रायपुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम RSS मुख्यालय नागपुर में होंगे प्रमुख अतिथि, मोहन भागवत ने दिया न्योता
Raipur News: छत्तीसगढ़ के दिग्गज आदिवासी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर मुख्यालय में आयोजित होने वाले कार्यकर्ता विकास वर्ग के समापन समारोह में प्रमुख अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। यह समारोह 5 जून 2025 को शाम 6:30 बजे रेशिम बाग, नागपुर में होगा।
नेताम 3, 4 और 5 जून को नागपुर में रहकर RSS की गतिविधियों से रूबरू होंगे। इस खबर ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि नेताम पहले RSS और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई प्रमुख एजेंडों के खिलाफ मुखर रूप से अपनी असहमति जता चुके हैं।
हटाए गए रविवि के कुलसचिव डॉ शैलेंद्र पटेल, डॉ अम्बर व्यास को मिली नई जिम्मेदारी
रायपुर। हाईकोर्ट के फैसले के बाद कुलसचिव डॉ शैलेंद्र पटेल को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह फार्मेसी विभाग के प्रोफेसर डॉ अम्बर व्यास को विश्वविद्यालय का नया कुलसचिव नियुक्त किया गया है। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने 28 मई 2025 को देर रात आदेश जारी कर दिया।
डॉ पटेल को अब उच्च शिक्षा विभाग, इंद्रावती भवन में पदस्थ किया गया है। डॉ शैलेंद्र पटेल की नियुक्ति 2022 में कुलसचिव के रूप में हुई थी, लेकिन शुरू से ही उनकी नियुक्ति विवादों में रही। उनकी योग्यता को लेकर कई सवाल उठे और तीन अलग-अलग जांचों में उन्हें अयोग्य पाया गया।
2022 में उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त द्वारा गठित जांच समिति ने पांच महीने की जांच के बाद 9 सितंबर 2022 को अपनी रिपोर्ट में बताया कि डॉ पटेल के अनुभव से संबंधित दस्तावेज सात बिंदुओं पर मान्य नहीं हैं। इसके बावजूद, वे पिछले तीन वर्षों से विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल रहे। हाईकोर्ट के हालिया फैसले ने इस मामले में अंतिम मुहर लगाई, जिसके बाद डॉ पटेल को हटाने का निर्णय लिया गया।
11वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में भारत का करेंगे प्रतिनिधित्व सांसद विजय बघेल
भिलाई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में होने जा रहे 11वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में भारत का प्रतिनिधित्व के लिए दुर्ग सांसद विजय बघेल को चुना गया है। इस फोरम के लिए देश के 6 सांसदों का चयन किया गया जिसमें दुर्ग सांसद को शामिल किया जाना पूरे लोकसभा क्षेत्र के लिए गर्व का पल है। सांसद विजय बघेल ने गुरुवार को इस संबंध में मीडिया से चर्चा कर जानकारी साझा की।
बता दें कि 11वां ब्रिक्स संसदीय फोरम ब्रासीलिया, ब्राजील में आयोजित होने जा रहा है। यह प्रतिष्ठित फोरम 3 जून से 5 जून 2025 तक चलेगा और इसमें ब्रिक्स देशों के सांसद वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। सांसद विजय बघेल संसद की विदेश मंत्रालय की स्थाई समिति के सदस्य हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपनी अध्यक्षता में सांसद विजय बघेल को उक्त बहु प्रतिष्ठित ब्रिक्स संसदीय फोरम के दल में स्थान दिया है। सांसद विजय बघेल 1 जून 2025 को दिल्ली से अपनी यात्रा शुरू करेंगे। दुबई और साओ पाउलो होते हुए ब्रासीलिया पहुंचेंगे। उनका आगमन 2 जून 2025 को ब्रासीलिया में होगा
सांसद विजय बघेल ने बताया कि फोरम का एजेंडा व्यापक है, जिसमें कई महत्वपूर्ण कार्यसत्र शामिल हैं। 3 जून को वे ब्रिक्स महिला सांसदों की बैठक और ब्रिक्स संसदों की अंतर्राष्ट्रीय मामलों की समितियों के अध्यक्षों की बैठक में शामिल होंगे। इन सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में महिलाओं, जलवायु संकट का सामना करने के लिए महिला सशक्तिकरण, और ब्रिक्स 2025 एजेंडा में महिला सांसदों की भूमिका जैसे विषयों-पर चर्चा होगी।
इसी प्रकार 4 जून को फोरम का आधिकारिक उद्घाटन समारोह होगा, जिसके बाद ‘वैश्विक स्वास्थ्य के लिए ब्रिक्स अंतर-संसदीय गठबंधन’ और ‘आर्थिक विकास के नए रास्तों की तलाश में ब्रिक्स संसदीय कार्रवाई’ जैसे विषयों पर कार्यसत्र आयोजित किए जाएंगे। 5 जून को ‘जलवायु और स्थिरता पर ब्रिक्स अंतर-संसदीय संवाद’, ‘जिम्मेदार और समावेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए अंतर-संसदीय सहयोग’, और ‘बहुपक्षीय शांति और सुरक्षा वास्तुकला के सुधार के लिए ब्रिक्स संसदै एकजुट’ पर केंद्रित चर्चाएं होंगी। फोरम का समापन ‘मजबूत और अधिक टिकाऊ ब्रिक्स अंतर-संसदीय सहयोग की ओर’ एक कार्यसत्र के साथ होगा, जिसके बाद अंतिम दस्तावेज़ को अपनाया जाएगा और समापन टिप्पणी की जाएगी।
