रायपुर
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर ओलम्पिक 2024 के लोगो और मस्कट का किया अनावरण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में बस्तर ओलंपिक 2024 के लोगो (प्रतीक चिन्ह) और मस्कट (शुभंकर) का अनावरण किया। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के दो प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बस्तर क्षेत्र के युवाओं को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने, बस्तर की खेल प्रतिभाओं को सामने लाने और बस्तर की जनता का शासन से मजबूत संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से 5 नवंबर से 10 दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक 2024 का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों से खिलाड़ियों के रहने, भोजन, सुरक्षा और चिकित्सा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को बस्तर में पिछले 9-10 माह में शांति स्थापित करने में काफी हद तक सफलता मिली है, इसमें केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन युवाओं को समाज और विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बस्तर में खेल काफी लोकप्रिय हैं यही कारण है कि ओलंपिक खेलों के लिए अपेक्षा से अधिक 1 लाख 65 हजार से अधिक लोगों ने अपना पंजीयन कराया है, जो यह दर्शाता है कि इस क्षेत्र के लोग भी शांति चाहते हैं और विकास की मुख्य धारा से जुड़ना चाहते हैं। बस्तर के संवेदनशील क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में महिला-पुरूषों ने पंजीयन कराया है। इसमें महिलाओं और पुरुषों की संख्या लगभग बराबर है। महिलाएं भी विकास की मुख्य धारा में शामिल होना चाहती हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन उसकी गरिमा के अनुसार भव्यता के साथ किया जाए। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इन खेलों में अधिक से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुसार बस्तर को नई दिशा देने के उद्देश्य से इसका आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने गोवर्धन पूजा पर की गौ वंश की पूजा... गुड़ और खिचड़ी खिलाकर व्यक्त की अपनी कृतज्ञता
बृहस्पति के उपग्रह यूरोपा में पहुंचेंगें : जशपुर के 30 बच्चों के नाम
यूरोपा क्लीपर स्पेसक्राफ्ट के साथ अंतरिक्ष यात्रा पर चले बच्चों के नाम
2030 को यूरोपा क्लीपर पहुंचेगा बृहस्पति के उपग्रह यूरोपा पर
डेस्क | सोमवार को अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा के द्वारा फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर यूरोपा क्लीपर नामक अंतरिक्ष यान बृहस्पति और उसके चंद्रमा यूरोपा के लिए रवाना हुआ। यह अंतरिक्ष यान पृथ्वी से परे जीवन की तलाश के लिए बृहस्पति के उपग्रह यूरोपा की बर्फीली परत के नीचे जमे हुए महासागर तल पर प्रकाश डालेगा।

बृहस्पति के 95 ज्ञात उपग्रहों में से एक यूरोपा के लिए जब इस अंतरिक्ष यान ने उड़ान भरी तो अपने साथ सिलिकॉन चिप में 26 लाख लोगों के सपनों को भी अपने साथ अंतरिक्ष में लेकर उड़ा। जहां यूरोपा क्लीपर में रखे सिलिकॉन चिप में 26 लाख लोगों के नामों के साथ जशपुर जिले के भी 30 बच्चों, शिक्षकों एवं जशपुर के निवर्तमान जिलाधीश डॉ. रवि मित्तल का नाम भी अपने साथ लेकर ऊँचाइयों को छूता गया।

इस संबंध में नवसंकल्प शिक्षण संस्थान के विषय विशेषज्ञ विवेक पाठक ने बताया कि नासा के अंतरिक्ष यान यूरोपा क्लीपर के साथ जशपुर के बच्चों के नाम भी अंतरिक्ष यान के साथ बृहस्पति के उपग्रह यूरोपा की यात्रा पर निकल गए हैं। इसके द्वारा जिला प्रशासन का प्रयास है कि बच्चों को अधिक से अधिक विज्ञान विषय के प्रति रुचि बढ़ा कर उन्हें विज्ञान के अनुप्रयोगों के लिए प्रेरित करना है एवं उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान के अदभुत ज्ञान प्रति जागरूक करना है। इससे पहले भी परसिविएन्स रोवर के माध्यम से अंतरिक्ष यान के द्वारा जिले के सैंकड़ों बच्चों के नामों को सिलिकॉन चिप द्वारा मंगल ग्रह पर भेजा गया था। ज्ञात हो कि यूरोपा क्लिपर अगले वर्ष की शुरुआत में मंगल ग्रह से निकट से गुजरेगा और फिर 2026 के अंत में पृथ्वी के निकट से गुजरते हुए 2030 में बृहस्पति के चंद्रमा यूरोपा पर पहुंचेगा।
