रायपुर
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के 12 विद्युतकर्मियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार
एनआईटी रायपुर में तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी "ऑरा" का हुआ शुभारंभ, संस्थान के क्लिक क्लब द्वारा किया जा रहा है आयोजन
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवनवृत्त और शासन की योजनाओं का किया जा रहा टाउन हॉल में प्रदर्शन
आगामी सितम्बर माह में राज्य के 18 जिलों में होगा वृहद आयोजन : प्रधानमंत्री जनमन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्य स्तरीय मेगा ईवेंट में होंगे वर्चुअल रूप से शामिल
प्रधानमंत्री विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों से करेंगे संवाद
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पहल पर छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल बसाहटों में राज्य और केन्द्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलेगा। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा द्वारा राज्य के 18 जिलों में आगामी सितम्बर माह में इसके लिए मेगा ईवेंट और आईईसी कैंपेन चलाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सितंबर 2024 के प्रथम सप्ताह में ऐसे आयोजनों में वर्चुअल रूप से शामिल होकर विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के साथ संवाद करेंगे।

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पीएम जनमन योजना के तहत झारखंड में आयोजित किए जा रहे हैं राष्ट्रीय मेगा ईवेंट शामिल होंगे तथा देश के सभी पीवीटीजी बसाहट वाले जिलों को संबोधित करते हुए टू वे कनेक्टिविटी के माध्यम से संवाद स्थापित करेंगे। उन्हांेने बताया कि छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजाति वाले किसी एक जिले में राज्य स्तरीय मेगा ईवेंट के लिए चिन्हित किया जाएगा।
बोरा ने बताया कि मेगा ईवेंट के अतिरिक्त बाकी सभी पीएम-जनमन के जिलों में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन सभी आयोजनों में झारखण्ड राज्य से प्रधानमंत्री का संबोधन और संवाद सुचारु रुप से देखने और सुनने के लिए टू-वे-कनेक्टिविटी की आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है। इन आयोजनों में स्थानीय विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम में केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति को लाभान्वित किया जाएगा। इस दौरान सास्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
बोरा ने बताया कि लाभार्थी सतृप्ति शिविरों का आयोजन 23 अगस्त 2024 से 10 सितंबर 2024 तक किया जाना है। इन शिविरों के माध्यम से आधार कार्ड, जनधन खाता, आयुष्मान कार्ड, वन अधिकार पत्र राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम मातृत्व वंदना योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, सिकल सेल की जांच एव मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं आदि में संतृप्ति की जानी है। इसका उद्देश्य सभी पीवीटीजी बसाहटों में तात्कालिक गतिविधियों की शत-प्रतिशत संतृप्ति की जानी है।
लाभार्थी संतृप्ति शिविर गहन रूप से सभी पीवीटीजी बसाहटों, जिलों में चलाए जाएंगे। इस लाभार्थी संतृप्ति शिविर का मुख्य फोकस यूआईडीएआई के तहत नामांकन एवं आधार कार्ड जारी करना पीएम जनधन के तहत बैंक खाता खोलना, सभी पात्र लाभार्थिया का आयुष्मान भारत कार्ड बनाना, सभी पीवीटीजी को सामुदायिक प्रमाण पत्र जारी करना वन अधिकार पत्र जारी करना तथा पीवीटीजी बसाहटों में सिकल सेल बिमारी की जांच (ैबतममदपदह) आदि कार्य किए जाएंगे। पीएम-जनमन के अंतर्गत स्वीकृत गतिविधियों जैसे प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण), संपर्क सड़क, मोबाईल मेडिकल यूनिट, नल से जल, विद्युतिकरण आदि की जानकारी दी जाएगी।
छतीसगढ़ के पारंपरिक पर्व भोजली : अच्छी वर्षा और फसल एवं सुख-समृद्धि की कामना के लिए मनाया जाता
रायपुर | छतीसगढ़ के पारंपरिक पर्व भोजली जो मित्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है | भाईचारे और सद्भावना का प्रतीक है | अच्छी वर्षा और फसल एवं सुख-समृद्धि की कामना के लिए रक्षाबंधन के दूसरे दिन भोजली पर्व मनाया जाता है | इसे कई स्थानों पर भुजरियां/कजलियां नाम से भी जाना जाता है | यह पर्व प्रकृति प्रेम और खुशहाली से जुड़ा पर्व है | इसका प्रचलन सदियों से चला आ रहा है |
भुजरियां मुख्य रूप से बुंदेलखंड में राखी के दूसरे दिन की जाने वाली एक लोकप्रिय परंपरा है, जिसमें नाग पंचमी के दूसरे दिन खेतों से लाई गई मिट्टी को बर्तनों में भरकर उसमें गेहूं बोएं जाते हैं | रक्षाबंधन के दिन तक उनमें गोबर की खाद और पानी दिया जाता है और देखभाल की जाती है | इस पर्व को बुंदेलखंड के अलावा मालवा और निमाड़ क्षेत्र में भी परंपरागत तरीके से मनाया जाता है | छत्तीसगढ़ में इस त्यौहार को लेकर मान्यता है कि 7 दिन पहले भोजली की बुआई के बाद हर रोज शाम को भोजली गीत का आयोजन रखा जाता गया और देवी की तरह पूजा-अर्चना होती है | इसके बाद राखी के दूसरे दिन इसे विसर्जित किया जाता है, जिसे लेकर शोभा यात्रा भी निकल जाती है।

