रायपुर
मेडिकल बुलेटिनः प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल एम्स रायपुर में उपचाराधीन
रायपुर। प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार एवं भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल (89 वर्ष) वर्तमान में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में उपचाराधीन हैं। उन्हें 2 दिसंबर 2025 को स्वास्थ्य में गिरावट, विशेषकर सांस लेने में कठिनाई के कारण भर्ती किया गया था। इससे पूर्व अक्टूबर माह में श्वसन संबंधी शिकायतों के कारण उनका उपचार एक निजी अस्पताल में हुआ था। वर्तमान में वे एमआईसीयू में भर्ती हैं, जहां उन्हें वेंटिलेटर तथा ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु राजगुरु स्वयं शुक्ल की चिकित्सकीय स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। उनके उपचार हेतु चिकित्सा, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, रूमेटोलॉजी, पल्मोनोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी एवं भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास (पीएमआर) विभागों के विशेषज्ञों एवं सुपर-स्पेशलिस्ट्स की एक समन्वित बहुविषयक टीम गठित की गई है। इस टीम का नेतृत्व चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय आर. पंडित कर रहे हैं।
8 दिसंबर की संध्या को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एम्स रायपुर का दौरा कर विनोद कुमार शुक्ल से भेंट की, उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उपचाररत चिकित्सकों से बातचीत कर उन्हें सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शुक्ल मधुमेह, इस्कीमिक हृदय रोग, पूर्व में फीमर फ्रैक्चर तथा हाल ही में निदान की गई इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (आईएलडी) जैसी अनेक सह-रुग्णताओं से ग्रसित हैं। वर्तमान में उनका उपचार गंभीर द्विपक्षीय निमोनिया के लिए किया जा रहा है। उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा उन्नत जीवनरक्षक उपचार के माध्यम से उन्हें स्थिर करने और स्वास्थ्य में सुधार के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर किंतु स्थिर है, और एम्स रायपुर के चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम निरंतर उनकी निगरानी कर रही है।
जहां बंदूकें खामोश हुईं, वहां भविष्य की नींव रखी जा रही है... पुनर्वास केंद्र में 35 आत्मसमर्पित नक्सली बने राजमिस्त्री
रायपुर। कभी जिन हाथों में बंदूकें थीं, आज उन्हीं हाथों में औज़ार हैं। कभी जिन रास्तों पर हिंसा और डर का साया था, आज वहीं विकास और भरोसे की नींव रखी जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच और स्पष्ट मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की एक नई और सकारात्मक तस्वीर उभरकर सामने आई है। वहाँ पुनर्वास केंद्र में रह रहे 35 आत्मसमर्पित नक्सलियों को राजमिस्त्री (मेसन) का व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है।
यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन और एसबीआई आरसेटी के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 15 महिलाएं और 20 पुरुष शामिल हैं। इन्हें भवन निर्माण से जुड़े सभी आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक कौशल-जैसे नींव निर्माण, ईंट चिनाई, प्लास्टर कार्य, छत ढलाई, गुणवत्ता मानक का व्यवस्थित और चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ये किसी भी निर्माण कार्य में दक्षता के साथ काम कर सकें।
यह पहल केवल रोजगार प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसमर्पित युवाओं के जीवन को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये युवा प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण )के तहत जिले में अधूरे और नए आवासों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इससे एक ओर उन्हें स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही कुशल राजमिस्त्रियों की कमी भी दूर होगी।
कलेक्टर देवेश ध्रुव ने इस पहल को सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि आत्मसमर्पण का वास्तविक अर्थ केवल हथियार छोड़ना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ लौटना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे युवाओं को कौशल, रोजगार और सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण सहित विभिन्न शासकीय निर्माण कार्यों के सफल क्रियान्वयन के लिए कुशल मानव संसाधन अत्यंत आवश्यक है। यह प्रशिक्षण आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार और सामाजिक सरोकार से जोड़ेगा।