इस संबंध में गम्हरिया की छात्रा आकांक्षा तिर्की ने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि मैं और मेरे साथियों का नाम अब अंतरिक्ष में बृहस्पति ग्रह के उपग्रह यूरोपा तक पहुंच रहा है। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारा नाम भी अंतरिक्ष में पहुंच पायेगा। हमारे नाम के साथ हमें महसूस हो रहा है जैसे हम भी अंतरिक्ष में पहुंच गए है। हम इस पहल के लिये मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हैं जो हमें ये अवसर दिया।
छात्रा प्रीति निराला ने कहा कि हम तो आज तक जमीन से टेलीस्कोप के द्वारा बृहस्पति को देखा था अब जब भी आसमान में बृहस्पति को देखेंगे तो सभी को गर्व से बताएंगे कि यहां से 290 करोड़ किमी दूर भी हमारा नाम बृहस्पति के यूरोपा उपग्रह पर जा चुका है। इसके लिए हम छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन के आभारी हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भावभीनी विदाई
राष्ट्रपति मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुए चार संस्थानों के दीक्षांत समारोह
रायपुर | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के बाद आज शाम विशेष विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना हुईं। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, डीजीपी अशोक जुनेजा ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 25 एवं 26 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर आई थीं। इस दौरान वे रायपुर एवं दुर्ग जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुईं। राष्ट्रपति मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में 04 उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों के दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुए, जिसमें एम्स रायपुर एनआईटी रायपुर, आईआईटी भिलाई तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ममोरियल हेल्थ साइंस एवं आयुष यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ नवा रायपुर का दीक्षांत समारोह शामिल है।
नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मु के करकमलों से महतारी वंदन योजना की 70 लाख लाभार्थी महिलाओं को दीपावली से पूर्व छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से एक-एक हजार रूपए की आथिक सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित हुई। महिलाओं की सशक्तिकरण एवं आर्थिक स्वावलंबन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा यह अभिनव योजना मार्च 2024 से संचालित की जा रही है। इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 मार्च 2024 को वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से किया था। इस योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को अब तक 9 किस्तों में 5878 करोड़ 37 लाख रूपए आर्थिक मदद दी जा चुकी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस दौरान महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से आत्मीय चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने पुरखौती मुक्तांगन में सरगुजा प्र्रखंड का लोकार्पण भी किया।
छत्तीसगढ़ के समाजवादी विचारक एवं हित चिंतक विषयक पुस्तक का डॉ. रमन सिंह द्वारा विमोचन