यह भागीदारी वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है और ब्रिक्स देशों के बीच संसदीय सहयोग को बढ़ावा देने में सांसद बघेल की सक्रिय भूमिका को दर्शाती है। उक्त फोरम की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। सांसद विजय बघेल के अलावा उपसभापति राज्यसभा हरीवंश, राज्यसभा सांसद सुरेन्द्र सिंह नागर, सांसद विवेक ठाकुर, सांसद डॉ. साहबारी बायरेड्डी, लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह व महासचिव राज्यसभा पीसी मोदी ब्रिक्स पार्लियमेंन्ट्री ब्रासीलिया, ब्राजील में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने 'सावरकर सौरभ' स्मारिका का किया विमोचन
मुख्य सचिव IAS अमिताभ जैन को मिला 6 माह का एक्सटेंशन, जल्द जारी होगा आदेश
Raipur News: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को छह महीने का सेवा विस्तार देने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही वह अपने पद पर बने रहेंगे। हालांकि अभी तक इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जल्द ही इसकी पुष्टि हो सकती है।
21 जून 1965 को जन्मे अमिताभ जैन छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हैं। उनका जन्म अविभाजित दुर्ग जिले के दल्ली राजहरा में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भी दल्ली राजहरा से ही प्राप्त की। अविभाजित मध्यप्रदेश के हायर सेकेंडरी बोर्ड की 11वीं परीक्षा में वे टॉपर रहे।
बाद में उन्होंने भोपाल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की और फिर आईआईटी दिल्ली से सिस्टम मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की। वर्ष 1989 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने 21 अगस्त 1989 को सेवा ज्वाइन की। अमिताभ जैन छत्तीसगढ़ के 12वें मुख्य सचिव हैं और इस पद पर नियुक्त होने वाले तीसरे छत्तीसगढ़ मूल के अधिकारी हैं। वे इस पद पर राजेन्द्र प्रसाद मंडल के सेवानिवृत्त होने के बाद नियुक्त हुए थे।
वीर सावरकर का जीवन राष्ट्रभक्ति, आत्मबलिदान और वैचारिक दृढ़ता का प्रतीकः मुख्यमंत्री साय
Raipur News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री धरमलाल कौशिक एवं जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर का संपूर्ण जीवन मातृभूमि की सेवा और राष्ट्र के नवनिर्माण के लिए समर्पित था। वीर सावरकर न केवल आज़ादी की लड़ाई के अग्रणी योद्धा थे, बल्कि वे एक समाज सुधारक, इतिहासकार, लेखक और दूरदर्शी राजनेता भी थे। उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों के विरुद्ध आवाज़ उठाई और आधुनिक भारत के निर्माण की आधारशिला रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेल्युलर जेल में बिताए गए सावरकर जी के कठोरतम वर्ष उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और मानसिक दृढ़ता के प्रमाण हैं। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे वीर सावरकर के विचारों और जीवन मूल्यों से प्रेरणा लें और राष्ट्र सेवा को अपना परम कर्तव्य मानते हुए आगे बढ़ें। वीर सावरकर का जीवन हर भारतीय के लिए आत्मबलिदान, समर्पण और देशभक्ति की जीवंत मिसाल है।
युक्तियुक्तकरण से शिक्षा होगी बेहतर, समावेशी और प्रभावशालीः सीएम साय
Raipur News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने राज्य में कुल 10,463 शालाओं के युक्तियुक्तकरण का आदेश जारी किया है, जिसमें ई-संवर्ग की 5849 और टी-संवर्ग की 4614 शालाएं शामिल हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यह युक्तियुक्तकरण आदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के निर्देशों के अनुरूप है, जिसका मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संसाधनों का संतुलित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग का दूरदर्शी निर्णय स्कूल शिक्षा को बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को लेकर शिक्षा विभाग के निर्णय की सराहना करते हुए कहा है कि यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल शिक्षकों के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही परिसर में विभिन्न स्तरों के विद्यालयों का समायोजन, न केवल प्रशासनिक दृष्टि से उपयोगी है, बल्कि इससे शिक्षा की निरंतरता बनी रहेगी और छात्र ड्रॉपआउट की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी। इससे स्कूली वातावरण अधिक प्रभावशाली बनेगा और बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उठाया गया यह कदम छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने जानकारी दी कि शालाओं के युक्तियुक्तकरण अंतर्गत एक ही परिसर में संचालित 10,297 विद्यालयों को युक्तियुक्त किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में एक किलोमीटर के दायरे में स्थित 133 विद्यालयों और शहरी क्षेत्र में 500 मीटर के दायरे में स्थित 33 विद्यालयों को भी युक्तियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं में अब अतिशेष शिक्षकों की तैनाती संभव होगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सीधा सुधार देखने को मिलेगा। युक्तियुक्तकरण के कारण शिक्षकों की अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे अन्य जरूरतमंद शालाओं में भी संतुलन बन पाएगा। इस समायोजन से स्थापना व्यय में भी कमी आएगी, जिससे शैक्षणिक ढांचे पर अधिक निवेश संभव होगा।
तेज रफ्तार का कहर, मवेशी को रौंदते हुए सड़क पर पलटी कार, चालक फरार
रायपुर। न्यायधानी बिलासपुर में सोमवार की रात तेज रफ्तार कार ने पहले एक मवेशी को टक्कर मारी और फिर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में मवेशी की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कार चला रहा युवक नशे की हालत में था। हादसे के बाद वह कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गया।
यह दर्दनाक घटना तिफरा के पास नेशनल हाईवे पर हुई है, जो सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में आता है। फिलहाल पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश जारी है।
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने 28 नवीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
रायपुर। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने आज छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम परिसर, तेलीबांधा रायपुर में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में राज्य के 28 जिलों को नवीन बोलेरो वाहन की सौगात देने की साथ ही उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन नवीन वाहनों का उपयोग विभागीय अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं का फील्ड में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही किसान हितैषी कार्यक्रमोें की मॉनिटरिंग के लिए किया जाएगा। इस अवसर पर संचालक कृषि राहुल देव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में कई योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसका लाभ किसानों को मिले इसके लिए किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उनको इसका लाभ उठाने के लिए जागरूक किए जाने का काम विशेष रूप से किया जाएगा। किसान जागरूकता शिविरों में इस वाहन के माध्यम से विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम गांव-गांव पहुंचेगी और किसानों को उन्नत तकनीक और आधुनिक खेती की जानकारी देगी। जिलों को वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित होने से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी।
मंत्री नेताम ने बताया कि राज्य में मार्कफेड के डबल लॉक, सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर वर्तमान में कुल 3 लाख 90 हजार 840 मेट्रिक टन यूरिया, 86,046 मेट्रिक टन डीएपी, 1,14,539 मेट्रिक टन एनपीके, 67,640 मेट्रिक टन पोटाश तथा 1,89,539 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट उपलब्ध है। किसानों को समितियों और निजी क्षेत्रों के माध्यम से खाद का वितरण लगातार किया जा रहा है। अब तक किसानों को 84,661 मेट्रिक टन यूरिया, 27,045 मेट्रिक टन डीएपी, 18,809 मेट्रिक टन एनपीके, 10,359 मेट्रिक टन पोटाश तथा 27,381 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में विभिन्न प्रकार की 6,80,350 मेट्रिक टन रासायनिक खाद राज्य में किसानों के वितरण हेतु उपलब्ध है।
