रायपुर
युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम, देश की संस्कृति को जोड़ने में सहायक : बृजमोहन अग्रवाल
छत्तीसगढ़ और गुजरात के युवाओं को सांसद ने किया सम्मानित
रायपुर, 2024: नेहरू युवा केंद्र संगठन (NYKS), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम (ISYEP) 2024-25 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत गुजरात और छत्तीसगढ़ के 60 युवाओं ने रायपुर के सांसद माननीय बृजमोहन अग्रवाल जी के निवास पर भेंट की।

इस अभिनव पहल के माध्यम से विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपराओं और प्रथाओं का आदान-प्रदान होगा, जिससे राज्यों के बीच आपसी समझ और बंधन को मजबूत किया जा सकेगा। यह कार्यक्रम "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" की अवधारणा को साकार करते हुए भारत की एकता और अखंडता को प्रोत्साहित करेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और भाषा, खानपान तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से परस्पर समझ विकसित करना है।
इस अवसर पर सभी युवा साथियों को माननीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल जी ने अपने निवास पर आमंत्रित कर स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। युवाओं से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि रायपुर देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में से एक है और अधोसंरचना में भी काफी आगे है। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं अपने छात्र जीवन में युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का हिस्सा रहे हैं और ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं को सीखने के कई अवसर मिलते हैं, जो देश की प्रगति में सहायक होते हैं।
गुजरात के युवाओं से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति अत्यंत समृद्ध है और यहाँ के लोग सरल एवं सौम्य स्वभाव के होते हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात और छत्तीसगढ़ का पुराना रिश्ता रहा है और "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" परियोजना के तहत दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से आदान-प्रदान कार्यक्रम चल रहा है।
गुजरात से आए स्वयंसेवक मनोज, जो नेहरू युवा केंद्र के प्रतिनिधि हैं, ने कहा कि छत्तीसगढ़ आने से पहले उनकी यहाँ के बारे में एक अलग धारणा थी, लेकिन यहाँ की शानदार मेहमाननवाजी देखकर वे अत्यंत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब वे वापस गुजरात लौटेंगे तो छत्तीसगढ़ और यहाँ के लोगों के लिए एक नई सकारात्मक सोच के साथ संदेश लेकर जाएंगे।
इस कार्यक्रम में गुजरात के सूरत और नर्मदा जिलों से प्रतिभागी शामिल हुए, जबकि छत्तीसगढ़ से बस्तर और रायपुर जिलों के प्रतिभागियों सहित कुल 60 से अधिक युवाओं ने भाग लिया।
नेहरू युवा केंद्र के राज्य निदेशक अतुल निकम ने माननीय सांसद महोदय का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन से ही ऐसे युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम सफल होते हैं और युवाओं का विकास संभव हो पाता है।
नेहरू युवा केंद्र, रायपुर के उपनिदेशक अर्पित तिवारी ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपराओं और रीति-रिवाजों का आदान-प्रदान होगा, जिससे राज्यों के बीच आपसी समझ और संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे।
कार्यक्रम में रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी विजय खंडेलवाल, महासमुंद के जिला शिक्षा अधिकारी, नेहरू युवा केंद्र के अन्य अधिकारी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
सुखदेव केवट ने 400 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया
महासमुंद के तीन खिलाड़ियों का पैरा एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन
रायपुर | दुबई में 6 से 14 फरवरी 2025 तक आयोजित पैरा एथलेटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप ग्रांट फिक्स 2025 में महासमुंद जिले के फॉर्च्यून नेत्रहीन हायर सेकेंडरी स्कूल, करमापटपर बागबाहरा खुर्द के तीन खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। सुखदेव केवट ने अपनी शानदार खेल प्रतिभा का परिचय देते हुए 400 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का परचम लहराया। इससे पहले, 23वें नेशनल पैरा एथलेटिक्स 2025, चेन्नई (17-20 फरवरी) में उन्होंने 1500 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल और 400 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर भी अपनी श्रेष्ठता साबित कर चुके है।

