रायपुर
डॉ राधाबाई कालेज में मनाया गया राष्ट्रीय सेवा दिवस
रायपुर। डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ में प्राचार्य डॉ प्रीति मिश्रा की मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति अभियान चलाया गया।
जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवकों द्वारा नशा मुक्ति केंद्रित गीत एवं नृत्य प्रस्तुत किया गया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री अजय श्रीवास्तव थे,जो संकल्प नशा मुक्ति एनजीओ में 18 वर्षों से कार्यरत है उनका व्याख्यान हुआ।उन्होंने बताया कि कैसे आज की युवा पीढ़ी नशे की आदी होती जा रही है और आज के वर्तमान समय में लड़कियों को नशा करने के लिए टारगेट बनाया जा रहा है।नशा मुक्ति का अर्थ है,नशा या मादक पदार्थों की लत से छुटकारा पाना, जो एक गंभीर समस्या है।
जिसके विनाशकारी सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रभाव पड़ते हैं।इसे प्राप्त करने के लिए सरकारी अभियान नशा मुक्ति केंद्र और आयुर्वेदिक दवाओं का उपयोग किया जा सकता है,जिसके साथ स्वस्थ आहार,पानी,शारीरिक गतिविधि और मनोवैज्ञानिक समर्थन भी महत्वपूर्ण हैं।इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं समाजशास्त्र विभाग की छात्राओं द्वारा समाज से संबंधित विभिन्न विषयों पर आधारित मॉडल प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार जोशी,डॉ कल्पना राय,सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ाधिकारी,ग्रंथपाल कार्यालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या छात्राएं उपस्थित रही। कार्यक्रम का संयोजन डॉ निशा बारले, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई कार्यक्रम अधिकारी एवं प्रभारी रेड रिबन क्लब के द्वारा किया गया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ निधि गुप्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।डॉ रुपा सल्होत्रा विभागाध्यक्ष गणित विभाग ने धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ श्वेता बोहरा ने किया।
बिलासपुर सड़क को लेकर हाईकोर्ट की टिप्पणियों पर मीडिया रिपोर्टों पर एनएचएआई का स्पष्टीकरण
रायपुर। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह उल्लेख किया गया है कि बिलासपुर की पेंड्रीडीह–नेहरू चौक सड़क की स्थिति को लेकर माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की टिप्पणियाँ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से संबंधित हैं। यह तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है।
एनएचएआई स्पष्ट करना चाहता है कि पेंड्रीडीह–नेहरू चौक सड़क न तो उसके अधिकार क्षेत्र में आती है और न ही इसका निर्माण एनएचएआई ने किया है। इस सड़क के निर्माण, रखरखाव और मरम्मत की पूरी ज़िम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD), राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग, छत्तीसगढ़ सरकार की है।
यह भी उल्लेखनीय है कि कुछ मीडिया रिपोर्टों ने माननीय न्यायालय के दिनांक 23 सितंबर 2025 के आदेश को गलत उद्धृत और प्रस्तुत किया है। यह आदेश दरअसल लोक निर्माण विभाग के सचिव द्वारा न्यायालय के पूर्व आदेश दिनांक 4 सितंबर 2025 के अनुपालन में दाखिल किए गए हलफ़नामे पर आधारित था।
माननीय न्यायालय के निर्देश विशेष रूप से रत्नपुर स्थित महामाया मंदिर के पास रत्नपुर–केंदा सड़क की दयनीय स्थिति से संबंधित हैं, जो भारी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी। न्यायालय ने सचिव, लोक निर्माण विभाग को मरम्मत प्रगति पर व्यक्तिगत हलफ़नामा दाखिल करने और तुरंत सड़क की मरम्मत करने के निर्देश दिए थे। इस प्रकार, पेंड्रीडीह–नेहरू चौक सड़क और रत्नपुर–केंदा सड़क, दोनों की जिम्मेदारी पूर्णतः पीडब्ल्यूडी की है।
साथ ही, माननीय उच्च न्यायालय ने एनएच-130/30 के रायपुर–पेंड्रीडीह खंड पर एनएचएआई द्वारा किए गए कार्यों से संबंधित हलफ़नामे पर विचार करते हुए, दिनांक 4 सितंबर 2025 के आदेश में एनएचएआई द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों की सराहना की है। एनएचएआई दोहराता है कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव और सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जबकि उपरोक्त सड़कों की जिम्मेदारी राज्य के पीडब्ल्यूडी की है।
