रायपुर
बिजली कर्मियों का दीवाली पूर्व 12 हजार का बोनस... 375 इंजीनियरों को मिला नियुक्ति पत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चयनित कनिष्ठ यंत्रियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। उन्होंने विद्युत कर्मियों को 12 हजार रूपये तक बोनस/एक्सग्रेसिया दीपावली के पूर्व देने की घोषणा की। साथ ही ‘मेरा घर-पीएम सूर्यघर‘ जनजागरण अभियान की शुरूआत की। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में वर्ष 2027 तक 5 लाख घरों में रूफटाप सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली का यह त्यौहार रोशनी का त्यौहार है, रोशनी बांटने का त्यौहार है, और विद्युत कर्मियों से बढ़कर भला ‘‘रोशनी बांटने वाला’’ कौन हो सकता है। उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि दीपावली के समय आप लोगों का काम बहुत बढ़ जाता है, लेकिन आपने हर ऐसे अवसर पर बहुत सुंदर तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। इस बार भी मुझे आपसे यही आशा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के आव्हान के अनुरूप हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लिया है। हमें राज्य की अधोसंरचना को मजबूत करते हुए एक सुदृढ़ अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। आने वाले दिनों में राज्य के कृषि और उद्योग के क्षेत्रों में तेज प्रगति होगी। ऐसे में हमें और भी अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होगी। श्री साय ने कहा कि राज्य कीविद्युत कंपनियों पर आने वाले समय में दायित्वों का और अधिक भार होगा, इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार सभी कंपनियों को सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। 375 कनिष्ठ अभियंताओं की नियुक्ति से जाहिर है कि आगे भी बिजली कंपनियों में अधिकारियों-कर्मचारियों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
स्वागत भाषण पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने दिया। उन्होंने कहा कि पॉवर कंपनी नई ऊर्जा के साथ काम कर रही है। ऐसे में नई नियुक्ति से उपभोक्ता सेवा के कार्य को और बेहतर किया जा सकेगा। कार्यक्रम अध्यक्ष सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पॉवर कंपनी में कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू की गई, वह काफी सराहनीय है, श्री अग्रवाल ने इसके लिए अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव को बधाई भी दी। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायकगण सर्वश्री पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, गुरु खुशवंत साहेब, रोहित साहू उपस्थित थे।
बिजली महासंघ की पॉवर कंपनी के चेयरमैन के साथ आज संक्षिप्त बैठक संपन्न
पुरानी पेंशन संविदा नियमितीकरण तकनीकी भत्ता जैसे प्रमुख विषयों पे विस्तृत चर्चा संपन्न।
डेस्क | आज 23 अक्टूबर को महासंघ के 22 सूत्रीय मांगों के समर्थन में विशाल द्वार सभा की जानी थी परंतु माननीय मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के आयोजन होने से कंपनी प्रबंधन ने महासंघ को आज द्विपक्षीय वार्ता के सुबह 10.30 को आमंत्रित किया जिसमें महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने पॉवर कंपनी के अध्यक्ष के साथ वार्ता की जिसमें पुरानी पेंशन को कंपनी में लागू किए जाने की मांग की गई जिस पर अध्यक्ष ने सकारात्मक आश्वासन दिया। संविदा नियमिटीकरण के विषय को महासंघ ने पूरे प्रखरता से उठाया पूर्व में विभिन्न पदों पर किए गए संविदा नियमितीकरण का हवाला दिया, जिसके बाद नवनियुक्त अध्यक्ष ने इस पर अध्ययन कर निर्णय लिए जाने की बात कही। इसके बाद तकनीकी भत्ता स्टेगनशन अलाउंस और चतुर्थ उच्च्वेतनमान पर चर्चा हुई।

आज की व्यस्तता को देखते हुए बैठक इन्हीं विषयों पर चर्चा कर संपन्न हुई, जिसके बाद अन्य विषयों पे विस्तृत चर्चा हेतु आगामी समय में फिर से द्विपक्षीय वार्ता हेतु समय प्रदान किए जाने की बात कही गई।
महासंघ की ओर से आज की वार्ता में अखिल भारतीय विद्युत महासंघ के पदाधिकारी अरुण देवांगन, प्रांतीय अध्यक्ष बी एस राजपूत, महामंत्री नवरतन बारेठ उपस्थित रहे।
कृषि प्रदर्शनी में दिया जा रहा प्रशिक्षण : रसोई के कचरे से बना रहे खाद
