देश-विदेश
इंडियन लाइट टैंक ने उच्च ऊंचाई पर कई राउंड सटीक गोलाबारी कर बड़ी उपलब्धि हासिल की
नई दिल्ली | इंडियन लाइट टैंक (आईएलटी) ने 4200 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर, लगातार सटीक परिणामों के साथ, उच्च ऊंचाई वाले पहाड़ी स्थलों पर विभिन्न रेंजों पर कई राउंड की गोलाबारी करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सितंबर 2024 में रेगिस्तानी वातावरण में किए गए चरण के परीक्षण के बाद यह अगला परीक्षण है। इस लाइट टैंक को भारतीय सेना की प्रोविजनल स्टाफ क्वालिटेटिव आवश्यकताओं के अनुसार रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की चेन्नई स्थित प्रयोगशाला, कॉम्बैट व्हीकल्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट द्वारा परिभाषित, डिज़ाइन और विकसित किया गया है। इसका निर्माण इंडस्ट्री पार्टनर लार्सन एंड टुब्रो प्रिसिजन इंजीनियरिंग एंड सिस्टम्स द्वारा किया गया है।
आईएलटी को 25 टन वर्ग के बख्तरबंद लड़ाकू वाहन के रूप में डिजाइन किया जा रहा है, ताकि उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। एकीकृत तरीके के साथ-साथ डिजाइन से लेकर कार्यान्वयन और उच्च ऊंचाई पर प्रदर्शन तक का कार्य तीन वर्षों में पूरा किया गया है।
भारतीय वायुसेना द्वारा आईएलटी की हवाई परिवहन क्षमता का भी प्रदर्शन किया गया। ऐसी क्षमता से आईएलटी को उन परिचालन स्थितियों में त्वरित तैनाती में सहायता मिलेगी जो सड़क या रेल की पहुंच से दूर और कठिन हैं। आंतरिक प्रदर्शन परीक्षणों के इन दो चरणों के साथ, जिन्हें भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना द्वारा सक्रिय रूप से समर्थन दिया गया था, उपयोगकर्ता परीक्षणों के लिए पेश किए जाने से पहले आईएलटी को कुछ और परीक्षणों से गुजरना होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हल्के टैंक के उच्च ऊंचाई वाले सफल परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और एलएंडटी को बधाई दी है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने भी उद्योग साझेदार एलएंडटी सहित पूरी लाइट टैंक टीम को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी।
संसद हमले में बलिदान देने वाले जवानों को दी श्रद्धांजलि उपराष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं ने
नई दिल्ली | उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों ने 23 साल पहले 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले में अपने प्राणों की आहुति देने वालों को शुक्रवार को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने भी पुराने संसद भवन ‘संविधान सदन’ के बाहर आयोजित एक कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) कर्मियों ने कार्यक्रम स्थल पर सलामी दी, जिसके बाद शहीदों के सम्मान में कुछ क्षण का मौन रखा गया।
पिछले साल तक सीआरपीएफ सलामी शस्त्र (वर्तमान हथियार) भेंट करती थी। यह हमला पांच हथियारबंद आतंकवादियों ने किया था लेकिन संसद सुरक्षा सेवा, सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस के जवानों ने हमले को विफल कर दिया तथा कोई भी आतंकवादी इमारत में प्रवेश नहीं कर पाया था।
कई नेताओं को हमले में मारे गए लोगों के परिजनों से बातचीत करते देखा गया। इस हमले में दिल्ली पुलिस के छह जवान, संसद सुरक्षा सेवा के दो जवान, एक माली और एक वीडियो पत्रकार मारे गए थे। सभी पांच आतंकवादियों को तत्कालीन संसद भवन के प्रांगण में मार गिराया गया था।
देश के 6,44,131 गांवों में से लगभग 6,22,840 गांवों में मोबाइल कवरेज उपलब्ध
ग्रामीण भारत में नेटवर्क कवरेज
नई दिल्ली | देश के 6,44,131 गांवों में से ( भारत के रजिस्ट्रार जनरल के अनुसार ), लगभग 6,22,840 गांवों में मोबाइल कवरेज उपलब्ध है और इनमें से 6,14,564 गांव 30.09.2024 तक 4 जी मोबाइल कनेक्टिविटी के साथ कवर किए जा चुके हैं।
जनजातीय कार्य मंत्रालय के प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) मिशन के अंतर्गत 4,543 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) बस्तियों की मोबाइल कनेक्टिविटी से वंचित के रूप में पहचान की गई है और इनमें से 1,136 पीवीटीजी बस्तियों को मोबाइल कनेक्टिविटी से कवर किया गया है।
सरकार पीवीटीजी बस्तियों सहित देश के ग्रामीण, दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में मोबाइल टावरों की स्थापना के माध्यम से दूरसंचार कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए डिजिटल भारत निधि के तहत विभिन्न योजनाएं/परियोजनाएं कार्यान्वित कर रही है। 31 अक्टूबर, 2024 तक, पीवीटीजी बस्तियों को 4जी कवरेज प्रदान करने के लिए विभिन्न डिजिटल भारत निधि वित्त पोषित मोबाइल परियोजनाओं के तहत 1,018 मोबाइल टावरों को मंजूरी दी गई है, जिसका अनुमानित व्यय 1,014 करोड़ रुपये है।
यह जानकारी संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासनी चंद्रशेखर ने राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है।
महिलाओं के लिए इससे अच्छा गांव नहीं, मुंह से निकला अपशब्द तो लगेगा 500 रुपये जुर्माना
डेस्क। महाराष्ट्र के एक गांव ने सभ्यता की मिसाल पेश के है। गांव के लोगों ने आपस में बातचीत के दौरान अपशब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का संकल्प लिया है। ये गांव अहिल्यानगर जिले में सौंदाला नाम से है। सौंदाला गांव के लोगों अपशब्द बोलने वालों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाने का भी फैसला किया है। बतादें कि सौंदाला को 2007 में विवाद-मुक्त गांव होने का राज्यस्तरीय पुरस्कार मिला था। प्रतिष्ठित शनि शिंगणापुर मंदिर नेवासा तालुका में ही स्थित है।
सरपंच शरद अरगडे ने बताया कि अहिल्यानगर जिले की नेवासा तहसील के सौंदाला गांव की ग्राम सभा ने गुरुवार को महिलाओं की गरिमा और आत्मसम्मान के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया।