इस प्रतियोगिता में महासमुंद के दो अन्य खिलाड़ियों ने भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराईनिखिल यादव ने 1500 मीटर दौड़ में 7वाँ स्थान और 500 मीटर दौड़ में 6वाँ स्थान प्राप्त किया जबकि लक्की यादव (टी-11 कैटेगरी, बालक वर्ग) ने 1500 मीटर दौड़ में 8वाँ स्थान और 400 मीटर दौड़ में 6वाँ स्थान हासिल किया। महासमुंद जिले के इन होनहार खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनकी सफलता से प्रदेश के अन्य खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। सुखदेव केंवट और उनके साथियों की इस उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है।
महासमुंद जिले के इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की उपलब्धि पर जिला कलेक्टर विनय कुमार लंहगें, जिला सीईओ एस. आलोक और उप संचालक समाज कल्याण संगीता सिंह ने उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष निरंजन साहू, प्राचार्य रश्मि साहू और वार्डन लक्ष्मीप्रिया साहू भी उपस्थित थे।
वेटलैंड संरक्षण को लेकर लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय
छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की द्वितीय बैठक संपन्न
रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य में वेटलैंड संरक्षण और प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की द्वितीय बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक वन मंत्री एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की अध्यक्षता में राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान स्थित मेडीशनल प्लांट बोर्ड हॉल में संपन्न हुई।
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड के अध्यक्ष, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवासन, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, वन विभाग, आवास एवं पर्यावरण, प्रमुख अभियंता जल संसाधन इंद्रजीत उइके, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, मत्स्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

वन मंत्री कश्यप ने राज्य के सभी जिलों की जिला वेटलैंड संरक्षण समितियों को अपने-अपने क्षेत्रों में वेटलैंड के संरक्षण और संवर्धन हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, अन्य राज्यों में वेटलैंड प्राधिकरण के सदस्य सचिवों के वित्तीय अधिकारों का अध्ययन कर संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजने के भी निर्देश दिए। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के लिए तैयार किए गए आधिकारिक लोगो का वन मंत्री कश्यप ने विमोचन किया।
राज्य में रामसर स्थलों की पहचान को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कोपरा जलाशय (बिलासपुर) और गिधवा-परसदा वेटलैंड कॉम्प्लेक्स (बेमेतरा) को रामसर स्थलों के रूप में चिन्हित करने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, एनपीसीए योजना के तहत प्राकृतिक रूप से निर्मित तालाबों के चयन और नए प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में प्रस्तावित तकनीकी समिति में आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा मत्स्य विभाग को शामिल करने की अनुशंसा की गई, जिससे वेटलैंड संरक्षण में विभिन्न विभागों का समन्वय बेहतर हो सके। साथ ही, शिकायत समिति में छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के सदस्य सचिव और शहरी विकास विभाग के निदेशक को भी शामिल करने की अनुशंसा की गई।
बैठक में वेटलैंड (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम 2017 तथा माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के आदेशों का कानूनी विश्लेषण करवाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए, एडवोकेट जनरल कार्यालय से विधिक परामर्श लेने तथा अन्य राज्यों में अपनाई जा रही नीतियों का अध्ययन करने का सुझाव दिया गया।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कई प्राकृतिक और कृत्रिम जलाशय, तालाब और जल स्रोत वेटलैंड का रूप लिए हुए हैं, जो जैवविविधता के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। गिधवा-परसदा और कोपरा जलाशय जैसे वेटलैंड क्षेत्र, प्रवासी पक्षियों के लिए उपयुक्त स्थल हैं, जहां हर वर्ष हजारों पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। राज्य सरकार द्वारा वेटलैंड संरक्षण को लेकर किया जा रहा यह प्रयास महत्वपूर्ण हैं। प्राधिकरण की बैठक में लिए गए निर्णयों से न केवल वेटलैंड की पहचान और संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि राज्य में जैव विविधता, जल संसाधन प्रबंधन और सतत विकास में भी सहायक होगा।