रायपुर | इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में चार दिवसीय एग्री कार्नीवाल ‘राष्ट्रीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी’ आयोजित किया जा रहा है। 25 अक्टूबर तक चलने वाले इस राष्ट्रीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। कृषि प्रदर्शनी में मनोहर गौशाला खैरागढ़ के स्टॉल में मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. अखिल जैन (पदम डाकलिया) यहां आए किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि कॉलेज के छात्रों के साथ ही अन्य नागरिकों को समूह बनाकर फसल अमृत और मनोहर आर्गेनिक गोल्ड बनाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं।

मनोहर आर्गेनिक गोल्ड रसोई के कचरे और गोबर से तैयार किया जाता है। इसके अलावा फसल अमृत बनाने की विधि के बारे में भी बताया जा रहा है। पिछले सात वर्षों में अब तक 5 लाख से अधिक किसानों और लाेगों को फसल अमृत बनाने का प्रशिक्षण निःशुल्क दिया जा चुका है। स्टॉल पहुंचने वाले वैज्ञानिक, छात्र, किसान व अन्य लोग रुचि के साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं, साथ ही खाद व फसल अमृत का उपयोग करने और बनाने का संकल्प लेकर लौट रहे हैं। डॉ. जैन स्टॉल में पहुंचने वाले प्रत्येक लोगों से गौ माता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने घर-घर में गौ पालन करने की अपील करते हुए दीपावली के मद्देनजर गोबर के दीये बांट रहे हैं।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में त्योहारी सीजन पर स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा
रायपुर | दीपावली त्यौहार व छठ पूजा के अवसर पर भी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 4 स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा | इससे रेलयात्रियों को अधिक से अधिक कंन्फर्म सीट की सुविधा मिलेगी | रेलवे प्रशासन के मुताबिक स्पेशल ट्रेनों में गोंदिया-छपरा छठ पूजा स्पेशल (2 फेरे के लिए गोंदिया से 3 व 4 नवंबर), छपरा-गोंदिया छठ पूजा स्पेशल (2 फेरे के लिए छपरा से 4 व 5 नवंबर), गोंदिया पटना छठ पूजा स्पेशल (2 फेरे के लिए गोंदिया से 3 व 4 नवंबर) तथा पटना- गोंदिया छठ पूजा स्पेशल (2 फेरे के लिए पटना से 4 व 5 नवंबर) शामिल हैं।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में भी दुर्गा पूजा, दीपावली व छठ के अवसर पर पर 6 स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है | इनमें दुर्गा पूजा के अवसर 2 स्पेशल ट्रेन का परिचालन गोंदिया-सांतरागाछी तथा सांतरागाछी-गोंदिया के मध्य कुल 4 फेरों के लिए किया गया था | गौरतलब है कि दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए भारतीय रेल द्वारा इस वर्ष 7350 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है | ये स्पेशल ट्रेनें 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक 2 महीनों के लिए चलाई जा रही हैं।
हर साल त्यौहारों के अवसर पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता है | इस वर्ष स्पेशल ट्रेनों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की गई है | प्रतिदिन लगभग 120 स्पेशल ट्रेनें परिचालित की जा रही हैं | पिछले साल भी त्यौहार स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया गया था और इन ट्रेनों ने कुल 4,429 फेरे लगाए थे | इस वर्ष पिछले वर्ष से 64 प्रतिशत अधिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से लाखों की संख्या में यात्रियों को आरामदायक यात्रा की सुविधा प्राप्त हुई थी।
स्वामी नरेंद्राचार्य महाराज का प्रवचन और समस्या मार्गदर्शन 6 नवंबर को
- सनातन संस्कृति और समृद्ध भारत पर संगोष्ठी 27 अक्टूबर को
रायपुर। स्व-स्वरूप संप्रदाय, भक्त सेवा मंडल छत्तसगढ़ की ओर से 27 अक्टूबर को सिविल लाइन स्थित वृंदावन हाल में शाम 7 बजे से ‘सनातन संस्कृति और समृद्ध भारत’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यवक्ता के रुप में ज.न.म. संस्थान नाणीजधाम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील ठाकुर उपस्थित होंगे।

इसके पूर्व जगदगुरु के आध्यात्मिक और सामाजिक उपक्रमों तथा ‘सनातन संस्कृति और समृद्ध भारत’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन 27 अक्टूबर को वृंदावन हाल में किया गया है। जिसमें मुख्य वक्ता के रुप में जगदगुरु के शिष्य, प्रखर वक्ता और महान विचारक सुनील ठाकुर उपस्थित रहेंगे।
छत्तीसगढ़ की 14 सदस्यीय मीडिया टीम त्रिपुरा राज्य के लिए रवाना
