छत्तीसगढ़

बारिश ने तोड़ा मध्य प्रदेश में 90 साल का रिकॉर्ड, नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर

डेस्क। मध्य प्रदेश में हो रही जोरदार बारिश ने पिछले कई वर्षों के रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया है। ग्वालियर में पिछले 24 घंटे में 180 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे जुलाई 2025 की कुल बारिश 674 मिमी हो चुकी है। जो 1935 के 623 मिमी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुकी है। पूरे मानसून सीजन की बात करें तो अब तक 926 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। जबलपुर में नर्मदा नदी का जलस्तर खतरनाक रफ्तार से बढ़ रहा है। बरगी डैम के सभी 15 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे 1.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गौरीघाट, तिलवाड़ा और लम्हेटाघाट में अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

बारिश से ग्वालियर के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। महाराजबाड़ा में पानी भर जाने से यातायात ठप है, वहीं चौपाटी रोड पर सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा बन गया है। यह 24 घंटे में आज़ादी के बाद की सबसे ज़्यादा बारिश बताई जा रही है। विशेषज्ञों ने इसकी वजह जलवायु परिवर्तन और कमजोर शहरी ड्रेनेज सिस्टम को माना है। इंदौर में बारिश के चलते जल जमाव की आशंका वाले 112 संवेदनशील पॉइंट्स पर क्विक रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया है। नगर निगम की निगरानी में रेस्क्यू और जल निकासी का काम लगातार चल रहा है। कई निचले इलाकों में पानी घरों में घुस गया है जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग ने शनिवार के लिए मध्य प्रदेश के लगभग 40 जिलों में भारी से अति भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। नर्मदापुरम, बैतूल, सिंगरौली, सीधी, रीवा, डिंडोरी और शहडोल जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, जबकि इंदौर, भोपाल और उज्जैन सहित कई क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।