आईएएस सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे जायेंगे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर... बनाए गए ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। केंद्र सरकार ने उन्हें ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर के पद पर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के आदेश जारी होते ही डॉक्टर भूरे जल्द ही राजनांदगांव कलेक्टर के पद से रिलीव किए जाएंगे।
डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे का जन्म 12 सितंबर 1984 को महाराष्ट्र राज्य के भंडारा जिले के लखानंदुर गांव में हुआ। उनके पिता शिक्षक थे और उन्होंने अपने पुत्र को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। डॉक्टर भूरे ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से पूरी की, जहां उन्होंने पहली से दसवीं तक की पढ़ाई मातृभाषा मराठी में की। इसके बाद उन्होंने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई भंडारा शहर से पूरी की।
एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए उन्हें पुणे के सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिला। अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई में शुरू में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन अपने कठिन परिश्रम और समर्पण के बल पर उन्होंने एमबीबीएस पूरा किया।
एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे ने UPSC की तैयारी शुरू की। इस दौरान उनकी शादी हो गई। नौकरी के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने लगातार UPSC की तैयारी जारी रखी। उनकी पत्नी डॉ रश्मि भूरे ने इस दौरान उनका पूर्ण सहयोग और प्रेरणा प्रदान की।
डॉक्टर भूरे ने 2009 में UPSC का पहला प्रयास किया और आईपीएस बने, उन्हें 2010 बैच एलॉट हुआ। इसके बाद 2010 के UPSC प्रयास में वे आईएएस बने और 2011 बैच में छत्तीसगढ़ कैडर उन्हें आवंटित किया गया।
वर्तमान में डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे राजनांदगांव कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में अपने उत्कृष्ट नेतृत्व और समर्पण के लिए कई प्रशंसा प्राप्त की है। अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद उन्हें ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर के रूप में नई जिम्मेदारियां संभालनी होंगी, जिसमें देश में टेक्सटाइल उद्योग के विकास, नीतियों का क्रियान्वयन और निवेश संवर्द्धन से जुड़ी जिम्मेदारियां शामिल हैं।
आरंग में मेगा हेल्थ कैम्प: 185 मरीजों की जांच, महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष जोर
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर चल रहे “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत 24 सितम्बर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आरंग में मेगा हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ नगर पालिका आरंग की स्वास्थ्य सभापति श्रीमती भानमती राकेश सोनकर ने भारत माता की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर संयुक्त संचालक डॉ. पामभोई और रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मिथलेश चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। डॉ. पामभोई ने महिलाओं के स्वास्थ्य एवं संतुलित पोषण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला स्वस्थ होगी तो परिवार सशक्त बनेगा। वहीं, सीएमएचओ डॉ. चौधरी ने महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी और मितानिन बहनों से गर्भवती महिलाओं एवं किशोरियों की शत-प्रतिशत स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
शिविर में भारी बारिश के बावजूद 185 मरीजों की जांच की गई। इनमें 118 महिला और 67 पुरुष ओपीडी पंजीकृत हुए। 38 गर्भवती महिलाओं की जांच, 24 टीबी एक्स-रे, 30 नेत्र रोगियों की जांच और 18 शिशु रोगियों की जांच की गई। 20 दंत रोगियों का उपचार किया गया तथा 16 मरीजों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। साथ ही एक टीबी मरीज को खाद्य सामग्री की बास्केट दी गई और तीन यूनिट रक्तदान भी हुआ।
शिविर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पा साहू, कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. हसन, मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल वर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश्वर सहित ईएनटी, दंत एवं नेत्र विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं। मोबाइल एक्स-रे यूनिट और ब्लड डोनेशन यूनिट की भी व्यवस्था की गई थी।