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर
रायपुर | भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रही है | इस दौरान राष्ट्रपति आधा दर्जन से अधिक कार्यक्रमों में शामिल होंगी | राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे को लेकर रायपुर और दुर्ग को हाईअलर्ट पर रखा गया है | रायपुर में सुरक्षा की दृष्टि से एक हज़ार से अधिक जवानों की तैनाती की गई है | साथ ही आईजी, डीआईजी, एडिशनल एसपी समेत 100 से अधिक अधिकारी ड्यूटी में तैनात रहेंगे | राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का मिनट टू मिनट दो दिवसीय कार्यक्रम राष्ट्रपति भवन ने राज्य सरकार को भेज दिया है।

राष्ट्रपति के दौरे की तैयारी तेज हो चुकी है | इस दौरे में सुरक्षा व्यवस्था का खास ध्यान रखा जा रहा है | राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर डीजीपी ने वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किए हैं | राष्ट्रपति सुरक्षा की पूरी कमान रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा के हाथों रहने वाली है | आईजी अमरेश मिश्रा वरिष्ठ अफसर के साथ-साथ वीवीआईपी सुरक्षा की भी अच्छी समझ रखते है इसीलिए उन्हें सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राष्ट्रपति मुर्मू के मिनट टू मिनट कार्यक्रम के मुताबिक वे रायपुर में पहले कई कार्यक्रमों में शिरकत करने वाली है | रायपुर एयरपोर्ट से एम्स, एनआईटी, नवा रायपुर, राजभवन, जगन्नाथ मंदिर समेत आधा दर्जन से अधिक कार्यक्रमों में शामिल होंगी | इस दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में एक हज़ार से अधिक पुलिस जवान और सौ से अधिक पुलिस के आला अधिकारी सुरक्षा संभालेंगे | इसके लिए अन्य जिलो से अतिरिक्त बल भी बुलाया गया है।
आईजी अमरेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर संतोष कुमार सिंह, प्रशांत कुमार अग्रवाल, अभिषेक मीणा, सुजीत कुमार, अभिषेक पल्लव, प्रशांत ठाकुर, धर्मेंद्र सिंह, अमित तुकाराम कांबले समेत अन्य अधिकारी राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात रहेंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम
25 अक्टूबर 2024 (पहला दिन)
सुबह 11 बजे: राष्ट्रपति का रायपुर एयरपोर्ट पर आगमन।
सुबह 11:30 बजे: रायपुर एम्स के दूसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी।
दोपहर 1 बजे: एम्स से रवाना होकर राजभवन पहुंचेंगी।
दोपहर 3 बजे: NIT रायपुर के 14वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेंगी।
शाम 4:30 बजे: नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में स्थानीय आदिवासियों से मुलाकात।
शाम 6 बजे: राजभवन लौटेंगी और रात्रि विश्राम करेंगी।
26 अक्टूबर 2024 (दूसरा दिन)
सुबह 9 बजे: विवेकानंद सरोवर, रायपुर का दौरा।
सुबह 10 बजे: रायपुर एयरपोर्ट से भिलाई के लिए प्रस्थान।
सुबह 11 बजे: IIT भिलाई के चौथे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी।
दोपहर 1:30 बजे: भिलाई से वापस रायपुर स्थित राजभवन लौटेंगी।
दोपहर 3:30 बजे: पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति चिकित्सा एवं आयुष विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेंगी।
शाम 5 बजे: दीक्षांत समारोह के बाद दिल्ली के लिए रायपुर एयरपोर्ट से प्रस्थान करेंगी।
आश्रम और धर्मशालाओं के साथ वाराणसी का गंगा घाट अहिल्याबाई की देनः विशाखा
- एनएच गोयल स्कूल में वाद-विवाद के साथ मनाया गया अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती वर्ष
- मुख्य वक्ता के रुप में पहुंची महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले
रायपुर। अपनी रियासत क्षेत्र में अनाथ आश्रम, धर्मशालाएं बनवाने के साथ काशी विश्वनाथ वाराणसी का गंगा घाट रानी अहिल्याबाई होल्कर की देन है। वे रानी होकर भी स्वयं सादगी से जीवन व्यतीत करती थीं। वे नारी जाति के लिए एक प्रेरणा रहीं। उन्होंने पति और ससुर की मृत्यु के बाद अपने राज्य की गद्दी संभाली और ऐसे शासन का उदाहरण पेश किया जो सबके सामने एक आदर्श रहा। उक्ताशय के विचार राजधानी स्थित एनएच गोयल स्कूल में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता और रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह के अवसर पर कहीं।