रक्षाबंधन के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ का लोकप्रिय पर्व भोजली मनाया जाता है | खासकर गांवों में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिलता है | जहां बाजे-गाजे के साथ भोजली विसर्जित होती है | मान्यता हैं कि इसका प्रचलन राजा आल्हा ऊदल के समय से है | यह पर्व अच्छी बारिश, अच्छी फसल और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के लिए मनाया जाता है | रक्षाबंधन के दूसरे दिन महिलाओं द्वारा इनकी पूजा-अर्चना करके इन टोकरियों को जल स्त्रोतों के लिए शोभा यात्रा के रूप में ले जाया जाता है।
उल्लेखनीय है कि सावन में खुशहाली की कामना को लेकर लोगों द्वारा घर में गेहूं या ज्वार बोए जाते हैं | इनके निकली कोपलों को ही भुजरिया कहा जाता है | ग्वाल समाज भुजरिया पर्व को अपनी बहन-बेटियों के रूप में मनाते हैं | यह पर्व नाग पंचमी से शुरू हो जाता है, जो रक्षाबंधन के दूसरे दिन पूर्ण होता है| यह पर्व भी आपसी भाईचारे व सद्भावना के रूप में मनाते है | यह परंपरा भगवान श्रीकृष्ण काल से निरंतर चली आ रही है, जिसे आज भी समाज में बड़े उत्साह के साथ मनाते आ रहे हैं।
हाथ नहीं, पैरों से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को वर्षा ने बांधी राखी
रायपुर | हाथ नहीं, लेकिन पैरों से वर्षा धु्रव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राखी बांधी। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास पहुंची धमतरी की दिव्यांग बालिका वर्षा ध्रुव ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं, मैंने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। जैसे एक भाई अपनी बहन की रक्षा करते है, वैसे ही हमारे मुख्यमंत्री प्रदेश की बहनों की रक्षा करते हैं।
धमतरी की दिव्यांग बालिका वर्षा ध्रुव ने पैरों से राखी बांधी और मुख्यमंत्री साय को अपनी पैरों से मिठाई भी खिलाई। मुख्यमंत्री इस दौरान थोड़े भावुक भी हुए और कहा कि वर्षा की जीजीविषा और स्नेह ने इस मौके बहुत खास बना दिया है। मुख्यमंत्री साय ने वर्षा को उपहार स्वरूप मिठाईयां भेंट की और उसे सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दी।

गौरतलब है कि वर्षा ध्रुव धमतरी में दिव्यांग बच्चों के लिए कार्य कर रही संस्था एक्ज़ेक्ट फ़ाउण्डेशन में पढ़ाई कर रही है। वर्षा धु्रव के दोनों हाथ नहीं है, लेकिन अपने पैरों से सारे काम कर लेती है।
रक्षाबंधन के पर्व पर आकर्षक राखियाॅ बना रही है कुमुड़कट्टा की महिलाएं
महतारी वंदन योजना से मिल रही राशि का राखी बनाने में कर रही हैं उपयोग
समूह की महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री जी एक बड़े भाई के रूप में छत्तीसगढ़ की महिलाओं का रख रहें हैं ख्याल
रायपुर | भाई-बहन के अनूठे रिश्ते के पर्व रक्षाबंधन के अवसर पर आकर्षक राखियाॅ बना रही है बालोद जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कुमुड़कट्टा की महिलाएं। सुदूर वनांचल के इस ग्राम में जय माॅ पहाड़ों वाली स्वसहायता समूह की 12 महिलाओं द्वारा आकर्षक राखियाॅ बनाई जा रही है, जिसमें वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में महतारी वंदन योजना से हर माह मिल रही राशि का भी उपयोग कर रहीं हैं। समूह द्वारा तैयार किए जा रहे आकर्षक राखियों में धान, चांवल, बीज, बांस, मोर पंख सहित रेशमी धागों का उपयोग किया गया है। जिला प्रशासन बालोद के सहयोग से इन राखियों की पैकेजिंग ‘‘बालोद बंधन‘‘ के नाम से की गई है।

जय माॅ पहाड़ों वाली स्वसहायता समूह की अध्यक्ष कुसुम सिन्हा ने बताया कि इस वर्ष उनके समूह द्वारा लगभग 40 हजार राखियाॅ तैयार की गई है, जिसका विक्रय बालोद जिले के साथ ही अन्य जिलों में भी किया गया है। उन्हें इस वर्ष राखियों की बिक्री से लगभग 02 लाख 50 हजार रूपए मुनाफे की उम्मीद है। कुसुम सिन्हा ने राज्य शासन की महतारी वंदन योजना की सराहना करते हुए बताया कि उनके समूह की महिलाओं को प्रतिमाह इस योजना से 01 हजार रूपये मिलता है, जिसे वे जमा कर राखी बनाने में उपयोग कर रही हैं। इस योजना के संचालन से उनकी बहुत सी छोटी-छोटी जरूरतों को भी पूरा करने में उन्हें काफी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एक बड़े भाई की तरह छत्तीसगढ़ की सभी महिलाओं के हित में कार्य करते हुए हम महिलाओं का ख्याल रख रहे हैं। उन्हें हम सभी महिलाएं तहेदिल से धन्यवाद देती हैं।
सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए पूरी इच्छाशक्ति से कार्य करें : उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन
निगम आवासीय परिसर में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन
रायपुर | छत्तीसगढ़ के उद्योग वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा है कि वे केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने हेतु पूरी निष्ठा व दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दर्जनों जनहितैषी योजनाओं का क्रियान्वयन किया है, इन योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, लोग योजनाओं से लाभांवित हो, यह हम सबका दायित्व है।
उक्त बातें उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने नगर निगम आवासीय परिसर कोरबा में आयोजित एक भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान कही। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 22 अंतर्गत नगर निगम आवासीय परिसर के पास प्रभारी मंत्री मद से स्वीकृत एवं 05 लाख 50 हजार रूपये की लागत से निर्मित होने जा रहे सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की तथा शिलान्यास पट्टिका का अनावरण कर निर्माण कार्य का शुभारंभ कराया।

उद्योग मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि मेरा लगातार प्रयास है कि कोरबा का समग्र विकास हो तथा हमारा कोरबा एक पूर्ण विकसित शहर बनें। उन्होने कहा कि मुझे जनसेवा का सर्वप्रथम अवसर नगर निगम कोरबा के माध्यम से ही मिला था, एक पार्षद के रूप में और एक महापौर के रूप में मैंने कोरबा की जनता की सेवा की, उस दौरान निगम के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने मेरे साथ मिलकर एक परिवार की तरह कार्य किया तथा कोरबा का ऐतिहासिक विकास किया गया।
उद्योग मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि कई बड़ी योजनाओं के साथ-साथ लगभग 200 करोड़ रूपये के विकास कार्य वर्तमान में स्वीकृत कराए गए हैं, उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इन कार्याे की निविदा आदि की कार्यवाही शीघ्र से शीघ्र संपादित कराएं, ताकि विकास कार्य प्रारंभ किए जा सकें तथा इनका लाभ आमजनता को प्राप्त हो सके।

इस अवसर पर नगर निगम कोरबा के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा निगम आवासीय परिसर में सार्वजनिक पण्डाल निर्माण कराए जाने का आग्रह उद्योग मंत्री देवांगन से किया, जिसे सहर्ष स्वीकार करते हुए मंत्री देवांगन ने नगर निगम आवासीय परिसर में विधायक निधि से 07 लाख रूपये की लागत से सार्वजनिक पण्डाल का निर्माण कराए जाने की घोषणा की।
कार्यक्रम में डॉ. राजीव सिंह, पार्षद नरेन्द्र देवांगन, चन्द्रलोक सिंह, नारायणदास महंत, वरिष्ठ नेत्री उमाभारती सराफ, अजय विश्वकर्मा, अधिवक्ता निखिल शर्मा, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, राखी तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
हर हर महादेव का जयकारा लगाते श्रद्धालु उमड़े शिव मंदिरो में : आज आखिरी सावन सोमवार
आज आखिरी सावन सोमवार है और अद्भूत श्रृंगार के साथ सभी शिव मंदिरो की सजावट देखने योग्य रहेगी। इस अंतिम सोमवार पर रायपुर के प्रमुख शिवालयों में शिव भक्तों की भीड़ उमड़ रही हैं.|
रायपुर | सोमवार से सावन का पवित्र माह समाप्त हो रहा है | इस अंतिम सोमवार पर रायपुर के प्रमुख शिवालयों में शिव भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। खास बात यह है कि सावन की शुरुआत भी सोमवार से हुई थी और इसका समापन भी सोमवार को हो रहा है, जिससे यह एक दुर्लभ संयोग बन गया है। रक्षाबंधन और सावन का सोमवार एक ही दिन पड़ने से यह दिन भक्तों के लिए और भी विशेष बन गया।
रायपुर के प्राचीनत्तम शिव मंदिर बूढ़ेश्वर मंदिर में बूढ़ेश्वर बाबा का श्रृंगार इस बार 'रौद्र रूप' में होगा। पिछले चार सोमवार को अलग-अलग स्वरूपों में उनका श्रृंगार दर्शन भक्तों को हुआ। जिस प्रकार उज्जैन महाकाल में 12 वर्षो में एक बार रौद्र रूप में महाकाल का श्रृंगार होता है उसी स्वरूप में यहां भी होगा। दुर्लभ संयोग वाली आज की तिथि है जो सालों बाद आती है इसलिए इस दिन विशेष का महत्व भी अधिक है।

शहर के सभी शिवमंदिरों में हर-हर महादेव के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने शिवलिग पर जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। इस मौके पर कई मंदिर परिसरों में भव्य मेले का भी आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर तथा आसपास के इलाकों में सुरक्षा की तगड़ी व्यवस्था रही। लोगों की भीड़ को देखते हुए शिव मंदिरों के आसपास पुलिस के जवान तैनात रहे।
सोमवार की सुबह चार बजे से ही शिव मंदिरों में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह छह बजे तक शहर के मेन रोड स्थित शिव मंदिर में महिला व पुरुषों की लंबी लाइन लग गई। इस दौरान पूजा को पहुंचे महिला व पुरुष हर-हर महादेव तथा जय भोले शंकर का जयकारा लगाते रहे। मेन रोड स्थित शिव मंदिर के साथ ही शिव मंदिर पर भी जलाभिषेक को लोगों का तांता लगा रहा। शहर के महादेवघाट शिव मंदिर के साथ ही शहर के अन्य शिवालयों में भी सुबह छह बजे से ही भारी संख्या में श्रद्धालु जमा हो गए। श्रद्धालु बेलपत्र, धतूर, भांग, बैर, अक्षत, धूप, दूध तथा जल से पूजा अर्चना करने में जुटे रहे। नगर के मेन रोड स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ देखी गई। इस मौके पर शिव मंदिरों के इर्द-गिर्द मेले का भी आयोजन किया गया।
