देश-विदेश
जैविक खेती पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी सह प्रदर्शनी
स्वस्थ जीवन के लिए सुरक्षित भोजन”
नई दिल्ली | राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र (एनसीओएनएफ), गाजियाबाद द्वारा 18-19 मार्च 2025 को गाजियाबाद में "जैविक खेती पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी सह प्रदर्शनी" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम और प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि के.एम.एस. खालसा, निदेशक (वित्त) - कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, डॉ. गगनेश शर्मा, निदेशक, एनसीओएनएफ, और डॉ. ए.के. यादव, सलाहकार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा किया गया। इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. भारत भूषण त्यागी, बंसी गिर गौशाला, अहमदाबाद से गोपाल भाई सुतारिया और एनसीओएनएफ एवं आरसीओएनएफ के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि के.एम.एस. खालसा ने अपने विचार-विमर्श में जैविक खेती के महत्व और आज की दुनिया में इसके बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैविक और प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रस्तावों के प्रचार और कार्यान्वयन के लिए प्राथमिकता पर विचार किया जाएगा। इस अवसर पर "जैविक खेती की पुस्तिका" और "स्मारिका" का भी विमोचन किया गया।
एनसीओएनएफ के निदेशक डॉ. गगनेश शर्मा ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने जैविक और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में एनसीओएनएफ की वर्तमान स्थिति और उपलब्धियों को रेखांकित किया। डॉ. शर्मा ने प्रमाणीकरण, जैविक इनपुट गुणवत्ता प्रबंधन के महत्व पर भी चर्चा की और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करने के लिए जैविक और प्राकृतिक उत्पादों के विपणन के संभावित अवसरों पर प्रकाश डाला।
डॉ. ए.के. यादव ने भारत में जैविक खेती की स्थिति पर जानकारी साझा की और किसानों तथा हितधारकों को घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के लिए जैविक उत्पादों के उत्पादन तथा प्रसंस्करण में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह किसानों के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक होगा।
पद्मश्री डॉ. भारत भूषण त्यागी ने गांव में क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण के रूप में जैविक खेती को बढ़ावा देने के बारे में बात की। उन्होंने जैविक खेती की अनुकूलता में सुधार करने और अधिक भूमि को जैविक प्रमाणीकरण के तहत लाने के लिए गांव क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण से आगे बढ़ने पर जोर दिया।
गोपाल भाई सुतारिया ने गाय आधारित प्राकृतिक खेती के महत्व और इसकी संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने “गौकृपा कृषि” पद्धति पेश किया, जिसमें बताया गया कि किसान किस तरह प्राकृतिक और जैविक खेती के तरीकों को अपना सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह पद्धति सभी हितधारकों के लिए निःशुल्क उपलब्ध होगी।
दो दिवसीय सम्मेलन में कुल चार सत्र हुए, जिनमें जैविक खेती से संबंधित प्रमुख उद्देश्यों पर अठारह विचार-विमर्श हुए। इन सत्रों में नीति निर्माता, शोधकर्ता, शिक्षाविद, प्रगतिशील किसान, नवोन्मेषक, उद्यमी, उद्योग और अन्य हितधारक एक साथ आए। उन्होंने टिकाऊ कृषि-खाद्य प्रणालियों में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और प्रसंस्करण समूहों की भूमिका बढ़ाने पर ज्ञान और अनुभव साझा किए। चर्चाओं में अभिनव किसान-अनुकूल प्रौद्योगिकियों के उपयोग, प्रमाणीकरण, प्रसंस्करण और जैविक उत्पादों के विपणन पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर देश भर के चैंपियन किसानों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर देश भर के 23 प्रदर्शकों ने जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और जागरूकता पैदा करने की दिशा में अपनी उपलब्धियों और गतिविधियों का प्रदर्शन किया।
इस कार्यक्रम में गाजियाबाद, नागपुर, बेंगलुरु, भुवनेश्वर और इंफाल के जैविक एवं प्राकृतिक खेती के क्षेत्रीय केंद्रों (आरसीओएनएफ) के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम में देश भर के चैंपियन किसानों सहित 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
सत्र का समापन सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों के बहुमूल्य योगदान को स्वीकार करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
सुनीता विलियम्स की वापसी पर पीएम मोदी ने कहा : आपका स्वागत है क्रू-9
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और क्रू-9 टीम की धरती पर सुरक्षित वापसी के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी जाहिर की।
पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सुनीता विलियम्स के साथ एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, आपका स्वागत है क्रू-9, धरती ने आपको याद किया। यह उनके धैर्य, साहस और मानवीय भावना की परीक्षा रही। सुनीता विलियम्स और क्रू-9 के अंतरिक्ष यात्रियों ने एक बार फिर हमें दिखाया है कि दृढ़ता का वास्तव में क्या मतलब है। अज्ञात के सामने उनका अटूट दृढ़ संकल्प हमेशा लाखों लोगों को प्रेरित करेगा।

पीएम मोदी ने आगे कहा, अंतरिक्ष अन्वेषण का मतलब है मानवीय क्षमता की सीमाओं को आगे बढ़ाना, सपने देखने का साहस करना और उन सपनों को हकीकत में बदलने का साहस रखना। सुनीता विलियम्स, एक पथप्रदर्शक और एक आइकान, ने अपने पूरे करियर में इस भावना का उदाहरण दिया है। हमें उन सभी पर बहुत गर्व है जिन्होंने क्रू-9 की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए अथक मेहनत की। उन्होंने दिखाया है कि जब सटीकता, जुनून से मिलती है और तकनीक, दृढ़ता से मिलती है तो क्या होता है।
बता दें कि अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर, साथ ही नासा के निक हैग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोर्बुनोव, नौ महीने के लंबे मिशन के बाद पृथ्वी पर वापस लौटे हैं। एस्ट्रोनॉट्स को स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान द्वारा सुरक्षित रूप से फ्लोरिडा के तट पर उतारा गया। धरती पर लौटे अंतरिक्ष यात्रियों को एक सुंदर और अप्रत्याशित अनुभव हुआ। उनका स्वागत डॉल्फिन ने किया। ड्रैगन कैप्सूल के समुद्र में उतरते ही डॉल्फिन कैप्सूल के आसपास तैरते हुए देखे गए।
यह एक लगभग जादुई क्षण था जब डॉल्फिन ने ड्रैगन कैप्सूल के चारों ओर चक्कर लगाया, इससे पहले कि इसे रिकवरी पोत पर रखा जाता। रिकवरी टीम ने कैप्सूल के साइड हैच को सावधानी से खोला, जो सितंबर के बाद से पहली बार खुला था। अंतरिक्ष यात्रियों को कैप्सूल से बाहर निकाला गया और 45 दिनों के पुनर्वास कार्यक्रम के लिए ह्यूस्टन ले जाया गया। क्रू-9 की पृथ्वी पर वापसी में अपनी चुनौतियां थीं।
मूल रूप से, यह मिशन (जो बोइंग के स्टारलाइनर की पहली चालक दल वाली उड़ान होने वाला था) केवल आठ दिनों तक चलने वाला था।
भारत और फ्रांस की नौसेनाएं द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास के 23वें संस्करण : वरुण 2025 के लिए तैयार
