रायपुर
युवा फेस्ट-2026 का भव्य समापन: दायरा बैंड के सुरों पर थिरका धमतरी
रायपुर। धमतरी के पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित दो दिवसीय 'युवा फेस्ट-2026' का आज अत्यंत उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक माहौल में समापन हुआ। इस महाकुंभ ने न केवल युवाओं की प्रतिभा को एक सशक्त मंच प्रदान किया, बल्कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति और आधुनिक संगीत के अद्भुत संगम से पूरे शहर को ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया। अपने ओजस्वी उद्बोधन में मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि युवा फेस्ट जैसे आयोजन न केवल युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देते हैं, बल्कि उनमें नवाचार और आत्मविश्वास का संचार भी करते हैं। आज का युवा ही 'विकसित भारत-2047' का मुख्य आधार स्तंभ है। स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलकर आप सभी राष्ट्र निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करें।
उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की युवा-कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए युवाओं से इनका लाभ उठाकर राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंतिम दिन 'दायरा बैंड' (जादू बस्तर) की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही। बैंड ने छत्तीसगढ़ी लोकधुनों और समकालीन फ्यूजन के ऐसे सुर छेड़े कि पूरा परिसर झूम उठा। लोक और आधुनिक संगीत के इस बेजोड़ मेल ने युवा पीढ़ी के साथ-साथ सभी आयु वर्ग के दर्शकों का मन मोह लिया।
मंत्री वर्मा ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, विशेषकर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्री रामू रोहरा ने भी युवाओं से अपनी रचनात्मकता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।
समापन समारोह में सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेल और नवाचार से जुड़ी 23 विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पीजी कॉलेज ने इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रनिंग ट्रॉफी अपने नाम की।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने बताया कि फेस्ट का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देना था, जहाँ वे स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और कला-संस्कृति के व्यावहारिक ज्ञान से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर करता रहेगा। शिक्षा विभाग और महाविद्यालय प्रशासन के सहयोग से संपन्न हुआ यह आयोजन जिले के युवाओं के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ।
ऑक्सीजोन रायपुर में सकोरे वितरण.... तेज गर्मी में युवाओं ने पक्षियों की चिंता की
रायपुर। इन भीषण गर्मियों में जब इंसान अपने लिया पानी, ठंडक और उपकरणों का इंतजाम कर लेता है फिर भी गर्मी से हलाकान रहता है। ऐसे में दूसरे प्राणियों का क्या हाल होता होगा, कुछ नाज़ुक पंख और मिजाज़ वाले प्राणियों का आशीर्वाद, उन पक्षियों का सोचिए जिन्हें इसी गर्म हवा और धूप में उड़ कर अपने और बच्चों के लिए दाना भी ढूंढना होता है। इसे संवेदना से देखने वाले युवाओं के समूह The New Ray द्वारा 25 अप्रैल 2026 को रायपुर के ऑक्सीजोन उद्यान में (Oxyzone Garden) में गर्मी के मौसम में पक्षियों को मिट्टी के बर्तन में पानी उपलब्ध करवाने, उनकी सहायता हेतु एक जागरूकता अभियान चलाया गया।
इस पहल के अंतर्गत टीम ने गार्डन में आने वाले लोगों को सकोरे (मिट्टी के पानी के बर्तन) वितरित किए और उनमें छायादार व सुरक्षित स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी रखने के लिए प्रेरित किया।
इस अभियान का उद्देश्य भीषण गर्मी में पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना था। लोगों ने इस पहल की सराहना की और सहयोग करने की इच्छा जताई। यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अभी महज अपनी उच्च शिक्षा की पढ़ाई पूरी कर करियर की शुरुआत कर रहे द न्यू रे समूह (The New Ray) के युवाओं का यह प्रयास उनकी सामाजिक व पर्यावरणीय जिम्मेदारी की समझ को दर्शाता है।
भाठागांव में अवैध प्लांटिंग, भू-माफिया सक्रिय
क्षेत्रवासियों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि भाठागांव क्षेत्र में हो रही सभी प्लॉटिंग की तत्काल जांच कराई जाए, अवैध निर्माण पर रोक लगाई जाए और दोषी पाए जाने वालों पर स त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में आम नागरिकों को ठगी और कानूनी विवादों से बचाया जा सके।
