‘भुलाबाई’ अर्थात साक्षात मां पार्वती के सुंदर भजनों से मां शारदा की स्तुति
2024-10-16 02:13 PM
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- तात्यापारा हनुमान मंदिर में द्वादशी के दिन की गई मां शारदा की स्थापना
- 16 अक्टूबर को कोजागिरी के उपलक्ष्य पर मां की प्रतिमा का किया गया विसर्जन

रायपुर। तात्यापारा स्थित श्री हनुमान मंदिर में मंदिर समिति के पदाधिकारियों की ओऱ से तीन दिवसीय मां शारदा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर 14 अक्टूबर को द्वादशी के दिन मां की प्रतिमा स्थापित की गई और पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। भुलाबाई क भजनों और गीतों का गायन कर मां शारदा की स्तुति की गई। वहीं वहीं 16 अक्टूबर को कोजागिरी के अवसर पर पूजा अर्चना के बाद मां को विदाई दी गई।

मंदिर समिति की नमिता शेष ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन पूरे धूमधाम से संपन्न हुआ। इस दौरान भुलाबाई के भजनों से मां की स्तुति की गई। उन्होंने बताया कि भुलाबाई का अर्थ है पार्वती, जगन्माता आदिप्रशक्ति। भूमि की तरह रचनात्मक, वह मां भुवनेश्वरी हैं, इस भूमि की रचनात्मकता का उत्सव हैं। ऐसा माना जाता है कि पार्वती भीलिनी के रूप में अपने पति शिव शंकर महादेव के साथ महेरी आती हैं और महेरी के लोगों से मिलती हैं और अपने आगमन से पूरे माहौल को जीवंत कर देती हैं। बेटी के आगमन पर माता-पिता और सभी महेरी बहुत खुश होते हैं उसके लिए इसे एक त्यौहार की तरह मनाते हैं और तरह-तरह के व्यंजन और खेल खेलते हैं।


