पूरे राज्य में लागू होगा। इस बदलाव से छोटे दुकानदारों को राहत मिलेगी। क्योंकि, नया कानून केवल 10 या अधिक कर्मचारियों वाली दुकानों और स्थापनाओं पर ही लागू होगा। पहले, बिना किसी कर्मचारी के भी सभी दुकानें अधिनियम के दायरे में आती थीं। नए नियमों के अनुसार, दुकान और स्थापनाओं के पंजीयन शुल्क को कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तय किया गया है।
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि नए अधिनियम के लागू होने के 6 महीने के भीतर सभी पात्र दुकानों और स्थापनाओं को पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया श्रम विभाग के पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन पूरी की जा सकेगी। कर्मचारी राज्य बीमा और भविष्य निधि में पहले से पंजीकृत दुकानें नए अधिनियम में शामिल हों जाएंगी। नए अधिनियम के तहत न्यूनतम शुल्क 1,000 रुपये और अधिकतम 10,000 रुपये होगा। पहले यह शुल्क 100 रुपये से 250 रुपये तक था। 24 घंटे हफ्तेभर खुली रह सकेंगी दुकानें पहले से पंजीकृत दुकानों को 6 महीने के भीतर श्रम पहचान संख्या प्राप्त करने के लिए आवेदन करना होगा, लेकिन इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। यदि 6 महीने बाद आवेदन किया जाता है, तो नियमानुसार शुल्क देना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था के तहत हर साल 15 फरवरी तक सभी दुकान एवं स्थापनाओं को अपने कर्मचारियों का वार्षिक विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा। भी नियोजकों को अपने कर्मचारियों के रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक रूप से मेंटेन करने होंगे। निरीक्षकों की जगह फैसिलिटेटर और मुख्य फैसिलिटेटर नियुक्त किए जाएंगे, जो व्यापारियों और नियोजकों को बेहतर मार्गदर्शन देंगे। पहले दुकान और स्थापनाओं का पंजीयन कार्य नगरीय निकायों द्वारा किया जाता था। अब यह कार्य श्रम विभाग द्वारा किया जाएगा।
वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है छत्तीसगढ़ में 24 घंटे दुकान खुलने से प्रदेश के रहवासियों को एक बड़ा फायदा होगा खासकर मध्यम और छोटे व्यापारियों को इससे एक बड़ा फायदा होगा पहली बार छत्तीसगढ़ में सभी दुकानें खुली रहेगी इससे रोजगार भी पड़ेगा छत्तीसगढ़ के शहर और जिले मेट्रो सिटी के रूप में डेवलप होने जा रहे हैं विकास की गति को और तेजी मिलेगी व्यापारियों में खुशी की लहर है छोटे व्यापारी कर्मचारियों में उत्साह देखा जा रहा है छत्तीसगढ़ सरकार की है सराहनीय पहल है।
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद स्टेट बार एसोसिएशन का चुनाव कार्यक्रम हुआ तय
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के स्टेट बार एसोसिएशन का चुनाव पिछले 5 साल से नहीं हो रहा है। इसके चलते होने वाली परेशानी को देखते हुए हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर की थी। इस मामले को लेकर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच के समक्ष सुनवाई हुई। जिसमें छत्तीसगढ़ स्टेट बार कौंसिल के सिकरेट्री ने शपथ पत्र पेश करते हुए बताया कि चुनाव का कार्यक्रम तय हो गया है।
हाईकोर्ट में बताया गया कि 13 फरवरी को बैठक आयोजित की गई थी। इसमें प्रारंभिक तौर पर संभावित चुनाव कार्यक्रम तैयार किया गया है। 10 मार्च तक मतदाता सूची बनाने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। मतदान 18 जुलाई को होगा। मतगणना 7 अगस्त को की जाएगी।
बार कौंसिल आफ इंडिया की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने बताया कि स्टेट बार कौंसिल का चुनाव कार्यक्रम पूर्व के नियमों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि 30 जनवरी 2015 की अधिसूचना के अनुसार मतदाता सूची तैयार करने की अवधि में बढ़ोतरी की गई है। पहले 150 की अवधि तय की गई थी। अब इसे बढ़ाकर 180 दिन कर दिया गया है। जरुरी बदलाव के चलते चुनाव प्रक्रिया सितंबर तक पूरी होगी। बार कौंसिल आफ इंडिया के अधिवक्ताओं के जवाब के बाद डिवीजन बेंच ने स्टेट बार कौंसिल के अधिवक्ता से पूछा कि नए नियमों के अनुसार चुनाव कार्यक्रम क्यों नहीं बनाया गया।
राष्ट्र गौरव के लिए जनजागरण विचार मंथन 2 मार्च को... पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ होंगे मुख्य वक्ता