छत्तीसगढ़ में चुनावी बिगुल: निकाय और पंचायतों के 1295 पदों पर उपचुनाव का ऐलान, निर्वाचन आयोग ने कसी कमर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्थानीय सरकार के खाली पड़े पदों को भरने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी शंखनाद कर दिया है। प्रदेश के नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों में रिक्त कुल 1295 पदों पर उपचुनाव के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। निर्वाचन आयोग के इस कदम के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है और राजनीतिक दलों ने अपनी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। यह चुनाव उन क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं जहां विभिन्न कारणों से पद रिक्त पड़े थे और विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
इस चुनावी प्रक्रिया के तहत नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में पार्षदों के रिक्त पदों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंच और पंचों के पदों पर मतदान होगा। आंकड़ों के अनुसार पंचायतों में रिक्त पदों की संख्या सबसे अधिक है, जहां जमीनी स्तर के जनप्रतिनिधियों का चुनाव किया जाना है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि उपचुनावों के दौरान आदर्श आचरण संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। स्थानीय मतदाताओं में भी अपने नए प्रतिनिधियों को चुनने को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि इन छोटे चुनावों के परिणाम सीधे तौर पर स्थानीय विकास और मूलभूत सुविधाओं को प्रभावित करते हैं।
हालांकि ये उपचुनाव हैं, लेकिन राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां इसे आने वाले समय के लिए एक बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में देख रही हैं। नगरीय निकायों और पंचायतों के ये नतीजे जनता के मूड को समझने का एक बड़ा जरिया साबित होंगे। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने से लेकर मतदान और मतगणना तक की तिथियां तय कर दी गई हैं, जिससे अब पूरे प्रदेश का प्रशासनिक अमला चुनावी मोड में आ गया है। ग्रामीण अंचलों में जहां पंच-सरपंच पदों के लिए व्यक्तिगत रसूख की जंग होगी, वहीं नगरीय निकायों में पार्टियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी होगी। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने मताधिकार का प्रयोग कर मजबूत स्थानीय सरकार का गठन करें।
होटल त्रिमूर्ति इन पर मिली गन्दगी, निगम ने लगाया 10 हजार जुर्माना
इस दौरान गन्दगी मिलने पर भविष्य के लिए कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने होटल त्रिमूर्ति इन के सम्बंधित संचालक लोकेश खत्री पर तत्काल 10000 रूपये का ई चालान करते हुए गन्दगी से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया.
रोबोटिक तकनीक से अब आसान हुआ नी एवं हिप रिप्लेसमेंट: डॉ. प्रतीक धाबलिया
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ में एक विशेष हेल्थ टॉक का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को अमूल्य जीवन प्रदान किया है और इसी शरीर के माध्यम से हम समाज व मानव सेवा के कार्य कर पाते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शरीर का उचित ध्यान रखकर ही हम निरोगी जीवन जी सकते हैं।
इस अवसर पर विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. प्रतीक धाबलिया ने बताया कि आधुनिक रोबोटिक तकनीक आधारित सर्जरी के माध्यम से घुटने एवं हिप रिप्लेसमेंट अब अधिक सटिक, सुरक्षित और आसान हो गया है। तकनीकों के उपयोग से मरीजों की रिकवरी पहले की तुलना में काफी तेज हो रही है। डॉ. धाबलिया ने यह भी बताया कि कस्टम-मेड इम्प्लांट्स और एडवांस सर्जिकल प्लानिंग के जरिए मरीजों को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं, जिससे वे जल्द ही सामान्य जीवन में लौट पा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं और विशेषज्ञ से समाधान प्राप्त किया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री आरपी नामदेव, महाप्रबंधक नंदिनी भट्टाचार्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एचएल पंचारी, चिकित्सा सलाहकार डॉ. विवेक गोले, डा. इंदु साहू सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संचालन प्रबंधक (जनसंपर्क) गोविन्द पटेल ने किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन का समापन किया गया।