छत्तीसगढ़ को ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ में राष्ट्रीय सम्मान : मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई
रायपुर | छत्तीसगढ़ ने भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित प्रकृति परीक्षण अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त किया। राज्य ने स्ट्राइक रेट लक्ष्य में देशभर में तीसरा स्थान और कुल प्रकृति परीक्षण मानकों पर नौवां स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए केन्द्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव ने छत्तीसगढ़ को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान अभियान के राज्य समन्वयक डॉ. संजय शुक्ला ने ग्रहण किया। जहांगीर भाभा थियेटर, मुंबई में आयोजित अभियान के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आयुष विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य और आयुर्वेद के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती उत्कृष्टता का प्रमाण है, जिससे राज्य में आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुष विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की पहल न केवल नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएगी, बल्कि प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को मुख्यधारा में लाने में भी सहायक होगी।
उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर से 25 दिसंबर 2024 तक चले इस अभियान के तहत देशभर में 1.29 करोड़ से अधिक नागरिकों का परीक्षण किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ ने 4.45 लाख से अधिक नागरिकों का सफलतापूर्वक परीक्षण कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस अभियान में राज्य के 3551 वालंटियर्स ने योगदान दिया।
इसके अतिरिक्त अभियान की महत्ता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीनस्थ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 40,000 से अधिक अधिकारियों और जवानों का भी सफलतापूर्वक प्रकृति परीक्षण किया गया, जो आयुष चिकित्सा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाता है।
आयुष विभाग के संचालक ने बताया कि मोबाइल एप्लीकेशन आधारित इस अभियान को नागरिकों से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ में इस अभियान को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अब राज्य के नागरिक निकटतम आयुर्वेद महाविद्यालय, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, आयुष विंग, स्पेशलाइज्ड थैरेपी सेंटर, शासकीय आयुर्वेद औषधालयों एवं निजी आयुर्वेद चिकित्सकों से संपर्क कर अपना प्रकृति परीक्षण करवा सकते हैं।
251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा संपन्न : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आयोजन में हुए शामिल
मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं - बाबा बागेश्वर
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बागेश्वर धाम में चल रहे शिवरात्रि महोत्सव और 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए।
बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत परंपरा और धर्मनिष्ठा की भूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हमें गर्व है कि बागेश्वर धाम में इस दिव्य आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से यह संकल्प लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन किया जाएगा। प्रदेश के सुरक्षा बल मजबूती से इस अभियान में लगे हुए हैं, और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में यह मिशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार धर्मांतरण रोकथाम और घर वापसी अभियान को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध हमारी सरकार कठोर नीति अपनाएगी और समाज को उसकी मूल पहचान से जोड़ेगी।
