छत्तीसगढ़
23 हजार 294 करोड़ की लागत से लाखों परिवारों के सिर पर मिलेगी छत
बिलासपुर। पीएम आवास योजना PMAY-U 2.0 के लिए केंद्र सरकार ने ₹23,294 करोड़ का आवंटन किया है जिससे हज़ारों परिवारों के लिए मोदी सरकार सस्ती आवास योजना का वादा पूरा करेगी। शहरी चुनौतियों के लिए 1 लाख करोड़ का फंड शहरों के बुनियादी ढांचे और जल प्रबंधन को बढ़ावा देगा। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन ने अपने मंत्रालय से जुड़ी इस फ्लैगशिप योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत संघ बजट 2025 को व्यापक रूप से इसके भविष्यवादी दृष्टिकोण, समावेशी विकास को बढ़ावा देने, और भारत के शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सराहा गया है। शहरी विकास को इस बजट में शीर्ष 7 प्राथमिकताओं में से एक के रूप में पहचाना गया है और तदनुसार इसे इस वर्ष ₹1 लाख करोड़ से अधिक का महत्वपूर्ण बजट आवंटन दिया गया है, जो सरकार की शहरी विकास, सस्ते आवास और सतत गतिशीलता के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि करता है, उन्होंने आगे कहा।
तोखन ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) 2.0 के तहत ₹23,294 करोड़ का आवंटन किया गया है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन स्थितियाँ प्रदान करना है। “छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों को PMAY-U 2.0 के तहत अत्यधिक लाभ मिलेगा, जो हज़ारों परिवारों के लिए सस्ती आवास सुनिश्चित करेगा और शहरी जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा।
PM स्वनिधि योजना को बैंकों से बेहतर ऋण, यूपीआई से जुड़े क्रेडिट कार्ड, और क्षमता निर्माण सहायता के साथ पुनर्गठित किया जाएगा, जिससे देश भर के स्ट्रीट वेंडर्स को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित होगी। शहरी विकास को और मजबूत करने के लिए, बजट में राज्यों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार शहरी विकास पहलों को तेज करने में मदद के लिए ‘चैलेंज मेथड’ के तहत शहरी चुनौती फंड शुरू किया गया है। इस वर्ष ₹10,000 करोड़ का आवंटन किया गया है, कुल ₹1 लाख करोड़ के कुल परिव्यय के साथ। यह पहल ‘विकास के केंद्र के रूप में शहर,’ ‘शहरों का रचनात्मक पुनर्विकास,’ और ‘जल एवं स्वच्छता’ जैसे विषयों के तहत परिवर्तनकारी शहरी विकास का नेतृत्व करेगी, जिससे शहरों के बुनियादी ढांचे और जल प्रबंधन परियोजनाओं में सुधार होगा।
इसके अतिरिक्त, बजट में PM-ईबस सेवा योजना के तहत ₹1,310 करोड़ का आवंटन किया गया है, जो शहर की बस सेवाओं को बढ़ाएगा और ‘बिहाइंड-द-मीटर पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर’ और डिपो सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास करेगा। “छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों को PM-ईबस सेवा योजना से बड़ा लाभ होगा, क्योंकि यह पहल उनके सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के विस्तार और आधुनिकीकरण का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे शहरी गतिशीलता अधिक कुशल और पर्यावरण-अनुकूल बन जाएगी।” मंत्री ने कहा। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे बिलासपुर, जो CITIIS 2.0 कार्यक्रम के तहत चयनित 18 शहरों में से एक है, बेहतर कचरा प्रबंधन और जलवायु-उन्मुख सुधारों से लाभान्वित हो रहा है, जिससे सतत शहरी विकास में योगदान मिल रहा है।
पुलिस-नक्सली मुठभेड़ः बीजापुर में 12 नक्सली मारे गए, नेशनल पार्क एरिया में रुक-रुक हो रही फायरिंग