पैराटैक्सोनॉमी एवं बायोडायवर्सिटी संरक्षण ट्रेनिंग कोर्स का सफलतापूर्वक समापन
बच्चों ने जाना जैव विविधता संरक्षण का महत्व
रायपुर | जैवविविधता से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य में पाए जाने वाले जीव-जंतु एवं पौध, वनस्पति की प्रजातियों की पहचान करना, उनके औषधीय उपयोग एवं आर्थिक महत्व को जानने के उद्देश्य से पैराटैक्सोनामी एवं जैवविविधता संरक्षण के लिए आयोजित 30 दिवसीय कोर्स का समापन गत दिवस 17 अगस्त को हुआ। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के दिशा निर्देशन में छत्तीसगढ राज्य जैवविविधता बोर्ड एवं राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया (BSI) कोलकाता के सहयोग से संपन्न कराया गया।

प्रशिक्षण में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के द्वारा राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के कैम्पस में दिया गया। यह प्रशिक्षण कांकेर, कोंडागांव, केशकाल, पूर्व भानुप्रतापपुर, पश्चिम भानुप्रतापपुर एवं नारायणपुर वनमंडलों के अंतर्गत गठित बी.एम.सी. के तहत आने वाले जीवविज्ञान में स्नातक/ 12वी. पास छात्र/छात्राओं को चयनित कर दिया गया। प्रशिक्षण में उक्त वनमंडलों से 40 तथा बी.एस.आई. से आए 13 प्रशिक्षणार्थियों कुल 53 प्रशिक्षणार्थी के द्वारा कोर्स में सहभागिता की गई। प्रशिक्षण का मुख्य बिंदु उनके क्षेत्र में पाए जाने वाले जीव जंतु एवं पौध, वनस्पति प्रजातियों की पहचान करना, उनके औषधीय उपयोग को जानना, उनके उत्पादन की मात्रा को जानना था। प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं को जंगल सफारी, मोहरेंगा, सिरपुर, अर्जुनी, बारनवापारा आदि स्थलों का भ्रमण कराते हुए समृद्ध पौध प्रजातियों के पहचान, उनकी उपयोगिता एवं आर्थिक महत्व की जानकारी दी गई। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के कैम्पस एवं अन्य स्थानों पर 93 फंगस की प्रजातियां, फ्लोरा की 153 प्रजातियां, औषधीय पौधों की 47 प्रजातियां एवं बीज की 187 प्रजातियों को चिन्हित कर सूचीबद्ध किया गया।

प्रशिक्षण में छात्र-छात्राओं के द्वारा पौधों की पहचान करना, उनकी औषधीय उपयोगिता को जानना, हरबेरियम तैयार करने के तरीके तथा संरक्षण के तौर तरीकों से अवगत हुए। इस प्रशिक्षण से छात्र/छात्राओं के पौध प्रजातियों के देखने के नजरिए में परिवर्तन हुआ तथा वे इनके संरक्षण की दिशा में कार्य करने को तत्पर हुए हैं। इन युवाओं के द्वारा अपने ग्राम पंचायत एवं आस-पास के ग्राम पंचायतों में इस जानकारी एवं ज्ञान का प्रचार-प्रसार करने की सहमति व इच्छा जाहिर की गई। बी.एस.आई. से आए प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के लगभग 1500 औषधीय पौधों की जानकारी प्राप्त की गई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही.श्रीनिवास राव,वैज्ञानिक, बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया डॉ. एस.एस. दास उपस्थित थे।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक राव ने कहा कि वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा पहली बार इस कोर्स का आयोजन किया गया है तथा पौधों की उपयोगिता एवं आर्थिक महत्व को जानने से ही इन पौधों के महत्व का पता चलता है। इस पैराटैक्सोनामी कोर्स के प्रशिक्षण उपरांत छात्र/छात्राओं को इसे पर्यटन (होमस्टे, नेचर ट्रेल, जंगल गाईड) से जोड़ने तथा इन युवाओं का उपयोग बी.एम.सी. ट्रेनिंग, पी.बी.आर. के अपग्रेडेशन कार्य में उपयोग किए जाने का सुझाव भी दिया गया। राव द्वारा प्रशिक्षण उपरांत 4-5 ग्रामों के बीच एक प्रशिक्षित युवा को रखकर विभागीय कार्यों के साथ समन्वय किये जाने का भी सुझाव दिया गया। साथ ही भविष्य में पुनः इस पैराटैक्सोनामी कोर्स का आयोजन बस्तर वृत्त एवं सरगुजा वृत्त के छात्र/छात्राओं को प्रदान किए जाने हेतु योजना तैयार करने के निर्देश छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड को दिए।
उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी के कुशल मार्गदर्शन में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।
मोबाइल बेस्ड एप्लीकेशन ’सुगम’ का वाणिज्य मंत्री ने किया लोकार्पण
संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी एवं कर अपवंचन रोकने में मिलेगी मदद
पंजीयन प्रक्रिया को ज्यादा से ज्यादा जनता हितैषी एवं सरल बनाये : मंत्री ओ पी चौधरी
वाणिज्य कर मंत्री ओ पी चौधरी ने पंजीयन विभाग के कार्यों की समीक्षा की
विभाग से बिचौलिए पूरी तरह से समाप्त हो
