देश-विदेश
दिव्यांगजन अपनी क्षमता, योग्यता, संघर्षशीलता और सकारात्मकता के आधार पर समाज में अपना स्थान बनाते हैं - मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजन अपनी क्षमता, योग्यता, संघर्षशीलता और सकारात्मकता के आधार पर समाज में अपना स्थान बनाते हैं। यह आत्मविश्वास ही उन्हें विशेष पहचान देता है। मध्यप्रदेश सरकार उन्हें हर स्तर पर प्रोत्साहित करने और सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा हमारे शरीर में भले ही कोई एक गुण कम करता है, लेकिन बदले में कई गुण बढ़ाकर भी देता है। दिव्यांगजन समाज के महत्वपूर्ण अंग हैं। उनकी अपने-अपने क्षेत्र में योग्यताएं हैं। राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए शासकीय नौकरियों (सीधी भर्ती) में अतिरिक्त 2 प्रतिशत आरक्षण दिया है। सरकार की भावना सर्वे भवन्तु सुखिन: रही है। दिव्यांगजन के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उनकी परेशानियां दूर करने के लिए सरकार सदैव तत्पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिव्यांग शब्द प्रदान करने से समाज का दृष्टिकोण सकारात्मक रूप से बदला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिव्यांगजन को नियुक्ति पत्र तथा अन्य हितलाभ वितरण कार्यक्रम को पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान के सभागार में संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर ने पृथ्वी पर हमारे जन्म की रचना की है। परमात्मा ने जरूरतमंदों के लिए कुछ बेहतर पुण्य कर्म करने का अवसर भी दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकवि सूरदास, अष्टावक्र, सकुरात, स्वामी रामभद्राचार्य, सुप्रसिद्ध संगीतकार रविंद्र जैन का उदाहरण देते हुए कहा कि शारीरिक सौंदर्य और शारीरिक पूर्णता से नहीं अपितु विशेषज्ञता पूर्ण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देकर इन महान व्यक्तित्वों ने समाज में योगदान दिया और इतिहास में स्थान बनाया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण, पुरात्व और जल संसाधन विभागों के दिव्यांगजन को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने हितग्राहियों को स्मार्टफोन एवं मोटराइज्ड साइकिल का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 की ब्रेल लिपि में विकसित पुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह तथा सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भोपाल महापौर मालती राय तथा विधायक भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित थे। दिव्यांग विद्यार्थियों ने इस अवसर पर स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव तथा अतिथिगण को तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण मंत्री राकेशसिंह के आज ही के दिन जन्म दिवस होने पर उनका अभिवादन किया तथा शुभकामनाएं दी।
‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के छठे दिन शिवराज सिंह चौहान महाराष्ट्र पहुंचे
नईदिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज महाराष्ट्र के पुणे स्थित, नारायणगांव, कृषि विज्ञान केंद्र से ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ का आगे बढ़ाते हुए, किसानों से संवाद किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव शिवाजीराव कोकाटे सहित, अधिकारीगण, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहें। पहले दिन ओडिशा से शुरुआत के बाद, जम्मू, हरियाणा, उत्तर-प्रदेश, बिहार के बाद आज कृषि मंत्री महाराष्ट्र के किसानों से मिले है। अन्य राज्यों की तरह ही महाराष्ट्र में भी अभियान को लेकर किसानों के बीच भारी उत्साह दिखा।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सबसे पहले मैं छत्रपति शिवाजी महाराज के चरणों में प्रणाम करता हूं। कामना करता हूं कि वह हमें सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा दें, जिससे हम अपने किसानों की सेवा कर सकें।केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जब-तक कृषि मंत्री, कृषि विभाग व वैज्ञानिक खेतों तक नहीं पहुंचेंगे, खेती को सही दिशा नहीं मिल सकती। व्यावहारिक समस्याओं का समझे बिना मात्र कागज पर योजनाएं बनाने का कोई अर्थ नहीं है।
शिवराज सिंह ने कहा कि आज मैंने शिमला मिर्च की खेती, केले की खेती, मूंगफली की खेती देखी वहां उत्पादन से लेकर उनके बाजार तक पहुंच की प्रक्रिया को समझा। वैज्ञानिकों की टीम के साथ टमाटरके खेत में भी गया, वायरस अटैक के कारण टमाटर की खेती पर जो विपरीत प्रभाव पड़ा,उसकी जानकारी भी ली।