नई दिल्ली | भारत और फ्रांस के बीच स्थायी समुद्री साझेदारी के प्रमाण के रूप में द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास वरुण का 23वां संस्करण 19 से 22 मार्च, 2025 तक आयोजित किया जाएगा। साल 2001 में अपनी शुरुआत होने के बाद से अभ्यास वरुण सहयोग की आधारशिला के रूप में विकसित हुआ है, जो नौसैनिक सहभागिता और परिचालन हेतु तालमेल को बढ़ाने के लिए दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस वर्ष के संस्करण में सतह के नीचे, धरातल और हवाई क्षेत्र में समुद्री अभ्यासों तथा जटिल युद्धाभ्यासों की एक रोमांचक श्रृंखला आयोजित करने का संकेत दिया गया है। इस अभ्यास में विमानवाहक पोत विक्रांत और चार्ल्स डी गॉल के साथ-साथ उनके लड़ाकू विमान, विध्वंसक जहाज, फ्रिगेट तथा एक भारतीय स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी की संयुक्त भागीदारी होना वास्तव में दोनों नौसेनाओं की सहयोगी सामर्थ्य को उजागर करती है।
नौसैन्य अभ्यास वरुण 2025 में उन्नत वायु रक्षा व लड़ाकू अभ्यास आयोजित किये जाएंगे, जिसमें फ्रांसीसी राफेल-एम और भारतीय मिग-29 के बीच हवा से हवा में संघर्ष भी शामिल होगा, जिसे सामरिक एवं परिचालन क्षमताओं को निखारने के लिए तैयार किया गया है। पनडुब्बी रोधी युद्ध अभ्यास में समुद्र के भीतर की स्थिति के बारे में कठोर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि सतह पर युद्ध संचालन में भारतीय और फ्रांसीसी बेड़े द्वारा समन्वित युद्धाभ्यास तथा मुठभेड़ अभ्यास का प्रदर्शन किया जाएगा। समुद्री गश्ती विमान परिस्थितिजन्य सुरक्षा की समझ को बढ़ाएंगे और समुद्र में पुनःपूर्ति अभ्यास से दोनों देशों का सैन्य सहयोग भी सशक्त होगा। यह अभ्यास एक स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा के समग्र साझा दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।
यह अभ्यास सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों और आपसी समझ के आदान-प्रदान को बढ़ावा देकर दोनों देशों के सबसे जटिल समुद्री परिदृश्यों में भी निर्बाध रूप से कार्रवाई करने की क्षमता को स्पष्ट करता है। अभ्यास वरुण 2025 समुद्री शांति एवं सुरक्षा की दिशा में भारत और फ्रांस की नौसेनाओं के बीच शक्तिशाली होते हुए गहन संबंधों की पुष्टि भी करता है।
भारत-मलेशिया राज्य मंत्री स्तरीय द्विपक्षीय बैठक नई दिल्ली में आयोजित
नई दिल्ली | केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 18 मार्च 2025 को वाणिज्य भवन, नई दिल्ली में मलेशिया के निवेश, व्यापार एवं उद्योग उप मंत्री ल्यू चिन टोंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के दौरान मलेशियाई राजनयिक और मलेशिया के निवेश, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय, मलेशिया तथा भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और भारतीय मानक ब्यूरो के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी उपस्थित थे।

दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार मुद्दों, बाजार पहुंच मुद्दों, सेमीकंडक्टर उद्योग में सहयोग, सेवा क्षेत्र में सहयोग और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की विदेशी निर्माता प्रमाणन योजना (एफएमसीएस) से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने उम्मीद जताई कि बैठक द्विपक्षीय व्यापार मुद्दों के समाधान में तेजी लाने और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने में मदद करेगी।
मलेशिया आसियान में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जिसका 2023-24 के दौरान कुल व्यापार 20.02 बिलियन डॉलर रहा था, जो आसियान के साथ भारत के कुल व्यापार का लगभग 17% है।
भारतीय रेल की वित्तीय स्थिति अच्छी, यात्रियों को दे रहे पहले से अधिक सब्सिडी : केंद्रीय रेल मंत्री
ट्रेन से प्रति किलोमीटर यात्रा की लागत ₹1.38 है, लेकिन यात्रियों से केवल 73 पैसे लिए जाते हैं
इस साल 1,400 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ, जो अमेरिका और यूरोप के संयुक्त उत्पादन से अधिक है
31 मार्च तक भारतीय रेल 1.6 बिलियन टन कार्गो ढुलाई के साथ दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल होगा
भविष्य में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जैसे हादसे को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं: केंद्रीय रेल मंत्री
नई दिल्ली | केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज राज्यसभा में रेल मंत्रालय के कार्यों पर हुई चर्चा के दौरान भारतीय रेल की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल न केवल यात्रियों को किफायती किराए पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान कर रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत में रेलवे का किराया पड़ोसी देशो जैसे पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका की तुलना में कम है, जबकि पश्चिमी देशों में यह भारत की अपेक्षा 10 से 20 गुना अधिक है।

रेल यात्रियों दी जा रही सब्सिडी पर रेल मंत्री ने कहा कि अभी ट्रेन से प्रति किलोमीटर यात्रा की लागत ₹1.38 है, लेकिन यात्रियों से केवल 73 पैसे लिए जाते हैं, यानी 47% सब्सिडी दी जाती है। वित्त वर्ष 2022-23 में यात्रियों को ₹57,000 करोड़ की सब्सिडी दी गई, जो 2023-24 (प्रोविजनल फिगर) में बढ़कर करीब ₹60,000 करोड़ हो गई। हमारा लक्ष्य न्यूनतम किराए पर सुरक्षित और बेहतर सेवाएं देना है
रेल विद्युतीकरण के फायदों पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यात्रियों और माल परिवहन की बढ़ती संख्या के बावजूद ऊर्जा खर्च स्थिर बना हुआ है। भारतीय रेल वर्ष 2025 तक ‘स्कोप 1 नेट जीरो’ और 2030 तक ‘स्कोप 2 नेट जीरो’ हासिल करने के लक्ष्य पर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि बिहार के मढौरा कारखाने में निर्मित लोकोमोटिव का निर्यात जल्द ही शुरू किया जाएगा। वर्तमान में भारतीय रेल के यात्री कोच मोज़ाम्बिक, बांग्लादेश और श्रीलंका को निर्यात किए जा रहे हैं, जबकि लोकोमोटिव मोज़ाम्बिक, सेनेगल, श्रीलंका, म्यांमार और बांग्लादेश को भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा, बोगी के अंडर-फ्रेम यूनाइटेड किंगडम, सऊदी अरब, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया को निर्यात किए जा रहे हैं, वहीं प्रपल्शन पार्ट्स फ्रांस, मैक्सिको, जर्मनी, स्पेन, रोमानिया और इटली को भेजे जा रहे हैं।
इस साल भारत में 1,400 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ, जो अमेरिका और यूरोप के संयुक्त उत्पादन से अधिक है। साथ ही, 2 लाख नए वैगन बेड़े में जोड़े गए हैं। रेल मंत्री ने बताया कि 31 मार्च को समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में भारतीय रेल 1.6 बिलियन टन कार्गो ढुलाई कर दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल होगा, जिसमें चीन, अमेरिका और भारत होंगे। यह रेलवे की बढ़ती क्षमता और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में घोषणा किया कि रेल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए, 41,000 LHB कोच तैयार किए गए हैं तथा सभी ICF कोच को LHB में बदला जाएगा। लंबी रेल, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, फॉग सेफ्टी डिवाइस और 'कवच' सिस्टम तेजी से लागू किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए वैष्णव ने कहा कि पहले रेलवे को ₹25,000 करोड़ का समर्थन मिलता था, जो अब बढ़कर ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। इससे बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है। वहीं 50 नमो भारत ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है, जो कम दूरी की यात्रा के लिए AC और नॉन-AC विकल्पों के साथ है।
हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे लेकर केंद्रीय रेल मंत्री ने सदन को बताया कि इस दुखद हादसे की जांच हाई-लेवल कमेटी कर रही है। CCTV फुटेज समेत सभी डेटा सुरक्षित रखा गया है, करीब 300 लोगों से बातचीत कर फैक्ट्स की जांच हो रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि हमारा सरकार गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए प्रतिबद्ध है। यही वजह है कि जनरल कोचों की संख्या एसी कोचों की तुलना में ढ़ाई गुना अधिक बढ़ाई जा रही है। वर्तमान प्रोडक्शन प्लान के अनुसार 17 हजार नॉन-एसी कोचों के मैन्युफैक्चरिंग का प्रोग्राम है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय रेल की वित्तीय स्थिति अच्छी है और इसमें लगातार सुधार के प्रयास जारी हैं। रेलवे ने कोविड महामारी से जुड़ी चुनौतियों पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया है। यात्रियों की संख्या बढ़ रही है और माल ढुलाई में वृद्धि देखी जा रही है। अब रेलवे का राजस्व करीब 2 लाख 78 हजार करोड़ रुपये है और 2 लाख 75 हजार करोड़ के खर्चे हैं। भारतीय रेल सभी बड़े खर्चे खुद के इनकम से कर रही है, जो कि रेलवे के बेहतर प्रदर्शन से संभव हुआ है
राज्यसभा में दिए गए अपने बयान में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भरोसा दिलाया कि रेलवे भविष्य में और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली के रूप में उभरेगा।
केरोसिन के स्थान पर स्वच्छ ऊर्जा के विकल्प को बढ़ावा देने हेतु सरकार के कदम
नई दिल्ली | 1 मार्च, 2020 से, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) केरोसिन का खुदरा विक्रय मूल्य अखिल भारतीय स्तर पर शून्य अंडर-रिकवरी स्तर पर बनाए रखा जा रहा है।
सरकार खाना पकाने और रोशनी के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) केरोसिन का आवंटन करती है। इसके अलावा, सरकार ने 2012 में राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों को प्राकृतिक आपदाओं, धार्मिक कार्यों, मत्स्यपालन, विभिन्न यात्राओं आदि जैसी विशेष जरूरतों के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष के दौरान गैर-सब्सिडी दरों पर पीडीएस केरोसिन के एक महीने के कोटे का आवंटन करने का अधिकार दिया है। केरोसिन की प्रदूषणकारी प्रकृति को देखते हुए, पीडीएस के तहत एसकेओ के आवंटन को तर्कसंगत बनाया गया है। इसके अलावा, सरकार ने 2015-16 से 2019-20 तक पीडीएस केरोसिन आवंटन को स्वैच्छिक रूप से छोड़ने के लिए केरोसिन के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना (डीबीटीके) के तहत राज्यों को नकद प्रोत्साहन प्रदान किया। तब से, वित्तीय वर्ष 2023-24 तक 13 राज्य केरोसिन मुक्त हो गए हैं।

सरकार स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में परिवर्तन का नेतृत्व करने हेतु विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पहलों के साथ काम करने के साथ-साथ उनका नेतृत्व भी कर रही है। भारत नवंबर 2015 में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और सितंबर 2023 में जी20 की अध्यक्षता के दौरान वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन के संस्थापक सदस्यों में से एक था। भारत ऊर्जा सप्ताह 2025 के दौरान, भारत ने ग्लोबल साउथ के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के तरीकों पर चर्चा करने और भारत की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के सबक को साझा करने हेतु स्वच्छ पाक कला पर एक मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन की मेजबानी की थी।
सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बहुआयामी रणनीति अपनाई है। इस रणनीति में अन्य बातों के साथ-साथ अर्थव्यवस्था में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने और गैस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने हेतु देश भर में ईंधन/कच्चे माल के रूप में प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देकर मांग प्रतिस्थापन, इथेनॉल, दूसरी पीढ़ी के इथेनॉल, संपीड़ित जैव गैस तथा जैव डीजल जैसे नवीकरणीय एवं वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना, रिफाइनरी प्रक्रिया में सुधार, ऊर्जा दक्षता एवं संरक्षण को बढ़ावा देना और विभिन्न नीतिगत पहलों के माध्यम से तेल एवं प्राकृतिक गैस के उत्पादन को बढ़ाने के प्रयास आदि शामिल हैं। ऑटोमोटिव ईंधन के रूप में संपीड़ित जैव गैस (सीबीजी) के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु, किफायती परिवहन के लिए टिकाऊ विकल्प (एसएटीएटी) पहल भी शुरू की गई है।
प्रकाश व्यवस्था के लिए केरोसिन के स्वच्छ विकल्प के रूप में, भारत ने सौभाग्य (प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना) और दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) के माध्यम से बिजली की सुलभता के मामले में लगभग सार्वभौमिक संतृप्ति हासिल कर ली है।
देश भर के गरीब परिवारों को स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन सुलभ कराने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) मई, 2016 में शुरू की गई थी। पीएमयूवाई उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी को और अधिक किफायती बनाने तथा उनके द्वारा एलपीजी का निरंतर उपयोग सुनिश्चित करने हेतु, सरकार ने मई 2022 में पीएमयूवाई उपभोक्ताओं को प्रति वर्ष 12 रिफिल तक (और 5 किलोग्राम वाले कनेक्शन के लिए आनुपातिक रूप से समानुपातिक) 200 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की लक्षित सब्सिडी शुरू की। अक्टूबर 2023 में, सरकार ने प्रति वर्ष 12 रिफिल तक (और 5 किलोग्राम कनेक्शन के लिए आनुपातिक रूप से समानुपातिक) 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर लक्षित सब्सिडी को बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया। पीएमयूवाई उपभोक्ताओं को 300 रुपये प्रति सिलेंडर की लक्षित सब्सिडी के बाद यह योजना देश भर में 10.33 करोड़ से अधिक उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए उपलब्ध है।
