रायपुर
डॉ. राधाबाई की छात्राएं पहुंची विधानसभा.. संसदीय गतिविधियों का लिया अनुभव
रायपुर। डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ के विभिन्न विभागों के छात्राओं एवं प्राध्यापकों ने महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रीति मिश्रा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में विधानसभा की कार्यवाही से रुबरु हुए। जिसका उद्देश्य छात्राओं में भारतीय संसदीय व्यवस्था की जानकारी देना था। छात्राओं ने देखी की कैसे विधानसभा संचालित होती है। विधानसभा अध्यक्ष की क्या भूमिका है। कैसे विपक्षी सदस्यों के साथ ही साथ सत्ता पक्ष के सदस्यों द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित विषयों पर प्रश्न पुछकर सरकार को घेरने का प्रयास किया जाता है। इन सब के बीच अध्यक्ष दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए सदन का संचालन करते हैं।
छात्राओं ने विधानसभा में स्थित विशाल लाइब्रेरी का भी अवलोकन किया तथा भारतीय संविधान की मुल कृति का अवलोकन किया।इस वर्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा का रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है।इसी परिप्रेक्ष्य में प्रथम विधानसभा से लेकर अब तक हुए महत्वपूर्ण घटनाओं से संबंधित फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है,जिसका अवलोकन अध्ययन दल ने किया।साथ ही विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के साथ हुएं समूह छायाचित्र से सभी छात्राएं प्रफुल्लित हुए। विधानसभा में स्थापित विशालकाय राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ छात्राओं को आकर्षित कर रही थी।छात्राओं ने सदन की कार्यवाही में देखें कि विपक्षी सदस्यों ने उद्योगों एवं जल जीवन मिशन से संबंधित प्रश्न पूछे जिसका विभागीय मंत्रीयो ने जवाब दिया।छात्राओं ने देखा कि अध्यक्ष एक शिक्षक की भूमिका में दोनों पक्षों को नियंत्रित करते हुए शांतिपूर्वक तरीके सदन को संचालित कर रहे थे।
छात्राओं को संसदीय व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि सरकार के तीन अंग होते हैं,व्यवस्थापिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका। जिसमें से सबसे महत्वपूर्ण अंग व्यवस्थापिका होती है जो कानून बनाने के साथ ही साथ सरकार को नियंत्रित करने का कार्य करतीं हैं। छात्राओं को नवा रायपुर में बन रही नयी विधानसभा का मॉडल भी दिखाया गया और बताया कि नवा रायपुर के सेक्टर-19 में 51 एकड़ भूमि पर छत्तीसगढ़ की नवीन विधानसभा का निर्माण तीव्र गति से जारी है।जहां भविष्य में परिसिमन को ध्यान में रखते हुए 200 सदस्यों की बैठक व्यवस्था होगी।इसे सितम्बर 2025 तक हर हाल में पूर्ण करने तथा राज्य स्थापना दिवस एक नवंबर को उद्घाटन करने का निर्धारण किया गया है।
यह भवन छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक चेतना और सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक बनेगा।इसकी भव्यता और कार्यक्षमता नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी। नवीन विधानसभा भवन के निर्माण कार्यों को तीन प्रमुख विंगों में विभाजित किया गया है—विधानसभा सचिवालय, विधानसभा सदन और सेंट्रल हॉल परिसर।इनमें दर्शक दीर्घा, मीडिया दीर्घा,सभागृह कक्ष, पुस्तकालय,विद्युतीकरण, वातानुकूलन,डामरीकरण, उद्यानिकी,जल एवं विद्युत आपूर्ति,आंतरिक साज-सज्जा और फिक्स्ड फर्नीचर का कार्य तीव्र गति से जारी है।संस्कृति विभाग द्वारा परिसर में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति को समर्पित संग्रहालय का निर्माण भी किया जाएगा,जो राज्य की सांस्कृतिक विविधता और धरोहर को प्रदर्शित करेगा।अध्ययन दल में डॉ रुपा सल्होत्रा,डॉ नम्रता शर्मा, डॉ ज्योति मिश्रा,डॉ श्राद्ध मिश्रा तथा डॉ भूपेंद्र कुमार साहू सहित बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल रही ।
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मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान पर आधारित पुस्तिका का किया विमोचन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा परिसर स्थित अपने कक्ष में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए इस विशेष अभियान ने जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व चेतना उत्पन्न की है। विमोचन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत निहारिका बारीक, विशेष सचिव तारण प्रकाश सिन्हा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रियता और जनता की स्वप्रेरित भागीदारी के चलते यह अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्यों से जुड़ रहे हैं, जो सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पुस्तिका में राज्य की विभिन्न पंचायतों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को संकलित किया गया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायत भवनों की दीवारों पर भूजल स्तर अंकित किया गया है, जिससे लोगों में जल के महत्व को लेकर व्यावहारिक चेतना जागृत हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण रही है, और यह चेतना आने वाले समय में और भी व्यापक स्वरूप लेगी।