महाराष्ट्र के एक गांव ने सभ्यता की मिसाल पेश के है। गांव के लोगों ने आपस में बातचीत के दौरान अपशब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का संकल्प लिया है। ये गांव अहिल्यानगर जिले में सौंदाला नाम से है। सौंदाला गांव के लोगों अपशब्द बोलने वालों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाने का भी फैसला किया है।
सरपंच शरद अरगडे ने बताया कि अहिल्यानगर जिले की नेवासा तहसील के सौंदाला गांव की ग्राम सभा ने गुरुवार को महिलाओं की गरिमा और आत्मसम्मान के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया।
अरगडे ने कहा कि यह फैसला समाज में महिलाओं की गरिमा और स्वाभिमान का सम्मान करने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा, ‘हम विधवाओं को सामाजिक और धार्मिक अनुष्ठानों तथा रीति-रिवाजों में शामिल करते हैं। इसी तरह, हमारे गांव में (पति की मृत्यु के बाद) सिंदूर हटाना, मंगलसूत्र उतारना और चूड़ियां तोड़ना प्रतिबंधित है।’
अलीराजपुर के हर गाँव तक पहुंचेगा नर्मदा मैया का जल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना क्षेत्र में सिंचाई के लिये महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिये पर्याप्त जल मिलेगा। छकतला में हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग का कार्य होने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे अन्य क्षेत्रों में रोजगार के लिए होने वाला पलायन भी रूकेगा। उन्होंने कहा कि सोंडवा क्षेत्र के 169 गाँवों के लिये शीघ्र ही नर्मदा जल भी उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव अलीराजपुर जिले के छकतला में 1732.45 करोड़ की लागत की सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मथवाड़ हाई स्कूल से हॉयर सेकेंडरी उन्नयन एवं कट्ठीवाड़ा से सोंडवा से लेकर कुल 13 सड़कों के निर्माण को मंच से ही स्वीकृति प्रदान की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोंडवा सिंचाई परियोजना से क्षेत्र को एक से अधिक उपज देने में मदद मिलेगी। जिससे आर्थिक सशक्तिकरण के द्वार खुलेंगे। रोजगार की तलाश में अन्य क्षेत्रों में होने वाले पलायन को रोकने में भी इस परियोजना से मदद मिलेगी। सोंडवा परियोजना से पानी की कमी की समस्या भी दूर होगी। आज का दिन अलीराजपुर जिले के लिये एतिहासिक दिन है। आज छकतला में 15.14 करोड़ रूपये छकतला हीरा पॉलिसिंग एवं कटिंग कार्य की परियोजना का भूमि-पूजन किया गया है। इससे भी युवाओं के लिये रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
अलीराजपुर के युवा भी हीरा तराशने का कार्य कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्रवासियों को मिली सौगात से उत्साहित लोगों को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे भगोरिया का पर्व मन रहा है। उन्होंने कहा कि भगोरिया के नृत्य एवं ढोलक की थाप देवताओं को भी आकर्षित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां का भगोरिया पर्व विश्व प्रसिद्ध है। वे अगले वर्ष इसमें शामिल होने का प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोंडवा माइक्रो उदवहन सिंचाई परियोजना से जिले के 169 गाँव की 55013 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इससे आर्थिक समृद्धि भी आएगी, आमजन का जीवन सुधरेगा, लोगों जीने का अंदाज बदलेगा और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलीराजपुर कलेक्टर को बिजली की आवश्यकता का सर्वे का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रतिवेदन की समीक्षा कर आवश्यकता अनुसार बिजली उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में गीता जयंती का भी आयोजन किया गया। इसके साथ ही 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक पूरे प्रदेश में जन कल्याण पर्व एवं 11 दिसम्बर से 26 जनवरी 2025 तक जन कल्याण अभियान आयोजित किया जाएगा। इसमें 76 प्रकार की योजनाएं एवं 63 प्रकार की सेवाएं नागरिकों को ग्राम ग्राम जाकर उनके घर पर उपलब्ध करवाई जाएगी। जिले में 81000 प्रधानमंत्री आवास का निर्माण हुआ है। जिले के 87000 कृषकों को 12000 रुपए की राशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में प्राप्त होती है।
2025 से एटीएम के जरिए निकाली जा सकेगी पीएफ राशि: श्रम मंत्रालय का ऐलान
नई दिल्ली। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) सिस्टम को और अधिक सरल और तेज बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने घोषणा की है कि जनवरी 2025 से कर्मचारी एटीएम के माध्यम से अपनी पीएफ राशि निकाल सकेंगे। यह सुविधा पीएफ निकासी की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाते हुए मानवीय हस्तक्षेप को भी कम करेगी।
श्रम सचिव सुमित्रा दौरा ने बताया कि श्रम मंत्रालय पीएफ सेवाओं को बैंकिंग मानकों के अनुरूप बनाने के लिए EPFO के IT सिस्टम को अपग्रेड करेगा। नया IT सिस्टम 2.1 संस्करण के तहत काम करेगा, जिससे निकासी प्रक्रिया और तेज और सटीक होगी। इसके साथ ही दावा निपटान (क्लेम सेटलमेंट) और भी अधिक स्वचालित और त्रुटिरहित हो जाएगा।
नई योजना के तहत, प्रत्येक पीएफ सदस्य को एक डेडिकेटेड पीएफ निकासी कार्ड दिया जाएगा। यह कार्ड एटीएम कार्ड की तरह काम करेगा, और इसकी मदद से कर्मचारी किसी भी एटीएम से अपनी पीएफ राशि निकाल सकेंगे। हालांकि, इस निकासी पर कुछ सीमाएं होंगी। कर्मचारी केवल अपने कुल पीएफ बैलेंस का 50% ही निकाल सकेंगे। यह सुविधा केवल आपातकालीन या विशेष परिस्थितियों के लिए उपलब्ध होगी।