रायपुर | विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा दुर्गा महाविद्यालय रायपुर के अध्यापक डॉ. सुभाष चंद्राकर द्वारा लिखित उक्त पुस्तक का आज विमोचन किया गया डॉ. चंद्राकर द्वारा विमोचन समारोह में पुस्तक का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया गया उन्होंने बताया कि प्रस्तुत पुस्तक में छत्तीसगढ़ के उन महान सामाजिक एवं राजनीतिक नेताओं के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है जिन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, छत्तीसगढ़ के आचार विचार को संवारने का कार्य किया है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पुस्तक में उल्लेखित महापुरुषों के योगदान पर अपने विचार व्यक्त किया उन्होंने ठाकुर प्यारेलाल सिंह पर बोलते हुए कहा कि वह स्वयं ठाकुर प्यारेलाल सिंह के जीवन दर्शन से प्रभावित रहे हैं उन्होंने मध्य प्रांत में नेता प्रतिपक्ष के रूप में ठाकुर प्यारेलाल सिंह की ऐतिहासिक भूमिका की सराहना की। उन्होंने पुस्तक के लेखक को शुभकामनाएं दी एवं कहां कि वे पुस्तक को पढ़कर अपना विचार उन्हें बताएंगे ! विमोचन समारोह में डॉ. अजय शर्मा प्रांतीय अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ, प्रांतीय कोषाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र शुक्ला, डॉ. अजय चंद्राकर विभाग अध्यक्ष राजनीति विज्ञान |
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुख्यमंत्री निवास में रोपा बेल का पौधा
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आमंत्रण पर उनके नवा रायपुर स्थित निवास पहुंची | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने निवास परिसर में बेल का पौधा रोपा। उनके साथ राज्यपाल रमेन डेका ने आंवला का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय, उप मुख्यमंत्री अरूण साव भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
करमा नर्तक दलों के बीच पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया |

इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु के स्वागत में जशपुर जिले से आए करमा नर्तक दल ने मनमोहक शैली में नृत्य प्रस्तुत किया। इन मंजे हुए कलाकारों की मांदर की थाप पर लयबद्ध प्रस्तुति देखकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने करमा नर्तक दलों के बीच पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया और उनके साथ फोटो खिंचवाई।
बर्ड कोलकाता ने छत्तीसगढ़ में आयोजित किये तीन दिवसीय प्रशिक्षण
रायपुर | बैंकर ग्रामीण विकास संस्थान ( बर्ड)कोलकाता द्वाराछत्तीसगढ़ सहकारी प्रशिक्षण संस्थान पंडरी रायपुर में प्रदेश के कोआपरेटिव्ह बैंको के अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण सत्र का समापन दिनाँक 25.10.2024 को किया गया।समापन अवसर पर मुख्य अतिथि नाबार्ड महाप्रबंधक शीतांशु शेखर एवं अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक के एन कांडे तथा उप महाप्रबंधक अपेक्स बैंक व छत्तीसगढ़ सहकारी प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक भूपेश चंद्रवंशी उपस्थित रहे।

नाबार्ड महाप्रबंधक शीतांशु शेखर ने प्रतिभागियों को संबोधित हुए कहा कि भारत सरकार के निर्देशन में वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाना है। देश के आर्थिक विकास का आधार सहकारिता है। विकसित राष्ट्र बनाने में सहकारिता की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। शीतांशु शेखर ने कहा ग्रामीण इलाकों में कृषिगत व्यवसाय को आजीविका मिशन से जोड़ना है। तथा लोगो के तकनीकी कौशल का विकास किया जाना है। ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूह, फार्मर प्रोड्यूस आर्गेनाजर तथा राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जोड़ना है, जिससे कि वह आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बन सके। ग्रामीण संसाधनों की स्थानीय उपलब्धता अनुसार बिजनेश डाइवर्शिफाय करना है। मृदा व जल संरक्षण के लिए वाटरशेड का प्रशिक्षण आवश्यक है। पोल्ट्री एवं बकरी पालन को प्रोत्साहित किया जावे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैंकिंग में कंप्लायंस, साइबर सिक्युरिटी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक के एन कांडे ने प्रशिक्षण में आये प्रतिभागियों से कहा कि हमे भारत सरकार के “सहकार से समृद्धि ” की