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कृषि विकास से ही आयेगी देश में समृद्धि, मप्र की तर्ज पर हर राज्य में हों कृषि उद्योग समागम : उप राष्ट्रपति

Bhopal News: खेती-किसानी देश की अर्थव्यवस्था की नींव है। यह हमारी प्रगति का मूल आधार है। कृषि के क्षेत्र में विकास और नित नए नवाचार जरूरी हैं, इससे कृषि के विकास से ही देश में समृद्धि आएगी। देश का उदर-पोषण करने वाले अन्नदाता की खुशहाली में ही हमारे देश की खुशहाली सन्निहित है। उक्ताशय के विचार उप राष्ट्रपति जदगीप धनखड़ ने नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में कृषि उद्योग समागम-2025 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।

उपराष्ट्रपति ने कृषि उद्योग समागम के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस पहल का अन्य राज्यों को भी अनुसरण करना चाहिए। किसान हमारे अन्नदाता हैं। अन्नदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि किसान भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेहद कर्मठ और कार्यशील है। कोई ऐसा दिन नहीं रहता, जब वे गांव, गरीब और किसान की चिंता न करें। मध्यप्रदेश सरकार ने गांव-किसान और उद्योग को जोड़ने की अभिनव पहल शुरू की है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि-उद्योग समागम के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि नरसिंहपुर जिला मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत को संजोकर रखने वाला एक प्रमुख केंद्र है। यहां मां नर्मदा के तट पर बरमान में मकर संक्रांति का सुप्रसिद्ध मेला लगता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि मेलों और कृषि उद्योग समागमों के जरिए किसानों को भरपूर लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के लिए हर समय उपलब्ध रहते हैं। देश के किसान कड़े परिश्रम से अन्न उगाते हैं, वहीं हमारे वैज्ञानिक भी तकनीक का उपयोग कर किसानों के लिए नए-नए संयंत्र तैयार करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के मामले में शस्य श्यामला है। नरसिंहपुर पर मां नर्मदा की विशेष कृपा है। नरसिंहपुर जिला दाल का कटोरा है, यहां की तुअर दाल को जीआई टैग मिला है। दाल उत्पादक किसान देशभर में पहचान बना चुके हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश तो नदियों का मायका है। मध्यप्रदेश 247 नदियों का उद्गम है, जो देश में सर्वाधिक है। यहां घने जंगल नदियों एवं जलराशि को समृद्ध करते हैं।

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