इस अवसर पर सभापति नरेंद्र लोधी ने संयुक्त संचालक से आरंग स्वास्थ्य केंद्र में रिक्त चिकित्सक पदों को शीघ्र भरने का आग्रह किया। शिविर के सफल आयोजन पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजयलक्ष्मी अनंत ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं मितानिन बहनों का आभार व्यक्त किया।
ऑयल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, इलाके में मची अफरा-तफरी
एम्स रायपुर के 14वें स्थापना दिवस पर बोले वित्त मंत्री… संस्थान छत्तीसगढ़ का गौरव, सरकार देगी हर संभव सहयोग
रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर ने गुरुवार को अपना 14वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनका स्वागत संस्थान के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) और डी.डी.ए. लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मवीर सिंह चौहान ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि एम्स रायपुर ने स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने याद किया कि रायपुर नगर निगम आयुक्त और बाद में कलेक्टर के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने इस संस्थान की वृद्धि को करीब से देखा है। वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में एम्स रायपुर राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं का और बड़ा केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और भारत की वास्तविक शक्ति युवा हैं और युवाओं में निवेश ही देश को विकासशील से विकसित राष्ट्र बना सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार एम्स रायपुर को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने संकाय, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 14 वर्षों में एम्स रायपुर रोगी देखभाल, शैक्षणिक गतिविधियों और अनुसंधान का उत्कृष्ट केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि संस्थान सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा अनुसंधान और डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार जैसे टेलीमेडिसिन व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉडल्स पर विशेष जोर दे रहा है।
पूर्व छात्र संघ की ओर से प्रो. एली मोहापात्रा ने संदेश भेजते हुए कहा कि देश और विदेश में कार्यरत सभी पूर्व छात्र इस संस्थान की सफलता और उपलब्धियों पर गर्व महसूस कर रहे हैं। स्थापना दिवस के मौके पर छात्रों द्वारा तैयार एआई-संलग्न चिकित्सा मॉडल्स की प्रदर्शनी लगाई गई। इसके साथ ही मॉडल प्रतियोगिता, वाद-विवाद, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ की लोक विरासत पर आधारित नृत्य, संस्थान की यात्रा पर आधारित नाटक और शास्त्रीय नृत्य शामिल थे। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया। समारोह का समापन वरिष्ठ संकाय और प्रशासकों द्वारा वृक्षारोपण के साथ हुआ। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. एकता खंडेलवाल और छात्र संघ की अहम भूमिका रही, जबकि संचालन डॉ. प्रज्ञा अग्रवाला ने किया।
71 नक्सली अब विकास और शांति की राह पर: हथियार छोड़ किया आत्मसमर्पण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना ने दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर अंचल में नया विश्वास जगाया है। माओवादी हिंसा के झूठे नारों से भटके लोग अब विकास और शांति की राह चुन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में चलाए जा रहे पूना मारगेम अभियान तथा दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर हाल ही में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 30 नक्सलियों पर 50 हजार से 8 लाख रुपये तक का कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हमारी नीतियों की प्रभावशीलता और जन-विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
मेकाहारा के शौचालय में महिला ने बच्ची को दिया जन्म, प्रसूति विभाग के स्टाफ की तत्परता से जच्चा-बच्चा स्वस्थ्य
जीएसटी 2.0 रिफॉर्म से बिजली बिल में भी होगी कमी, प्रति यूनिट बिजली दर में लगभग 11 पैसे की आएगी कमी
पांच डिसमिल से कम कृषि भूमि की नहीं होगी रजिस्ट्री
भू- राजस्व संहिता संशोधन अधिनियम में किए गए एक और बदलाव के तहत अब सर्वे रि-सर्वे के बाद किसी ग्राम के लिए अंतिम रूप से तैयार एवं अधिसूचित किए गए नक्शे अधिमान्य होंगे. इस संबंध में धारा 107 की उपधारा 5 के बाद यह जोड़ा गया है. सरकार का कहना है कि यह करने से सीमांकन व बटांकन के सारे विवाद समाप्त हो जाएंगे.