चौहान ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए ही‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई है। जब-तक लैब और लैंड साथ नहीं जुड़ेंगे तब-तक कृषि का संपूर्ण विकास नहीं हो सकता। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विकसित कृषि संकल्प अभियान की 29 मई को ओडिशा से शुरुआत हुई।उन्होंने कहा कि ओडिशा से शुरुआत के बाद, मैं जम्मू गया, हरियाणा गया, उत्तर-प्रदेश गया, बिहार गया। आज मैं महाराष्ट्र आया हूं और आगे पूरे देश की परिक्रमा कर किसान भाई-बहनों से संवाद करूंगा।सभी राज्यों व क्षेत्रों की खेती की आवश्यकताएं, जरूरतें व चुनौतियां अलग-अलग है, जिसे गंभीरता से समझना होगा। चौहान ने कहा कि जब से मैं कृषि मंत्री बना हूं, मेरे रोम-रोम में किसान और हर सांस में खेती है, मैं खेती जीने की कोशिश कर रहा हूं।
चौहान ने कहा कि मुझे यह देखकर प्रसन्नता होती है कि महाराष्ट्र के किसान प्रगतिशील है। उन्होंने खुद से अनुसंधान कर खेती में उन्नति के मार्ग सुनिश्चित किए हैं। हमारे अंगूर और केले आज विदेशों में निर्यात हो रहे हैं। चौहान ने कहा कि हमें जलवायु परिवर्तन की चुनौती को ध्यान में रखते हुए अब नई किस्में विकसित करनी पड़ेंगी।
'अर्बन अड्डा 2025' का उद्घाटन..... साइक्लिंग पर महत्वपूर्ण पुस्तकें लांच
नईदिल्ली। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज नई दिल्ली में अर्बन अड्डा 2025 सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं, विशेषज्ञों और जिग्गजों को एकजुट करके बेहतर शहरी भविष्य बनाना है।
डॉ. मांडविया ने अपने मुख्य भाषण में कहा, "साइकिल चलाना व्यायाम का सबसे अच्छा तरीका है। यह न केवल हमें स्वस्थ बनाता है बल्कि पर्यावरण को भी बनाए रखने में मदद करता है। साइकिल चलाना प्रदूषण का समाधान है"
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “जब मैं पहली बार सांसद बना था, तो मैं हर दिन साइकिल से संसद जाता था और लोग मुझे ‘साइकिल वाला सांसद’ के रूप में देखते थे। हमें साइकिल चलाने को एक मुहिम में बदलना होगा और इस धारणा को दूर करना होगा कि यह केवल समाज के एक विशेष वर्ग के लिए है और ऐसा करने से साइकिल चलाना सभी के लिए एक फैशन बन जाएगा।”
केंद्रीय मंत्री ने सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के बारे में कहा, "संडे ऑन साइकिल पहल फिट इंडिया को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रव्यापी मुहिम बन गई है। मैं सभी से प्रतिदिन साइकिल चलाने और 2047 तक विकसित भारत की दिशा में योगदान देने का आग्रह करता हूँ।"
विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान डॉ. मांडविया ने औपचारिक रूप से दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों का शुभारंभ किया।
साइकिलिंग, बच्चे और शहर, लेखक: डॉ. भैरवी जोशी
रोड टू साइकिल2स्कूल, लेखक डॉ. भैरवी जोशी और एआर. कुश पारिख
ये पुस्तकें शहरी परिवेश को तत्काल नए सिरे से डिजाइन करने की आवश्यकता पर जोर डालती है ताकि बच्चों के लिए सक्रिय गतिशीलता, स्वस्थ जीवनशैली और सुरक्षित सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराए जा सकें। डॉ. मांडविया ने कहा: "अगर हमें 2047 तक वास्तव में विकसित भारत का निर्माण करना है, तो हमें सुरक्षित सड़कों, बेहतर सार्वजनिक स्थानों और साइकिल चलाने जैसे सुलभ गतिशीलता विकल्पों के माध्यम से अपने बच्चों के दैनिक के जीवन को सुरक्षित करना शुरू करना होगा।" दंत चिकित्सक, बीवाईसीएस इंडिया फाउंडेशन की सीईओ और संस्थापक निदेशक तथा साइकिलिंग की प्रबल समर्थक डॉ. भैरवी जोशी ने सत्र का समापन करते हुए पूरी टीम की ओर से हार्दिक धन्यवाद दिया।
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का विस्तार होगा, श्री संजय सेठ ने तीन लाख नए कैडेट जोड़ने की घोषणा की
नईदिल्ली। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 3 जून, 2025 को भोपाल में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के विशेष संयुक्त राज्य प्रतिनिधियों और अतिरिक्त/उप महानिदेशकों (जेएस आरएंडए/डी) के सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान देश भर में तीन लाख कैडेटों को जोड़ने के साथ एनसीसी के योजनाबद्ध तरीके से विस्तार की भी घोषणा की, जिसके लिए कई राज्य पहले ही सहमति दे चुके हैं और प्रशिक्षण के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे में तीव्र गति से वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं।
संजय सेठ ने इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण और युवाओं के विकास में एनसीसी की भूमिका की पुष्टि की। उन्होंने इस सिलसिले में हाल में की गई पहलों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें पूर्व सैनिकों को एनसीसी प्रशिक्षक के रूप में शामिल करना और उन्हें रोजगार के नए अवसर प्रदान करना शामिल है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान, नया सवेरा योजना और नशा मुक्ति अभियान जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में एनसीसी की सक्रिय भागीदारी की भी सराहना की। रक्षा राज्य मंत्री ने एनसीसी के अभियान दल को 18 मई, 2025 को माउंट एवरेस्ट पर उनकी सफल चढ़ाई की उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने इसे कैडेटों के साहस और उनकी सामर्थ्य का एक प्रबल उदाहरण बताया।