जनसंपर्क का कार्य जिम्मेदारी का, इसे गंभीरता से लें... परिणाम के अनुरूप होगा हर अधिकारी के कार्य का मूल्यांकन
रायपुर। जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने आज नवा रायपुर स्थित संवाद कार्यालय में जनसंपर्क संचालनालय और जिला जनसंपर्क अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि वर्तमान दौर में जनसंपर्क अधिकारियों को न्यू एज मीडिया की सभी विधाओं में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ तकनीक और संचार के नए माध्यमों को अपनाना ही प्रभावी जनसंपर्क की कुंजी है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनसंपर्क का कार्य अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण है, इसलिए इसे पूरी गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की कोताही से बचना जरूरी है। जनसंपर्क अधिकारी शासन और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि परिणाम के अनुरूप हर अधिकारी के कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा।
बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि मंत्रिगणों, विभागीय सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिले के कलेक्टरों के साथ नियमित संपर्क और समन्वय बनाएं। इससे सूचनाओं का समयबद्ध और प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा, जो शासन की योजनाओं के सही क्रियान्वयन और प्रचार के लिए अत्यंत आवश्यक है।
जनसंपर्क आयुक्त ने आगामी एक मई से शुरू हो रहे प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के प्रचार-प्रसार की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर माध्यम का प्रभावी उपयोग कर योजनाओं की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
उन्होंने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि राज्य में हो रहे विकास कार्यो और योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के वास्तविक अनुभवों को वीडियो पोस्ट और समाचारों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए। इससे अन्य लोगों को भी इनका लाभ लेने के लिए प्रेरणा मिलती है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ सतत संपर्क और समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि योजनाओं की उपलब्धियों और सरकार के कार्यों का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सके। जनसंपर्क आयुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी सक्रिय और जिम्मेदार तरीके से कार्य करें ताकि शासन की योजनाएं आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें वहीं उन्होंने प्रचार-प्रसार कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन जिला जन संपर्क अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए है।
बैठक में अपर संचालक सर्वश्री उमेश मिश्रा, संजीव तिवारी, आलोक देव और श्रीमती हर्षा पौराणिक सहित संचालनालय और जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी मौजूद थे।
क्राइम ब्रांच ने सट्टा किंग बाबू खेमानी के घर मारी रेड
बताया जा रहा है कि बाबू खेमानी के विदेशी नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। पुलिस पिछले एक घंटे से लगातार तलाशी और दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है।
सीबीएस प्रवेश-परीक्षा के लिए 30 अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन
रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के मूलविज्ञान केंद्र [सीबीएस] में संचालित हो रहे पंचवर्षीय एम.एस-सी. एकीकृत पाठ्यक्रम सत्र 2026-2027 में प्रवेश-परीक्षा हेतु आवेदन की प्रक्रिया 20 मार्च से आरंभ हो चुकी है। अभ्यर्थी ऑनलाइन पोर्टल पर 30 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। 15 मई से प्रवेश-पत्र डाउनलोड किया जा सकता है तथा 22 मई को प्रवेश-परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