Raipur news: छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव से पहले बीजापुर में पुलिस-नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। बीजापुर जिले के नेशनल पार्क एरिया में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में 12 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। एंटी नक्सल ऑपरेशन पर निकले डीआरजी, एसटीएफ और बस्तर फाइटर के जवानों के साथ मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में दो जवानों के भी घायल होने की खबर है।
मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच नेशनल पार्क इलाके में सुबह से मुठभेड़ चल रही है। इलाके में बड़े नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर ऑपरेशन लांच किया गया है। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या 12 बताई जा रही है। मुठभेड़ बीजापुर-नारायणपुर सीमा पर चल रही है। मौके से कई ऑटोमेटिक रायफल बरामद किए गए हैं। बता दें कि मार्च-2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने की मियाद तय की गई है। बस्तर में तैनात जवानों के दबाव से नक्सली बैकफुट पर हैं।
खबर अपडेट हो रही है…
छत्तीसगढ़ में 6 करोड़ की साइबर ठगी, पुलिस की गिरफ्त में गिरोह
रायपुर। छत्तीसगढ़ की कोरबा जिला पुलिस की साइबर सेल और थाना सिविल लाइन की संयुक्त कार्रवाई में 6 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। 35 म्यूल अकाउंट्स की पहचान की गई है, जिनके जरिए यह धोखाधड़ी की जा रही थी। पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में आकाश दास (27), सलियाभोठा, बाकीमोगरा, अजय दुबे (35), डिगापुर टावर, सिविल लाइन, कोरबा, आयुष तिवारी (23), पुरानी बस्ती, भंडारी चौक, कोरबा, सचिन कुमार (21), जमनीपाली, मोहन टॉकीज के पास, दर्री, कोरबा, सरफराज मसूवी (19), शिव नगर, रूमगढ़ा, बालको नगर, कोरबा, लखन चौहान (25), इंदिरा नगर, जमनीपाली, दर्री, कोरबा, शिव रतन बिझवार (41), कुचैना दादर पारा, कुसमुंडा, कोरबा, अमित बरेठ (20), महुदा, चांपा, जांजगीर-चांपा, सुशांत चतुर्वेदी (20), 15 ब्लॉक, सीएसईबी, कोरबा तथा अजय कमलेश (21), न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, खरमोरा शामिल हैं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी बैंक खातों को किराए पर लेकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। इन खातों में संदेहास्पद लेनदेन के जरिए करोड़ों रुपये का फर्जी ट्रांजेक्शन किया गया।
कोरबा पुलिस नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, ओटीपी, पासवर्ड या कोई वित्तीय दस्तावेज किसी के साथ साझा न करें। ऐसा करने से वे साइबर अपराध में फंस सकते हैं। आकर्षक जॉब ऑफर या जल्दी पैसा कमाने की योजनाओं से बचें, अपना बैंक खाता किसी को न दें तथा असामान्य लेनदेन या दबाव डालने वाले किसी भी ऑफर से सतर्क रहें।
बिलासपुर में जहरीली महुआ शराब का कहर…..7 लोगों के मौत की खबर, 4 की हालत गंभीर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम लोफंदी में जहरीली महुआ शराब पीने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 की हालत गंभीर है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गंभीर रूप से बीमार 4 लोगों को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि ग्रामीण पिछले तीन दिनों से लगातार महुआ शराब का सेवन कर रहे थे, जिसके बाद यह हादसा हुआ।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों को संदेह है कि इस अवैध शराब के पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
इस घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और अवैध शराब के अड्डों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन पहले से सख्त कार्रवाई करता तो क्या इन जानों को बचाया जा सकता था?
