Example of humanity: मां की मौत की सूचना मिली पर इतने पैसे नहीं थे आ सके बच्चे, मदद को सामने आए ये
2023-03-20 10:22 AM
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रायपुर। पुलिस को यूं तो बहुत कड़क और भावनाहीन होने की तमगा सभी वर्ग के लोग देते है। लेकिन यहीं पुलिस जब मानवता की मिशाल पेश करती हैं तो लोग उन्हें सैल्यूट भी करते है। पुलिस की मानवता इस बार जगदलपुर में दिखाई दी। जहां रेलवे स्टेशन में एक महिला मुर्छित अवस्था में मिली। जिसे महारानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने उसके पास मिले दस्तावेजों से मृतकों के घर विखापट्टनम संपर्क किया।
मृतका की दो बेटियां है 18 वर्षीया हेमा और 12 साल की हसिनी। मां की मौत की सूचना पर उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वे विशाखापट्टनम से जगदलपुर आ सके। बेटियों को मां के अंतिम दर्शन कराने के लिए जगदलपुर पुलिस ने पहल की। पुलिस के अधिकारियों से विशाखापट्टन बस स्टैंड में बस आपरेटर से बात की और उन्हें जगदलपुर तक छोड़ने को कहा। यहां आने पर बस आपरेटर को पैसे दिए गए।

मृतका की दोनों बेटियां हेमा और हसिनी अपनी मौसी येरी येरनी के साथ जगदलपुर पहुंचे तो बोधघाट पुलिस उन्हें बस स्टैंड लेने पहुंची। पुलिस तीनों को लेकर महारानी अस्पताल पहुंची। जहां तीनों को मृतका के अंतिम दर्शन कराया गया। मृतका के अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं होने के कारण बोधघाट पुलिस ने नगर निगम के सहयोग से स्थानीय मुक्तिधाम में मृतका का अंतिम संस्कार करावाया।
बोधघाट पुलिस और आरपीएफ की टीम ने मृतका की बेटियों की आर्थिक मदद की। दोनों को बस में विशाखापट्टनम भेजा। जगदलपुर से रवाना होने से पहले हेमा और हसिनी की आंखें नम हो गई। दोनों से पुलिस को आर्थिक मदद और अन्य सहयोग के लिए बहुत बहुत धन्यवाद दिया।