छत्तीसगढ़
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह लगाया हुआ अनिवार्य : 01 अप्रैल 2019 से पूर्व पंजीकृत प्रत्येक वाहनों पर
रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य में दिनांक 01 अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (एचएसआरपी) योजना प्रारंभ हुई हैं। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा (एचएसआरपी) के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों, केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 एवं केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के प्रावधानों, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के परिपालन में छत्तीसगढ़ राज्य में दिनाक 01 अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत प्रत्येक वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (एचएसआरपी) लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। जिसे लागू कर प्रक्रिया प्रारंभ किया जा चुका है। अब वाहन स्वामी विभागीय वेबसाइट
https://cgtransport.gov.in/
के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते है। इस संबंध में विभाग द्वारा दो वेंडर क्रमशः मेसस रीयल मेजॉन इंडिया लिमिटेड एवं मेसस रॉस्मेर्टा सेफ्टी सिस्टम्स लिमिटेड को निर्धारित दर पर एचएसआरपी लगाने के लिए अधिकृत किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के सभी परिवहन कार्यालयों को जोन अनुसार वर्गीकृत किया गया है जहां हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह लगाने की कार्यवाही की जायेगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह काम निर्धारित दर अनुसार मोटर वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण प्लेट लगाने की कार्यवाही का भुगतान केवल डिजिटल मोड के माध्यम से किए जाएंगे आटोमोबाइल डीलरों द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में 01 अप्रेल 2019 के पूर्व पंजीकृत मोटरवाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (आवश्यक तीत्तरी पंजीकरण प्लेट सहित) प्रत्येक इंस्टालेशन हेतु एक सौ रूपए अतिरिक्त चार्ज के साथ लगाया जावेगा। घर पहुंच सेवा हेतु अतिरक्त राशि देय होगा ।
ड्रोन दीदी बनी किसानों की मददगार
नमो ड्रोन दीदी योजना से किसानों की पैसे एवं समय की हो रही बचत
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार द्वारा स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कृषि सेवाएँ प्रदान करने के लिए ड्रोन तकनीक से लैस करके उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से नमो ड्रोन दीदी योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देकर कृषि में ड्रोन का इस्तेमाल करने में सक्षम बनाया जा रहा है। योजनांतर्गत चयनित महिला या समूह को ड्रोन और सहायक उपकरण दिए जाते हैं। साथ ही ड्रोन से जुड़े खर्चों को कम करने के लिए वित्तीय सहायता भी दी जाती है।
मुंगेली जिले के नगर पंचायत सरगांव की नमो ड्रोन दीदी गोदावरी साहू ने बताया कि वे विहान अंतर्गत जय माता दी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य है। नमो ड्रोन योजना अंतर्गत इफको के माध्यम उन्हें ग्वालियर में 15 दिन का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें थ्योरी व प्रेक्टिकल के साथ ग्राउंड लेवल पर ड्रोन को चलाने के संबंध में जानकारी दी गई। इसके बाद फूलपूर में 05 दिवसीय ड्रोन के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। वह अब ड्रोन के माध्यम से किसानों के खेतों में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशक का छिड़काव करती है। इससे किसानों के पैसे और समय की बचत हो रही है। इसके साथ ड्रोन से वायु प्रदूषण भी नहीं होता। उन्होंने बताया कि ड्रोन के माध्यम से एक ही दिन में 20 से 25 एकड़ खेत में कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव हो जाता है, जिससे किसानों द्वारा श्रमिकों को देने वाले पैसे की बचत तो हो ही रही है। साथ ही किसानों का समय भी बच रहा है।
वहीं ग्राम के किसान ने बताया कि पहले कृषि यंत्र स्प्रेयर के माध्यम से अपने गन्ने की फसल में दवाई का छिड़काव करते थे। जहॉ गन्ने की फसल की उॅचाई ज्यादा होने से उन्हें फसल के बीच जाकर दवाई छिड़काव करने में काफी समय लगता था और समस्याएं भी काफी बनी रहती थी। लेकिन अब उन्हें कम समय व कम खर्च में ही अपने फसलों में कीटनाशक दवाई के छिड़काव के लिए एक अच्छा मददगार ड्रोन दीदी के रूप में मिल गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों के हित में काफी अच्छी योजनाएं संचालित की जा रही है। इसके लिए उसने खुशी-खुशी शासन को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया है।
भारतीय सेना के 1971 के युद्ध में विजय की 53वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में नवा रायपुर में सोल्जरथॉन मैराथन का आयोजन
रायपुर। भारतीय सेना द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से 15 दिसंबर, 2024 को अटल नगर, नवा रायपुर के सेंट्रल पार्क में सोल्जरथॉन मैराथन का विशेष संस्करण आयोजित किया जा रहा है । यह आयोजन पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध में भारत की निर्णायक जीत की 53वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में होगा, जो देश के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है ।
मैराथन में सभी स्तरों के प्रतिभागियों के लिए विभिन्न श्रेणियों की दौड़ होंगी, जिसमें 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 05 किलोमीटर की दौड़ के साथ ही साथ 03 किलोमीटर की पैदल यात्रा भी शामिल है । इसके लिए रेस-एक्सपो का आयोजन 14 दिसंबर, 2024 को सेंट्रल पार्क, नया रायपुर में किया जाएगा ।
इस आयोजन का एक मुख्य आकर्षण 1971 के भारत-पाक युद्ध से संबंधित युद्ध अवशेषों को प्रदर्शित करना है । प्रदर्शनी में युद्ध से संबंधित सैन्य कलाकृतियाँ, तस्वीरें और यादगार चीज़ें प्रदर्शित की जाएँगी । इस प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को 1971 संघर्ष के इतिहास से जुड़ने और इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान भारतीय सैनिकों द्वारा किए गए बलिदानों के बारे में जानकारी प्राप्त करने अवसर मिलेगा ।
जनरल वीके सिंह, पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एडीसी, पूर्व सेनाध्यक्ष, प्रस्तावित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे । इस अवसर वे पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर को 19,63,284 रुपये का चेक प्रदान करेंगे।
सोल्जरथॉन मैराथन न केवल फिटनेस का उत्सव है, बल्कि 1971 के युद्ध में लड़ने वाले भारतीय सैनिकों की वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि भी है । इसका उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों और छत्तीसगढ़ के नागरिकों के बीच मजबूत संबंध को बढ़ावा देना तथा एकता, देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करना है ।
हाईकोर्ट का अहम फैसलाः पदोन्नति ना तो कानूनी और ना ही संवैधानिक अधिकार...