बागेश्वर धाम द्वारा आयोजित 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस आयोजन में वैदिक रीति-रिवाज से कन्याओं का विवाह संपन्न होगा, सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बागेश्वर धाम का यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने, समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने और गरीब कन्याओं के भविष्य को संवारने का ऐतिहासिक अवसर है।छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भागीदारी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान देने के लिए संकल्पित है।
कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि इस पावन कार्य को संपूर्णता देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं। वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आज एक बड़ा अनूठा कार्य कर रही है, जो गौरव का विषय है। राज्य को अगले दो वर्षों के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ समृद्ध और शांतिपूर्ण प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, और जब हम छत्तीसगढ़ जाते हैं, तो एक बात हमेशा कहते है - छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यह प्रदेश धर्म और संस्कृति की भूमि है, और हम प्रार्थना करते हैं कि यह भूमि हमेशा खुशहाल और धन-धान्य से परिपूर्ण बनी रहे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
रायपुर और बिलासपुर में कामकाजी महिलाओं के लिए बनेंगे छह महिला छात्रावास
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दो सबसे बड़े शहरों रायपुर और बिलासपुर में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षित एवं सस्ते आवास की बड़ी जरूरत जल्द पूरी होगी। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों के लिए विशेष पूंजीगत सहायता योजना (Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment 2024-25) के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर और नया रायपुर में छह कामकाजी महिला छात्रावासों (Working Women’s Hostel) के लिए 202 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इस राशि से रायपुर नगर निगम द्वारा तेलीबांधा और टाटीबंध में 250-250 सीटर तथा भैंसथान में 223 सीटर महिला छात्रावास बनाए जाएंगे। वहीं बिलासपुर के तिफरा और सिरगिट्टी में सीएसआईडीसी द्वारा 224-224 सीटर छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण नया रायपुर में एक हजार सीटर छात्रावास बनाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहरों में कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित एवं सस्ते आवास के लिए राशि मुहैया कराने भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सुशासन के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को हासिल करने राज्य शासन ने वर्किंग वीमेन हॉस्टल बनाने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किया था।उन्होंने इसकी मंजूरी मिलने पर राज्य की महिलाओं की ओर से भारत सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा विशेष पूंजीगत सहायता के तहत नया रायपुर में एक हजार सीटर महिला छात्रावास के लिए 103 करोड़ 22 लाख रुपए, रायपुर के टाटीबंध और तेलीबांधा में 250-250 सीटर छात्रावास के लिए क्रमशः 15 करोड़ 10 लाख रुपए और 15 करोड़ पांच लाख रुपए मंजूर किए हैं। रायपुर के ही भैंसथान में 223 सीटर छात्रावास के लिए 17 करोड़ 23 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा बिलासपुर के तिफरा और सिरगिट्टी में 224-224 सीटर छात्रावास के लिए क्रमशः 26 करोड़ 15 लाख रुपए और 25 करोड़ 25 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
साउथ एशिया ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सपो 2025.... पर्यटन स्थलों को प्रमोट करने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने बनाया विशेष स्टॉल
नैनो वाले ने...., घर मोरे परदेसिया के साथ बच्चों ने दिया महिला सशक्तिकरण का संदेश