रायपुर | वाणिज्यिक कर एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने मोबाईल बेस्ड एप्लीकेशन सुगम का लोकार्पण किया। इस एप्लीकेशन में कोई भी व्यक्ति अपनी रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज के संपत्ति स्थल पर जाकर स्थल का 03 साईड से फोटो तथा अक्षांश एवं देशांतर भौगोलिक स्थिति को रजिस्ट्री सॉफ्टवेयर में प्रविष्ट कर सकेगा। इससे संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी एवं कर अपवंचन को रोकने में सार्थक मदद मिलेगी।

साथ ही चौधरी ने पंजीयन विभाग के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक मंत्रालय महानदी भवन, अटल नगर नवा रायपुर में आयोजित किया गया था। मंत्री चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंजीयन विभाग जनता से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ विभाग है। ऐसा कार्य संस्कृति बनाए कि जनता को किसी प्रकार का कोई असुविधा न हो। पंजीयन के इच्छुक पक्षकारों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। पंजीयन विभाग में बिचौलियों के प्रवेश को रोकें तथा जनता बिना बिचौलियों के किसी भी दस्तावेज की रजिस्ट्री करा सके, यह सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान स्टाम्प प्रकरण तथा पंजीयन में अनावश्यक विलंब के तथ्य प्रकाश में आने पर उन्होंने संबंधित जिला पंजीयक एवं उप पंजीयक को समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिये।
मंत्री चौधरी ने उपस्थित अधिकारियों को कहा कि लोक सेवक के रूप में उन्हें जनता की सेवा का मौका मिला है। देश अभी विकासशील से विकसित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर हो रहा है तथा इस यात्रा में अधिकारी और कर्मचारी का योगदान महत्वपूर्ण होता है। अतः सभी अधिकारी और कर्मचारी सकारात्मक सोंच के साथ काम करें, ईमानदारी बरतें तथा पारदर्शिता दिखायें, जिससे वे विकसित भारत के निर्माण के भागीदार बन सकें।
मंत्री चौधरी ने समीक्षा के दौरान राजस्व प्राप्तियों, दस्तावेजों, आर.आर.सी. प्रकरण, स्टाम्प प्रकरण आदि के तुलनात्मक आंकड़ों की गहन समीक्षा की। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पुराने दस्तावेजों के स्कैनिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है तथा कुछ ही दिनों में पंजीयन विभाग के सर्च एवं नकल मॉड्यूल को पूरी तरह से ऑनलाईन कर दिया जायेगा। इससे कोई भी व्यक्ति ऑफिस में आए बिना निर्धारित शुल्क ऑनलाईन जमा कर पूराने दस्तावेजों की सर्च कर सकेगा तथा नकल ऑनलाईन डाउनलोड कर सकेगा।
अधिकारियों ने समीक्षा के दौरान बताया कि पंजीयन विभाग के कार्यों को कैशलेस, पेपर लेस एवं फेस लेस बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। पंजीयन शुल्क भुगतान के लिए नेट बैंकिंग तथा पी.ओ.एस. से भुगतान चालू कर दिया गया है। मॉडल डीड जनरेशन का काम सॉफ्टवेयर के माध्यम से तेजी से जारी है। इससे कोई भी व्यक्ति वांछित इनपुट भरकर मॉडल रजिस्ट्री के कागजात स्वतः तैयार कर सकता है, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपर लेस किया जा सकेगा। पेन कार्ड का इंटीग्रेशन किया जा चुका है। इसके अगले चरण में आधार के इंटिग्रेशन का कार्य भी जारी है। आधार इंटीग्रेशन होने के बाद गवाहों के रजिस्ट्री ऑफिस में आने की प्रथा समाप्त हो जायेगी एवं छद्म एवं फर्जी व्यक्ति के द्वारा रजिस्ट्री जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा। विभाग का लक्ष्य है कि अगले 01 महीने में फेस लेस के प्रथम चरण में हाउसिंग बोर्ड, आर.डी.ए. तथा कॉलोनाइजर्स को यह सुविधा प्राप्त हो जाये। इसके लिए ट्रायल जल्दी ही पूरा कर लिया जायेगा। इससे पक्षकारों को रजिस्ट्री ऑफिस में आये बिना रजिस्ट्री कराने की सुविधा प्राप्त होगी।
मंत्री चौधरी ने कहा कि विभाग से बिचौलियों को पूरी तरह समाप्त करें। उन्होंने निर्देश दिये कि जिला पंजीयक 10 प्रतिशत की निर्धारित सीमा तक सभी बड़े दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि पंजीयन अधिकारियों के मदद से कर अपवंचन को किसी भी तरीके से बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
राष्ट्रीय मधुमक्खी दिवस : जंगल सफारी में विद्यार्थियों ने किया भ्रमण
मानव जीवन मे मधुमक्खियों की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया गया
रायपुर | नंदनवन जू एवं जंगल सफारी, नवा रायपुर में राष्ट्रीय मधुमक्खी दिवस के अवसर पर "पोलिंनेटर्स प्यूपल एंड प्लेनेट कंसर्वे टुडे फॉर सस्टेनबल टुमारो थीम पर आधारित शैक्षणिक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ।