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2019 के नियम 18 को चुनौती देते हुए शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों ने चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच में हुई। सभी याचिकाओं की एकसाथ सुनवाई करते हुए डिवीजन बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया है।
डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ ही उस टिप्पणी को भी दोहराया है जिसमें शीर्ष अदालत ने कहा था कि पदोन्नति का अवसर मिलना या देना संवैधानिक या कानूनी अधिकार नहीं है। यह राज्य शासन द्वारा बनाई गई व्यवस्था है।
डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में लिखा है कि राज्य शासन ने पदोन्नति के लिए नियम तय करते समय शिक्षा विभाग में पूर्व से कार्यरत लेक्चरर्स के हितों का ध्यान रखा है। लिहाजा 70 फीसदी पद ई संवर्ग के लेक्चरर्स के लिए आरक्षित रखा गया है। शिक्षाकर्मी से संविलियन के बाद शिक्षा विभाग में आए लेक्चरर्स को पदोन्नति देने के लिए 30 फीसदी पद आरक्षित रखे गए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग ने मूल विभाग में कार्यरत लेक्चरर्स के लिए आधे से ज्यादा पदों को रिर्जव रखा है,ऐसी स्थिति में इसे असंवैधानिक कैसे ठहराया जा सकता है।
मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर.... शाह के दौरे से पहले एक्शन में जवान... पिछले 36 घंटे में 9 नक्सली ढेर
रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से ठीक पहले माओवादियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए ढेर कर रहे है। आज सुबह बीजापुर जिला के बासागुड़ा थाना क्षेत्र के लेंड्रा के जंगल में जवानों ने नक्सलियों से हुए मुठभेड़ में दो वर्दीधारी नक्सली को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि लेंड्रा क्षेत्र में भारी संख्या में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पुलिस को मिली थी। जिसके बाद केंद्रीय रिजर्व बल, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम को अभियान पर भेजा गया था।
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही जवानों ने बस्तर के अबूझमाड़ क्षेत्र में घुसकर 7 नक्सलियों को मार गिराया था। नक्सलियों के मांद में घुसकर केंद्रीय सुरक्षा बल और डीआरजी के जवान नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दे रहे है। बताया जा रहा है कि बीजापुर पुलिस को लेंड्रा के जंगल में बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। पुख्ता इनपुट के आधार पर सीआरपीएफ,डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम मौके पर रवाना किया गया था। आज सुबह जवानों के पहुंचते ही नक्सलियों ने जवानों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी।
जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली वहां से भाग खड़े हुए। घटनास्थल की सर्चिंग पर दो वर्दीधारी नक्सली के शव और आटोमेटिक हथियार पुलिस को मिले हैं। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। मुठभेड़ समाप्त होने के बाद मौके की सर्चिंग करने पर घटनास्थल से 2 नग 12 बोर सिंगल शॉट गन, 1 नग कंट्री मेड गन, वायर, 5 किलो का टिफिन बम, प्रिंटर, नक्सली वर्दी, साहित्य एवं अन्य नक्सली सामग्री बरामद हुई है। घटना में मारे गए नक्सलियों की शिनाख्तगी एवं अन्य वैधानिक कार्यवाही थाना बासागुड़ा द्वारा की जा रही है।
नैसर्गिक झरनों, गुफाओं, पहाड़ो-पठारों और नदियों से शुमार है जीपीएम जिला
जीपीएम जिला : गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला
पर्यटन विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आजीविका के लिए जिला प्रशासन कर रहा लगातार प्रयास
रायपुर | साल के घने वनों से आच्छादित और नैसर्गिक झरनों, गुफाओं, पहाड़ो-पठारों से युक्त, आठ नदियों-अरपा, सोन, तान, तीपान, बम्हनी, जोहिला, मलनिया एवं ऐलान के उद्गम स्थल के कारण प्राकृति सौन्दर्य से शुमार है गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला। सत्ता का विकेन्द्रीकरण के तहत 10 फरवरी 2020 को बिलासपुर जिले से अलग कर जीपीएम जिले का गठन किया गया। पृथक जिला बनने के बाद से जीपीएम जिले को पर्यटन जिला के नाम से एक नई पहचान दिलाने जिला प्रशासन द्वारा पर्यटन स्थलों का विकास, पर्यटकों की सुविधा और स्थानीय लोगों को आजीविका उपलब्ध कराने के लिए सार्थक पहल किया जा रहा है।
जीपीएम जिले में पर्यटन की असीम संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने गगनई नेचर कैंप के विस्तृत जलाशय में नौकायन शुरू करा दिया है । राजमेरगढ़, ठाड़पथरा, लक्ष्मणधारा, माई का मड़वा, झोझा जलप्रपात, जोगी गुफा आदि स्थानों पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सौंदर्यीकरण के साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए कैंटीन एवं बैरियर का निर्माण किया गया है। इन स्थानों पर ट्रैकिंग, कैंपिंग व अन्य गतिविधियां कराई जा रही हैं। पर्यटन स्थलों की देखरेख एवं संधारण के लिए स्थानीय पर्यटन समितियों का गठन किया गया है। पर्यटन समितियों को रात्रि भ्रमण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्थानीय युवाओं को ट्रैकिंग, हॉस्पिटैलिटी आदि का प्रशिक्षण दिया गया है।