संजय सेठ ने केंद्र-राज्य सहयोग जारी रखने का आह्वान करते हुए राज्यों से एनसीसी के ऐतिहासिक विस्तार में सहयोग देने के लिए आवश्यक कर्मियों, बुनियादी ढांचे और वित्त पोषण की अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का आग्रह किया, जिससे युवाओं के भविष्य को आकार देने और राष्ट्र को सुरक्षित करने में इस संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका को बल मिलेगा।
एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह ने इसकी उपलब्धियों और भविष्य की रूपरेखा का उल्लेख किया, जिसमें देश भर में मजबूत प्रशिक्षण और शिविर संबंधी बुनियादी ढांचे को स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने संगठन में युवाओं की अधिक भागीदारी को बढ़ावा देने और कैडेटों के प्रदर्शन में सुधार लाने के लक्ष्य पर बल दिया। शिक्षा एवं युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री, रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों के विभागीय प्रतिनिधि और सभी राज्यों के एनसीसी प्रमुख भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
मध्य प्रदेश सरकार के लिए जनकल्याण और जन सेवा सर्वोपरि: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Bhopal News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के लिए जन सेवा के कार्य और जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सर्वोपरि है। यह वर्ष अनेक सेवा प्रकल्पों के कारण जाना जाएगा। जन सेवा और सुशासन की प्रतीक लोकमाता अहिल्या देवी जी के 300 वें जन्मदिन को उल्लास से मनाया गया। भोपाल में हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति थी और भोपाल के नागरिकों ने इस कार्यक्रम को स्मरणीय बना दिया। अब जनजातीय योद्धा राजा भभूत सिंह के सम्मान में पचमढ़ी में केबिनेट बैठक रखी गयी है। मुख्यमंत्री डॉ यादव आज भोपाल के सुभाष नगर खेल मैदान में वरिष्ठ नेता स्वर्गीय कैलाश नारायण सारंग की जयंती और प्रसून सारंग की स्मृति में हुए कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मातृ-पितृ भक्ति दिवस के रूप में हुए इस कार्यक्रम में जहां वरिष्ठ जन का सम्मान किया गया, वहां सामूहिक विवाह भी संपन्न हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्री विश्वास कैलाश सारंग द्वारा माता-पिता की स्मृति में यह आयोजन सराहनीय है। प्रत्येक व्यक्ति के लिए माता-पिता के साथ बिताया समय यादगार होता है। प्रत्येक व्यक्ति का जन्म लेना और मृत्यु को प्राप्त होना तय है, लेकिन जन्म और मृत्यु के मध्य यात्रा कितनी सार्थक रही यह महत्वपूर्ण है। स्वर्गीय कैलाश नारायण सारंग जी ने भी जीवन में सेवा कार्यों को अपनाया। हमारी भारतीय संस्कृति में सेवा का विशेष महत्व है और यह सनातन संस्कृति की पहचान भी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मों के आधार पर जीवन बनता है। मध्य प्रदेश सरकार ने सतपुड़ा अंचल के राजा भभूत सिंह के सम्मान में पचमढ़ी में कैबिनेट की बैठक का आयोजन किया है। राजा भभूत सिंह ने संघर्ष करते हुए जनजातीय समाज को संगठित किया और कुशल नेतृत्व देकर बाहरी ताकतों के विरुद्ध निरंतर लड़ाई लड़ी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि नई पीढ़ी को ऐसे गौरवशाली व्यक्तित्व के बारे में जानकारी देना आवश्यक है, ताकि युवा पीढ़ी विरासत पर गर्व करे और लोगों के जीवन को बदलने के अभियान में सहभागी बने।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में कुटुंब परंपरा है और मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुजुर्गों की सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया और नव दंपतियों को बधाई दी।
नक्शा क्षमता निर्माण कार्यक्रम का दूसरा चरण 2 जून से पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों में होगा शुरू
नईदिल्ली। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय का भूमि संसाधन विभाग (डीओएलआर) 2 जून 2025 से देश के पांच उत्कृष्टता केंद्रों (सीओई) में नक्शा (शहरी आवासों का राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान-आधारित भूमि सर्वेक्षण) कार्यक्रम के तहत क्षमता निर्माण का दूसरा चरण आयोजित करने जा रहा है। नक्शा में भाग लेने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 160 मास्टर प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का पहला चरण मई 2025 में पूरा हो चुका है।
भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी 2 जून, 2025 को सुबह 10:00 बजे प्रशिक्षण कार्यक्रम के इस चरण का वर्चुअली उद्घाटन करेंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 157 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) से 304 यूएलबी-स्तर और जिला अधिकारियों को नामित किया गया है। इन अधिकारियों को प्रभावी शहरी संपत्ति सर्वेक्षणों के लिए आधुनिक भू-स्थानिक तकनीकों का लाभ उठाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण 2 जून 2025 से शुरू होकर एक सप्ताह तक निम्नलिखित उत्कृष्टता संस्थानों के केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा :
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी, उत्तराखंड
यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन अकादमी (वाईएएसएचएडीए), पुणे, महाराष्ट्र
पूर्वोत्तर क्षेत्र उत्कृष्टता केंद्र, गुवाहाटी, असम
महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एमजीएसआईपीए), चंडीगढ़, पंजाब
प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (एटीआई), मैसूरू, कर्नाटक
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यूएलबी अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को नक्शा कार्यक्रम के तहत उच्च सटीकता वाले भूमि सर्वेक्षणों की देखरेख के लिए आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है। मॉड्यूल में कार्यक्रम की रूपरेखा, जीएनएसएस और ईटीएस-आधारित सर्वेक्षण, वेब-जीआईएस एप्लीकेशन, भूखंडों का मानचित्रण और भूमि सर्वेक्षण के कानूनी-प्रशासनिक पहलुओं को शामिल किया गया है।
नक्शा के बारे में
भारत की शहरी आबादी 2031 तक 600 मिलियन से अधिक होने की उम्मीद है इसलिए आधुनिक, सत्यापन योग्य और आसानी से सुलभ भूमि अभिलेखों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है। नक्शा कार्यक्रम इस चुनौती का समाधान एक साहसिक, प्रौद्योगिकी-संचालित दृष्टिकोण से करता है। नक्शा कार्यक्रम को भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग (डीओएलआर) द्वारा भारतीय सर्वेक्षण विभाग, एनआईसीएसआई, एमपीएसईडीसी और पांच उत्कृष्टता केंद्रों के सहयोग से एक प्रायोगिक कार्यक्रम के रूप में लागू किया जा रहा है। नक्शा को 27 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के 157 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में शुरू किया गया है।
कोलकाता के इस्कान रथयात्रा में इस बार सुखोई फाइटर डेट के टायरों का होगा इस्तेमाल
डेस्क। कोलकाता में इस्कॉन द्वारा आयोजित रथ यात्रा का रथ इस बार सुखोई लड़ाकू विमान के टायरों पर चलेगा। पिछले 48 वर्षों से भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का रथ बोइंग विमान के टायरों की निकलता था। लेकिन इन टायरों के पुराने हो जाने के कारण पिछले 15 वर्षों से इस्कॉन नए विकल्प की तलाश में था। इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास ने बताया कि सुखोई के टायरों का व्यास (डायमीटर) बोइंग के टायरों से मेल खाता है, इसलिए इस बार इन्हें रथ में लगाया जा रहा है।
जब इस्कॉन ने सुखोई टायर बनाने वाली कंपनी से कोटेशन मांगा, तो कंपनी हैरान रह गई। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि कोई रथ यात्रा के लिए फाइटर जेट के टायर क्यों मांग रहा है। इसके बाद इस्कॉन ने कंपनी को पूरे परिप्रेक्ष्य की जानकारी दी और उनकी एक टीम को कोलकाता बुलाकर रथ दिखाया गया। कंपनी ने सहयोग करते हुए चार टायर उपलब्ध कराए, जिन्हें अब रथ में लगाया जा रहा है।
राधारमण दास ने कहा कि इस बदलाव के साथ न केवल तकनीकी मजबूती आई है, बल्कि यह परंपरा और आधुनिकता के अद्भुत मेल का प्रतीक भी बन गया है। इस साल भक्त भगवान जगन्नाथ को सुखोई के पहियों से सजे रथ पर विराजमान होकर दर्शन कर पाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया नव-उद्घाटित इंदौर मेट्रो ट्रेन का निरीक्षण
Bhopal News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव-उद्घाटित इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के गांधीनगर स्थित देवी अहिल्याबाई मेट्रो स्टेशन का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अहिल्याबाई मेट्रो स्टेशन से झलकारी बाई मेट्रो स्टेशन तक यात्रा की। वह अहिल्याबाई मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन से वापस भी आये। उन्होंने यात्रा के दौरान मेट्रो रेल संचालन कक्ष का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेट्रो रेल संचालन से जुड़े अधिकारियों से तकनीकी और प्रबंधकीय पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। यात्रा के दौरान उन्होंने महिला यात्रियों से भी संवाद किया और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के विषय में प्रतिक्रियाएं और अनुभव जाने।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ अहिल्याबाई मेट्रो स्टेशन पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, उषा ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष के पावन अवसर पर भोपाल में आयोजित महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन के दौरान इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के प्रथम चरण का वर्चुअल शुभारंभ किया। मेट्रो परियोजना के प्रथम चरण में लगभग 1520 करोड़ रूपये की लागत से निर्माण कार्य हुआ है। यह यलो लाइन मेट्रो परियोजना 6 किलोमीटर के रूट पर संचालित होगी। मेट्रो में 900 से अधिक यात्रियों की क्षमता है तथा इसमें सभी आधुनिक, सुगम एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हैं। यात्रियों की सहूलियत के लिए स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर, एआई आधारित ट्रैकिंग सिस्टम और क्यूआर कोड आधारित टिकट प्रणाली जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी स्थापित की गई हैं।
