दुर्ग। जिले के धमधा ब्लॉक के ग्राम चीचा में उस समय हड़कंप मच गया जब गांव के तालाब की मछलियाँ अचानक मरकर सतह पर तैरने लगीं। बीते दो दिनों से तालाब की मरी हुई मछलियाँ ऊपर तैर रही हैं और सड़ने के कारण इतनी तेज बदबू फैल गई है कि ग्रामीणों का घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि तालाब के पास से गुजरना तक दुश्वार हो गया है। लोग नाक-मुंह पर कपड़ा बाँधकर ही वहां से निकल रहे हैं। बदबू का आलम यह है कि आसपास के घरों में भोजन बनाना तक मुश्किल हो गया है।
तालाब के मालिक बंसी साहू ने बताया कि उन्होंने यह तालाब मछली पालन के लिए एक केवट को ठेके पर दिया था। लेकिन अचानक मछलियों के मरने की घटना ने सबको हैरान कर दिया है। बंसी साहू का कहना है कि हमें समझ नहीं आ रहा कि आखिर मछलियाँ मर क्यों रही हैं, हो सकता है किसी ने तालाब में जहरीला पदार्थ डाल दिया हो या फिर कोई बीमारी फैली हो।
गांव के कई लोगों का कहना है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा तालाब में दवा या केमिकल डाला गया होगा। कुछ ग्रामीणों का यह भी मानना है कि यह किसी अज्ञात वायरस या जल प्रदूषण की वजह से भी हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने इस घटना की सूचना लिटिया चौकी प्रभारी धनेन्द्र पांडे को दी, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और आवेदन देने से मना कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लिटिया चौकी की लापरवाही फिर सामने आई है न तो मौके पर निरीक्षण किया गया, न ही किसी अधिकारी ने तालाब की स्थिति देखने की ज़रूरत समझी।
गांव के लोगों में एक ओर बदबू और बीमारी फैलने का डर है तो दूसरी ओर यह आशंका भी कि कहीं किसी ने जानबूझकर तालाब को प्रदूषित तो नहीं किया। ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द तालाब की सफाई और पानी की जांच कराई जाए।