योजनाओं का क्रियांवयन ग्रामीणों के आर्थिक तथा सामाजिक उत्थान के लिए किया जाना है। समितियो से सभी किसानों को जोड़ते हुए सदस्यता वृद्धि किया जावे एवं उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया जाए। ग्रामीण किसानों को ब्याज मुक्त कृषि ऋण तथा डेयरी व उद्यानिकी फसलों की योजनाओं का लाभ दिया जाए। प्रशिक्षण सत्र के दूसरे दिन दिनाँक 24.10.2024 को गोड़बहाल (पिथौरा ) का फील्ड विजिट किया गया। गोड़बहाल में आजीविका मिशन के डेयरी यूनिट, फ्लाईएस ब्रिक्स ईट निर्माण तथा मिट्टी कला का अवलोकन तथा अध्ययन किया गया।
इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान अपेक्स बैंक महाप्रबंधक युगल किशोर, बैंकर ग्रामीण विकास संस्थान के कार्यक्रम निदेशक एस पाल, सुरेश शुक्ला निदान सेवा परिषद महासमुंद, अपेक्स बैंक एजीएम अजय भगत, छत्तीसगढ़ सहकारी प्रशिक्षण संस्थान के उप निदेशक ए. के.लहरे, प्रशासनिक अधिकारी विमल सिंह व प्रशिक्षण प्रतिभागीगण उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के समक्ष आदिवासियों ने पारंपरिक वेशभूषा में प्रसिद्ध लोकनृत्य का किया प्रदर्शन
रायपुर | भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मृर्मु को अपने बीच पाकर छत्तीसगढ़ के लोग हमेशा गौरवान्वित होते हैं, विशेष रूप से यहां के जनजातीय समाज स्वयं को बहुत प्रतिष्ठित महसूस कर रहा है।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, लोकसभा क्षेत्र रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक खुशवंत साहेब एवं रोहित साहू उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के गौरवशाली ‘पुरखौती मुक्तांगन‘ में आयोजित सरगुजा प्रखण्ड के लोकार्पण और महतारी वंदन की 9 वीं किस्त की राशि के अंतरण के अवसर पर छत्तीसगढ के आदिवासी समुदाय के लोगों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों के लोग अपनी जीवन-पद्धति, खान-पान, लोक-नृत्य, लोक-संगीत, लोकवाद्यों, कलाओं रीति-रिवाजों, तीज-त्यौहारों, अस्थाओं और अन्य आदिम परंपराओं को सहेज कर रखा है। नर्तक दलों ने अपने नृत्य के माध्यम से बताया कि जनजातीय समाज के गौरव और आत्मसम्मान को बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। जनजातीय समाज का कल्याण करने सरकार प्रतिबद्ध है।
छत्तीसगढ़ के गौरवशाली ‘पुरखौती मुक्तांगन‘ में भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपने बीच पाकर हमारे छत्तीसगढ के आदिवासी समुदाय के लोगों ने अपनी पहचान नृत्य के माध्यम में प्रस्तुत की। जिला सरगुजा, विकासखण्ड मैनपाट के ग्रमा डांगबुड़ा के नर्तक दल ने सरगुजा संभाग के आदिवासियों के प्रसिद्ध लोकनृत्य करमा का पुरूष पारंपरिक वेशभूषा में धोती, कुर्ता, पगड़ी, मयूरपंख सहित और महिलाएं साड़ी- ब्लाउज के साथ पैर में घुंघरू पहनकर मांदर और झांझ बजाते हुए नृत्य का प्रदर्शन किए। करमा नृत्य लगभग हर खुशी के अवसर पर किया जाता है।
इसी प्रकार दंतेवाडा जिला के विपकासखण्ड गीदम के ग्राम जोड़तराई के नर्तकदल ने गौर नृत्य कर पारंपरिक बस्तर के विभिन्न त्यौहारों के जैसे- अमुस तिहार, नवाखाई आमा पण्डुम, शादी-विवाह आदि में महिलाओं और पुरूषों के द्वारा मिलकर सामुहिक रूप से पांरपरिक तरीके से नृत्य का प्रदर्शन किए।
जिला जशपुर के विकासखण्ड कांसाबेल के ग्राम टाटीडांड के नर्तकों ने करमा अपने नृत्य के माध्यम से बताया कि करमा दशहरा के चार दिन बाद गाड़ते हैं, शाम को करम डगाल काटकर गाड़तें हैं और रातभर करमा नृत्य करते हैं । यही राजी करमा के नाम से भी जाना जाता है। इस करमा को बड़े घुमघाम से मनाया जाता है। इसी प्राकर दीपावली करमा दीपावली के दिन शाम को करम पेड से डगाल काटकर गाडते हैं और और रातभर करमा नृत्य करते हुए सुबह विसर्जन करते हैं। इस करमा में गोवर्धन पूजा, लक्ष्मी पूजा भी करते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, प्रमुख सचिव आदिम जाति एवं कल्याण विभाग सोनमणि बोरा एवं प्रमुख सचिव संस्कृति अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द, आयुक्त आदिवासी विकास नरेंद्र दुग्गा, संचालक पुरातत्व एवं संस्कृति विवेक आचार्य भी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महतारी वंदन योजना की 9वीं किश्त जारी की