उल्लेखनीय है कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत रैली, दीवार लेखन जैसे माध्यमों से व्यापक स्तर पर जनसामान्य को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील और जागरूक किया गया है। 626 क्लस्टर्स में आयोजित प्रशिक्षणों के माध्यम से 56,000 से अधिक प्रतिभागियों को जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए तैयार किया गया है।
अभियान में GIS तकनीक का उपयोग कर जल संरक्षण कार्यों की प्रभावी योजना बनाई जा रही है, जबकि जलदूत ऐप के माध्यम से खुले कुओं का जल स्तर मापा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, परकोलेशन टैंक, अर्दन डैम, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर जैसे संरचनात्मक उपायों के माध्यम से जल पुनर्भरण और संरक्षण के स्थायी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के यह प्रयास छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।
पारदर्शी और जनहितैषी खनिज नीति के तहत रेत खनन को मिल रहा नया स्वरूप
रायपुर। राज्य में रेत खनन नीति को अधिक पारदर्शी, संगठित, पर्यावरण-संवेदनशील और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से व्यापक कदम उठाए गए हैं। पूर्ववर्ती सरकार के शासन काल के दौरान राज्य में संचालित रेत खदानों की संख्या 300 से घटकर लगभग 100-150 रह गई थी, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुए और अवैध खनन को बढ़ावा मिला। वर्तमान सरकार द्वारा खनिज नीति में सुधार कर रेत खनन की व्यवस्था को संगठित, नियंत्रित और जनहितकारी बनाया गया है।
राज्य में पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया को गति देने के लिए भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर तीन राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण समितियों का गठन किया गया है। पूर्व में केवल एक समिति कार्यरत थी। इस निर्णय से लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया सुगम हुई है।
वर्तमान में 119 रेत खदानें पर्यावरणीय स्वीकृति के साथ विधिवत संचालित हैं, जबकि 94 अन्य खदानों की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। साथ ही, आगामी 1 से 1.5 वर्षों में 300 से अधिक नई खदानों को स्वीकृति दिए जाने की योजना है, जिससे रेत की आपूर्ति सुलभ बनी रहेगी और निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।
प्रमुख नदियों पर खनन के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर IIT रुड़की से कराए गए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है कि विधिवत और नियंत्रित रेत खनन से नदियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। यह रिपोर्ट राज्य की वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित खनिज नीति को समर्थन प्रदान करती है।
राजनांदगांव और बलरामपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में रेत से संबंधित विवादों एवं घटनाओं पर त्वरित कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही की गई है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बस्तर के बच्चों का स्वर्णिम भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्धः मुख्यमंत्री साय
नया रायपुर में बीएसएफ का पौधरोपण... जवानों ने लिया हरा-भरा भारत बनाने का संकल्प
रायपुर। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा सोमवार को नया रायपुर स्थित सेक्टर-17 के बीएसएफ कैंपस और आसपास के क्षेत्रों में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त महानिदेशक (एएनओ) बीएसएफ की अगुवाई में अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बड़ी संख्या में फलदार एवं छायादार पौधे रोपित किए।
इस अवसर पर अतिरिक्त महानिदेशक (एएनओ) बीएसएफ ने सभी कर्मचारियों को प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि वृक्ष न केवल शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण को संतुलित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जवानों से आह्वान किया कि अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाएं।
समापन पर उन्होंने सभी जवानों को हरित भारत अभियान में सक्रिय योगदान देने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। बीएसएफ की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के संकल्प में एक सराहनीय कदम है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट
मुख्यमंत्री की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ हो रही साकार : कल रायपुर से अयोध्या धाम के लिए रवाना होगी विशेष ट्रेन, CM साय दिखाएंगे हरी झंडी
उल्लेखनीय है कि विगत वित्तीय वर्ष में ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत लगभग 22,100 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ। योजना के तहत विशेष साप्ताहिक ट्रेनें आगे भी रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों के श्रद्धालुओं को श्रीराम लला के दर्शन के लिए नियमित रूप से अयोध्या धाम ले जाती रहेंगी। मुख्यमंत्री साय की यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को भी गौरवपूर्ण स्थान दिला रही है।
विधानसभा में मुख्यमंत्री से जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर में दुर्ग जिले से आए जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को जैन समाज द्वारा मानव सेवा एवं सामाजिक उत्थान के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विधानसभा परिसर के भ्रमण और सदन की कार्यवाही के अवलोकन के अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक प्रेरणादायक अवसर रहा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को निकट से देखने का अवसर मिलना गौरवपूर्ण अनुभव है।
मुख्यमंत्री साय ने जैन समाज की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि समाज की सकारात्मक गतिविधियाँ प्रदेश के समावेशी विकास में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को उनके सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आह्वान... वेटलैण्ड मित्र' बनें, जैविक विरासत को बचाएं
रायपुर। जैव विविधता एवं आर्द्रभूमियों (वेटलैण्ड्स) के संरक्षण के उद्देश्य से नवा रायपुर स्थित दण्डकारण्य अरण्य भवन में एक उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा सहित कैबिनेट के सभी मंत्री एवं विधायकगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना केवल आधारभूत ढांचे के विकास से नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जैविक विविधता की रक्षा से ही पूर्ण होती है। उन्होंने आह्वान किया कि हर जनप्रतिनिधि व नागरिक जैव विविधता एवं वेटलैण्ड संरक्षण के लिए व्यक्तिगत दायित्व समझें और 'वेटलैण्ड मित्र' बनकर इस अभियान को जनांदोलन में परिवर्तित करें।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जैव विविधता और वेटलैण्ड्स का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों की सुरक्षा का सवाल भी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से जैव विविधता के संरक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करने और “वेटलैण्ड मित्र” बनकर जनजागरण फैलाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी ने व्यापक प्रस्तुति दी। उन्होंने 1992 के अर्थ सम्मिट, जैव विविधता अधिनियम 2002, राष्ट्रीय जैव विविधता बोर्ड की भूमिका और जैव विविधता प्रबंधन समितियों की संरचना एवं कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य है, जहां जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं।
आर्द्रभूमि संरक्षण के संदर्भ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि वेटलैण्ड्स पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और जिला स्तरीय आर्द्रभूमि संरक्षण समितियों के गठन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि इन समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर वेटलैण्ड्स की निगरानी एवं संरक्षण को मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री साय ने नवीन विधानसभा परिसर में किया पौधरोपण
सूने मकान में लाखों की चोरी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार….
आरोपी लंबे समय से फरार था, सीसीटीवी और तकनीकी निगरानी से पकड़ा गया। तीसरे आरोपी के रूप में एक नाबालिग भी शामिल है जिसे बाल न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस अब अन्य मामलों में भी आरोपी की गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है।
AIIMS रायपुर में पहुंचा चलता फिरता अस्पताल… नक्सली घटना और आपदा में हो सकेगा 200 मरीजों का इलाज, मिनटों में आएगी Reports
आरोग्य मैत्री के BHISM प्रोजेक्ट के तहत इस हॉस्पिटल को तैयार किया गया है. इसके सभी क्यूब BHISM एप से जुड़े हैं. इस पोर्टेबल हॉस्पिटल में स्कैनर और टैबलेट भी हैं. स्कैन करने पर पता चल जाता है कि किस क्यूब में कौन-कौन सा सामान है. पोर्टेबल हॉस्पिटल में सोलर पैनल और जेन सेट भी है, ताकि अगर पावर सप्लाई नहीं है तो भी कोई दिक्कत न हो.