रायपुर। डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय रायपुर में सांस्कृतिक गतिविधियों का रंगारंग आयोजन विगत दिनों किया गया। जिसमें छात्राओं द्वारा समूह नृत्य, एकल नृत्य, समूह गायन, एवं एकल गायन की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ प्रीति मिश्रा, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ मनीषा शर्मा एवं डॉ प्रीति श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलन एवं संगीत की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना के साथ हुआ। संस्था प्रमुख डॉ प्रीति मिश्रा ने कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी एवं अपने उद्बोधन के माध्यम से छात्राओं का मार्गदर्शन किया। आभार प्रदर्शन डॉ श्वेता अग्निवंशी ने किया। कार्यक्रम में नयनी टांडी, रितेश लहरे, नरेंद्र आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में सभी प्राध्यापकों अतिथि प्राध्यापको, क्रीड़ा अधिकारी, ग्रंथपाल, ऑफिस स्टाफ आदि की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही।
छात्राओं ने नैनो वाले ने...., घर मोरे परदेसिया... एवं महिला सशक्तिकरण के संदेश पर आधारित गानों पर सुंदर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ निधि गुप्ता एवं डॉ श्वेता बोहरा द्वारा किया गया। गायन में निर्णायक की भूमिका के रूप में डॉ ज्योति मिश्रा एवं डॉ रूपा सल्होत्रा रहीं। वहीं नृत्य विधा की निर्णायक के रूप में डॉ दीप्ति झा एवं डॉ निशा बारले रहे।
समूह नृत्य में दामिनी और ईशा समूह प्रथम, सुष्मिता और कल्पना समूह द्वितीय एवं दीपिका साहू समूह एवं प्रिया पटले समूह तृतीय स्थान पर रहे। एकल नृत्य में भावना चंद्राकर प्रथम, जीत धीवर द्वितीय एवं प्रीति बर्मन एवं पुष्प देवांगन तृतीय स्थान पर रहे। हिमांशी तिवारी को विशिष्ट स्थान प्राप्त हुआ। एकल गायन में कुमारी अप्सरा बसाक प्रथम, हिमांशी तिवारी विशिष्ट, मोक्षांशी पटेल द्वितीय, अंजली यादव तृतीय स्थान पर रहे।
गर्मी में होने वाली जल समस्या से निपटने वार्डवासियों के पास पहुंचे पार्षद
रायपुर। रायपुर नगर निगम के स्वामी विवेकानंद सदर बाजार वार्ड के पार्षद मुरली शर्मा अपने शपथ ग्रहण के पहले से लोगों की सेवा में जुट गए। आने वाली भीषण गर्मी में लोगों ने हर वर्ष होने वाली पानी की समस्या को लेकर वे लोगों के पास पहुंचे और उनके मुलाकात कर पानी की समस्या को नजदीक से जाना।
पार्षद मुरली शर्मा ने सोमवार शाम को लोगों के बीच जाकर उनकी समस्या सुनी और नगर निगम के अधिकारियों को इसे प्राथमिकता के साथ दूर करने के निर्देश दिए। मुरली शर्मा ने कहा कि अभी गर्मी आने वाली है, ऐसे में हमारा लक्ष्य है कि लोगों को पानी की किल्लत न हो। वार्डवासियों को जलसंकट से मुक्ति दिलाने के लिए हम प्रतिबद्ध है।
महाकाल के रूप में विशेष श्रृंगार होगा सोमेश्वर महादेव का.. भस्म आरती भी.. पार्षद होंगे सम्मानित
रायपुर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी 26 फरवरी को सरजूबांधा तालाब स्थित श्री सोमेश्वर महादेव का विशेष श्रृंगार होगा। जिसमें उज्जैन के महाकाल के रूप में भक्तों को दर्शन देंगे। शिवरात्रि की तैयारी को लेकर एक बैठक रविवार को सरजू बांधा मुक्तिधाम विकास समिति टिकरापारा रायपुर की सम्पन्न हुई।
समिति के अध्यक्ष माधव लाल यादव और सचिव गोवर्धन झंवर ने बताया कि उक्त बैठक में पदाधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। सुबह 8:00 बजे रुद्राभिषेक ,भस्म आरती एवं पूजा पंडित लक्ष्मी नारायण शर्मा के सानिध्य में होगा तथा शाम 7:00 बजे महाआरती, सम्मान समारोह तत्पश्चात भंडारा होगा ।
भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार करने का दायित्व खुशी झंवर ,रिया यादव, वरुण कुर्मी, हर्षित को सौंपा गया है वे उज्जेन के महाकाल के रूप में भगवान का विशेष श्रृंगार करेंगे। समिति ने यह भी निर्णय लिया है कि जिन परिवारों की मनोकामना श्री सोमेश्वर महादेव ने पूरी की है वे परिवार के लोग मुख्य यजमान के रूप में भस्म आरती और रुद्राभिषेक में शामिल होने का अवसर दिया गया है। बैठक में सरजू बांधा तालाब के सौंदर्यकरण कार्य की समीक्षा भी की गई धीमी गति से चल रहे कार्य पर सभी ने चिंता जताया नगर निगम कमिश्नर से मिलकर उक्त संबंध में चर्चा करने का निर्णय लिया गया।
नवनिर्वाचित पार्षदों का होगा सम्मान समारोह रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी के मुख्य आतिथ्य में होगा। इस दौरान नवनिर्वाचित पार्षद विपिन बिहारी सुर वार्ड मनोज वर्मा, टिकरापारा वार्ड पार्षद प्रमोद साहू , संजय नगर वार्ड पार्षद बद्री प्रसाद गुप्ता, संतोषी नगर वार्ड पार्षद श्रीमती अंजली गोलछा जैन का समिति उक्त अवसर पर सम्मानित करेगी। बैठक में माधव लाल यादव, गेंदलाल सगरवंशी, रवि धनगर,गोवर्धन झंवर, रतन वैद्य , धन्नू लाल देवांगन,विजय पाल,राजू यादव, हरिराम सेन,संजय चंद्राकर, राजेश ठाकुर, अशोक यादव,दीपक यदु, योगेश चौहान आदि मौजूद रहे।