रायपुर। राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में रविवार, 2 मार्च को शाम 4 बजे से राष्ट्र गौरव के लिए जनजागरण विचार मंथन का कार्यक्रम राष्ट्र प्रथम संस्था की ओर से किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रुप में प्रखरवक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ उपस्थित होंगे। वे राष्ट्र प्रेम के साथ वर्तमान मुद्दे, चुनौतियों के साथ बांग्लादेश और कुंभ को लेकर अपने विचार व्यक्त करेंगे। वहीं श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप मदकू के मण्डलेश्वर संत रामरूप दास महात्यागी भी राष्ट्र प्रेम को लेकर अपने विचार साझा करेंगे।
कार्यक्रम के आयोजक और राष्ट्र प्रथम के प्रमुख तुषार शाह ने बताया कि यह कार्यक्रम सिर्फ राष्ट्र प्रथम का नहीं बल्कि पूरे समाज का है। इसे राजनीति से दूर रखा गया है। यहां छत्तीसगढ़ के संपूर्ण समाज को एकत्र किया जा रहा है। यहां सभी जाति और धर्म के लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है। ताकि हम सभी में राष्ट्र प्रेम की भावना को जागृत कर सके।
शाह ने आगे बताया कि कार्यक्रम को लेकर राजधानी रायुपर ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश के विभिन्न समाज प्रमुखों को आमंत्रण दिया गया है। मराठी, छत्तीसगढ़ियां, आंध्र समाज, बंगाली समाज सहित अन्य समाज के प्रतिनिधि में कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में पहुंचे सभी लोगों द्वारा सामूहिक वंदेमातरम का गायन भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा : छत्तीसगढ़ में डेयरी विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति
राज्य सरकार पशुपालन को बना रही समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़, किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदम
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कहा कि छत्तीसगढ़ में श्वेत क्रांति की तर्ज पर डेयरी उद्योग को सशक्त बनाने और किसानों व पशुपालकों की आय दोगुनी करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन को लाभकारी व्यवसाय बनाने और प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया गया है, जिसके तहत व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में पशुपालन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि दिसंबर 2024 में राज्य सरकार और NDDB के बीच हुए समझौते के बाद छत्तीसगढ़ में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अधिकांश आबादी कृषि से जुड़ी है और अतिरिक्त आय के लिए पशुपालन का कार्य भी करती है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की विशेषज्ञता में तैयार पायलट प्रोजेक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार लगभग 5 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6 जिलों को शामिल किया गया है और सफल क्रियान्वयन के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डेयरी उद्योग के विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही, प्रदेशवासियों के पोषण स्तर में भी सुधार होगा, जिससे बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव आएगा।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ, प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता में वृद्धि और सरप्लस दूध के उपयोग को लेकर ठोस कार्य योजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दूध उत्पादन से जुड़े किसानों और पशुपालकों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए ताकि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय को बढ़ा सकें।
बैठक में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के चेयरमैन मिनिष शाह ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन 58 लाख किलोग्राम दूध का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य दुग्ध संघ की कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन करने के बाद, दुग्ध उत्पादन और मार्केटिंग को बढ़ाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से पशुपालकों को आधुनिक तकनीक और मशीनों से दूध की गुणवत्ता जांच और तत्काल भुगतान की सुविधा प्रदान की जाएगी। बायोगैस और बायो-फर्टिलाइजर प्लांट की स्थापना से पशुपालकों की अतिरिक्त आय के स्रोत बढ़ेंगे, जिससे पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहेगा।
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने डेयरी विकास, पशु उत्पादकता संवर्धन, पशु प्रजनन और पशु पोषण को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक योजना के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए दृढ़संकल्पित है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार, संचालक पशुपालन रिमिजियूस एक्का सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।