स्थानीय पर्यटन समितियों के माध्यम से बस्ती बगरा और सोन बचरवार में होम स्टे संचालित किया जा रहा है। झोझा जलप्रपात घूमने आने वाले पर्यटक प्रकृति की वादियों में बसे आदिवासी ग्राम बस्ती बगरा में संचालित होम स्टे का आनंद ले सकते हैं। कम्युनिटी विलेज स्टे भी लमना ग्राम पंचायत में स्थानीय पर्यटन समिती द्वारा संचालित कराया जा रहा है, जिसमें पर्यटकों को पारंपरिक संस्कृति से भी जोड़ा जाता है। सोन बचरवार जहां से सोन नदी का उद्गम स्थल माना जाता है, और पूरे विश्व में सिर्फ एक मात्र मंदिर जहां पर मां नर्मदा और शोणभद्र जी की एक साथ प्रतिमा देखने को मिलती है, यहां पर माघ पूर्णिमा में एक विशाल मेले का भी आयोजन कराया जाता है। यह गांव धार्मिक महत्वता के लिए भी प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है यहां पर भी सोन बचारवार होम स्टे है, जो कि पर्यटन समिति द्वारा संचालित कराए जा रहे हैं। पर्यटन स्थल ठाड़पथरा में मड हाउस बनाया जा रहा है, इसका भी संचालन स्थानीय पर्यटन समिति द्वारा किया जाएगा।
जिले में धनपुर एक पुरातत्विक् स्थल है, जहां पर पर्यटन समिति के द्वारा विशालकाय पत्थर पर उभरी हुई मूर्ति बेनीबाई को संरक्षित किया जा रहा है। यहां खुदाई से प्राप्त मूर्तियों एवं अवशेषों का संरक्षण भी किया जा रहा है। धनपुर में मूर्ति संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। पर्यटन विकास के तहत मलनिया डैम में खनिज न्यास मद से एक्वा टूरिज्म एवं वाटर स्पोर्ट्स की स्वीकृति दी गई है, जिसका संचालन मछुआ सहकारी समिति द्वारा किया जाना है। प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण जिले का पर्यटन स्थल स्थानीय पर्यअकों को ही नही बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी खूब भा रहा है। जिला प्रशासन जिले के सभी दुर्लभ एवं आकर्षक पर्यटन क्षेत्रों के विकास के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। कबीर चबूतरा से लेकर समुदलई तक प्रत्येक पर्यटन स्थल की जीवंतता एवं सुरम्यता आने वाले दिनों में पूरे देश में जिले की ख्याति बढ़ाएगी।
जिले के पर्यटन स्थलों के प्रचार प्रसार के लिए जिला प्रशासन द्वारा कॉफी टेबल बुक बनाई गई है तथा जिले की पर्यटन स्थलों को इंटरनेट के माध्यम से लोगो तक पहुंचाने के लिए
www.gpmtourism.com
वेबसाइट बनाई गई है। इस वेबसाइट के माध्यम से पर्यटन समितियों द्वारा संचालित कैम्पिंग, ट्रैकिंग, होमस्टे, कम्युनिटी विलेज स्टे एवं मडहाउस की बुकिंग भी की जाती है।
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले की प्राकृतिक सुन्दरता और पर्यटन की भरपूर संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा पर्यटन क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ स्थानीय जनजीवन के लिए भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 625 करोड़ रूपये की राशि से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
मुख्यमंत्री साय ने विवाह बंधन में बंधने वाले 102 नवदंपत्तियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं
हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने के लिए कर रही है कार्य-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर | हमारी सरकार के कार्यकाल को 13 दिसम्बर को एक वर्ष पूरे हो जायेंगे। इस अवसर को हम जनादेश परब के रूप में मना रहे हैं। हमने ’’मोदी की गारंटी’’ पर काम करते हुए शपथ लेने के दूसरे ही दिन मंत्रिमंडल में निर्णय लिया और प्रधानमंत्री आवास निर्माण की स्वीकृति दी। हमने आवास से वंचित हमारे प्रदेश के 18 लाख परिवारों को आवास देने के लिए निर्णय लिया। आज भी आवास के हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया गया है। पीएम आवास के हितग्राहियों के पक्के मकान बन रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरबा के सीएसईबी पूर्व फुटबॉल मैदान में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ऊर्जाधानी कोरबा में 625 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया गया है। यह एक बड़ी राशि हैै और इस राशि से जिले के विकास का और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिले को डीएमएफ से बड़ी राशि प्राप्त होती है और इस राशि से जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के साथ अधोसंरचनात्मक विकास में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से विवाह के बंधन में बंधने वाले 102 नव दांपत्य जोड़ों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहे हैं। 13 लाख से अधिक किसानों के दो साल का बकाया धान बोनस राशि 3716 करोड़ का भुगतान भी किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन की दिशा में काम कर रही है और इसके लिए हम वचनबद्ध है। सरकार बनने के बाद पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच जारी है। जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा। हमने प्रदेश में सुशासन देने का काम किया है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदिवासी समुदाय के लोगों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका में सुधार करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है, इस योजना में छत्तीसगढ़ के 6 हजार 500 गांव भी शामिल है और इस क्षेत्र के परिवारों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में लागू नई उद्योग नीति के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि इस नीति से प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति युवाओं, अग्निवीर सहित अन्य युवाओं को लाभ मिलेगा। सिंगल विण्डो सिस्टम से एक जगह से आवेदन करने की सुविधा होगी।
उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है कि इतनी बड़ी 625 करोड़ रूपये की राशि से अधिक की राशि का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं की खाते में एक हजार प्रतिमाह डाले जा रहे हैं। 31 सौ रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। उन्होंने सरकार के एक साल पूर्ण होने पर कोरबा वासियों को बधाई देते हुए आभार भी प्रकट किया। मुख्यमंत्री साय ने राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी हितग्राहीमूलक योजनाओं से बड़ी संख्या में हितग्राहियों को लाभान्वित किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की मांग पर जिले में विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने सर्वमंगला हसदेव नदी रपटा सहित, पुरानी बस्ती रानी रोड की ओर एप्रोच रोड निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कोरबा मुख्यालय में नया सर्किट हाउस निर्माण, झगरहा में माध्यमिक शाला का हाई स्कूल में उन्नयन और कोरबा नगर निगम के विभिन्न वार्डाे में विकास कार्याे के लिए 23 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
सिंगलयूज प्लास्टिक पर खाद्य सामग्री विक्रय करने वाले व्यापारियो से 18400 रूपये की वसूली
रायपुर | नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के जोन क्रमांक 01, 02 03, 04 अंतर्गत सिंगलयूज प्लास्टिक रखने एवं सोर्स सेग्रीगेशन पृथक कर गीला सूखा कचरा नहीं देने वाले व्यवसायियों पर अभियान चलाया गया। जोन के स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार अलग-अलग जोन क्षेत्रों का भ्रमण कर रही है। वहां जो भी व्यापारी खादय सामग्री विक्रय कर रहे है या ठेला, खुमचा, टिन शेड लगाकर व्यापार कर रहे उनके पास जाकर जांच कर रही है। जो भी व्यापारी सिगलयूज प्लास्टिक में खादय पदार्थ का विक्रय कर रहे है और गीला व सूखा कचरा अलग-अलग कर नहीं दे रहे है उन व्यापारियो पर चालानी कार्यवाही कर समझाइस दी जा रही है।
आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने सभी जोन आयुक्त को निर्देश दिए है कि जो भी व्यापारी सिंगलयूज प्लास्टिक में खादय सामग्री विक्रय कर रहे है या व्यवसाय परिसर, फल ठेला के आस-पास गंदगी फैला रहे है या फिर गीला एवं सूखा कचरे को अलग-अलग डस्ट बिन में नही डाल रहे है। उनके पास जाकर कार्यवाही कर उनसे चालानी कार्यवाही की जाए। इन व्यापारियो से की गई चालानी कार्यवाही, सत्यम बेकरी एवं कैफे से 1000, हरिओम पेन्टस से 1000, जायका बेकरी 2000, वेज रेस्टोरेंट से 1000 एवं उत्पल दुकान से 500, लक्ष्मीकांत जनरल स्टोर्स से 1000, हटकेवाड़ा से 2000, जैन बिजली से 600, महालक्ष्मी मेस होटल 3000, जेके फोटोकापियर 500, इंदौरी पोहा सेंटर 1000, अरिहंत अनाज भंडार 500, अपोलो फार्मेसी 800, बालाजी लेडिस मेचिंग सेंटर 200, सांई डिजिटल 1000, होम मोबाईल 500 की वसूली की गई। साथ ही जोन क्रमांक 03 अंतर्गत वार्ड क्रं. 37 नंदिनी रोड के व्यापारियो से 1800 रूपये चलानी कार्यवाही कर 18400 रूपये का दाण्डिक शुल्क वसूला गया।
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, महापौर नीरज पाल, ने सभी व्यवसाईयों एवं ग्राहकों से अनुरोध किया है कि सिंगलयुज प्लास्टिक का उपयोग बंद करें। सब जानते हैं कि यह पर्यावरण के लिए, शरीर के लिए, जानवरों के लिए, बहुत ही हानिकारक है। फिर भी सब नहीं मानते हैं। वह दिन अच्छा था जब हम हम अपने घर से थैला लेकर जाते थे, समान लेकर आते थे, तो सबके लिए अच्छा था। पर्यावरण को बचाना है तो वही प्रक्रिया अपनाना होगा।
कार्यवाही के दौरान जोन प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, अनिल मिश्रा, वीरेंद्र बंजारे, हेमंत माझी, जोन स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी, अंजनी सिंह, संतोष यादव, चूड़मणि यादव, संतोष हरमुख आदि उपस्थित रहे।
मधेश्वर पहाड़ को मिला शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति शिवलिंग होने का गौरव
प्रदेश के पर्यटन को मिली नई पहचान
’लार्जेस्ट नेचुरल शिवलिंग’ के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएँ
रायपुर | छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित मधेश्वर पहाड़ को शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिली है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। रिकॉर्ड बुक में ’लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग’ के रूप में मधेश्वर पहाड़ को दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे प्रदेश के पर्यटन की उपलब्धियों में एक नया आयाम बताया।

गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड के प्रतिनिधि हेमल शर्मा और अमित सोनी ने मुख्यमंत्री साय से आज मंत्रालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें वर्ल्ड रिकार्ड का सर्टिफिकेट सौंपा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, वन मंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय पर्यटन वेबसाईट
https://www.easemytrip.com
में जशपुर जिले को शामिल किया गया है। इसके बाद जिले के लिए यह एक और बड़ी उपलब्धि है। इस वेबसाइट में शामिल होने वाला जशपुर छत्तीसगढ़ का पहला जिला है, इससे पर्यटन प्रेमियों को जशपुर के नैसर्गिक स्थलों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी तथा पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
जशपुर जिले के कुनकुरी ब्लॉक में मयाली गांव से 35 किलोमीटर दूर स्थित मधेश्वर पहाड़, शिवलिंग के आकार की अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र है, जहाँ स्थानीय ग्रामीण इसे विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में पूजते हैं।