श्रीकृष्ण का जीवन प्रशासनिक दक्षता का श्रेष्ठ उदाहरण है - मुख्यमंत्री डॉ.यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा श्री महाकाल की नगरी उज्जैन, जो सदा से ही धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बिन्दु है, आज श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ से और अधिक भव्य, दिव्य और ऊर्जामयी लग रही है। अर्जुन को माध्यम बनाकर मुक्ति के तीनों मार्गों - भक्तियोग, ज्ञानयोग और कर्मयोग की गूढ़ता को स्पष्ट रूप से समझाने के लिए मोक्षदा एकादशी के दिन ही कुरूक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अपना विराट स्वरूप प्रकट किया था और श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में ज्ञान का संदेश दिया। वेदों का सार उपनिषदों में है और उपनिषदों का निचोड़ श्रीमदभगवद्गीता में है। इस लिहाज से विश्व की प्राचीनतम और समृद्धतम आध्यात्मिक ज्ञानकोष का क्रैशकोर्स है श्रीमदभगवद्गीता। आजकल धर्म का अर्थ केवल पूजा-पद्धति से जोड़ा जाता है, लेकिन सनातन संस्कृति में धर्म का वास्तविक अर्थ था आदर्श आचरण संहिता। श्रीमद्भगवद्गीता जीवन जीने के उसी आदर्श आचरण का प्रकटीकरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश व उज्जैन से गहरा नाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस वध के बाद महाराजा उग्रसेन को पुन: राजा बनाया और स्वयं उज्जैन के सांदीपनी आश्रम में आकर 64 कलाओं की शिक्षा प्राप्त की। यह मनुष्य के जीवन में शिक्षा के महत्व को दर्शाती है और शिक्षा की सनातन परंपरा से मध्यप्रदेश व उज्जैन का गहरा नाता जोड़ती है। महाभारत युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी नारायणी सेना कौरवों को दी और स्वयं पाण्डवों के पक्ष में रहे। भगवान श्रीकृष्ण की नारायणी सेना इतनी अनुशासित थी कि उसके सैनिकों ने युद्ध भूमि से पलायन नहीं किया और अंत तक युद्ध में डटे रहे।
भगवान श्रीकृष्ण के मुखारविंद से निकली श्रीमद्भगवद् गीता से कर्मयोग की शिक्षा प्राप्त होती है। भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में लोग गीता की शिक्षा का अनुसरण कर रहे हैं। श्रीमद्भगवद् गीता प्राणियों के जीवन में शांति, सहनशीलता, न्यायोचित, आदर्श जीवन मूल्य, मर्यादा का संदेश देती है। इसी कारण सनातन संस्कृति हजारों वर्ष के बाद भी अपने सम्पूर्ण गौरव के साथ विद्यमान है।
गीता के संदेश से मानव मात्र के कल्याण के लिए अपने जीवन का क्षण-क्षण समर्पित कर देने की प्रेरणा मिलती है। चाहे आप छात्र हों, गृहिणी हों, व्यवसायी हों, नौकरीपेशा हों, या अधिकारी हों, चाहे आप हिन्दू हों, बौद्ध, जैन, सिख, ईसाई या मुस्लिम हों, श्रीमद्भगवद्गीता आपको अपने-अपने क्षेत्र में, अपने-अपने पंथ में रहते हुए बेहतर प्रोफेशनल, बेहतर पिता, बेहतर पुत्र, बेहतर नागरिक और बेहतर नेतृत्वकर्ता बनने का मार्गदर्शन करेगी। इसलिए जीवन में लक्ष्य पाने के लिए हम सभी को श्रीमदभगवद् गीता का दिव्य पाठ करना चाहिए। गीता का ज्ञान सभी के लिए है, गीता साक्षात देववाणी है, गीता दिव्यवाणी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भोपाल में भगवत भक्तों ने गीता पाठ कर एक अनूठा विश्व रिकार्ड बनाया है। हम मध्यप्रदेश में गीता जी को पाठ्यक्रम में भी सम्मिलित कर रहे हैं। श्रीमदभगवद गीता पर आधारित स्कूली छात्रों की प्रतियोगिता में 45 लाख से अधिक बच्चों ने भाग लिया व पुरस्कार जीतें।
धर्मेंद्र प्रधान ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2024 के ग्रैंड फिनाले का उद्घाटन किया
छात्र विकसित भारत के संचालक हैं, उनके नवाचार और उत्साह से विश्व की चुनौतियों का समाधान मिल सकता है - धर्मेंद्र प्रधान
नई दिल्ली | केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2024 के ग्रैंड फिनाले का वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया। उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार, एनईटीएफ के अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे, एआईसीटीई के उपाध्यक्ष डॉ. अभय जेरे और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. टीजी सीताराम और अन्य शिक्षाविदों के साथ-साथ छात्र और सलाहकार देश भर में फैले विभिन्न केंद्रों से वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। यह हैकाथॉन 51 केंद्रों में एक साथ आयोजित हो रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संबोधन में एसआईएच के विजन से प्रेरित होने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह नवाचार और रचनात्मकता का केंद्र बन चुका है, जहां देश भर के छात्र समकालीन चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए अपने बौद्धिक कौशल का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि छात्र विकसित भारत के संचालक हैं और उनके नवाचार एवं उत्साह से दुनिया की चुनौतियों का समाधान मिल सकता है। उन्होंने उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की प्रतिभा, दूरदर्शिता, कठिन परिश्रम, नेतृत्व और नवाचार भारत को 21वीं सदी की ज्ञान अर्थव्यवस्था, उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक विकास मॉडल बनाने के साथ-साथ दुनिया के विकास इंजन के रूप में उभरने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
डॉ. सुकांत मजूमदार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि कैसे एसआईएच ने चुनौतियों को अवसरों में बदल दिया है, जिससे युवा सोच को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। हैकाथॉन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह समावेशिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें प्रत्येक टीम में कम से कम एक महिला सदस्य शामिल है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का योगदान इस बात की याद दिलाता है कि लैंगिक समानता केवल एक लक्ष्य नहीं है, बल्कि सतत प्रगति के लिए एक आवश्यकता है। डॉ. मजूमदार ने नवोन्मेषकों के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा मंत्रालय के नवाचार प्रकोष्ठ की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह छात्रों को विचारों को प्रभावशाली वास्तविकताओं में बदलने, उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए सशक्त बना रहा है।
संजय कुमार ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि किस तरह नवाचार की अवधारणा ने हमारे मस्तिष्क और शैक्षणिक संस्थानों की संस्कृति में मजबूती से जड़ें जमा ली हैं। उन्होंने मंत्रालय के प्रयासों को बढ़ाने और लीक से हटकर सोचने को बढ़ावा देने में निरंतर मार्गदर्शन के लिए धर्मेंद्र प्रधान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एसआईएच व्यक्तिगत प्रतिभा से आगे बढ़ने और सामूहिकता की शक्ति का दोहन करने का अवसर प्रदान करता है, क्योंकि छात्र सहयोगात्मक और रचनात्मक रूप से समस्याओं का समाधान विकसित करते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को दोहराते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन विचारों में आत्मनिर्भरता भी शामिल है।