रायपुर | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना की 9वीं किश्त का अंतरण किया। इस योजना के तहत दीवाली से पहले राज्य की 69 लाख 68 हजार लाभार्थी महिलाओं के बैंक खाते में एक-एक हजार रूपए के मान से कुल 651 करोड़ 37 लाख रुपए की राशि ऑनलाईन अंतरित की गई। योजना के तहत अब तक राज्य की महिलाओं को कुल 5878 करोड़ 37 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, लोकसभा क्षेत्र रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक खुशवंत साहेब एवं रोहित साहू उपस्थित थे।
राष्ट्रपति मुर्मु ने इस मौके पर महतारी वंदन योजना के हितग्राही ममता कश्यप और सत्यवती ध्रुव से इस योजना के लाभ के बारे में चर्चा की। महतारी वंदन योजना के राशि वितरण के इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों जैसे रायपुर, धमतरी, गरियाबंद, बस्तर और सरगुजा से पारंपरिक वेशभूषा में लगभग 120 महिलाएं आयी थीं।
राष्ट्रपति मुर्मु से बातचीत के दौरान ममता कश्यप और सत्यवती धु्रव ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिली राशि से वो अपने बच्चों को लिए राशन खरीदने के साथ ही उनकी जरूरत का अन्य सामान खरीदने के लिए उपयोग करती है। राष्ट्रपति मुर्मु ने उन्हें शासन की ओर से मिलने वाली मदद का लाभ उठाकर अपने बच्चों को खूब पढ़ाने-लिखाने और उन्हें अफसर बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब बच्चे पढ़ेंगे, तभी परिवार और समाज आगे बढ़ेगा।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना का शुभारंभ एक मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत 21 वर्ष से अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को एक-एक हजार रूपए की मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से बात करना मेरे जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है। मुझे देश की प्रथम महिला से बात करने का अवसर मिला, यह मेरा सौभाग्य है। ये कहना है बस्तर से पहुंची ममता कश्यप का। ममता बस्तर क्षेत्र की एक आदिवासी महिला है और महतारी वंदन योजना की हितग्राही है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना से मुझे आर्थिक सुरक्षा का अहसास होता है। हर महीने मुझे मोबाइल में नोटिफिकेशन का इंतजार रहता है। इस बार मिली राशि से मैं दीवाली में बच्चों के लिए कपड़े और मिठाई खरीदूँगी। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा कक्षा नवमी मे पढता है। मैं इस राशि का उपयोग उसकी ट्यूशन फीस देने मे करती हूँ। उन्होंने बताया कि मेरे परिवार मे कुल पांच लोग है। दो एकड़ खेती है। रोजी मजदूरी के साथ जीवन चल रहा है। ऐसे मे महतारी वंदन योजना से हर महीने एक हजार रूपए मिलना, बहुत ही सुखद और राहत देने वाला होता है। उन्होंने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक मदद देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, प्रमुख सचिव आदिम जाति एवं कल्याण विभाग सोनमणि बोरा एवं प्रमुख सचिव संस्कृति अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द, आयुक्त आदिवासी विकास नरेंद्र दुग्गा, संचालक पुरातत्व एवं संस्कृति विवेक आचार्य भी उपस्थित थे।
राज्य बिजली घरों के लिए सूचना सुरक्षा व साइबर आपदा प्रबंधन योजना को मंजूरी
चिकित्सक हमेशा मानवीय मूल्यों के साथ कार्य करें : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
चिकित्सक हमेशा मानवीय मूल्यों के साथ कार्य करें
जनकल्याण के लिए हो आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग : राष्ट्रपति
रायपुर एम्स छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा के लिए वरदान : राज्यपाल रमेन डेका
छत्तीसगढ़, मध्य भारत का मेडिकल हब बनने की ओर अग्रसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का द्वितीय दीक्षांत समारोह