मुख्य वक्ता तोपखानेवाले ने बच्चों को बताया कि अहिल्याबाई का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के अहमदनगर के एक छोटे से चौड़ी नामक गांव में हुआ था। इंदौर राज्य के संस्थापक महाराजा मल्हार राव एक दिन कहीं प्रवास पर जा रहे थे. तब उन्हें एक मंदिर से सुंदर गाने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने अपना रथ रोका और लोगों से पूछा की आवाज कहां से आ रही है। तब लोगों ने कहा आप नहीं जानते यह तो अहिल्याबाई है। मल्हार राव ने कहा कि मैं उनसे मिलना चाहता हूं उन्होंने जब अहिल्याबाई को दिखा तो उनके चेहरे का तेज और उनके जवाब देने की शैली बुद्धिमत्ता को देखकर वह बहुत प्रसन्न हुए उन्होंने कहा कि मैं आपके पिता से मिलना चाहता हूं। मल्हार राव ने उनके पिता से मिलकर सामने उनके सामने प्रस्ताव रखा कि मैं अहिल्याबाई को अपना पुत्र वधू बनाना चाहता हूं। उनका विवाह इंदौर राज्य के संस्थापक महाराजा मल्हार राव होलकर के पुत्र खंडेराव के साथ हुआ। इस तरह एक गरीब किसान की बेटी होलकर परिवार के महारानी बनी। राजमाता जीजाऊ, रानी लक्ष्मी बाई उनके साथ एक नाम और जुड़ गया पुण्य श्लोका का अहिल्याबाई होलकर । पुण्यश्लोक का उपाधि हर किसी को नहीं मिलती है यह जनता द्वारा दी गई उपाधि है। यह महारानी अहिल्याबाई होल्कर को उनके प्रजा द्वारा उपाधि दी गई थी। इससे पूर्व स्कूल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वरदान या अभिशाप विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। जिसमें बच्चों ने अपने विचार खुलकर रखें।
वीकेंड पर टूर का बना रहे हैं प्लान.. तो प्रकृति की गोद में यहां का जरूर करें प्लान
रायपुर। नैसर्गिक सुंदरताओं को समेटे जशपुर की खूबसूरती को भला कौन निहारना नहीं चाहेगा। सिन्दूरी सुबह और गुलाबी ठण्ड के दस्तक के बीच नीले आकाश, पक्षियों के चहचहाहट, कलरव के साथ हरे-भरे वातावरण और स्वच्छ पानी में पहाड़ों के प्रतिबिम्ब के बीच मयाली की पहचान एक खूबसूरत पर्यटन स्थल होने लगी है। मयाली जशपुर जिला मुख्यालय से तकरीबन 30 किलोमीटर दूर कुनकुरी विकासखण्ड के अंतर्गत स्थित है। मयाली में एक ओर खूबसूरत पहाड़ियों की वादी और इसकी तलहटी में अथाह जल राशि समेटे मयाली बांध और इसके चारो ओर हरियाली, ऊंचे-ऊंचे पेड़ मयाली को मनमोहक बनाते हैं।

मयाली के नेचर कैम्प में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 22 अक्टूबर को सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक होगी। इसका उद्देश्य मयाली स्थित नेचर कैम्प को पर्यटन स्थल के रूप में एक नई पहचान दिलाना है। इस बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री सहित मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधिगण ग्राम पंचायत खण्डसा से मयाली नेचर कैम्प तक जलविहार करते हुए नाव से पहुँचेंगे। इस दौरान वे यहाँ के मनोरम दृश्यों को बहुत ही करीब से देख पाएंगे। मयाली में गेंदे सहित आसपास खिलने वाले अन्य पीले फूलों और जवाफूल, बासमती धान की बालियों, पीले मक्के के साथ मनमोहक स्वागत द्वार तैयार किए गए हैं।
मयाली नेचर कैम्प स्थल पर जिला प्रशासन द्वारा भी व्यापक तैयारी की गई है। पत्थरों में उकेरे गए खूबसूरत दृश्य, रंगीन लाइट में आकर्षित करते पानी के फव्वारे, जुगनुओं की तरह टिमटिमाते झिलमिलाते रोशनी मयाली बांध में भरे हुए पानी के बीच बहुत दूर से ही सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। अपनी खूबसूरती से मयाली बांध और आसपास का सुंदर नैसर्गिक नजारा पर्यटन स्थल के रूप में मयाली को एक नई पहचान देने के लिए तैयार है।
नगरीय निकायों के निर्वाचन हेतु निर्वाचक नामावली तैयार करने संशोधित कार्यक्रम जारी
दावा आपत्ति प्राप्त करने की अंतिम तिथि में एक सप्ताह की वृद्धि
27 नवंबर को होगा निर्वाचन नामावली का अंतिम प्रकाशन
रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि आयोग द्वारा पूर्व में जारी नगर पालिका निर्वाचन नामावली पुनरीक्षण कार्यक्रम की तिथि में आंशिक संशोधन किया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ जिलों द्वारा निर्वाचक नामावली के संबंध में दावा आपत्ति प्राप्ति की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। जिलों से प्राप्त अनुरोध पर आयोग द्वारा विचार उपरांत पूर्व में दावा आपत्ति प्राप्त करने की निर्धारित अंतिम तिथि 23 अक्टूबर में 1 सप्ताह की वृद्धि की गई है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब दावे/आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख व समय 30 अक्टूबर 2024 बुधवार अपरान्ह 3 बजे तक तथा दावे/आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख शुक्रवार 8 नवंबर 2024 निर्धारित की गई है।