प्रधानमंत्री के युवा-नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप, स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) छात्रों को सरकार के मंत्रालयों और विभागों, उद्योगों और अन्य संगठनों की ज्वलंत समस्याओं को हल करने के लिए एक मंच प्रदान करने की एक राष्ट्रव्यापी पहल है। 2017 में शुभारंभ किए गए स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन ने युवा नवोन्मेषकों के बीच जबर्दस्त लोकप्रियता हासिल की है। पिछले छह संस्करणों में, विभिन्न क्षेत्रों में अभिनव समाधान उभरे हैं और स्थापित स्टार्टअप के रूप में सामने आए हैं।
इस वर्ष 54 मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योगों द्वारा 250 से अधिक समस्या विवरण प्रस्तुत किए गए हैं। संस्थान स्तर पर आंतरिक हैकथॉन में 15 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है, जो एसआईएच 2023 में 900 से बढ़कर एसआईएच 2024 में 2247 से अधिक हो गई है, जिससे यह अब तक का सबसे बड़ा संस्करण बन गया है। संस्थान स्तर पर एसआईएच 2024 में 86000 से अधिक टीमों ने भाग लिया है और लगभग 49,000 छात्र टीमों (प्रत्येक में 6 छात्र और 2 संरक्षक शामिल हैं) को राष्ट्रीय स्तर के दौर के लिए इन संस्थानों द्वारा अनुशंसित किया गया है।
ट्राई ने अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक के निर्धारण पर सिफारिशें जारी कीं
नई दिल्ली | भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने आज अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक के निर्धारण पर सिफारिशें जारी की हैं।
भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने दिनांक 30 अगस्त, 2022 के संदर्भ के माध्यम से ट्राई से अनुरोध किया कि वह ट्राई अधिनियम, 1997 (संशोधित) की धारा 11(1)(ए) के तहत अंतरराष्ट्रीय एसएमएस और घरेलू एसएमएस के निर्धारण पर सिफारिशें प्रस्तुत करे।
इस संबंध में, हितधारकों की टिप्पणियों और प्रति-टिप्पणियों को आमंत्रित करने के लिए 02 मई, 2023 को ‘अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक के निर्धारण’ पर एक परामर्श पत्र जारी किया गया था। जवाब में, 20 हितधारकों ने अपनी टिप्पणियां प्रस्तुत कीं, और सात हितधारकों ने अपनी प्रति-टिप्पणियां प्रस्तुत कीं। परामर्श पत्र पर एक ओपन हाउस चर्चा 24 अगस्त, 2023 को आयोजित की गई थी।
हितधारकों से प्राप्त टिप्पणियों/प्रति-टिप्पणियों और अपने स्वयं के विश्लेषण के आधार पर, ट्राई ने अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक के निर्धारण पर सिफारिशों को अंतिम रूप दिया है।
‘अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक’ शब्द को संबंधित दूरसंचार सेवा लाइसेंस और प्राधिकरणों में इस प्रकार परिभाषित किया जाना चाहिए |
“अंतरराष्ट्रीय यातायात का अर्थ है एक देश से शुरू होकर दूसरे देश में समाप्त होने वाला यातायात, जिसमें से एक देश भारत है।”
‘अंतरराष्ट्रीय एसएमएस संदेश’ शब्द को संबंधित दूरसंचार सेवा लाइसेंस और प्राधिकरणों में इस प्रकार निर्धारित किया जाना चाहिए |
“अंतरराष्ट्रीय एसएमएस संदेश का अर्थ है एसएमएस का उपयोग करके दिया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक।”
संबंधित दूरसंचार सेवा लाइसेंस और प्राधिकरणों में अंतरराष्ट्रीय एसएमएस के निर्धारण के अंतर्गत निम्नलिखित स्पष्टीकरण शामिल किया जाना चाहिए |
“किसी व्यक्ति को आने वाला कोई भी एप्लिकेशन (ए2पी) एसएमएस संदेश अंतरराष्ट्रीय एसएमएस संदेश माना जाएगा, यदि इसे भारत के बाहर स्थित किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कंप्यूटर सिस्टम या कंप्यूटर एप्लिकेशन के उपयोग या क्रियाकलाप के बिना उत्पन्न, प्रेषित या प्राप्त नहीं किया जा सकता है।”
'घरेलू ट्रैफिक' शब्द को संबंधित दूरसंचार सेवा लाइसेंस और प्राधिकरणों में इस प्रकार परिभाषित किया जाना चाहिए |
"घरेलू ट्रैफिक का अर्थ है भारत के भीतर शुरू होने वाला और समाप्त होने वाला ट्रैफिक।"
'घरेलू एसएमएस' शब्द को संबंधित दूरसंचार सेवा लाइसेंस और प्राधिकरणों में इस प्रकार निर्धारित किया जाना चाहिए |
"घरेलू एसएमएस का अर्थ है एसएमएस का उपयोग करके दिया जाने वाला घरेलू ट्रैफिक।"
सिफारिशों की एक प्रति ट्राई की वेबसाइट (www.trai.gov.in) पर अपलोड की गई है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईसीए संबंधी समीक्षा बैठक दिल्ली में संपन्न हुई
नई दिल्ली | भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (सीसीईए) संबंधी तीन दिवसीय समीक्षा बैठक 6 दिसंबर, 2024 को नई दिल्ली में संपन्न हुई। 4 से 6 दिसंबर, 2024 तक आयोजित हुई ये बैठक दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अपर सचिव और मुख्य वार्ताकार श्री राजेश अग्रवाल ने किया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मामले और व्यापार विभाग के प्रथम सहायक सचिव और मुख्य वार्ताकार श्री रवि केवलराम ने किया।
इस बैठक में हुए विचार-विमर्श में सीईसीए के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया, जिसमें वस्तुओं, सेवाओं, गतिशीलता, कृषि-प्रौद्योगिकी संबंधी सहयोग और अन्य क्षेत्रों में व्यापार शामिल है। दोनों पक्षों ने यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता पर बल दिया कि सीईसीए दोनों देशों के लिए सार्थक लाभ और एक संतुलित परिणाम प्रदान करे। ये विचार-विमर्श बाजार पहुंच के तौर-तरीकों पर भी केंद्रित था, जो भारत के खाद्य सुरक्षा उद्देश्यों के साथ संरेखित हैं।