वट सावित्रीः महिलाओं ने पति के लंबी उम्र पूजा अर्चना
Raipur News: अपने पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने आज वट सावित्री का पूजन किया। यह दिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है इस दिन पतिव्रता सावित्री देवी के रूप में मनाया जाता है। राजधानी के लगभग सभी मोहल्लों में स्थित वट के वृक्ष के नीचे महिलाएं पूजा करती नजर आई।
इस दिन मृत्यु देव ने पतिव्रता सावित्री के पति की प्राण हरण करना चाहा लेकिन भारतीय नारी की प्रेम के आगे सावित्री ने यमदूत से अपने पति की जीवन वापस ले लिए। इस वजह से भारतीय नारी आज भी वट सावित्री की पूजा करती है, और अपने पति की दीर्घायु की कामना करती है।
वट सावित्री व्रत सौभाग्य और संतान सुख देने वाला व्रत है इस व्रत में वट और सावित्री दोनों का विशेष महत्व माना गया है पुराणों में पीपल की तरह वट वृक्ष की विशेष महता है।
गौ साधक रामजीलाल अग्रवाल का जीवन सभी समाजों के लिए रहा प्रेरणास्पद
Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी में अविभाजित मध्यप्रदेश से लेकर वर्तमान काल तक जिन-जिन व्यक्तित्वों को सामाजिक सफलता का प्रतीक माना गया, उनमें आदर्श उदाहरण रहे- रामजीलाल अग्रवाल। जीवन पर्यंत जिन्होंने पीड़ित मानवता के कल्याण की अपनी राह नहीं छोड़ी। टीबा बसाई झुंझनू, राजस्थान से आकर वे छत्तीसगढ़ के रायपुर में रच बस गए और इस माटी के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। आज 96 वें वर्ष उन्होंने अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर मोक्ष की यात्रा अंगीकार कर ली। ऋषि तुल्य गौ साधक रामजीलालजी ने जितना जीवन जीया वह केवल अग्रवाल सभा के लिए ही नहीं, अन्य समाजों के लिए भी प्रेरक बना रहा। एक व्यक्ति अपने जीवन में परिवार सहित समाज के कल्याण की खातिर किस हद तक सोच सकता है वे इसका अतुलनीय उदाहरण थे। सही मायनों में अनथक कर्म योगी। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान उन्हें वरिष्ठ समाजसेवी, गौसेवक के रूप में पहचानता था। अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय संरक्षक तो वे थे ही। इन सबके पहले एक विशाल कुटुम्ब को संभालने वाले आदर्श परिवार के मुखिया भी थे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पिता वरिष्ठ समाज सेवी, गौ सेवक, और अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय संरक्षक स्वर्गीय रामजीलाल अग्रवाल आज पंच तत्व में विलीन हो गए। उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। उनके पार्थिव शरीर को सर्वप्रथम मौहदापारा गौ आश्रम ले जाया गया, जहां गौ सेवकों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत उन्हें रामसागर पारा स्थित उनके पुराने निवास पर ले जाया गया, जहाँ स्थानीय नागरिकों ने भी नम आंखों से विदाई दी। इसके बाद अंतिम यात्रा मारवाड़ी श्मशान घाट पहुंची, जहाँ विधिपूर्वक उनका अंतिम संस्कार किया गया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, मंत्री रामविचार नेताम, टंकराम वर्मा, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, इंद्र कुमार साहू, अनुज शर्मा, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, भाजपा संगठन महामंत्री पवन साय पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, इंद्र देव राय, संतोष बाफना, विकास उपाध्याय, निगम मंडल आयोग के अध्यक्षगण, राजनीतिक, सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मन की बात में प्रधानमंत्री ने किया छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा का जिक्र
दुर्ग में लाइफस्टाइल क्लीनिक रोगों की रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य का नया माध्यम बना
Raipur News: रोगों की रोकथाम और जनस्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने आयुष मंत्रालय के अंतर्गत देशभर लाइफस्टाइल क्लीनिकों की स्थापना करने के लिए सराहनीय पहल की है। इसी के अंतर्गत अप्रैल माह में दुर्ग में मोहनलाल बाकलीवाल शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय में एक लाइफस्टाइल क्लीनिक का आरंभ किया गया। एक माह के अंदर ही इस क्लीनिक में मरीजों की भीड़ लगने लगी है।
राष्ट्रीय आयुष मिशन की एक समीक्षा बैठक रायपुर में हुई, उसके बाद केंद्रीय आयुष विभाग के अधिकारियों ने चुनिंदा पत्रकारों के साथ दुर्ग के इस मोहनलाल बाकलीवाल शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय को भेंट देकर उसके कार्यान्वयन की समीक्षा की।