बारात से लौट रहा पिकअप पलटी, दो लोगों की मौत, 5 हुए घायल
रायपुर। महासमुंद से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। ओडिशा से बारात लेकर लौट रहा एक पिकअप वाहन टायर फटने के कारण अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा बीती रात नरतोरा के पास हुआ। स्थानीय लोगों ने तुरंत 112 और पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही पटेवा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तुमगांव ले जाया गया।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, पिकअप में लगभग आधा दर्जन लोग सवार थे। हादसे के कारण दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। बताया जा रहा है कि यह बारात महासमुंद जिले के बरभाठा पटेवा से ओडिशा गई थी और लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
बाल विवाह पर प्रशासन की नकेल, तीन नाबालिगों की शादी रोकी रोका… परिजनों की दी समझाइश
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा में बाल विवाह की सूचना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। प्रशासन ने बाल विवाह के तीन मामलों को रोका और परिजनों को समझाइश दी गई। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी टी. जाटवर और जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रकाश दास के नेतृत्व में गठित टीम ने पलारी विकासखंड के ग्राम ओडान, मुडपार और कोसमंदी में कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिगों की शादियां रोकीं। इस टीम में जिला बाल संरक्षण इकाई, एकीकृत बाल विकास परियोजना पलारी और पुलिस विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पलारी विकासखंड के ग्राम ओडान में 19 वर्षीय लड़के का विवाह होने वाला था, जिसे समय रहते रोका गया। मुडपार में 20 वर्षीय नाबालिग लड़के की शादी प्रशासन ने रुकवाई। वहीं, ग्राम कोसमंदी में 17 वर्ष 9 माह की एक लड़की की शादी रोकी गई, जो वैधानिक विवाह की न्यूनतम उम्र से कम थी। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने बच्चों और उनके माता-पिता को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी। टीम ने बताया कि लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह करना न सिर्फ कानूनी अपराध है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में माता-पिता को घोषणा पत्र एवं राजीनामा पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए, जिसमें उन्होंने नाबालिग अवस्था में विवाह न कराने का वचन दिया। जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी नाबालिग बच्चों की शादी होने की सूचना मिले, तो तुरंत प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। इस कार्रवाई में संरक्षण अधिकारी दीपक राय, सामाजिक कार्यकर्ता शाहनवाज, आउटरीच वर्कर प्रभा जांगड़े, सुपरवाइजर स्वाति जायसवाल, चाइल्ड हेल्पलाइन से मीरा साहू और थाना पलारी की पुलिस टीम मौजूद थी।
आज से यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी, चुनाव के लिए बसों का होगा अधिग्रहण
रायपुर। आज से छत्तीसगढ़ में बसों की दिक्कत हो सकती है। चुनाव कार्य के लिए आज से बसों का अधिग्रहण शुरू हो जाएगा। लिहाजा स्कूल बस से लेकर यात्री बस तक अब चुनाव कार्य के लिए अधिगृहित कर लिए जाएंगे। ऐसे में यात्रियों को आज से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
चुनाव के लिए वाहनों का वाहनों का अधिग्रहण आज से किया जायेगा।नगरीय निकाय चुनाव के लिए अब सिर्फ 4 दिन शेष बचे है।नगरीय निकाय चुनाव के बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होगा।
रायपुर में नगरीय निकाय चुनाव के लिए 1290 मतदान केंद्र बनाए गए है। मतदान केंद्रों तक चुनाव सामग्री और मतदान दल भेजने वाहनों का अधिग्रहण किया जाना है। इन सभी कार्यों के लिए 500 से 600 वाहनों की जरूरत होगी। यात्री बसों के साथ स्कूल बस का भी अधिग्रहण किया जाएगा।
कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का सिपेट में पीएम श्री योजनान्तर्गत सफलतापूर्वक समापन : डॉ.आलोक साहू