यह समीक्षा बैठक 19 से 22 अगस्त, 2024 तक सिडनी में आयोजित वार्ता के 10वें दौर के बाद हई है, जिसमें दोनों पक्षों ने सीईसीए के विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण प्रगति की थी। नई दिल्ली में हुई ये बैठक उन्हीं प्रयासों की निरंतरता को बनाए रखने के लिए थी और दोनों देशों ने व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और कृषि क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर एक रचनात्मक सांवाद किया। दोनों पक्षों ने अब तक की प्रगति का मूल्यांकन किया और व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते के शीघ्र निष्कर्ष के लिए आगे के मार्ग की रूपरेखा बनाई।
दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने सीईसीए के भविष्य और व्यापक भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक साझेदारी के बारे में आशावादिता व्यक्त की। इन चर्चाओं ने आगे के सहयोग का मार्ग प्रशस्त किया है, विशेष रूप से कृषि नवाचार, बाजार पहुंच और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में।
भारत और ऑस्ट्रेलिया क्षेत्रीय और वैश्विक पहलों जैसे कि हिन्द-प्रशान्त आर्थिक फ्रेमवर्क संबंधी समृद्धि (आईपीईएफ) और त्रिपक्षीय मजबूत आपूर्ति श्रृंखला पहलों में भी (एससीआरआई) प्रमुख साझेदार हैं। ये फ्रेमवर्क क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने और हिन्द-प्रशान्त क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती को और मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
हिन्द-प्रशान्त क्षेत्र में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में, भारत और ऑस्ट्रेलिया सीईसीए ढांचे के तहत निरंतर सहयोग और संवाद के जरिए आर्थिक प्रगति, कृषि विकास और क्षेत्रीय समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता को एकबार फिर दौहराया है।
केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने जेवर हवाई अड्डे पर : पहली वैलिडेशन फ्लाइट की लैंडिंग का निरीक्षण किया
नई दिल्ली | नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली वैलिडेशन फ्लाइट सफलतापूर्वक उतरी, जो ऑपरेशनल तत्परता की दिशा में इसकी यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। इस अवसर पर नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू, गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा और जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह मौजूद थे। इंडिगो की फ्लाइट दोपहर में हवाई अड्डे पर उतरी, जिसे औपचारिक वाटर कैनन सैल्यूट और परियोजना के साइट कर्मचारियो द्वारा जोरदार तालियों से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव, वुमलुनमंग वुलनाम, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष विपिन कुमार, उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
इस उड़ान ने हवाई अड्डे की आगमन और प्रस्थान प्रक्रियाओं, नेविगेशनल सहायता और हवाई यातायात नियंत्रण प्रणालियों की सटीकता सुनिश्चित हुई। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि जेवर हवाई अड्डे से भारत में हवाई यात्रा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बदल जाएगी। उन्होने कहा कि यह हवाई अड्डा 2025 में एक चालू रनवे के साथ खुलेगा और सालाना 12 मिलियन यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह हवाई अड्डा अपने डिजाइन, शिल्प कौशल और यात्री सेवाओं के माध्यम से उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पहचान को दर्शाते हुए विश्व स्तरीय सुविधा के रूप में काम करेगा।
राम मोहन नायडू ने जेवर के किसानों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया, जिनकी मदद से उत्तर प्रदेश को अपने 17वे हवाई अड्डे को वास्तविकता बनाने में महत्वपूर्ण मदद मिली।
अपने दौरे के दौरान, श्री नायडू ने हवाई अड्डे के संचालक के साथ एक समीक्षा बैठक की और उन्हें परियोजना की समय-सीमा का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया ताकि अप्रैल 2025 तक हवाई अड्डे का संचालन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जेवर हवाई अड्डे के लिए ऐसी सेवाएँ प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया जो नए मानक स्थापित करती हैं, जिसमें बुनियादी ढाँचा वास्तव में विश्व स्तरीय है और जिसमें स्थानीय संस्कृति और शिल्प कौशल के तत्व शामिल हैं। उन्होंने सड़क, रेल और मेट्रो लिंक सहित कनेक्टिविटी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की और भविष्य की हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी पर चर्चा की, जो हवाई अड्डे को व्यापक क्षेत्रीय और राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क के साथ जोड सकती है। उन्होने ने पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए हवाई अड्डे को बिजली देने के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग जैसे उपायों पर विशेष ध्यान दिया।
नायडू ने इस परियोजना की अपार आर्थिक संभावनाओं को रेखांकित किया, जिससे हजारों नौकरियां पैदा होने, पर्यटन को बढ़ावा मिलने और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने साइट पर काम करने वाले कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया और एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे को बनाने में उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण को स्वीकार किया।
राम मोहन नायडू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन की सराहना की जिनके नेतृत्व में भारत अभूतपूर्व बुनियादी ढांचे के विकास का अनुभव कर रहा है। उन्होने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की भी सराहना की जिनके प्रयासों से इस ऐतिहासिक परियोजना का तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है। उड्डयन मंत्री ने नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की टीम को अपनी शुभकामनाएं दीं और 2025 में एनआईए के परिचालन की शुरुआत के लिए मंच तैयार करने वाली वैलिडेशन फ्लाइट संचालित करने के लिए इंडिगो को धन्यवाद दिया।
मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में बनाए जाएंगे गीता भवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में अगले तीन साल में गीता भवन बन कर तैयार हो जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा सम्पूर्ण प्रदेश में गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। भगवान श्री कृष्ण के मुखारविंद से निकली श्रीमद्भगवद् गीता से कर्मवाद की शिक्षा प्राप्त होती है। केवल भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में लोग गीता की शिक्षाओं का अनुसरण कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में श्री कृष्ण पाथेय का निर्माण किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रदेश में विद्यमान भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। मध्यप्रदेश में गीता जी को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 11 दिसम्बर को गीता जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भोपाल और उज्जैन में 5 हजार से अधिक भगवत भक्तों के माध्यम से गीता पाठ का विश्व रिकार्ड बनाया जाएगा। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के आयोजकों से गीता पाठ से वर्चुअली जुड़ने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगले वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के आयोजन में मध्यदेश को सहभागी बनाने का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुरूक्षेत्र (हरियाणा) में जारी अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत संत सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, स्वामी अवधेशानंद, स्वामी रामदेव, स्वामी ज्ञानानन्द और विश्व हिन्दू परिषद के चम्पत राय के साथ भोज में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर गीता ज्ञान संस्थान स्थित मंदिर में दर्शन किए और संग्रहालय का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर कुरूक्षेत्र में बने हरियाणा पेवेलियन और महोत्सव के साझेदार उड़ीसा राज्य के पेवेलियन का अवलोकन भी किया। उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन श्रीमद्भगवद् गीता की जयंती के अवसर पर हरियाणा सरकार द्वारा किया जाता है। गीता महोत्सव के दौरान श्रीमद्भगवद्गीता केन्द्रित विभिन्न सांस्कृतिक धार्मिक और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के प्रकाश से विश्व प्रकाशमान हो रहा है। सभी ओर सनातन संस्कृति की ध्वजा लहरा रही है, और श्रीमद्भगवद् गीता की शिक्षाओं से सम्पूर्ण धरा लाभान्वित भी हो रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा के महत्व को स्थापित किया। भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण करने के लिए संदीपनि आश्रम पधार कर उज्जैन को गौरवान्वित किया साथ ही यह भी स्थापित किया कि व्यक्ति कितने महत्वपूर्ण पद पर हो, उसे शिक्षा ग्रहण करने के लिए अवश्यक प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिष्य की पहचान उसके गुरू से होती है, इस दृष्टि से श्रीमद्भगवद गीता, आचार्य संदीपनि की महानता और गुरूकुल पद्धति की पवित्रता और उसके उन्नत स्वरूप को प्रकट करती है। भीषण युद्ध के बीच भगवान श्रीकृष्ण के मुख से गीता के ज्ञान का होना भारत भूमि पर शिक्षा के गौरव और सांस्कृतिक समृद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि भगवान श्रीकृष्ण की समस्त लीलाओं से जन सामान्य को परिचित कराने की व्यवस्था संदीपनि आश्रम में की गई है। इसके साथ ही उज्जैन में कृष्णायन नाम से संग्रहालय विकसित किया गया है।
सहकार भारती अधिवेशन में शामिल लोगों को मिला सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले का मार्गदर्शन
डेस्क। सहकार भारती के तीन दिवसीय 8वें राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन रेलवे ग्राउंड परिसर में शनिवार को औपचारिक उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले का अधिवेशन में शामिल प्रतिनिधियों को मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर सहकार भारती द्वारा उर्वरक के क्षेत्र में अनुसन्धान एवं नवाचार हेतु विशिट योगदान के लिए फ़र्टिलाइज़र मैन ऑफ इंडिया के सम्मान से इफको के प्रबंध निदेशक डॉ उदयशंकर अवस्थी को सम्मानित किया गया। इस दौरान दत्तात्रेय होसबोले और मंचासीन अतिथियों ने कार्यकर्ता मार्गदर्शिका पत्रिका का विमोचन किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि पंजाब कि भूमि पर सहकार भारती ने राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करने का निर्णय लिया यह अत्यंत सराहनीय है क्योंकि यह गुरुओं की भूमि है तथा प्राचीनकाल से ही वेदों की रचना की भूमि है। भारतीय ज्ञान के संदेश को पूरे विश्व में देने वाली भूमि यही रही है। यहां जीवन की साधना हुई है। इस भूमि पर हमारे पूर्वजों ने अपने अनुभव से अपने जीवन में प्रयोग करके संदेश देने का कार्य किया है। सहकारिता जीवन का आधार है। हमारे समाज की व्यवस्था ही सहकारिता के आधार पर है। किसान जमीन में फसल उगाता है। क्या वह यह कार्य अकेले कर सकता है? हमारे सारे ग्राम्य जीवन की व्यवस्था परस्पर सहकारिता के माध्यम से चलती है। भारत में आर्थिक क्षेत्र में सहकारिता के लिए बहुत विचार हुए हैं जो सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि जीवन में शरीर और अर्थ के प्रति मोह नही होना चाहिए। दोनों में संतुलन होना अत्यंत आवश्यक है। समाज राष्ट्र की आधारभूत इकाई है जो संस्कार के बिना सुदृढ़, सशक्त नहीं हो सकती । संस्कारित कुटुंब के कारण ही समाज सुदृढ़ होता है। भारत आज आर्थिक क्षेत्र में एक अद्भुत प्रगति कर रहा है। भारत का समाज यहां की समस्या से पराक्रम करने के लिए तैयार है। समाज में आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन भी होना चाहिए। तभी संस्कार के साथ सहकार और सहकार से उद्धार हो सकता है। समरसता के बिना देश की एकता संभव नहीं है। देश को सुदृढ़, सशक्त करने के लिए हमारे समाज में समानता व बंधुता होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य पर विस्तार पूर्वक मार्गदर्शन किया और सहकार भारती के आठवें राष्ट्रीय अधिवेशन की सफलता हेतु कामना की।
प्रधानमंत्री 9 दिसंबर को राजस्थान और हरियाणा का दौरा करेंगे
प्रधानमंत्री राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री एलआईसी की ‘बीमा सखी योजना’ का शुभारंभ करेंगे