कार्यक्रम में मानव जीवन में मधुमक्खियों की महत्वपूर्ण भूमिका से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया l कार्यक्रम में नवा रायपुर के हायर सेकंडरी स्कूल राखी के 53 छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को मधुमक्खियों के बारे में प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रदान की गई । मधुमक्खियों की पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ और जैव विविधता पर उनका प्रभाव, भारत में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की मधुमक्खियाँ की प्रजापति और उनकी विशेषताएँ, मधुमक्खी पालन, मधुमक्खियों के जीवन चक्र आदि के बारे में विस्तार से बताया गया l छात्रों ने अत्यधिक रुचि और उत्साह के साथ भाग लिया और प्रश्न पूछ कर अपनी जिज्ञासा भी व्यक्त की कार्यक्रम में जंगल सफारी की ओर से अधिकारीगण सर्वश्री चंद्रमणी साहू , हिमांशु प्रधान, और उपेंद्र साहू शामिल हुए l

जंगल सफारी के संचालक धम्मशील गणवीर ने बताया कि नंदनवन जू एवं जंगल सफारी द्द्वारा वन मंत्री केदार कश्यप के दिशा निर्देशानुसार वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण मुद्दों पर विभिन्न मोड्यूल तैयार कर स्कूली विद्यार्थियों को पर्यावरण और प्रकृति के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है I
दिव्यांग उद्यमियों के सामर्थ्य को सशक्त करता एक मंच : दिव्य कला मेला
बीटीआई ग्राउंड में 17 अगस्त से 23 अगस्त तक आयोजित है यह मेला
रायपुर | राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में आयोजित दिव्य कला मेला को दिव्यांगजनों के साथ-साथ आमजनों द्वारा भी बेहद सराहा और पसंद किया जा रहा है। लोग रक्षा बंधन पर्व के लिए खरीददारी करने के लिए भी मेले में आ रहे हैं। 16 राज्यों से आए हुए दिव्यांग कारीगर एवं उद्यमियों के शिल्प कौशल व उत्पादों को सराहा व खरीदा जा रहा है। दिव्यांगजनों को इस मेले में मार्केटिंग के लिए बेहतरीन मंच मिला है। रंग बिरंगी राखी,घर की साज सज्जा, ऊनी, सूती व रेशमी कपड़े, विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ, ऑर्गेनिक खाद्य सामग्री, जूट से बने सामान, हस्तशिल्प व हथकरघा के सामान, पश्मीना शॉल, जूते, ज्वैलरी, लकड़ी के सामान, खिलौने और हर राज्य के खाने पीने के स्टाल लगाए गए हैं। यह मेला सवेरे 10.00 बजे से रात्रि 9.00 बजे तक संचालित किया जा रहा है तथा प्रत्येक दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जा रहा है। इस मेले का आयोजन 23 अगस्त तक आयोजित है।

गौरतलब है कि केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विगत दिवस राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई मैदान में 17वें ’दिव्य कला मेला’ का भव्य शुभारंभ किया है। दिव्य कला मेला एक ऐसी पहल है जो दिव्यांग उद्यमियों और कारीगरों को उनकी कला और उद्यम का प्रदर्शन करने का एक नया मंच प्रदान करता है। इस मेले का आयोजन नई दिल्ली से लेकर देश के विभिन्न शहरों जैसे वाराणसी, भोपाल, मुंबई, गुवाहाटी, इंदौर, जयपुर, सिंकदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, पटना शहरों में हुआ है। भविष्य में देश के शहरों में भी इसका आयोजन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि दिव्य कला मेले में लाखों की संख्या में दिव्यांग और आमजन पहुंचते हैं। दिव्य कला मेले को लेकर लोगों का यह कहना है कि सरकार की तरफ से यह एक बहुत शानदार पहल है इससे न सिर्फ दिव्यांगजनों की उद्यमिता का प्रदर्शन होता है बल्कि वोकल फॉर लोकल के थीम को भी बढ़ावा मिलता है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने रायपुर में दिव्यांगजन पार्क निर्माण की घोषणा की
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में ’दिव्यांगजन पार्क’ निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन देने की घोषणा की
दिव्य कला मेला, दिव्यांग भाई-बहनों के अद्वितीय कौशल और उद्यमशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन : केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार
दिव्य कला मेला दिव्यांगजन आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार और मुख्यमंत्री साय ने ’दिव्य कला मेला’ का किया शुभारंभ
राजनांदगांव में सीआरसी का नए भवन बनने के बाद वहां दिव्यांगजनों के लिए डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे
रायपुर | केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई मैदान में 17वें ’दिव्य कला मेला’ का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने रायपुर में जमीन मिलने पर दिव्यांगजन पार्क निर्माण कराने की घोषणा की, जिस पर मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में इस पार्क के निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की घोषणा की। रायपुर में ‘‘दिव्य कला मेला‘‘ 16 अगस्त 2024 से 23 अगस्त 2024 तक आयोजित किया जाएगा। सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा।

केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्य कला मेला, दिव्यांग भाई-बहनों के अद्वितीय कौशल और उद्यमशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन है। दिव्यांगजनों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ाने की है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि देश के सर्वांगीण विकास में दिव्यांगजनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सके। प्रधानमंत्री मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत का सपना तब ही पूर्ण हो पाएगा, जब हमारे दिव्यांग भाई-बहन आत्मनिर्भर और सशक्त बनेंगे।
उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में संचालित राज्य संसाधन केंद्र (सीआरसी) के नए भवन बनने के बाद वहां दिव्यांगजनों के लिए डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में भी ’दिव्य कला मेला’ का आयोजन किया जाएगा। इनके स्थान का निर्धारण मुख्यमंत्री साय द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मेले में लगभग 60 स्टॉल लगाए गए हैं। यहां आने वाले अन्य राज्यों के व्यंजनों का रसास्वादन कर सकेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को पहले अनेक नामों से संबोधित किया जाता था, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें दिव्यांगजन का नाम दिया। उन्होंने बताया कि दिव्यांगों की 7 श्रेणियों को बढ़ाकर 21 श्रेणियां की गई है। शासकीय नौकरी में आरक्षण को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया गया है। शासकीय विद्यालयों और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश के लिए आरक्षण को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए सुगम भारत अभियान के तहत शासकीय भवनों, रेल्वे स्टेशनों, एयरपोर्ट में रैम्प तथा अलग शौचालय बनाए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने 16 से 22 अगस्त तक रायपुर में आयोजित दिव्य कला मेला को 23 अगस्त तक आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस मेले में दिव्यांगजन उद्यमियों और कलाकारों आने-जाने, ठहरने और स्टॉल उपलब्ध कराने की निःशुल्क व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम द्वारा दिव्यांगजनों को व्यवसाय हेतु रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग भी प्रदान किए जाते हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 75 दिव्यांग विद्यार्थियों को नेशनल ओव्हरसीज स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है। इस वर्ष इसके लिए अब तक 25 आवेदन प्राप्त हुए है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि दिव्य कला मेला ने दिव्यांगजन की रचनात्मकता, कौशल, और सृजनशीलता को एक मंच प्रदान किया गया है, जिससे वे अपने उत्पादों को देश-विदेश में प्रदर्शित कर सकें। उन्होंने कहा कि दिव्य कला मेला के पिछले सफल आयोजनों ने न सिर्फ दिव्यांगजन की भागीदारी को बढ़ावा दिया है, बल्कि उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को भी सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने लोगों से दिव्य कला मेले में अधिक से अधिक संख्या में आने और दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों को देखने, परखने और खरीदने का आग्रह किया, ताकि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण में सहायता मिले।

मुख्यमंत्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेला दिव्यांगजन के लिए न सिर्फ आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि सामाजिक समरसता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ भी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में दिव्यांगजन को रियायती ऋण की स्वीकृति में हुई बाधाओं को दूर करते हुए, आज 25 लोगों को ऋण स्वीकृति पत्र जारी करना एक नई शुरुआत का प्रतीक है। एनडीएफडीसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने दिव्यांगजन के आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए इस मेले का आयोजन एक ऐतिहासिक अवसर है। जिसमें 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के दिव्यांग उद्यमी और कलाकार अपने उत्पाद लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दिव्यांगजनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रहे हैं।
समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार दिव्य कला मेला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के दिव्यांगजन यदि कुछ नया सोचते है तो राज्य सरकार उन्हें अपने सपने को साकार करने के लिए प्रोत्साहन देगी। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए 12 योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री वीरेन्द्र कुमार से छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजन पार्क का निर्माण कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सहानुभूति की नहीं प्रोत्साहन की जरूरत है। उनकी प्रतिभा को सामने लाने और आगे बढ़ाने की जरूरत है।