रायपुर | केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) में जवाहर नवोदय विद्यालय बोरई जिला- दुर्ग (छ.ग) के 54 विद्यार्थियों का पीएम श्री योजना अंतर्गत कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का पांच दिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ । कार्यक्रम के प्रारंभ में सिपेट संस्थान के प्रधान निदेशक एवं प्रमुख डॉ.आलोक साहू सर ने सभी विद्यार्थियों के लिए प्लास्टिक टेक्नोलॉजी से संबंधित बृहद जानकारी देते हुए इस क्षेत्र में भी उच्च शिक्षा ग्रहण कर रोजगार की अपार संभावनाओं के बारे में बताया, तथा सभी विद्यार्थियों के लिए सिपेट से प्रशिक्षण को सफलता पूर्वक करने के लिए धन्यवाद देते हुए उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

जवाहर नवोदय विद्यालय बोरई से आए हुए रविशंकर मंडलोई जी ने भी सिपेट में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं अन्य गतिविधियों की प्रशंसा की। सिपेट के प्रबंधक श्री एन.रविंद्र रेड्डी सर ने सभी विद्यार्थियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रति पुष्टि के बारे में पूछा तो अनेक विद्यार्थियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये, कुछ विद्यार्थियों ने तो प्रथम दिन से क्रमशः होने वाले सभी कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जिसमें प्रशिक्षण के प्रथम दिन प्रबंधक रेड्डी सर एवं VTC इंचार्ज - नीतेश कुमार जैन अधिकारी (का.एवं प्रशा.) सर ने सिपेट में संचालित विभिन्न प्रकार की पाठ्यक्रमों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए संस्थान के तकनीकी विभाग जैसे-प्लास्टिक टेस्टिंग, डिजाइनिंग, सीएनसी मशीन, टूल रूम एवं प्रोसेसिंग आदि के बारे में जानकारी देते हुए सभी विद्यार्थियों को अपने पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान सभी विभागों से अधिक से अधिक मात्रा में ज्ञानवर्धक जानकारी लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, स्किल डेवलपमेंट, मोटिवेशनल क्लासेज एवं इंडस्ट्रियल विजिट आदि से मिलने वाले ज्ञानवर्धक जानकारी से स्वयं को सुदृढ़ बनाया। विद्यार्थियों ने सिपेट के छात्रावास एवं शैक्षणिक माहौल की प्रशंसा करते हुए प्रशिक्षण अवधि को बढ़ाने का आग्रह किया जिससे वह अपने ज्ञान में और अधिक वृद्धि कर सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में जवाहर नवोदय विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण समन्वयक विनय कुमार ने सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया तथा JNV बोरई की रीना मांडवी मैडम तथा सिपेट के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण में सहयोग देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
मतदाताओं को वोट डालने की प्रक्रिया को बारीकी से बताया गया : महापौर तथा वार्ड पार्षद के पदों पर
वार्डो में लगने वाले ईवीएम प्रदर्शन,शिविर में मतदाताओं की शंकाओं/जिज्ञासाओं का किया जा रहा है निराकरण
08 फरवरी दिन शनिवार को 12 वार्डो में किया जाएगा,देखे यहाँ-यहाँ लगेगा ईवीएम प्रदर्शन शिविर
रायपुर | दुर्ग नगर पालिक निगम / जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार एवं निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में शहर के वार्डों में नगरीय निकाय निर्वाचन में ईवीएम के संचालन के संबंध में आमनागरिको को जागरूक किया जा रहा है। नगर पालिक निगम क्षेत्र अन्तर्गत आज कुल 12 वार्डों में प्रात: 10.30 बजे से 5 बजे तक आम नागरिकों को महापौर तथा वार्ड पार्षद के पदों पर वोट डालने की प्रक्रिया को मास्टर ट्रेनर द्वारा बारीकी से बताया गया।

आम नागरिकों को बताया गया कि उन्हें महापौर के लिये मतदान करने के पश्चात पार्षद पद के प्रत्याशी के लिये भी मतदान करना होगा। मतदाताओं को बताया जा रहा है कि मतदान केन्द्र में दो बैलेट यूनिट लगाई जायेगी। बैलेट यूनिट में सफेद रंग में महापौर पद और गुलाबी रंग में पार्षद पद के प्रत्याशियों का नाम, फोटो और चुनाव चिन्ह चस्पा होगा। बैलेट यूनिट में अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देने के पश्चात वीप की आवाज आयेगी और लाल लाईट भी जलेगी।मतदाताओं को इएनडी बटन, नोटा के बारे में भी विस्तार से बताया जा रहा है। वार्ड में लगने वाले शिविर में आम नागरिकों की शंकाओ / जिज्ञासाओं का निराकरण किया जा रहा है। वाडों के चौक चौराहों एवं आंगनबाड़ी में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मास्टर ट्रेनर ईवीएम को लेकर लोगों को जानकारी साझा कर रहे हैं।उन्होंने – डेमो दिखाकर वोट डालने की प्रक्रिया को समझाया।
मुख्यमंत्री से मिले सैन्य अधिकारी, छत्तीसगढ़ यात्रा को बताया अविस्मरणीय