इसी तरह प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि शुक्रवार 08 नवम्बर 2024 तक तथा प्ररूप क-1 में प्राप्त दावा का निराक़रण करने की अंतिम तिथि मंगलवार 12 नवम्बर 2024 तक निर्धारित की गई है।
इसी तरह दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर तथा परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि सॉफ्टवेयर में करना बुधवार 20 नवम्बर 2024 तक, चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच करवाना तथा पी.डी.एफ. मुद्रण हेतु जिला कार्यालय को सौंपना शुक्रवार 22 नवम्बर 2024 तक एवं अनुपूरक सूची का मुद्रण कराना और अनुपूरक सूची को मूल सूची के साथ संलग्न करना सोमवार 25 नवम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है तथा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन बुधवार 27 नवम्बर 2024 को किया जाएगा।
ITM विश्वविद्यालय रायपुर के विद्यार्थियों ने किया कुलदीप निगम वृद्धाश्रम भ्रमण
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रथम कुलदीप निगम वृद्धाश्रम माना कैम्प में ITM विश्वविद्यालय रायपुर के होटल मैनेजमेंट में अध्ययन रत विद्यार्थियों का एक समूह वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्गों से मिलकर आज उन्हें भोजन करवाया और मिठाई का वितरण किया। साथ ही सूखा अनाज भी प्रदान किया गया।
विद्यार्थियों ने दीपावली के पूर्व सामाजिक सरोकार के दृष्टिकोण से असहाय निराश्रित बुजुर्गो से मिलकर उन्हें कुछ पल की खुशियां बाटी। इस अवसर पर अनीश बैनर्जी, डॉ अमिय जानी, गुंजन सिंहा छात्र छात्राओं का समूह वृद्धाश्रम की वार्डन पारूल चक्रवर्ती लीला यादव उपस्थित रहे।
राज्यपाल डेका से असम के फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों ने की मुलाकात
असम के फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों ने की मुलाकात
रायपुर | राज्यपाल रमेन डेका से 27वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेने वाले असम के फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों ने सनीदेव चौधरी, (आईएफएस) और तेजस एम, (आईएफएस) के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की। उनके साथ टीम कोच दगंता बोरा भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि असम की टीम ने इस प्रतियोगिता में पहली बार फुटबॉल में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। राज्यपाल ने टीम को बधाई दी और राजकीय गमछा पहनाकर उनका अभिनंदन किया। टीम के सभी खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पकवान भेंट किये गये। राज्यपाल डेका ने खिलाड़ियों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

राज्यपाल डेका ने छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक 174 पदक जीत कर प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उन्हें भी बधाई दी।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह प्रतियोगिता न केवल शारीरिक शक्ति और खेल भावना का प्रदर्शन है, बल्कि हमारे वन क्षेत्रों के महत्व को भी रेखांकित करती है।
देश के दूरस्थ आदिवासी अंचल को मिली एयर कनेक्टिविटी : अम्बिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट का किया वर्चुअल शुभारंभ
प्रधानमंत्री मोदी ने 80 करोड़ रूपए की लागत से बने अम्बिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट का किया वर्चुअल शुभारंभ
देश के दूरस्थ आदिवासी अंचल को मिली एयर कनेक्टिविटी
अंचल में विकास के नये आयाम खुलेंगे : राज्यपाल रमेन डेका
सरगुजा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
विकसित भारत 2047 की दिशा में एक अहम कदम
सरगुजा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर | देश का दूरस्थ आदिवासी बहुल अंचल छत्तीसगढ़ का सरगुजा ज़िला अब हवाई सेवा से जुड़ चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाराणसी से मां महामाया एयरपोर्ट, दरिमा, अम्बिकापुर का वर्चुअल उद्घाटन कर सरगुजा और इसके आसपास के जिलों को हवाई यात्रा की सुविधा का तोहफा दिया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत के एयरपोर्ट में विकसित की जा रही आधुनिक से आधुनिक सुविधाएं अब दुनिया में चर्चा का विषय बन गई हैं। सरगुजा अंचल में इस नए एयरपोर्ट के शुभारंभ से विकास के साथ-साथ रोजगार के भी नए अवसर खुलेंगे।