प्रधानमंत्री महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल के मुख्य परिसर की नींव रखेंगे
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 9 दिसंबर को राजस्थान और हरियाणा का दौरा करेंगे। वे जयपुर जाएंगे और सुबह करीब 10:30 बजे जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केन्द्र (जेईसीसी) में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री पानीपत जाएंगे और दोपहर करीब 2 बजे एलआईसी की बीमा सखी योजना का शुभारंभ करेंगे और महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर की नींव रखेंगे।
प्रधानमंत्री जयपुर में प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केन्द्र (जेईसीसी) में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 और राजस्थान ग्लोबल बिज़नेस एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। वे इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे।
इस वर्ष 9 से 11 दिसंबर तक आयोजित होने वाले निवेश शिखर सम्मेलन का विषय ‘पूर्ण, जिम्मेदार, तैयार’ है। शिखर सम्मेलन में जल सुरक्षा, सतत खनन, सतत वित्त, समावेशी पर्यटन, कृषि-व्यवसाय नवाचार और महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप जैसे विषयों पर 12 क्षेत्रीय विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। शिखर सम्मेलन के दौरान आठ देशों के सत्र भी आयोजित किए जाएंगे जिसमें भाग लेने वाले देश ‘रहने योग्य शहरों के लिए जल प्रबंधन’, ‘उद्योगों की बहुमुखी प्रतिभा- विनिर्माण और उससे परे’ और ‘व्यापार और पर्यटन’ जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे।
तीन दिनों में प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव और एमएसएमई कॉन्क्लेव भी आयोजित किए जाएंगे। राजस्थान ग्लोबल बिज़नेस एक्सपो में राजस्थान मंडप, कंट्री मंडप, स्टार्टअप मंडप जैसे विषयगत मंडप शामिल होंगे। शिखर सम्मेलन में 16 भागीदार देशों और 20 अंतरराष्ट्रीय संगठनों सहित 32 से अधिक देश भाग लेंगे।”
महिला सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रधानमंत्री पानीपत में ‘बीमा सखी योजना’ का शुभारंभ करेंगे। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की यह पहल 18-70 वर्ष की आयु की उन महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाई गई है जो दसवीं कक्षा पास हैं। उनको वित्तीय साक्षरता और बीमा जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए पहले तीन वर्षों के लिए विशेष प्रशिक्षण और वृत्तिका दी जाएगी। प्रशिक्षण के बाद, वे एलआईसी एजेंट के रूप में काम कर सकती हैं और स्नातक बीमा सखियों को एलआईसी में विकास अधिकारी की भूमिका के लिए अर्हता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री भावी बीमा सखियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र भी वितरित करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल के मुख्य परिसर की नींव भी रखेंगे। 495 एकड़ में फैले मुख्य परिसर और छह क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र 700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्थापित किए जाएंगे। विश्वविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए एक बागवानी महाविद्यालय और 10 बागवानी विषयों को कवर करने वाले पांच स्कूल होंगे। यह फसल विविधीकरण और बागवानी प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए विश्व स्तरीय अनुसंधान की दिशा में काम करेगा।
भारतीय वायु सेना की पश्चिमी वायु कमान का कमांडर सम्मेलन 2024
नई दल्ली | भारतीय वायु सेना की पश्चिमी वायु कमान के कमांडरों का दो दिवसीय सम्मेलन 06 और 07 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में वायु सेना प्रमुख (सीएएस) एयर चीफ मार्शल एपी सिंह मुख्य अतिथि थे। डब्ल्यूएसी के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल पीएम सिन्हा ने उनकी अगवानी की और उनके आगमन पर उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
सम्मेलन के दौरान, सीएएस ने डब्ल्यूएसी एओआर के कमांडरों के साथ बातचीत की और मल्टी-डोमेन युद्ध लड़ने और जीतने की क्षमता सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने इस वर्ष की थीम "भारतीय वायु सेना - सशक्त, सक्षम, आत्मनिर्भर" पर जोर दिया और भारतीय वायुसेना को और भी बड़ी उपलब्धियों तक ले जाने के लिए सभी कमांडरों की सामूहिक क्षमता, क्षमता और प्रतिबद्धता का आहवान किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की आवश्यकता पर बल दिया जिसमें बेहतर प्रशिक्षण और योजना के माध्यम से परिचालन क्षमता में वृद्धि; नए शामिल किए गए उपकरणों का शीघ्र संचालन; सुरक्षा और संरक्षा, तथा सभी स्तरों पर व्यक्तियों को सशक्त बनाकर नेतृत्व क्षमता का विकास करना शामिल हैं ताकि वे भविष्य के लिए तैयार हो सकें और एक बल बन सकें।
सीएएस ने अपने संबोधन में भारत और विदेश दोनों में एचएडीआर के लिए सबसे पहले तैयार रहने; उच्च परिचालन उत्कृष्टता बनाए रखने के लिए 'दुर्जेय लड़ाकू बल' बने रहने तथा हमेशा 'मिशन, अखंडता और उत्कृष्टता' के आईएएफ के मूल मूल्यों को सर्वोपरि रखने के लिए डब्ल्यूएसी की सराहना की।
भारत जल्द ही समुद्री क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश के रूप में उभरेगा : केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री
कामराजर पोर्ट ट्रस्ट ने प्रमुख विस्तार परियोजनाओं के साथ रजत जयंती मनाई और 545 करोड़ रुपये के कैपिटल ड्रेजिंग एंड कमांड सेंटर की आधारशिला रखी गई |
नई दिल्ली | केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारत जल्द ही समुद्री क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनकर उभरेगा, क्योंकि यह बंदरगाहों में माल ढुलाई क्षमता को कई गुना बढ़ा रहा है और एक मजबूत शिपिंग बिल्डिंग एंड रिपेयर इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है।