इन विद्यार्थियों को 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में दिए जाएंगे 20 तक बोनस अंक
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 10वीं एवं 12वीं के स्पोर्ट्स स्टूडेंट्स को बोर्ड परीक्षा में 10 से 20 तक बोनस अंक दिए जाएंगे। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, साक्षरता कार्यक्रम के स्वयंसेवक एवं अन्य चयनित गतिविधियों में शामिल छात्रों को भी बोनस अंक का लाभ मिलेगा।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव पुष्पा साहू ने इसके लिए शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर खिलाड़ियों की सूची मांगी है। राज्य स्तरीय खेलों में भाग लेने वाले छात्रों को 10 अंक, राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी करने वालों को 15 अंक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को 20 अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जिला शिक्षा अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अफसरों को निर्देशित किया है कि अपने क्षेत्र के स्कूलों से पात्र छात्रों की सूची निर्धारित समय तक माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय भेजें, ताकि परीक्षा के दौरान बोनस अंक जोड़ने की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सत्र 2024-25 की बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों को खेल और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर बोनस अंक देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए सभी स्कूलों से पात्र विद्यार्थियों की सूची 25 मार्च 2025 तक मांगी गई है।
इस योजना के तहत केवल भारतीय ओलंपिक संघ, युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और अन्य मान्यता प्राप्त संस्थाओं द्वारा प्रमाणित प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र ही पात्र होंगे। इसके अलावा, एनसीसी के आरडी परेड, वायु सैनिक, नौसेना और थल सेना कैंप में भाग लेने वाले कैडेट्स को भी अंक दिए जाएंगे। इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों को खेलों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है।
24 बरस में 5700 से डेढ़ लाख करोड़ रुपये पहुंचा छत्तीसगढ़ का बजट
रायपुर। मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ को राज्य बने 25 साल से अधिक हो गए। इस साल वार्षिक बजट का आकार पौने दो लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है, यानी करीब 30 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है। जाहिर है, आने वाले साल में बजट लगभग दो लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच जाएगा। मूल बजट के अलावा हर साल अनुपूरक बजट भी पेश होते रहे हैं, इसलिए सालाना आंकड़ा तेजी से उछले हैं। राज्य बनने के बाद बजट 5700 करोड़ रुपये से शुरू हुआ था।
बता दें कि 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग कर छत्तीसगढ़ नया राज्य बनाया गया, जिसके बाद कांग्रेस नेता अजीत जोगी के नेतृत्व में राज्य की पहली सरकार बनी थी। तब से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ के बजट का इतिहास दिलचस्प रहा है। छत्तीसगढ़ के ज्यादातर बजट मुख्यमंत्री ने ही पेश किए हैं। छत्तीसगढ़ के इन 25 सालों के इतिहास पर एक नजर डालें तो कोरिया राजघराने से तालुक रखने वाले स्व. डॉ. रामचंद्र सिंहदेव राज्य के पहले वित्त मंत्री थे।
डॉ. रामचंद्र सिंहदेव ने बतौर वित्त मंत्री 3 बार छत्तीसगढ़ का बजट पेश किया था। रामचंद्र सिंहदेव ने 2001-02 में कुल 7 हजार 294 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। 2002-03 तक में 8 हजार 471 करोड़ के आम बजट के साथ एक अनुपूरक बजट पेश किया था। 2003-04 तक में 9 हजार 978 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। साथ ही दो अनुपूरक बजट भी पेश किया गया था। उसके बाद भाजपा सरकार आने पर 15 साल तक बजट के आकार में हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। फिर 2019-24 तक भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार ने पांच साल बजट पेश किया।
डॉ. रमन सिंह ने 12 बार बजट पेश किया
