छत्तीसगढ़
विधानसभा उपचुनावः चुनाव की सभी प्रक्रियाएं निष्पक्षता से संपन्न कराएः रीना बाबा साहेब कंगाले
रायपुर। विधानसभा उप चुनाव के दौरान चुनाव की सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न करना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का गंभीरता से पालन करना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ में विधानसभा की एक रिक्त सीट के लिए उपचुनाव होगा। इसके लिए प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। पूर्व में हुए विधानसभा और लोकसभा चुनाव की भांति इस उपचुनाव में भी निष्पक्षता जरूरी है। उक्ताशय के विचार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने सोमवार को विधानसभा उप निर्वाचन के लिए रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, नोडल अधिकारियों और तकनीकी अधिकारियों के प्रशिक्षण के दौरान व्यक्त किए। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पी.एस. ध्रुव भी उपस्थित थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कंगाले ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उप चुनाव की तिथि की घोषणा के साथ ही इसके लिए आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। उन्होंने निर्बाध और सुचारू निर्वाचन के लिए संबंधित अधिकारियों को विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाओं का जायजा लेने को कहा। उन्होंने सभी मतदान केंद्रों में छाया, पेयजल, शौचालय, रैंप इत्यादि व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाधारहित उप चुनाव के लिए आपसी समन्वय से सक्रियता से काम करने को कहा। उन्होंने आज के प्रशिक्षण में ट्रेनर्स से चर्चा कर अपनी-अपनी शाखाओं से संबंधित शंकाओं का समाधान करने को कहा। रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह और नगर निगम के आयुक्त अबिनाश मिश्रा भी इस दौरान मौजूद थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान नौ सत्रों में अधिकारियों को आदर्श आचरण संहिता, नामांकन प्रक्रिया, मीडिया प्रमाणन एवं अनुश्रवण समिति (एमसीएमसी), निर्वाचक नामावली, पोस्टल बैलेट, ईटीपीबीएस, निर्वाचन व्यय मॉनिटरिंग, जिला निर्वाचन प्रबंधन योजना (DEMP)), मतदान दलों एवं मतदान के दिन की व्यवस्थाओं, ईवीएम, मतगणना तथा निर्वाचन के दौरान प्रयुक्त आईटी एप्लीकेशन्स की बारीकियों की जानकारी दी गई। नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर पुलक भट्टाचार्य ने अधिकारियों को आदर्श आचरण संहिता के विभिन्न प्रावधानों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद जो व्यक्ति उस क्षेत्र के निवासी नहीं है, उसे क्षेत्र से बाहर जाना होगा। आदर्श आचार संहिता के प्रभावी रहने के दौरान जिले में किसी भी तरह के आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर यू.एस. अग्रवाल ने प्रशिक्षण के दौरान नामांकन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उम्मीदवारों की पात्रता, नामांकन के समय संलग्न किए जाने वाले दस्तावेजों, नामांकन शुल्क, नामांकन पत्रों की संवीक्षा, चुनाव चिन्ह आबंटन, उम्मीदवारों द्वारा दिए जाने वाले शपथ पत्रों तथा रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में नामांकन के लिए जरूरी व्यवस्थाओं के बारे में बताया। सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी शारदा अग्रवाल ने एमसीएमसी के कार्यों और कार्यप्रणाली के बारे में बताया कि आदर्श आचरण संहिता और निर्वाचन व्यय पर निगरानी के लिए प्रिंट मीडिया सेल, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सेल और सोशल मीडिया सेल का गठन करना है। उन्होंने इसके माध्यम से पेड न्यूज पर भी नजर रखने को कहा। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित तिथियों के बीच जनमत सर्वेक्षण और एक्जिट पोल प्रतिबंधित रहेगा।
हाईकोर्ट ने रायपुर और बिलासपुर की स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्था के लिए शासन से मांगा जवाब
रायपुर। हाईकोर्ट ने बिलासपुर के जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के नहीं शुरू होने व रविवार को रायपुर के भीमराव अंबेडकर अस्पताल में ओपीडी चालू नहीं रहने पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्था और अनियमितता के लिए राज्य शासन से जवाब मांगा है। वहीं शासन ने कोर्ट से जवाब देने के लिए समय मांगा है।