इन अधिकारी एवं पत्रकारों को जानकारी देते हुए आयुष विभाग के सह निदेशक डाक्टर सुनील दास ने बताया कि, यह लाइफस्टाइल क्लीनिक मरीजों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। जहाँ मरीजों को आहार, दिनचर्या, योग अभ्यास और तनाव प्रबंधन तकनीकों के बारे में संरचित मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। प्रारंभिक लाभार्थियों ने अपने ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर में सुधार और संपूर्ण ऊर्जा व मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि, यह क्लीनिक विशेष रूप से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, थायरॉइड विकार, मोटापा, तनाव और जोड़ों के दर्द जैसे जीवनशैली जनित रोगों के उपचार हेतु आयुर्वेद, योग, आहार परामर्श और जीवनशैली प्रबंधन के माध्यम से सेवा प्रदान करता हैं
दास ने कहा कि, इस क्लिनिक में बुजुर्गों के अलावा युवा भी लक्षणीय मात्रा में आते है। बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण ये रोग आज युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली जहां केवल लक्षणों के उपचार पर केंद्रित होती है, वहीं यह लाइफस्टाइल क्लीनिक समग्र दृष्टिकोण अपनाता है, जो कि मूल कारण की पहचान, व्यक्तिगत जीवनशैली में बदलाव, प्राकृतिक उपचार और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर देता हैं। उन्होंने कहा कि, उपचार के लिए इस क्लीनिक में योग्य आयुर्वेद चिकित्सक, योग विशेषज्ञ और प्रशिक्षित परामर्शदाता नियुक्त किए गए हैं।
लाइफस्टाइल क्लीनिक आवश्यकता बताते हुए सहायक निदेशक डॉक्टर गजेंद्र बघेल ने कहा कि, इस क्लीनिक द्वारा बिना चीरफाड़ के सस्ता और प्रभावी इलाज किया जाता है, रोग होने से पहले ही बचाव पर बल दिया जाता है और दीर्घकालिक दवाओं पर की निर्भरता कम करने का प्रयास किया जाता है। निरंतर स्वास्थ्य अभ्यासों से जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने का तथापि आधुनिक परिवेश में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस समय इस क्लीनिक में उच्च रक्तचाप (Hypertension), टाइप 2 मधुमेह (Diabetes Mellitus), थायरॉइड विकार, मोटापा और मेटाबोलिक सिंड्रोम, तनाव, अनिद्रा और मानसिक रोग, जोड़ों का दर्द, गठिया व अन्य अस्थि-संवंधी समस्याएं पर उपचार होता है।
दुर्ग और नजदीक की जनता को आवाहन करते हुए डाक्टर सुनील दास ने कहा कि, जीवनशैली जनित बीमारियों से पीड़ित लोगों ने इस लाइफस्टाइल क्लीनिक में अवश्य जाना चाहिए और अपने जोखिम कारकों की जांच कर प्राकृतिक उपचार और स्वस्थ जीवन की ओर पहला कदम बढ़ाना चाहिए। लोग क्लीनिक के नियमित योग सत्रों, स्वास्थ्य शिविरों और परामर्श में भाग लेकर अपने दीर्घकालिक रोगों के खतरे को कम कर सकते हैं और स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि, आज जीवनशैली में छोटा सा बदलाव, कल एक रोगमुक्त जीवन की गारंटी बन सकता है।
रायपुर में चिन्हित किया गया कोरोना संक्रमित मरीज... स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
Raipur News: देश के कई इलाकों में कोरोना के बढ़ते संक्रमितों के बीच राजधानी रायपुर में संक्रमित मरीज़ चिन्हित किया गया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। कोरोना कंट्रोल एवं डिमांड सेंटर के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. खेमराज सोनवानी ने इस मामले की पुष्टि की है।
बता दें कि संक्रमित मरीज़ को MMI नारायणा हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है, जहाँ उसका इलाज कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है। मरीज को सिंगल वार्ड में रखा गया है और इलाज की अलग से विशेष व्यवस्था की गई है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मीनगर, पचपेड़ी नाका निवासी यह व्यक्ति सर्दी-खांसी के रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल पहुंचा था। लक्षणों के आधार पर डॉक्टरों को कोरोना की आशंका हुई, जिसके बाद उसका सैंपल लिया गया। रिपोर्ट पॉज़िटिव आने के बाद तुरंत उसे आइसोलेट कर इलाज शुरू कर दिया गया।