रायपुर | राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने आज एम्स रायपुर के द्वितीय दीक्षांत समारोह में संस्थान के 10 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं पदोपाधि तथा 514 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रोफेशनल का कार्य अत्यंत जिम्मेदारी भरा होता है, उनके निर्णय जीवन रक्षा से जुड़े होते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां से उत्तीर्ण चिकित्सक एवं पैरा मेडिकल छात्र इस जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व का निर्वहन पूरी तन्मयता और क्षमता के साथ करेंगे। उन्होंने उपाधि एवं पदोपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देेते हुए उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. जॉर्ज ए डिसूजा, एम्स के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल सहित एम्स रायपुर के चिकित्सक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि जब आप सबने मेडिकल को अपना कार्यक्षेत्र चुना होगा, तो आपके मन में दया और संवेदना का भाव रहा होगा। आपको यह हमेशा याद रखना होगा कि दया, करूणा, संवेदना मानवीय मूल्य को मजबूत बनाते हैं। इसलिए हमेशा अपने कार्य क्षेत्र में इन जीवन मूल्यों के साथ कार्य करें।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत सरकार देश के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए प्रयास कर रही है। पिछले एक दशक में देशवासियों को यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड प्रदान करने के लिए अनेक कदम उठाए गए। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाई उपलब्ध हो रही है। पिछले 10 वर्षों में मेडिकल कॉलेज, एमबीबीएस और पीजी की सीटों में भी बढ़ोतरी हुई है। नए एम्स भी स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के साथ-साथ कुपोषण को दूर करने तथा सिकलसेल क्लिनिक का संचालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिकतम टेक्नोलॉजी का उपयोग जनकल्याण के लिए किया जाना चाहिए। एम्स रायपुर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चलित क्लीनिकल डिसीज और सपोर्ट सिस्टम पर भी कार्य कर रहा है। इससे दूर दराज के क्षेत्र के डॉक्टरों को आपातकालीन स्थितियों में रियल टाइम मदद तथा सामुदायिक स्वास्थ्य में सुधार होगा। हमने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। आपके कार्य विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर सभी स्नातक छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उनके सफल करियर की कामना की। उन्होंने कहा कि आज से आप, लोगों के लिए आशा की किरण होंगे। उन्होंने एम्स रायपुर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संस्थान ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूरे देश में स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त की है। एम्स रायपुर का 2024 में राष्ट्रीय रैंकिंग में 38वां स्थान प्राप्त करना इसकी एक मिसाल है। इस संस्थान ने छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश के लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने का कार्य किया है। कोविड-19 महामारी के दौरान यहां के मरीजों को मिले उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की भी उन्होंने प्रशंसा की। राज्यपाल ने आयुष्मान भारत योजना जैसी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की सराहना की और कहा कि इस योजना ने संस्थान की गरिमा को और बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है। राज्य में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भर्तियां बड़े पैमाने पर की जा रही हैं। अस्पताल भवनों को बेहतर बनाया जा रहा है। आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था भी की जा रही है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर और सिम्स