रायपुर। छत्तीसगढ़ बहुत सुंदर प्रदेश है और नैसर्गिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध जैव विविधता इसे खास पहचान देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज से आए 18 सैन्य और सिविल सर्विस के अधिकारियों के दल ने छत्तीसगढ़ भ्रमण उपरांत उनसे मुलाकात कर अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह बातें कही। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ सभी सैन्य अधिकारियों से उनके छत्तीसगढ़ भ्रमण को लेकर चर्चा की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए प्रदेश की भौगोलिक विशेषताओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अद्वितीय है। प्रदेश का 44 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है, और आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा हमारी धरोहर का अभिन्न अंग हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौंदर्य अनुपम है। आपने जो यात्रा की है, वह सिर्फ प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति और इतिहास से जुड़ा हुआ सफर भी है। यह अनुभव सदैव आपकी स्मृतियों में अंकित रहेगा।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि नक्सल उन्मूलन की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। हम न केवल सुरक्षा दृष्टिकोण से बल्कि शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक अवसरों के माध्यम से भी इस समस्या का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने औद्योगिक और शहरी विकास के साथ-साथ ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के उत्थान पर भी समान रूप से ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता, नवाचार और उत्कृष्ट शासन प्रणाली का उदाहरण बने। आपका यह भ्रमण हमारे प्रयासों को एक राष्ट्रीय और वैश्विक दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करता है।
नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने अपने प्रवास के दौरान आईआईएम रायपुर, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, ग्रीन फील्ड सिटी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से कानून व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन अभियान के संबंध में चर्चा की। अधिकारियों ने सिरपुर, एजुकेशन सिटी दंतेवाड़ा, कांकेर वुड आर्ट सेंटर, जंगल वारफेयर कॉलेज, कोंडागांव के टाटामारी और शिल्पग्राम, बादल एकेडमी और चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया।
डॉक्टर, पुलिस, पटवारी के घर चोरी.... चोरों ने एक ही दिन में किया सभी के घर सफाचट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में चोरों के हौसले इन दिनों काफी बुलंद हो गए हैं। एक ही रात में चोरों ने 4 घरों में धावा बोला। जिन घरों में चोरों ने हाथ साफ किया, उसमें डॉक्टर, पटवारी, पुलिस के घर शामिल हैं। सरायपाली हाउसिंग बोर्ड के मकानों चोरों ने तांडव किया।
जानकारी के मुताबिक बीती रात 4 सुने मकानों में चोरो ने धावा बोला। डॉक्टर, पटवारी, पुलिस और एक खाली मकान में चोरी की घटना हुई। बताया जा रहा है कि हाउसिंग बोर्ड में रहते हैं सभी सरकारी अधिकारी कर्मचारी रहते है।
मिली जानकारी के मुताबिक हाउसिंग बोर्ड परिसर में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। सूचना के मुताबिक डॉग स्क्वाड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम पहुंची है। सरायपाली थाना क्षेत्र का पूरा मामला है।
बर्ड फ्लू संक्रमणः दिल्ली और एम्स रायपुर से डाक्टरों की टीम ने किया रायगढ़ का निरीक्षण
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बर्ड फ्लू संक्रमण की रोकथाम के लिए दिल्ली से केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और एम्स रायपुर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रायगढ़ पहुंची। टीमों ने संक्रमित पोल्ट्री फार्म और आसपास के इंफेक्टेड जोन का निरीक्षण किया और संक्रमण नियंत्रण की प्रक्रिया की समीक्षा की। इसके बाद कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के साथ भारत सरकार के एसओपी के तहत आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने पोल्ट्री फार्म सैनिटाइजेशन कार्य का जायजा लिया और घर-घर जाकर रैंडम जांच भी की। पशुपालन विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. एचआर खन्ना ने रायगढ़ प्रशासन द्वारा उठाए गए त्वरित कदमों की सराहना करते हुए कहा कि संक्रमित पोल्ट्री, अंडों और चूजों का तेजी से नष्ट किया जाना प्रभावी रणनीति रही। उन्होंने निर्देश दिया कि पोल्ट्री फार्म को शीघ्र सैनिटाइज करने के लिए फ्लेम गन और डिसइंफेक्टेंट का उपयोग किया जाए। इस पर कलेक्टर गोयल ने उप संचालक पशुपालन विभाग को पर्याप्त मैनपावर के साथ सैनिटाइजेशन प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