बता दें, जिला अस्पताल बिलासपुर में स्थापित आक्सीजन प्लांट शुरू नहीं किया जा रहा है। इससे मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा तरह-तरह के बहाने बनाए जा रहे हैं, लेकिन भारी भरकम खर्च करके के लगाए गए आक्सीजन प्लांट को चालू करने का प्रयास नहीं किया गया है। वहीं रायपुर के डॉ.भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल से जुड़ी अव्यवस्था को लेकर मीडिया में खबर आयी थी। रविवार को ओपीड़ी बंद रहने और आपातकालीन स्थिति में डॉक्टर सिर्फ कॉल पर ही ड्यूटी करने की जानकारी दी गई थी। अस्पताल को सिर्फ मेडिकल स्टाफ के सहारे छोड़ दिया गया है।
जब भी छुट्टी होती है तो स्वास्थ्य केन्द्र को इमरजेंसी मोड पर छोड़ दिया जाता है, मरीजों को छोटी-मोटी बीमारियों के लिए भी दवा नहीं मिलती। अस्पताल के ओपीडी कक्षों में ताले लगे रहते हैं। इस तरह की व्यवस्था के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा था। इस दौरान शासन को ओर से विस्तृत जवाब पेश करने समय देने का अनुरोध किया गया। इसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। अब अगली सुनवाई तीन सप्ताह के बाद होगी।
'दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’ से बदली अन्नू की तकदीरv
रायपुर | अन्नू साहू के पति बीमार थे और काम नहीं कर पा रहे थे, वहीं अन्नू की घरेलू कामगार के रूप में होने वाली आय उनके परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। जब उनके घर में निराशा का माहौल छाया हुआ था, तब अन्नू ने यह तय किया कि उन्हें किसी अन्य पेशे की ओर रुख करना होगा। अन्नू छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की गलियों में अपनी ई-रिक्शा चलाती हैं, लोग उन्हें ध्यान से देखते हैं। हल्की ठंडी हवा और सड़कों के शोर के बीच अन्नू आत्मविश्वास से आगे बढ़ती हैं और पीछे मुड़कर नहीं देखतीं।
अन्नू ने बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद घरेलू कामगार के रूप में काम करना शुरू कर दिया था। लेकिन इस काम में पर्याप्त आय नहीं मिल पा रही थी। राजनांदगांव की बस्तियों में, जहां अन्नू रहती थीं, साथी मजदूर अक्सर अपने अनुभव साझा करते थे। अन्नू ध्यान से सुनतीं, अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार के तरीके जानने के लिए हमेशा तत्पर रहती थीं।
अन्नू के जीवन में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने श्रम विभाग की दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के बारे में सुना। यह योजना महिलाओं को ई-रिक्शा खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके उन्हें आर्थिक स्वावलंबन का अवसर देती है। अन्नू ने इस अवसर को दोनों हाथों से थाम लिया। ज़िला श्रम अधिकारी की मदद से अन्नू ने जल्दी से आवेदन प्रक्रिया पूरी की, आवश्यक दस्तावेज़ जमा किए और अपना आवेदन प्रस्तुत किया। जब उनका आवेदन स्वीकृत हुआ, तो अन्नू ने पहली बार सफलता और आर्थिक स्वतंत्रता का स्वाद चखा।
ई-रिक्शा ड्राइवर के रूप में काम करके अन्नू ने अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक साहसिक कदम उठाया। जल्द ही उनकी आय नियमित हो गई, और अब वह हर महीने 20 से 25 हजार रुपये कमा रही है। जो उनकी पिछली आय से लगभग चार गुना थी। उन्होंने अपने बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर एक मिसाल कायम की। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार हुआ और औसत पारिवारिक आय 40 से 45 हजार रुपये प्रति माह तक पहुंच गई।
अन्नू की यात्रा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के महत्व को उजागर करती है। जब इन्हें लचीले और उत्तरदायी तरीके से डिज़ाइन किया जाता है, तो ये योजनाएँ हाशिए पर रहने वाले समुदायों के सामने आने वाले विविध जोखिमों का समाधान कर सकती हैं, स्थायी आजीविका में मदद कर सकती हैं। अन्नू की कहानी इस बात की गवाही है कि लक्षित हस्तक्षेप कैसे व्यक्तियों को उनके जीवन को बदलने और उनके परिवारों के लिए एक उज्जवल भविष्य सुरक्षित करने में सक्षम बना सकते हैं।
रेलवे ने दी बड़ी खुशखबरी : त्योहारों को विशेष बनाने 30 नवंबर तक चलेंगी 519 स्पेशल ट्रेनें
3 से 12 अक्टूबर तक चिरमिरी से चलने वाली 06618 चिरमिरी-कटनी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी।
CGPSC 2023: मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी, 703 अभ्यर्थी हुए चयनित
प्रारंभिक परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा के लिए 3597 उम्मीदवारों का चयन हुआ, जो 24 जून से 27 जून तक आयोजित की गई थी। अब मुख्य परीक्षा में सफल 703 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए चुना गया है। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://psc.cg.gov.in/ पर जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री की सार्थक पहल से छात्राओं की आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सार्थक पहल से जशपुर जिला प्रशासन के तहत नव गुरुकुल शिक्षण संस्थान में आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य न केवल शिक्षा का स्तर बढ़ाना है, बल्कि छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें व्यावसायिक कौशल से जोड़ना है, ताकि वे अपना उज्ज्वल भविष्य बना सकें।