मधेश्वर पहाड़ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्वतारोहण और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी लोकप्रिय होता जा रहा है। यहाँ हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और प्रकृति के साथ जुड़ने का अनुभव करते हैं। जशपुर जिले में पर्यटन और रोमांचक खेलों के विकास की असीम संभावनाएँ मौजूद हैं।
खाद्य मंत्री बघेल ने धान खरीदी केंद्र झाल, मुरता, संबलपुर, मारो और गुंजेरा पहुंचकर खरीदी व्यवस्था का लिया जाएजा
गुंजेरा में स्टॉक एवं पंजी में अंतर पाए जाने पर नोटिस जारी कर जांच करने के दिए निर्देश
रायपुर | खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने मंगलवार को विकासखण्ड नवागढ़ क्षेत्र के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर धान खरीदी व्यवस्था का जाएजा लिया। उन्होंने इस मौके पर धान बेचने आए किसानों से चर्चा कर धान खरीदी के संबंध में जानकारी ली। मंत्री बघेल ने धान खरीदी केंद्र झाल, मुरता, संबलपुर, मारो और गुंजेरा का निरीक्षण किया और शासन के मंशानुरूप किसानों से सुगमतापूर्वक धान खरीदने के निर्देश दिए।
उन्होंने खरीदी केंद्र गुंजेरा में स्टॉक एवं पंजी में अंतर पाए जाने पर अधिकारियों को नोटिस जारी कर जांच करने के निर्देश दिए। मंत्री बघेल ने खरीदी केंद्रों में नापतौल, बारदाने की उपलब्धता, खाली बोरा और भरे बोरी को अपने सामने तौलाकर चेक भी किया। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि टार्जन साहू, अजय साहू, एसडीएम मुकेश गौड़, तहसीलदार विनोद बंजारे सहित किसान उपस्थित थे।
राष्ट्रीय स्तर पर भव्य आयोजन : “कौशिकी 2024”
रायपुर | राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम “कौशिकी 2024” अपनी भव्यता और विशिष्टता के लिए चर्चा का केंद्र बना । इस कार्यक्रम का आयोजन भरतनाट्यम नृत्य शिरोमणी खुशी जैन और कत्थक सिंगरमणि डॉ. चंदन सिंह द्वारा किया गया । कार्यक्रम में अंतिम सत्र में अतिथि के रूप में डॉ संध्या मदन मोहन (प्राचार्या भिलाई महिला महाविद्यालय), डॉ. मानसी गुलाटी, (अहिंसा जागरुक संघ के राष्ट्रीय संयोजक) पवन जैन प्रेमी, तरुण गढ़पाले, रंजन यादव जी, धीरज बाकलीवाल जी, गुरजीत सिंग जी, ईश्वर मेश्राम जी, सचिन पाल सिंह ठाकुर उपस्थित थे ।
भरतनाट्यम की ख्यात कलाकार खुशी जैन पिछले 25 वर्षों से नृत्य की साधना कर रही हैं और 12 वर्षों से प्रशिक्षण दे रही हैं । उन्होंने केंद्रीय विद्यालय और साइंस कॉलेज में शिक्षिका के रूप में भी कार्य किया है और वर्तमान में दूरदर्शन रायपुर में भी अपनी सेवाएं दे रही हैं ।
कत्थक के विद्वान डॉ. चंदन सिंह ने खैरागढ़ से अपनी शिक्षा पूर्ण की है और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रस्तुति दी है। उन्हें “सिंगरमणि सम्मान”से सम्मानित किया गया है । डॉ. सिंह ने अपने नृत्य प्रशिक्षण से अनेक शिष्यों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है ।
कौशिकी के सत्र में कर्नाटक से आयी कलाकार विदुषी निसर्गा दयन्नवर* ने शाम–ए –सभा में नृत्य में नवरस को समझते हुए नृत्य के माध्यम से अर्थ बतलाया और मनमोहक और ज्ञानवर्धक प्रस्तुति दिया साथ ही कुमारी नैनिका कासलीवाल ने भरतनाट्यम के वर्णम को समझते हुए नृत्य में किस प्रकार भावों का उपयोग होता है वह समझाया ।
इस कार्यक्रम में लगभग 500 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया । निर्णायक मंडल में अंकिता सोनी, आयुष श्रीवास्तव, वशिष्ठ विश्वकर्मा ममता सुरादा स्वाती मानकर, भारती यादव ने अपनी भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में विभिन्न प्रतिभागियों और आयोजकों का सहयोग सराहनीय रहा । प्रमुख सहयोगियों में सुषमा, ललित जैन, पुलक महतो, डॉ. तनिष्क जैन, श्रेयस सिंघई, स्नेहा सोनी, सुमन महतो, के. तृष्णा, कुहू सुल्लेरे, सीमा भाटिया, जी.जयंतिक राव, नंदिनी कुमारी, गरिमा सिंह, नंदिका नायर पी., गुंजन महतो शामिल हैं । कौशिकी 2024″ ने न केवल बच्चों को अपनी कला और प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया बल्कि दर्शकों को भी भारतीय नृत्य कला, गायन, चित्रकला की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया ।
विकसित छत्तीसगढ़ बनाने सहकारिता क्षेत्र की होगी बड़ी भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सहकारिता विभाग के चयनित युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और अपेक्स बैंक की शाखाओं का किया वर्चुअल शुभारंभ
अभ्यर्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की नई पारदर्शी व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार
रायपुर | हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ शासकीय नौकरियों में भर्तियां कर रही है। पिछले एक साल में ही 9 हजार से अधिक पदों पर हमने भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। प्रदेश के आम युवाओं का सपना अब पूरा हो रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में सहकारिता विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित 334 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए पारदर्शिता के साथ भर्ती का यह संकल्प दोहराया। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ अपना दायित्व निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने रायगढ़ जिले के तमनार और जशपुर जिले के बगीचा में अपेक्स बैंक की दो नवीन शाखा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर की नवीन शाखा गढ़पुलझर और सिरपुर का वर्चुअल शुभारंभ और अपेक्स बैंक के नवीन शाखा भवन जशपुर का वर्चुअल लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान को नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने अपना सम्पूर्ण जीवन मानव कल्याण के लिए समर्पित किया। उन्होंने अनाज के भंडार लोगों के लिए खोल दिए, परोपकार की यही भावना हम सभी के भीतर होनी चाहिए। विष्णु देव साय ने अमूल का उदाहरण देते हुए युवाओं को सहकारिता का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अपने प्रवास के दौरान सहकारिता को लेकर अमूल्य सुझाव दिये, जिसे हम कार्यान्वित कर रहे हैं। विष्णु देव साय ने कहा कि सहकारिता का संबंध किसानों से है और हमें साथ मिलकर उनके जीवन में समृद्धि लानी है। उन्होंने सहकारी और अपेक्स बैंक की नई शाखाएं खुलने पर क्षेत्र के किसानों को अपनी शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहकारिता की भी बड़ी भूमिका होगी और इसमें आप सभी का योगदान अग्रणी रहेगा। विष्णु देव साय ने कहा कि अब प्रदेश के युवाओं के मन में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भय या संशय नहीं होना चाहिए, अब किसान, मजदूर के बेटे-बेटियों की प्रतिभा को सम्मान मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम कर रही है। उन्होंने सभी चयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सहकारिता का क्षेत्र कितना महत्वपूर्ण है, यह आप सभी को समझना होगा। किसानों के जीवन को खुशहाल बनाने की दिशा में आप सभी काम करें। उन्होंने कहा कि बैंक की नई शाखाएं खुलने से किसानों को बड़ी सहूलियत मिलेगी और हम इस दिशा में आगे भी काम करेंगे।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने चयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पिछले 1 साल के भीतर 19 विभागों में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हमारी सरकार पारदर्शिता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, आप सभी अपनी सेवा भी इसी ईमानदारी के साथ करें और आम आदमी के जीवन को खुशहाल बनाने समर्पित होकर कार्य करें।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा सहकारिता विभाग के फील्ड ऑफिसर कार्यालय सहायक, समिति प्रबंधक समेत 334 पदों पर भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गई थी। चयनित अभ्यर्थियों के लिए आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में आज मुख्यमंत्री ने उन्हें नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिवार में खुशी का माहौल था। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्रकार सभी चयनित युवाओं ने खुशी जाहिर की और कहा कि यह हम सभी के जीवन के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। सभी अभ्यर्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की नई पारदर्शी व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर आयुक्त सहकारिता कुलदीप शर्मा, के. एन. कांडे प्रबंध संचालक सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
एएम/एनएस इंडिया की पहल : बालज्योति शिविरों में 800 से अधिक बच्चों के आंखों की हुई जांच
एएम/एनएस इंडिया द्वारा दंतेवाड़ा में ‘बालज्योति’ नेत्र जांच शिविर: बच्चों को उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ाने का प्रयास।
इसके अलावा, मेलावाड़ा में आयोजित शिविर में कुल 523 बच्चों का नेत्र परीक्षण किया गया, जिसमें से 126 बच्चों में दृष्टि सुधार (रेफ्रैक्टिव एरर) आवश्यकता की पहचान की गई। इस दौरान, जीएम राघवेलु ने शिविर का दौरा कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया । उन्होंने कहा कि एएमएनएस के द्वारा ऐसे अनेक शिविर आयोजित किए जाएँगे जिसमें अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर विद्यार्थी इसका लाभ ले सकते हैं।
आर्सेलर मित्तल निप्पाॅन स्टील इंडिया कंपनी (एएम/एनएस) द्वारा आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों की दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान करना और उनका समय पर समाधान सुनिश्चित करना है। यह पहल उन बच्चों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो अपनी नेत्र समस्याओं के कारण शिक्षा और सामान्य जीवन में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
बालज्योति नेत्र जांच शिविर न केवल बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं को हल करने का प्रयास है, बल्कि यह शिक्षा के महत्व को भी उजागर करता है। स्पष्ट दृष्टि से बच्चों की पढ़ाई में सुधार होगा, जिससे उनकी शैक्षणिक प्रगति को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल बच्चों को बेहतर दृष्टि के साथ आत्मविश्वास और संभावनाओं से भरे उज्जवल भविष्य की ओर ले जाने में सहायक होगी। यह शिविर बच्चों और उनके परिवारों के बीच नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को भी मजबूत करता है। शिविर के माध्यम से बच्चों की समय पर जांच और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा दृष्टिहीनता या नेत्र संबंधी समस्याओं के कारण अपने सपनों और क्षमताओं से वंचित न हो। साथ ही यह एक सकारात्मक सामाजिक बदलाव का प्रतीक है, जो बच्चों को नई उम्मीद और संभावनाओं से भरा जीवन प्रदान करने में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होगा।
हर्बल उत्पादों से सभी महिलाएं आर्थिक रूप से सम्पन्न हो रही
आधुनिक ब्रांडिंग और विशेषज्ञों द्वारा 13 उत्पादों को बाजार में मिली नई पहचान