प्रवेश-परीक्षा के फॉर्म पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.prsu.ac.in / www.prsuuniv.in पर जाकर भरे जा सकते हैं तथा पाठ्यक्रम, प्रवेश-प्रक्रिया आदि की विस्तृत जानकारी को देखा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए छात्र सेंटर फॉर बेसिक साइन्सेज कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। उच्च शिक्षा में अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास को बढ़ावा के लिए स्थापित इस विशिष्ट पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से ही छात्रों को प्रवेश दिया जाता है।
बारहवीं उत्तीर्ण हो रहे छात्रों के लिए यह सुनहरा अवसर है, जिसमें प्रवेश लेकर छात्र बी.एस-सी. आनर्स विथ सब्जेक्ट तथा संबंधित विषय में इंटीग्रेटेड एम.एस-सी. का उच्च स्तरीय पाठ्यक्रम पढ़कर भविष्य संवार सकते हैं। पूर्णतः आवासीय इस पाठ्यक्रम की कुल 60 (40 स्कालरशिप सीट + 20 पेमेंट सीट) सीटों में प्रवेश लिया जा सकेगा। इसमें 40 स्कालरशिप सीटों में प्रवेश प्राप्त सभी छात्रों को 5000 रुपये प्रति माह स्कालरशिप का प्रावधान है।
जानिए किस दिन आएगा छत्तीसगढ़ 10वीं-12वीं बोर्ड का रिजल्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों का इंतजार अब बस कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मण्डल (माशिमं) के रायपुर स्थित मुख्यालय से खबर आ रही है कि 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों की जांच का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। अब बोर्ड का पूरा ध्यान रिजल्ट को फाइनल टच देने और मार्कशीट अपलोड करने पर है।
दरअसल, जिस रफ्तार से इस बार बोर्ड ने काम किया है, उसे देखते हुए सूत्रों का कहना है कि नतीजे अगले हफ्ते कभी भी घोषित किए जा सकते हैं। जानकारों की मानें तो 30 अप्रैल या 1 मई की तारीख पर मुहर लग सकती है। बता दें कि रायपुर के पेंशन बाड़ा स्थित शिक्षा विभाग के दफ्तरों में हलचल तेज हो गई है और अधिकारी रिजल्ट की शुचिता जांचने में जुटे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, छात्रों को हर विषय में कम से कम 33% अंक हासिल करना अनिवार्य है। इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों के नंबर शामिल हैं। जो छात्र एक या दो विषय में रह जाएंगे, उन्हें हताश होने की जरूरत नहीं है, बोर्ड उनके लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा का आयोजन करेगा।
अवैध लकड़ी कारोबार पर बड़ी कार्रवाई, लाखों की सागौन-साल-शीशम जब्त, आरोपी फरार
रायपुर। बिलासपुर जिले में वन विभाग ने अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने दबिश देकर लाखों रुपए की सागौन, साल और शीशम की लकड़ी जब्त की है, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया। मुख्य वन संरक्षक और वनमंडल अधिकारी के निर्देश पर कोटा वन परिक्षेत्र में यह कार्रवाई की गई।
वन विभाग, उड़नदस्ता और पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्च वारंट के आधार पर तखतपुर विकासखंड के अमलीकांपा गांव में आरोपी पिंकू खांडे और गीता खांडे के घर दबिश दी। दबिश के दौरान टीम को घर और बाड़ी से बड़ी मात्रा में अवैध लकड़ी और एक रमदा मशीन बरामद हुई। जब्त वनोपज में 2.372 घन मीटर सागौन, 0.794 घन मीटर साल और 0.040 घन मीटर शीशम शामिल है।
जब्त की गई लकड़ी की कुल कीमत करीब 3 लाख 24 हजार 370 रुपए आंकी गई है। वन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। कार्रवाई में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पुलिस टीम भी शामिल रही। जब्त वनोपज को सेल डिपो कोटा भेज दिया गया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल फरार आरोपी की तलाश जारी है और वन विभाग अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ लगातार सख्ती बरत रहा है।
राज्यपाल डेका से फिल परमार्थ आश्रम के संस्थापक ने की भेंट
रायपुर : रमेन डेका से आज फिल परमार्थ आश्रम, भिलाई के संस्थापक अमित राज ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आश्रम की गतिविधियों एवं समाजसेवा से जुड़े कार्यों की जानकारी राज्यपाल को दी।
आश्रम द्वारा सड़कों पर लावारिस अवस्था में घूम रहे बुजुर्गों तथा मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों का रेस्क्यू कर उन्हें आश्रम में आश्रय दिया जाता है। वहां उनके उपचार, देखभाल, भोजन तथा आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाती है।
उन्होंने बताया कि अब तक आश्रम के माध्यम से 208 लोगों को राहत एवं पुनर्वास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में आश्रम में 94 लोग निवास कर रहे हैं, जिनकी नियमित देखरेख की जा रही है।उन्होंने राज्यपाल से आश्रम का भ्रमण करने का आग्रह भी किया।