सामाजिक न्याय मंत्रालय के डीडीजी, श्री किशोर बाबूराव सुरवाडे ने स्वागत भाषण दिया। राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के सीएमडी, नवीन शाह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, विभिन्न संस्थाओं के विद्यार्थी और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।
मराठा समाज ने किया समाज के पुलिस कर्मियों को सम्मान
रायपुर। मराठा युवा समाज ने 15 अगस्त को ध्वजारोहण कर मराठा समाज के ऐसे सदस्यों का सम्मान किया जो देश की रक्षा के लिए पुलिस विभाग में अपना कर्तव्य निभा रहे है। मराठा मित्र मंडल अध्यक्ष गुणवंत घाटगे, युवा अध्यक्ष लोकेश पवार एवं महिला अध्यक्ष सुषमा महाडिक ने रिटायर्ड पुलिसकर्मी श्रीमान रत्नेश्वर राव गावंडे का शॉल एवं श्रीफल देकर सपत्नीक सम्मान किया।
युवा अध्यक्ष लोकेश पवार ने बताया की मराठा युवा समाज ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर समाज के रिटायर्ड आर्मी ऑफिसरों का सम्मान किया था। इसी कड़ी में इस वर्ष रिटायर्ड पुलिसकर्मियों का स्वागत सम्मान किया गया।
इस आयोजन में महासचिव विनोद मांढरे, मनीष भोंसले, अतुल चव्हाण, जयनारायण कदम, शरद फरताड़े, राहुल डुकरे, सौरभ बाकरे, सुमीत ढिगे, गणेशा जाधव, रजत जाधव, संजू राव, रितिक राव, हिमांशु राव, लक्की शिंदे, मीना चव्हाण, हिमांशु शिंदे, सौरभ शिंदे, सोहन महाडिक, आयुष मोहिते, शानू मोहिते, योगेश भोंसले एवं मराठा मित्र मंडल, मराठा युवा समाज, मराठा महिला समाज के सभी पदाधिकारी एवं सदस्यों ने अपनी उपस्तिथि दर्ज कराई।
फोटो प्रदर्शनी..... बच्चों ने सामान्य ज्ञान क्विज प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर लिया भाग
रायपुर। राजधानी के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आजादी की 78 वीं वर्षगांठ पर छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी का अवलोकन आम नागरिक महाविद्यालय के विद्यार्थियों और स्कूली बच्चें उत्साह पूर्वक कर रहे हैं। रायपुर के बी.पी. पुजारी स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, पी.जी.उमाठे स्वामी आत्मानंद शासकीय स्कूल रायपुर एवं अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए क्विज प्रतियोगिता भी रखी गई थी। जिसमें लगभग 100 बच्चों ने बढ़ चढ़कर कर भाग लिया।
बच्चों को प्रदर्शनी के माध्यम से ज्ञानवर्धक बातें भी बताई जा रही है। ताकि बच्चों को आगे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में आसानी हो क्विज के माध्यम से इतिहास, संस्कृति, अंग्रेजी, कृषि और रायपुर के प्रसिद्ध जगह और अन्य महत्वपूर्ण विषय के संबंध में प्रतियोगिता में प्रश्न पूछे गए और सही जवाब देने वाले बच्चों को तुरंत इनाम देकर पुरस्कृत भी किया गया।
छाया चित्र का अवलोकन कक्षा 12वीं की प्रिया मसीह, शेख सानिया, नोसिन, यश साहू, सेजल चंद्राकर, राखी साहू, लक्ष्मी साहू, प्रतिभा, यश साहू, जतिन आदि छात्र एवं छात्राओं ने बताया की आज उनको प्रर्दशनी देखर बहुत अच्छा लगा। जिसमें भारत के छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का परिचय सहित फोटो प्रदर्शनी देखकर छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी मिली।
विद्यार्थियों ने बताया कि छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से बहुत सारी ज्ञानवर्धक जानकारी मिल रही है। अन्य साथियों को भी इसकी जानकारी देंगे ताकि वे भी इसका लाभ उठा सकें। कक्षा 12वीं की शेख सानिया, राखी साहू, लक्ष्मी साहू एवं यश साहू, जतिन एवं अन्य विद्यार्थियों ने क्विज प्रतियोगिता के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर भाग लिया। प्रर्दशनी का आशा राठौर, अरविंद अग्रवाल एवं अन्य शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों ने भी अवलोकन किया।
रेल मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में दो नई रेलवे लाइनों को दी मंज़ूरी : मुख्यमंत्री विष्णु साय ने पीएम मोदी और रेल मंत्री का जताया आभार
रायपुर | विष्णु के सुशासन में छत्तीसगढ़ के लिए खुशख़बरियों का दौर जारी। अब सुदूर आदिवासी ज़िला बीजापुर भी रेलवे लाइन से जुड़ेगा केंद्र सरकार द्वारा कोरबा से अंबिकापुर रेलवे लाइन को भी मिली मंज़ूरी। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार के फ़ायदे साफ़ नज़र आ रहे हैं। अब बीजापुर भी तेज़ी से विकास की पटरी पर दौड़ेगा।
रेल मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में दो नई रेलवे लाइनों को मंज़ूरी दी है। इनमें से एक नई रेलवे लाइन महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से छत्तीसगढ़ के बचेली तक, जो बीजापुर से होकर गुज़रेगी, 490 किलोमीटर की होगी। दूसरी 180 किलोमीटर की रेलवे लाइन कोरबा से अंबिकापुर के बीच शुरू होगी, जिसके सर्वे और डीपीआर निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 16.75 करोड़ रुपये की राशि मंज़ूर की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए गंभीरता से सोचने वाले देश के प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।