देश भर में एलपीजी के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने हेतु, अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न कदम उठाए गए हैं, जिनमें पीएमयूवाई के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाना, कनेक्शनों को नामांकित व वितरित करने के लिए मेला/शिविर आयोजित करना, आउट ऑफ होम (ओओएच) होर्डिंग्स, रेडियो जिंगल्स, सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) वैन आदि के माध्यम से प्रचार करना, एलपीजी पंचायतों के माध्यम से अन्य पारंपरिक ईंधनों की तुलना में एलपीजी के उपयोग के लाभों तथा एलपीजी के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाना, विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत नामांकन/जागरूकता शिविर, पीएमयूवाई कनेक्शन प्राप्त करने के लिए आधार नामांकन तथा बैंक खाते खोलने के लिए उपभोक्ताओं एवं उनके परिवारों को सुविधा प्रदान करना, एलपीजी कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया का सरलीकरण, www.pmuy.gov.in, निकटतम एलपीजी वितरक, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) आदि पर पीएमयूवाई कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन, 5 किलोग्राम डबल बोतल कनेक्शन (डीबीसी) का विकल्प, 14.2 किलोग्राम से 5 किलोग्राम तक स्वैप विकल्प, प्रवासी परिवारों के लिए पते के प्रमाण एवं राशन कार्ड के बजाय स्व-घोषणा पर नया कनेक्शन प्राप्त करने का प्रावधान आदि शामिल हैं। इसके अलावा, तेल विपणन कंपनियां लगातार नए एलपीजी वितरकों की स्थापना कर रही हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में। पीएमयूवाई योजना के शुभारंभ के बाद से, तेल विपणन कंपनियों ने (01.04.2016 से लेकर 31.12.2024 के दौरान) देश भर में 7959 वितरकों की स्थापना की है, जिनमें से 7373 (यानी 93 प्रतिशत) ग्रामीण इलाकों में हैं। सरकार के हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप, देश में एलपीजी की सुलभता अप्रैल 2016 में 62 प्रतिशत से बढ़कर अब लगभग संतृप्ति तक पहुंच गई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने यह जानकारी आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
सुनीता विलियम्स 9 महीने बाद अंतरिक्ष से रवाना
10:35 बजे स्पेस स्टेशन से अलग हुआ यान
नई दिल्ली | अंतरिक्ष में फंसे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर के लौटने का समय आ गया है। 9 महीने 13 दिन बाद दोनों अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर लौट रहे हैं। मंगलवार (18 मार्च) को सुनीता, विलमोर और स्पेस स्टेशन में मौजूद क्रू-9 के दो एस्ट्रोनॉट ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार हुए।

स्पेसक्राफ्ट का दरवाजा बंद हुआ। 10-35 बजे स्पेसक्राफ्ट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से अलग हुआ। 19 मार्च को सुबह 2-41 बजे इंजन को फायर किया जाएगा। फिर पृथ्वी के वातावरण प्रवेश करेगा। बुधवार (19 मार्च) की सुबह 3-27 बजे समुद्र में यान की लैंडिंग होगी। करीब 17 घंटे के सफर के बाद दोनों एस्ट्रोनॉट धरती पर पहुंच जाएंगे।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने सुनीता और विलमोर की वापसी की डीटेल शेयर की है। भारतीय समयानुसार 18 मार्च को सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर यान का हैच बंद हो गया। बुधवार (19 मार्च) सुबह 3-27 बजे समुद्र में यान की लैंडिंग होगी। 19 मार्च को 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दोनों अंतरिक्ष यात्रियों के वापसी की आधिकारिक सूचना दी जाएगी। 5 जून 2024 को नासा का बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था।
रक्षा मंत्री ने नई दिल्ली में अमरीका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक से भेंट की
दोनों देश अत्याधुनिक रक्षा नवाचार और विशिष्ट प्रौद्योगिकियों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए कार्यरत |
नई दिल्ली | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 17 मार्च, 2025 को नई दिल्ली में अमरीका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हाल ही में हुई बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य से यह बात सामने आई है कि चर्चाओं में भारत तथा अमरीका द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी की बढ़ती ताकत की पुष्टि हो रही है।

दोनों नेताओं ने इस तथ्य पर बल दिया कि सामरिक सुरक्षा दोनों देशों के बीच व्यापक वैश्विक सामरिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनी हुई है। बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह और तुलसी गबार्ड ने भारत व अमरीका के बीच सैन्य अभ्यास, रणनीतिक सहभागिता, रक्षा औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं के एकीकरण एवं सूचना-साझाकरण सहयोग तथा विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की।
राजनाथ सिंह और तुलसी गबार्ड ने अत्याधुनिक रक्षा नवाचार एवं विशिष्ट प्रौद्योगिकियों में सहयोग के अवसरों पर चर्चा की, जो पारस्परिक रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए उनकी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके अलावा, उन्होंने अंतर-सहभागिता को बढ़ाने और लचीलेपन तथा नवाचार को विस्तार देने के उद्देश्य से रक्षा औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं के अधिक एकीकरण को प्रमुखता देने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
रक्षा मंत्री ने भारतीय संस्कृति एवं विरासत के प्रति अमरीका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड की निरंतर भावना और प्रशंसा के लिए उनका आभार व्यक्त किया। सिंह ने कहा कि ऐसी भावनाएं भारत व अमरीका के बीच मित्रता के बंधन को और भी सशक्त बनाती हैं।
राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ ने 28वें दीक्षांत समारोह और शिष्योपनयनीय संस्कार का आयोजन किया
आयुर्वेद को और मजबूत बनाने के लिए प्रौद्योगिकी और अनुसंधान को एकीकृत करें: प्रताप राव जाधव
लाइफटाइम अचीवमेंट्स पुरस्कार प्रो. बनवारी लाल गौड़, प्रो. कुलवंत सिंह, वैद्य मोहन नारायण तांबे और डॉ. बिधुभूषण नंदा को प्रदान किया गया
देश भर से 100 से अधिक सीआरएवी गुरुओं और 120 शिष्यों को सम्मानित किया गया
नई दिल्ली | आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (आरएवी) ने नई दिल्ली में अपना 28 वां दीक्षांत समारोह और शिष्योपनयन संस्कार आयोजित किया। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने और आयुर्वेद को वैश्विक बनाने के लिए, आरएवी ने आयुर्वेद शिक्षा और अभ्यास में उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय और 6 राष्ट्रीय संस्थानों को मान्यता भी दी। आयुर्वेद के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करने के लिए, आरएवी ने प्रो. बनवारी लाल गौर, जयपुर (राजस्थान), प्रो. कुलवंत सिंह (जम्मू और कश्मीर), वैद्य मोहन नारायण तांबे, सतारा (महाराष्ट्र) और डॉ. बिधुभूषण नंदा, ढेंकनाल (ओडिशा) को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी प्रदान किए।

उपस्थित प्रतिष्ठित जनसमूह को संबोधित करते हुए, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार और फेलो ऑफ आरएवी पुरस्कार के माध्यम से आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अमूल्य कार्य को मान्यता देने में आरएवी के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने "देश का प्रकृति परीक्षण" उपलब्धि पर जोर दिया, जो एक राष्ट्रीय पहल है जिसका उद्देश्य जनसंख्या के प्राकृतिक स्वास्थ्य प्रोफाइल का मानचित्रण करना है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि किस प्रकार निवारक स्वास्थ्य देखभाल में आयुर्वेद की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है तथा चिकित्सकों से इस क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए प्रौद्योगिकी और अनुसंधान को एकीकृत करने का आग्रह किया।