भोपाल में गीले कचरे से बना रहा हरित ईंधन थर्मोकोल अपशिष्ट से हो रहे हैं नए निर्माण पर्यावरण सुरक्षा और रोजगार का संगम
Bhopal News: भोपाल, जो 41% हरित क्षेत्र के लिए जाना जाता है, स्वच्छ भारत मिशन को साकार करने की दिशा में भोपाल नगर निगम (BMC) ने दो महत्त्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की हैं, जो न केवल शहर की साफ-सफाई को बढ़ावा दे रही हैं बल्कि अपशिष्ट पदार्थों को उपयोगी संसाधनों में भी बदलेंगी। इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के अंतर्गत किया जा रहा है।
BMC ने “स्वाहा रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड” के सहयोग से "ग्रीन वेस्ट टू बायो-ब्रिकेट्स" प्लांट की स्थापना की है। इस संयंत्र में शहर से प्रतिदिन 20 टन हॉर्टिकल्चर वेस्ट यानि सूखी पत्तियां, घास, पेड़ की टहनियां आदि का प्रसंस्करण करके बायो-ब्रिकेट्स बनाने की तैयारी है, जो कोयले और लकड़ी जैसे पारंपरिक ईंधनों का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बनेंगे। इसके अतिरिक्त यह परियोजना न केवल खुले में कचरा जलाने की समस्या को कम करेगी, बल्कि ग्रीन एनर्जी उत्पादन को भी बढ़ावा देगी। बायो-ब्रिकेट्स का उपयोग बड़े-बड़े उद्योगों, कमर्शियल रसोईघरों और बॉयलर्स में किया जाएगा।
एक अन्य अभिनव पहल के तहत, BMC ने थर्मोकोल क्रशिंग एंड रीसाइक्लिंग प्लांट की शुरुआत की है। यहां वाणिज्यिक संस्थानों, उद्योगों और घरों से एकत्रित थर्मोकोल को छांटकर कंप्रेस किया जाता है और उससे कंप्रेस्ड ब्लॉक्स बनाए जाते हैं, जिनका उपयोग निर्माण, इन्सुलेशन और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में होता है।
भोपाल नगर निगम ने स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए बिट्टन मार्केट में एक विकेंद्रीकृत बायोडीग्रेडेबल कचरा प्रबंधन प्रणाली शुरू की है। यह परियोजना भी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित है और प्रतिदिन 5 टन जैविक कचरे को संसाधित करने की क्षमता रखती है। इस संयंत्र से प्रतिदिन लगभग 300–350 घन मीटर बायोगैस और 200–300 किलोवाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। खास बात यह है कि उत्पन्न बायोगैस का उपयोग स्थानीय हाई-मास्ट लाइट्स को जलाने में किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में सतत विकास सुनिश्चित हो रहा है।
इन पहलों के माध्यम से BMC न केवल स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, बल्कि सस्टेनेबल ऊर्जा और ग्रीन इकोनॉमी की दिशा में भी एक बड़ा कदम उठा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण संभव होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। भोपाल अब अपने अपशिष्ट को संसाधन में बदलकर एक “मॉडल ग्रीन सिटी” के रूप में उभर रहा है। यह पहल अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणा का स्त्रोत बन रही है।
लोग साहित्य से प्रेरणा ले सकते हैं और अपने आदर्शों को साकार करने का प्रयास कर सकते हैं: राष्ट्रपति
नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक ऐतिहासिक कार्यक्रम में संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत साहित्य अकादमी ने राष्ट्रपति भवन के सहयोग से “कितना बदल चुका है साहित्य?” विषय पर एक साहित्यिक सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देश भर से प्रतिष्ठित लेखकों, कवियों और साहित्यिक विचारकों सम्मिलित हुए। सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने उद्घाटन भाषण में लेखकों के प्रति अपने आजीवन सम्मान और प्रशंसा को व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन में लेखकों की मेजबानी करना उनकी एक प्रिय इच्छा थी। उन्होंने उत्कलमणि गोपबंधु दास की उड़िया में कही गई पंक्तियों का स्मरण किया, जिसका उन्होंने अर्थ बताया, "मैं इस देश की धरती पर जहाँ भी हूँ, मैं उतनी ही आभारी हूँ जितनी मैं जगन्नाथ पुरी यात्रा के परिसर में होती।" उन्होंने साहित्य से समानताएँ बताते हुए वाल्मीकि रामायण से सीता-राम की कहानी को समाज में एकता की शक्ति के रूप में उद्धृत किया। अपने व्यक्तिगत अनुभव पर विचार करते हुए उन्होंने साझा किया कि कैसे