यह कार्यक्रम प्रदेश में जशपुर के साथ-साथ रायपुर और दंतेवाड़ा जिला में भी संचालित हैं। जिला प्रशासन द्वारा छात्रों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। यहां छात्राओं को कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, फायनेंस, बिजनेस, शिक्षा, और ग्राफिक्स डिज़ाइनिंग जैसे विविध क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा, भाषा ज्ञान और व्यक्तित्व विकास पर अतिरिक्त कक्षाएँ भी आयोजित की जाती हैं, जिससे छात्राओं का समग्र विकास हो सके। छात्राओं को निःशुल्क आवास, प्रशिक्षण, और भोजन की सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। प्रशिक्षण के दौरान लैपटॉप/कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उन्हें अध्ययन और प्रोजेक्ट्स पर काम करने में मदद मिलती है।
वर्तमान में, इस कार्यक्रम के तहत जिले की 16 प्रतिभाशाली छात्राएँ विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर अन्य राज्यों की प्रमुख कंपनियों में सफलतापूर्वक प्लेसमेंट के लिए चयनित हुई हैं। ये छात्राएँ अब अच्छी आय अर्जित कर रही हैं, जो उनके प्रयासों का जीवंत प्रमाण है। यहाँ पर 150 छात्राओं के लिए प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है, जिसमें वर्तमान में 60 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह दृष्टिकोण केवल छात्राओं के जीवन में बदलाव लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में भी एक सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रेरणा देता है। उनकी सोच ने ना केवल छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर भी प्रदान किया है।
जशपुर नगर की निवासी कुमारी प्रतिभा थापा बताती हैं कि ‘मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिससे मुझे पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। जब मैंने नव गुरुकुल के बारे में सुना, तो मैंने यहाँ फॉर्म भरा और प्रशिक्षण लेने आई। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इतने महंगे कोर्स की पढ़ाई मुझे निःशुल्क मिलेगी। मैंने बिजनेस कोर्स में 16 महीने का प्रशिक्षण लिया और आज एक निजी कंपनी में क्लाउड सपोर्ट इंजीनियर के पद पर कार्यरत हूँ।’
जशपुर नगर की ही कुमारी नेहा चौहान ने बताया कि मेरे पिता एक छोटे किसान हैं। हमारी आमदनी उतनी अच्छी नहीं है कि मैं बाहर जाकर पढ़ाई कर सकूं। लेकिन इस संस्थान से मुझे बहुत लाभ हुआ है। यहाँ मुझे बिजनेस कोर्स में 13 महीने प्रशिक्षण के साथ-साथ भाषा ज्ञान भी मिला, जो मेरे लिए बहुत उपयोगी है।
डुगडुगीया (कुनकुरी) निवासी कुमारी साक्षी सिंह बताती हैं कि जब मुझे यहाँ के बारे में पता चला तो फॉर्म भरकर प्रशिक्षण ली। मैंने यहाँ 15 महीने का प्रशिक्षण लिया। आज मुझे बारु साहेब यूनिवर्सिटी, हिमाचल प्रदेश में डेटा एनालिटिक्स एसोसिएट का जॉब मिला है। यह मेरे लिए एक बड़ा अवसर है। मैं पहली बार अपने घर से बाहर निकली हूँ। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।
कोसी और गंडक नदी हुई आक्रामक.....बाढ़ से हाहाकार... बिहार पर अगले 48 घंटे भारी
डेस्क। नेपाल में लगातार भारी बारिश के कारण कोसी और गंडक समेत प्रदेश की कई नदियां बेहद आक्रामक हो गई और इससे तटबंधों पर खतरा बढ़ गया है। रिकॉर्ड जलस्राव की वजह से रविवार को बगहा में गंडक और सीतामढ़ी के बेलसंड और रून्नीसैदपुर में बागमती तथा शिवहर के छपरा में बागमती का तटबंध टूट गया। इससे तीनों जिलों के बड़े इलाके में बाढ़ का पानी फैल गया है और दर्जनों गांवों की हजारों की आबादी प्रभावित हुई है।
नेपाल से लगातार पानी आने से सूबे की नदियों में फिर उफान आ गया है। 13 नदियों का जलस्तर रविवार को लाल निशान को पार कर गया। शांत हो रही गंगा भी फिर से बढ़ने लगी है। कई स्थानों पर इसका जलस्तर खतरे के निशान से पार पहुंचा है। अगले 24 से 48 घंटे में तेज बढ़ोतरी की आशंका है। जल संसाधन विभाग के अनुसार रविवार को कोसी और गंडक के अलावा गंगा, बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, ललबकिया, अधवारा, महानंदा, घाघरा, लखनदेई, परमान और पश्चिम कनकई नदियों का जलस्तर लाल निशान के ऊपर पहुंच गया है।