पोलमपल्ली निवासी पुनर्वासित पोड़ियम भीमा बताते हैं कि वे लगभग 30 वर्षों तक संगठन से जुड़े रहे, लेकिन आत्मसमर्पण के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। “यहाँ रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था है। हमें राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक का प्रशिक्षण भी मिला। अब मैं सम्मान के साथ काम कर सकूंगा।
पुवर्ती निवासी मुचाकी रनवती बताती हैं कि वे 24 वर्षों तक संगठन से जुड़ी रहीं। पुनर्वास के बाद मुझे सिलाई का प्रशिक्षण मिला। अब राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हम अपने परिवार से मिल पाए, बस्तर ओलंपिक में भाग लिया और प्रथम पुरस्कार भी जीता। शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है।
डब्बमरका निवासी गंगा वेट्टी ने कहा कि पुनर्वास के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। जिला प्रशासन ने मोबाइल और राजमिस्त्री किट दी है। शिविर लगाकर आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और जॉब कार्ड बनाए गए हैं। कोई समस्या होती है तो कलेक्टर और एसपी तुरंत सुनवाई करते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने इस पहल को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संवाद, संवेदना और विकास के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आत्मसमर्पित युवाओं को हुनर, रोजगार और सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य की पुनर्वास नीति का मूल उद्देश्य है।
सुकमा जिले में चल रहा आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार मूलक कार्यों से जोड़ने का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील प्रशासन, भरोसे और विकासपरक योजनाओं के जरिए हिंसा के रास्ते पर भटके युवाओं को नई पहचान और बेहतर भविष्य दिया जा सकता है। यही पुनर्वास की असली सफलता है और यही स्थायी शांति की मजबूत नींव।
मेगा हेल्थ कैम्प में एक्यूपंक्चर से लोगों को मिल रहा लाभ.... प्रतिदिन उमड़ रही भीड़
रायपुर। राजधानी रायपुर के आयुर्वेदिक कालेज में लगे पांच दिवसीय मेगा हेल्थ कैंप में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे है। शिविर में एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, एक्यूप्रेशर, एक्यूपंक्चर, नाड़ी चिकित्सा समेत सभी चिकित्सा पद्धतियों के विशेषज्ञ एक ही परिसर में उपलब्ध है। मरीजों की सुविधा के लिए रक्त जांच, एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, दवाइयां और भोजन की व्यवस्था पूर्णतः निःशुल्क की जा रही है। एक्यूपंक्चर से इलाज कराने वाले मरीजों को त्वरित राहत मिल रहा है। गुरुवार को एक मरीज व्हीलचेयर पर पहुंचा और अपने पैरों में चलकर शिविर से लौटा। उसके चेहरे पर मुस्कान नजर आई। उसे सार्टिका की परेशानी थी।
महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की प्रारंभिक जांच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी वाली थर्मल स्कैनिंग मशीन भी है। यह आधुनिक IA मशीन केवल 5-10 मिनट में रिपोर्ट प्रदान करती है। इस मशीन के संचालन के लिए बैंगलोर और दिल्ली से अनुभवी ऑन्कोलॉजिस्ट मौजूद है। इसके साथ ही हड्डियों की जांच के लिए बीएमडी मशीन, लिवर की जांच के लिए फ़िब्रोस्कैन मशीन और देशभर में मशहूर जयपुर पैर सेवा भी उपलब्ध है।
मेगा शिविर को सफल बनाने के लिए प्रदेशभर से 40 बाहरी चिकित्सक, 250 से 300 स्थानीय डॉक्टर, 30 बड़े हॉस्पिटल, और 600–700 मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ जुटा है।
मेगा हेल्थ कैम्प 2025 का भव्य शुभारंभ… सीएम साय बोले- यह कैंप ‘मनखे-मनखे एक समान’ की भावना को कर रहा साकार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास की जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर में मानव सेवा, सामाजिक समरसता और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में 18 से 22 दिसंबर तक आयोजित 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प 2025 का भव्य शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री साय ने बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए अमन, चैन और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प हजारों लोगों के लिए स्वास्थ्य संजीवनी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने गठन के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इन 25 वर्षों में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित कर रही है। वहीं राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु ₹25 लाख तक की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि “हेल्थ इज वेल्थ” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन को बचाने और संवारने का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने विधायक राजेश मूणत