इस मौके पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू, छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरूण साव, केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री तोखन साहू, सहित छत्तीसगढ़ के मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद एवं विधायक उपस्थित थे।
यह हवाई सेवा सरगुजा और इसके आस-पास के जिलों जैसे जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के लाखों लोगों के जीवन में एक नया अध्याय लेकर आएगी। इससे लोगों को आसानी से देश के बड़े शहरों तक हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी, जो पहले के मुकाबले किफायती और समय की बचत वाला विकल्प होगा। इससे न केवल आवागमन में सुगमता आएगी, बल्कि इस क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में भी एक नई रफ्तार जुड़ेगी। इस क्षेत्र के लोग इस नई सेवा के जरिए दिल्ली, कोलकाता, रायपुर, बिलासपुर और अन्य प्रमुख शहरों से सीधा जुड़ सकेंगे। हवाई सेवा की शुरुआत सरगुजा अंचल की बहुप्रतीक्षित मांग थी, जो अब पूरी हो चुकी है।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि मां महामाया एयरपोर्ट के प्रारंभ होने से इस अंचल में विकास के नये आयाम खुलेंगे। एयरपोर्ट के माध्यम से सरगुजा क्षेत्र के नागरिकों और उद्योगपतियों के लिये एक बेहतर एयर कनेक्टिविटी स्थापित होगा। बस्तर के बाद सरगुजा प्रदेश का दूसरा बड़ा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जहां यह सुविधा प्रारंभ हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह उड़ान छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाईयों की ओर ले जायेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा “मां महामाया एयरपोर्ट का उद्घाटन सरगुजा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। यह केवल हवाई यात्रा को सुगम बनाने का प्रयास नहीं है, बल्कि हमारे आदिवासी समुदाय और दूरदराज के क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्र के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। हमें गर्व है कि हम अपने प्रदेश को विकसित भारत 2047 के सपने की ओर बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। एयर कनेक्टिविटी न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप देश में हवाई चप्पल पहनने वालों का हवाई जहाज के सफर का सपना साकार हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न देश में बेहतर विमानन सेवा की स्थापना करना और देश के सभी हिस्सों को इससे जोड़ना है। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरूण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहार जायसवाल, सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
अम्बिकापुर के दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट में एयर स्ट्रीप का उन्नयन भारत सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत किया गया है। यह एयरपोर्ट 365 एकड़ में फैला हुआ है। इसे 80 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। यह एयरपोर्ट 3 सीवीएफआर कैटिगरी का है। इसमें 72 सीटर विमान लैंड कर सकते हैं। टर्मिनल बिल्डिंग का विस्तार सालाना 5 लाख यात्रियों की अनुमानित क्षमता के अनुसार किया गया है। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, संचालक, एविएशन संजीव झा भी उपस्थित थे।
सरगुजा की हरी-भरी वादियों में बसे आदिवासी अंचल के लोग जब भी बड़े शहरों की ओर रुख करते, तो लंबी और थका देने वाली यात्रा का ख्याल उन्हें परेशान कर देता। इस दूरस्थ इलाके की खास पहचान तो उसकी प्राकृतिक सुंदरता है, पर यहां के लोगों के लिए देश के दूसरे हिस्सों से जुड़ना हमेशा एक चुनौती रहा है। लेकिन अब चीजें बदलने वाली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्यम से मां महामाया एयरपोर्ट, अंबिकापुर का उद्घाटन कर यह सुनिश्चित किया कि सरगुजा का यह क्षेत्र देश की विकास यात्रा का एक अभिन्न हिस्सा बने।