जलस्तर में अब भी बढ़ोतरी हो रही है। कोसी सुपौल से खगड़िया तक, गंडक पश्चिम चंपारण से वैशाली तक जबकि महानंदा किशनगंज से कटिहार तक तेजी से ऊपर जा रही है। अगले 24 घंटे में इन सभी स्थानों पर तीनों नदियों के जलस्तर के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने की संभावना है। अत्यधिक जलस्राव के बाद कोसी के वीरपुर बराज पर भारी दबाव उत्पन्न हो गया है। इसे सुरक्षित रखने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास चल रहा है। दरअसल, बराज पर पानी के ओवर टॉप करने के बाद सड़क व इसके गेटों में भारी मात्रा में मलबा फंस गया।
दिसम्बर में रायगढ़ में होगी सेना भर्ती रैली... छत्तीसगढ़ के 8,556 उम्मीदवार होंगे शामिल
रायपुर। भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए रायगढ़ के बोईरदार स्टेडियम में 04 से 12 दिसम्बर, 2024 तक सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा। इस भर्ती रैली में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों के ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) में सफल 8556 उम्मीदवार शामिल होंगे । गौरतलब है कि अप्रैल, 2024 में अखिल भारतीय स्तर पर ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) का आयोजन किया गया था।
दिसम्बर माह में होने वाली सेना भर्ती रैली की तैयारियों के संबंध में 26 सितम्बर, 2024 को रायगढ़ में सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर और जिला प्रशासन, रायगढ़ के मध्य बैठक आयोजन किया गया। इस बैठक में सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर के निदेशक, रायगढ़ कलेक्टर श्री कार्तिकेय गोयल और जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में भर्ती रैली के लिए आपसी समन्वय के साथ मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने पर चर्चा हुई।
साय सरकार में ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करना सर्वोच्च प्राथमिकता : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने गांव के विकास के लिए लगाई सौगातों की झड़ी कबीरधाम जिले में विभिन्न निर्माण कार्यो, क्षेत्र विकास के लिए 1 करोड़ 91 लाख 50 हजार रुपये की घोषणा
महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में महतारी सदन की होगी स्थापना
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने ग्रामवासियों की मांग, समस्या और शिकायतों को सुनकर तत्काल अनेक मांगों को किया पूरा
रायपुर | उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के कवर्धा विकासखंड के ग्राम गंगापुर, नवघटा, मोहगांव खैरझिटी कला, बानो, कोको, छाटा और ग्राम दलपुरवा मे ग्रामीणवासियों से जनसंपर्क कर सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांग, समस्या और शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और उनके अनेक मांगों को तत्काल पूरा करते हुए 01 करोड 91 लाख 50 हजार रूपए के विकास कार्यों की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्रामवासियों की मांग पर विभिन्न विकास कार्यो की सौगात दी। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बिजली और राजस्व के प्रकरणों के तत्काल निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि साय सरकार में ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जनसंपर्क के दौरान ग्रामवासियों की मांग को पूरा करते हुए ग्राम गंगापुर में महतारी सदन के लिए 30 लाख, सीसी रोड के लिए 10 लाख, मंच निर्माण के लिए 03 लाख, ठाकुर देव चौक मंच के पास क्रांकिटकरण के लिए 01 लाख रुपए, ग्राम नवघटा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख, सामुदायिक शौचालय के लिए 3.50 लाख रुपए, ग्राम मोहगांव में महतारी सदन के लिए 30 लाख रूपये, बंजारी मां डामरीकरण के लिए 43 लाख रूपए, सामुदायिक भवन पुराना पंचायत के पास 5 लाख रूपए, शौचालय के लिए 3 लाख रुपए, ग्राम खैरझीटी में सीसी रोड मुक्तिधाम रोड़ 3 लाख रुपए, गोठान के पास 2 लाख रूपये, महतारी सदन के लिए 30 लाख रूपये, सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, सामुदायिक शौचालय के लिए 3.50 लाख रुपए, ग्राम बानो में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, सामुदायिक शौचलय के लिए 3.50 लाख रुपए, सीसी रोड़ के लिए 5 लाख की घोषणा की।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के विकासखंड कवर्धा के ग्राम गंगापुर, नवघटा, मोहगांव खैरझिटी कला, बानो, कोको, छाटा और ग्राम दलपुरवा में जनसंपर्क करते हुए ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को सुना और उन्हें सरकार की योजनाओं और विकासात्मक पहलुओं के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाना है ताकि हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विभिन्न ग्रामों में आयोजित जनसंपर्क के दौरान कहा कि महतारी सदन केंद्र महिलाओं के सशक्तीकरण का एक महत्वपूर्ण कदम है। उपमुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि महतारी सदन से गांवों में विकास की नई लहर आएगी और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि महतारी सदन से महिलाएं अपने अधिकारों और समस्याओं के बारे में जागरूक होंगी और अपने सामूहिक मुद्दों पर चर्चा कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि महतारी सदन में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे महिलाएं नई तकनीकों और कौशलों में प्रशिक्षित हो सकेंगी।