एम्स रायपुर की टीम ने जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। टीम ने ओपीडी और आइसोलेशन वार्डों की समीक्षा कर आवश्यक दवाओं का स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। एम्स के डॉ. अजॉय के. बेहरा, डॉ. संजय सिंह नेगी, डॉ. गौरी कुमारी पाढ़ी और अन्य विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य विभाग को बर्ड फ्लू से संबंधित सतर्कता उपायों को मजबूत करने की सलाह दी। स्वास्थ्य विभाग को विशेष रूप से यह निर्देश दिए गए कि सर्दी-बुखार से ग्रसित मरीजों की निगरानी बढ़ाई जाए और पोल्ट्री फार्म में कार्यरत सभी व्यक्तियों को क्वारंटाइन किया जाए। इस संबंध में जिला प्रशासन ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
एम्स रायपुर की टीम ने जिलेभर के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक कर बर्ड फ्लू से बचाव और नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में संक्रमण से बचाव, शुरुआती लक्षणों की पहचान और त्वरित उपचार व्यवस्था पर जोर दिया गया। निरीक्षण दल में डॉ. देवांग जरीवाला (असिस्टेंट डायरेक्टर, इंटीग्रेटेड डीसीज सर्विलांस प्रोजेक्ट, भारत सरकार), डॉ. एच.आर. खन्ना (ज्वाइंट कमिश्नर, पशुपालन एवं डेयरी विभाग), डॉ. किरण अखाड़े (असिस्टेंट डायरेक्टर, एपिडेमियोलॉजी), डॉ. चयनिका नाग (एंटोमोलॉजिस्ट, आईडीएसपी रायपुर) सहित एम्स रायपुर एवं स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
विश्व शांति के लिए बुद्ध के संदेश प्रासंगिक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
डोंगरगढ़ के प्रज्ञागिरी में 32वां अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन आयोजित
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान समय में, जब संपूर्ण विश्व आपसी भौतिक प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है, ऐसे में भगवान बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। मानवता के उत्थान और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए बुद्ध के दिखाए रास्ते का अनुसरण करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी बुद्ध के संदेशों का व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है, जिसके कारण यहाँ सभी धर्मों के लोग आपसी सौहार्द, भाईचारे और समरसता के साथ जीवन यापन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध प्रज्ञागिरी तीर्थ स्थल में आयोजित 32वें अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस आयोजन में देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, विद्वान एवं अनुयायी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ धार्मिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। प्रदेश के प्राचीन बौद्ध स्थलों में सिरपुर का विशेष महत्व है, जहाँ बौद्ध धर्म की ऐतिहासिक विरासत आज भी संरक्षित है। इसी प्रकार, उत्तरी छत्तीसगढ़ के मैनपाट क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं, और यह क्षेत्र अब एक प्रमुख बौद्ध पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें पर्यटन भी एक महत्वपूर्ण घटक है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता इसे पर्यटन के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनाती है। प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए सतत प्रयासरत है। इस दिशा में, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के तहत भी इस क्षेत्र को शामिल किया गया है, जिससे यहाँ पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विकास हो रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में देश-विदेश से पधारे बौद्ध भिक्षुओं, विद्वानों एवं अनुयायियों का हृदय से स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय एवं प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष विनोद खाण्डेकर ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के सचिव श्री शैलेन्द्र डोंगरे, कोषाध्यक्ष सुरेश कुमार सहारे एवं बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म के अनुयायी उपस्थित रहे।
