रायपुर। कोल स्कैम और मनी लॉंड्रिंग के मामले में निलंबित पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर सुनवाई 28 मार्च को होने वाली है। सौम्या चौरसिया की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्बल और सिद्धार्थ अग्रवाल अपना तर्क कोर्ट में रख चुके हैं, अब ईडी की तरफ से तर्क रखा जाना है, जिसके लिए जस्टिस पी सैम कोशी की अदालत ने 28 मार्च की तारीख दी है।
सौम्या चौरसिया की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कोर्ट में तथ्यों को पेश करने के साथ ही जमानत पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किए जाने की दलील पेश की है। एडवोकेट सिब्बल ने तर्क दिया कि महिला, बुजुर्ग, किशोर और मेडिकल ग्राउंड पर जमानत दिया जाता रहा है, इसका लाभ सौम्या चौरसिया को भी मिलना चाहिए। वहीं अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल ने सौम्या के पक्ष में पैरवी करते हुए दलील दी है कि उनकी क्लाइंट के पास से ना तो नगदी बरामद हुई है और ना ही उनके खाते में बेनामी रकम मिली है।
हाईकोर्ट ने सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 28 मार्च की तारीख दी है। पक्ष की दलीलों के बाद अब ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक डॉ. सौरभ पांडेय और सॉलीसिटर जनरल एसवी राजू हाईकोर्ट में तर्क प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले इसी मामले में सुनील अग्रवाल और अनुराग चौरसिया की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। वहीं सूर्यकांत तिवारी को भी जमानत नहीं मिल पाई है।
बहरहाल, इस मामले में 28 मार्च को हाईकोर्ट क्या फैसला देती है, क्या सौम्या चौरसिया को जमानत मिल पाएगी, या फिर अगली सुनवाई तक सलाखों के पीछे ही रहना होगा..? इस पर हर किसी की नजर लगी हुई है।