प्रधानमंत्री मोदी का यह संकल्प केवल एक एयरपोर्ट की शुरुआत नहीं, बल्कि एक बड़े सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम है। यह हमारे ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प का प्रतीक है।” जब उन्होंने छत्तीसगढ़ को यह सौग़ात दी तो , अंबिकापुर के लोगों के चेहरे पर एक नई उम्मीद की चमक थी। यह एयरपोर्ट न केवल सरगुजा बल्कि आसपास के जिलों जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के लाखों लोगों के लिए देश की मुख्यधारा से जुड़ने का एक जरिया बन गया है।
मां महामाया एयरपोर्ट के शुरू होने से सरगुजा के लोग सीधे रायपुर, दिल्ली, कोलकाता, जबलपुर, और अन्य बड़े शहरों से जुड़ सकेंगे। इस पहल से यहां के छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए बाहर जाने का मौका मिलेगा, व्यापारी अपने व्यापार को फैलाने के लिए नए बाजारों तक पहुंच सकेंगे और सबसे महत्वपूर्ण, मरीजों को इलाज के लिए बेहतर सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।
अंबिकापुर के एक युवा उद्यमी राजेश बताते हैं, “अब हमें अपने उत्पादों को दूसरे शहरों तक पहुंचाने में आसानी होगी। पहले सड़क मार्ग से यह सफर लंबा और महंगा होता था, लेकिन अब हम अपने स्थानीय उत्पादों को सीधे दिल्ली और कोलकाता जैसे शहरों तक पहुंचा सकते हैं।” यह एयरपोर्ट सरगुजा की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देगा, और यहां के छोटे-बड़े व्यापारी भी इस बदलाव को लेकर उत्साहित हैं।
सरगुजा की खूबसूरत घाटियाँ, मैनपाट का हिल स्टेशन, और रामगढ़ की ऐतिहासिक गुफाएं यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिनी जाती हैं। अब इस एयरपोर्ट के शुरू होने से पर्यटकों के लिए यहां आना आसान हो जाएगा। पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि इससे सरगुजा का आकर्षण और बढ़ेगा। स्थानीय गाइड शंकर कहते हैं, “पहले पर्यटकों को यहाँ आने के लिए घंटों की सड़क यात्रा करनी पड़ती थी, पर अब वे सीधे फ्लाइट से आ सकते हैं। इससे हमारा पर्यटन व्यवसाय बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।”
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर सरगुजा के आर्थिक विकास की बात पर जोर देते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट न केवल आवागमन को सरल बनाएगा बल्कि क्षेत्र में निवेश को भी आकर्षित करेगा। हवाई सेवा से यहां के स्थानीय उद्योगों को नए बाजार मिलेंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यहां के छोटे व्यवसाय, जैसे हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, और कृषि उत्पाद, अब देश के दूसरे हिस्सों में आसानी से पहुंच सकेंगे।
सरगुजा के कृषि उत्पादों की देशभर में मांग है, और अब यहां के किसान भी अपने उत्पादों को सीधे दिल्ली या कोलकाता के बाजारों तक पहुंचा सकते हैं। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा बल्कि क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाएगा।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल ने शत-प्रतिशत मतदान करने चलाया हस्ताक्षर अभियान
रायपुर। रायपुर दक्षिण विधानसभा में होने वाले उपचुनाव को लेकर महाराष्ट्र मंडल ने जागरूकता अभियान शुरू कर दिया। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में जिला निर्वाचन अधिकारी डा. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में 60 फीसद से कम मतदान वाले क्षेत्र कृष्णानगर में मतदाता जागरूकता के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया।
रायपुर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ.गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा जिला नोडल अधिकारी "स्वीप" एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायपुर विश्वदीप के निर्देशन में रायपुर विधानसभा उप चुनाव 2024 के अंतर्गत, रायपुर दक्षिण के कृष्णा नगर क्षेत्र के मतदाताओं को अधिक से अधिक मतदान करने जागरूक किया गया। इसके साथ पालक तथा मतदाताओं को 13 नवंबर को मतदान अवश्य करने का संकल्प संत ज्ञानेश्वर उ.मा.वि. के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने दिलाया। उक्त अवसर पर,"हमारा आह्वान -करें मतदान",मतदान करने जायेंगे,-अपना फर्ज निभायेंगे इत्यादि नारों से मतदाताओं को शत-प्रतिशत मतदान करने के लिए प्रेरित किया।
आल इंडिया IPSC विजुअल आर्ट फेस्ट में 300 बच्चों ने किया अपनी कला का प्रदर्शन
