दो साल के मासूम की आंख की जटिल सर्जरी सफल
रायपुर। शहर के चौबे कॉलोनी स्थित जाऊलकर ईएनटी हॉस्पिटल में दो साल 11 माह के बच्चे के आंखों की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़ व मध्य भारत में अपनी तरह का पहला और अनोखा मामला है। डोंगरगांव निवासी इस बालक को जन्म से ही दाहिनी आंख से लगातार आँसू आने की शिकायत थी। परिजनों ने इलाज के लिए कई नेत्र विशेषज्ञों से परामर्श लिया, लेकिन जब कोई राहत नहीं मिली, तो अंततः डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी।
चिकित्सकों के अनुसार, बालक को Congenital Dacryocystitis नामक जन्मजात समस्या थी। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आंख से बाहर पानी निकालने वाली नली बंद हो जाती है, जिससे आंख में बार-बार संक्रमण और सूजन हो जाती है। यह समस्या लगभग 2 से 6 प्रतिशत नवजातों में पाई जाती है। सामान्यतः 90% से अधिक बच्चे 6 माह के भीतर ठीक हो जाते हैं, लेकिन जटिल मामलों में ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ती है। इस बच्चे का उपचार एंडोनेजल डीसीआर (Endonasal DCR) तकनीक से किया गया, जिसमें नाक के भीतर से विशेष सर्जरी की जाती है। यह ऑपरेशन कान-नाक-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुज जाऊलकर की टीम द्वारा किया गया।
डॉ. जाऊलकर ने बताया कि यह पहली बार है जब तीन वर्ष से भी छोटे बच्चे का इतना जटिल ऑपरेशन रायपुर में सफलतापूर्वक किया गया है। अब तक इस प्रकार की सर्जरी सामान्यतः 5 साल या उससे अधिक उम्र के बच्चों में ही की जाती रही है। सर्जरी के दौरान डॉ. स्मिता जाऊलकर, डॉ. मनोज कुशवाहा, ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन गजानंद साहू व दीपक बघेल का विशेष सहयोग रहा। यह सफलता प्रदेश में बाल चिकित्सा सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।