केशोडार पीवीटीजी वन धन विकास केंद्र से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव
रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य में वन विभाग द्वारा स्थापित वन धन विकास केन्द्र में आयमूलक गतिविधियां संचालित की जा रही है। इस संस्था से जुड़कर वनांचल के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। आधुनिक ब्रांडिंग और विशेषज्ञों के प्रशिक्षण से इन उत्पादों को बाजार में नई पहचान मिली है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में वन धन विकास केंद्र केशोड़ार की महिलाओं ने लगभग 82 लाख 50 हजार रूपए की हर्बल उत्पादों का विक्रय किया, जिसमें केन्द्र को 15 लाख रूपए की शुद्ध आय हुई है। यह पीवीटीजी वनधन विकास केंद्र की महिलाओं को स्थायी आजीविका प्रदान करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
गरियाबंद जिले के केशोड़ार गांव में स्थित पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह की महिलाएं) वन-धन विकास केंद्र से परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक की सहायता से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव आया है। सभी महिलाएं आर्थिक रूप से सम्पन्न हो रही हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजनांतर्गत स्थापित यह केंद्र भुतेश्वर नाथ हर्बल एण्ड मेडिसिन स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित की जा रही है।
इस केंद्र से 87 पीवीटीजी लाभार्थी महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो 8 स्व-सहायता समूहों के माध्यम से कार्य कर रही हैं। इन केन्द्रों में महिलाओं के समूह द्वारा हर्बल औषधियों का उत्पादन किया जा रहा है। आयुष निर्देशालय (आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी) से अनुमोदित 13 हर्बल उत्पाद बनाई जा रही है, जिनमें महाविपगर्भ तेल, भृंगराज तेल, तुलसी चूर्ण, अमलाक्यादि चूर्ण, नवायस चूर्ण, कौंच चूर्ण, शतावरी चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, क्रीमिघ्न चूर्ण, प्रदारांतक चूर्ण, पुनर्नवा चूर्ण, सर्वज्वरहर चूर्ण और वैश्वानर चूर्ण है। इन उत्पादों को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा बाजार में विपणन किया जाता है, जिससे इनकी पहुंच देशभर के उपभोक्ताओं तक हो रही है। स्व-सहायता समूह से जुड़ी सभी पीवीटीजी महिलाएं मुक्त कंठ से प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वन मंत्री केदार कश्यप को धन्यवाद देते हुए बताती हैं कि पीएम जनमन योजना से उनके जीवन में आर्थिक बदलाव आया है और वे बहुत खुश हैं।
वन विभाग द्वारा महिलाओं को उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा समय-समय पर यह कार्यक्रम आयोजित की जाती है। इन प्रशिक्षणों ने महिलाओं को न केवल कौशल विकास में मदद की, बल्कि उन्हें उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने और बाजार की आवश्यकताओं को समझने का अवसर भी प्रदान किया जाता है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा द्वारा महिलाओं को आधुनिक मशीनें और उत्पादन उपकरण प्रदान किए गए हैं, जिससे उत्पादों का समय पर निर्माण और उच्च गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो रही है।
विशेष रूप से, भृंगराज तेल को पारंपरिक तेल पाक विधि से तैयार किया जाता है, जिसमें तिल के तेल में औषधीय जड़ी-बूटियों को सात दिनों तक पकाया जाता है। यह तेल बालों की देखभाल के लिए अत्यधिक प्रभावी है, जो बालों का झड़ना रोकता है और उनकी वृद्धि करता है साथ ही बालों की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है। इसके अलावा महाविषगर्भ तेल, जो पीठ और जोड़ों के दर्द के लिए उपयोगी है, केंद्र का एक और लोकप्रिय उत्पाद है।
पीवीटीजी वन-धन विकास केंद्र, केशोड़ार केवल उत्पादों का निर्माण नहीं कर रहा है, बल्कि एक परंपरा और ज्ञान को संरक्षित कर बढ़ावा दे रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ की सक्रिय भागीदारी और इनकी मार्केटिंग रणनीति ने इस सफलता को संभव बनाया है। इस केंद्र की सफलता ने दिखाया है कि कैसे परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वित उपयोग कर ग्रामीण समुदायों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
पद्मश्री डॉ. तीजन बाई की सेहत में आ रही गिरावट : आवाज फीकी पडने लगी
रायपुर | छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायन विधा को विदेशों तक पहुंचाने वाली पद्मश्री, पद्मविभूषण और पद्मभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई की सेहत में लगातार गिरावट आ रही है। अब उनकी आवाज भी पहले जैसी नहीं रही, और वे बात करना भी बंद कर चुकी हैं। इससे उनके प्रशंसकों में चिंता का माहौल है, क्योंकि अब शायद हमें उनकी आवाज फिर से सुनने को न मिले।
गनियारी गांव की निवासी और पारधी समाज से ताल्लुक रखने वाली डॉ. तीजन बाई ने अपना पूरा जीवन पंडवानी गायन विधा को समर्पित किया है। उन्होंने अपनी कला से छत्तीसगढ़ की पहचान को दुनिया भर में पहुंचाया है। उन्हें रविशंकर विश्वविद्यालय द्वारा शोध परक कामों में शामिल किया गया है और उन्हें डी.लिट. और पीएचडी की उपाधियां भी प्राप्त हैं। बॉलीवुड ने भी उनके जीवन पर फिल्म बनाने के लिए अनुबंध किया था, लेकिन वह योजना अब तक पूरी नहीं हो पाई है।हालांकि, डॉ. तीजन बाई को छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से अब तक कोई पेंशन नहीं मिल पाई है, और संस्कृति विभाग भी उनके जैसे कलाकारों के लिए कोई योजना तैयार नहीं कर सका है। जबकि डॉ. तीजन बाई जैसे कलाकारों के कारण ही छत्तीसगढ़ को वैश्विक पहचान मिली है। अब उनकी बिगड़ती सेहत और राज्य सरकार की लापरवाही के कारण उनके प्रशंसक और साथी कलाकार दुखी हैं।