राज्यपाल ने आश्रम द्वारा किए जा रहे मानवीय एवं सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
उल्लेखनीय की राज्यपाल द्वारा इस संस्था को पूर्व में 2 लाख रुपए का स्वेछानुदान भी प्रदान किया गया है।
इस अवसर पर आश्रम के अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
एम्स रायपुर के डॉक्टरों ने 70 वर्षीय बुजुर्ग का कटा हुआ हाथ सफलतापूर्वक जोड़ा
रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के डॉक्टरों ने एक 70 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति का कटा हुआ हाथ सफलतापूर्वक जोड़कर चिकित्सा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। मरीज का बायां हाथ धान की भूसी (पैडी हस्क) मशीन के चलती बेल्ट में फंस जाने से कोहनी के नीचे से कट गया था। घटना के लगभग दो घंटे के भीतर मरीज को अस्पताल लाया गया। कटा हुआ हाथ सही तरीके से बर्फ वाले डिब्बे में सुरक्षित रखा गया था, जिससे सर्जरी सफल होने की संभावना बढ़ गई।
प्रारंभिक उपचार के बाद मरीज को तुरंत ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। लगभग 8 घंटे चली इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व Dr Jiten Kumar Mishra (प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष) ने किया। चोट गंभीर होने के कारण सर्जरी काफी चुनौतीपूर्ण थी। ऑर्थोपेडिक टीम, जिसका नेतृत्व Dr Sandeep Nema ने किया, ने हड्डी को छोटा कर उसे ठीक से जोड़ा। एनेस्थीसिया टीम ने ऑपरेशन के दौरान मरीज की स्थिति को स्थिर बनाए रखा। प्लास्टिक सर्जरी टीम के अन्य सदस्यों ने मिलकर हाथ में दोबारा रक्त प्रवाह शुरू किया और उसे सुरक्षित रूप से जोड़ने में सफलता पाई। मरीज को बाद में दो और सर्जरी से गुजरना पड़ा और लगातार निगरानी में रखा गया।
एक महीने बाद, मरीज का हाथ ठीक तरह से रक्त प्रवाह के साथ काम कर रहा है और घाव लगभग भर चुका है। हड्डी को पूरी तरह जुड़ने में लगभग 2 महीने और लग सकते हैं, जबकि हाथ की पूरी कार्यक्षमता लौटने में अधिक समय लग सकता है। डॉक्टरों ने बताया कि ऐसी स्थिति में मरीज और कटा हुआ अंग 6 घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचना और अंग को बर्फ में सही तरीके से सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होता है। ऐम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ Lt Gen Ashok Jindal (सेवानिवृत्त) ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी आपात स्थितियों में टीमवर्क की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
रायपुर :प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के स्पष्ट निर्देश पर ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए इसे 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है।
निर्देशानुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। विशेष रूप से 23 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।
इस निर्धारित अवधि में बच्चों को पूर्व तय समय-सारिणी के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE गतिविधियां) के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य आवश्यक सेवाएं प्रातः 11:00 बजे तक जारी रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। साथ ही, गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श देने की महत्वपूर्ण सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गर्म हवाओं और उच्च तापमान के बीच बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
इसके साथ ही, सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।
बी.टेक चोर : इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर राहुल बन गया चोर, बाइक को पलक झपकाते कर देता था पार,
पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें। वाहन को हमेशा सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें और लॉकिंग सिस्टम का सही तरीके से उपयोग करें। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
मॉल में पार्किंग शुल्क वसूली अवैध, जिला उपभोक्ता आयोग ने दिया बड़ा आदेश…
न्यायालय ने प्रस्तुत तर्कों और विधिक दृष्टांतों का संज्ञान लेते हुए उन्हें विधिसम्मत माना और मॉल को वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूली को अवैध घोषित करते हुए निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को निर्देशित किया है.