एवं उनकी पूरी टीम को इस विशाल आयोजन के लिए बधाई दी और कैम्प परिसर में विभिन्न जांच स्टालों का अवलोकन भी किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन मात्र एक स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय करुणा की सशक्त अभिव्यक्ति है। बाबा गुरु घासीदास जी के “सत्य, अहिंसा और समानता” के संदेश से प्रेरित यह महाअभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने का अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहभागिता से यह कैम्प केवल प्राथमिक जांच तक सीमित नहीं, बल्कि अंतिम निदान एवं उपचार तक का समग्र समाधान प्रदान कर रहा है। डॉ. सिंह ने आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था और व्यापक प्रभाव की सराहना की।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर आयोजित यह स्वास्थ्य महाकुम्भ समाज के हर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग इस कैम्प में स्वास्थ्य लाभ लेने पहुँचे हैं। जिन रोगियों का उपचार कैम्प में संभव नहीं होगा, उन्हें आयुष्मान कार्ड के माध्यम से संबद्ध संस्थानों में निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम के आयोजक एवं विधायक राजेश मूणत ने बताया कि बाबा गुरु घासीदास जी के अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” से प्रेरित होकर इस मेगा हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य की सभी प्रमुख विधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जहाँ एक्स-रे, ईको, सोनोग्राफी सहित विविध जांचें एवं आवश्यक दवाइयाँ पूर्णतः निःशुल्क दी जा रही हैं। महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर जांच हेतु अत्याधुनिक मशीनों की विशेष व्यवस्था की गई है। एम्स रायपुर, बालाजी, रावतपुरा, गंगा डायग्नोसिस सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थान और देशभर से आए विशेषज्ञ चिकित्सक इस सेवा कार्य में सहभागिता निभा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में डिजिटल सार्वजनिक खरीद को नई गति देगा ‘जेम एक्सीलेंस समिट 2025’
रायपुर। डिजिटल सार्वजनिक खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस द्वारा छत्तीसगढ़ के खरीदारों एवं विक्रेताओं के लिए “जेम एक्सीलेंस समिट 2025” का आयोजन शुक्रवार 19 दिसंबर 2025 को लोक निर्माण विभाग न्यू सर्किट हाउस, सिवील लाईन्स, रायपुर में किया जाएगा। यह समिट राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक खरीद प्रणाली की दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर सिद्ध होगा।
इस समिट का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय विभागों में डिजिटल सार्वजनिक खरीद की क्षमताओं को सशक्त करना तथा खरीदार संगठनों को जेम के ईकोसिस्टम, प्रमुख सुविधाओं और कार्यप्रणाली (वर्कफ़्लो) के प्रभावी उपयोग के लिए सक्षम बनाना है। कार्यक्रम के दौरान जेम प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध नवीन सुविधाओं, प्रक्रियागत सुधारों और पारदर्शी खरीद तंत्र की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
समिट में राज्य के विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं के लिए उपलब्ध व्यापक अवसरों पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा। इसके माध्यम से स्थानीय इकाइयाँ, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम, स्टार्टअप्स, कारीगर, महिला उद्यमी तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) उद्यमी एक ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के जरिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खरीदार संगठनों तक सरल, पारदर्शी और निर्बाध पहुँच बना सकेंगे।
हाल ही में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस द्वारा काशन मनी की समाप्ति और वेंडर असेसमेंट शुल्क में कमी जैसे सुधारों से छोटे उद्यमियों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इन पहलों ने सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सुलभ, पारदर्शी और अवसर सृजन करने वाला बनाया है, जो विकसित भारत 2047 और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।