फकीर मोहन सेनापति की कहानी "रेवती" ने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला, साहित्य के प्रभाव को उजागर किया। उनके अनुसार, आम लोग साहित्य से प्रेरणा ले सकते हैं और अपने आदर्शों को साकार करने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने प्रतिभा रे के उपन्यास द्रौपदी को मानवीय संवेदनाओं में निहित एक उत्कृष्ट साहित्य का एक आदर्श उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि साहित्य समय के साथ परिवर्तित होता है लेकिन करुणा और संवेदनशीलता जैसे कुछ तत्व हैं,जिनमें परिवर्तन नहीं होता। उन्होंने आगे कहा कि व्यक्ति के अनुभवों पर आधारित होने के कारण आज के साहित्य को उपदेशात्मक साहित्य नहीं कहा जा सकता।
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि साहित्य कितना बदल गया है, यह पूछने के बजाय यह विचार करना अधिक उचित होगा कि समाज में कितना बदलाव आया है, क्योंकि साहित्य समाज की भावना होती है। उन्होंने मुंशी प्रेमचंद का उदाहरण देते हुए कहा कि वे हमेशा सामाजिक बुराइयों पर प्रहार करते रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश सांस्कृतिक पुनरुत्थान के युग से गुजर रहा है। राष्ट्रपति के तत्वावधान में इस कार्यक्रम का आयोजन देश में एक जाग्रत सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
संस्कृति मंत्रालय की विशेष सचिव और वित्तीय सलाहकार रंजना चोपड़ा ने साहित्य अकादमी की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिसमें नेताजी सुभाष बोस पर इसका कार्य और उन्मेषा जैसे अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक आयोजन सम्मिलित हैं। उन्होंने तेजी से हो रहे तकनीकी और सामाजिक परिवर्तनों के बीच साहित्य के सामने आने वाली चुनौतियों को स्वीकार किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल से उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की सौजन्य भेंट
राज्यपाल मंगुभाई पटेल से उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को राजभवन में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राज्यपाल उत्तर प्रदेश आनंदीबेन पटेल का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।राज्यपाल पटेल ने सिकल सेल जागरूकता के लिए राजभवन मध्य प्रदेश की पहल पर डाक विभाग द्वारा जारी विशेष आवरण राज्यपाल उत्तर प्रदेश आनंदीबेन पटेल को भेंट किया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल का राज्यपाल उत्तर प्रदेश आनंदीबेन पटेल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।
डीआरआई ने दो अभियानों में करीब 23.5 करोड़ रुपये की हेरोइन और मेथमफेटामाइन की जब्त... चार तस्कर गिरफ्तार
नईदिल्ली। पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी पर कार्रवाई के अंतर्गत राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने 19 बीएन असम राइफल्स की सहायता से 21.5.2025 को राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर मणिपुर के नोनी में एक ट्रक के निचले हिस्से में से 569 ग्राम हेरोइन और 1,039 ग्राम मेथामफेटामाइन की गोलियों के पैकेट जब्त किए।
एक अन्य अभियान में, डीआरआई ने असम राइफल्स वित्तीय सूचना एकक, सिलचर की सहायता से 22.05.2025 को असम के हैलाकांडी जिले के एलोइचेरा में एक ट्रक के बेडलोड फ्लोर में से 2,640.53 ग्राम हेरोइन के पैकेट जब्त किए।
एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के अंतर्गत जब्त की गई इन प्रतिबंधित दवाओं की कीमत अंतर्राष्ट्रीय ग्रे ड्रग मार्केट में लगभग 23.5 करोड़ रुपये है। इस मामले में चार व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया है। राजस्व आसूचना निदेशालय ने इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक पूर्वोत्तर क्षेत्र में 173 करोड़ रुपये मूल्य के गांजा, मेथमफेटामाइन की गोलियां और हेरोइन जैसे प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए हैं तथा 26 लोगों को गिरफ्तार किया है।
कर्मचारियों के हित में है प्रदेश का हित, प्रदेश के हित में राष्ट्र का हित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Bhopal News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मंगलवार को मंत्रालय परिसर में मंत्रालय कर्मचारी परिवार द्वारा आत्मीय स्वागत व सम्मान किया गया। मंत्रालय परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कमल पुष्प की रजत प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी राज्यकर्मी सम्मान और साधुवाद के पात्र हैं, क्योंकि इनकी कर्मठता और सामूहिक परिश्रम से ही मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जा रहा है। राज्यकर्मी सच्चे अर्थों में कर्म योगी है। ये प्रदेश की शासन और प्रशासन व्यवस्था की धुरी हैं। राज्यकर्मी पूरी निष्ठा और मेहनत से अपने पदीय दायित्व निभाएं, इनके सभी हितों और