जाधव ने आयुर्वेद के प्रति उनके आजीवन समर्पण को स्वीकार करते हुए, लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार के माध्यम से आयुर्वेदिक वैद्यों के अमूल्य कार्य को मान्यता देने में आरएवी के योगदान की सराहना की। उन्होंने गुरु-शिष्य परम्परा के तहत सीआरएवी पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्रों को प्रशिक्षित करने में आरएवी के अद्वितीय दृष्टिकोण की सराहना की, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रामाणिक आयुर्वेदिक ज्ञान अपने शुद्धतम रूप में दिया जाए।
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने अतिथियों को संबोधित किया और डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड आयुर्वेद (डीएनबी) कार्यक्रम के शुभारंभ की घोषणा की, जो आयुर्वेदिक शिक्षा को आगे बढ़ाने में एक प्रमुख मील का पत्थर है। उन्होंने आयुष मंत्रालय की 7.5 वर्षीय गुरुकुल स्कूली शिक्षा कार्यक्रम शुरू करने की पहल पर भी जोर दिया, जिससे गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूती मिलेगी और छात्रों को अधिक गहन शिक्षण अनुभव मिलेगा।
इस कार्यक्रम के दौरान देश भर से 100 से अधिक सीआरएवी गुरुओं और 120 शिष्यों को सम्मानित किया गया, जो गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। श्री जाधव ने सीआरएवी पाठ्यक्रम के माध्यम से ज्ञान प्रदान करने में आरएवी के प्रयासों की सराहना की, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि छात्रों को अनुभवी गुरुओं से सीधे प्रामाणिक और व्यावहारिक आयुर्वेदिक शिक्षा प्राप्त हो।
इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण आयुर्वेद शिक्षा और अभ्यास में उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए आरएवी द्वारा 1 अंतर्राष्ट्रीय और 6 राष्ट्रीय संस्थानों को मान्यता प्रदान करना था। यह पहल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ाने और आयुर्वेद को वैश्विक बनाने के लिए आरएवी की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
कार्यक्रम के दौरान, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) से सांसद वैद्य राजीव भारद्वाज, जयपुर (राजस्थान) से वैद्य मीता कोटेचा, जयपुर से प्रोफेसर संजीव शर्मा, उत्तराखंड से प्रोफेसर अरुण कुमार त्रिपाठी, नई दिल्ली से डॉ जी प्रभाकर राव, वाराणसी से प्रोफेसर लक्ष्मण सिंह, महाराष्ट्र से वैद्य आशुतोष गुप्ता, वैद्य उर्मिला ए पिटकर और वैद्य नितिन एम कामत, कर्नाटक से वैद्य शैलजा उप्पिनाकुदुरु, मध्य प्रदेश से वैद्य विनोद कुमार वैरागी, पश्चिम बंगाल से वैद्य तुहिन कांति, गुजरात से वैद्य तपन कुमार को फेलो ऑफ आरएवी (एफआरएवी) पुरस्कार दिया गया और आयुष मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
राष्ट्र प्रेम, साहस और गौरवशाली इतिहास से परिचित करवाने वाली फिल्मों को देंगे प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17वीं सदी में शासक रहे छत्रपति संभाजीराव महाराज के जीवन और संघर्ष पर बनी फिल्म "छावा" देखी। लक्ष्मण उतेकर द्वारा निर्देशित इस फिल्म को मध्यप्रदेश सरकार ने टैक्स फ्री भी किया है।
अशोका लेक व्यू परिसर में ओपन थियेटर में हुए फिल्म के विशेष प्रदर्शन को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अलावा विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, मंत्री परिषद के सदस्यों और अनेक जन प्रतिनिधियों ने देखा और फिल्म की सराहना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह राष्ट्र प्रेम का संदेश देने वाली प्रेरक फिल्म है। मध्यप्रदेश सरकार ऐसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी भारत के गौरवशाली इतिहास से अवगत करवाने वाली फिल्मों को प्रोत्साहित करेगी। राज्य सरकार भारत के वीर शासकों और देशभक्तों के संघर्ष की गाथा को प्रस्तुत करने वाले सिनेमा को आगे बढ़ाने में पूर्ण सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज जितने साहसी और वीर थे वैसे ही उनके सुपुत्र छत्रपति संभाजीराव महाराज भी थे। वे ऐसे शासक थे जिन्होंने देश के लिए राष्ट्र प्रेम का अदभुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा 300 वर्ष से अधिक पुराने दौर को सिनेमा के परदे पर जीवंत किया गया है। फिल्म के निर्माता निर्देशक और कलाकार बधाई के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज विश्व में भी काफी उथल-पुथल है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत अपनी विरासत और संस्कृति के संरक्षण के साथ विकास की ओर बढ़ रहा है। निश्चित ही ऐसी फिल्म जनप्रतिनिधियों के साथ देखना मेरे लिए एक सुखद संयोग है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज की वीरता पर आधारित एक काव्य रचना भी पढ़कर सुनाई।
जनसामान्य की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ उनकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी प्रतिबद्ध है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जनसामान्य की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी कार्य कर रही है। विश्व में भारत की पहचान हमारे आध्यात्मिक विचारों तथा जियो और जीने दो के सिद्धांत को व्यवहार में क्रियान्वित करने से निर्मित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भिंड में स्थित अतिशय क्षेत्र बरासों में सुमेरु पर्वत निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम को राजकीय विमानतल भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बरासों में 414 फीट ऊंचे सुमेरू पर्वत का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की ख्याति सबको जीने का हक देने वाले देश के रूप में रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में, जीवन के सभी क्षेत्रों में गौरव अर्जित कर रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा के आध्यात्मिक तेज के साथ-साथ विश्व में देश की साख और धाक बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गौ-पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की जा रही है। प्रदेश में दूध उत्पादन के साथ-साथ दूध के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन पर गौ-पालकों को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। गौ-शालाओं को दिए जा रहे अनुदान को भी बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का स्थान भारत में तीसरा है, हमारा प्रयास प्रदेश को देश में नंबर वन बनाने का है। दूध पर 5 रूपए प्रति लीटर बोनस की व्यवस्था की जाएगी, इससे कृषकों की आय बढ़ेगी और समाज सम्पन्न होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरासों में बनाए जाने वाले स्कूल, कॉलेज, अस्पताल सहित अन्य जनकल्याण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के माध्यम से ज्ञानार्जन के क्षेत्र में भी विशेष नवाचार किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरासों के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