शहर के बीच शराब दुकानों से लोगों को हो रही परेशानी.. हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
रायपुर। न्यायधानी बिलासपुर में शराब दुकान के कारण स्थानीय निवासियों को हो रही परेशानियों के मद्देनजर, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई शुरू की है। कोर्ट ने अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए पूछा कि जब शराब दुकान लोगों के लिए रोजाना समस्याएं पैदा कर रही है, तो इसे अन्यत्र क्यों नहीं स्थानांतरित किया जा सकता। बतादें कि प्रदेश के कई जिलों में शहर में संचालित शराब दुकानों से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
डिवीजन बेंच ने स्पष्ट रूप से नाराजगी जताते हुए नगर निगम के आयुक्त को निर्देश दिया कि वे हर शाम शराब दुकान और उसके आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण करें ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कोर्ट ने आयुक्त से स्थिति के बारे में व्यक्तिगत शपथ पत्र भी पेश करने को कहा। चीफ जस्टिस सिन्हा की नाराजगी तब बढ़ गई जब अधिकारियों ने बताया कि सिरगिट्टी अंडरब्रिज के पास स्थित शराब दुकान के कारण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। शराबियों की भीड़ के कारण महिलाओं और स्थानीय निवासियों को आने-जाने में कठिनाई हो रही है। कोर्ट ने पूछा कि जब स्थिति इतनी खराब है, तो शराब दुकान को अन्यत्र क्यों नहीं हटाया गया।
आबकारी सचिव के जवाब के बाद, कोर्ट ने बिलासपुर नगर निगम के आयुक्त को क्षेत्र का दैनिक निरीक्षण करने और व्यक्तिगत शपथ पत्र पेश करने का आदेश दिया। जनहित याचिका पर सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच द्वारा की गई, जिसमें चीफ जस्टिस की सख्ती स्पष्ट थी।
चीफ जस्टिस की नाराजगी के बाद, अधिकारियों ने दुकान के संचालन के समय में बदलाव करने और इसे दूसरी जगह स्थानांतरित करने का सुझाव दिया। डिवीजन बेंच ने गुरुवार को जनहित याचिका पर सुनवाई की, जिसमें आबकारी सचिव ने कोर्ट के पिछले आदेशों के अनुसार आवश्यक जानकारी प्रदान करने के लिए शपथ पत्र पेश किया।
बेंच ने कहा कि वे एक महीने तक स्थिति पर नजर रखेंगे ताकि स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं, को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, डिवीजन बेंच ने बिलासपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार उचित बल प्रयोग करने का निर्देश दिया।
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हाईकोर्ट का बड़ा फैसलाः बीएड और डीएड डिग्री धारकों को काउंसलिंग में शामिल होने की अनुमति
रायपुर। हाईकोर्ट ने बीएड और डीएड धारकों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस अमितेश किशोर प्रसाद ने बीएड धारकों की रिट पिटीशन पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया है कि 10 फरवरी से शुरू होने वाली काउंसलिंग में उन बीएड धारकों को भी शामिल किया जाए, जिन्होंने पहले अपने आवेदन में डीएड डिग्री का उल्लेख नहीं किया था। इस मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत डीएड अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर शासन ने 2855 अभ्यर्थियों की सूची हाईकोर्ट में प्रस्तुत की थी। कोर्ट ने आदेश के अनुपालन के लिए शासन को 15 दिनों का समय दिया था और ऐसा न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
हाल ही में स्वाति देवांगन समेत कई बीएड धारकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर काउंसलिंग में शामिल होने की अनुमति मांगी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि वे डीएड की डिग्री भी रखते हैं, लेकिन आवेदन में पहले इसका उल्लेख नहीं कर पाए थे।
इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अमितेश किशोर प्रसाद ने कहा कि कोर्ट इस मामले के मेरिट्स पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा, लेकिन ऐसे अभ्यर्थियों को भी काउंसलिंग में शामिल होने की अनुमति दी जाती है। इसके साथ ही कोर्ट ने काउंसलिंग की तारीख को 5 फरवरी से बढ़ाकर 10 फरवरी करने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, शासन को जवाब दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया गया है। याचिकाकर्ताओं को अपना पक्ष रखने के लिए 2 सप्ताह का समय दिया गया है।