2007 में रमन सिंह ने अपने कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। 2007 से लेकर 2018 तक रमन सिंह ने वित्त विभाग को अपने पास रखा और हर साल बतौर सीएम वे बजट पेश करते रहे। इस तरह डॉ. रमन सिंह ने कुल 12 बार बजट पेश किया। 2018-19 में अंतिम बजट पेश किया। उनके कार्यकाल के दौरान बजट में मूल रूप से अधोसंरचना विकास पर फोकस रहा। कुछ समय तक अमर अग्रवाल भी छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री थे।
हर वर्ग को प्रदेश सरकार ने लाभ पहुंचाया
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस वर्ष का बजट भी जनकल्याणकारी और सर्व समावेशी बजट होगा। हमारी सरकार ने प्रदेश के हर वर्ग को सरकार ने लाभ पहुंचाया है। नए बजट में अटलजी के छत्तीसगढ़ निर्माण के संकल्प को पूरा करेंगे। विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। इस सत्र में कई नए विधेयक भी आएंगे। विधानसभा के दौरान पक्ष-विपक्ष के साथी प्रदेश के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करेंगे।
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छत्तीसगढ़ का बजट 3 मार्च को होगा पेश , राज्यपाल अभिभाषण के साथ शुरू होगा सत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का सत्र 24 फरवरी से शुरू हो रहा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर विधानसभा सत्र की जानकारी दी। अध्यक्ष की तरफ से बताया गया है कि कल राज्यपाल के अभिभाषण से विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत होगी। 3 मार्च 2025 को छत्तीसगढ़ का बजट पेश होगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी बजट पेश करेंगे।
विधानसभा के बजट सत्र के लिए 2367 प्रश्न की सूचना मिली है, जिसमें से 2067 तारांकित प्रश्न हैं। कल राज्यपाल के अभिभाषण के बाद नए विधानसभा सभा के निरीक्षण के लिए सभी सदस्य जायेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत अन्य सदस्य भी नये विधानसभा को देखने जायेंगे।
इस बार के बजट सत्र को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कल से हमारी सरकार का दूसरा बजट सत्र शुरू होने वाला है। बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पूरा देश जानता है कि हमारी सरकार आने के बाद कैसे काम हुआ है।
महापौर मीनल चौबे और 70 पार्षदों का शपथ ग्रहण 27 फरवरी को... सीएम साय, डिप्टी सीएम सहित कई मंत्री भी होंगे शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर नगर निगम की नवनिर्वाचित महापौर मीनल चौबे और 70 पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह 27 फरवरी को इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा में आयोजित किया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 3 बजे से शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, विधायक सुनील सोनी, विधायक मोतीलाल साहू और विधायक पुरंदर मिश्रा सहित भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहेंगे।
रायपुर नगर निगम के चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है, और 15 साल बाद महापौर पद पर भाजपा का कब्जा हुआ है। मीनल चौबे शहर की दूसरी महिला महापौर के रूप में शपथ लेंगी। उनके साथ 70 वार्डों के नवनिर्वाचित पार्षद भी शपथ लेंगे, जिनमें से 60 प्रतिशत भाजपा के हैं, जबकि 7 कांग्रेस और 3 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए हैं।
शपथ ग्रहण के बाद रायपुर नगर निगम की पहली सामान्य सभा भी होगी, जिसमें सभापति का चुनाव किया जाएगा। भाजपा ने सभापति के चुनाव के लिए धरमलाल कौशिक को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। महापौर मीनल चौबे के शपथ लेने के बाद एमआईसी का गठन होगा।
पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में 22 फरवरी को : अनूप जलोटा के भजन संध्या का आयोजन
रायपुर | पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में 22 फरवरी को भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा । लव फॉर ह्यूमैनिटी नींव संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में गायक अनूप जलोटा शाम 7:00 बजे से भजनों की प्रस्तुति देंगे ।

संस्था के अध्यक्ष सुभाष राठी ने बताया कि आयोजन के जरिए दानदाताओं से मिलने वाली राशि का उपयोग किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट कैंसर पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए होगा | साथ ही 25 दृष्टिबाधित बालिकाओं की शिक्षा का खर्च उठाया जाएगा कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को संस्था के पदाधिकारी की बैठक हुई