प्रयागराज के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन : महाकुंभ मेले के लिए छत्तीसगढ़ से
रायपुर | प्रयागराज महाकुंभ के दौरान संगम में स्नान करने के लिए प्रयागराज आने वाले यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान की जाए, इस उद्देश्य से स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है | महाकुंभ के दौरान रेलवे के दौरान 3000 स्पेशल गाडियाँ सहित 13000 से अधिक रेल गाडियाँ चलाई जाएंगी. इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से तीन कुंभ मेला स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है।
महाकुंभ मेले के दौरान ट्रेन में होने वाली अतिरिक्त भीड़-भाड़ के दौरान रेल यात्रियों को अधिक से अधिक कन्फर्म बर्थ / सीट की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा तीन कुंभ मेला स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है जो रायगढ़-वाराणसी, दुर्ग-वाराणसी एवं बिलासपुर-वाराणसी के मध्य तीन फेरे के लिए चलाई जा रही है।
08251/08252 रायगढ़-वाराणसी-रायगढ़ कुंभ मेला स्पेशल, 08791/08792 दुर्ग-वाराणसी-दुर्ग कुंभ मेला स्पेशल एवं 08253/08254 बिलासपुर-वाराणसी-बिलासपुर कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन व्हाया बिलासपुर, कटनी, प्रयागराज के मार्ग से चलाई जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर को दी 536 करोड़ की सौगात : मुख्यमंत्री अन्न कोष योजना का किया शुभारंभ
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को अंबिकापुर के पीजी कॉलेज ग्रांउड में आयोजित कार्यक्रम में 536 करोड़ 14 लाख की लागत वाले 1614 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया और कहा कि सरगुजा जिले के विकास में तेजी आएगी | मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र अधोसंरचना विकास के लिए 23.90 करोड़ रुपए दिए जाने की घोषणा की | उन्होंने सुपर स्पेशियल्टी हॉस्पिटल अंबिकापुर को डीकेएस रायपुर की तर्ज पर विकसित करने और विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज किए जाने की भी घोषणा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को अतिरिक्त पोषण आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अन्न कोष योजना का शुभारंभ किया | जिला प्रशासन सरगुजा द्वारा यह योजना पायलट प्रोजेक्ट की शुरू की गई है | इससे पहाड़ी कोरवा समुदाय में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी | सीएम ने जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई कैरियर निर्देशिका का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मां महामाया को नमन करते हुए जिलेवासियों को विकास कार्यों की बधाई देते हुए कहा कि अंबिकापुर छत्तीसगढ़ ही नहीं देश के सबसे सुंदर और साफ सुथरे शहरों में शामिल है | यह सब नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों, हमारे सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों के योगदान से हो पाया है | अंबिकापुर के नागरिकों को भी इसका श्रेय देना चाहूंगा, जिनके सहयोग से अंबिकापुर स्वच्छ और सुंदर बना हुआ है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर जनता ने विश्वास किया है | 13 दिसंबर को छत्तीसगढ़ सरकार का एक साल पूरा हो रहा है | इस एक साल के अल्पकाल में ही सरकार ने मोदी की गारंटी के बड़े बड़े कामों को पूरा करने का प्रयास किया है | बीते पांच सालों में गरीब जरूरतमंद परिवार, जो प्रधानमंत्री आवास से वंचित थे, उनके आवास स्वीकृत एवं निर्मित किए जा रहे हैं | शासन द्वारा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को धान का मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने के लिए शासन प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख से ज्यादा माताओं और बहनों को लाभान्वित किया जा रहा है | तेंदूपत्ता का पारिश्रमिक अब 5500 रुपए प्रति मानक बोरा मिल रहा है | श्रीराम लला दर्शन यात्रा योजना से 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन का सौभाग्य मिला है | हमने वायदे के मुताबिक पीएससी परीक्षा में पारदर्शिता लाने का काम किया है | बीते वर्ष पीएससी की भर्ती प्रक्रिया में हुए भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई कर रही है | उपमुख्यमंत्री साव ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरगुजावासियों को जिले के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन की शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मौके पर वहां लगाए गए शासकीय विभागों के स्टालों का अवलोकन किया | इस दौरान उन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित हितग्राहियों को सामग्री एवं राशि का वितरण भी किया | मुख्यमंत्री ने उल्लेखनीय कार्य के लिए स्वयं सेवक बानी मुखर्जी, मितानिन परिमनिया यादव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रमिला तिर्की एवं पुरो बाई, स्वच्छता दीदी सुनीता सारखेली, लुण्ड्रा के मंडल संयोजक रघुनाथ प्रसाद, व्याख्याता लीना थॉमस को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज, अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, सामरी विधायक पैंकरा छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।