जहरीला मशरूम खाने से एक परिवार के 4 लोग अस्पताल में भर्ती
रायपुर। प्रदेश के कवर्धा जिले के बोड़ला ब्लॉक में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के चार लोग जहरीला मशरूम खाने से बीमार हो गए। पीड़ितों में माता-पिता और उनके दो छोटे बच्चे शामिल हैं। उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, परिवार ने बांस के पेड़ के पास उगे जंगली मशरूम को खाया था, जो जहरीला निकला। इसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि सभी मरीजों की हालत अब स्थिर है और उनका उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अनजाने या जंगली मशरूम का सेवन करने से बचें, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्रः खाद संकट पर गरमाया सदन, कांग्रेस विधायकों ने गर्भगृह में किया प्रदर्शन
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मॉनसून सत्र 2025 के पहले दिन प्रदेश में उठे खाद और बीज संकट को लेकर सदन में हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने शून्यकाल के दौरान मुद्दा उठाते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में किसानों को खाद नहीं मिल रहा है। उन्होंने सदन में स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर तत्काल इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष महंत को समर्थन देते हुए पूर्व CM भूपेश बघेल ने कहा कि, सरकार खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रही है। किसान बाजार से दोगुने दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। छत्तीसगढ़ का किसान संकट में है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
इस मुद्दे पर सरकार की ओर से चर्चा की स्वीकृति नहीं दी गई। जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने जमकर विरोध किया। असन्धि के अग्राह के बाद समस्त कांग्रेस विधायक गर्भगृह में पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे की स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही पाँच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सभापति सूर्यकान्त राठौड़ ने सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ जनजागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
रायपुर नगर निगम जोन 2 स्वास्थ्य विभाग की टीम के सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों ने मुख्य मार्गो में सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ स्वच्छता जनजागरूकता रैली जोन 2 क्षेत्र अंतर्गत जोन 2 जोन कार्यालय से होकर फाफाडीह चौक, रेल्वे स्टेशन मार्ग, स्टेशन मार्ग गुरूद्वारा, संजय गाँधी चौक, नहरपारा मार्ग, झूलेलाल चौक, कैनाल लींकिंग रोड से होकर नगर निगम जोन 2 कार्यालय तक निकालकर रायपुर को स्वच्छ शहर बनाने स्वच्छ सर्वेक्षण में श्रेष्ठ स्वच्छता रैंकिंग दिलवाने सभी दुकानदारों और व्यापारियों से बाजार क्षेत्र में अपनी दुकान में हरे रंग के डस्टबिन में गीला कचरा नीले रंग के डस्टबिन में सूखा कचरा, काले रंग के डस्टबिन में हानिकारक कूड़ा पृथक – पृथक रखकर निगम सफाई मित्र को सफाई वाहन में पृथक – पृथक कचरा निष्पादन हेतु देकर सहभागिता दर्ज करवाने की अपील की. साथ ही स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों ने नागरिकों के मध्य स्वच्छता जनजागरूकता रैली में सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ के गगनभेदी नारे लगाए।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र….. सदन की कार्यवाही शुरू, हंगामे के आसार
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही शुरू हो गई हैं। इससे पहले कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक अजय चंद्राकर, विधायक धर्मजीत सिंह सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही शुरू होने के पश्चात सबसे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह समेत सभी विधायकों ने प्रदेश के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और अविभाजित मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह को श्रद्धांजलि दी।
कांग्रेस ने सदन में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। कांग्रेस ने साफ कहा है कि वो खाद, बीज और बिजली को लेकर सड़क से सदन तक की लड़ाई जनता के लिए लड़ेगी। इससे पहलेरविवार को कांग्रेस विधायक दल की एक बैठक भी हुई। बैठक के बाद कांग्रेस ने कहा कि, उनके पास सरकार को घेरने के लिए मुद्दों की कोई कमी नहीं है। कांग्रेस ने कहा कि वो सरकार की नाकामियों को सदन में गिनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
वहीं सत्ता पक्ष ने भी अपने विधायकों के साथ बैठक की। बैठक में विपक्ष के हमलों का तीखा जवाब देने की रणनीति बनाई गई। बीजेपी विधायक दल की ओर से कहा गया कि हमने डेढ़ साल में जो काम किए हैं वो हमारी उपलब्धियों को गिनाने के लिए काफी हैं। विपक्ष के हमलों का हम करारा जवाब देंगे।