अनुलाभों (इंसेंटिव्स) का सरकार पूरा-पूरा ध्यान रखेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार सभी रिक्त पदों को क्रमश: भरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। जल्दी ही सभी रिक्त पद भरे जाएंगे। पदोन्नति वाले मसले पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस मामले से जुड़े दोनों पक्षों के साथ चर्चा कर शासकीय सेवकों को पदोन्नति देने के लिए राज्य सरकार पूरी गंभीरता से सभी जरूरी कदम उठा रही है। जल्द ही मामले का सकारात्मक समाधान निकालकर पात्रों को पदोन्नति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सभी राज्य कर्मचारियों का बीमा कराने की मंशा से आगे बढ़ रही है। सरकार की मंशा है कि सभी राज्य कर्मियों के खुद के मकान भी हों। राज्य कर्मियों को अपने बच्चों को पढ़ाने-लिखाने में सरकार मदद करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर कर्मचारी-अधिकारी की क्षमता और योग्यता का पूरा लाभ लेंगे और प्रदेश की बेहतरी के लिए उसका सदुपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी राज्यकर्मी शासन व्यवस्था का अभिन्न अंग है इसलिए इनके हित संवर्धन के लिए सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हित में प्रदेश का हित है और प्रदेश के हित में ही राष्ट्र का हित है।
कार्यक्रम के संयोजक सुभाष वर्मा द्वारा स्वागत उद्बोधन देकर केन्द्र सरकार के समान राज्य कर्मियों को महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, सचिवालय भत्ता व अन्य सभी कर्मचारी हितैषी निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया और अपना मांग पत्र भी सौंपा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलन एवं भारत माता के चित्र पर मार्ल्यापण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्रालय परिवार द्वारा पुष्पगुच्छ एवं पौधा भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय परिवार द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व किया और यात्रा को उसके गंतव्य स्थल की ओर रवाना किया।
भारतमाला प्रोजेक्ट भूमि अधिग्रहण घोटाले में बड़ा खुलासा, 150 संदिग्ध और 130 बैंक खाते जांच के घेरे में
Raipur News: भारतमाला प्रोजेक्ट के भूमि अधिग्रहण घोटाले की जांच में एसीबी-ईओडब्ल्यू को बड़ा सुराग मिला है। अब तक की जांच में 150 संदिग्ध व्यक्तियों और उनके 130 बैंक खातों की जानकारी सामने आई है। ये बैंक खाते मुख्य रूप से महासमुंद और अभनपुर क्षेत्र से जुड़े हैं, जिनमें अकेले महासमुंद के आईसीआईसीआई बैंक में 130 खाते पाए गए हैं। इन खातों के माध्यम से किए गए संदिग्ध लेन-देन की गहनता से जांच की जा रही है।
पिछले एक महीने में एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में केदार तिवारी और उनकी पत्नी उमा तिवारी, कारोबारी हरमीत सिंह खनूजा और विजय जैन को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर ही इतने बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
जांच में यह भी सामने आया है कि भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत जिन दो दर्जन किसानों को भूमि अधिग्रहण के एवज में मुआवजा राशि मिली थी, वह रकम बाद में हरमीत सिंह खनूजा के खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन खातों के माध्यम से कुल कितनी राशि का लेन-देन हुआ और उसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम पूरे घोटाले की परतें धीरे-धीरे खोल रही है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
श्रीलंका के सिविल सेवकों के लिए 9वां क्षमता निर्माण कार्यक्रम राष्ट्रीय सुशासन केंद्र मसूरी में शुरू
नईदिल्ली। राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) ने श्रीलंका के मध्य-स्तरीय सिविल सेवकों के लिए 9वें क्षमता निर्माण कार्यक्रम की शुरुआत की है। 26 मई से 6 जून 2025 तक आयोजित, दो सप्ताह के इस कार्यक्रम में लोक प्रशासन, रक्षा, स्वास्थ्य और मास मीडिया और शिक्षा सहित मंत्रालयों के वरिष्ठ सहायकों, विभागीय सचिवों और उप निदेशकों जैसे प्रमुख पदों पर कार्यरत 40 अधिकारी भाग ले रहे हैं। यह कार्यक्रम डिजिटल शासन पर बल देता है, इसे प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में मान्यता देता है। केंद्रित सत्रों के माध्यम से, इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक सेवा वितरण में डिजिटल उपकरणों और ई-गवर्नेंस रणनीतियों की प्रतिभागियों की समझ और कार्यान्वयन को मजबूत करना है।
राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के महानिदेशक आईएएस डॉ. सुरेन्द्र कुमार बागड़े ने सत्र का उद्घाटन किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके विविधतापूर्ण और संतुलित प्रतिनिधित्व की सराहना की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह कार्यक्रम डिजिटल शासन और प्रशासन की व्यापक समझ प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में भारत की सर्वोत्तम नियमों को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यहां आयोजित होने वाले सत्र शासन को बदलने में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान एसोसिएट प्रोफेसर और राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. एपी सिंह ने कार्यक्रम का अवलोकन किया। दो सप्ताह के इस कार्यक्रम में शासन के बदलते प्रतिमान, डिजिटल पब्लिक गवर्नेंस, आधार, भारत में डिजिटल भुगतान, जीईएम, भारत में सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली, साइबर धोखाधड़ी, डीआईएलआरएमपी जैसे विषयों को शामिल करते हुए कई तरह के सत्र शामिल हैं। प्रतिभागी, एलबीएसएनएए, कम्प्यूटरीकृत भूमि रिकॉर्ड केंद्र, उत्तराखंड, एमडीडीए, यमुना नगर के डिजिटल गवर्नेंस जिले का दौरा करने का साथ ही, पीएम गति शक्ति अनुभूति केंद्र, चुनाव आयोग, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन और ताजमहल भी जाएंगे।
कृषि विकास से ही आयेगी देश में समृद्धि, मप्र की तर्ज पर हर राज्य में हों कृषि उद्योग समागम : उप राष्ट्रपति
Bhopal News: खेती-किसानी देश की अर्थव्यवस्था की नींव है। यह हमारी प्रगति का मूल आधार है। कृषि के क्षेत्र में विकास और नित नए नवाचार जरूरी हैं, इससे कृषि के विकास से ही देश में समृद्धि आएगी। देश का उदर-पोषण करने वाले अन्नदाता की खुशहाली में ही हमारे देश की खुशहाली सन्निहित है। उक्ताशय के विचार उप राष्ट्रपति जदगीप धनखड़ ने नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में कृषि उद्योग समागम-2025 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।
उपराष्ट्रपति ने कृषि उद्योग समागम के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस पहल का अन्य राज्यों को भी अनुसरण करना चाहिए। किसान हमारे अन्नदाता हैं। अन्नदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि किसान भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेहद कर्मठ और कार्यशील है। कोई ऐसा दिन नहीं रहता, जब वे गांव, गरीब और किसान की चिंता न करें। मध्यप्रदेश सरकार ने गांव-किसान और उद्योग को जोड़ने की अभिनव पहल शुरू की है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि-उद्योग समागम के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि नरसिंहपुर जिला मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत को संजोकर रखने वाला एक प्रमुख केंद्र है। यहां मां नर्मदा के तट पर बरमान में मकर संक्रांति का सुप्रसिद्ध मेला लगता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि मेलों और कृषि उद्योग समागमों के जरिए किसानों को भरपूर लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के लिए हर समय उपलब्ध रहते हैं। देश के किसान कड़े परिश्रम से अन्न उगाते हैं, वहीं हमारे वैज्ञानिक भी तकनीक का उपयोग कर किसानों के लिए नए-नए संयंत्र तैयार करते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के मामले में शस्य श्यामला है। नरसिंहपुर पर मां नर्मदा की विशेष कृपा है। नरसिंहपुर जिला दाल का कटोरा है, यहां की तुअर दाल को जीआई टैग मिला है। दाल उत्पादक किसान देशभर में पहचान बना चुके हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश तो नदियों का मायका है। मध्यप्रदेश 247 नदियों का उद्गम है, जो देश में सर्वाधिक है। यहां घने जंगल नदियों एवं जलराशि को समृद्ध करते हैं।
मुंबई बना कोरोना का हॉटस्पॉट, महाराष्ट्र में 24 घंटे में सामने आए 43 नए मामले
डेस्क। महाराष्ट्र में कोविड-19 संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में एक ही दिन में 43 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 35 मामले अकेले मुंबई से सामने आए हैं। बाकी 8 मामले राज्य के अन्य जिलों से सामने आए हैं।
मरीजों की होम आइसोलेशन और अस्पतालों में देखभाल की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग नागरिकों को सावधानी बरतने, मास्क पहनने और भीड़भाड़ से बचने की सलाह दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और बदलते वैरिएंट के कारण स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आने के बाद गाइडलाइन जारी की है। नई गाइडलाइन में बीएमसी ने लोगों से कहा है कि महानगरपालिका के अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के इलाज और मार्गदर्शन की सुविधा दी जा रही है। मुंबई महानगरपालिका के अस्पतालों में मरीजों के लिए विशेष बेड और विशेष कमरों की भी व्यवस्था की गई है।
देश भर में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी के बीच दो नए वैरिएंट- NB.1.8.1 और LF.7 ने चिंता बढ़ा दी है। भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में तमिलनाडु में NB.1.8.1 का एक मामला पाया गया था। मई में LF.7 के चार मामले सामने आए हैं।