भिंड के बरासों में आयोजित कार्यक्रम को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, दिगम्बर संत आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज, परम पूज्य रामदास जी महाराज ने भी संबोधित किया। मंत्री श्री शुक्ला ने यहां बनने वाली गौ-शाला, विद्यालय और अस्पताल आदि के लिए दान देने वाले दानदाताओं तथा अन्य सहयोगियों का आभार माना। आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज ने कहा कि सात्विक, सदाचारी, शाकाहारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धर्म, संस्कृति और अध्यात्म के क्षेत्र में गतिविधियों का विस्तार हुआ है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कोकराझार, असम में ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन वार्षिक सम्मेलन को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया
बोडो शांति समझौता कर बोडोलैंड में शांति स्थापित करने में ABSU की महत्वपूर्ण भूमिका है
दिल्ली की एक प्रमुख सड़क बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा जी के नाम से पहचानी जाएगी
मोदी सरकार अगले दो वर्षों में BTR शांति समझौते को शत-प्रतिशत क्रियान्वित करेगी
मोदी सरकार और असम सरकार बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा जी का हर स्वप्न धरातल पर उतारेगी
बोडोलैंड में पहले उन्माद, उत्पात और अलगाववाद की बात होती थी, अब शिक्षा, विकास और उद्योग की बात होती है
एक जमाने में बोडोलैंड क्षेत्र में जहाँ गोलियां चलती थीं, वहाँ आज बोडो युवा तिरंगा लहरा रहे हैं
अब दिल्ली में भी मिल रहा है 'मशरूम फ्रॉम बोड़ोलैंड’, बोडोलैंड के एक दर्जन से अधिक उत्पादों को मिला GI Tag
400 बोडो युवाओं को असम कमांडो बटालियन में भर्ती करके नई शुरुआत की गई है
नई दिल्ली | केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज कोकराझार, असम में ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (ABSU) के 57वें वार्षिक सम्मेलन को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा, विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी, केन्द्रीय गृह सचिव और आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज बोडोलैंड क्षेत्र में कायम शांति, विकास और उत्साह में ABSU की महत्वपूर्ण भूमिका है। ABSU की भूमिका के बगैर बोडो समझौता (Bodo Accord) नहीं हो पाता और बोडोलैंड में शांति स्थापित नहीं हो पाती। इस मौके पर, शाह ने उन पाँच हजार शहीदों को भी याद किया जिन्होंने संघर्ष करके बोडोलैंड की शांति को प्रस्थापित करने का निर्णय किया।
अमित शाह ने कहा कि आज जब पूरा बोडोलैंड अपने नेता बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा के बताए रास्ते पर चल रहा है, ऐसे समय में केन्द्र सरकार ने दिल्ली में एक प्रमुख सड़क का नामकरण बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा के नाम पर करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह में दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा जी की प्रतिमा (Bust) का अनावरण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और असम सरकार बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा जी का हर स्वप्न धरातल पर उतारेगी।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ABSU शिक्षा, सशक्तिकरण और विकास को आगे ले जा रहा है। ABSU के प्रयास से ही आज बोडो भाषा माध्यम से विद्यार्थी 12वीं तक की परीक्षा दे पा रहे हैं। हमारी बोडो भाषा आठवीं वीं अनुसूची में शामिल हुई और आगामी कई वर्षों तक जीवित रहेगी। उन्होंने कहा कि आज आयोजित कार्यक्रम बोडोलैंड में स्थापित शांति का बहुत बड़ा संदेश है।
अमित शाह ने कहा कि 27 जनवरी 2020 को जब Bodoland Territorial Region (BTR) शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए तो विपक्ष मजाक उड़ा रहा था, लेकिन आज केन्द्र सरकार और असम सरकार ने इस समझौते की 82 प्रतिशत शर्तों को पूरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार अगले दो वर्षों में इस समझौते को शत-प्रतिशत क्रियान्वित कर देगी। इसके बाद BTR में चिरकालिक शांति होगी।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि BTR शांति समझौते के तहत सरकार ने 1 अप्रैल 2022 को पूरे BTR क्षेत्र से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (AFSPA) हटा लिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रॉडक्ट’ (ODOP) कार्यक्रम के तहत आज दिल्ली के होटलों में कोकराझार का मशरूम “Mushroom From Bodoland” के नाम से सबके व्यंजनों में शामिल हो रहा है। यह बोडोलैंड में कायम शांति के कारण ही संभव हो सका है। शांति स्थापित होने के कारण ही बोडोलैंड ने ‘डुरंड कप’ टूर्नामेंट की मेजबानी की। उन्होंने बोडोलैंड के खिलाड़ियों से अपील की कि वे वर्ष 2036 में भारत में संभावित ओलंपिक के लिए आवश्यक तैयारियों में जुट जाएँ।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने पूरे पूर्वोत्तर को उग्रवाद, आंदोलन, ब्लॉकेड, बंद और हिंसा जैसी समस्याओं से मुक्त करा कर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का काम किया है। मोदी जी और हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई में हाल में इनवेस्टमेंट समिट हुई, जिससे पाँच लाख करोड़ रुपए का निवेश असम में आ रहा है। उन्होंने बोडो युवाओं से पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान देने और शांति प्रक्रिया को स्थापित करने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बोडोलैंड में ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है जिससे बोडो युवा विश्व के युवाओं से प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और असम सरकार बोडोलैंड के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
भारत ने जिनेवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की 353वीं शासी निकाय की बैठक में भाग लिया
श्रम और रोजगार सचिव सुश्री सुमिता डावरा ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया तथा श्रम और रोजगार से जुड़े प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर सार्थक हस्तक्षेप किया |
श्रम और रोजगार सचिव ने आईएलओ के महानिदेशक एवं वरिष्ठ विशेषज्ञों तथा अन्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय चर्चा की |
भारत ने वैश्विक मंच पर श्रम कल्याण, गुणवत्तापूर्ण रोजगार और सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने में अग्रणी आवाज के रूप में कार्य करना जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई |
सामाजिक संरक्षण, जिम्मेदार व्यावसायिक आचरण, जीवन-यापन के लिए उचित मजदूरी, एआई एवं कामकाज का भविष्य, तथा निष्पक्ष वैश्विक प्रवासन भारत और आईएलओ के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभरे |

नई दिल्ली | अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की 353वीं शासी निकाय की बैठक 10 मार्च से 20 मार्च, 2025 तक स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित की जा रही है। इस बैठक में आईएलओ के त्रिपक्षीय घटकों यानी सरकारों, श्रमिकों और नियोक्ताओं के प्रतिनिधि कामकाज की दुनिया एवं आईएलओ के शासन से संबंधित महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा करने के लिए एक साथ आए हैं।
भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय की सचिव सुश्री सुमिता डावरा के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक स्तर पर श्रम कल्याण, सामाजिक न्याय और गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के साझा एजेंडे को आगे बढ़ाने की दिशा में भारत की उपलब्धियों, सीखों और दृष्टिकोणों को दर्शाते हुए प्रमुख मुद्दों पर सार्थक हस्तक्षेप किए।
भारत ने इस वर्ष के अंत में कतर के दोहा में संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में सामाजिक विकास हेतु द्वितीय वैश्विक शिखर सम्मेलन के आयोजन के संबंध आईएलओ के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया, क्योंकि इस आयोजन का उद्देश्य सामाजिक विकास के लिए 2030 एजेंडा के सामाजिक आयाम को सुदृढ़ करना है। सामाजिक न्याय और विकास को बढ़ावा देने में भारत की प्रेरक प्रगति पर प्रकाश डाला गया, क्योंकि भारत ने अपने सामाजिक सुरक्षा कवरेज को दोगुना करके 48.8 प्रतिशत कर दिया है, जिससे औसत वैश्विक सामाजिक सुरक्षा कवरेज में 5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
इस संदर्भ में, भारत की प्रमुख संस्थाओं और योजनाओं जैसे ईपीएफओ (7.37 करोड़ योगदानकर्ता सदस्य), ईएसआईसी (14.4 करोड़ लाभार्थी), ई-श्रम पोर्टल (30.6 करोड़ पंजीकृत असंगठित सदस्य), पीएम जन आरोग्य योजना (60 करोड़ लाभार्थी) और लक्षित पीडीएस (81.35 करोड़ लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा) के योगदानों को स्वीकार किया गया।
प्रवासी श्रमिकों के सबसे बड़े मूल देशों में से एक और सबसे अधिक धन प्रेषण प्राप्त करने वाले देश के रूप में भारत ने सुव्यवस्थित, कौशल-आधारित प्रवास मार्गों को बढ़ावा देने में अधिक वैश्विक सहयोग के प्रति अपना समर्थन दोहराया। आईएलओ से द्विपक्षीय श्रम प्रवास और सामाजिक सुरक्षा समझौतों के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए वैश्विक स्तर पर तेजी लाने के संबंधित प्रयासों को बढ़ाने का आग्रह किया गया। वैश्विक गठबंधन के एक प्रमुख भागीदार के रूप में भारत द्वारा आईएलओ आधारित सामाजिक न्याय के लिए वैश्विक गठबंधन के तहत प्रवासन पर पहला त्रिपक्षीय वैश्विक मंच आयोजित करने के आईएलओ के प्रस्ताव का समर्थन किया गया।
भारत ने रसायनों व कचरे से होने वाले नुकसान से पृथ्वी को मुक्त करने और श्रमिकों, समुदायों एवं पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अग्रणी भूमिका निभाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। बॉन घोषणा के अनुसरण के क्रम में आईएलओ द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई।
भारत द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कामकाज की स्थिति संहिता, 2020 सहित श्रमिकों व समुदायों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की संरक्षा हेतु की गई प्रमुख पहलों को रेखांकित किया गया। बड़ी दुर्घटना संबंधी जोखिम (एमएएच) वल्ली इकाइयों में कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में विकसित भारत 2047 कार्य योजना के तहत क्षमता निर्माण उपायों पर प्रकाश डाला गया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आईएलओ के महानिदेशक एवं वरिष्ठ विशेषज्ञों तथा भारत के लिए विशेष रुचि वाले श्रम एवं रोजगार मामलों पर अन्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ कई द्विपक्षीय चर्चाएं भी कीं।
यह महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने भारत की सामाजिक सुरक्षा कवरेज का अधिक सटीक आकलन प्राप्त करने हेतु आईएलओ के सहयोग से राज्य विशिष्ट डेटा पूलिंग अभियान शुरू किया है।
आईएलओ के महानिदेशक ने वैश्विक गठबंधन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए भारत की सराहना की, जिसमें गठबंधन के प्रमुख हस्तक्षेप “स्थायी और समावेशी समाजों के लिए जिम्मेदार व्यवसाय” को प्रोत्साहित किया गया और पिछले महीने नई दिल्ली में पहली बार “सामाजिक न्याय पर क्षेत्रीय वार्ता” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। उन्होंने कहा, “इससे गठबंधन के अन्य देशों (भागीदारों) को गठबंधन के एजेंडे में अपना योगदान बढ़ाने की प्रेरणा मिली है।”
हुंगबो ने भारत को आगामी सामाजिक न्याय से संबंधित वार्षिक फोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और जिम्मेदार व्यावसायिक आचरण, जीवन-यापन के लिए उचित मजदूरी के भुगतान और सामाजिक रूप से कामकाज के न्यायपूर्ण भविष्य के लिए एआई का उपयोग करने के संदर्भ में भारतीय उद्योग की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित किया।
जनता के लिये पुलिस करती है सभी चुनौतियों का सामना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुलिस सब प्रकार की चुनौतियों का सामना कर समाज को बेफिक्र होकर जीने का अनुकुल माहौल प्रदान करती है। पुलिस होली, दीपावली और अन्य त्यौहारों पर अपने घर से दूर रहकर अपनी संपूर्ण निष्ठा से समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मियों का समाज में विशेष सम्मान और महत्व है। बाबा महाकाल की नगरी में पुलिसकर्मियों के साथ होली खेलना हर्ष की बात है। पुलिस के लिए होली पर्व पर व्यवस्थाएं करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। पुलिस की सेवा के कारण ही सभी नागरिक हर्षोल्लास और आनंद के साथ होली का पर्व मनाते हैं। पुलिस, समाज की सुरक्षा के लिए एक अहम कड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बातें शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित होली मिलन समारोह में कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोविड के कठिन दौर में पुलिसकर्मियों द्वारा मैदान पर रहकर की गई सेवा देश के इतिहास में कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है। हमें पुलिस पर गर्व हैं। पुलिसकर्मियों के स्वयं के मकान के लिए शासन ने प्रक्रिया आसान की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की एक विशेष पहचान बन रही है। प्रदेश ने इस बार अब तक का सबसे बड़ा 4 लाख 21 हजार करोड़ रूपये का बजट प्रस्तुत किया है। बजट में कोई भी नया कर नहीं लगाया गया है। पुलिसकर्मियों के लिए बजट में नए वाहनों की स्वीकृति, थानों के नवीन भवन, नक्सल प्रभावित क्षेत्र में समाज विरोधी ताकतों से सामना करने के लिए पर्याप्त सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी विभागों में निरंतर भर्तियां निकाल कर पदपूर्ति करने जा रहे हैं। सरकार ने प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड की पुन: स्थापना की। इसके लिए नवीन पदों का सृजन भी किया है। पुलिस बैंड, पुलिस का गौरव है जो अपनी प्रस्तुति से 26 जनवरी और 15 अगस्त के कार्यक्रमों को गरिमा प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने 6600 से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही 8500 से अधिक पुलिस कॉन्स्टेबल और सब-इंस्पेक्टर की नवीन भर्तियां भी शीघ्र निकाली जाएंगी।
हाइपरलूप परियोजना के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स प्रौद्योगिकी का विकास आईसीएफ चेन्नई में किया जाएगा : अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली | केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि हाइपरलूप परियोजना के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स घटक प्रौद्योगिकी चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में विकसित की जाएगी। उन्होंने आईआईटी मद्रास डिस्कवरी कैम्पस स्थित हाइपरलूप परीक्षण सुविधा केंद्र का दौरा किया और इसका लाइव प्रदर्शन देखा।

केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आईआईटी चेन्नई में स्थित 410 मीटर लंबी हाइपरलूप टेस्ट ट्यूब एशिया की सबसे लंबी हाइपरलूप परीक्षण सुविधा है।
पत्रकारों से बात करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हाइपरलूप परिवहन के लिए संपूर्ण परीक्षण प्रणाली स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके विकसित की गई है और उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी युवा प्रतिभाओं को बधाई दी।

अश्विनी वैष्णव ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत शीघ्र ही हाइपरलूप परिवहन के लिए तैयार हो जाएगा, क्योंकि वर्तमान में विकासाधीन हाइपरलूप परिवहन प्रौद्योगिकी ने अब तक किए गए परीक्षणों में उत्कृष्ट परिणाम दिए हैं।
रेल मंत्रालय ने हाइपरलूप परियोजना के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की है। इस हाइपरलूप परियोजना के लिए सभी इलेक्ट्रॉनिक्स प्रौद्योगिकी चेन्नई स्थित आईसीएफ में विकसित की जाएगी। श्री वैष्णव ने कहा कि आईसीएफ कारखाने के विशेषज्ञों ने वंदे भारत हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम को सफलतापूर्वक विकसित किया है और हाइपरलूप परियोजना के लिए यह इलेक्ट्रॉनिक्स प्रौद्योगिकी भी आईसीएफ में विकसित की जाएगी।
अश्विनी वैष्णव ने इस सफल प्रयोग के लिए आईआईटी चेन्नई और आविष्कार संगठन के युवा नवप्रवर्तकों को बधाई दी।
बाद में, अश्विनी वैष्णव ने गिंडी स्थित आईआईटी चेन्नई परिसर का दौरा किया और आईआईटी के इनोवेशन सेंटर द्वारा आयोजित प्रदर्शनी ओपन हाउस 2025 का अवलोकन किया। उन्होंने छात्रों और युवा नवप्रवर्तकों के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सभी क्षेत्रों में अग्रणी बनेगा।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि युवा डेटा विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं और भारत में दुनिया में सबसे अधिक कुशल युवा हैं, जो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वर्तमान में देश में पाँच सेमीकंडक्टर प्रणालियां कार्यरत हैं और भारत में निर्मित पहला सेमीकंडक्टर इस वर्ष के अंत तक लॉन्च किया जाएगा।
वैष्णव ने प्रदर्शनी के दौरान आयोजित नवाचार प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए तथा उन्हें और अधिक नए आविष्कार करने के लिए प्रोत्साहित किया। आईआईटी चेन्नई के निदेशक डॉ. कामकोटि भी समारोह में शामिल हुए।
डॉ. मनसुख मांडविया जेएलएन स्टेडियम में फिट इंडिया कार्निवल का उद्घाटन आज करेंगे
राज्य रक्षा खडसे और फिल्म स्टार आयुष्मान खुराना भी इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे
नई दिल्ली | पहली बार आयोजित होने वाले फिट इंडिया कार्निवल का भव्य उद्घाटन आज जेएलएन स्टेडियम में किया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और बॉलीवुड स्टार आयुष्मान खुराना, पहलवान और फिटनेस आइकॉन संग्राम सिंह और वेलनेस गुरु मिकी मेहता सहित कई विशेष अतिथि मौजूद रहेंगे।

इस कार्यक्रम में आगामी खेलो इंडिया पैरा गेम्स के शुभंकर, लोगो और खेलों के गीत का अनावरण भी किया जाएगा। ये खेलो इंडिया पैरा गेम्स 20 से 27 मार्च के बीच राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित किए जाएंगे।
तीन दिवसीय फिटनेस और वेलनेस महोत्सव, फिट इंडिया कार्निवल 16, 17 और 18 मार्च को आयोजित किया जाएगा, जिसका मकसद एक स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है, जो फिट इंडिया मूवमेंट के, नागरिकों के और तंदुरूस्त होने, स्वस्थ और मोटापे से मुक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सके। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मजेदार फिटनेस चुनौतियों सहित जीवंत बातचीत में भी शामिल होंगे।
फिट इंडिया कार्निवल में तीन दिनों के दौरान रस्सी कूदना, स्थिर साइकिल चलाना, आर्म रेसलिंग, क्रिकेट बॉलिंग, स्क्वॉट और पुश-अप चुनौतियों सहित कई खेल गतिविधियाँ मुख्य आकर्षण होंगी। भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय खेल विज्ञान और अनुसंधान केंद्र (एनसीएसएसआर) के डॉक्टर, पोषण विशेषज्ञ और मनोवैज्ञानिक भी मौजूद रहेंगे, जो महोत्सव में आने वाले लोगों को बगैर किसी शुल्क के परामर्श देंगे।
तीन दिनों के दौरान कलारीपयट्टू, मलखंब और गटका जैसे आकर्षक प्रदर्शन के साथ-साथ "नृत्य के ज़रिए फिटनेस" विषय पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव डीजे संगीत, बैंड प्रदर्शन का भी आयोजन किया जाएगा।
आईएनएस इम्फाल ने राष्ट्रीय दिवस समारोह के लिए पोर्ट लुईस की यात्रा पूरी की
नई दिल्ली | आईएनएस इम्फाल ने मॉरीशस की अपनी बंदरगाह यात्रा पूरी कर ली है और वह 14 मार्च, 2025 को पोर्ट लुईस से रवाना हो गया है। यह जहाज 57वें मॉरीशस राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेने के लिए मॉरीशस पहुंचा था। आईएनएस इम्फाल ने एक मार्चिंग टुकड़ी, भारतीय नौसेना बैंड और दो एमएच 60आर हेलीकॉप्टरों के फ्लाईपास्ट के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस शानदार परेड के मुख्य अतिथि थे।

आईएनएस इम्फाल ने बंदरगाह यात्रा के दौरान, दोनों देशों के बीच विस्तारित संबंधों को और सशक्त करने के लिए कई व्यावसायिक बातचीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल स्पर्धाएं और सामुदायिक आउटरीच गतिविधियों का भी आयोजन किया।
मॉरीशस राष्ट्रीय तट रक्षक (एनसीजी) कार्मिकों के लिए बंदरगाह और समुद्र की निगरानी, वीबीएसएस (विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर), बल संरक्षण, जहाज पर हेलीकॉप्टर संचालन, अग्निशमन व क्षति नियंत्रण के व्यावहारिक पहलुओं पर जहाज पर प्रशिक्षण कैप्सूल आयोजित किए गए।
जहाज के चालक दल द्वारा गयासिंह आश्रम में बुजुर्गों के लिए एक चिकित्सा शिविर भी आयोजित किया गया।
यह जहाज मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर 12 मार्च को जनता के लिए उपलब्ध कराया गया और 1,300 से अधिक आगंतुक इसमें शामिल हुए।
जहाज के चालक दल ने मॉरीशस पुलिस और एनसीजी मुख्यालय सहित पोर्ट लुईस में प्रमुख सुरक्षा प्रतिष्ठानों का दौरा किया।
जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन कमल के. चौधरी ने मॉरीशस सरकार और मॉरीशस पुलिस बल (एमपीएफ) के प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों एवं उच्च पदस्थ अधिकारियों से मुलाकात की।
जहाज पर भारतीय उच्चायोग के साथ डेक पर एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मॉरीशस के वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों तथा स्थानीय राजनयिक दल के सदस्यों ने भाग लिया।
आईएनएस इम्फाल की इस ऐतिहासिक यात्रा ने दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान की और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए ‘प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता’ व ‘पसंदीदा सुरक्षा साझेदार’ के रूप में तेजी से कार्य करने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।