समिट के संबंध में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मिहिर कुमार ने कहा कि यह आयोजन राज्य के खरीदारों और विक्रेताओं को नई सुविधाओं को समझने, संचालन प्रक्रियाओं पर स्पष्टता प्राप्त करने और रचनात्मक सुझाव साझा करने का सशक्त मंच प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समिट छत्तीसगढ़ को पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और दक्ष सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने अब तक गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से ₹6,408 करोड़ से अधिक मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं की खरीद की है। इनमें से लगभग ₹2,600 करोड़ की खरीद राज्य के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से की गई है, जो समावेशी खरीद के प्रति राज्य की दृढ़ प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस ने राज्य में खरीद प्रक्रिया को तेज़ करने, प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, देशव्यापी बाज़ार तक पहुँच उपलब्ध कराने और प्रत्येक खरीद निर्णय को पूरी तरह पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जेम छत्तीसगढ़ सरकार के साथ निरंतर सहयोग करते हुए डिजिटल गवर्नेंस और समावेशी सार्वजनिक खरीद प्रक्रियाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पेंशन ट्रस्ट में पर्याप्त राशि बनाए रखने होगी पहलः अरुण कुमार ठाकुर
रायपुर। राष्ट्रीय पेंशनर्स दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनीज पेंशनर्स एसोसिएशन का प्रांतीय सम्मेलन महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभा कक्ष में संपन्न हुआ। दिन भर चले कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पेंशनर्स एकत्रित हुए। 75 वर्ष पूर्ण कर चुके पेंशनर्स सुनील ओक, सिराजुद्दीन कुरैशी, एनपी मिश्रा, वामन राव डोंगरे, विपिन झा, आरएस कौशिक को सम्मानित किया गया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कुमार ठाकुर ने कहा कि पेंशन ट्रस्ट में पर्याप्त राशि जमा होने पर ही पेंशनर्स को निर्बाध रूप से पेंशन मिलती रहेगी। इसके लिए पावर कंपनी प्रबंधन से चर्चा करके कारगर कदम उठाने जोर दिया जाएगा। वरिष्ठ अभियंता पीएन सिंह ने छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग द्वारा विद्युत कंपनीज की कार्यप्रणाली एवं पेंशन के संबंध में सुधार विषयक आहुत बैठक में अधिकाधिक संख्या में भागीदारी देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मानव संसाधन विभाग प्रमुख वीके अग्रवाल ने बताया कैशलेश चिकित्सा सुविधा देने के मामले में छत्तीसगढ पावर कम्पनी देश में सबसे अव्वल है। पेंशनर्स और पेंशेट के हित के प्रति कम्पनी सजग है। इसी क्रम में वरिष्ठ अभियंता पीके खरे, वरिष्ठ श्रमिक नेता एनपी मिश्रा, सुरेंद्र शुक्ला ने कंपनी और कर्मचारी हित में एकजुटता बनाए रखने पर बल दिया।
कार्यक्रम में एसो. के सचिव नवीन कुमार निगम ने भविष्य की योजना, पेंशन नीतियों का विश्लेषण पर प्रकाश डाला। सम्मेलन के का संचालन पूर्व महाप्रबंधक विजय मिश्रा 'अमित' ने तथा आभार प्रदर्शन योगेश नैयर ने किया। अतिथियों का स्वागत एसो. के पदाधिकारी सुभाष चंद्र तिवारी, कैलाश नारायण शर्मा, डीके अम्बष्ट, सतीश चंद्र वर्मा, और अमरकांत दुबे ने किया। दिवंगत हुए सदस्यों को मौन श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राज्य स्तरीय ओपन फिटनेस रन का आमंत्रण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में विधायक मोतीलाल साहू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बलौदाबाजार जिले के ग्राम खरतोरा में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय ओपन फिटनेस रन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया तथा आयोजन की प्रतीकात्मक टी-शर्ट भेंट की।
मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त माध्यम हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना, पुलिस तथा सीमा सुरक्षा बल के जवानों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में सतत रूप से समर्पित जवानों का सम्मान करना पूरे समाज के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि फिटनेस, अनुशासन और देशभक्ति जैसे मूल्यों को एक मंच पर जोड़ने वाले ऐसे आयोजन स्वस्थ, सशक्त और जागरूक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अग्निवीर भर्ती: सीईई में सफल अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड जारी, जनवरी 2026 में धमतरी में भर्ती रैली
रायपुर। भारतीय सेना ने अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन—सीईई) में सफल अभ्यर्थियों के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। इन अभ्यर्थियों के लिए जनवरी 2026 में छत्तीसगढ़ में अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर द्वारा दी गई।
उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना की ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा का आयोजन 30 जून से 10 जुलाई 2025 के बीच किया गया था। इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थी ही शारीरिक दक्षता परीक्षा, चिकित्सकीय परीक्षण एवं अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में शामिल होने के पात्र होंगे। ऐसे सभी योग्य अभ्यर्थियों के लिए अब एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं।
सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों के पुरुष उम्मीदवारों के लिए अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन 10 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक धमतरी जिले के इंडोर स्टेडियम में किया जाएगा। इस रैली के माध्यम से पात्र अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।
भर्ती रैली के दौरान अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर तथा अग्निवीर ट्रेड्समैन (कक्षा आठवीं एवं कक्षा दसवीं उत्तीर्ण) श्रेणियों के लिए चयन प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। रैली में केवल वही उम्मीदवार भाग ले सकेंगे, जिन्होंने भारतीय सेना की ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।
सेना भर्ती कार्यालय ने बताया कि भर्ती रैली में शामिल होने के लिए योग्य अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। साथ ही अभ्यर्थियों की पंजीकृत ई-मेल आईडी पर भी प्रवेश पत्र भेजे गए हैं।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड, सभी निर्धारित शैक्षणिक एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज़ तथा आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर साथ लाना अनिवार्य होगा। निर्धारित दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं करने पर अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
भर्ती से संबंधित किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी अथवा स्पष्टीकरण के लिए अभ्यर्थी सेना भर्ती कार्यालय, नया रायपुर से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए संपर्क नंबर 0771-2965212 एवं 0771-2965214 जारी किए गए हैं।
सेना भर्ती कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं योग्यता आधारित है। भारतीय सेना ने अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से सतर्क रहने तथा किसी भी दलाल, एजेंट या बिचौलिए के बहकावे में न आने की सलाह दी है।
बृजबाई कर रही है घर गृहस्थी के कार्यों में राशि का उपयोग, महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल
बृजबाई ने मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।
स्व. कुलदीप निगम की 23वीं पुण्य तिथि पर अनेक जगह पर पुष्पांजलि
रायपुर। प्रेस क्लब रायपुर के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष , छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के संस्थापक सदस्य एवं प्रथम महासचिव , माना कैम्प में छत्तीसगढ़ के प्रथम वृद्धाश्रम की स्थापना करने वाले पत्रकार एवं समाजसेवी स्व. कुलदीप निगम जी की 23 वीं पुण्य तिथि पर 16 दिसम्बर मंगलवार को उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए माना कैम्प स्थित कुलदीप निगम वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्गों को चरण पादुका के साथ फल, एवं खाद्य सामग्री वितरण किया गया ।
8 प्रतिशत कम बजट में होगा महादेव घाट कॉरिडोर का काम, मंजूरी के लिए नगर निगम ने सरकार को भेजा प्रस्ताव
खम्हारडीह टंकी के काम पर अधिकारियों ने कहा कि मार्च से पहले यदि यह टंकी तैयार हो गई तो आने वाली गर्मी में कचना आदि क्षेत्रों में जलसंकट का सामना नागरिकों को नहीं करना पड़ेगा। महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर बनने वाले महादेव घाट कॉरिडोर का काम नगर निगम के साथ ही सिंचाई और लोक निर्माण विभाग भी करेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए विधायक राजेश मूणत ने अलग-अलग दो आर्किटेक्ट से प्रस्ताव मंगाये थे। इनमें कॉरिडोर के रास्ते में आने वाली दुकानों को बिना हटाये ही व्यवस्थित रूप देकर उसी जगह पर उन्हें रखने का निर्देश दिया था। वहीं सामाजिक भवनों के रास्ते कॉरिडोर से अलग कर दिये जाएंगे। कॉरिडोर का काम महादेव घाट चौक के पास पेट्रोल पंप के सामने से शुरू किया जाएगा।
विधानसभा में गूंजा एपीएल को फर्जी तरीके से बीपीएल कार्ड बनाने का मामला
रायपुर। बिलासपुर जिले में पिछले दो साल में एपीएल कार्ड को बगैर हितग्राहियों की अनुमति से बीपीएल में फर्जी तरीके से बदलने का मामला आज विधानसभा में गूंजा। सत्ता पक्ष के विधायक ने इसकी आड़ में गरीबों के हक पर डाका डालने का आरोप लगाते हुए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। विभागीय मंत्री इसके लिए तैयार नहीं हुए परंतु स्पीकर ने इसे गंभीरता से लेते हुए खाद्य मंत्री को जांच के लिए निर्देशित किया।
रविवि में पूर्व क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय टेबल टेनिस प्रतियोगिता शुरू... 43 टीमों की सहभागिता