अस्पताल प्रबंधन ने भी मरीज के संक्रमित होने की पुष्टि की है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीज के परिजनों का सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, हाल के दिनों में मरीज़ के संपर्क में आए लोगों की ट्रैकिंग और स्क्रीनिंग की जा रही है।
गौर करने वाली बात यह है कि मरीज की किसी अन्य राज्य की यात्रा का कोई इतिहास नहीं है, जिससे यह संदेह गहरा रहा है कि संक्रमण स्थानीय स्तर पर फैला हो सकता है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे सावधानी बरतें, भीड़-भाड़ से बचें और यदि कोई लक्षण दिखें तो तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाँच कराएँ।
नौतपा के एक दिन पहले राजधानी में बारिश... शाम को भी हो सकती है बारिश
रायपुर के समाजसेवी और गोसेवक रामजीलाल अग्रवाल जी का निधन
रायपुर। राजधानी रायपुर के वरिष्ठ समाजसेवी और गोसेवक रामजीलाल अग्रवाल को 96 वर्ष की आय़ु में निधन हो गया। उनकी अंतिम यात्रा रविवार 25 मई को सुबह 10 बजे मौलश्री विहार, रायपुर से मारवाड़ी शमशान घाट के लिए निकलेगी। सामाजिक संस्था महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते सहित पूरी कार्यकारिणी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। काले ने कहा कि रामजी अग्रवाल समाजसेवा की बड़ी मिसाल है। जनसेवा के साथ गोसेवा के लिए उन्होंने बड़ा काम किया।
समाजसेवी रामजीलाल अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय संरक्षक थे। वे सावित्री देवी अग्रवाल, गोपालकृष्ण अग्रवाल, सांसद एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, अग्रवाल सभा रायपुर के अध्यक्ष विजय अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, यशवंत अग्रवाल के पिता, विष्णु अग्रवाल के भाई, पूरनलाल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, कैलाश अग्रवाल, अशोक अग्रवाल के चाचा एवं देवेंद्र अग्रवाल, गणेश अग्रवाल के ताऊजी थे।
श्री रामजीलाल अग्रवाल जी की अंतिम यात्रा 25 मई 2025 रविवार को सुबह 10 बजे रामजी वाटिका मौलश्री विहार, वि.आई.पी. रोड, रायपुर से निकलेगी। अंतिम संस्कार मारवाड़ी शमशान रायपुर घाट में संपन्न होगा। उनके निधन से राजनीतिक जगत, व्यापारियों और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है।
दुर्घटना में घायल मरीजों को डेढ़ लाख रुपए तक का मिलेगा निःशुल्क इलाज
Raipur News: सड़क दुर्घटना होने वाले पीडितों के लिए भारत सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम 2025 शुरू किया है। इसके बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि यह एक बेहद जनउपयोगी योजना है जिसमें सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ितों को नकदी रहित मुफ्त उपचार की व्यवस्था होगी। इसमें किसी भी पीड़ित परिवार को 7 दिन की अवधि के लिए आयुष्मान स्वास्थ्य योजना से संबद्ध हास्पिटल में डेढ़ लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त मिलेगा।
जायसवाल ने बताया कि ये निःशुल्क इलाज एक व्यक्ति के लिए डेढ़ लाख रुपए तक होगा। यानी अगर एक ही परिवार के दो व्यक्ति की दुर्घटना होती है तो 3 लाख तक, दुर्घटना में 3 लोग हताहत होते हैं तो 4.5 लाख तक मुफ्त इलाज हो सकेगा। इसमें वे सभी हास्पिटल शामिल होंगे, जिन्हें आयुष्मान योजना के तहत शामिल किया गया है। यानी आयुष्मान योजना के अंतर्गत पंजीकृति किसी भी अस्पताल में नई योजना के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति सात दिन तक डेढ़ लाख रुपए तक का का निः शुल्क इलाज के लिए पात्र होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि अगर किसी की दुर्घटना होती है और उसे नजदीकी आयुष्मान योजना संबद्ध हास्पिटल में ले जाया जाता है, लेकिन वहां भी इलाज के संसाधन नहीं हैं या स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं है, तो वह हास्पिटल तुरंत दूसरे अस्पताल में केस भेजेगा और पोर्टल में इसे अपडेट करेगा ताकि विशेषज्ञ वाली जगह में तुरंत इलाज शुरू हो सके। जायसवाल ने कहा कि अभी ट्रामा और पॉलीट्रामा के अंतर्गत कुछ और सक्षम हास्पिटल को इस योजना के तहत शामिल किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके। इसके लिए सभी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस जन हितकारी और महत्वपूर्ण योजना को राज्य में तत्काल प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा को धन्यवाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया है।