महतारी सदन बना ‘बिहान’ दीदियों की उम्मीदों का नया घर
रायपुर: स्वसहायता समूहों की ‘बिहान’ दीदियों के लिए कभी छोटी सी बैठक भी बड़ी चुनौती हुआ करती थी। समूह की गतिविधियां हों या संकुल की बैठकें, उन्हें गांव के पंचायत भवन या किसी के घर पर जगह मांगनी पड़ती थी। कई बार वहां दूसरी बैठकें होने पर जगह न मिलने से बैठकें टल जाती थीं और उन्हें भटकना पड़ता था। बहुत बार उनका प्रशिक्षण भी बाधित हो जाता था, जिससे संगठन की गति धीमी हो जाती और ‘बिहान’ का काम प्रभावित हो जाता। महतारी सदन ने अब दीदियों की इस बड़ी चिंता को दूर कर दिया है। अब उन्हें अपनी बैठकों और कार्यक्रमों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे इस सदन में न केवल संगठनात्मक बैठकें कर पाएंगी, बल्कि नियमित प्रशिक्षण से अपने कौशल को और भी निखार पाएंगी। दीदियों ने इस संवेदनशील पहल के लिए प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय का आभार जताया है।
बिलासपुर जिले के ग्राम सेमरताल की ‘बिहान’ दीदी सरस्वती धीवर का कहना है, “अब हमें ऐसा लगता है मानो हमारा अपना घर हो, जहां हम बैठकर न सिर्फ चर्चा करते हैं, बल्कि अपने सपनों को साकार करने की योजना भी बनाते हैं।” इसी तरह ग्राम जलसों की लता सूर्यवंशी कहती है कि अब समूह की महिलाओं को अपनी गतिविधियों और बैठकों के लिए किसी से जगह नहीं मांगनी पड़ेगी। अपनी जगह मिलने से उनमें एक नए आत्मविश्वास का संचार हुआ है। बिहान दीदी गौरी गौरव, पूनम गौतम, चमेली यादव, वंदना केवट, कृष्णा देवी और पीआरपी सावित्री ने कहा कि महतारी सदन का निर्माण केवल एक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि हजारों दीदियों के सपनों और आशाओं को पूरा करने वाला सदन है। इस पहल से हम ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास को नई उड़ान मिली है। अब समूह की गतिविधियां महतारी सदन में और अधिक सुनियोजित व प्रभावी ढंग से संचालित होंगी। बिलासपुर जिले में 19 महतारी सदन स्वीकृत हुए हैं जिनमें से पूर्ण हो चुके चार महतारी सदनों का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 23 सितम्बर को धमतरी से वर्चुअल शुभारंभ किया है। महतारी सदन का निर्माण केवल एक भवन नहीं, बल्कि महिलाओं को मिला सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस पहल ने प्रदेशभर की बिहान दीदियों को नया उत्साह और आत्मविश्वास दिया है। ‘बिहान’ की दीदियां कहती हैं, “अब हमारा संगठन और मजबूत होगा क्योंकि हमें अपना घर जो मिल गया है।”
गांव-गांव में डिजिटल सशक्तिकरण
रायपुर : महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण अंचलों को बैंकिंग सहित सभी सीएससी सेवाएं पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।मंत्री राजवाड़े सूरजपुर जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित एक बैठक को संबोधित कर रही थीं। इस बैठक में जिले के सभी सरपंचों एवं सीएससी द्वारा अधिकृत वीएलई (Village Level Entrepreneur) उपस्थित रहे।बैठक में चर्चा की गई कि अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएं, बिजली बिल भुगतान, पेंशन व बीमा योजनाएं, आधार व अन्य शासकीय योजनाओं की सेवाएं सीधे पंचायत स्तर पर उपलब्ध होंगी।
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि यह केंद्र ग्रामीणों की समय और संसाधन की बचत के साथ-साथ उन्हें डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने सरपंचों और वीएलई से अपील की कि वे पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक लोगों तक इन सेवाओं का लाभ पहुँचाएँ।
बैठक में विधायक भुलन सिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
आकाशीय बिजली गिरने से 27 मवेशियों की मौत
रविवि के नव नियुक्त नौ विभागाध्यक्षों को सेवानिवृत कर्मचारियों ने दी शुभकामनाएं
रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सेवानिवृत कर्मचारियों ने विवि के नव नियुक्त नौ विभागाध्यक्ष के विभागों में जाकर शुभकामनाएं दी। छतीसगढ़ विश्वविद्यालयीय पेंशनर्स कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्र और सचिव शिरिष त्रिवेदी ने बताया कि पंडित रविशंकर शुक्ल विवि के सेवानिवृत कर्मचारियों ने नव नियुक्त नौ विभागाध्यक्ष के विभागों में जाकर शुभकामनाएं दी।

उन्होंने सर्व प्रथम भौतिकी विभाग के नए विभागाध्यक्ष डा दुर्गा प्रसाद बिसेन सर, रसायन शास्त्र विभाग के नये विभागाध्यक्ष डा मानस कांति देव, अर्थशास्त्र विभाग के नये विभागाध्यक्ष डा भेखलाल सोनकर, मनोविज्ञान विभाग के नये विभागाध्यक्ष डा प्रियम्बदा श्रीवास्तव, एमबीए विभाग के नये विभागाध्यक्ष डा गोपाल देशमुख, कंप्यूटर साइंस विभाग के नये विभागाध्यक्ष डा विनोद पटले, बॉयो टेक्नोलॉजी विभाग के नये विभागाध्यक्ष डा अफाक कुरैशी आदि से मुलाकात की। इस अवसर पर छतीसगढ़ विश्वविद्यालयीय पेंशनर्स कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार मिश्र सचिव शिरिष त्रिवेदी और उपेंद्र उपस्थित थे।