छत्तीसगढ़ में मानसून का हो सकता है आज आखिरी दिन : अगले 3 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी
रायपुर | छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन का आज आखिरी दिन है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, अगले 2 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। रविवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री के पार दर्ज किया गया।
2 दिनों से रायपुर समेत कई जिलों में मानसून पर ब्रेक लगने के चलते उमस बढ़ गई है। गर्मी के चलते लोग परेशान हैं। सबसे ज्यादा तापमान 34.9 डिग्री महासमुंद में दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में पारा 21.6 और सरगुजा जिले में डिग्री रहा।
हालांकि आज बस्तर संभाग के कुछ जिलों में बारिश की संभावना है। वहीं मानसून खत्म होने तक सरगुजा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जशपुर, दुर्ग और बेमेतरा में औसत से भी कम बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में सूखे जैसे हालात हैं।
रविवार को प्रदेश में मानसून की सक्रियता सामान्य से कम रही। प्रदेश में एक-दो जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गयी। रविवार की सुबह 8 बजे तक रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा बारिश कोंडागांव जिले के माकड़ी 60 मिलीमीटर बारिश हुई।
आज और आने वाले एक-दो दिनों में भी बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का ही अनुमान है। मौसम विज्ञानियों ने मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा फिरोजपुर, सिरसा, चूरू, अजमेर, माउंट आबू, डीसा, सुरेन्द्र नगर, जूनागढ़ से होकर गुजर रही है।
उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में सुबह का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक स्थित है। यह दबाव दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है जिसके कारण बस्तर संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं।
29 सितंबर को ज्यादातर जिलों में दिन का तापमान औसत से अधिक रहा। रायपुर में दिन का पारा 34.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक था। बिलासपुर में दिन का तापमान 33.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक था।
अंबिकापुर में 31. 9 डिग्री टेंपरेचर रहा जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक था। जगदलपुर में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री रहा जो औसत से 2.3 डिग्री ज्यादा था। वहीं राजनांदगांव में 32.5 डिग्री टेम्परेचर रिकॉर्ड किया गया।
जल जीवन मिशन जिले के बैगा आदिवासियों के लिए साबित हो रहा वरदान
सुदूर वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम भंवरटोक में बैगा आदिवासियों को मिल रहा घर में स्वच्छ पेयजल
रायपुर | भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया जल जीवन मिशन कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले बैगा आदिवासियों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम भंवरटोक में बैगा आदिवासीयों को स्वच्छ पेयजल मिलने लगा है। ग्राम भंवरटोक पहले पानी की कमी और अस्वच्छ जल की समस्या से जूझ रहा था, अब जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल जल की सुविधा मिल रही है। इससे न केवल ग्रामीणों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, बल्कि महिलाओं और बच्चों को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करने से भी मुक्ति मिली है। अब स्वच्छ पेयजल हर घर की दहलीज पर उपलब्ध है, जो जलजनित बीमारियों की रोकथाम में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।