बिलासपुर में भवन विस्तार तथा सुविधाओं का विकास शुरू कर दिया गया है। प्रदेश के 4 नये मेडिकल कॉलेजों के भवनों के निर्माण के लिए 1020 करोड़ 60 लाख रुपए का प्रावधान कर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी में भी कराने का निर्णय लिया है, इससे विशेष रूप ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का मेडिकल हब बनाने में अपना योगदान देने के लिए हमारे शासकीय अस्पताल भी पूरी तरह तैयार हैं। हम राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को दुर्गम क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. जॉर्ज ए डिसूजा ने स्वागत भाषण तथा कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल ने एम्स रायपुर का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की राज्योत्सव की तैयारियों की समीक्षा : नवा रायपुर में 4 से 6 नवंबर तक होगा राज्योत्सव का आयोजन
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में राज्योत्सव 2024 की तैयारियों की समीक्षा की। नया रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल पर 4 से 6 नवंबर तक राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री की अपील : प्रदेशवासी राज्योत्सव के अवसर पर अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित कर दीपोत्सव के साथ राज्योत्सव मनाएं |

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से राज्योत्सव के अवसर पर 1 नवंबर को अपने -अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित कर दीपोत्सव के साथ राज्योत्सव उत्सव मनाने की अपील की है। राज्योत्सव के अवसर पर नवा रायपुर, अटलनगर में 10 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी शहरों और गांव में नागरिकों से 1 नवंबर की शाम को अपने-अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित करने की अपील की है।
आम जनता के लिए राज्योत्सव स्थल तक आने जाने के लिए बस की सुविधा उपलब्ध रहेगी |
नया रायपुर के राज्योत्सव स्थल तक आने जाने के लिए आम जनता को परिवहन की सुविधा रियायती दर पर उपलब्ध कराई जाएगी। राज्योत्सव के दौरान आयोजन स्थल पर प्रत्येक दिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सांस्कृतिक संध्या में 4 नवंबर को बॉलीवुड सिंगर श्री शांतनु मुखर्जी (शान) का कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
5 नवंबर को बॉलीवुड सिंगर नीति मोहन का कार्यक्रम होगा।
6 नवंबर की शाम को इंडियन आइडल विजेता पवनदीप और अरुनिदिता का कार्यक्रम मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा।
राज्योत्सव के आखिरी दिन 6 नवंबर को राज्य अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा।
राज्योत्सव स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रमुख विभागीय योजनाओं पर केंद्रित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। निजी संस्थानों और पीएसयू संस्थानों के लिए भी हैंगर बनाया जाएगा। कृषि और जल संसाधन विभाग द्वारा भी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में विभागों की नई योजनाएं प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी।
राज्योत्सव आयोजन स्थल पर शिल्पग्राम, फूड कोर्ट भी बनाया जाएगा। यहां ट्राइबल फूड भी उपलब्ध होगा। बच्चों के लिए फन पार्क भी बनाया जाएगा जहां विभिन्न झूले होंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री के कृषि एवं नीति सलाहकार धीरेन्द्र तिवारी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानंद और राहुल भगत, संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी. संचालक विवेक आचार्य सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दो दिवसीय प्रवास पर आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंची
राष्ट्रपति मुर्मु के हाथों जारी होगी महिलाओं को दीवाली से पहले 1000-1000 रुपये की राशि