चेन्नई में कामराजर पोर्ट ट्रस्ट के रजत जयंती समारोह में उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत दुनिया के शीर्ष दस समुद्री देशों में शामिल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बंदरगाह भविष्य में विस्तार की संभावनाओं के साथ कुशल कोयला हैंडलिंग को बढ़ावा देकर चेन्नई बंदरगाह को भीड़भाड़ से मुक्त करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 3 एमटीपीए की आईओसीएल जेटी के निर्माण से इसकी क्षमता में और वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि 32 करोड़ रुपये की लागत से बंदरगाह पर 1 एमएलडी समुद्री जल विलवणीकरण संयंत्र की स्थापना से न केवल बंदरगाह की जरूरत पूरी होगी, बल्कि तटीय समुदाय की पीने के पानी और अन्य घरेलू उद्देश्यों की जरूरत भी पूरी होगी।
पोत परिवहन मंत्रालय द्वारा शुरू की गई अवसंरचना परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन का उल्लेख इशारा करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि इससे प्रमुख कार्यक्रमों को तेजी से पूरा करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को शुरू करते समय गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है
केंद्रीय मंत्री ने कामराजर पोर्ट पर 545 करोड़ रुपये की लागत से कैपिटल ड्रेजिंग, इन्टेग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना के लिए आधारशिला रखी।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह अहमदाबाद में स्वामीनारायण संस्था के "कार्यकर सुवर्ण महोत्सव" को संबोधित किया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद में BAPS स्वामीनारायण संस्था के "कार्यकर सुवर्ण महोत्सव" को संबोधित किया
भगवान स्वामीनारायण से शुरू हुए इस संप्रदाय में BAPS ने समाज में भक्ति के साथ-साथ समाजसेवा को भी जोड़ने का काम किया है
BAPS के कार्यकर "संस्कृति, धर्म, समाज और सेवा" के संकल्प के साथ-साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 2047 में ‘विकसित भारत’ की रचना का भी संकल्प लें
प्रमुख स्वामी महाराज जी ने एक सन्यासी संस्था में अनुशासन व सेवा का ऐसा भाव जगाया, जिससे हजारों लोग प्रेरित हुए
प्रमुख स्वामी महाराज जी ने लाखों लोगों के जीवन में प्रेरणा, विश्वास, संकट से जूझने का साहस और परिणामलक्षी काम करने की प्रेरणा दी
आज देश-विदेश में 1200 से अधिक स्वामीनारायण मंदिर लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन में प्रकाश फैलाने का काम कर रहे हैं
इस संस्था ने अनेक लोगों के जीवन में व्यसनमुक्ति लाकर उन्हें और उनके पूरे परिवार को चिंतामुक्त किया
बीज, वृक्ष और फल के रूप में इस संगठन ने एक लाख से ज़्यादा कार्यकर्ताओं के माध्यम से अनेक सुफल समाज में पहुंचाए हैं
पूरी दुनिया में एक लाख से अधिक कार्यकर्ताओं का इस प्रकार का संगठन मिलना अकल्पनीय, अतुलनीय और असंभव है
नई दिल्ली | केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में BAPS स्वामीनारायण संस्थान के "कार्यकर सुवर्ण महोत्सव" को संबोधित किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि दुनिया के सबसे विशाल नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में ये कार्यक्रम एक बहुत शुभ संयोग है जब प्रमुख स्वामी महाराज की 103वीं जयंती के साथ-साथ BAPS कार्यकर्ता का सुवर्ण महोत्सव भी मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान स्वामी नारायण से शुरू हुए इस संप्रदाय में BAPS ने समाज में भक्ति के साथ-साथ समाजसेवा को भी मिलाने का काम किया। शाह ने कहा कि 18 वर्ष की अल्पायु में जीवन त्यागकर गुरू की सेवा करने के कारण एक ऐसा विराट व्यक्तित्व पूरे भारतवर्ष को मिला जिन्होंने एक सन्यासी संस्था में अनुशासन लाने और उसे सेवाभिमुख बनाने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रमुख स्वामी महाराज ने लाखों लोगों के जीवन में प्रेरणा भरी, विश्वास का मंत्र दिया, संकट से जूझने का साहस दिया और परिणामलक्षी काम करने के लिए उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज देश विदेश में 1200 से अधिक स्वामी नारायण मंदिर लोगों के जीवन में प्रकाश फैलाने का काम कर रहे हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि स्वामी नारायण संस्थान का सबसे बड़ा योगदान संस्कार पर बल देने का रहा है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने कई लोगों के जीवन में व्यसनमुक्ति लाकर उन्हें और उनके पूरे परिवार को चिंतामुक्त किया है। उन्होंने कहा कि समाज के दुख को अपना दुख समझने वाले लाखों कार्यकर्ताओं का सृजन और सभी को एक ही लक्ष्य पर चलने के लिए प्रेरित करना बहुत मुश्किल काम है। शाह ने कहा कि प्रमुख स्वामी महाराज ने अपने जीवन कर्म से ये किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी स्वामी नारायण संप्रदाय का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
अमित शाह ने कहा कि प्रमुख स्वामी महाराज ने 1972 में इस बिखरे हुए संगठन को संगठित करने, इसे एक संस्था बनाने और इंस्टीट्यूश्नलाइज़ करने का काम किया। उन्होंने कहा कि मात्र 8 कार्यकर्ताओं से शुरू हुआ ये संगठन आज लाखों कार्यकर्ताओं के साथ चल रहा है और इससे पता चलता है कि एक संत हमें जीवन में कितना कुछ दे सकता है। शाह ने कहा कि बीज, वृक्ष और फल के रूप में इस संगठन ने एक लाख से ज़्यादा कार्यकर्ताओं के माध्यम से इसके सुफल समाज में पहुंचाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रमुख स्वामी महाराज की प्रेरणा ने संस्कृति, धर्म, समाज और सेवा को चैनलाइज़ करने का काम किया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया में एक लाख से अधिक कार्यकर्ताओं का इस प्रकार का संगठन कहीं नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि ये अकल्पनीय, अतुलनीय और असंभव है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से 2047 में भारत की आज़ादी की शताब्दी के समय एक महान भारत की रचना का संकल्प 140 करोड़ लोगों ने लिया है। उन्होंने कहा कि हम सभी संस्कृति, धर्म, समाज और सेवा के संकल्प के साथ-साथ महान भारत की रचना के संकल्प को लें और इस दिशा में अपने जीवन को फिर से प्रेरित करें।