ग्राम भंवरटोक में नल कनेक्शन के माध्यम से घर घर पेयजल पहुंचाया जा रहा है, जिससे बैगा जनजाति के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा हो रहा है। यह पहल न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि उनके दैनिक जीवन को भी आसान बना रही है। वनांचल क्षेत्र होने के कारण, पहले ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए नदी एवं झिरिया पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के मौसम में नदी और झिरिया सूख जाने से पानी की विकट समस्या थी। अब जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल लग जाने से पानी की समस्या समाप्त हो गई है। केंद्र सरकार की यह पहल इस बात का स्पष्ट संकेत है कि योजनाएं अब जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं, जिससे सबसे गरीब और सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी समृद्ध और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। ग्राम भंवरटोक के ग्रामीणों ने अपने घरों में पेयजल की सुविधा पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के तहत नल जल कनेक्शन मिलने से उनकी जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आया है।
ग्राम की निवासी रामफूल बैगा ने अपनी अनुभव साझा करते हुए कहा, पहले हमें पानी के लिए कुएँ, नदी और झिरिया पर निर्भर रहना पड़ता था। पानी लाने में पूरे दिन का बहुत बड़ा हिस्सा चला जाता था, जिससे खेत जाने और अन्य काम करने में काफी परेशानी होती थी। हमारे लिए यह एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन अब नल जल कनेक्शन मिलने के बाद, हमारे घर में पानी की सुविधा उपलब्ध है। हमें दूसरों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। अब हम अपने दैनिक कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, और हमारे जीवन में एक सकारात्मक बदलाव आया है। यह न केवल हमारे समय की बचत कर रहा है, बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित हो रहा है।
तीजन बैगा ने बताया कि अब हम नल का उपयोग पीने, नहाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू उपयोग के लिए करना शुरू कर दिया है। पहले हमें पानी के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती थी, लेकिन अब जल जीवन मिशन के तहत नल जल की सुविधा मिलने से हमारा जीवन काफी सरल और सुखमय हो गया है। नल के माध्यम से हमें हमेशा स्वच्छ और सुरक्षित पानी मिल रहा है, जिससे न केवल हमारी दिनचर्या में आसानी हुई है, बल्कि हमारे स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है। यह हमारे लिए एक नया युग है, और हम इस सुविधा के लिए आभारी हैं।
लाल सिंग ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हमें हमेशा स्वच्छ पानी उपलब्ध हो रहा है, जिससे हम अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। हमारे जीवन में यह एक बड़ा बदलाव है। अब हम समय की बर्बादी के बिना अपनी खेती और अन्य काम कर पा रहे हैं, और इससे हमारी जीवनशैली में काफी सुधार आया है। जल जीवन मिशन ने ग्राम भंवरटोक के हर घर में नल से जल पहुँचाकर जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया है। यह पहल न केवल स्वच्छ पानी की सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन को भी बेहतर बना रही है।
श्रद्धालुओं को लेकर आ रही बस की ट्रेलर से टक्कर, चालक की मौत, 16 घायल
रायपुर। तेज रफ्तार यात्री बस सड़क किनारे खड़ी ट्रेलर से भीड़ गई। हादसे में बस चालक की मौत हो गई। वहीं 16 यात्री घायल हो गए हैं। मामला बिलासपुर जिले के हिर्री थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार पूरी घटना हिर्री थाना क्षेत्र के ग्राम धौंराभाटा के पास हुई। राजधानी रायपुर की शताब्दी बस छत्तीसगढ़ के यात्रियों को लेकर गया बिहार गई थी। वहां से वापसी के वक्त सकरी में दो यात्रियों को छोड़ा फिर बिल्हा मोड में दो यात्रियों को छोड़ा। तड़के चार बजे धौंराभाठा के पास सड़क किनारे खड़ी ट्रेलर से जा टकराई। बस में दो चालक थे। बस का सेकंड चालक हादसे का शिकार होकर अपनी जान गंवा बैठा। वही 16 यात्री घायल हो गए। पास में गांव होने की वजह से दुर्घटना की सूचना मिलने पर गांव वाले भागते हुए मौके पर आ गए। डायल 112 और हाईवे पेट्रोलिंग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। हादसे की सूचना मिलने पर चकरभाठा सीएसपी निमितेश सिंह परिहार और हिर्री थाना प्रभारी किशोर केंवट भी तत्काल मौके पर पहुंच गए।
घायलों में से 8 घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर भर्ती करवाया गया। वहीं पांच घायलों को बिल्हा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। तीन घायलों को सिम्स भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार घायलों में से अधिकतर को सामान्य चोटें लगी थी। जिन्होंने प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी करवा ली है। केवल दो को थोड़ी ज्यादा चोट लगी है। जिनमें से एक का पैर टूट गया है, जबकि दूसरे के चेहरे में चोट है। दोनों का इलाज सिम्स में जारी है।