हवाई यात्रियों के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी : दो दिवसीय रायपुर प्रवास पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म का दो दिवसीय रायपुर प्रवास : दौरान हवाई यात्रियों के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई
रायपुर | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म 25 और 26 अक्टूबर 2024 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के प्रवास पर रहने वाली हैं | इस दौरान हवाई यात्रियों के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म विशेष विमान से 25 अक्टूबर की सुबह 11:00 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, माना पहुंचेंगी | वे विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद 26 अक्टूबर को शाम 16:30 बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी | इस दौरान सभी यात्रियों से अपनी फ्लाइट के निर्धारित समय से कम से कम 2 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचने की अपील की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

25 अक्टूबर को आने वाले विमान
इंडिगो 6E 6797 (चेन्नई-रायपुर) 10:15 बजे
इंडिगो 6E 6467 (हैदराबाद-रायपुर) 10:50 बजे
इंडिगो 6E 7302 (भोपाल-रायपुर) 11:25 बजे
25 अक्टूबर को जाने वाले विमान
इंडिगो 6E 6895 (रायपुर-पूणे) 11:00 बजे
इंडिगो 6E 473 (रायपुर-हैदराबाद) 11:20 बजे
इंडिगो 6E 7302 (रायपुर-प्रयागराज) 12:00 बजे
इंडिगो 6E 0406 (रायपुर-बैंगलोर) 12:30 बजे
26 अक्टूबर को महत्वपूर्ण निर्देश
26 अक्टूबर को 17:00 बजे से 19:00 बजे तक फ्लाइट में यात्रा करने वाले यात्रियों से अनुरोध है कि वे एयरपोर्ट 2 घंटे पहले पहुँचें | पार्किंग की व्यवस्था पुराना टर्मिनल की ओर की गई है।
26 अक्टूबर को आने वाले विमान
इंडिगो 6E 2723 (मुंबई-रायपुर) 17:05 बजे
इंडिगो 6E 7795 (जगदलपुर-रायपुर) 17:25 बजे
इंडिगो 6E 417 (कोलकाता-रायपुर) 18:00 बजे
इंडिगो 6E 813 (इंदौर-रायपुर) 18:15 बजे
इंडिगो 6E 2092/262P (दिल्ली-रायपुर) 18:20 बजे
26 अक्टूबर को जाने वाले विमान
इंडिगो 6E 5191 (रायपुर-मुंबई) 17:35 बजे
इंडिगो 6E 7795 (रायपुर-दिल्ली) 17:55 बजे
इंडिगो 6E 801 (रायपुर-कोलकाता) 18:30 बजे
इंडिगो 6E 885 (रायपुर-गोवा) 18:45 बजे
इंडिगो 6E 2362 (रायपुर-दिल्ली) 19:00 बजे
आज रात ओडिशा से टकराएगा ‘दाना’… छत्तीसगढ़ में दिखेगा असर, बस्तर में अलर्ट
रायपुर। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘दाना’ 24 अक्टूबर की देर रात करीब 2 बजे ओडिशा के तट से टकराएगा। इसका असर पश्चिम बंगाल पर भी होगा। तटीय इलाकों में इस वक्त 70kmph की रफ्तार से हवा चल रही है। दक्षिण और उत्तर छत्तीसगढ़ में 25 और 26 अक्टूबर को देखने को मिलेगा।

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि गुरुवार को एक चक्रवाती तूफान दाना ओडिशा और पश्चिम बंगाल की खाड़ी में तब्दील होने की प्रबल संभावना है, लेकिन इसका ज्यादा असर छत्तीसगढ़ में फिलहाल देखने को नहीं मिलेगा। इतना जरूर है कि इसकी वजह से दक्षिण छत्तीसगढ़, मध्य छत्तीसगढ़ और उत्तर छत्तीसगढ़ में 25 और 26 अक्टूबर को बारिश होगी।
तूफान ओडिशा में भितरकनिका नेशनल पार्क और धामरा पोर्ट के पास लैंड करेगा। भुवनेश्वर मौसम केंद्र के मुताबिक लैंडफॉल प्रोसेस 5 घंटे चलेगी। तूफान 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ओडिशा के उत्तरी हिस्से से गुजरेगा। तटीय इलाकों पर 20 सेमी बारिश हो सकती है। भद्रक, केंद्रपाड़ा सहित कुछ स्थानों पर 30 सेमी यानी 12 इंच (एक फुट) से ज्यादा बारिश हो सकती है। ओडिशा के 14 जिलों में 10 लाख लोगों को शिफ्ट किया गया है।
भुवनेश्वर और कोलकाता एयरपोर्ट पर गुरुवार शाम 5 बजे से 25 अक्टूबर सुबह 9 बजे तक 16 घंटे करीब 300 फ्लाइट्स कैंसिल रहेंगी। इधर साउथ ईस्ट रेलवे ने 150, ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 198, ईस्टर्न रेलवे ने 190 और साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने 14 ट्रेनें रद्द कर दी हैं। कुल 552 ट्रेनें रद्द की गई हैं।