रायपुर। राजकुमार कालेज में आयोजित तीन दिवसीयऑल इण्डिया IPSC विजुवल आर्ट उत्सव में देश के 18 विद्यालयों के लगभग 300 विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। टाई एंड डाई विधा में बिरला बालिका विद्यापीठ पिलानी, असमवैली सोनीपत, सिंधिया कन्या विद्यालय ग्वालियर, डेली कॉलेज इंदौर, एलके सिंघानिया, गोटन , आरकेसी, रायपुर की टीम ने हिस्सा लिया। वहीं स्टिल लाइफ विधा में संस्कार वैली भोपाल, विद्यादेवी जिंदल स्कूल हिसार, एलके सिंघानिया स्कूल गोटन, द लॉरेंस स्कूल लवडेल और राजकुमार कॉलेज रायपुर।

ज्वेलरी मेकिंग विधा में सिंधिया कन्या विद्यालय ग्वालियर, एमरल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल इंदौर, एमजीडी गर्ल्स स्कूल इंदौर,बिरला बालिका विद्यापीठ पिलानी, डेली कॉलेज इंदौर, राजकुमार कॉलेज रायपुर और स्कल्पचर विधा में सिंधिया कन्या विद्यालय ग्वालियर, एमराल्ड हाइट्स,वाईपीएस पटियाला, आसाम वैली, वेल्हम बॉयज ,राजकुमार कॉलेज रायपुर की टीम ने शिरकत की।
प्लेट डेकोरेशन विधा में एमरल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल इंदौर, विद्या देवी जिंदल स्कूल हिसार, बिरला बालिका विद्यापीठ पिलानी ,वाईपीएस पटियाला, हैदराबाद पब्लिक स्कूल बेगमपेट ,राजकुमार कॉलेज, फोटोग्राफी विधा में ताशी नामग्याल एकेडमी गंगटोक , वेल्हम बॉयज स्कूल देहरादून,द लॉरेंस स्कूल लवडेल, डेली कॉलेज इंदौर ,हैदराबाद पब्लिक स्कूल बेगमपेट, राजकुमार कॉलेज रायपुर और टाइल मोजैक विधा में एमरल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल इंदौर, सिंधिया कन्या विद्यालय ग्वालियर, एलके सिंघानिया स्कूल गोटन,द लॉरेंस स्कूल लवडेल, वेल्हम बॉयज स्कूल , देहरादून के विभिन्न विद्यालयों ने अलग-अलग विधाओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
36वीं ऑल इंडिया गर्ल्स तैराकी प्रतियोगिता का समापन… एमजीडी स्कूल जयपुर रही प्रथम
रायपुर। राजकुमार कॉलेज, रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय 36वीं ऑल इण्डिया गर्ल्स तैराकी प्रतियोगिता 2024 में देश के कुल 15 विद्यालयों की 185 छात्राओं ने तैराकी का प्रदर्शन किया। इस वर्ष प्रतियोगिता में प्रथम स्थान एमजीडी गर्ल्स स्कूल , जयपुर, द्वितीय स्थान डेली कॉलेज, इंदौर और तृतीय स्थान राजकुमार कॉलेज रायपुर ने प्राप्त किया।

वहीं अंडर-19 की प्रतियोगिताओं में राजकुमार कॉलेज, रायपुर और एमजीडी गर्ल्स स्कूल जयपुर दोनों ही विद्यालयों का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा। अंडर-17 की प्रतियोगिताओं में वाई पी एस, मोहाली, पंजाब की छात्राओं ने बाजी मारी और अंडर-14 की प्रतियोगिताओं में एमजीडी गर्ल्स स्कूल, जयपुर ने ख़िताब जीता।
राजकुमार कॉलेज, रायपुर ने जीती ऑल इण्डिया IPSC हॉकी प्रतियोगिता 2024
रायपुर। राजकुमार कॉलेज, रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय ऑल इण्डिया IPSC हॉकी चैंपियनशिप 2024 के फायनल मुकाबले में मेजबान राजकुमार कॉलेज, रायपुर ने पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा को 3-1 से हराया और ऑल इण्डिया IPSC हॉकी चैंपियनशिप 2024 का कप जीता। ऑल इण्डिया IPSC हॉकी प्रतियोगिता 2024 में सर्वश्रेष्ठ मिडफिल्डर जीत कोसले और टीम कप्तान रोशन सिदार को प्लेयर ऑफ़ टूर्नामेंट के किताब से नवाज़ा गया।

देश के प्रतिष्ठित आठ विद्यालयों जिसमें बीके बिड़ला सेंटर फॉर एजुकेशन, पुणे, एलके सिंघानिया एजुकेशन सेंटर, गोटन, मेयो कॉलेज अजमेर, मॉडर्न स्कूल बाराखंभा रोड, नई दिल्ली, राजकुमार कॉलेज, रायपुर, दून स्कूल, देहरादून,एमरल्ड हाइट इंटरनेशनल स्कूल, इंदौर,पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा ने भाग लिया। क्वार्टर फाइनल मैच दून स्कूल, देहरादून और राजकुमार कॉलेज, रायपुर के बीच खेला गया। यह रोमांचक मैच ड्रा हुआ और पेनल्टी शूटआउट में राजकुमार कॉलेज, रायपुर ने 3 -1 जीत हासिल करते हुए सेमीफायनल में अपनी जगह पक्की की।
सेमीफाइनल में चार टीमें पहुँची जिसमें पहला मैच पंजाब पब्लिक स्कूल नाभा और बीके बिरला स्कूल पुणे के बीच हुआ। पंजाब पब्लिक स्कूल नाभा की टीम 4 - 2 से जीत हासिल कर फायनल में पहुंची। वहीं दूसरी ओर सेमीफायनल के दूसरे मैच में राजकुमार कॉलेज, रायपुर, ने मेयो कॉलेज, अजमेर को 4-1 से हराकर शानदार जीत हासिल करते हुए फायनल में अपना स्थान सुनिश्चित किया।
हाल ही में SGFI द्वारा राजनांदगाँव में तीन दिवसीय राज्यस्तरीय हॉकी प्रतियोगिता सितंबर 2024 में आयोजित की गई थी, जिसमें राजकुमार कॉलेज के विद्यार्थियों ने सरगुजा और बस्तर संभाग को हराकर रायपुर संभाग से रजत पदक जीता था |