हादसे में जिस बस चालक की मौत हुई है उसका नाम घनश्याम चौहान (35) पिता गोपाल चौहान है। वह धौमाभाटा महासमुंद का रहने वाला है। अन्य घायलों में पंचमति साहू पति दयाराम साहू उम्र 68 वर्ष गुढियारी रायपुर, दयाराम साहू पिता लोकनाथ साहू उम्र 70 वर्ष निवासी गुढियारी रायपुर, गणेश राम कुर्मी पिता मोतीलाल कुर्मी उम्र 65 वर्ष निवासी गनियारी, मीना कुर्मी पति गणेश राम कुर्मी उम्र 55 वर्ष निवासी गनियारी, सहोद्रा साहू पति प्रसादी साहू उम्र 55 वर्ष निवासी गनियारी, बलराम कुर्मी पिता छोटू कुर्मी उम्र 64 वर्ष निवासी गनियारी, कली कुर्मी पति घासीराम कुर्मी उम्र 56 वर्ष निवासी गनियारी, घासीराम कुर्मी पिता तिजऊ कुर्मी उम्र 60 वर्ष निवासी गनियारी एवं अन्य शामिल है।
लगन और ईमानदारी से मेहनत कर माता-पिता और देश का नाम रोशन करें : मंत्री नेताम
आदिम जाति विकास और किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम
आदिम जाति विकास मंत्री साइकिल वितरण कार्यक्रम में हुए शामिल
सरस्वती सायकल योजना के तहत 85 छात्राओं को किया सायकिल वितरण
स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, शेड निर्माण और सायकल स्टैण्ड की घोषणा की
रायपुर | आदिम जाति विकास और किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर प्रवास के दौरान स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय रामानुजगंज में साइकिल वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री नेताम ने कहा कि आज के बच्चे कल का भविष्य हैं। सभी को लगन और ईमानदारी के साथ मेहनत कर अपने माता-पिता और देश का नाम रौशन करना चाहिए। मंत्री नेताम ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं उनके अभिभावकों से भी संवाद किया। उन्होंने बच्चों से भविष्य में किस क्षेत्र में सेवाएं देना चाहतें हैं संबंधित सवाल भी पूछे, बच्चों ने सहजता एवं सरलता के साथ मंत्री द्वारा पूछे गये सवालों का जवाब भी दिया। मंत्री नेताम ने कार्यक्रम में मैदान के समतलीकरण, खेल मैदान बनाने, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय रामानुजगंज में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, स्कूल में शेड निर्माण तथा शासकीय हाईस्कूल कनकपुर में सायकल स्टैण्ड एवं अहाता निर्माण की घोषणा की।
सायकल मिलने पर बच्चों ने कहा कि हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सभी वर्गाें के हितों को ध्यान में रखकर अनेक प्रकार के योजनाएं संचालित की है। हम जैसे बच्चों के लिए साइकिल योजना से हमारी राहें आसान हुई है। उन्होंने योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्री श्री रामविचार नेताम के लिए आभार व्यक्त किया।
मंत्री नेताम ने इस मौके पर सरस्वती सायकल योजना के तहत 85 छात्राओं को सायकल वितरित किया। जिसमें स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय रामानुजगंज के 16, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामानुजगंज के 48 तथा शासकीय हाई स्कूल कनकपुर के 21 छात्राएं लाभान्वित हुए।
बीजापुर में हुआ आईईडी ब्लास्ट... हादसे में पांच जवान हुए घायल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां आईईडी ब्लास्ट में कई जवान घायल हुए हैं। घटना तर्रेम थाना के इलाके की बताई जा रही है। मिल रही जानकारी के मुताबिक पांच जवान ब्लास्ट में घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल भेजा गया है। घटना उस वक्त घटी, जब जवान डिमाइनिंग की ड्यूटी पर निकले हुए थे।
जानकारी के मुताबिक तर्रेम क्षेत्रान्तर्गत माओवादियों के द्वारा लगाये गये IED ब्लास्ट से 05 जवान घायल हुए हैं। चिन्नागेलुर केरिपु कैम्प से डिमाइनिंग ड्यूटी पर जवान निकले थे। डिमाईनिंग के दौरान माओवादियों के द्वारा लगाये गये IED के ब्लास्ट होने से 5 जवानों को चोंट आयी है। घायल जवानो को प्राथमिक उपचार उपरान्त उचित इलाज हेतु जिला मुख्यालय लाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने किया राजनांदगांव युवोदय कार्यक्रम का शुभारंभ
सामाजिक क्षेत्र में सहभागिता का एक मंच है राजनांदगांव युवोदय
जिला प्रशासन एवं यूनीसेफ की संयुक्त पहल युवोदय