गरबा को लेकर गाइडलाइन जारी, रात 10 बजे के बाद नहीं बजेगा DJ
रायपुर। आगामी गरबा उत्सव को लेकर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आज जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में गरबा उत्सव समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
धमतरी के कुरूद विधानसभा क्षेत्र को मिला विकास का महा-उपहार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धमतरी जिला के मगरलोड विकासखंड के ग्राम करेली बड़ी में 245 करोड़ 80 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। श्री साय ने धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन शुभारंभ कार्यक्रम में 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया और जिले को विकास का महा उपहार दिया। उन्होंने कुरूद विधानसभा क्षेत्र में 77 कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जाएगा। यह सभी विकास कार्य जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, सड़क, पेयजल, उद्योग, विज्ञान, पर्यटन और सामाजिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों को नई दिशा देने वाले हैं।
महिला सशक्तिकरण - नए भवनों का शिलान्यासः साय ने महतारी सदन योजना के तहत 51 महतारी सदन भवनों का लोकार्पण किया। लगभग 2 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत से निर्मित ये भवन महिलाओं के लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता के नए केंद्र बनेंगे। यह महतारी सदन छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों की शक्ति और क्षमता को समाज में नई पहचान देंगे।
औद्योगिक विकासः ग्राम करेली बड़ी और भालूझूलन में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 16 करोड़ 61 लाख रूपए की लागत से आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा मुख्यमंत्री ने इसके लिए भूमिपूजन भी किया। इसके अलावा जी-जामगांव औद्योगिक क्षेत्र में 6 करोड़ रूपए की राशि से निर्मित विभिन्न आधारभूत संरचनाओं का लोकार्पण भी किया। इन कार्यों से उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएँ खुलेंगी।
शिक्षा एवं कौशल विकासः मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा और कौशल उन्नयन के लिए 27 करोड़ 67 लाख रूपए की लागत से आईटीआई भवन, शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और लाइवलीहुड कॉलेज भवन के लिए शिलान्यास भी किया। श्री साय ने 7 करोड़ 53 लाख रूपए से बने कृषि महाविद्यालय भवन एवं छात्रावास का लोकार्पण भी किया। ये संस्थान युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और कौशल विकास के प्रमुख केंद्र बनेंगे।
सड़क और अधोसंरचनाः मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले में 9 सड़कों के निर्माण और सुधार कार्यों का शिलान्यास भी किया। इन सड़कों पर 119 करोड़ 79 लाख रूपए खर्च किए जायेंगे। उन्होंने इसके साथ ही गौरव पथ योजना के तहत 1 करोड़ 70 लाख रूपए से बने गातापार और बकली मार्ग का भी किया। यह सभी नई सड़कें गाँवों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
स्वास्थ्य सुविधाएः मुख्यमंत्री साय ने मगरलोड विकासखंड के भेण्ड्री में 75 लाख रूपए की लागत से बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण भी किया। इससे ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सुलभ होंगी।
पेयजल एवं सिंचाईः साय ने धमतरी जिले में जल जीवन मिशन के तहत लगभग 30 करोड़ रूपए की लागत के 39 कार्य का लोकार्पण किया। जिससे जिले की हर बस्ती ‘हर घर जल’ प्रमाणित होगी। उन्होंने कोडेबोड़ में सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 26 करोड़ 37 लाख रूपए से निर्मित योजना का लोकार्पण किया। और महानदी नहर पर 4 करोड़ 29 लाख रूपए से क्रॉस रेग्युलेटर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। इससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।
विज्ञान एवं पर्यटनः मुख्यमंत्री ने गंगरेल में साइंस पार्क बनाने के लिए शिलान्यास किया। इस साइंस पार्क के बन जाने से बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ पर्यटन की नई संभावनाओं को भी बढ़ावा देगा।
सामाजिक विकासः आज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने 50 लाख की लागत से बनने वाले कंवर समाज भवन (मधुबन धाम, राकांडीह) की आधारशिला भी रखी। यह भवन जिले में सामुदायिक विकास को नई ऊर्जा देगा। इन सभी विकास कार्यों से धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में न केवल आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में भी नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक दिन जिले की प्रगति और जनकल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।