रायपुर। अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU) के तत्वावधान में आयोजित पूर्व क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय टेबल टेनिस प्रतियोगिता (पुरुष एवं महिला) का उद्घाटन 15 दिसंबर 2025 को पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर (छत्तीसगढ़) में किया गया। इस प्रतियोगिता का आयोजन विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा निदेशालय द्वारा किया जा रहा है तथा यह प्रतियोगिता 15 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक आयोजित होगी। प्रतियोगिता में पूर्व क्षेत्र की विभिन्न विश्वविद्यालयों की 25 पुरुष टीमों एवं 18 महिला टीमों की सहभागिता है।
प्रतियोगिता का आयोजन नॉक-आउट सह लीग प्रणाली के अंतर्गत किया जा रहा है। प्रतियोगिता संरचना के अनुसार, पिछले संस्करण में सेमीफाइनल खेलने वाली चार टीमों को वरीयता प्रदान की गई है, जो सीधे सेमीफाइनल मुकाबले खेलेंगी। शेष टीमों के लिए नॉक-आउट मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे चार टीमें लीग मुकाबलों के लिए क्वालीफाई करेंगी, जिससे प्रतियोगिता की प्रतिस्पर्धात्मक गुणवत्ता बनी रहे।
15 दिसंबर 2025 को प्रतियोगिता के प्रथम दिवस प्रातः 9:00 बजे से मुकाबलों की शुरुआत हुई। इस दिन नॉक-आउट राउंड 1 एवं राउंड 2 के अंतर्गत कुल 40 मुकाबले निर्धारित किए गए, जिनमें पुरुष वर्ग के 20 तथा महिला वर्ग के 20 मुकाबले शामिल थे। सायं 7:00 बजे तक पुरुष वर्ग के 12 मुकाबले एवं महिला वर्ग के 7 मुकाबले संपन्न हो चुके थे। महिला वर्ग में उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय एवं गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के मध्य एक रोचक एवं संघर्षपूर्ण मुकाबला खेला गया, जिसमें उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय ने 3–0 से विजय प्राप्त की। पुरुष वर्ग में ड्रिम्स विश्वविद्यालय, कटक एवं कीट विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर के मध्य खेले गए उत्कृष्ट मुकाबले में ड्रिम्स विश्वविद्यालय, कटक ने 3–1 से जीत दर्ज की। दिन के शेष निर्धारित मुकाबलों को पूर्ण करने हेतु मैच देर रात तक जारी रहे।
प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन समारोह अपराह्न 3:00 बजे स्कूल ऑफ स्टडीज इन फिजिकल एजुकेशन, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल ने मुख्य अतिथि के रूप में तथा विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र कुमार पटेल ने विशेष अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके उपरांत विश्वविद्यालय कुलगीत एवं छत्तीसगढ़ राज्य गीत प्रस्तुत किए गए।
अतिथियों एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए प्रो. रीता वेणुगोपाल, क्रीड़ा निदेशक एवं आयोजन सचिव, ने उद्घाटन वक्तव्य प्रस्तुत किया तथा प्रतियोगिता के उद्देश्यों एवं अंतर-विश्वविद्यालय खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात खिलाड़ियों द्वारा खेल भावना एवं निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की शपथ ली गई। उद्घाटन समारोह को रिदमिक योग, छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, सामूहिक प्रदर्शन तथा गतका जैसी आकर्षक सांस्कृतिक एवं शारीरिक प्रस्तुतियों ने विशेष गरिमा प्रदान की।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. शैलेन्द्र कुमार पटेल, कुलसचिव, ने समग्र शिक्षा में खेलों की भूमिका पर बल दिया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, कुलपति, ने खिलाड़ियों को खेल भावना एवं निष्पक्षता बनाए रखने का संदेश दिया तथा सभी प्रतिभागी टीमों को सफल प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएँ दीं। उद्घाटन समारोह का समापन प्रो. राजीव चौधरी, विभागाध्यक्ष, स्कूल ऑफ स्टडीज इन फिजिकल एजुकेशन, द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
प्रतियोगिता के अगले चरण में 16 दिसंबर 2025 को पुरुष एवं महिला वर्गों में राउंड 2 एवं राउंड 3 के मुकाबले खेले जाएंगे। इस दिन कुल 24 मुकाबले निर्धारित किए गए हैं, जिनमें पुरुष वर्ग के 12 एवं महिला वर्ग के 12 मुकाबले शामिल हैं।
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अंत में मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि आवास एवं पर्यावरण विभाग की उपलब्धियां छत्तीसगढ़ को वित्तीय रूप से सक्षम, निवेश-अनुकूल, पर्यावरण-संवेदनशील और नागरिक केंद्रित राज्य के रूप में स्थापित कर रही हैं। नवा रायपुर अटल नगर इन प्रयासों का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। प्रेस वार्ता में गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ पदाधिकारी तथा विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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