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम बरगा में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में राजनांदगांव युवोदय का शुभारंभ किया। इस अवसर पर युवोदय वीडियो, युवोदय ओडीएफ प्लस पोस्टर की लॉन्चिंग की गई। युवोदय बच्चों द्वारा स्वच्छता पर नुक्कड़ नाटक तथा कटआउट प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में स्वच्छता के क्षेत्र उत्कृष्ट कार्य के लिए राजनांदगांव, डोंगरगांव एवं छुरिया विकासखंड सम्मानित किया गया।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद संतोष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित थे। राजनांदगांव युवोदय मातृत्व-बाल स्वास्थ्य एवं पोषण, जलसंरक्षण एवं सम्पूर्ण स्वच्छता, स्वस्थ एवं सशक्त किशोरावस्था, अभिभावकों की भागीदारी एवं अन्य जनजागरूकता कार्यक्रम हेतु लांच किया गया है। यह जिला प्रशासन राजनांदगांव और यूनिसेफ की संयुक्त पहल है। राजनांदगांव युवोदय के माध्यम से युवा रचनात्मक और सामाजिक कार्यो में अपनी सहभागिता निभाने के लिए जुड़ रहे है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष गीता साहू, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, खूबचंद पारख, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, भरत वर्मा, रमेश पटेल, सरपंच बरगा कुमार सोनवानी, संयुक्त सचिव केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय अशोक मीणा, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग निहारिका बारीक, संभागायुक्त दुर्ग सत्यनारायण राठौर, आईजी दीपक झा, कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग सहित अन्य अधिकारी, यूनिसेफ राज्य सलाहकार चन्दन कुमार, अभिषेक त्रिपाठी, यूनिसेफ जिला समन्वयक दिव्या राजपूत, युवोदय विनोद कुमार टेम्बुकर के साथ 70 युवोदय स्वयंसेवियों सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन उपस्थित थे।
भोरमदेव मंदिर का हो रहा केमिकल ट्रीटमेंट एवं सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री के मंशानुरूप धार्मिक, पुरातात्विक, पर्यटन स्थलों को सहेजने और संवारने हो रहा है विशेष प्रयास - उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक, पुरातात्विक, पर्यटन स्थल को सहेजने और संवारने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्थापित 11वीं शताब्दी के भोरमदेव मंदिर का केमिकल ट्रीटमेंट वाटर रूफिंग कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भोरमदेव मंदिर के सुदृढ़ीकरण के लिए 65.51 लाख रुपए स्वीकृति दी गई है। पुरात्तव एवं संस्कृति विभाग के विशेषज्ञों एवं कुशल कामगारों द्वारा मंदिर का सुदृढ़ीकरण एवं अन्य तकनीकी कार्य प्रारंभ किया गया है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बीते दिनों अपने निवास कार्यालय में संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग तथा कबीरधाम जिले के गणमान्य नागरिकों एवं पुजारी के साथ भोरमदेव मंदिर के जीर्णाेद्धार, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बढ़ाने और मंदिर परिसर के विकास के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बरसात के दिनों में भोरमदेव मंदिर में पानी रिसाव की समस्या को दूर करने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। उन्होंने भोरमदेव महोत्सव से पहले वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य और ट्रीटमेंट को पूरा करने के निर्देश दिए है। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए शेड का निर्माण, चौकीदार क्वाटर को मंदिर के पास से अन्यत्र शिफ्ट करने तथा मंदिर के पीछे वीआईपी गेस्ट रूम बनाने, दीवार को हटाकर ग्रील और गेट लगाने के साथ ही जीर्णाेद्धार के दौरान भैरव मंदिर, चामुंडा माता मंदिर और हनुमान मंदिर आदि के प्राचीन स्वरूप को यथावत रखने के निर्देश दिए थे।
कांकेर में NIA की बड़ी कार्रवाई... नक्सल कनेक्शन की जांच में 4 जगह छापा... पत्रकार के घर भी दबिश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में आज राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की। सुबह से चार अलग-अलग स्थानों पर NIA की टीम ने छापा मारा, जिसमें एक स्थानीय पत्रकार के निवास पर भी दबिश दी गई है। इस कार्रवाई के तहत नक्सलियों के साथ संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। मामले में बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
यह कार्रवाई नक्सल मामलों और भाजपा नेता रतन दुबे की हत्या की जांच से जुड़ी है। इससे पहले भी, पिछले महीने NIA ने कांकेर और बस्तर संभाग के कई इलाकों में छापेमारी की थी, जहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और नकदी बरामद किए गए थे।
NIA की टीम ने कांकेर के मुजालगोंडी, कलमुचे, आमाबेड़ा और जिवलामारी गांवों में छापेमारी की है। यह इलाके नक्सल गतिविधियों के नाम से जाने जाते हैं। एजेंसी यहां नक्सली नेटवर्क से जुड़े सुराग तलाश रही है। इससे पहले हुई छापेमारी के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था, जिनके पास से मोबाइल फोन, दस्तावेज और नगदी जब्त की गई थी। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।